#UnitedNationsDay: भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक गैर स्थायी सदस्य क्यूँ था? ...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

1:25
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पहले भारत में मौजूद नहीं था और चाइना ने हमेशा से ही भारत का विरोध किया है और चैनल ही चाहता कि भारत में भारत एशिया में एक दूसरी महाशक्ति के रूप में उभरे इसलिए चाइना ने कभी साथ नहीं दिया हमारे पहले आंतरिक रुप से अमेरिका भी भारत का विरोधी था यही कारण भारत को वीटो पावर इन रिसर्च रूस भारत का साथ दिया है लेकिन अब जब से चाइना कप पाकिस्तान जुड़ चुका है तब से अमेरिका ने अपने हितों को चोट महसूस की है और अमेरिका भारत के पक्ष में धीरे-धीरे आया है लेकिन पूरी तरह से नहीं हम भी कभी भी एक चतुर व्यापारी देश है एक रास्ता तो हथियार कितने चाहिए चाहे कोई भी खरीदनी है और वह चाइना की करेंसी भारत के पक्ष में जिस दिन पाकिस्तान चाइना का साथ छोड़ देगा अमेरिका कपड़े डालना चालू कर देगा पहले पाकिस्तान

pehle bharat mein maujud nahi tha aur china ne hamesha se hi bharat ka virodh kiya hai aur channel hi chahta ki bharat mein bharat asia mein ek dusri mahashakti ke roop mein ubhre isliye china ne kabhi saath nahi diya hamare pehle aantarik roop se america bhi bharat ka virodhi tha yahi karan bharat ko veto power in research rus bharat ka saath diya hai lekin ab jab se china cup pakistan jud chuka hai tab se america ne apne hiton ko chot mahsus ki hai aur america bharat ke paksh mein dhire dhire aaya hai lekin puri tarah se nahi hum bhi kabhi bhi ek chatur vyapaari desh hai ek rasta toh hathiyar kitne chahiye chahen koi bhi kharidani hai aur vaah china ki currency bharat ke paksh mein jis din pakistan china ka saath chhod dega america kapde daalna chaalu kar dega pehle pakistan

पहले भारत में मौजूद नहीं था और चाइना ने हमेशा से ही भारत का विरोध किया है और चैनल ही चाहता

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:08

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य जो सदस्य होते वह टेंपरेरी होते हैं और उनको फिर बाद में बदला जाता है हर एक के जो सदस्य देश होते हैं उनको मौका दिया जाता है और आप पहले नेहरू जी के समय में सदस्य अस्थाई सदस्यता मिल रही थी लेकिन उन्होंने चाइना को दिलवा दी थी और इस टाइम ना इसलिए हमें मौका मिला था उसका हमने किया और बाद में सब लोग सहयोग करते हैं इनके अलावा वह भी तो के द्वारा को प्रस्ताव को

bharat sanyukt rashtra suraksha parishad ka sthai sadasya jo sadasya hote vaah tempareri hote hain aur unko phir baad mein badla jata hai har ek ke jo sadasya desh hote hain unko mauka diya jata hai aur aap pehle nehru ji ke samay mein sadasya asthai sadasyata mil rahi thi lekin unhone china ko dilwa di thi aur is time na isliye hamein mauka mila tha uska humne kiya aur baad mein sab log sahyog karte hain inke alava vaah bhi toh ke dwara ko prastaav ko

भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य जो सदस्य होते वह टेंपरेरी होते हैं और उन

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यानी नेशन संयुक्त राष्ट्र में काफी सारी समितियां होती है जिसमें सबसे प्रमुख समिति है संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस समिति के अंदर सभी देश रहते हैं और अधिकतर जो प्रॉब्लम्स होती हैं दुर्भाग्य दो राष्ट्रों के बीच में या उनके बीच में जो कांटेक्ट होता है या कोल्ड वॉर टाइप की सचिन जब भी पैदा होती है तो इसी तरह की सुरक्षा परिषद में ठेके की जाती है और वहां पर निर्णय लिया जाता है तो उसे युक्त राष्ट्र में पांच स्थाई सदस्य हैं जो हमेशा स्थाई रहते हैं और दशहरे स्थाई सदस्य हैं जो हर कुछ समय के बाद परिवर्तित होती रहती है तो भारत के अस्थाई सदस्य भारत को सदस्य बनाने की मांग जोरों शोरों से इंग्लैंड के द्वारा अमेरिका के द्वारा रसिया के द्वारा और फ्रांस के द्वारा की जा रही है इस बारे में राजी नहीं है प्लीज ज्यादा है कि भारत जापान की मेंबरशिप की बात खत्म कर दें इसके अलावा अमेरिका चाहता है कि भारत गीतों की मांग को खत्म कर दे दो उसको साइज बनाए जा सकते हैं और रिश्ते वाली बात है वह बिल्कुल सही है क्योंकि अगर आप अभी के परिपेक्ष में देखेंगे तो आपको समझ में आएगा कि जब 4050 सदस्य थे उसमें अब जाकर 190 गरीब देश को चुके हैं दुनिया की सबसे अधिक देश एशिया में है तो मुझे लगता है कि पेमेंट मेंबरशिप के लिए इनकी सीटों की संख्या बढ़ाकर 10 या 12 कम से कम करनी चाहिए और जो हर दो-तीन साल में बदले जाते हैं उनकी संख्या 20 25 से 30 की जानी चाहिए बहुत धन्यवाद

dekhiye yani nation sanyukt rashtra mein kafi saree samitiyaan hoti hai jisme sabse pramukh samiti hai sanyukt rashtra suraksha parishad is samiti ke andar sabhi desh rehte hain aur adhiktar jo problems hoti hain durbhagya do rashtro ke beech mein ya unke beech mein jo Contact hota hai ya cold war type ki sachin jab bhi paida hoti hai toh isi tarah ki suraksha parishad mein theke ki jaati hai aur wahan par nirnay liya jata hai toh use yukt rashtra mein paanch sthai sadasya hain jo hamesha sthai rehte hain aur dussehra sthai sadasya hain jo har kuch samay ke baad parivartit hoti rehti hai toh bharat ke asthai sadasya bharat ko sadasya banaane ki maang joron shoron se england ke dwara america ke dwara rasiya ke dwara aur france ke dwara ki ja rahi hai is bare mein raji nahi hai please zyada hai ki bharat japan ki membership ki baat khatam kar dein iske alava america chahta hai ki bharat geeton ki maang ko khatam kar de do usko size banaye ja sakte hain aur rishte waali baat hai vaah bilkul sahi hai kyonki agar aap abhi ke paripeksh mein dekhenge toh aapko samajh mein aayega ki jab 4050 sadasya the usmein ab jaakar 190 garib desh ko chuke hain duniya ki sabse adhik desh asia mein hai toh mujhe lagta hai ki payment membership ke liye inki seaton ki sankhya badhakar 10 ya 12 kam se kam karni chahiye aur jo har do teen saal mein badle jaate hain unki sankhya 20 25 se 30 ki jani chahiye bahut dhanyavad

देखिए यानी नेशन संयुक्त राष्ट्र में काफी सारी समितियां होती है जिसमें सबसे प्रमुख समिति है

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Mehmood Alum

Law Student

0:51
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं जिनमें से पांच सदस्य स्थाई होते हैं जिनमें अमेरिका रूस यूके फ्रांस और चाइना शामिल है इसके अलावा 10 अन्य अस्थाई राष्ट्र भी होते हैं यानी कुल मिलाकर 15 देश होते हैं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यह पांच स्थाई सदस्य वही हैं जिन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में विजय हासिल की थी और जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी क्योंकि भारत डायरेक्टली द्वितीय विश्व युद्ध में विजई नहीं हुआ था भारत उस समय अंग्रेजों का उपनिवेश था अतः भारत संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्य नहीं है

dekhiye sanyukt rashtra ki suraksha parishad mein kul 15 sadasya hote hain jinmein se paanch sadasya sthai hote hain jinmein america rus UK france aur china shaamil hai iske alava 10 anya asthai rashtra bhi hote hain yani kul milakar 15 desh hote hain sanyukt rashtra suraksha parishad mein yah paanch sthai sadasya wahi hain jinhone dwitiya vishwa yudh mein vijay hasil ki thi aur jinhone sanyukt rashtra ki sthapana mein mahatvapurna bhumika ada ki thi kyonki bharat directly dwitiya vishwa yudh mein vijayi nahi hua tha bharat us samay angrejo ka upnivesh tha atah bharat sanyukt rashtra ki suraksha parishad mein sthai sadasya nahi hai

देखिए संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं जिनमें से पांच सदस्य स्था

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