हम दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा ही क्यूँ करते है और भगवान राम का क्यूँ नहीं?...


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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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आपका प्रश्न बहुत ही अच्छा है हम दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा ही क्यों करते हैं और भगवान राम का क्यों नहीं क्योंकि भगवान राम का पूजा दिवाली पर हो जाता है तो फिर बाद में लक्ष्मी जी की पूजा होती है ठीक है ऐसे ही दिवाली पर राम राम की पूजा होती है लक्ष्मी लक्ष्मी जी की पूजा होती है 100 महीने में शंकर भगवान की पूजा होती है ठीक है हनुमान जयंती पर हनुमान दादा की पूजा होती है जैसे चंदन धर्म आध्यात्मिक की सबसे सही चलता है इसमें कुछ नहीं हो सकते

aapka prashna bahut hi accha hai hum diwali par mata laxmi ki puja hi kyon karte hain aur bhagwan ram ka kyon nahi kyonki bhagwan ram ka puja diwali par ho jata hai toh phir baad mein laxmi ji ki puja hoti hai theek hai aise hi diwali par ram ram ki puja hoti hai laxmi laxmi ji ki puja hoti hai 100 mahine mein shankar bhagwan ki puja hoti hai theek hai hanuman jayanti par hanuman dada ki puja hoti hai jaise chandan dharm aadhyatmik ki sabse sahi chalta hai isme kuch nahi ho sakte

आपका प्रश्न बहुत ही अच्छा है हम दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा ही क्यों करते हैं और भगवान

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Nitish Kumar

RRB Railway JE

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हम दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा ही क्यों करते हैं और भगवान राम का दिवाली लक्ष्मी पूजा कैसे मनाया जाता है इसलिए हम लोग दिवाली के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं भगवान राम का पूजा है इसलिए दिवाली की पर्व में लक्ष्मी जी

hum diwali par mata laxmi ki puja hi kyon karte hain aur bhagwan ram ka diwali laxmi puja kaise manaya jata hai isliye hum log diwali ke din mata laxmi ki puja karte hain bhagwan ram ka puja hai isliye diwali ki parv mein laxmi ji

हम दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा ही क्यों करते हैं और भगवान राम का दिवाली लक्ष्मी पूजा कै

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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मां लक्ष्मी धन की देवी है और कहते हैं कि समस्त कार्य ढंग से ही पूर्ण होते हैं शक्ति की देवी धन की देवी और ज्ञान की देवी मां लक्ष्मी मां सरस्वती मां दुर्गा मास्टर जी ज्ञान प्रदान करती हैं मां दुर्गा शक्ति प्रदान करती हैं और महालक्ष्मी धन प्रदान करते हैं और हमारी दीवानी के समय कार्य की प्रारंभिक अवस्था के लिए श्री गणेश जी का अभिनंदन किया जाता है क्योंकि हर शुभ कार्य की हरसिद्धि का आशीर्वाद गणेश जी की पूजा अर्चना अर्चना से ही होती है यह प्रदान करने के लिए हमें मां लक्ष्मी की पूजा करनी होती है आपने पूछा भगवान राम की क्यों नहीं राम एक आदर्शवादी मर्यादा पुरुषोत्तम में उनकी 14 साल की बनवास काल काटने के बाद अयोध्या में या अपने घर की वापसी पर यह खुशियां मनाई गई दीपक जला कर उनका स्वागत किया गया तो उनके स्वागत में हमने हमारे भारत वासियों ने संसार के लोगों ने दीपक जला कर उनका स्वागत किया और श्री धन प्रदान करने वाली मां लक्ष्मी का पूजन किया अभी प्रश्न की समस्त समस्याओं का निदान सदियों से धन हीरा है इसलिए सब कामना करते हैं मां लक्ष्मी के झंडा कि हमें धन दो ही गायत्री मां हमें ज्ञान दो हे दुर्गे मां अंबे मां हमें शक्ति दो कि हम अपने समस्त कार्य संपन्न कर सकें क्योंकि ज्ञान शक्ति है भक्ति है जहां गायत्री महा वहां ज्ञान हैं और जहां धन्य वहां सम्मान एक आज के युग में यह तीनों चीजों का होना बहुत जाने वाले मैं इसलिए नहीं कह रहा हूं दिवाली हमारी खुशियों का त्योहार है इसलिए हम इस चौहान पर मां लक्ष्मी की आराधना करते हैं कुछ मनोकामना पूरी करने की चाहत रखते हैं और हमारा विश्वास है मां लक्ष्मी हमारी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और भगवान भी आपकी अरदास को आपकी प्रार्थना को सुनते उन्हें शुभकामनाएं देता हूं राख कामना करता हूं कि मां लक्ष्मी आप सभी की कामनाओं को पूरा करें

maa laxmi dhan ki devi hai aur kehte hain ki samast karya dhang se hi purn hote hain shakti ki devi dhan ki devi aur gyaan ki devi maa laxmi maa saraswati maa durga master ji gyaan pradan karti hain maa durga shakti pradan karti hain aur mahalakshmi dhan pradan karte hain aur hamari deewani ke samay karya ki prarambhik avastha ke liye shri ganesh ji ka abhinandan kiya jata hai kyonki har shubha karya ki harsidhi ka ashirvaad ganesh ji ki puja archna archana se hi hoti hai yah pradan karne ke liye hamein maa laxmi ki puja karni hoti hai aapne poocha bhagwan ram ki kyon nahi ram ek aadarshvaadi maryada purushottam mein unki 14 saal ki banvaas kaal katne ke baad ayodhya mein ya apne ghar ki wapsi par yah khushiya manai gayi deepak jala kar unka swaagat kiya gaya toh unke swaagat mein humne hamare bharat vasiyo ne sansar ke logo ne deepak jala kar unka swaagat kiya aur shri dhan pradan karne wali maa laxmi ka pujan kiya abhi prashna ki samast samasyaon ka nidan sadiyon se dhan heera hai isliye sab kamna karte hain maa laxmi ke jhanda ki hamein dhan do hi gayatri maa hamein gyaan do hai durge maa ambe maa hamein shakti do ki hum apne samast karya sampann kar sake kyonki gyaan shakti hai bhakti hai jaha gayatri maha wahan gyaan hain aur jaha dhanya wahan sammaan ek aaj ke yug mein yah tatvo chijon ka hona bahut jaane waale main isliye nahi keh raha hoon diwali hamari khushiyon ka tyohar hai isliye hum is Chauhan par maa laxmi ki aradhana karte hain kuch manokamana puri karne ki chahat rakhte hain aur hamara vishwas hai maa laxmi hamari samast manokamnaen purn karti hain aur bhagwan bhi aapki ardas ko aapki prarthna ko sunte unhe subhkamnaayain deta hoon raakh kamna karta hoon ki maa laxmi aap sabhi ki kamanaon ko pura karen

मां लक्ष्मी धन की देवी है और कहते हैं कि समस्त कार्य ढंग से ही पूर्ण होते हैं शक्ति की

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

3:14
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बस अंतर है वेस्टर्न कल्चर ओं इंडियन कल्चर इंडियन कल्चर हमेशा ही राम की पूजा करती रही है ग्राम यह ब्राह्मणों के अंदर है और राम के लिए ही सारी यह संसार है राम के बिना संसार में कुछ नहीं अब क्योंकि वेस्टर्न कल्चर लक्ष्मी की दीवानी है अष्टम कक्षा के लिए संसाधन नहीं सारे लोग पैसे के दीवाने हैं वहां पैसे की प्राप्त करने के लिए मानव इनर्जी मशीन बन चुका है पैसे की दौड़ में बोलने को देख रहे हैं तुमको देख रहे हैं ना हम को देखने हैं कैसे प्राप्त करने के लिए भी कुछ करने को तैयार होते हैं ऐसे लोग भी होते हैं इन लोगों के लिए पैसा प्राप्त करना ही सब कुछ है यही कारण है कि बहुत आगे जा रहे हैं सोने जा रहे हैं और कुरान से मतलब नहीं मैं केवल लक्ष्मी के दीवाने हैं केवल धन को प्राप्त करना चाहते हैं कि ड्रिंक भी मेरी वाली सिद्धांत को मानते हैं उनकी जिंदगी करना है इस बात की कमी नहीं है लोग राम के दीवाने होते हैं उन्हें लक्ष्मी से कोई मतलब नहीं होता है प्राप्त हुए तो ठीक है जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिए वाले सिद्धांत के मानने वाले होते हैं हमारे बहुत गरीबी में उन्होंने विचार रखें आज की जो जेनरेशन हमारी वेस्टर्न कल्चर की दीवानी हो रही है आप देख रहे हो बार-बार चिंता के जो धारण आते हैं बार-बार एंड एप्प अभी हम पढ़ने को मिलते हैं वह संप्रेषण कल्चर की देन है क्योंकि बीमारी को अपनाते जा रहे हैं उन्होंने जीवन के लक्ष्यों को ही अपने जीवन का परम लक्ष्य मान लिया है वेस्टर्न कल्चर की कॉलिंग करते हुए जो जीवन के लिए हमेशा से ही नथिंग हैं धर्म अर्थ काम मोक्ष कॉलेज 450 मैसेज भारत हमेशा से ही मोक्ष का पक्षपाती रहा है लेकिन दुर्भाग्य का विषय है इन वेस्टर्न कल्चर की फॉलोइंग कस्तूरी आज के मारे न्यू जेनरेशन सिर्फ ओन्ली काम की दीवानी है और कान के पीछे भाग रही है काम के अनुगामी जो हैं लक्ष्मी के दीवाने रहते हैं उन्हें भगवान विष्णु से आराम से कोई लेना देना नहीं है यही कारण है कि आज खुद रूप आपको नजर आ रहा है

bus antar hai western culture on indian culture indian culture hamesha hi ram ki puja karti rahi hai gram yah brahmanon ke andar hai aur ram ke liye hi saree yah sansar hai ram ke bina sansar mein kuch nahi ab kyonki western culture laxmi ki deewani hai ashtam kaksha ke liye sansadhan nahi saare log paise ke deewane hain wahan paise ki prapt karne ke liye manav inarji machine ban chuka hai paise ki daudh mein bolne ko dekh rahe hain tumko dekh rahe hain na hum ko dekhne hain kaise prapt karne ke liye bhi kuch karne ko taiyar hote hain aise log bhi hote hain in logo ke liye paisa prapt karna hi sab kuch hai yahi karan hai ki bahut aage ja rahe hain sone ja rahe hain aur quraan se matlab nahi main keval laxmi ke deewane hain keval dhan ko prapt karna chahte hain ki drink bhi meri wali siddhant ko maante hain unki zindagi karna hai is baat ki kami nahi hai log ram ke deewane hote hain unhe laxmi se koi matlab nahi hota hai prapt hue toh theek hai jahi vidhi rakhe ram tahi vidhi rahiye waale siddhant ke manne waale hote hain hamare bahut garibi mein unhone vichar rakhen aaj ki jo generation hamari western culture ki deewani ho rahi hai aap dekh rahe ho baar baar chinta ke jo dharan aate hain baar baar and app abhi hum padhne ko milte hain vaah sampreshan culture ki the hai kyonki bimari ko apanate ja rahe hain unhone jeevan ke lakshyon ko hi apne jeevan ka param lakshya maan liya hai western culture ki Calling karte hue jo jeevan ke liye hamesha se hi nothing hain dharm arth kaam moksha college 450 massage bharat hamesha se hi moksha ka pakshapaati raha hai lekin durbhagya ka vishay hai in western culture ki following kasturi aaj ke maare new generation sirf only kaam ki deewani hai aur kaan ke peeche bhag rahi hai kaam ke anugami jo hain laxmi ke deewane rehte hain unhe bhagwan vishnu se aaram se koi lena dena nahi hai yahi karan hai ki aaj khud roop aapko nazar aa raha hai

बस अंतर है वेस्टर्न कल्चर ओं इंडियन कल्चर इंडियन कल्चर हमेशा ही राम की पूजा करती रही है ग्

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:28
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और माता लक्ष्मी की पूजा क्यों करते हैं भगवान राम का कि नहीं क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार श्री राम ने जब रावण का वध किया था और सीता माता को लेकर अपने अयोध्या अयोध्या में पूरे अयोध्या को रोशनी से सूचित किया था और उस समय घरों में रंगोलियां रचाई गई थी और उन्होंने भगवान श्रीराम का स्वागत करने के लिए किया था इस के उपलक्ष में राम राम की पूजा नहीं करते लेकिन क्योंकि सीता माता का प्रवेश श्री राम के साथ हुआ था इसलिए हम लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं क्योंकि वह माता पार्वती की रुचि जीता है ऐसा कहा जाता है कि लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है

aur mata laxmi ki puja kyon karte hain bhagwan ram ka ki nahi kyonki pouranik kathao ke anusaar shri ram ne jab ravan ka vadh kiya tha aur sita mata ko lekar apne ayodhya ayodhya mein poore ayodhya ko roshni se suchit kiya tha aur us samay gharon mein rangoliyan rachai gayi thi aur unhone bhagwan shriram ka swaagat karne ke liye kiya tha is ke uplaksh mein ram ram ki puja nahi karte lekin kyonki sita mata ka pravesh shri ram ke saath hua tha isliye hum laxmi ji ki puja karte hain kyonki vaah mata parvati ki ruchi jita hai aisa kaha jata hai ki laxmi ji ki puja ki jaati hai

और माता लक्ष्मी की पूजा क्यों करते हैं भगवान राम का कि नहीं क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसा

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Dr Chandra Shekhar Jain

MBBS, Yoga Therapist Yoga Psychotherapist

2:26
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आपका प्रश्न बहुत अच्छा है एक्चुअली आदर्श रूप में भगवान की ही पूजा राम की पूजा करनी चाहिए और राम की पूजा करने से जो हमने कर्मठता ईमानदारी सच्चाई आएगी उससे लक्ष्मी अपने आप हमारे घर में आ जाएंगे पर मैं आपको इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए इतनी उत्सुक हूं कि मैं एक जगह एक लेक्चर अटेंड करने के लिए गया यह जबकि मैं 49 साल का था तब की महक घटना आपको बता रहा हूं और मैंने देखा कि वहां पर लेक्चर होने वाला है बहुत अच्छे विषय पर अब आया दीपक प्रज्वलित करने का समय तो मैं सरप्राइज़ रह गया कि वहां पर दीपक प्रचलन के बाद जहां पर सरस्वती मैया की जय कहनी थी वहां पर सब लक्ष्मी मैया की जय कह रहे हैं तो यह मेरे जीवन की पहली घटना थी जबकि स्थिति लेक्चर में या ज्ञानवर्धक वाले कार्यक्रम में मुझे लक्ष्मी भैया की सही अजय सुनने को मिला तब मुझे आया कि किस तरह से राम की जगह धीरे-धीरे लोगों ने अपनी कस्टम हीनता और अकर्मण्यता के कारण लक्ष्मी को ले आए और मेरे को लगता है कि एक्चुअली हमारा जो सारे वही खाते की शुरुआत हमारे हैं दीपावली से ही होती थी तो धीरे-धीरे हो सकता है कि भाई खातों के रूप में लोगों ने दी गई लक्ष्मी को आगे लाना शुरू किया और अब लक्ष्मी मैया की पूजा होती है जबकि मेरा मानना यह है कि यदि व्यक्ति सिद्धांतों की पूजा करें और सिद्धांतों से जीवन में रहे तो लक्ष्मी अपने आप आती है कर्मठता ईमानदारी और सच्चाई से काम करने पर लक्ष्मी की कोई कमी नहीं रह जाती है अगर आपको यह समझना है तो मैं आपको एक पुस्तक जोगी शिव खेड़ा की है बेचना सीखो और सफल बने तो आपको समझ में आ जाएगा कि अगर आप ईमानदार और सिद्धांत वाले बन्ना बन सकते हैं तो पैसा कमाना कितना आसान है तो इसलिए आपका जो प्रश्न है वह बिल्कुल ठीक है कि उस दिन भगवान राम की पूजा होना चाहिए जिससे कि हम एक सबसे अच्छा व्यक्ति बन सके और ना केवल धन के रूप में बल्कि अन्य रूपों में भी समाज का सफल रूप से चलाने में सहयोगी हो सके

aapka prashna bahut accha hai actually adarsh roop mein bhagwan ki hi puja ram ki puja karni chahiye aur ram ki puja karne se jo humne karmathata imaandaari sacchai aayegi usse laxmi apne aap hamare ghar mein aa jaenge par main aapko is prashna ka uttar dene ke liye itni utsuk hoon ki main ek jagah ek lecture attend karne ke liye gaya yah jabki main 49 saal ka tha tab ki mahak ghatna aapko bata raha hoon aur maine dekha ki wahan par lecture hone vala hai bahut acche vishay par ab aaya deepak prajwalit karne ka samay toh main sarapraiz reh gaya ki wahan par deepak prachalan ke baad jaha par saraswati maiya ki jai kahani thi wahan par sab laxmi maiya ki jai keh rahe hai toh yah mere jeevan ki pehli ghatna thi jabki sthiti lecture mein ya gyanavardhak waale karyakram mein mujhe laxmi bhaiya ki sahi ajay sunne ko mila tab mujhe aaya ki kis tarah se ram ki jagah dhire dhire logo ne apni custom hinata aur akarmanyata ke karan laxmi ko le aaye aur mere ko lagta hai ki actually hamara jo saare wahi khate ki shuruat hamare hai deepawali se hi hoti thi toh dhire dhire ho sakta hai ki bhai khaaton ke roop mein logo ne di gayi laxmi ko aage lana shuru kiya aur ab laxmi maiya ki puja hoti hai jabki mera manana yah hai ki yadi vyakti siddhanto ki puja kare aur siddhanto se jeevan mein rahe toh laxmi apne aap aati hai karmathata imaandaari aur sacchai se kaam karne par laxmi ki koi kami nahi reh jaati hai agar aapko yah samajhna hai toh main aapko ek pustak jogi shiv kheda ki hai bechna sikho aur safal bane toh aapko samajh mein aa jaega ki agar aap imaandaar aur siddhant waale bana ban sakte hai toh paisa kamana kitna aasaan hai toh isliye aapka jo prashna hai vaah bilkul theek hai ki us din bhagwan ram ki puja hona chahiye jisse ki hum ek sabse accha vyakti ban sake aur na keval dhan ke roop mein balki anya roopon mein bhi samaj ka safal roop se chalane mein sahyogi ho sake

आपका प्रश्न बहुत अच्छा है एक्चुअली आदर्श रूप में भगवान की ही पूजा राम की पूजा करनी चाहिए औ

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Dr Kanahaiya

Dr Kanahaiya Reki Grand Masstr Apt .Sujok .Homyopathy .

3:04
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आपका पूछने की दीपावली पर लक्ष्मी पूजन होता राम जी का तो नहीं तो मित्रों सर जी सतयुग की बात है जिस टाइम रामजी पैदा नहीं हुए थे उस टाइम की बात है सत्यता राजा बलि का राज्य का और के समुद्र मंथन की टाइम की बात है उस टाइम तीनों लोकों के राजा बलि थे और राजा बलि पूछना था कि हमारी राज में कोई गरीब ना रहे लक्ष्मी जी के 12 सारे दिन उन्हें खूब सन को बांटा धनतेरस वाले दिन होने की बरसात कर दी जिससे कोई गरीब ना रहे हमारी राज्य में और अन्य ना धन को को पाठक और सबको धमकी धनतेरस वाले दिन बरसात कर दी जब हम कि राज्य में नहीं देता क्या मारे दम पर आपसे सबके पास धन हो चुका है अब हमारे सोनिया लक्ष्मी पूजन करेंगे तो लक्ष्मी पूजन उन्हें अमावस के दिन रखा मांगी जिस दिन अंधेरी रात होती है उस दिन हम अमावस्या बनेगी मेरी रात होती है पूरी काली राजा बलि ने दो दिए जलाए थे उनका नाम का ज्ञान की को सौभाग्य दी ज्ञानदीप राइटर ऑफ सौभाग्य बाई तरफ उन्हें रखा जो दरवाजे पर रखा जाता है ठीक है मित्र लक्ष्मी पूजन किया और पूरी हुई जब तेरा लक्ष्मी पूजा चला आया है राजा बलि की टाइम से इसलिए राजा दीप दीप जलाए थे राजा बलि ने श्री दीपावली के नाम से पूजा जाता है क्योंकि राजा बलि के नाम पर चलता है दीपावली का दीपावली का नाम आता है तो सब ने लक्ष्मी पूजन बंद कर दिया दीपावली बनाना बंद कर दिया कि हम रामजी चले गए वनवास हम दीपावली नहीं पूछेंगे हम दीपावली नहीं पूछेंगे ना मारे हैं कोई दिया जला 14 जब तक राम बनवास रहे जब तक उन्हें लक्ष्मी पूजा नहीं किया राजाराम जी जब वनवास से वापस आ गए अयोध्या में लौटे तो पहले उन्हें दशहरे पर अपने हथियार पूजा फिर उसके बाद लक्ष्मी पूजन रामजी ने रामजी लौटने के बाद तक सबसे लक्ष्मी पूजन पर चालू राम जी वनवास जाने पर लक्ष्मी पूजन बंद हो गया था तब राम जी आप लौट के वापस आ गए थे लक्ष्मी पूजन फिर चालू हो गया है मित्रों धन्यवाद

aapka poochne ki deepawali par laxmi pujan hota ram ji ka toh nahi toh mitron sir ji satayug ki baat hai jis time ramji paida nahi hue the us time ki baat hai satyata raja bali ka rajya ka aur ke samudra manthan ki time ki baat hai us time tatvo lokon ke raja bali the aur raja bali poochna tha ki hamari raj mein koi garib na rahe laxmi ji ke 12 saare din unhe khoob san ko baata dhanteras waale din hone ki barsat kar di jisse koi garib na rahe hamari rajya mein aur anya na dhan ko ko pathak aur sabko dhamki dhanteras waale din barsat kar di jab hum ki rajya mein nahi deta kya maare dum par aapse sabke paas dhan ho chuka hai ab hamare sonia laxmi pujan karenge toh laxmi pujan unhe amavas ke din rakha maangi jis din andheri raat hoti hai us din hum amavasya banegi meri raat hoti hai puri kali raja bali ne do diye jalae the unka naam ka gyaan ki ko saubhagya di gyandeep writer of saubhagya bai taraf unhe rakha jo darwaze par rakha jata hai theek hai mitra laxmi pujan kiya aur puri hui jab tera laxmi puja chala aaya hai raja bali ki time se isliye raja deep deep jalae the raja bali ne shri deepawali ke naam se puja jata hai kyonki raja bali ke naam par chalta hai deepawali ka deepawali ka naam aata hai toh sab ne laxmi pujan band kar diya deepawali banana band kar diya ki hum ramji chale gaye vanvas hum deepawali nahi puchenge hum deepawali nahi puchenge na maare hain koi diya jala 14 jab tak ram banvaas rahe jab tak unhe laxmi puja nahi kiya rajaram ji jab vanvas se wapas aa gaye ayodhya mein laute toh pehle unhe dussehra par apne hathiyar puja phir uske baad laxmi pujan ramji ne ramji lautne ke baad tak sabse laxmi pujan par chaalu ram ji vanvas jaane par laxmi pujan band ho gaya tha tab ram ji aap lot ke wapas aa gaye the laxmi pujan phir chaalu ho gaya hai mitron dhanyavad

आपका पूछने की दीपावली पर लक्ष्मी पूजन होता राम जी का तो नहीं तो मित्रों सर जी सतयुग की बात

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Pt.sudhakar Shukla

ज्योतिष केंद्र 🦚 kundli Specialist🌹 जय श्री राम🚩https://www.youtube.com/channel/UCFTL6AA22m7tssohdJDujkw

1:30
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भगवान राम की भी पूजा की जाती है क्योंकि वह 14 वर्ष वनवास काटने के बाद अपने पूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करके पुनः अयोध्या वापस आए इसलिए भगवान राम की भी पूजा की जाती है और वह काल्पनिक नहीं है दूसरी चीजें अपने लक्ष्मी की पूजा किस लिए करते हैं क्योंकि आप जो लक किस वर्ष हासिल नहीं कर पाए ध्यान दें कार्तिक की अमावस्या बहुत ही महत्वपूर्ण होती है और आप उस दिन यह याद जरूर करें कि आपने इस वर्ष कौन सा लक्ष्य प्राप्त नहीं किया है और आने वाले जो लक्ष्य बनाएं उसके प्राप्ति करने के लिए आप एक संकल्प बनाएं और यही पूजन आपको करना है आपके मन को करना है और यह लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ही पूरे वर्ष आप अपना कार्य करें अगर वर्षों से पहले आपको आपका लक्ष्य प्राप्त हो जाता है तो आप थोड़ा समय विश्राम करने के बाद पूरा दूसरे लक्ष्य को बनाएं अगर प्राप्त नहीं होता है तो कौन सा कारण रह गया जिस कारण से आपको अगले अमावस्या तक आपके लक्ष्य पूरे नहीं हुए आपस रात्रि में बैठे उसको याद करें और याद करने के बाद उन कमजोरियों को समाप्त करें और पुनः अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर हो जय श्री राम

bhagwan ram ki bhi puja ki jaati hai kyonki vaah 14 varsh vanvas katne ke baad apne purn lakshya ko prapt karke punh ayodhya wapas aaye isliye bhagwan ram ki bhi puja ki jaati hai aur vaah kalpnik nahi hai dusri cheezen apne laxmi ki puja kis liye karte hain kyonki aap jo luck kis varsh hasil nahi kar paye dhyan de kartik ki amavasya bahut hi mahatvapurna hoti hai aur aap us din yah yaad zaroor kare ki aapne is varsh kaun sa lakshya prapt nahi kiya hai aur aane waale jo lakshya banaye uske prapti karne ke liye aap ek sankalp banaye aur yahi pujan aapko karna hai aapke man ko karna hai aur yah lakshya ko prapt karne ke liye hi poore varsh aap apna karya kare agar varshon se pehle aapko aapka lakshya prapt ho jata hai toh aap thoda samay vishram karne ke baad pura dusre lakshya ko banaye agar prapt nahi hota hai toh kaun sa karan reh gaya jis karan se aapko agle amavasya tak aapke lakshya poore nahi hue aapas ratri me baithe usko yaad kare aur yaad karne ke baad un kamzoriyo ko samapt kare aur punh apne lakshya ki aur agrasar ho jai shri ram

भगवान राम की भी पूजा की जाती है क्योंकि वह 14 वर्ष वनवास काटने के बाद अपने पूर्ण लक्ष्य को

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दीपावली पर माता लक्ष्मी की पूजा क्यों करते हैं भगवान राम की पूजा क्यों नहीं करते यह हमारी अपनी बनाई हुई परिपाटी है हम लक्ष्मी की पूजा दिवाली त्योहार पर करते हैं राम के अयोध्या आगमन की अयोध्या का उत्साह को हम जरूर पर्व के रूप में मनाते हैं राम की पूजा नहीं करते यह हमारी अपनी अपनी व्यवस्था है ऐसे भी हिंदू धर्म में मान्यता है कि एक ही शक्ति एक आगरा एक विश्वास है किसी की भी पूजा करें चाहे उस शक्ति की पूजा हम देवी के रूप में करे उसे शक्ति कर्म राम के रूप में माने हमारी पूजा सबको प्राप्त होती है

deepawali par mata laxmi ki puja kyon karte hain bhagwan ram ki puja kyon nahi karte yah hamari apni banai hui paripati hai hum laxmi ki puja diwali tyohar par karte hain ram ke ayodhya aagaman ki ayodhya ka utsaah ko hum zaroor parv ke roop me manate hain ram ki puja nahi karte yah hamari apni apni vyavastha hai aise bhi hindu dharm me manyata hai ki ek hi shakti ek agra ek vishwas hai kisi ki bhi puja kare chahen us shakti ki puja hum devi ke roop me kare use shakti karm ram ke roop me maane hamari puja sabko prapt hoti hai

दीपावली पर माता लक्ष्मी की पूजा क्यों करते हैं भगवान राम की पूजा क्यों नहीं करते यह हमारी

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देखिए दीपावली पर अधिकांश सभी लोग माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं क्योंकि दीपावली के दिन महालक्ष्मी का प्राकृतिक हुआ था इस दिन मां लक्ष्मी अपने सभी भक्तों की मनोकामना पूर्ण कर दी है और हर व्यक्ति लालची नहीं चाहता ऐसा ना आवे हर किसी भी व्यक्ति हो चाहे कोई हो भक्ति के बनाओ उसे भी माता लक्ष्मी की सहायता की जरूरत पड़ती है क्योंकि पूजन की सामग्री भी बिना लक्ष्मी के नहीं आ सकती है इसलिए मनुष्य लक्ष्मी जी की पूजा पर अधिक ध्यान देते हैं दीपावली के दिन जाओ भगवान राम 14 वर्ष पूर्ण कर कर लौटे थे तू उस दिन पूरी अयोध्या में दीपक जलाए गए थे तू ऐसा आपने सुना होगा ग्रंथों में लिखा है इसका तत्पर है उस दीपावली पर राम जी के वनवास आने के पहले दीपक नहीं जलाया जा रहे थे दीपावली को लक्ष्मी जी की पूजा करके मालूम हो गई पूजा दीपावली की दीपावली की पूजा की याद में जलाए जाते हैं वही खुशी में के आज के दिन भगवान आते हैं तो पूजा काबल मुख रामजी ही है क्योंकि उन्हीं के लिए पूरी अयोध्या सजाई गई थी दीपों से प्रचलित की गई थी और यह सिस्टम पहले नहीं था दीपावली होती थी लक्ष्मी जी की पूजा होती थी जैसे आप माल एक ही तिथि को कुछ 22 त्योहार होते हैं इसी प्रकार से दिन लक्ष्मी जी की का 100 भाग से हुए तथा दीपावली उसी दिन जो है राम जी का आना हुआ दीपावली केलाई क्योंकि दीपक जलाए गए वरना यह अमावस्या है हमारे समाज को लक्ष्मी जी भक्तों के बीच अंडर चरण के लिए चलती है निकलती है उस समय जो वक्त उनकी आवभगत सेवा पूजा करता है उसके आरती आरती और लक्ष्मी का ठंडा बहुत के लिए मंगलकारी होता है और प्लस में दीपक हम जलाते हैं घर की साज-सज्जा करते हैं तो यह भगवान राम की ही पूजा करते हैं जो हम दीपक जलाते हैं कि किसी एक की नहीं अकेले लक्ष्मी की ना अकेली राम की दोनों की सेवा पूजा हो जाती है लक्ष्मी जी की देखने को प्रत्यक्ष लगती है लेकिन अप्रत्यक्ष रूप में है लेकिन पूजा दोनों की होती है

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देखिए दीपावली पर अधिकांश सभी लोग माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं क्योंकि दीपावली के दिन मह

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