एक शिक्षक के रूप में आपकी ताकत और कमजोरियां क्या हैं?...


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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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यह आपका बहुत अच्छा प्रश्न एक एक शिक्षक के रूप में हमारी ताकत क्या है और मेरी कमजोरियां हैं क्योंकि 19 शिक्षक का पेशा अपनाया है तो यह एक अजीब व्यवसाय इस कार्ड बनता है कि हम स्वयं पहले जन करें उसके बाद हम अध्यापन करें क्योंकि अध्ययन करने का मतलब यह नहीं है कि जो हमें कल पढ़ाना है वह पहले हम पढ़े और उसके बाद हम आपको याद नहीं है कि हम आपको पर आप की परिस्थितियों को और अपने वातावरण के अंतर्गत यह अध्ययन करें कि हमारे विद्यार्थियों को किस तरीके से किस चीज की जरूरत है और उसे किस तरीके से आपके सामने प्रस्तुत किया जाए ताकि आपसे पूरे मन से सुने और क्लास रूम में पर चर्चा में आप आनंद में हो जाएंगे अध्यापक की कला है अगर अध्यापक अपनी इस कला को निकाल लेते हैं और अपने विद्यार्थियों को वह कला पूर्ण रूप से समर्पित कर देते हैं कि एक शिक्षक की ताकत होती है और अगर कोई भी अध्यापक अपने विद्यार्थियों पर नियंत्रण नहीं कर पाते उन्हें अपने सब्जेक्ट में उनके डाउनलोड नहीं कर पाते यह विद्यार्थी अध्यापकों को किसी कमजोर नजरिए से देखते हैं क्योंकि आजकल के विद्यार्थी ट्यूशन टीचर को ज्यादा इंपॉर्टेंट देते हैं बताएं क्लास में पढ़ाए जाने वाले अध्यापक के कहीं ना कहीं गलत और गुनाहगार है क्लास में अध्यापक अच्छा पड़ेगा तो निश्चित रूप से वह बच्चा कहीं और नहीं जाएगा जिस भी परिवार के सदस्य को अगर घर में प्यार स्नेह ममता अपनापन मिलता है मैं आपको विश्वास दिलाता हूं वह घर छोड़कर कहीं बाहर नहीं जाएगा अगर वह चीजों से वंचित है तो बाहर उसे कहीं तलाक देगा सिम प्रकृति के विद्यार्थियों गुरु के बीच में होती है अगर विश्व को पढ़ने वाले सिस्टर को एक अच्छे विद्यार्थी को अपनी क्लास में अपने अध्यापक के पुत्री का वह सिस्टम वह ज्ञान नहीं मिलता जिससे कि वह संतुष्ट जिससे कि उसके अंदर उसके अंदर एकाग्रता है उसके अंदर सब्जेक्ट का ज्ञान हो और वह से समझने में रुचि दिखाएं तो निश्चित रूप से एक अध्यापक की कमजोरी है वह बच्चा कहीं और जाएगा और एक बात और ध्यान करके समझ लीजिए यह बात की कोई गारंटी नहीं कि बाहर जाकर उसे कक्षा अध्यापन या अध्ययन करने का अवसर मिलेगा क्योंकि शरीर शॉर्टकट मेथड बाय डॉक्टर उसका परिणाम क्या होता है बच्चे भटक जाते हैं क्योंकि उम्र ही ऐसी होती है इसलिए आपको भटकने से रोकना विद्यार्थियों को भटकने से रोकना विद्यार्थियों को संक्षेप में शिक्षा देना और विद्यार्थियों में एक अपना रूप देखना एक अच्छे अध्यापक की यह ताकत है और इसके विपरीत अगर अध्यापक विद्यार्थियों को किस नजरिए से देखता या समझता है कोई उसकी कमजोरी

yah aapka bahut accha prashna ek ek shikshak ke roop mein hamari takat kya hai aur meri kamajoriyan hain kyonki 19 shikshak ka pesha apnaya hai toh yah ek ajib vyavasaya is card baata hai ki hum swayam pehle jan kare uske baad hum adhyapan kare kyonki adhyayan karne ka matlab yah nahi hai ki jo hamein kal padhana hai vaah pehle hum padhe aur uske baad hum aapko yaad nahi hai ki hum aapko par aap ki paristhitiyon ko aur apne vatavaran ke antargat yah adhyayan kare ki hamare vidyarthiyon ko kis tarike se kis cheez ki zarurat hai aur use kis tarike se aapke saamne prastut kiya jaaye taki aapse poore man se sune aur class room mein par charcha mein aap anand mein ho jaenge adhyapak ki kala hai agar adhyapak apni is kala ko nikaal lete hain aur apne vidyarthiyon ko vaah kala purn roop se samarpit kar dete hain ki ek shikshak ki takat hoti hai aur agar koi bhi adhyapak apne vidyarthiyon par niyantran nahi kar paate unhe apne subject mein unke download nahi kar paate yah vidyarthi adhyapakon ko kisi kamjor nazariye se dekhte hain kyonki aajkal ke vidyarthi tuition teacher ko zyada important dete hain bataye class mein padhaye jaane waale adhyapak ke kahin na kahin galat aur gunahgar hai class mein adhyapak accha padega toh nishchit roop se vaah baccha kahin aur nahi jaega jis bhi parivar ke sadasya ko agar ghar mein pyar sneh mamata apnapan milta hai aapko vishwas dilata hoon vaah ghar chhodkar kahin bahar nahi jaega agar vaah chijon se vanchit hai toh bahar use kahin talak dega sim prakriti ke vidyarthiyon guru ke beech mein hoti hai agar vishwa ko padhne waale sister ko ek acche vidyarthi ko apni class mein apne adhyapak ke putri ka vaah system vaah gyaan nahi milta jisse ki vaah santusht jisse ki uske andar uske andar ekagrata hai uske andar subject ka gyaan ho aur vaah se samjhne mein ruchi dikhaen toh nishchit roop se ek adhyapak ki kamzori hai vaah baccha kahin aur jaega aur ek baat aur dhyan karke samajh lijiye yah baat ki koi guarantee nahi ki bahar jaakar use kaksha adhyapan ya adhyayan karne ka avsar milega kyonki sharir shortcut method bye doctor uska parinam kya hota hai bacche bhatak jaate hain kyonki umr hi aisi hoti hai isliye aapko bhatakne se rokna vidyarthiyon ko bhatakne se rokna vidyarthiyon ko sankshep mein shiksha dena aur vidyarthiyon mein ek apna roop dekhna ek acche adhyapak ki yah takat hai aur iske viprit agar adhyapak vidyarthiyon ko kis nazariye se dekhta ya samajhata hai koi uski kamzori

यह आपका बहुत अच्छा प्रश्न एक एक शिक्षक के रूप में हमारी ताकत क्या है और मेरी कमजोरियां हैं

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