क्या महिलाएँ पुरुषों की तुलना में जयादा त्यागशील होती हैं?...


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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिखेगी एक सोच है यह एक इंडिविजुअल की तो सो सकते एक शामली की सोच हो सकती है एक कम्यूनिटी की सोच हो सकती है एक रिलिजन की सोच हो सकती है लेकिन ऐसा नहीं है कि आप इन दोनों में से कोई भी ज्यादा हो सकता है या कम हो सकता है बेसिकली हमारे बैकग्राउंड पर डिपेंड करता है मेरे अभिनीत पर डिपेंड करता है हमारे जो माता-पिता ने हमें क्या शिक्षा दी है उस पर डिपेंड करता है हम भी लाइफ में क्या सिखाए उस पर डिपेंड करता है तो हमें नहीं कह सकते के दोनों में कौन हु इज मोर सैक्रिफाइस है लेकिन हां जो औरतें हैं वह ज्यादा इन्हेरेंटली एट्यून्ड है सत्र पाइजिंग नेचर कि कल सुबह आद्यार विमेन डे बिकम मदर्सन क्वालिटी है इस गिविंग उनका क्या होता है कि अगर वह देते हैं तो वह थोड़ा उनका एक मैसेज देदो आउटलुक मतलब यह गिविंग नेचर है जो फीमेल से उनका तो उस हिसाब से हम कह सकते हैं कि जो औरतें हैं वह जरा तहसील होती है बाय नेचर मतलब नॉट ऑल अपडेट कई कई हद तक के सही है यह बात लेकिन आफ ए मैन भी है ऐसे बदली है जो चर्चील होते हैं और उनको भी समाज में बहुत ही तकलीफ देना पड़ता है बिल्कुल उनको और औरत के रूप में उनको पेश किया जाता है उनको तंग किया जाता है कि तुम औरतों जैसे हो तो लड़की जैसा है बगैरा बगैरा उनको समाज में जीने की जो इच्छा हो तो उनका जो सम्मान होता है उस को ठेस पहुंचता है अगर एक आदमी जो है वह गिविंग होता है त्याग फील होता है तो उसको कंपैरिजन करते हैं औरत के साथ जो गलत है तो मेरे हिसाब से क्या खिलौना कोई गलत बात नहीं है कोई भी हो सकता है एक वेलकम ज्यादा इन ऑल डिपेंड्स ओं लर्निंग सेव लाइफ या बैकग्राउंड एंड कल्चर

dikhegi ek soch hai yah ek individual ki toh so sakte ek shamili ki soch ho sakti hai ek community ki soch ho sakti hai ek religion ki soch ho sakti hai lekin aisa nahi hai ki aap in dono mein se koi bhi zyada ho sakta hai ya kam ho sakta hai basically hamare background par depend karta hai mere abhinit par depend karta hai hamare jo mata pita ne hamein kya shiksha di hai us par depend karta hai hum bhi life mein kya sikhaye us par depend karta hai toh hamein nahi keh sakte ke dono mein kaun hoon is mor sacrifice hai lekin haan jo auraten hai vaah zyada inherentali etyund hai satra paijing nature ki kal subah adyar vimen day become madarsan quality hai is giving unka kya hota hai ki agar vaah dete hai toh vaah thoda unka ek massage dedo outlook matlab yah giving nature hai jo female se unka toh us hisab se hum keh sakte hai ki jo auraten hai vaah zara tehsil hoti hai bye nature matlab not all update kai kai had tak ke sahi hai yah baat lekin of a man bhi hai aise badli hai jo charchil hote hai aur unko bhi samaj mein bahut hi takleef dena padta hai bilkul unko aur aurat ke roop mein unko pesh kiya jata hai unko tang kiya jata hai ki tum auraton jaise ho toh ladki jaisa hai bagaira bagaira unko samaj mein jeene ki jo iccha ho toh unka jo sammaan hota hai us ko thes pahuchta hai agar ek aadmi jo hai vaah giving hota hai tyag feel hota hai toh usko kampairijan karte hai aurat ke saath jo galat hai toh mere hisab se kya khilona koi galat baat nahi hai koi bhi ho sakta hai ek welcome zyada in all depends on learning save life ya background and culture

दिखेगी एक सोच है यह एक इंडिविजुअल की तो सो सकते एक शामली की सोच हो सकती है एक कम्यूनिटी की

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लाइफ के अंदर कहा जाता है कि ह्यूमन बॉडी हमेशा से करते हैं अपने बच्चों के लिए अपने पैरंट्स के लिए अपने पति के लिए एक जैसी नहीं होती है कोई मेरी गलत होती है कोई अलग होती हम सबको कंपेयर नहीं कर सकते लेकिन कॉलोनी डिपेंड करता है पर्टिकुलर एक औरत के ऊपर बैठे किया जा रहा है हम अपने अपने कैटेगरी के अनुसार अपना अपना जो बिक्री फाइव का दर्जा होते हैं तो यह किसी के ऊपर हम अमल नहीं कर सकते कि सब के ऊपर से औरत के ऊपर जो बिक्री टाइप कर रही हो कि नहीं करती है जो अपनी बीवी के लिए बहुत कुछ करते हैं बच्चों के लिए भी बहुत कुछ करते हैं लेकिन उनको वह दर्जा नहीं दिया जाता है कि सभी लेडीस लोग ही अच्छी होती है सभी लड़कियों बुरी होती है अग्नि-5 करती हो कि लाइफ में या नहीं करती

life ke andar kaha jata hai ki human body hamesha se karte hain apne baccho ke liye apne Parents ke liye apne pati ke liye ek jaisi nahi hoti hai koi meri galat hoti hai koi alag hoti hum sabko compare nahi kar sakte lekin colony depend karta hai particular ek aurat ke upar baithe kiya ja raha hai hum apne apne category ke anusaar apna apna jo bikri five ka darja hote hain toh yah kisi ke upar hum amal nahi kar sakte ki sab ke upar se aurat ke upar jo bikri type kar rahi ho ki nahi karti hai jo apni biwi ke liye bahut kuch karte hain baccho ke liye bhi bahut kuch karte hain lekin unko vaah darja nahi diya jata hai ki sabhi ladies log hi achi hoti hai sabhi ladkiyon buri hoti hai agni 5 karti ho ki life mein ya nahi karti

लाइफ के अंदर कहा जाता है कि ह्यूमन बॉडी हमेशा से करते हैं अपने बच्चों के लिए अपने पैरंट्स

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां महिलाएं महिलाओं में सबसे ज्यादा त्याग शेर रहता है जबकि पुरुषों में नहीं रहता और वह कैसे वह ऐसा है कि मैरिज के बाद सभी लेडीस अपने मां-बाप का घर छोड़कर हमेशा हमेशा के लिए अपने ससुराल चली जाती है लेकिन क्या लड़के भी ऐसे करते हैं कभी नहीं करते मुझे सबसे ज्यादा प्यार के बीच में आती है मेरे पास सबसे बड़ा उदाहरण

ji haan mahilaye mahilaon me sabse zyada tyag sher rehta hai jabki purushon me nahi rehta aur vaah kaise vaah aisa hai ki marriage ke baad sabhi ladies apne maa baap ka ghar chhodkar hamesha hamesha ke liye apne sasural chali jaati hai lekin kya ladke bhi aise karte hain kabhi nahi karte mujhe sabse zyada pyar ke beech me aati hai mere paas sabse bada udaharan

जी हां महिलाएं महिलाओं में सबसे ज्यादा त्याग शेर रहता है जबकि पुरुषों में नहीं रहता और वह

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां मेरा मानना है कि महिलाएं जो है पुरुषों के माध्यम से ज्यादा आकर्षित होती हैं क्योंकि वह हमारे जीवन में कई सारे महत्वपूर्ण किरदार को निभाती है चाहे वह एक मां का किरदार हो चाहे वह एक बिटिया किरदार हो वह चाहे वह बुजुर्ग वहां होने होकर एक एक मार्गदर्शक जिसे हम कहते हैं जो हमारे रिश्ते में जितना माया दादी भी कहते हैं तो बच्चों के लिए बस मार्गदर्शक होती हैं और उन्होंने हम से ज्यादा दुनिया देखी होती है वह हमसे ज्यादा समाजिक समाजिक होती है दिमाग हो तो तो वह जो है पुरुषों से ज्यादा एक तरीके से क्या चीज होती है महिलाओं को ही हमारे हमसे ज्यादा करने पड़ते हैं फिर चाहे वह बचपन में यदि वह एक बेटी की तरफ अपने घर में रहती हो तो फिर उसे विदा होकर जो एक बहू का भी कितना निभाना पड़ता है पड़ता है और एक मैं तो अपने बेटों के लिए कुछ भी काम करने को तैयार हो जाती है कोई भी क्या खाने को तैयार होती है तो मेरा मानना है कि महिलाएं जो है वह पुरुषों से ज्यादा क्या चीज होती हैं और इसका एक तरफ यह भी है कि जब कोई भी महत्वपूर्ण

ji haan mera manana hai ki mahilaye jo hai purushon ke madhyam se zyada aakarshit hoti hain kyonki vaah hamare jeevan mein kai saare mahatvapurna kirdaar ko nibhati hai chahen vaah ek maa ka kirdaar ho chahen vaah ek bitiya kirdaar ho vaah chahen vaah bujurg wahan hone hokar ek ek margadarshak jise hum kehte hain jo hamare rishte mein jitna maya dadi bhi kehte hain toh baccho ke liye bus margadarshak hoti hain aur unhone hum se zyada duniya dekhi hoti hai vaah humse zyada samajik samajik hoti hai dimag ho toh toh vaah jo hai purushon se zyada ek tarike se kya cheez hoti hai mahilaon ko hi hamare humse zyada karne padte hain phir chahen vaah bachpan mein yadi vaah ek beti ki taraf apne ghar mein rehti ho toh phir use vida hokar jo ek bahu ka bhi kitna nibhana padta hai padta hai aur ek main toh apne beto ke liye kuch bhi kaam karne ko taiyar ho jaati hai koi bhi kya khane ko taiyar hoti hai toh mera manana hai ki mahilaye jo hai vaah purushon se zyada kya cheez hoti hain aur iska ek taraf yah bhi hai ki jab koi bhi mahatvapurna

जी हां मेरा मानना है कि महिलाएं जो है पुरुषों के माध्यम से ज्यादा आकर्षित होती हैं क्योंकि

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Suraj Samrat

StudentDreamerBelieverAchiever

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए पुरुष अपने स्थान पर जिलाध्यक्ष सील है और महिलाएं अपने स्थान पर जाना टैक्सी है अब मान लीजिए कि घर के सदस्य होती है महिलाएं कि वह चाहे तो घर को बना सकते हैं बिगड़ सकती बिगाड़ सकती है ऐसे में कहा जा सकता है कि अगर महिलाएं त्याग नहीं करेंगे तो घर मतलब इतने सुचारू रूप से तो नहीं चलेगा पुरुष भी तैयार होते हैं उनको तो

dekhiye purush apne sthan par jiladhyaksh seal hai aur mahilaye apne sthan par jana taxi hai ab maan lijiye ki ghar ke sadasya hoti hai mahilaye ki vaah chahen toh ghar ko bana sakte hain bigad sakti bigad sakti hai aise mein kaha ja sakta hai ki agar mahilaye tyag nahi karenge toh ghar matlab itne sucharu roop se toh nahi chalega purush bhi taiyar hote hain unko toh

देखिए पुरुष अपने स्थान पर जिलाध्यक्ष सील है और महिलाएं अपने स्थान पर जाना टैक्सी है अब मान

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Anisha Saurabh

Engineer with dreams

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह देखिए पूरी तरह से निर्भर करता है महिला या पुरुष के स्वभाव पर पर हां आमतौर पर देखा जाता है कि जो महिलाएं हैं वह पुरुषों के मुकाबले ज्यादा त्याग फील होती हैं क्योंकि जो महिलाएं होती हैं वह बहुत ही परिवार से जुड़ी होती हैं बहुत इमोशनल होती है इसीलिए वह खुद की खुशी के ऊपर अपने परिवार या अपने परिजन या जिनसे वह प्यार करती हैं उनकी खुशी को रखती हैं तो हम आमतौर पर अपने घर में यह भी देखें हैं अपनी मां को की

yah dekhiye puri tarah se nirbhar karta hai mahila ya purush ke swabhav par par haan aamtaur par dekha jata hai ki jo mahilaye hain vaah purushon ke muqable zyada tyag feel hoti hain kyonki jo mahilaye hoti hain vaah bahut hi parivar se judi hoti hain bahut emotional hoti hai isliye vaah khud ki khushi ke upar apne parivar ya apne parijan ya jinse vaah pyar karti hain unki khushi ko rakhti hain toh hum aamtaur par apne ghar mein yah bhi dekhen hain apni maa ko ki

यह देखिए पूरी तरह से निर्भर करता है महिला या पुरुष के स्वभाव पर पर हां आमतौर पर देखा जाता

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vedprakash singh

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है क्या महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा त्याग सील होती है तो मैं आपको बताऊंगा कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा त्याग सील होती है इसका कारण है कि मैं आपको एक कृष्ण की छोटी शिवा के अन्य ने भक्तों वाली जो बात होती है कि जो भक्त मेरे जो मेरे अन्य ने भक्त होते हैं मतलब उनका खाना यह है कि जो अन्य भाग तू जहां भी जाए लेकिन भाव सिर्फ मेरे ही तरफ होता है उसी तरीके से औरत जीती है दुनिया में क्योंकि उन चीजों पर ध्यान देता होने पर ध्यान देता है उन पर ध्यान ज्यादा लेते हैं उनका एक नेचुरल सवार होता है क्योंकि देखा जाए तो जाए तो बच्चे को जन्म दे दे सकते लेती है मेरा कहने का मतलब है कि लेडीस नेचुरल सुहाग की होती है इसलिए आपको यह समझना होगा कि जब एक ही तरफ उनका ध्यान रहता है तो उन चीजों को त्याग मुश्किल नहीं होता जिनके तरफ हमारा ध्यान रखते हैं क्योंकि अभी गांव हो जाए आदमी उन चीजों को कुछ नहीं समझते हम ईश्वर के बारे में कुछ नहीं जानते हैं इसीलिए हम ईश्वर के बारे में ज्यादा जानने का प्रयास करते हैं यह जानने का प्रयास नहीं करें इसीलिए ज्यादा तेज होती है

aapka sawaal hai kya mahilaye purushon ki tulna mein zyada tyag seal hoti hai toh main aapko bataunga ki mahilaye purushon ki tulna mein zyada tyag seal hoti hai iska karan hai ki main aapko ek krishna ki choti shiva ke anya ne bhakton wali jo baat hoti hai ki jo bhakt mere jo mere anya ne bhakt hote hain matlab unka khana yah hai ki jo anya bhag tu jaha bhi jaaye lekin bhav sirf mere hi taraf hota hai usi tarike se aurat jeeti hai duniya mein kyonki un chijon par dhyan deta hone par dhyan deta hai un par dhyan zyada lete hain unka ek natural savar hota hai kyonki dekha jaaye toh jaaye toh bacche ko janam de de sakte leti hai mera kehne ka matlab hai ki ladies natural suhaag ki hoti hai isliye aapko yah samajhna hoga ki jab ek hi taraf unka dhyan rehta hai toh un chijon ko tyag mushkil nahi hota jinke taraf hamara dhyan rakhte hain kyonki abhi gaon ho jaaye aadmi un chijon ko kuch nahi samajhte hum ishwar ke bare mein kuch nahi jante hain isliye hum ishwar ke bare mein zyada jaanne ka prayas karte hain yah jaanne ka prayas nahi kare isliye zyada tez hoti hai

आपका सवाल है क्या महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा त्याग सील होती है तो मैं आपको बताऊंग

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह बात बिल्कुल सही है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा त्याग सील होती हैं हालांकि कुछ एक्सेप्टेंस बिल्कुल हो सकते हैं जहां पर पूर्व ज्यादा त्याग शील होंगे लेकिन ज्यादातर अगर हम देखें तो महिलाएं ही ज्यादा सैक्रिफाइस करती हैं अगर हम एग्जांपल के तौर पर देखेगी जब किसी लड़की की शादी होती है तो वह अपना घर अपने परिवार को त्याग करके अपने पति के घर आ जाती है यानी कि अपने ससुराल चली जाती है अगर कोई महिला जॉब करती है तो वह अपना जो सारा समय है वह अपने काम पर अपने बच्चों पर और अपने परिवार पर देती है तो यह भी एक तरह का सैक्रिफाइस ही है कि वह अपने लिए नहीं सोचती है और अपने परिवार की खुशियों के बारे में ज्यादा चिंतित रहती है अगर हम अपनी मां के बारे में सोचें तो सभी चीजें पता चल जाएगी कि कौन ज्यादा सैक्रिफाइस करता है क्योंकि हमारी जो मां होती है वह हर एक चीज में अपनी खुशियों का त्याग करती है और यही चाहती हैं कि हमारे जो बच्चे हैं वह

yah baat bilkul sahi hai ki mahilaye purushon ki tulna mein zyada tyag seal hoti hain halaki kuch acceptance bilkul ho sakte hain jaha par purv zyada tyag sheela honge lekin jyadatar agar hum dekhen toh mahilaye hi zyada sacrifice karti hain agar hum example ke taur par dekhenge jab kisi ladki ki shadi hoti hai toh vaah apna ghar apne parivar ko tyag karke apne pati ke ghar aa jaati hai yani ki apne sasural chali jaati hai agar koi mahila job karti hai toh vaah apna jo saara samay hai vaah apne kaam par apne baccho par aur apne parivar par deti hai toh yah bhi ek tarah ka sacrifice hi hai ki vaah apne liye nahi sochti hai aur apne parivar ki khushiyon ke bare mein zyada chintit rehti hai agar hum apni maa ke bare mein sochen toh sabhi cheezen pata chal jayegi ki kaun zyada sacrifice karta hai kyonki hamari jo maa hoti hai vaah har ek cheez mein apni khushiyon ka tyag karti hai aur yahi chahti hain ki hamare jo bacche hain vaah

यह बात बिल्कुल सही है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा त्याग सील होती हैं हालांकि कु

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां जी हां देखना जरूर समझता हूं जितना मैंने पी नहीं है जितनी हमारी मां है और जितने भी बहने होती है या परिवार में जितने भी औरतें होती है वह ज्यादा प्यार करती है आज कंपेयर टू पुरुषों से अशोक तुलना की जाए उनके त्याग जो है बहुत ज्यादा करती अपने जीवन में और जो है वह हमारी खुशी के लिए अपनी फैमिली बचाने के लिए और अपने परिवार को छोड़कर आती है एक नई फैमिली के साथ रहती है फिर हमारी खुशी है पता नहीं क्या-क्या त्याग देती और अच्छे अच्छे खाने हमारा रहन सहन देखिए कि उसमें कोई कमी ना रहे भले ही भले ही उनके लिए जो है वह कपड़ा ना आए लेकिन हमारे लिए जो है वह कपड़ा जरूर आएगा वह दिन आएंगे तो मैं समझता हूं कि कल त्याग करने की शक्ति उम्र में ज्यादा होती है और सहन करने के लिए क्योंकि जब बीमार होते हुए जो है मेरी मां खाना बना लेती है

haan ji haan dekhna zaroor samajhata hoon jitna maine p nahi hai jitni hamari maa hai aur jitne bhi behne hoti hai ya parivar mein jitne bhi auraten hoti hai vaah zyada pyar karti hai aaj compare to purushon se ashok tulna ki jaaye unke tyag jo hai bahut zyada karti apne jeevan mein aur jo hai vaah hamari khushi ke liye apni family bachane ke liye aur apne parivar ko chhodkar aati hai ek nayi family ke saath rehti hai phir hamari khushi hai pata nahi kya kya tyag deti aur acche acche khane hamara rahan sahan dekhiye ki usme koi kami na rahe bhale hi bhale hi unke liye jo hai vaah kapda na aaye lekin hamare liye jo hai vaah kapda zaroor aayega vaah din aayenge toh main samajhata hoon ki kal tyag karne ki shakti umr mein zyada hoti hai aur sahan karne ke liye kyonki jab bimar hote hue jo hai meri maa khana bana leti hai

हां जी हां देखना जरूर समझता हूं जितना मैंने पी नहीं है जितनी हमारी मां है और जितने भी बहने

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Rajsi

Sports Commentator & Reporter

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल भी देखा गया है कि महिलाएं पुरुषों के कंपैरिजन में थोड़ी ज्यादा सेक्सी होती हैं बट मुझे ऐसा लगता है कि ऐसा नहीं है जितना त्याग महिलाएं करती है उतना ही पुरुष भी करते हैं जैसे कि महिलाओं को साथ दिख जाता है जो कि अपने घर को छोड़ कर के किसी के घर आना उनकी फैमिली को अपनी फैमिली समझना और उस बीच में बैलेंस क्रिएट करना अभी तो बहुत कुछ है जो कि त्याग का यहां पर मुहूर्त कहा जाएगा लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पुरुष याद नहीं करते वह भी बहुत प्यार करते हैं उनके पास भी बहुत कुछ होता है जैसे कि अपनी खुशियों को मारना अपने परिवार के लिए उनके लिए सब कुछ करना आप पहले अपने परिवार को रखना उनके लिए कमाना हिसाब से घर पैसे लेकर के आना है उसके लिए कितने झूठ कितना कुछ करना पड़ता है उन लोगों को हम जब आप बन जाते हैं तो अपने बच्चों के लिए सब कुछ करना हर एक जगह अपने आप को पीछे रखे अपने परिवार को आगे रखना सबसे पहले शॉपिंग तक होती है तो पहले पूरे घर भर के कपड़े और सामान बगैर आता है उसकी

ji bilkul bhi dekha gaya hai ki mahilaye purushon ke kampairijan mein thodi zyada sexy hoti hain but mujhe aisa lagta hai ki aisa nahi hai jitna tyag mahilaye karti hai utana hi purush bhi karte hain jaise ki mahilaon ko saath dikh jata hai jo ki apne ghar ko chod kar ke kisi ke ghar aana unki family ko apni family samajhna aur us beech mein balance create karna abhi toh bahut kuch hai jo ki tyag ka yahan par muhurt kaha jaega lekin iska matlab yah nahi hai ki purush yaad nahi karte vaah bhi bahut pyar karte hain unke paas bhi bahut kuch hota hai jaise ki apni khushiyon ko marna apne parivar ke liye unke liye sab kuch karna aap pehle apne parivar ko rakhna unke liye kamana hisab se ghar paise lekar ke aana hai uske liye kitne jhuth kitna kuch karna padta hai un logo ko hum jab aap ban jaate hain toh apne baccho ke liye sab kuch karna har ek jagah apne aap ko peeche rakhe apne parivar ko aage rakhna sabse pehle shopping tak hoti hai toh pehle poore ghar bhar ke kapde aur saamaan bagair aata hai uski

जी बिल्कुल भी देखा गया है कि महिलाएं पुरुषों के कंपैरिजन में थोड़ी ज्यादा सेक्सी होती हैं

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Hhhgnbhh

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सोचना भी नहीं पड़ रहा है कि अगर पुरुषों के कम 12 दिन के अंदर तो महिलाएं होती हैं वह तहसील होती हैं अपने सरनेम से लेकर अपने घर से लेकर वह हर चीज त्याग कर देते हैं जिन लोगों से वह प्यार करती है अगर हम देखें तो मुझे यह तो कोई भी पुरुष एक महिला के लिए जिसको इतने ज्यादा समय से जानता भी ना उसके लिए अपना परिवार छोड़ सके पर यहीं पर यह जीत है कि हर महिला और शादी के लिए अपना घर छोड़ दिया जिस घर में वह पली-बढ़ी हो मुझे तो थॉट भी बहुत ज्यादा डिस्टर्ब विनती है जिस घर में आप पूरे समय आप रहे हो आप उसको कैसे किसी के लिए छोड़ सकते हो उसी के बाद आपको सिर्फ छोड़ना नहीं आपको दूसरे घर में जाना और दूसरे घर को अपनाना है और उस घर को उतना ही प्यार देना जितना आप ने अपने पहले घर को दिया है तो यह चीज बहुत जितना मैं शाम सुनने में लगती है उतना होती नहीं है वहीं पर अगर आपको अपने बच्चों के लिए देखा जाए तो जो महिलाएं होती हैं वह हर चीज आपके पास कर देती अपने बच्चों के लिए अपने परिवार के लिए अपने परिवार को एक साथ देखने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और

sochna bhi nahi pad raha hai ki agar purushon ke kam 12 din ke andar toh mahilaye hoti hai vaah tehsil hoti hai apne surname se lekar apne ghar se lekar vaah har cheez tyag kar dete hai jin logo se vaah pyar karti hai agar hum dekhen toh mujhe yah toh koi bhi purush ek mahila ke liye jisko itne zyada samay se jaanta bhi na uske liye apna parivar chod sake par yahin par yah jeet hai ki har mahila aur shadi ke liye apna ghar chod diya jis ghar mein vaah pali badhi ho mujhe toh thought bhi bahut zyada disturb vinati hai jis ghar mein aap poore samay aap rahe ho aap usko kaise kisi ke liye chod sakte ho usi ke baad aapko sirf chhodna nahi aapko dusre ghar mein jana aur dusre ghar ko apnana hai aur us ghar ko utana hi pyar dena jitna aap ne apne pehle ghar ko diya hai toh yah cheez bahut jitna main shaam sunne mein lagti hai utana hoti nahi hai wahi par agar aapko apne baccho ke liye dekha jaaye toh jo mahilaye hoti hai vaah har cheez aapke paas kar deti apne baccho ke liye apne parivar ke liye apne parivar ko ek saath dekhne ke liye kisi bhi had tak ja sakte hai aur

सोचना भी नहीं पड़ रहा है कि अगर पुरुषों के कम 12 दिन के अंदर तो महिलाएं होती हैं वह तहसील

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए डिबेट बहुत टाइम से चले आ रहा है हमें चाहिए डिबेट रह जाए कि महिलाएं ज्यादा तहसील होती है या पुरुष महिलाएं ज्यादा सहनशील होते हैं या पुरुष और कोई इसका आज तक जवाब नहीं मिल पाए जिसको लेकर हर कोई संतुष्ट हो रीजन भी दोनों जो महिला पुरुष होती है दोनों ही तैयार करते हैं दोनों ही अपने परिवार को अपनी फैमिली को खुश रखने के लिए क्या करते हैं हम महिलाओं के पाठ पर थोड़ा कुछ प्रश्न ज्यादा होता है क्योंकि वह अपने घर छोड़कर आगे चलती अपने बच्चों के लिए अपने पति के लिए अपनी सारी खुशी होती है भाई पुरुष भी यह सब करते हैं तो सिर्फ यह कहना कि महिलाएं ही औरतों त्याग करते हैं महिलाएं ज्यादा सेक्सी होती है पुरुष नहीं वह गलत हो क्योंकि मैंने बहुत सारे पुरुषों से देखे हैं जो अपने परिवार के लिए अपनी खुशी को साइड में रख देते हैं अपनी पत्नी अपने बच्चों के लिए अपनी खुशियों को छोड़ देते हैं महिलाएं

dekhiye debate bahut time se chale aa raha hai hamein chahiye debate reh jaaye ki mahilaye zyada tehsil hoti hai ya purush mahilaye zyada sahanashil hote hain ya purush aur koi iska aaj tak jawab nahi mil paye jisko lekar har koi santusht ho reason bhi dono jo mahila purush hoti hai dono hi taiyar karte hain dono hi apne parivar ko apni family ko khush rakhne ke liye kya karte hain hum mahilaon ke path par thoda kuch prashna zyada hota hai kyonki vaah apne ghar chhodkar aage chalti apne baccho ke liye apne pati ke liye apni saree khushi hoti hai bhai purush bhi yah sab karte hain toh sirf yah kehna ki mahilaye hi auraton tyag karte hain mahilaye zyada sexy hoti hai purush nahi vaah galat ho kyonki maine bahut saare purushon se dekhe hain jo apne parivar ke liye apni khushi ko side mein rakh dete hain apni patni apne baccho ke liye apni khushiyon ko chod dete hain mahilaen

देखिए डिबेट बहुत टाइम से चले आ रहा है हमें चाहिए डिबेट रह जाए कि महिलाएं ज्यादा तहसील होती

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Ridhima

Mass Communications Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इसका जवाब सभी जानते हैं ऑफिस में महिलाएं ज्यादा साथ सेक्स करती है आप देखो और जिस मुंह में से एक इश्क एक वह मन का शादी होता है उस मुंह में से वह सैक्रिफाइस करना शुरु कर देती है वह अपना घर साफ सफाई करती अपना स्वर्णिम साथ सेक्स करती है अपना सपना कई बार कई लड़कियां कहीं भी मिल अपना सपना भी त्याग कर अपने पति के सहारे जीती है जैसा पति का फैमिली बोलता है जैसा पति बोलते हैं वैसे और जीती है और हर चीज खाकर खास करके जीती है बिना कंप्लेंट किए हुए अग्रसेन की जगह एक पुरुष से बोलो क्या करने के लिए उनको बहुत ज्यादा दाऊद पुर रहता है उनको ज्यादा है सेटिंग फ्री रहती है बट फीमेल को नहीं होती है वह रेडी रहती है क्योंकि उनको पता है अगर वह सही काम कर रही है तो वह क्या करने के लिए रेडी रहती है अगर कुछ नहीं रखते उनको तो अभी मैं तो बोलूंगी कि ज्यादा

iska jawab sabhi jante hain office mein mahilaye zyada saath sex karti hai aap dekho aur jis mooh mein se ek ishq ek vaah man ka shadi hota hai us mooh mein se vaah sacrifice karna shuru kar deti hai vaah apna ghar saaf safaai karti apna swarnim saath sex karti hai apna sapna kai baar kai ladkiyan kahin bhi mil apna sapna bhi tyag kar apne pati ke sahare jeeti hai jaisa pati ka family bolta hai jaisa pati bolte hain waise aur jeeti hai aur har cheez khakar khaas karke jeeti hai bina complaint kiye hue agrasen ki jagah ek purush se bolo kya karne ke liye unko bahut zyada dawood pur rehta hai unko zyada hai setting free rehti hai but female ko nahi hoti hai vaah ready rehti hai kyonki unko pata hai agar vaah sahi kaam kar rahi hai toh vaah kya karne ke liye ready rehti hai agar kuch nahi rakhte unko toh abhi main toh bolungi ki zyada

इसका जवाब सभी जानते हैं ऑफिस में महिलाएं ज्यादा साथ सेक्स करती है आप देखो और जिस मुंह में

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