कश्मीर में नेताओं की हिरासत और ठप इंटरनेट सेवा को लेकर US ने जताई चिंता, पाकिस्तान को भी सुनाई खरी-खोटी - आपकी राय?...


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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

0:56
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अमेरिका भारत या विश्व की राजनीति में पॉलिटिक्स में अपना दादागिरी दिखाता है इसके बारे में भारत को कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है मारो सक्षम है कि वह किस तरीके से जम्मू एंड कश्मीर लद्दाख को दिल करें और पाकिस्तान के बिजली करें साथ ही साथ ही नशा अमेरिका को किस तरीके में इसकी भी क्षमता भारत में है क्योंकि भारत में के पास चौथी सबसे बड़ी सेना है और सेकंड लार्जेस्ट पॉपुलेशन ऑल लोकतंत्र है इसलिए इसको भारत को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है

america bharat ya vishwa ki raajneeti mein politics mein apna dadagiri dikhaata hai iske bare mein bharat ko koi chinta karne ki zarurat nahi hai maaro saksham hai ki vaah kis tarike se jammu and kashmir ladakh ko dil kare aur pakistan ke bijli kare saath hi saath hi nasha america ko kis tarike mein iski bhi kshamta bharat mein hai kyonki bharat mein ke paas chauthi sabse baadi sena hai aur second largest population all loktantra hai isliye isko bharat ko kisi tarah ki chinta karne ki zarurat nahi hai

अमेरिका भारत या विश्व की राजनीति में पॉलिटिक्स में अपना दादागिरी दिखाता है इसके बारे में

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Dr. P. N. Jha

TOPPERS IAS app. Sr.Facuty, IAS Coaching.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अंतरराष्ट्रीय संबंध का मामला के साथ-साथ यह बैलेंस ऑफ़ पॉवर का भी मामला है क्योंकि अमेरिका सदैव चाहता है कि बैलेंस ऑफ पावर में साउथ एशिया में उसका पलड़ा भारी रहे ना कि भारत और भारत के साथ जो देश जुड़े हुए हैं विशेषकर भारत के जो नजदीकी रसिया है उसका पलड़ा भारी रहे तो वह कोई ना कोई माध्यम से आज अब से हमारा यह बाइपोलर जो विश्व व्यवस्था है द्वितीय विश्व युद्ध का ध्वस्त हुआ एमिनेम के उपरांत अग्लोमरेशन का जमाना हुआ ग्लोबलाइजेशन के नाम पर अमेरिका ने अपनी राजनीति शुरू की जिससे हम अमेरिकन एक्शन भी कहते हैं तो उसका जो सबसे महत्वपूर्ण पहलू है वह पहलू है पहला तो पहले उसका है कि ग्लोबल विलेज का वैश्विक ग्राम का जिसके आधार पर पूरे दुनिया के बाद विचार विवेक और भावनाओं को एक वैश्विक लेवल पर ले जाकर जो हमारी क्षेत्रीय विशेषताएं हैं उसको समाप्त करना चाहते हैं दूसरा देश का सबसे महत्वपूर्ण हथकंडा है वह है वैश्विक नगर का जो ग्लोबल सिटी का है उसके तहत वह कई सारे सिटी को बनाया है जहां पर की इंपोर्ट एक्सपोर्ट भारत सागर कहता है स्मार्ट सिटी बनाई है ताकि वहां पर आपको तरह-तरह के इंपोर्ट एक्सपोर्ट के साथ साथ जो है वह फ्री ट्रेड का लाभ उठा सकते हैं आपको वही सुविधाएं हासिल होंगी जो विश्व के अन्य जो हाई क्लास सिटी है जहां जोबिज़्ज़ा विदेश व्यापार के लिए बनाया गया वह लाभ होगा अलग उसका लाभ भारतीय व्यापारिक कम ले पाएंगे और विदेशी व्यापार ज्यादा ले पाएंगे और भारत का जो बाजार है जो कंजूमर मार्केट है वह उससे फायदा अधिक से अधिक विदेशी व्यापार को प्राप्त होगा और तीसरा सबसे बड़ा जो उसका जो चिंताजनक पहलू है वह तमाम ऐसे कार्य करेगा जिससे कि उसको आर्थिक रूप से फायदे हो राजनीतिक रूप से फायदे हो और इसमें अगर कोई इसकी अगर खींचातानी करना शुरू किया तो किसी ने उसकी गर्ल सिगना दी और किसी नगर कहा कि यह आप गलत काम कर रहे हैं तो अमेरिका सीधा सीधी मानव अधिकार का आरोप लगाकर सीधा सीधी वह कहता है कि यहां बड़े पैमाने पर मानव अधिकार हो रहा है और पॉलिटिक्स ऑफिस कौन कहते हैं शांति की राजनीति के आधार पर उसने बहुत सारे सेन जीओस बहुत सारे वर्ल्ड ट्रेड लाइसेंस को अलग-अलग देश में पनपा कर रखा है उसको बहुत तरह वह फंडिंग करता है ताकि अशांति की राजनीति के नाम पर यह काफी आगे बढ़ सके और देश को मजबूर करें कि देश अपने फ्री हैंड से जो एक शब्द नीति क्या मामला है उसको लेकर या फिर ऑटोनोमस जो देश की जो अपनी ही जो कार्य प्रणाली होती है उससे समझौता करें कि अमेरिका का पुराना हथकंडा है चाहे वह उत्तर कोरिया के रूप में देखने को मिले या फिर वह आपको अपना रंग रसिया के आसपास के देशों को लेकर देखने को मिले या फिर आपको आप साथ अमेरिका के देशों को जिलेटिन अमेरिका के देश को देखने को मिले यह समय समय पर अमेरिका अपने आप कर लो को अपनाता है आज हिंदुस्तान की तरफ हो और दोनों तरीके से काम कर रहा है एक तरफ तो वह दोस्ती निभाने का प्रयास कर रहा है ताकि भारत का जो व्यापार है भारत का जो यह कंजूमर है भारत के जो इतनी बड़ी जो क्योंकि आप सभी जानते हैं कि भारत की नगरीय जनसंख्या कितनी है जितनी की पूरी अमेरिका की जनसंख्या और नगर के लोगों को भारत के मध्यम वर्ग के जो लोग हैं वह मुख्य रूप से उपभोक्ता है और उपभोक्ताओं के पास में इतनी ताकत है कि वह दुनिया के तमाम प्रोडक्ट्स को खरीदने की 80 से अधिक मॉडलों की गाड़ी भारतवर्ष में बिकती है भारत एक बड़ा बाजार है तो बाजार को हर हाल में से फायदा उठाने के लिए अमेरिका एक तरफ भारत की पीठ थपथपाते प्रजातांत्रिक के नाम पर जो ढोंग रचता है और फिर वह भारत के सभी जिलों में शामिल होता है और साथ ही साथ अपने हथियार को बेचने के लिए युद्ध के माहौल को भी समाप्त नहीं करना चाहता है एक तरफ से पाकिस्तान कभी पीठ थपथपा पता है और यह स्पष्ट रूप से नहीं कहता है कि भारत सही है पाकिस्तान गलत है वह तमाम ऐसे मुद्दों को बार-बार उठाने का प्रयास करता है कि अगर भारत पाकिस्तान चाहे तो मैं इसमें समझौता करने के लिए तैयार हूं आदत से मजबूर है पहले भी उसने इस तरह के काम किए हैं तो वह मिस पूजा दा गौर नहीं करना चाहिए कश्मीर को लेकर जो भी हम कर सकते हैं जो हमारी इंटरनल प्रोसीजर्स कोई जतन 370 को लेकर जितने भी कार्य किए गए हैं वह एक रिसर्च बेस्ड कारी हैं तो जो भी हम कर सकते हैं जो भी हमने किया है उसको कंटिन्यू रखना चाहिए हां जो कुछ भी करना चाहिए वह एक प्रॉपर सामाजिक शोध करके किया जाना चाहिए ताकि उसके कोई खराब तो कंसीक्वेंसेस रिस्पांसस ना आए और यह हमें खुशहाली लाए तो निश्चित रूप से हम यह देख पा रहे हैं कि कभी-कभी शक्ति के बाद एक अच्छा अच्छी सी खुशी की शुरुआत होती है और हम बहुत बिगड़ गए थे कश्मीर की स्थिति में भी ग्राहक ज्यादा थी उसको हमने बहुत ही सलीके से सख्ती से अमल इसको सही किया है और हम आशा कर रहे हैं कि वह दिन दूर नहीं जब कश्मीर अन्य राज्यों के जैसा ही कश्मीर में आना-जाना शुरू होगा लोग बड़े आराम से अपनी जिंदगी को प्रेषित कर पाएंगे और अन्य राज्यों की तरह कश्मीर लोगों के साथ हमारा कोई भेदभाव नहीं होगा तो यह तमाम यह अच्छा यह अच्छा कदम है शुरुआती कदम है इस बीच में हमारे ऊपर में तोमर लगते रहेंगे कभी किसी देश का हमें बिल्कुल भी चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह बिल्कुल एक स्पॉन्सर्ड और यह बिल्कुल एक सोची-समझी जो हमारी अंतरराष्ट्रीय नीति का एक पहलू है इसमें किसी देश को परिसर में लाने के लिए विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से इस तरह का माहौल बनाते हैं और फिर हम माइक इंटरनेशनल जो है वह रिपोर्ट को साझा करते हैं तो आप बिल्कुल किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है बहुत सही दिशा में जा रहे हैं और अजय अमेरिका कुछ दिनों के बाद हमारी पीठ थपथपा आएगा कि आपने कश्मीर में बहुत अच्छा काम जैसे कश्मीर में एक बाजार का निर्माण होगा यह अमेरिका सबसे पहले हमारे साथ मिलकर बाजार का फायदा उठाने का प्रयास करेगा देखिए क्या-क्या होता है और चलना है आप भी नजर रखी हम तो कहे नजर बनाकर रखे हुए

dekhiye antararashtriya sambandh ka maamla ke saath saath yah balance of power ka bhi maamla hai kyonki america sadaiv chahta hai ki balance of power mein south asia mein uska palada bhari rahe na ki bharat aur bharat ke saath jo desh jude hue hain visheshkar bharat ke jo najdiki rasiya hai uska palada bhari rahe toh vaah koi na koi madhyam se aaj ab se hamara yah bipolar jo vishwa vyavastha hai dwitiya vishwa yudh ka dhwast hua eminem ke uprant aglomareshan ka jamana hua globalization ke naam par america ne apni raajneeti shuru ki jisse hum american action bhi kehte hain toh uska jo sabse mahatvapurna pahaloo hai vaah pahaloo hai pehla toh pehle uska hai ki global village ka vaishvik gram ka jiske aadhaar par poore duniya ke baad vichar vivek aur bhavnao ko ek vaishvik level par le jaakar jo hamari kshetriya visheshtayen hain usko samapt karna chahte hain doosra desh ka sabse mahatvapurna hathkanda hai vaah hai vaishvik nagar ka jo global city ka hai uske tahat vaah kai saare city ko 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देखिए अंतरराष्ट्रीय संबंध का मामला के साथ-साथ यह बैलेंस ऑफ़ पॉवर का भी मामला है क्योंकि अम

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कश्मीर में नेताओं की विरासत शब्द इंटरनेट सेवा को लेकर देश की जनता पाकिस्तान को भी खरीद आपके पूरे विश्व में अपने आप को जमादार का रोल अदा करता रहा रोड को पूरे विश्व के नेताओं को जैसे असर करता हूं इस तरफ से चैटिंग देता है लेकिन उसमें अगर कश्मीर के बारे में इंटरनेट सेवा के बारे में जो लोग के बारे में बोला है तो उसको चाइना के बारे में भी बोलना चाहिए कि हमको में आज किस तरह से दमन हो रहा है मुसलमानों के बारे बोलना चाहिए चाइना के व्रत के बारे में हमारे देश का मामला है हमारे देश के कोई भी 24 को हम किस तरह से मेहनत करते हैं वहां की समस्याओं को उसमें अंदरूनी मामले में दखल देने का अधिकार बिल्कुल नहीं है और ना होना चाहिए क्योंकि आपस में 2 देशों के अंदर से मामले बोल बोलने और कहने का स्टेटमेंट देने का वह खुद अपने आप उन्होंने अधिकार ले रखा है यह अधिकारी भरतपुर कदापि नहीं होगा क्योंकि समस्या हमारी और हमारे देश का एक हिस्सा है काश उसको कैसे हम को हैंडल करना हमारे राजनेता टेंपरेचर

kashmir mein netaon ki virasat shabd internet seva ko lekar desh ki janta pakistan ko bhi kharid aapke poore vishwa mein apne aap ko jamadar ka roll ada karta raha road ko poore vishwa ke netaon ko jaise asar karta hoon is taraf se chatting deta hai lekin usme agar kashmir ke bare mein internet seva ke bare mein jo log ke bare mein bola hai toh usko china ke bare mein bhi bolna chahiye ki hamko mein aaj kis tarah se daman ho raha hai musalmanon ke bare bolna chahiye china ke vrat ke bare mein hamare desh ka maamla hai hamare desh ke koi bhi 24 ko hum kis tarah se mehnat karte hain wahan ki samasyaon ko usme andaruni mamle mein dakhal dene ka adhikaar bilkul nahi hai aur na hona chahiye kyonki aapas mein 2 deshon ke andar se mamle bol bolne aur kehne ka statement dene ka vaah khud apne aap unhone adhikaar le rakha hai yah adhikari bharatpur kadapi nahi hoga kyonki samasya hamari aur hamare desh ka ek hissa hai kash usko kaise hum ko handle karna hamare raajneta temperature

कश्मीर में नेताओं की विरासत शब्द इंटरनेट सेवा को लेकर देश की जनता पाकिस्तान को भी खरीद आपक

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Masoom

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कश्मीर में नेताओं की हिरासत और ठप इंटरनेट सेवा को लेकर यूएस ने जताई चिंता पाकिस्तान को भी सुनाई खरी-खोटी आपकी राय देखिए अगर यूएस में इंटरनेट सेवा के लिए जो चिंता जताई है तो और पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई तो मेरे रासेया बिल्कुल पाकिस्तान के लिए सही था क्योंकि आज उनकी गलतियों की सजा भारतीयों को मिल रही है और कश्मीर वासियों को मिल रही है

kashmir me netaon ki hirasat aur thap internet seva ko lekar US ne jatai chinta pakistan ko bhi sunayi khadi khoti aapki rai dekhiye agar US me internet seva ke liye jo chinta jatai hai toh aur pakistan ko khadi khoti sunayi toh mere raseya bilkul pakistan ke liye sahi tha kyonki aaj unki galatiyon ki saza bharatiyon ko mil rahi hai aur kashmir vasiyo ko mil rahi hai

कश्मीर में नेताओं की हिरासत और ठप इंटरनेट सेवा को लेकर यूएस ने जताई चिंता पाकिस्तान को भी

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MD HAROON

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्तों आपके द्वारा पूछा गया सवाल कश्मीर में नेताओं की हिरासत और थप इंटरनेट सेवा को लेकर यूएस ने जताई चिंता पाकिस्तान को भी सुनाई खरी-खोटी आपकी क्या राय है मेरी राय में गई उसने चिंता जताई वह बिल्कुल सही है क्योंकि हर सारे देश के लोग बहुत सारे देश के लोग कश्मीर में रहते और कश्मीर के बहुत सारे लोग और राज्य में रहते हैं और देशों में रहते हैं अपने घर से बाहर नहीं होगी जिससे परेशानी और भी बढ़ जाएगी

doston aapke dwara poocha gaya sawaal kashmir me netaon ki hirasat aur thap internet seva ko lekar US ne jatai chinta pakistan ko bhi sunayi khadi khoti aapki kya rai hai meri rai me gayi usne chinta jatai vaah bilkul sahi hai kyonki har saare desh ke log bahut saare desh ke log kashmir me rehte aur kashmir ke bahut saare log aur rajya me rehte hain aur deshon me rehte hain apne ghar se bahar nahi hogi jisse pareshani aur bhi badh jayegi

दोस्तों आपके द्वारा पूछा गया सवाल कश्मीर में नेताओं की हिरासत और थप इंटरनेट सेवा को लेकर य

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दिनेश कुमार

Social Activist/ Electronic And Domestic Appliances Maintenance And Repair

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