हर्ष पोद्दार को कैसा लगा जब उन्होंने प्रॉमिसिंग IPS श्रेणी में लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द साल का पुरस्कार जीता?...


user

Ansh jalandra

Motivational speaker

0:21
Play

Likes  150  Dislikes    views  2246
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
play
user

Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

5:02

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उसको कैसा लगा जब वह अस्पताल से 2010 रिजल्ट का एग्जाम और भारत में सबसे ज्यादा अपराधी कुत्ते हैं खासकर युवा पीढ़ी को उन्होंने काम किया कि सामने वाले बच्चे और युवा क्रिकेट को जाने से उसे रोकने की कोशिश किया वह बच्चों को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास करते से अपने फायदे और स्कूल में एक पायलट प्रोजेक्ट और अलग-अलग ग्रुप मेंबर और यौन उत्पीड़न आतंकवाद नक्सलवाद भ्रष्टाचार और वित्तीय निष्पादन में बच्चों के विचार जाने और दिव्यांग के प्रति कोई अगरतला सूचन था उसका भी स्वागत करने के लिए इस तरह से उन्होंने जाना कि बच्चों को बहुत अच्छा समझती वह बच्चे जो कि मध्यम वर्गीय तो निचले तबके से आते थे और उन्होंने उसको अच्छी तरीके से लिया पॉजिटिव एक और उन्होंने उस प्रोजेक्ट पर काम किया दलित मुस्लिम अप्रकाशित को उन्होंने उनके विचार जानकर और उसको पुलिस में कमी को अपने अधिकारियों को भी से सहमत और पुलिस की गाड़ियों में उन्होंने सीसीटीवी कैमरे इस तरह से उन्होंने एक और योजना शुरू की बच्चों के लिए उसका नाम उड़ान योजना और ना कोई गांव में कितनी भाषा के होती थी और सभ्यताओं के चलते अपने लक्ष्य के लिए वाले बच्चों को युवाओं को गुमराह करते महाराष्ट्र सरकार में जो खुद को क्यों पोस्ट किया और उनकी जो योजना की उड़ान से बहुत ही प्रभावित लोगों और लोगों में जागरूकता रैली किस किस तरह से महाराष्ट्र से आतंकवाद और नक्सलवाद और दूसरा उसको किस तरीके से रोका जा सकता है उनके ऊपर प्रोजेक्ट सब को जानने को मिला जो सीएम ने उन को पुरस्कृत किया वह बहुत ही अभी पूरी सपना है वह बहुत ही सराहनीय और उनको बहुत खुशी हुई इसका उन्होंने जिक्र किया है कि महाराष्ट्र और उसके रूम को पुरस्कृत किया गया है उसको इनाम मिला है हमको इस नेक कार्य के लिए बधाई देते हैं और युवाओं को जागृत करने की और शिक्षित करने की जो उनकी भावनाएं हैं उसकी पूरे देश में हजरत होनी चाहिए धन्यवाद आपका दिन शुभ

usko kaisa laga jab vaah aspatal se 2010 result ka exam aur bharat mein sabse zyada apradhi kutte hain khaskar yuva peedhi ko unhone kaam kiya ki saamne waale bacche aur yuva cricket ko jaane se use rokne ki koshish kiya vaah baccho ko galat disha mein le jaane ka prayas karte se apne fayde aur school mein ek pilot project aur alag alag group member aur yaun utpidan aatankwad naksalvad bhrashtachar aur vittiy nishpadan mein baccho ke vichar jaane aur divyang ke prati koi agartala suchan tha uska bhi swaagat karne ke liye is tarah se unhone jana ki baccho ko bahut accha samajhti vaah bacche jo ki madhyam vargiya toh nichle tabke se aate the aur unhone usko achi tarike se liya positive ek aur unhone us project par kaam kiya dalit muslim aprakashit ko unhone unke vichar jaankar aur usko police mein kami ko apne adhikaariyo ko bhi se sahmat aur police ki gadiyon mein unhone cctv camera is tarah se unhone ek aur yojana shuru ki baccho ke liye uska naam udaan yojana aur na koi gaon mein kitni bhasha ke hoti thi aur sabhyatao ke chalte apne lakshya ke liye waale baccho ko yuvaon ko gumrah karte maharashtra sarkar mein jo khud ko kyon post kiya aur unki jo yojana ki udaan se bahut hi prabhavit logo aur logo mein jagrukta rally kis kis tarah se maharashtra se aatankwad aur naksalvad aur doosra usko kis tarike se roka ja sakta hai unke upar project sab ko jaanne ko mila jo cm ne un ko puraskrit kiya vaah bahut hi abhi puri sapna hai vaah bahut hi sarahniya aur unko bahut khushi hui iska unhone jikarr kiya hai ki maharashtra aur uske room ko puraskrit kiya gaya hai usko inam mila hai hamko is neck karya ke liye badhai dete hain aur yuvaon ko jagrit karne ki aur shikshit karne ki jo unki bhaavnaye hain uski poore desh mein hazrat honi chahiye dhanyavad aapka din shubha

उसको कैसा लगा जब वह अस्पताल से 2010 रिजल्ट का एग्जाम और भारत में सबसे ज्यादा अपराधी कुत्ते

Romanized Version
Likes  71  Dislikes    views  1422
WhatsApp_icon
user

Harssh A Poddar

Indian Police Service | Dy. Commissioner of Police, Nagpur

2:21
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सही मायने में पुरस्कार है वह उत्तरण जिस पोस्टिंग के लिए यह पुरस्कार दी गई है वहां के लोगों के प्रति में अर्पित करना चाहूंगा मैं उस उस दिन कोई सा भी अवार्ड मिलने के तुरंत कि बिल्कुल पहली पोस्टिंग है जिसकी याद आए हुए हैं और बहुत सा डिस्टर्ब जाते हैं लेकिन और सीमा पर हुई है तो जाहिर सी बात है कि कई प्रकार की शंका बाकी नहीं मैं वहां पर बताऊंगा कि नहीं बात भी कहना चाहूंगा कि काम करते हैं मिलता है और लोगों की तरफ से इतना प्यार मिलता है कि आप के जितने सारे मंसूबे हैं मालेगांव में पोस्टिंग के दौरान कई प्रकार की चुनौती हमारे सामने आए और वहां पर बहुत मालूम हुआ था वह दौरान हुआ था उसके बाद दीमा कोरेगांव यीशु जिसको लेकर कि महाराष्ट्र में कई प्रकार की डिस्टरबेंस हुए थे वह भी हुआ था श्रीराम उसके बाद दबबलिंग सिंह वाले वाले जो जो घटनाएं घट रही थी वह भी मालिका हुई थी लेकिन उसके बावजूद वहां के लोगों के सपोर्ट के साथ हम इन सब नोटों को मिलकर पता भी कर पाएगा लेकिन हकीकत और उससे भी कहीं ज्यादा मालेगांव के लोगों की

sahi maayne mein puraskar hai vaah uttaran jis posting ke liye yah puraskar di gayi hai wahan ke logo ke prati mein arpit karna chahunga main us us din koi sa bhi award milne ke turant ki bilkul pehli posting hai jiski yaad aaye hue hain aur bahut sa disturb jaate hain lekin aur seema par hui hai toh jaahir si baat hai ki kai prakar ki shanka baki nahi main wahan par bataunga ki nahi baat bhi kehna chahunga ki kaam karte hain milta hai aur logo ki taraf se itna pyar milta hai ki aap ke jitne saare mansube hain maleganv mein posting ke dauran kai prakar ki chunauti hamare saamne aaye aur wahan par bahut maloom hua tha vaah dauran hua tha uske baad dima koregaon yeshu jisko lekar ki maharashtra mein kai prakar ki distarabens hue the vaah bhi hua tha shriram uske baad dababaling Singh waale waale jo jo ghatnaye ghat rahi thi vaah bhi malika hui thi lekin uske bawajud wahan ke logo ke support ke saath hum in sab noton ko milkar pata bhi kar payega lekin haqiqat aur usse bhi kahin zyada maleganv ke logo ki

सही मायने में पुरस्कार है वह उत्तरण जिस पोस्टिंग के लिए यह पुरस्कार दी गई है वहां के लोगों

Romanized Version
Likes  33  Dislikes    views  598
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!