सरकार कभी भी किसान के बारे में नहीं सोचती है सब बिजनेसमैन के बारे में सोचते हैं या अपने कंपनी के बारे में सोचते हैं?...


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सुरेश चंद आचार्य

Social Worker ( Self employed )

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नमस्कार दोस्तों सरकारी सभी के बारे में सोचती है लेकिन रविवार गार्गी रहता है कोई पीछे रहता है और इसका मुख्य कारण है संगठित और असंगठित उद्योग धंधे व्यापार वगैरह यह सब संगठित क्षेत्र के किसान असंगठित क्षेत्र है इसी कारण उनमें संगठन का अभाव होने से उनकी आवाज सरकार तक पहुंचने में समय लग जाता है यही मुख्य कारण है कि उन्हें समय पर सहायता नहीं मिल पाती है

namaskar doston sarkari sabhi ke bare me sochti hai lekin raviwar gargi rehta hai koi peeche rehta hai aur iska mukhya karan hai sangathit aur asangathit udyog dhande vyapar vagera yah sab sangathit kshetra ke kisan asangathit kshetra hai isi karan unmen sangathan ka abhaav hone se unki awaaz sarkar tak pahuchne me samay lag jata hai yahi mukhya karan hai ki unhe samay par sahayta nahi mil pati hai

नमस्कार दोस्तों सरकारी सभी के बारे में सोचती है लेकिन रविवार गार्गी रहता है कोई पीछे रहता

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