क्या शिक्षक की अब डिमांड है?...


user

N. K. SINGH 'Nitesh'

Educator, Life Coach, Writer and Expert in British English Language, Author of Book/Fiction Lucky Girl (Love vs Marriage)

3:42
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन जहां तक शिक्षक की डिमांड की बात है कि अब डिमांड है या नहीं अब क्या शिक्षक की डिमांड हमेशा रहती एक अच्छे शिक्षक के बिना समाज को चलाएं मान रखना संभव नहीं है आर्टिफिशियल एजेंसियां नई तरीके की खोज कर नहीं है और ऑनलाइन एजुकेशन रोबोटिक एजुकेशन डिस्टेंस एजुकेशन कॉरेस्पोंडेंस एजुकेशन चाहे कितना भी डेवलप कर लिया प्रशिक्षक का काम नहीं कर सकता हूं सिर्फ ज्ञान दे सकते हैं और शिक्षक का काम शुरू ज्ञान देना नहीं शिक्षक के बारे में कहा जाता है कि शिक्षक राष्ट्र का निर्माता है उसे ज्ञान देकर ही राष्ट्र का निर्माण हो जाता तो फिर कर दिया जाता किसी मशीन में ऑरेंज सर बच्चे देख लेते शिक्षक की भूमिका पूरी हो जाती है पर ऐसा नहीं शिक्षक आपके बच्चे में नैतिकता और चरित्र निर्माण का मुख्य स्तंभ है शिक्षा देखता है कि बच्चे के साथ समाज में कहीं अन्यत्र नहीं हो रहा है एक अच्छा शिक्षक यह भी देखता है कि बच्चे ने क्या-क्या सुधार अपेक्षित हैं क्या देखेगा एक अच्छा शिक्षक अपने बच्चों को लेकर के इतना संवेदनशील होता है कई बार बच्चों के खिलाफ उनके मां-बाप कोई ऐसा एक्शन लेते हैं जिससे बच्चे पर साइक्लोजिकल प्रभाव पड़ता है तो मां-बाप को बुलाकर के शिक्षक समझाते हैं क्या सही है और क्या गलत है तो इसलिए एक अच्छे शिक्षक की भूमिका बहुत व्यापक है और इसको नकारा नहीं जा सकता इस डिमांड को समाप्त नहीं किया जा सकता जो आंधी चल पड़ी है और लोग जो अपने विकास का एकमात्र रास्ता पैसा सोच रहे हैं और इसी उद्देश्य अपने बच्चों को सिर्फ ऐसी शिक्षा देना चाहते हैं जिसमें उसने तकनीकी ज्ञान आ जाए और अपने उस तकनीकी ज्ञान के बल पर वे छात्र लेकिन अब उनकी गलती उन्हें नजर आने लगती है जब अपने जीवन के अंतिम के घर पहुंचते बिकता है कि उनके बच्चे ने उच्च चरित्र नहीं दिखाई दे रहा जिसकी उन्होंने कल्पना की थी तब उन्हें लगता है कि उन्होंने अपने बच्चे को सिर्फ उस दिशा में उस दिशा में विकेट करने की कोशिश की जिस दिशा से पैसा अधिक से अधिक आ सके या न्यू पैसा अधिक से अधिक इसलिए मेरे ख्याल से शिक्षक कि अभी भी डिमांड है और जो अच्छे संवेदनशील लोग हैं वह अपने बच्चों के लिए अच्छा शिक्षक ढूंढ

lekin jaha tak shikshak ki demand ki baat hai ki ab demand hai ya nahi ab kya shikshak ki demand hamesha rehti ek acche shikshak ke bina samaj ko chalaye maan rakhna sambhav nahi hai artificial Agenciyan nayi tarike ki khoj kar nahi hai aur online education robotic education distance education correspondence education chahen kitna bhi develop kar liya parshikshak ka kaam nahi kar sakta hoon sirf gyaan de sakte hai aur shikshak ka kaam shuru gyaan dena nahi shikshak ke bare mein kaha jata hai ki shikshak rashtra ka nirmaata hai use gyaan dekar hi rashtra ka nirmaan ho jata toh phir kar diya jata kisi machine mein orange sir bacche dekh lete shikshak ki bhumika puri ho jaati hai par aisa nahi shikshak aapke bacche mein naitikta aur charitra nirmaan ka mukhya stambh hai shiksha dekhta hai ki bacche ke saath samaj mein kahin anyatra nahi ho raha hai ek accha shikshak yah bhi dekhta hai ki bacche ne kya kya sudhaar apekshit hai kya dekhega ek accha shikshak apne baccho ko lekar ke itna samvedansheel hota hai kai baar baccho ke khilaf unke maa baap koi aisa action lete hai jisse bacche par saiklojikal prabhav padta hai toh maa baap ko bulakar ke shikshak smajhate hai kya sahi hai aur kya galat hai toh isliye ek acche shikshak ki bhumika bahut vyapak hai aur isko nakara nahi ja sakta is demand ko samapt nahi kiya ja sakta jo aandhi chal padi hai aur log jo apne vikas ka ekmatra rasta paisa soch rahe hai aur isi uddeshya apne baccho ko sirf aisi shiksha dena chahte hai jisme usne takniki gyaan aa jaaye aur apne us takniki gyaan ke bal par ve chatra lekin ab unki galti unhe nazar aane lagti hai jab apne jeevan ke antim ke ghar pahunchate bikta hai ki unke bacche ne ucch charitra nahi dikhai de raha jiski unhone kalpana ki thi tab unhe lagta hai ki unhone apne bacche ko sirf us disha mein us disha mein wicket karne ki koshish ki jis disha se paisa adhik se adhik aa sake ya new paisa adhik se adhik isliye mere khayal se shikshak ki abhi bhi demand hai aur jo acche samvedansheel log hai vaah apne baccho ke liye accha shikshak dhundh

लेकिन जहां तक शिक्षक की डिमांड की बात है कि अब डिमांड है या नहीं अब क्या शिक्षक की डिमांड

Romanized Version
Likes  111  Dislikes    views  2222
WhatsApp_icon
7 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:54
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षक कोई वस्तु नहीं है जिसके विषय में बात कही जाए उसकी अब डिमांड है या नहीं क्योंकि बिना शिक्षक के संस्कार नहीं मिलेंगे ज्ञान नहीं मिलेगा जो घटाएं नहीं मिलेंगी अनुशासन नहीं मिलेगा 584 अंधकार में हो जाएगा अगले शिक्षक अशिक्षा यह दोनों एक दूसरे के पूरक है शिक्षा केवल शिक्षा के लिए सकता है यहां यह कहना जो भी व्यक्ति हमें ज्ञान व शिक्षा प्रदान कर रहे हैं वह शिक्षक के लिए भले ही उसके पास शिक्षक की डिग्री ना B.Ed या जेबीटी या यह कहें कि शिक्षक हो जाने से उपयोग शिक्षक हो गया रनिंग जो वास्तविक गो शिक्षक के लिए मुझे इस देश में पाए जाते हैं वह शिक्षक हैं और उनके लिए डिमांड सबसे अच्छा नहीं अशोभनीय जैसे शब्दों का प्रयोग ना करते हुए शादी हुई कि जब वक्त इस देश को अवश्य को रहेगी और क्योंकि जिस तरह जीवन के लिए भोजन जरूरी है उसी तरह जीवन में एक शिक्षक का योगदान जरूरी

shikshak koi vastu nahi hai jiske vishay mein baat kahi jaaye uski ab demand hai ya nahi kyonki bina shikshak ke sanskar nahi milenge gyaan nahi milega jo ghataye nahi milegi anushasan nahi milega 584 andhakar mein ho jaega agle shikshak asiksha yah dono ek dusre ke purak hai shiksha keval shiksha ke liye sakta hai yahan yah kehna jo bhi vyakti hamein gyaan va shiksha pradan kar rahe hai vaah shikshak ke liye bhale hi uske paas shikshak ki degree na B Ed ya JBT ya yah kahein ki shikshak ho jaane se upyog shikshak ho gaya running jo vastavik go shikshak ke liye mujhe is desh mein paye jaate hai vaah shikshak hai aur unke liye demand sabse accha nahi ashobhaniya jaise shabdon ka prayog na karte hue shadi hui ki jab waqt is desh ko avashya ko rahegi aur kyonki jis tarah jeevan ke liye bhojan zaroori hai usi tarah jeevan mein ek shikshak ka yogdan zaroori

शिक्षक कोई वस्तु नहीं है जिसके विषय में बात कही जाए उसकी अब डिमांड है या नहीं क्योंकि बिन

Romanized Version
Likes  62  Dislikes    views  1204
WhatsApp_icon
play
user

Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:37

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या शिक्षक की डिमांड है लिखिए जब तक इंसान इस पृथ्वी पर निवास करते हैं दो-तीन बिजनेस जो है वह हमेशा उसकी डिमांड जाएगी एक है नरसिंहपुर जब तक बच्चे पैदा हो रहे हैं तब तक को नर्सिंग होम उसकी रिमाइंडर और दूसरा है शिक्षक स्कूल जाने की टीचिंग से जुड़े हुए व्यवसाय शिक्षकों की हमेशा डिमांड है क्योंकि बच्चों को शिक्षित करें हालांकि अब कंप्यूटर का भी इस्तेमाल होने लगा है लेकिन उसके लिए शिक्षा जरूरी इसलिए शिक्षकों की हमेशा डिमांड रहेगी और उसमें दी जो स्पेशलिस्ट जो शिक्षक हैं जो कि जैसे कि साइंस टीचर है मैथ टीचर है इंग्लिश टीचर है वह उसकी डिमांड हमेशा रहने वाली और हमको अगर टीचर की लाइन में जाना है तो अवश्य इन सब बातों को ध्यान में रखकर और हमेशा समझना चाहिए कि आज से 10 साल बाद भी डिमांड 20 साल बाद भी डिमांड रहेगी हमेशा दिमाग रहेगी धन्यवाद इसी वक्त

kya shikshak ki demand hai likhiye jab tak insaan is prithvi par niwas karte hain do teen business jo hai vaah hamesha uski demand jayegi ek hai narsinghpur jab tak bacche paida ho rahe hain tab tak ko nursing home uski reminder aur doosra hai shikshak school jaane ki teaching se jude hue vyavasaya shikshakon ki hamesha demand hai kyonki baccho ko shikshit kare halaki ab computer ka bhi istemal hone laga hai lekin uske liye shiksha zaroori isliye shikshakon ki hamesha demand rahegi aur usme di jo specialist jo shikshak hain jo ki jaise ki science teacher hai math teacher hai english teacher hai vaah uski demand hamesha rehne wali aur hamko agar teacher ki line mein jana hai toh avashya in sab baaton ko dhyan mein rakhakar aur hamesha samajhna chahiye ki aaj se 10 saal baad bhi demand 20 saal baad bhi demand rahegi hamesha dimag rahegi dhanyavad isi waqt

क्या शिक्षक की डिमांड है लिखिए जब तक इंसान इस पृथ्वी पर निवास करते हैं दो-तीन बिजनेस जो है

Romanized Version
Likes  59  Dislikes    views  1053
WhatsApp_icon
user

Rajesh Rana

Educator, Lawyer

0:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे लोग जब तक इस दुनिया में बच्चे पैदा होते रहेंगे तब तक शिक्षक की डिमांड हो और मुझे नहीं लगता अगले हजार सालों तक बच्चे पैदा होने बंद हो जाए उसके बाद का कुछ पता नहीं घर के पलट जाए या धरती नष्ट हो जाए तो लगता तो शिक्षक की डिमांड तो हमेशा रहेगी

mere log jab tak is duniya mein bacche paida hote rahenge tab tak shikshak ki demand ho aur mujhe nahi lagta agle hazaar salon tak bacche paida hone band ho jaaye uske baad ka kuch pata nahi ghar ke palat jaaye ya dharti nasht ho jaaye toh lagta toh shikshak ki demand toh hamesha rahegi

मेरे लोग जब तक इस दुनिया में बच्चे पैदा होते रहेंगे तब तक शिक्षक की डिमांड हो और मुझे नहीं

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  115
WhatsApp_icon
user
2:57
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भैया राफ्टिंग टीचर टीचर आज भी डिमांड में हैं कि आप मेरा तो मेरा यह हो सकता है कि सारे तो पूछा था भाई उसको बोले लेकिन मेरा मानना है कि पीछे से डिमांड में रहेंगे और वह हमेशा ही दिमाग में रहेंगे चाहे वह आपके लिए चाहे वह आपकी रोबोटिक लोडिंग रोबोटिक लर्निंग प्रोसेस क्या फल ऑनलाइन टीचिंग लेकिन ठीक है उसकी जो डिमांड हो सकती है वह हमेशा ही रहेगा चाहे उसमें पूछो कि मैंने आपको बोला की परीक्षा एक ऐसी चीज है जो उसको आप अधिक में आप बहुत ही बेहतरीन मैच में उसे पहले हिस्ट्री में आप ऐसा हो सकता कि आप आप कंटेंट डिलीवर कर रहे हो आप नॉलेज के साथ आप इमेजिन के लिए कैसे दुनिया को जिसमें शॉट दिखाने वाले हैं अगर सिर्फ सोच ही खाने वाले हैं तो सिर्फ शौक कैरेक्टर्स है 100 करैक्टर से उनकी तकनीकी शिक्षा का मतलब यही है कि आपको लिमिटेड नहीं होना तो जितने ज्यादा टीचर होते हैं जितने ज्यादा अच्छे टीचर सोते हैं उतनी तरीके से कम किया जा सकता है और उसमें अच्छे तरीके से कंटेंट अलका किया तब तक तो मेरा मानना यह है कि और मेरा मानना है कि अगर आप ऑनलाइन कंटेंट बनाना चाहते हैं तो ऑनलाइन कांटेक्ट में आप यह मत सोचिए कि शायद एक कंटेंट बनाने से सबको समझ में आ जाए ऐसा हो सकता है कि जहां पर फूल उसकी चल सो जहां पर आपके हंड्रेड हंड्रेड टीचर उसको और बच्चा चोरी पाए उस टीचर को जो भी उसके समझ में आ रहा है क्योंकि टीचर ऐसा कोई फ्लैट में जहां पर टॉपिक मिस टीचर बहुत अच्छा समझ में आता है कि जो पीछे हटाने का तरीका तो बोला था लेकिन कटिंग से चूसने का मिल जाए तो मुझे लगता है कि टीचर भी रहेंगे और ऑनलाइन कंटेंट भी रहेगा अभी अभी आपको टीचर्स की जरूरत है तो मैं खुश हूं कि 4 सेकंड में रहेंगे तू भी किसी को भी तो कंटेंट करने के अंदर डिलीवरी करने की जरूरत है लेकिन उसके पीछे जो लोग काम कर रहे होंगे वह तो टीचर टीचर तो हमेशा समाज में रहने

bhaiya rafting teacher teacher aaj bhi demand mein hain ki aap mera toh mera yah ho sakta hai ki saare toh poocha tha bhai usko bole lekin mera manana hai ki peeche se demand mein rahenge aur vaah hamesha hi dimag mein rahenge chahen vaah aapke liye chahen vaah aapki robotic loading robotic learning process kya fal online teaching lekin theek hai uski jo demand ho sakti hai vaah hamesha hi rahega chahen usme pucho ki maine aapko bola ki pariksha ek aisi cheez hai jo usko aap adhik mein aap bahut hi behtareen match mein use pehle history mein aap aisa ho sakta ki aap aap content deliver kar rahe ho aap knowledge ke saath aap imejin ke liye kaise duniya ko jisme shot dikhane waale hain agar sirf soch hi khane waale hain toh sirf shauk characters hai 100 character se unki takniki shiksha ka matlab yahi hai ki aapko limited nahi hona toh jitne zyada teacher hote hain jitne zyada acche teacher sote hain utani tarike se kam kiya ja sakta hai aur usme acche tarike se content alka kiya tab tak toh mera manana yah hai ki aur mera manana hai ki agar aap online content banana chahte hain toh online Contact mein aap yah mat sochiye ki shayad ek content banane se sabko samajh mein aa jaaye aisa ho sakta hai ki jaha par fool uski chal so jaha par aapke hundred hundred teacher usko aur baccha chori paye us teacher ko jo bhi uske samajh mein aa raha hai kyonki teacher aisa koi flat mein jaha par topic miss teacher bahut accha samajh mein aata hai ki jo peeche hatane ka tarika toh bola tha lekin cutting se chusne ka mil jaaye toh mujhe lagta hai ki teacher bhi rahenge aur online content bhi rahega abhi abhi aapko teachers ki zarurat hai toh main khush hoon ki 4 second mein rahenge tu bhi kisi ko bhi toh content karne ke andar delivery karne ki zarurat hai lekin uske peeche jo log kaam kar rahe honge vaah toh teacher teacher toh hamesha samaj mein rehne

भैया राफ्टिंग टीचर टीचर आज भी डिमांड में हैं कि आप मेरा तो मेरा यह हो सकता है कि सारे तो प

Romanized Version
Likes  22  Dislikes    views  321
WhatsApp_icon
user
0:17
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षक की अभी बहुत ज्यादा डिमांड है जैसे आपने देखा है बहुत नए स्कूल कॉलेजेस खुल रहे हैं तो जैसे जैसे यह बढ़ता जाएगा वैसे भी शिक्षक की डिमांड बढ़ती जाएगी

shikshak ki abhi bahut zyada demand hai jaise aapne dekha hai bahut naye school colleges khul rahe hain toh jaise jaise yah badhta jaega waise bhi shikshak ki demand badhti jayegi

शिक्षक की अभी बहुत ज्यादा डिमांड है जैसे आपने देखा है बहुत नए स्कूल कॉलेजेस खुल रहे हैं तो

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  1
WhatsApp_icon
user
1:18
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या शिक्षक के रिमांड है भाई शिक्षक के बिना तो समाज अधूरा है किसी भी चालू को चलाने के लिए शिक्षक अति आवश्यक है कि विद्यार्थी को यह बच्चे को ठंड शिक्षा या आगे की शिक्षा के लिए उसके साथ आ जाना हो सके घर पर प्रदूषित नहीं सकता है शब्दों का ज्ञान यह बोलना सिखा सकती है यह साला में जाने के पश्चात साला चलाने के लिए शिक्षक तो जरूरत पड़ेगी जिससे भोजन में नमक है प्याज व अति आवश्यक है मसाला थे उसे के शिक्षक शिक्षक शिक्षक की डिमांड आज तारीख में भी

kya shikshak ke remand hai bhai shikshak ke bina toh samaj adhura hai kisi bhi chaalu ko chalane ke liye shikshak ati aavashyak hai ki vidyarthi ko yah bacche ko thand shiksha ya aage ki shiksha ke liye uske saath aa jana ho sake ghar par pradushit nahi sakta hai shabdon ka gyaan yah bolna sikha sakti hai yah sala mein jaane ke pashchat sala chalane ke liye shikshak toh zarurat padegi jisse bhojan mein namak hai pyaaz va ati aavashyak hai masala the use ke shikshak shikshak shikshak ki demand aaj tarikh mein bhi

क्या शिक्षक के रिमांड है भाई शिक्षक के बिना तो समाज अधूरा है किसी भी चालू को चलाने के लिए

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  164
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!