#subashchandrabose: आज के दिन सुभाष चंद्रा बोस ने अल्पकालीन सरकार की स्थापना की थी। क्या आपको लगता है इससे भारत को आज़ादी में फ़ायदा हुआ था?...


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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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आपका प्रश्न आज के दिन सुभाष चंद्र बोस ने अल्पकालीन सरकार की स्थापना की थी क्या को लगता है भारत को आजादी व फायदा मिला था लिखिए प्रश्न पूछने बहुत ही शानदार प्रश्न है यह कैसा अध्याय का इतिहास का अध्याय ऐसा है यह जिसको इतिहास से मिटाने की कोशिश की गई इस पूरी घटना को क्रेडिट नहीं मिला है जिसकी यह घटना हकदार थी आश्चर्य की बात तो यह है कि सुभाष चंद्र बोस कोई भारतीय में डालने की कोशिश की गई सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में एक अंतरिम सरकार की स्थापना कर ली थी जिसके वह प्रधानमंत्री बने आप सुभाष चंद्र बोस को भारत का पहला प्रधानमंत्री भी मांग सकते हैं और सरकार को दुनिया के कुछ देशों से मान्यता मिल गई थी अंग्रेज इस कदम से बुरी तरह घबरा गए थे इसी समय दूसरे विश्वयुद्ध में से पराजित इंग्लैंड के बहुत सारे सिपाही जो कि भारतीय थे उन्होंने आजाद हिंद फौज ज्वाइन कर ली इससे नेताजी की शक्ति में बहुत वृद्धि उनकी सैन्य ताकत बड़ी तीसरी जो घटना हुई वह थी 1946 में नौसेना का विद्रोह अंग्रेज इन दो तीन कदमों से बुरी तरह घबरा गए और उन्होंने भारत को आजाद करने के बारे में सोचना शुरू कर दिया था कि ऐसा एक घटना थी जिसको इतिहास में वह क्रेडिट नहीं मिला जिस को मिलना चाहिए था और मुझे लगता है कि इन घटनाओं के कारण ही हम को आजादी मिली और किसी और कारण से नहीं मिली जैसा कि हमको पढ़ाया जाता है कि दे दी हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल ऐसा कुछ नहीं था जी नेताजी के शौर्य और पराक्रम का उनकी रणनीति का हिस्सा था

aapka prashna aaj ke din subhash chandra bose ne alpakaleen sarkar ki sthapna ki thi kya ko lagta hai bharat ko azadi va fayda mila tha likhiye prashna poochne bahut hi shandar prashna hai yah kaisa adhyay ka itihas ka adhyay aisa hai yah jisko itihas se mitane ki koshish ki gayi is puri ghatna ko credit nahi mila hai jiski yah ghatna haqdaar thi aashcharya ki baat toh yah hai ki subhash chandra bose koi bharatiya me dalne ki koshish ki gayi subhash chandra bose ne singapore me ek antarim sarkar ki sthapna kar li thi jiske vaah pradhanmantri bane aap subhash chandra bose ko bharat ka pehla pradhanmantri bhi maang sakte hain aur sarkar ko duniya ke kuch deshon se manyata mil gayi thi angrej is kadam se buri tarah ghabara gaye the isi samay dusre vishwayudh me se parajit england ke bahut saare sipahi jo ki bharatiya the unhone azad hind fauj join kar li isse netaji ki shakti me bahut vriddhi unki sainya takat badi teesri jo ghatna hui vaah thi 1946 me nausena ka vidroh angrej in do teen kadmon se buri tarah ghabara gaye aur unhone bharat ko azad karne ke bare me sochna shuru kar diya tha ki aisa ek ghatna thi jisko itihas me vaah credit nahi mila jis ko milna chahiye tha aur mujhe lagta hai ki in ghatnaon ke karan hi hum ko azadi mili aur kisi aur karan se nahi mili jaisa ki hamko padhaya jata hai ki de di hamein azadi bina khadag bina dhal aisa kuch nahi tha ji netaji ke shorya aur parakram ka unki rananiti ka hissa tha

आपका प्रश्न आज के दिन सुभाष चंद्र बोस ने अल्पकालीन सरकार की स्थापना की थी क्या को लगता है

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Nita Nayyar

Writer ,Motivational Speaker, Social Worker n Counseller.

1:22
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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

5:00
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सुभाष चंद्र बोस जी ने आजादी की न्यूज़ नहीं सोऊंगा लोगों को चेतन कर दिया था अरुण को एहसास करा दिया था कि हम जा आजादी दूर नहीं है आप मानसिक शारीरिक और हर तरह से प्रताड़ना उसे आप आजाद होने वाले उनकी सरकार खेलो यहां उनका प्रशासन कैन वे इतना सशक्त था अपने उन्होंने नारा दिया था तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा इस नारी ने यह संदेश भेजा था कि भारतीय लोगों को आप संघर्ष करते हुए अंग्रेजों से छुटकारा प्राप्त करना छुटकारा पाएं अभी पेंटर क्या भारत को उनकी इस प्रकार की प्रक्रिया से आजादी में फायदा हुआ कोई बिजनेस चैनल जिसके विषय में नुकसान हुआ या फायदा हुआ यह मान कर चलिए आप किसी भी कार्य को करेंगे तो उसका प्रभाव जरूर पड़ेगा जिस तरह से एक्सटम में चलते हुए जहाज में अगर किसी कारण से छेद हो जाता है और फिर पानी भर जाता है जहाज के डूबने की संभावना बहुत अधिक हो जाती है जब तक कि उसका उपचार नहीं किया जाता जांच की डूबने का कारण एक छोटा सा क्षेत्र भी हो सकता है इसी तरह किसी भी सफलता के पानी में एक छोटा सा काम भी बहुत बड़ी भूमिका रखता है मैं कहना चाहूंगा सुभाष चंद्र बोस जी की आजादी का योगदान उसी प्रकार से था जिस प्रकार भगवान राम जबकि लंका पर चढ़ाई करने के लिए रामेश्वरम किस चामुंड पर पुल बना रहे थे टॉर्च मानसीना बड़े-बड़े पत्थर उठाकर उस में फेंक रहे थे और वह पत्थर पर राम लिखकर फेंकने चोरों पत्थर टेबल आता तभी छोटे से गिलहरी नीलगिरी ने यह देखा अमानत भगवान राम की छत कार्य को कर रहे हैं तो मैं भी इसमें से भागी बनी और उसने भी अपने मुख से छोटे छोटे पत्थर उठाकर समुंद्र में फेंकने शुरू कर दिए उसके शिकार पर एक बंदर ने देख लिया और उसे अच्छा नहीं लगा कुछ नहीं गिलहरी को टोका तुम हमारे रास्ते में बाधा बन देंगे हमारा कारण पिछड़ रहा है हटो यहां से लेकिन गिलहरी इस बात को अनसुना करके अपने कार्य में व्यस्त रही क्योंकि वह भी राम के काम में सहभागी बनना चाहता बंदर को गुस्सा आया और अपने उठाकर गिलहरी को फेंक दिया भगवान राम बप्पी लहरी भगवान राम के हाथों में जाकर गिरी भगवान राम ने उसे प्यार से स्वीकार किया और बांधों से का कि कभी भी छोटे जीव को देखकर आप उसका परित्याग ना करो क्योंकि जहां काम माय स्वीट कहां करें तलवार जहां सुई का काम है वहां तलवार काम नहीं कर सकती अर्थात छोटों को देखकर बड़ों को देखकर छोटो का त्याग नहीं करना चाहिए यह शिक्षा इस बात की प्रतीक है निश्चित रूप से सुभाष चंद्र बोस के चाक का समाधि आजादी में योगदान

subhash chandra bose ji ne azadi ki news nahi sounga logo ko chetan kar diya tha arun ko ehsaas kara diya tha ki hum ja azadi dur nahi hai aap mansik sharirik aur har tarah se prataadana use aap azad hone waale unki sarkar khelo yahan unka prashasan can ve itna sashakt tha apne unhone naara diya tha tum mujhe khoon do main tumhe azadi dunga is nari ne yah sandesh bheja tha ki bharatiya logo ko aap sangharsh karte hue angrejo se chhutkara prapt karna chhutkara paen abhi painter kya bharat ko unki is prakar ki prakriya se azadi mein fayda hua koi business channel jiske vishay mein nuksan hua ya fayda hua yah maan kar chaliye aap kisi bhi karya ko karenge toh uska prabhav zaroor padega jis tarah se eksatam mein chalte hue jahaj mein agar kisi karan se ched ho jata hai aur phir paani bhar jata hai jahaj ke dubne ki sambhavna bahut adhik ho jaati hai jab tak ki uska upchaar nahi kiya jata jaanch ki dubne ka karan ek chota sa kshetra bhi ho sakta hai isi tarah kisi bhi safalta ke paani mein ek chota sa kaam bhi bahut badi bhumika rakhta hai kehna chahunga subhash chandra bose ji ki azadi ka yogdan usi prakar se tha jis prakar bhagwan ram jabki lanka par chadhai karne ke liye rameshwaram kis chamund par pool bana rahe the torch manasina bade bade patthar uthaakar us mein fenk rahe the aur vaah patthar par ram likhkar fenkne choron patthar table aata tabhi chote se gilahari nilgiri ne yah dekha amanat bhagwan ram ki chhat karya ko kar rahe hain toh main bhi isme se bhaagi bani aur usne bhi apne mukh se chote chhote patthar uthaakar samundra mein fenkne shuru kar diye uske shikaar par ek bandar ne dekh liya aur use accha nahi laga kuch nahi gilahari ko toka tum hamare raste mein badha ban denge hamara karan pichad raha hai hato yahan se lekin gilahari is baat ko anasuna karke apne karya mein vyast rahi kyonki vaah bhi ram ke kaam mein sahbhagi bana chahta bandar ko gussa aaya aur apne uthaakar gilahari ko fenk diya bhagwan ram bappi lahari bhagwan ram ke hathon mein jaakar giri bhagwan ram ne use pyar se sweekar kiya aur bandhon se ka ki kabhi bhi chote jeev ko dekhkar aap uska parityag na karo kyonki jaha kaam my sweet kahaan kare talwar jaha sui ka kaam hai wahan talwar kaam nahi kar sakti arthat choton ko dekhkar badon ko dekhkar chhoto ka tyag nahi karna chahiye yah shiksha is baat ki prateek hai nishchit roop se subhash chandra bose ke chak ka samadhi azadi mein yogdan

सुभाष चंद्र बोस जी ने आजादी की न्यूज़ नहीं सोऊंगा लोगों को चेतन कर दिया था अरुण को एहसा

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:48

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सुभाष चंद्र बोस आज के दिन सुभाष चंद्र बोस ने अल्पकालीन सरकार की स्थापना की थी क्या आपको लगता है कि भारत को आजादी में पैदा हुआ था जिया सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज की स्थापना की थी और अल्पकालीन सरकार की उन्होंने स्थापना भी कर दी थी और उस समय जो अंग्रेज की जो सरकार थी यहां पर जो वायसराय थे उनको भी लग गया था कि यह जो सुभाष चंद्र बोस ने जिस तरह से सरकार की स्थापना कर दी एक सरकार के रहते हुए दूसरी सरकार का उम्मीद स्तर से रचना की है तो हमें यहां से भागना पड़ेगा इसलिए उन्होंने महात्मा गांधी जी को उचित समझा हम को आगे करके और उन्होंने सत्ता का अंतरण करने का प्रयास किया था और उसमें तबीयत समय नरम दल और गरम दल होता था तो गरम दल के नेता के रूप में सुभाष चंद्र बोस से और नरम दल महात्मा गांधी जी किस का प्रतिनिधित्व कर रहे थे और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उसमें बात की थी अंग्रेज सरोज के साथ इस तरह से यह जो अल्पकालीन सरकार थी सुभाष चंद्र बोस की उन्होंने एक बहुत बड़ा प्रेशर बनाया था और वह हमेशा इतिहास के पन्नों में और हमेशा याद रखना चाहिए धन्यवाद

subhash chandra bose aaj ke din subhash chandra bose ne alpakaleen sarkar ki sthapna ki thi kya aapko lagta hai ki bharat ko azadi mein paida hua tha jiya subhash chandra bose ne azad hind fauj ki sthapna ki thi aur alpakaleen sarkar ki unhone sthapna bhi kar di thi aur us samay jo angrej ki jo sarkar thi yahan par jo viceroy the unko bhi lag gaya tha ki yah jo subhash chandra bose ne jis tarah se sarkar ki sthapna kar di ek sarkar ke rehte hue dusri sarkar ka ummid sthar se rachna ki hai toh hamein yahan se bhaagna padega isliye unhone mahatma gandhi ji ko uchit samjha hum ko aage karke aur unhone satta ka antran karne ka prayas kiya tha aur usme tabiyat samay naram dal aur garam dal hota tha toh garam dal ke neta ke roop mein subhash chandra bose se aur naram dal mahatma gandhi ji kis ka pratinidhitva kar rahe the aur bharatiya rashtriya congress ke usme baat ki thi angrej saroj ke saath is tarah se yah jo alpakaleen sarkar thi subhash chandra bose ki unhone ek bahut bada pressure banaya tha aur vaah hamesha itihas ke pannon mein aur hamesha yaad rakhna chahiye dhanyavad

सुभाष चंद्र बोस आज के दिन सुभाष चंद्र बोस ने अल्पकालीन सरकार की स्थापना की थी क्या आपको लग

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