हर्ष पोद्दार ने विदेश में नौकरी क्यों छोड़ी? क्या उन्हें इसे छोड़ने का पछतावा है?...


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Harssh A Poddar

Indian Police Service | Dy. Commissioner of Police, Nagpur

1:56
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मुझे बहुत खुशी होती है यह बताते हुए कि तकरीबन 7 साल हो गए मुझे याद नहीं गुजरा है जिसने कि मुझे किसी प्रकार का एक ही दुआ है हमारी नौकरी की नई क्लॉथ उनके साथ काम कर रहा था जिसका नाम की पहचान तक नहीं था किसी और चीज को अपनाने का आधार ऑथेंटिकेशन को किसी न किसी रूप से लोगों की सेवा करने के लिए यूज करना चाहता था और नोखा में काम कर रही है मेरे साथ मेरे साथ हमेशा ही रहा था कि मैं किसी ना किसी प्रकार के पब्लिक लाइफ में आकर के लोगों की सेवा में इस वजह से हमने छोड़ा था बालों को दादा सही प्रकार की काम करने का जो कि मुझे अभी

mujhe bahut khushi hoti hai yah batatey hue ki takareeban 7 saal ho gaye mujhe yaad nahi gujara hai jisne ki mujhe kisi prakar ka ek hi dua hai hamari naukri ki nayi cloth unke saath kaam kar raha tha jiska naam ki pehchaan tak nahi tha kisi aur cheez ko apnane ka aadhaar authentication ko kisi na kisi roop se logo ki seva karne ke liye use karna chahta tha aur nokha mein kaam kar rahi hai mere saath mere saath hamesha hi raha tha ki main kisi na kisi prakar ke public life mein aakar ke logo ki seva mein is wajah se humne choda tha balon ko dada sahi prakar ki kaam karne ka jo ki mujhe abhi

मुझे बहुत खुशी होती है यह बताते हुए कि तकरीबन 7 साल हो गए मुझे याद नहीं गुजरा है जिसने कि

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

0:35

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अस्पताल में विदेश में नौकरी क्यों छोड़ी जाऊं मैं सोने का पता नहीं उनको पछतावा नहीं है वह बहुत ही अच्छी पोस्ट पर देश है और उनको देश सेवा करने की जो लगन लगी 2010 में उन्होंने वह नौकरी छोड़कर और देश में हमारे पास भी आ गए और उन्होंने यूपीए की बहुत ही सराहनीय कार्य किया इसका मूवी

aspatal mein videsh mein naukri kyon chodi jaaun main sone ka pata nahi unko pachtava nahi hai vaah bahut hi achi post par desh hai aur unko desh seva karne ki jo lagan lagi 2010 mein unhone vaah naukri chhodkar aur desh mein hamare paas bhi aa gaye aur unhone UPA ki bahut hi sarahniya karya kiya iska movie

अस्पताल में विदेश में नौकरी क्यों छोड़ी जाऊं मैं सोने का पता नहीं उनको पछतावा नहीं है वह ब

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Sonu.Singh

jaankaari.Lena

1:27
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बहुत ही अच्छा प्रश्न है बताने लायक भी है और बताऊंगा भी जरूर देखिए हर्ष को दस्त निलेश में नौकरी क्यों छोड़ी देखने 1hrs पोदास नहीं है आप जाकर भारत के अंदर ढूंढिए तो 50 वर्ष बोला से हैं जिन्होंने विदेशों की नौकरी छोड़ दी क्योंकि वह भारत में कुछ करना चाहते हैं इसलिए उन्होंने भारत की नौकरी सोते बाद में पछतावा होने से कोई मतलब नहीं होता जैसे आपने पैसा जमा किया किसी भी गेंद पर एक अंक खुला जिसमें आपका एक अंक पीछे आया जैसे 2001 और किसी का आया 2002 तो जीत गया तो आपको पछतावा जरूर होगा कि साला एक अंक 2002 क्यों नहीं खोला 2001 ही क्यों खोला दैनिक जागरण

bahut hi accha prashna hai batane layak bhi hai aur bataunga bhi zaroor dekhiye harsh ko dast nilesh mein naukri kyon chodi dekhne 1hrs podas nahi hai aap jaakar bharat ke andar dhundhiye toh 50 varsh bola se hain jinhone videshon ki naukri chod di kyonki vaah bharat mein kuch karna chahte hain isliye unhone bharat ki naukri sote baad mein pachtava hone se koi matlab nahi hota jaise aapne paisa jama kiya kisi bhi gend par ek ank khula jisme aapka ek ank peeche aaya jaise 2001 aur kisi ka aaya 2002 toh jeet gaya toh aapko pachtava zaroor hoga ki sala ek ank 2002 kyon nahi khola 2001 hi kyon khola dainik jagran

बहुत ही अच्छा प्रश्न है बताने लायक भी है और बताऊंगा भी जरूर देखिए हर्ष को दस्त निलेश में न

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मैं सरवन कुमार को दान बिहार के रहने वाला हूं मैं व्यवस्था के कारण मैं मां बाप का सेवा करता हूं लेकिन गरीबी के कारण मुझे अच्छी कोई नौकरी नहीं मिल रही है मुझे नौकरी दिया जाए धन्यवाद

main sarvan kumar ko daan bihar ke rehne vala hoon main vyavastha ke karan main maa baap ka seva karta hoon lekin garibi ke karan mujhe achi koi naukri nahi mil rahi hai mujhe naukri diya jaaye dhanyavad

मैं सरवन कुमार को दान बिहार के रहने वाला हूं मैं व्यवस्था के कारण मैं मां बाप का सेवा करता

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