एक पुलिस अधिकारी के रूप में उन्होंने जो कार्य किया है, वह क्या है जिस पर हर्ष पोद्दार को सबसे अधिक गर्व है?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:04

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक पुलिस अधिकारी के रूप में जो कार्य किया है वो क्या है जिसको वह अपना त्यागपत्र देकर और भारत में सेवा करने के लिए प्रशासनिक सेवा करने के लिए वह भारत में आए थे उन्होंने जानते नागपुर में लिख इंग्लिश प्रशासनिक सेवा में उन्होंने जो बच्चों को स्कूल में प्रशिक्षण दिया और नौजवानों 4 किशोरों को जिस तरह से गाइडलाइन थी और उनके विचार जानकर उनको उन्होंने अभी प्रेरित किया किस किस तरह से हमें और सामाजिक बातों को ना मानकर और सामाजिक कामों को ना करते हमें किस तरह से अपने जिंदगी के एम को हासिल करना है यानी कि जो नौजवानों को उन्होंने जिस तरफ से अभी प्रेरित किया आकर्षित किया और सही रास्ता दिखाया वह एक पुलिस प्रशासन ऑफिसर यूपी में हो या ना हो लेकिन उन्होंने यह करके दिखाया यह उनकी बहुत बड़ी सीमेंट है बहुत बड़ी क्षति है दिव्यांग बच्चों के लिए जाते हुए हैं फूलों में और जो कार्य किया उसकी हमें बहुत ही सराहना करनी चाहिए ऐसे पुलिस ऑफिसर जो देश को समर्पित हो ऐसे पुलिस ऑफीसर ओं कि हमारे देश को बहुत ही जरूरत है तभी हमारा भारत बदल सके

ek police adhikari ke roop mein jo karya kiya hai vo kya hai jisko vaah apna tyagpatra dekar aur bharat mein seva karne ke liye prashaasnik seva karne ke liye vaah bharat mein aaye the unhone jante nagpur mein likh english prashaasnik seva mein unhone jo baccho ko school mein prashikshan diya aur naujavanon 4 kishoron ko jis tarah se guideline thi aur unke vichar jaankar unko unhone abhi prerit kiya kis kis tarah se hamein aur samajik baaton ko na maankar aur samajik kaamo ko na karte hamein kis tarah se apne zindagi ke M ko hasil karna hai yani ki jo naujavanon ko unhone jis taraf se abhi prerit kiya aakarshit kiya aur sahi rasta dikhaya vaah ek police prashasan officer up mein ho ya na ho lekin unhone yah karke dikhaya yah unki bahut baadi cement hai bahut baadi kshati hai divyang baccho ke liye jaate hue hai fulo mein aur jo karya kiya uski hamein bahut hi sarahana karni chahiye aise police officer jo desh ko samarpit ho aise police officer on ki hamare desh ko bahut hi zarurat hai tabhi hamara bharat badal sake

एक पुलिस अधिकारी के रूप में जो कार्य किया है वो क्या है जिसको वह अपना त्यागपत्र देकर और भा

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Harssh A Poddar

Indian Police Service | Dy. Commissioner of Police, Nagpur

3:03
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सारी पर किसी एक पेड़ पर 3 पॉइंट करना बहुत मुश्किल है और रात भर भी मैं नहीं कर पाऊंगा ठीक है ज्यादातर जो जो भी अच्छी दिख रही है वह असली सेक्सी कुली कुली से कैसा बदला देश में जिसमें किसी एक व्यक्ति के सिर में नहीं रहते हैं पूरी टीम के अन्य चीज बनते हैं कि आज के भारत में काम बन जाता है उसे मुझे लगता है सिग्निफिकेंट युवाओं को पुलिस के साथ साथ जोड़ने के लिए पुलिस युद्ध के साथ इंतजार करती है और उन्हें मार्गदर्शन करती है मुझे लगता है कि बहुत ज्यादा हो गए हैं आतंकवाद को लेकर के महिलाओं से रिलेटेड इश्यूज को लेकर के आंकड़ों को लेकर के लक्षण को लेकर के और इसमें कैसा भूमिका बनाया था कि वह उसको इतना प्यार करती थी कि यीशु उनको देख करके उनसे सॉल्यूशन क्रिएट करवाती थी मंत्री होते तो क्या करते इंसान को सॉल्व करने के लिए बच्चों ने भाग लिया और पुलिस की जॉब कितने बजे तक हम पहुंच पाए तकरीबन 2 से ढाई लाख बच्चों तक 18 जिलों में हम भी मिले हैं पुलिस एकेडमी में प्रिंट भी किया गया है लश्कर के आतंकियों और उनके साथ अभी तक तेरी मेरी दोस्ती जिंदगी

saree par kisi ek ped par 3 point karna bahut mushkil hai aur raat bhar bhi main nahi kar paunga theek hai jyadatar jo jo bhi achi dikh rahi hai vaah asli sexy kuli kuli se kaisa badla desh mein jisme kisi ek vyakti ke sir mein nahi rehte hain puri team ke anya cheez bante hain ki aaj ke bharat mein kaam ban jata hai use mujhe lagta hai significant yuvaon ko police ke saath saath jodne ke liye police yudh ke saath intejar karti hai aur unhe margdarshan karti hai mujhe lagta hai ki bahut zyada ho gaye hain aatankwad ko lekar ke mahilaon se related issues ko lekar ke aankado ko lekar ke lakshan ko lekar ke aur isme kaisa bhumika banaya tha ki vaah usko itna pyar karti thi ki yeshu unko dekh karke unse solution create karwati thi mantri hote toh kya karte insaan ko solve karne ke liye baccho ne bhag liya aur police ki job kitne baje tak hum pohch paye takareeban 2 se dhai lakh baccho tak 18 jilon mein hum bhi mile hain police academy mein print bhi kiya gaya hai lashkar ke atankiyo aur unke saath abhi tak teri meri dosti zindagi

सारी पर किसी एक पेड़ पर 3 पॉइंट करना बहुत मुश्किल है और रात भर भी मैं नहीं कर पाऊंगा ठीक ह

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