क्या हर्ष पोद्दार हमेशा पुलिस सेवाओं में आना चाहते थे या वह IAS अधिकारी बनना चाहते थे?...


user

Ansh jalandra

Motivational speaker

0:19
Play

Likes  118  Dislikes    views  2533
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Dhananjay Kumar

government

0:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कोई भी पदाधिकारी बनने से पूर्व क्या चाहते हैं यह तो उनकी अंतरिक्ष है परंतु यदि उसे परफॉर्म करता है उसके कोडिंग उनको जगह मिलता है कि मैंने एक बार उनका इंटरव्यू देखा था उसमें उनका कहना था कि मुझे फॉरेन सर्विस ज्यादा पसंद था यानी की टॉपर कैसे बने गए थे परंतु ऐसा हो नहीं सकता और प्रशासनिक मिला मुझे तो यही बात है

koi bhi padadhikaari banne se purv kya chahte hain yah toh unki antariksh hai parantu yadi use perform karta hai uske coding unko jagah milta hai ki maine ek baar unka interview dekha tha usme unka kehna tha ki mujhe foreign service zyada pasand tha yani ki topper kaise bane gaye the parantu aisa ho nahi sakta aur prashaasnik mila mujhe toh yahi baat hai

कोई भी पदाधिकारी बनने से पूर्व क्या चाहते हैं यह तो उनकी अंतरिक्ष है परंतु यदि उसे परफॉर्म

Romanized Version
Likes  56  Dislikes    views  1120
WhatsApp_icon
play
user

Harssh A Poddar

Indian Police Service | Dy. Commissioner of Police, Nagpur

1:41

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गिरी पुरी सेवाओं के बारे में हमने कभी नहीं सोचा था और राजनीति में रुचि थी वह भी इंटरनेशनल राम कथा और जाता तो 24 को चाय के दौरान ही समझ में आने लगता कि यह दोस्ती जो है आईएएस और आईपीएस ग्राउंड पर बिल्कुल ब्लैक लेबल पर राम ग्राम के लेबल पर या शहर के चैनल पर इनका प्रभाव अधिक है और आने लग गया था तू प्रति हमारी याद आ गई क्योंकि करता रहता है तू इसे देखते हुए और उन्होंने देखा कि एक ही होती है वह कुत्ते हैं वो एक बहुत आने लग गया इसके बारे में मारी जोड़ी

giri puri sewaon ke bare mein humne kabhi nahi socha tha aur raajneeti mein ruchi thi vaah bhi international ram katha aur jata toh 24 ko chai ke dauran hi samajh mein aane lagta ki yah dosti jo hai IAS aur ips ground par bilkul black lebal par ram gram ke lebal par ya shehar ke channel par inka prabhav adhik hai aur aane lag gaya tha tu prati hamari yaad aa gayi kyonki karta rehta hai tu ise dekhte hue aur unhone dekha ki ek hi hoti hai vaah kutte hain vo ek bahut aane lag gaya iske bare mein mari jodi

गिरी पुरी सेवाओं के बारे में हमने कभी नहीं सोचा था और राजनीति में रुचि थी वह भी इंटरनेशनल

Romanized Version
Likes  41  Dislikes    views  762
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!