आपके अनुसार कोई प्यार में धोखा कब देता है?...


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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

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देखिए जहां सच्चा प्यार है वहां धोखा तो हो ही नहीं सकता तो पहले हम समझते हैं कि प्यार क्या होता है लेकिन प्यार एक कनेक्शन है एक अटैचमेंट नहीं जहां सच्चा प्यार है वहां कोई जबरदस्ती नहीं होती वहां कोई तनाव नहीं होता वहां कोई नेगेटिविटी यह कोई डिप्रेशन फीलिंग से ऐसे कोई लाभ नहीं होता कोई कमी नहीं होती चाहे वो इंसान आपके साथ हो या ना हो वहां पर हम किसी को बुरा कहते नहीं चाहते नहीं ना करते हैं तो जहां पर यह सब नहीं नेगेटिविटी है जहां आप चाहते हैं कि वह प्रश्न आपकी बात माने आपके साथ ही रहे लाइफ आपके मुताबिक चले तो वहां पर हम अटैचमेंट वाली बात कर रहे हैं वह प्यार नहीं एक अटैचमेंट विद है विद में धोखा दिया जा सकता है इंपल्स भी रिश्ते में घुसना प्रभाव पर आप के मुताबिक अगर चीजें नहीं हो रही आपको खुशी नहीं मिल रही तो अब आप उस रिश्ते को छोड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं तो ऐसे जिद्दी रिश्तो में जहां पर वह सिर्फ एक आपका अटैचमेंट है एक सकसेशन है अब कॉलेज फिक्सेशन और टिकट अटैचमेंट कि आपको यह चाहिए इसे के बच्चे को एक टॉय चाहिए होता है तो जो वह तो इस बच्चे को मिलता है तो एक पल तक को खुश होता है उसके बाद उसे बोर हो जाता है तो उसको दूसरा खिलाना चाहिए होता है यह कुछ ऐसे ही होता है यह सब सेक्शन वाली बात जहां सच्चा प्यार होता है वहां धोखे की जरूरत ही नहीं होती क्योंकि उसमें अगर आपके साथ रहे या ना रहे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि वह आपके पीले हैं आपके अंदर से आती है तो जहां प्यार है मधुकर नहीं होता जहां पर से सन्यास देश है जो कभी होता है

dekhiye jaha saccha pyar hai wahan dhokha toh ho hi nahi sakta toh pehle hum samajhte hain ki pyar kya hota hai lekin pyar ek connection hai ek attachment nahi jaha saccha pyar hai wahan koi jabardasti nahi hoti wahan koi tanaav nahi hota wahan koi negativity yah koi depression feeling se aise koi labh nahi hota koi kami nahi hoti chahen vo insaan aapke saath ho ya na ho wahan par hum kisi ko bura kehte nahi chahte nahi na karte hain toh jaha par yah sab nahi negativity hai jaha aap chahte hain ki vaah prashna aapki baat maane aapke saath hi rahe life aapke mutabik chale toh wahan par hum attachment wali baat kar rahe hain vaah pyar nahi ek attachment with hai with mein dhokha diya ja sakta hai impulse bhi rishte mein ghusna prabhav par aap ke mutabik agar cheezen nahi ho rahi aapko khushi nahi mil rahi toh ab aap us rishte ko chodne ke liye taiyar ho jaate hain toh aise jiddi rishto mein jaha par vaah sirf ek aapka attachment hai ek sakaseshan hai ab college fixation aur ticket attachment ki aapko yah chahiye ise ke bacche ko ek toy chahiye hota hai toh jo vaah toh is bacche ko milta hai toh ek pal tak ko khush hota hai uske baad use bore ho jata hai toh usko doosra khilana chahiye hota hai yah kuch aise hi hota hai yah sab section wali baat jaha saccha pyar hota hai wahan dhokhe ki zarurat hi nahi hoti kyonki usme agar aapke saath rahe ya na rahe koi fark nahi padta kyonki vaah aapke peele hain aapke andar se aati hai toh jaha pyar hai madhukar nahi hota jaha par se sanyas desh hai jo kabhi hota hai

देखिए जहां सच्चा प्यार है वहां धोखा तो हो ही नहीं सकता तो पहले हम समझते हैं कि प्यार क्या

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