#करवाचौथ: क्या पति को भी रखना चाहिए अपनी पत्नी के लिए करवाचौथ का व्रत?...


user

Rakhi Saxena

Working Woman And Counseller

0:42
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करवा चौथ का व्रत लाने के लिए सनातन धर्म की मान्यताओं एवं व्रत करने से पति की आयु लंबी होती है लेकिन उनकी गाड़ी के पति और पत्नी दोनों की आयु लंबी हो दोनों पर दोनों एक दूसरे का सहयोग करें तो मेरी राय में जितना मेडिकल इंपॉर्टेंट नहीं बैंक के लिए भी मगर उनकी पत्नी नहीं होगी अकेले परिवार व्यक्ति बच्चे कुछ नहीं कर सकते क्योंकि अपनी फिल्म निर्माण के लिए पांच वक्त जरूर करना

karva chauth ka vrat lane ke liye sanatan dharm ki manyataon evam vrat karne se pati ki aayu lambi hoti hai lekin unki gaadi ke pati aur patni dono ki aayu lambi ho dono par dono ek dusre ka sahyog kare toh meri rai me jitna medical important nahi bank ke liye bhi magar unki patni nahi hogi akele parivar vyakti bacche kuch nahi kar sakte kyonki apni film nirmaan ke liye paanch waqt zaroor karna

करवा चौथ का व्रत लाने के लिए सनातन धर्म की मान्यताओं एवं व्रत करने से पति की आयु लंबी होती

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  62
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Dinesh Goyal

Astrologer

0:20
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हिंदुओं में ऐसे काफी वक्त है आप महाशिवरात्रि व्रत रख सकते हैं महाशिवरात्रि माता पार्वती ओसिया और पर इससे पत्नी की उम्र लंबी है

hinduon me aise kaafi waqt hai aap mahashivaratri vrat rakh sakte hain mahashivaratri mata parvati osia aur par isse patni ki umar lambi hai

हिंदुओं में ऐसे काफी वक्त है आप महाशिवरात्रि व्रत रख सकते हैं महाशिवरात्रि माता पार्वती ओ

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  138
WhatsApp_icon
user

Shipra

Business Owner

0:17
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वैसे हिंदू धर्म के अनुसार तो पति करवा चौथ का व्रत नहीं रखता है लेकिन आजकल के आधुनिक जमाने में पति ने भी स्टार्ट कर दिया है वैसे करवा चौथ का व्रत केवल पत्नी के लिए जो अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत करते हो

waise hindu dharm ke anusaar toh pati karva chauth ka vrat nahi rakhta hai lekin aajkal ke aadhunik jamane me pati ne bhi start kar diya hai waise karva chauth ka vrat keval patni ke liye jo apne pati ki lambi aayu ke liye vrat karte ho

वैसे हिंदू धर्म के अनुसार तो पति करवा चौथ का व्रत नहीं रखता है लेकिन आजकल के आधुनिक जमाने

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  111
WhatsApp_icon
user

Kiran

career Counselling ,Meditation Expert

1:16
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करवा चौथ प्यार की समर्पण का एक त्यौहार है मान लीजिए जिसमें एक पत्नी पति के लिए समर्पित भाव से उसके जीवन की मंगल कामना के लिए यह बोली थी कि वह अपने प्यार को साबित करने के लिए उस दिन वह व्रत रखती है कि मैं तो अपने प्यार का दर्शन करने के लिए यह भी समझ लीजिए उस दिन के प्रति अपने आप की परीक्षा के लिए और वह चाहती है पूरे दिल से दुआ करती है कि एक पति को मतलब अगर एक पत्नी अपने दिल से जाती है और वह उसके घर आ सकती है सही है संगती है तो उस पति का भी धर्म बनता है कि वह पत्नी का सपोर्ट करें उसका साथ दे उसको प्यार करे उसका सम्मान करें और उसके लिए व्रत करें उसके सम्मान में उसके साथ का उसके लिए व्रत करें हां जब दोनों मिलकर बात करेंगे तो प्यार और बढ़ेगा और निकलेगा आप दोनों का रिश्ता पति पत्नी का रिश्ता और भी मजबूत होगा तो मुझे लगता है कि जरूर करना चाहिए पति को भी पत्नी के लिए बस

karva chauth pyar ki samarpan ka ek tyohar hai maan lijiye jisme ek patni pati ke liye samarpit bhav se uske jeevan ki mangal kamna ke liye yah boli thi ki vaah apne pyar ko saabit karne ke liye us din vaah vrat rakhti hai ki main toh apne pyar ka darshan karne ke liye yah bhi samajh lijiye us din ke prati apne aap ki pariksha ke liye aur vaah chahti hai poore dil se dua karti hai ki ek pati ko matlab agar ek patni apne dil se jaati hai aur vaah uske ghar aa sakti hai sahi hai sangati hai toh us pati ka bhi dharm banta hai ki vaah patni ka support kare uska saath de usko pyar kare uska sammaan kare aur uske liye vrat kare uske sammaan me uske saath ka uske liye vrat kare haan jab dono milkar baat karenge toh pyar aur badhega aur niklega aap dono ka rishta pati patni ka rishta aur bhi majboot hoga toh mujhe lagta hai ki zaroor karna chahiye pati ko bhi patni ke liye bus

करवा चौथ प्यार की समर्पण का एक त्यौहार है मान लीजिए जिसमें एक पत्नी पति के लिए समर्पित भाव

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  160
WhatsApp_icon
user

Deepak Tiwari

Freelance Writer And Poet, Working As Journalist

0:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह आवश्यक नहीं है कि करवा चौथ में पति भी व्रत रखें किंतु व्यक्ति की अपनी अपनी भावनाएं हैं करवा चौथ में पत्नी भी व्रत रखे यह भी आवश्यक नहीं है दोनों की सुरक्षा है और दोनों स्वतंत्र भी हैं

yah aavashyak nahi hai ki karva chauth me pati bhi vrat rakhen kintu vyakti ki apni apni bhaavnaye hain karva chauth me patni bhi vrat rakhe yah bhi aavashyak nahi hai dono ki suraksha hai aur dono swatantra bhi hain

यह आवश्यक नहीं है कि करवा चौथ में पति भी व्रत रखें किंतु व्यक्ति की अपनी अपनी भावनाएं हैं

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  59
WhatsApp_icon
user

DR. MANISH

MULTI TASKER & DR.M.D (A.M.), B-PHARMA, PGDM-M

0:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल नहीं रखना चाहिए क्योंकि जो वक्त जिसके लिए हमारे शास्त्रों में लिखा है उसी को करना चाहिए अपनी मनमर्जी से शास्त्रों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए किसी भी धर्म शास्त्र में किसी भी हिंदू शास्त्र के अंदर चाय और रिक्वेस्ट है आयुर्वेद है यजुर्वेद है और कितने तरह के पुराण हैं कहीं पर भी इस बात का वर्णन नहीं है कि यह व्रत पुरुष को पिक करना चाहिए कुछ लोग हैं जो जबरदस्ती की चीजें ऐड करके रीमा क्रिएट करना चाहते हवा बनाना चाहते हैं या कुछ ऐसे समुदाय के लोग हैं जो इस तरह के आईडी बदलकर झूठे जवाब देते हैं जिससे लोग बुरा हो और अपने धर्म से घूमो खोलें और भटक जाए धन्यवाद जय हिंद जय भारत

bilkul nahi rakhna chahiye kyonki jo waqt jiske liye hamare shastron me likha hai usi ko karna chahiye apni manmarzi se shastron ka ullanghan nahi karna chahiye kisi bhi dharm shastra me kisi bhi hindu shastra ke andar chai aur request hai ayurveda hai yajurved hai aur kitne tarah ke puran hain kahin par bhi is baat ka varnan nahi hai ki yah vrat purush ko pic karna chahiye kuch log hain jo jabardasti ki cheezen aid karke reema create karna chahte hawa banana chahte hain ya kuch aise samuday ke log hain jo is tarah ke id badalkar jhuthe jawab dete hain jisse log bura ho aur apne dharm se ghumo kholen aur bhatak jaaye dhanyavad jai hind jai bharat

बिल्कुल नहीं रखना चाहिए क्योंकि जो वक्त जिसके लिए हमारे शास्त्रों में लिखा है उसी को करना

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  33
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सर आपका वजन है करवा चौथ का व्रत क्या पति को भी रखना चाहिए अपनी पत्नी के लिए देखिए ऐसा है जो व्रत है उनकी अपनी परंपरा है उसके पीछे विधान है उसके पीछे कथा है इसलिए कुछ लोग आजकल देखा देखी अपनी पत्नी के लिए व्रत रखते हैं व्रत रखने में कोई बुराई नहीं है परंतु केवल दिखावा या किसी को साबित करने के लिए यदि हम कोई चीज करते हैं तो कहीं ना कहीं हम गलती कर रहे हैं गणेश चतुर्थी का व्रत हर महीने में दो बार आ रहा है शंकर चौक और विनायक चौथ के रूप में इसलिए यदि आपका इच्छा है कि आपके पत्नी या पति के जीवन में खुशी रहे तो आप उसे लगा कर रख सकते हैं परंतु करवा चौथ का व्रत केवल स्त्रियों के लिए है और उसे इसलिए ही रखती है करवा चौथ का व्रत पति नहीं रख सकते यदि आप सोच रहे हैं कि सुबह भूखा रहने से आपका व्रत कंप्लीट हो रहा है तो कहीं ना कहीं आप गलती कर रहे हैं अब लेडीस जो शाम को पूजा करती है जो कथा करती है वह तो लड़के नहीं कर सकते इसलिए व्रत का विधान नहीं है परंतु यदि आप किसी को प्रभावित करने के लिए कि तुमने भी व्रत रखा है और मैं भी रखूंगा तो उस वक्त का कोई लाभ नहीं है अगर आपकी मां

sir aapka wajan hai karva chauth ka vrat kya pati ko bhi rakhna chahiye apni patni ke liye dekhiye aisa hai jo vrat hai unki apni parampara hai uske peeche vidhan hai uske peeche katha hai isliye kuch log aajkal dekha dekhi apni patni ke liye vrat rakhte hain vrat rakhne me koi burayi nahi hai parantu keval dikhawa ya kisi ko saabit karne ke liye yadi hum koi cheez karte hain toh kahin na kahin hum galti kar rahe hain ganesh chaturthi ka vrat har mahine me do baar aa raha hai shankar chauk aur vinayak chauth ke roop me isliye yadi aapka iccha hai ki aapke patni ya pati ke jeevan me khushi rahe toh aap use laga kar rakh sakte hain parantu karva chauth ka vrat keval sthreeyon ke liye hai aur use isliye hi rakhti hai karva chauth ka vrat pati nahi rakh sakte yadi aap soch rahe hain ki subah bhukha rehne se aapka vrat complete ho raha hai toh kahin na kahin aap galti kar rahe hain ab ladies jo shaam ko puja karti hai jo katha karti hai vaah toh ladke nahi kar sakte isliye vrat ka vidhan nahi hai parantu yadi aap kisi ko prabhavit karne ke liye ki tumne bhi vrat rakha hai aur main bhi rakhunga toh us waqt ka koi labh nahi hai agar aapki maa

सर आपका वजन है करवा चौथ का व्रत क्या पति को भी रखना चाहिए अपनी पत्नी के लिए देखिए ऐसा है ज

Romanized Version
Likes  104  Dislikes    views  2383
WhatsApp_icon
user

Vinod uttrakhand Tiwari

Author,You Tuber(Thoght Of सक्सेस)

0:55
Play

Likes  3  Dislikes    views  114
WhatsApp_icon
user

A b m ji

Astrologer

0:16
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करवा चौथ का व्रत क्या पति को भी रखना चाहिए कि नहीं यह व्रत केवल पत्नी को ही करना चाहिए

karva chauth ka vrat kya pati ko bhi rakhna chahiye ki nahi yah vrat keval patni ko hi karna chahiye

करवा चौथ का व्रत क्या पति को भी रखना चाहिए कि नहीं यह व्रत केवल पत्नी को ही करना चाहिए

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  99
WhatsApp_icon
user

Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

2:23
Play

Likes  172  Dislikes    views  2024
WhatsApp_icon
user

Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

0:36
Play

Likes  112  Dislikes    views  3730
WhatsApp_icon
user

Bhuvi Jain

Engineer, Educator, Writer

2:51
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करवा चौथ की कहानी व्रत करना यह सारी चीजें एक जरिया है जो पुराने जमाने में लोग जैसे जताना का बताना सिखाना चाहते थे कि कैसे पति पत्नी के बीच का प्रेम कैसे बरकरार रहे और कैसे हालचाल साल दर साल की इस चीज को वह याद करें मेरा तो यह मानना है कि हर त्योहार का ऐसा कोई एक मीनिंग होता है जो हमें निकालना चाहिए तो जहां तक व्रत का सवाल है खाना ना खाना खाने का मतलब यह है कि आपने अपने बॉडी को इतना कंट्रोल किया कि आपने भूख के ऊपर अपना नियंत्रण दिखाया अपना कंट्रोल दिखाया तो मेरे हिसाब से अगर यदि पत्नी अपने पति को सच्चा प्यार दिखाना चाहती है तो उसे अपने आप को यह 500 वर्ड्स बना देना चाहिए फास्ट ऑफ थॉट्स बना देना चाहिए जहां पर कि आप ऐसे शब्द ना करें जिससे दूसरे को दुख पहुंचे या ऐसी बातें ना सोचे जिससे कि दूसरे को दुख पहुंचे कि यदि इस तरीके का फास्ट पति भी अपने पत्नी की तरफ करें और पत्नी भी अपने पति के लिए करें तो फिर यह बेहतर है और हां जहां तक मुझे रहने का सवाल है यदि आपको पसंद है भूखे रहना तो फिर जरूर आ दोनों पति-पत्नी को करना चाहिए एक दूसरे के लिए ऐसे यह कोई यह क्या बात हुई कि केवल पत्नी अपने पति के लिए व्रत करें और पति अपने पत्नी के लिए ना करें तो अंबे तो यही कहूंगी मैं करवा चौथ कैसे मैं सेलिब्रेट करती हूं मैं मेहंदी लगाती हूं बाय नाभि निकालती हूं सब कुछ करती हो लेकिन पूरे पेट भर के खाना खाकर और लेकिन मेरा व्रत यह होता है कि मैं अपने हस्बैंड के साथ हम दोनों आपस में कोई करे वर्ड एक्सचेंज नहीं करते कभी भी पूरे साल और ना ही हमारे आपस में कोई ऐसे ख्याल खराब हो जिससे कि हमारा मनमुटाव हो या जो भी हो कुछ भी छोटी-मोटी अगर हमारी परेशानियां होती है तो उसी वक्त हल कर लेते तो जहां तक मेरा यह मेरा सवाल है जहां तक मैं सोचती हूं कि पति पत्नी को रोज करवा चौथ बनाना चाहिए ऐसा फास्ट ऑफ बर्ड्स एंड फास्ट ऑफ थॉट जिसमें कि बुरे शब्द और बुरे ख्याल बिलकुल ना आए करवा चौथ का असली मायना तो यही है और लोग इस सब को छोड़कर और पीछे शालिनी और जान के पीछे भागते हैं जबकि असली उनका चांद उनके सामने जिसको उन्हें बिल्कुल मतलब साल हर पूरे साल अच्छे शब्दों का अच्छे शब्दों से बात करनी चाहिए और फास्ट बुरे शब्दों का फास्ट करना चाहिए यह मेरा मानना है इस तरीके से मैं सेलिब्रेट करती हूं करवा चौथ

karva chauth ki kahani vrat karna yah saree cheezen ek zariya hai jo purane jamaane mein log jaise jatana ka bataana sikhaana chahte the ki kaise pati patni ke beech ka prem kaise barkaraar rahe aur kaise halchal saal dar saal ki is cheez ko vaah yaad karen mera toh yah manana hai ki har tyohar ka aisa koi ek meaning hota hai jo hamein nikalna chahiye toh jahan tak vrat ka sawaal hai khana na khana khane ka matlab yah hai ki aapne apne body ko itna control kiya ki aapne bhukh ke upar apna niyantran dikhaya apna control dikhaya toh mere hisab se agar yadi patni apne pati ko saccha pyar dikhana chahti hai toh use apne aap ko yah 500 words bana dena chahiye fast of thoughts bana dena chahiye jahan par ki aap aise shabd na karen jisse dusre ko dukh pahuche ya aisi batein na soche jisse ki dusre ko dukh pahuche ki yadi is tarike ka fast pati bhi apne patni ki taraf karen aur patni bhi apne pati ke liye karen toh phir yah behtar hai aur haan jahan tak mujhe rehne ka sawaal hai yadi aapko pasand hai bhukhe rehna toh phir zaroor aa dono pati patni ko karna chahiye ek dusre ke liye aise yah koi yah kya baat hui ki keval patni apne pati ke liye vrat karen aur pati apne patni ke liye na karen toh ambe toh yahi kahungi main karva chauth kaise main celebrate karti hoon main mehendi lagati hoon bye nabhi nikalati hoon sab kuch karti ho lekin poore pet bhar ke khana khakar aur lekin mera vrat yah hota hai ki main apne husband ke saath hum dono aapas mein koi karen word exchange nahi karte kabhi bhi poore saal aur na hi hamare aapas mein koi aise khayal kharaab ho jisse ki hamara manmutaav ho ya jo bhi ho kuch bhi choti moti agar hamari pareshaniyan hoti hai toh usi waqt hal kar lete toh jahan tak mera yah mera sawaal hai jahan tak main sochti hoon ki pati patni ko roj karva chauth banana chahiye aisa fast of birds and fast of thought jisme ki bure shabd aur bure khayal bilkul na aaye karva chauth ka asli mayana toh yahi hai aur log is sab ko chhodkar aur peeche shalini aur jaan ke peeche bhagte hain jabki asli unka chand unke saamne jisko unhe bilkul matlab saal har poore saal acche shabdon ka acche shabdon se baat karni chahiye aur fast bure shabdon ka fast karna chahiye yah mera manana hai is tarike se main celebrate karti hoon karva chauth

करवा चौथ की कहानी व्रत करना यह सारी चीजें एक जरिया है जो पुराने जमाने में लोग जैसे जताना क

Romanized Version
Likes  1257  Dislikes    views  18028
WhatsApp_icon
user
0:22
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करवा चौथ का व्रत पत्नियों के साथ पति भी रखे तो और अति उत्तम होगा उसका पति पत्नी का आपसी प्रेम और ज्यादा पड़ेगा और दोनों एक दूसरे की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करेंगे टाइप के लोग भी अपनी पत्नी के साथ करवा चौथ का व्रत रखते हैं यह मैंने देखा

karva chauth ka vrat patniyon ke saath pati bhi rakhe toh aur ati uttam hoga uska pati patni ka aapasi prem aur zyada padega aur dono ek dusre ki lambi umr ke liye prarthna karenge type ke log bhi apni patni ke saath karva chauth ka vrat rakhte hain yah maine dekha

करवा चौथ का व्रत पत्नियों के साथ पति भी रखे तो और अति उत्तम होगा उसका पति पत्नी का आपसी प्

Romanized Version
Likes  84  Dislikes    views  1668
WhatsApp_icon
play
user

Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:03

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करवा चौथ पति पत्नी जी रखती हैं पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए वादा पूरा दिन व्रत रखकर और रात को चंद्रमा को देखकर फिर अपने पति का मुंह देखकर उनके पैर छूकर और फिर खाना खाती है और लंबी करना करना चाहिए जो है मनोबल बढ़ता है गन

karva chauth pati patni ji rakhti hain pati ki lambi aayu aur acche swasthya ke liye vada pura din vrat rakhakar aur raat ko chandrama ko dekhkar phir apne pati ka mooh dekhkar unke pair chhukar aur phir khana khati hai aur lambi karna karna chahiye jo hai manobal badhta hai gun

करवा चौथ पति पत्नी जी रखती हैं पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए वादा पूरा दिन व्र

Romanized Version
Likes  66  Dislikes    views  1366
WhatsApp_icon
user

Vikas Singh

Political Analyst

1:37
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अगर पत्नी अपने पति के लिए करवा चौथ का व्रत रख सकती है तो पति भी अपनी पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत रख सकता है जब दोनों एक दूसरे के लिए व्रत रखेंगे तो दोनों के व्रत का फायदा उनके परिवार को मिलेगा उनके बच्चों को मिलेगा जब बच्चों को व्रत का फायदा मिलेगा तो परिवार में खुशहाली आएगी परिवार में बरकत आएगी समृद्धि आएगी तो व्रत का फायदा मिलता है व्रत में भगवान हमेशा अपने भक्तों के ऊपर कृपा दृष्टि बनाते हैं और भगवान के आशीर्वाद से व्रत भी संपन्न होता है आपने देखा होगा आप जब भगवान के लिए व्रत रखते हो तो आपको भूख नहीं लगती है प्यास नहीं लगती है उसके बाद भी आप कोई कार्य करते हो तो उस कार्य में आपको थकान महसूस नहीं होता है यह एक शक्ति होती है प्रभु की प्रभु की कृपा दृष्टि होती है अपने भक्तों के ऊपर की व्रत में उन्हें ना तो भूख लगती है ना प्यास रखती है तो पति भी अपनी पत्नी के लिए व्रत रख सकता है और रखना चाहिए धीरे-धीरे पूरे विश्व में सभी पत्नी अपने पति के लिए व्रत रखेंगी और पति भी अपनी पत्नी के लिए व्रत रखेगा और इससे क्या होगा कि समाज में देश में दुनिया में खुशहाली आएगी धन्यवाद

dekhiye agar patni apne pati ke liye karva chauth ka vrat rakh sakti hai toh pati bhi apni patni ke liye karva chauth ka vrat rakh sakta hai jab dono ek dusre ke liye vrat rakhenge toh dono ke vrat ka fayda unke parivar ko milega unke bacchon ko milega jab bacchon ko vrat ka fayda milega toh parivar mein khushahali aaegi parivar mein barkat aaegi samridhi aaegi toh vrat ka fayda milta hai vrat mein bhagwan hamesha apne bhakton ke upar kripa drishti banate hain aur bhagwan ke ashirvaad se vrat bhi sanpann hota hai aapne dekha hoga aap jab bhagwan ke liye vrat rakhte ho toh aapko bhukh nahi lagti hai pyaas nahi lagti hai uske baad bhi aap koi karya karte ho toh us karya mein aapko thakan mahsus nahi hota hai yah ek shakti hoti hai prabhu ki prabhu ki kripa drishti hoti hai apne bhakton ke upar ki vrat mein unhe na toh bhukh lagti hai na pyaas rakhti hai toh pati bhi apni patni ke liye vrat rakh sakta hai aur rakhna chahiye dhire dhire poore vishwa mein sabhi patni apne pati ke liye vrat rakhengi aur pati bhi apni patni ke liye vrat rakhega aur isse kya hoga ki samaaj mein desh mein duniya mein khushahali aaegi dhanyavad

देखिए अगर पत्नी अपने पति के लिए करवा चौथ का व्रत रख सकती है तो पति भी अपनी पत्नी के लिए कर

Romanized Version
Likes  227  Dislikes    views  4576
WhatsApp_icon
user

Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

0:28
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यदि आप देना चाहते हैं तो नहीं है यह बात पता है क्या आपके आपका कितना प्यार है आप भी रख सकते

yadi aap dena chahte hain toh nahi hai yah baat pata hai kya aapke aapka kitna pyar hai aap bhi rakh sakte

यदि आप देना चाहते हैं तो नहीं है यह बात पता है क्या आपके आपका कितना प्यार है आप भी रख सकते

Romanized Version
Likes  63  Dislikes    views  1280
WhatsApp_icon
user

Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

1:56
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करवा चौथ हिंदू धर्म में एक पवित्र व्रत है इसका मूल अर्थ है धर्म के हिसाब से पत्नी के रूप में मिली हुई अर्धांगिनी या एक औरत अपने जीवनसाथी रूपी पति के लिए उसके जीवन के लिए और उसकी आई के लिए यह एक व्रत रखती है जिसका मूल उद्देश उसकी पति के जीवन की रक्षा होना है पति को भी रखना चाहिए तो यह पत्नी के लिए है और जबकि परिस्थितियों में जैसे मैंने खुद यह मेरी जानकारी में भी एक बार किसी की पत्नी गर्भवती थी तो पुरुष ने उस व्रत को किया और पुरुष को ऐसी परिस्थितियों में सहयोग करना चाहिए अपने जीवनसाथी रूपी पत्नी के लिए पर यह मुख्य रूप से महिलाओं के लिए पुरुषों के लिए भी परिवार के लिए अनेकों व्रत है जिसे लोग करते हैं औरत के किसी परिस्थितियों में जैसे व बीमार हो अथवा वह गर्भवती हो या वह व्रत करने में असमर्थ हो तुम उस व्रत के पालन करने के लिए पति उसके व्रत को स्वयं करता है और सभी पुरुष को ऐसा सहयोग और सम्मान करते हुए इस व्रत को भी करना चाहिए अगर आपकी पत्नी किसी भी तरह की समस्याओं में

karva chauth hindu dharam mein ek pavitra vrat hai iska mul arth hai dharam ke hisab se patni ke roop mein mili hui ardhangini ya ek aurat apne jeevansathi rupee pati ke liye uske jeevan ke liye aur uski I ke liye yah ek vrat rakhti hai jiska mul uddesh uski pati ke jeevan ki raksha hona hai pati ko bhi rakhna chahiye toh yah patni ke liye hai aur jabki paristhitiyon mein jaise maine khud yah meri jaankari mein bhi ek baar kisi ki patni garbhwati thi toh purush ne us vrat ko kiya aur purush ko aisi paristhitiyon mein sahyog karna chahiye apne jeevansathi rupee patni ke liye par yah mukhya roop se mahilaon ke liye purushon ke liye bhi parivar ke liye anekon vrat hai jise log karte hain aurat ke kisi paristhitiyon mein jaise v bimar ho athva vaah garbhwati ho ya vaah vrat karne mein asamarth ho tum us vrat ke palan karne ke liye pati uske vrat ko swayam karta hai aur sabhi purush ko aisa sahyog aur sammaan karte hue is vrat ko bhi karna chahiye agar aapki patni kisi bhi tarah ki samasyaon mein

करवा चौथ हिंदू धर्म में एक पवित्र व्रत है इसका मूल अर्थ है धर्म के हिसाब से पत्नी के रूप म

Romanized Version
Likes  182  Dislikes    views  1264
WhatsApp_icon
user

राम दास

Social Worker

0:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करवा चौथ का व्रत करना हमारे शास्त्रों में कहीं नहीं लिखा है इसलिए करवा चौथ करना शास्त्र साधना है रही बात भूखे रहने की तो एक्सपर्ट बताते हैं कि सप्ताह में 1 दिन भूखा रहना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है इसलिए आज से ठीक है लेकिन करवा चौथ किसी उपासना के हिसाब से रखना यह गलत है इसलिए करवा चौथ व्रत करना अन्य कोई वर्क करना यह अवर गीता जी और शास्त्रों के विरुद्ध है इसलिए इससे कोई लाभ नहीं होता है हां शारीरिक लाभ स्वास्थ्य संबंधी लाभ हो सकते हैं कि मानसिक आध्यात्मिक नहीं होती है यदि आपका जवाब

karva chauth ka vrat karna hamare shastron mein kahin nahi likha hai isliye karva chauth karna shastra sadhna hai rahi baat bhukhe rehne ki toh expert batatey hain ki saptah mein 1 din bhukha rehna swasthya ke liye accha hota hai isliye aaj se theek hai lekin karva chauth kisi upasana ke hisab se rakhna yah galat hai isliye karva chauth vrat karna anya koi work karna yah avar geeta ji aur shastron ke viruddh hai isliye isse koi labh nahi hota hai haan sharirik labh swasthya sambandhi labh ho sakte hain ki mansik aadhyatmik nahi hoti hai yadi aapka jawab

करवा चौथ का व्रत करना हमारे शास्त्रों में कहीं नहीं लिखा है इसलिए करवा चौथ करना शास्त्र सा

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  91
WhatsApp_icon
user

सुरेश चंद आचार्य

Social Worker ( Self employed )

5:03
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों करवा चौथ का व्रत के पति को भी रखना चाहिए इसके पीछे मेरा यह मानना है कि हिंदुस्तान में हिंदुओं के जो व्रत त्यौहार उत्सव जो भी है उनके पीछे अंतर्गत आए हैं जो उस जमाने में घटित हुई थी वह किसी एक व्यक्ति के द्वारा या भिन्न-भिन्न व्यक्ति द्वारा अपने मन से की जाने वाली कोई क्रिया ही नहीं है जिन्हें हम अपनी मर्जी से भिन्न-भिन्न तरीके से विभिन्न नियमों से करते ऐसा नहीं है हर वक्त हर त्योहार के पीछे उसका कारण है उसका मैं उसकी कथा है वह क्यों किया गया कहां से शुरू हुआ और उसको आगे जो कोई करेगा उसको क्या फल मिलेगा यह अगर आप हिंदू शास्त्र को मानते हैं तो निश्चित तौर पर आपको शास्त्र के अनुसार विधि पूर्वक ही व्रत अनुष्ठान का पालन करना चाहिए उद्यापन करना चाहिए वर्तमान समय में यह प्रश्न की क्या पति को करना चाहिए जब करवा चौथ का व्रत पत्नियों के लिए स्त्रियों के लिए ही करने योग्य बताया गया है और अनादि काल से यह प्रति स्त्री यही करती आई है और उसके पीछे कारण भी है कि पति की लंबी आयु की कामना करना अपने जब तक पत्नी जीवित रहे वह विधवा नहीं हो उसका पति बना रहे ताकि उसे किसी चीज से वंचित न होना पड़े इसलिए यह बर्तन स्त्रियां ही करती आई है और स्त्रियों के लिए ही कहा गया है शास्त्र में कहीं भी ऐसा उल्लेख नहीं है कि यह व्रत पति रखें अब आज के संदर्भ में आधुनिक युग में शास्त्रों की मान्यताएं कम होती जा रही है शास्त्रों को लोग काल्पनिक समझते जा रहे हैं प्रमाण मांगते हैं मैं आपसे विनती करता हूं कि जब आप लोगों के पास क्या आपके 1520 पीडी पहले का कोई प्रमाण है क्या आपके 1520 पीडी परलीका आप किसी का नाम जानते हैं क्या ऐसा कोई सबूत है जो आप पेश कर सकते हैं तब कैसे मान लें कि आपके 1520 पीडी पहले फला व्यक्ति हुआ था यह बात केवल आप अपने बुजुर्गों से अगर सुनते आए हैं तो आप बता सकते हैं अन्यथा आपके पास कोई प्रमाण नहीं है आप जिस पीढ़ी से हैं और उस पीढ़ी के 10 15 पीढ़ी पहले nh204 100 साल पहले के पैदा हुए व्यक्ति के बारे में आपके पास अगर कोई प्रमाण नहीं है तो लाखों साल पहले जो घटनाएं घटी थी उनका आप प्रमाण मांगते हैं यह कैसे संभव है यह कुछ ऐसे नकारात्मक या नाश्ते विचारधारा के लोग होते हैं जो इस तरह के प्रमाण मांग कर लोगों को एक नेगेटिव थॉट वाले लोगों को अलग समूह में एकत्रित करना चाहते हैं इसलिए शास्त्र के अनुसार अगर आप चले तो बेहतर होगा बाकी आज के वर्तमान युग में अब तो कुछ भी संभव है जब महिलाएं पुरुषों के सारे ही काम कर सकती हैं और वह अपने आप को पुरुष के बराबर रखकर देखती है इस सोच के हिसाब से अब अगर कोई पुरुष कर भी लेता है और वह लोग और अब तो शाम से यह कहे कि मेरा पति भी व्रत करता है तो यह वर्तमान युग परिवर्तन है इस युग में विज्ञान और पैसा दो चीज ही चल रहे हैं लेकिन आपने भी सुना होगा दादा परदादा उनकी बात तो यह थी कि पैसा हाथ का मेल है आज वर्तमान युग में शोध 200 सालों में इतना परिवर्तन हो गया कि

namaskar doston karva chauth ka vrat ke pati ko bhi rakhna chahiye iske peeche mera yah manana hai ki Hindustan me hinduon ke jo vrat tyohar utsav jo bhi hai unke peeche antargat aaye hain jo us jamane me ghatit hui thi vaah kisi ek vyakti ke dwara ya bhinn bhinn vyakti dwara apne man se ki jaane wali koi kriya hi nahi hai jinhen hum apni marji se bhinn bhinn tarike se vibhinn niyamon se karte aisa nahi hai har waqt har tyohar ke peeche uska karan hai uska main uski katha hai vaah kyon kiya gaya kaha se shuru hua aur usko aage jo koi karega usko kya fal milega yah agar aap hindu shastra ko maante hain toh nishchit taur par aapko shastra ke anusaar vidhi purvak hi vrat anushthan ka palan karna chahiye udyaapan karna chahiye vartaman samay me yah prashna ki kya pati ko karna chahiye jab karva chauth ka vrat patniyon ke liye sthreeyon ke liye hi karne yogya bataya gaya hai aur anadi kaal se yah prati stree yahi karti I hai aur uske peeche karan bhi hai ki pati ki lambi aayu ki kamna karna apne jab tak patni jeevit rahe vaah vidva nahi ho uska pati bana rahe taki use kisi cheez se vanchit na hona pade isliye yah bartan striyan hi karti I hai aur sthreeyon ke liye hi kaha gaya hai shastra me kahin bhi aisa ullekh nahi hai ki yah vrat pati rakhen ab aaj ke sandarbh me aadhunik yug me shastron ki manyatae kam hoti ja rahi hai shastron ko log kalpnik samajhte ja rahe hain pramaan mangate hain main aapse vinati karta hoon ki jab aap logo ke paas kya aapke 1520 PD pehle ka koi pramaan hai kya aapke 1520 PD parlika aap kisi ka naam jante hain kya aisa koi sabut hai jo aap pesh kar sakte hain tab kaise maan le ki aapke 1520 PD pehle phala vyakti hua tha yah baat keval aap apne bujurgon se agar sunte aaye hain toh aap bata sakte hain anyatha aapke paas koi pramaan nahi hai aap jis peedhi se hain aur us peedhi ke 10 15 peedhi pehle nh204 100 saal pehle ke paida hue vyakti ke bare me aapke paas agar koi pramaan nahi hai toh laakhon saal pehle jo ghatnaye ghati thi unka aap pramaan mangate hain yah kaise sambhav hai yah kuch aise nakaratmak ya naste vichardhara ke log hote hain jo is tarah ke pramaan maang kar logo ko ek Negative thought waale logo ko alag samuh me ekatrit karna chahte hain isliye shastra ke anusaar agar aap chale toh behtar hoga baki aaj ke vartaman yug me ab toh kuch bhi sambhav hai jab mahilaye purushon ke saare hi kaam kar sakti hain aur vaah apne aap ko purush ke barabar rakhakar dekhti hai is soch ke hisab se ab agar koi purush kar bhi leta hai aur vaah log aur ab toh shaam se yah kahe ki mera pati bhi vrat karta hai toh yah vartaman yug parivartan hai is yug me vigyan aur paisa do cheez hi chal rahe hain lekin aapne bhi suna hoga dada pardada unki baat toh yah thi ki paisa hath ka male hai aaj vartaman yug me shodh 200 salon me itna parivartan ho gaya ki

नमस्कार दोस्तों करवा चौथ का व्रत के पति को भी रखना चाहिए इसके पीछे मेरा यह मानना है कि हिं

Romanized Version
Likes  29  Dislikes    views  438
WhatsApp_icon
user

Satpal Dahiya

Soldier in Indian Army | Spiritual Guide | Social Worker

0:50
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह करवा चौथ एक कोरी कल्पना के आधार पर टिका हुआ है जिसे गीता अध्याय 16 श्लोक नंबर 23 में कहां है जो व्यक्ति शास्त्र विधि को चोद कर मन माना आचरण करता है उसे कोई लाभ नेता तो इसका कहीं भी करवा चौथ का की शास्त्र में कोई प्रमाण नहीं है कि इसके करने से पति की अभी लंबी होगी बहुत से केस ऐसे हैं करवा चौथ के दिन ही उनके पति की मृत्यु होती है और न ही इससे कोई प्यार प्रेम का संबंध है हमने बहुत से ऐसे देखे करवा चौथ गिरे क्या उनके तलाक होते हुए देखे हैं तो यह सिर्फ कल्पना के आधार पर ही है जी

yah karva chauth ek kori kalpana ke aadhar par tika hua hai jise geeta adhyay 16 shlok number 23 mein kahaan hai jo vyakti shastra vidhi ko chod kar man mana aacharan karta hai use koi labh neta toh iska kahin bhi karva chauth ka ki shastra mein koi pramaan nahi hai ki iske karne se pati ki abhi lambi hogi bahut se case aise hain karva chauth ke din hi unke pati ki mrityu hoti hai aur na hi isse koi pyar prem ka sambandh hai humne bahut se aise dekhe karva chauth gire kya unke talak hote hue dekhe hain toh yah sirf kalpana ke aadhar par hi hai ji

यह करवा चौथ एक कोरी कल्पना के आधार पर टिका हुआ है जिसे गीता अध्याय 16 श्लोक नंबर 23 में कह

Romanized Version
Likes  11  Dislikes    views  120
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करवा चौथ का व्रत पति को भी अवश्य रखना चाहिए जीवन दोनों का ही आवश्यक है

karva chauth ka vrat pati ko bhi avashya rakhna chahiye jeevan dono ka hi aavashyak hai

करवा चौथ का व्रत पति को भी अवश्य रखना चाहिए जीवन दोनों का ही आवश्यक है

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  84
WhatsApp_icon
user

Mehul Bhai

Social Worker.

0:52
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वैसे तो करवा चौथ व्रत बिल्कुल ही गलत है जो विधि शास्त्रों के अनुसार है वह गलत ही मानी जाएगी क्योंकि गीता अध्याय 2 श्लोक 16 में बताया है कि बिल्कुल ना खाने वाले यानी व्रत रखने वाले का योग यानि परमात्मा से मिलने का उद्देश्य पूरा नहीं होता मतलब व्यस्त बताया है गीता अध्याय 7 श्लोक सोनू में अर्जुन योग यानि परमात्मा प्राप्ति के लिए की गई साधना मैं तो बहुत खाने वाले का और नाम बिल्कुल न खाने वाले खाता था ना बहुत सेंड करने वाले और ना सदा जागने वाले का उचित होता है इसलिए व्रत रखना शास्त्र विरुद्ध होने से व्यर्थ सिद्ध हुआ

waise toh karva chauth vrat bilkul hi galat hai jo vidhi shastron ke anusaar hai vaah galat hi maani jayegi kyonki geeta adhyay 2 shlok 16 mein bataya hai ki bilkul na khane waale yani vrat rakhne waale ka yog yani paramatma se milne ka uddeshya pura nahi hota matlab vyast bataya hai geeta adhyay 7 shlok sonu mein arjun yog yani paramatma prapti ke liye ki gayi sadhna main toh bahut khane waale ka aur naam bilkul na khane waale khaata tha na bahut send karne waale aur na sada jagne waale ka uchit hota hai isliye vrat rakhna shastra viruddh hone se vyarth siddh hua

वैसे तो करवा चौथ व्रत बिल्कुल ही गलत है जो विधि शास्त्रों के अनुसार है वह गलत ही मानी जाएग

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  107
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पहली बात तो यह है कि करवा चौथ को पति के लिए रखे ना रखे इसका कोई औचित्य नहीं है क्योंकि व्रत रखने से न किसी की उम्र लंबी होती है ना छोटी होती है पति रखे पत्नी के लिए तो कोई फर्क नहीं पड़ता है पत्नी पति के लिए रखे तो भी फर्क नहीं पड़ता है अगर करवा चौथ से जिंदगी लंबी होती तो मैं सोचता हूं कि भारत में पति मरते ही नहीं लेकिन होता क्या है कि बहुत सारी पत्नियां करवा चौथ वाले दिन करवा चौथ का व्रत रखती हैं उसमें से कई सालों के पति उसी दिन मर जाते हैं इसीलिए है बे तू कब सोचना है इस पर अपना ध्यान ना लगाएं

pehli baat toh yah hai ki karva chauth ko pati ke liye rakhe na rakhe iska koi auchitya nahi hai kyonki vrat rakhne se na kisi ki umar lambi hoti hai na choti hoti hai pati rakhe patni ke liye toh koi fark nahi padta hai patni pati ke liye rakhe toh bhi fark nahi padta hai agar karva chauth se zindagi lambi hoti toh main sochta hoon ki bharat me pati marte hi nahi lekin hota kya hai ki bahut saari patniya karva chauth waale din karva chauth ka vrat rakhti hain usme se kai salon ke pati usi din mar jaate hain isliye hai be tu kab sochna hai is par apna dhyan na lagaye

पहली बात तो यह है कि करवा चौथ को पति के लिए रखे ना रखे इसका कोई औचित्य नहीं है क्योंकि व्र

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  139
WhatsApp_icon
user

Sks

योग

0:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

करवा चौथ क्या पति को भी रखना चाहिए अपनी पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत नहीं करवा चौथ का व्रत पत्नी को रखना चाहिए अपने पति मित्रता के लिए अपने पति की जीवन की विदाई के लिए करवा चौथ रखा जाता है

karva chauth kya pati ko bhi rakhna chahiye apni patni ke liye karva chauth ka vrat nahi karva chauth ka vrat patni ko rakhna chahiye apne pati mitrata ke liye apne pati ki jeevan ki vidai ke liye karva chauth rakha jata hai

करवा चौथ क्या पति को भी रखना चाहिए अपनी पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत नहीं करवा चौथ का व्र

Romanized Version
Likes  22  Dislikes    views  327
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कोई भी व्रत उपवास हो वह भाव सहित एक ही बार होता है उसके बाद तो सिर्फ एक औपचारिकता होती है जिसे हम कह सकते हैं 10:00 बजे से हमें दबाना है जिसमें भाव नहीं होता सिर्फ और सिर्फ एक आदत होती है हमारा मानना यह है कि विश्वास और भरोसे का जो आपसी तालमेल होता है उससे बड़ा और कोई संस्कार और कोई संस्कृति और कोई इस प्रकार की व्रत उपवास नहीं हो सकते जो दोनों को अटूट संबंध में बांधते हो अब अपने प्रश्न किया कि यह व्रत पतियों को भी करना चाहिए लेकिन पुरातन या पौराणिक गाथाओं में कई मिथक होते हैं उनमें थक्का उन तत्कालीन परिस्थितियों में भले ही महत्व होता है और होना भी चाहिए लेकिन हम यह समझेंगे हम यह कहना यह मान्यता कि उनका आज भी उनकी उपयोगिता है उनकी प्रासंगिकता है तो मैं इसे अस्वीकार करता हूं पूरी तरह उस समय की समकालीन परिस्थितियां क्या थी उस समय का वातावरण क्या था किस आभामंडल में उससे संस्कार की उत्पत्ति हुई उसे रीति रिवाज व्रत उपवास की उत्पत्ति वर्तमान में तो नहीं है अब हम कॉपी करके नकल करके यदि हम उसको तैयार कर लेते हैं उस रस्म को निभाने की कोशिश करते हैं तो महज वह एक मनोरंजन तो हो सकता है आपने देखा भी होगा उसमें आस्था उसमें समर्पण उसमें निष्ठा दूर-दूर तक आप नहीं पाएंगे तो हम ऐसी तमाम औपचारिकताओं से बंधे हुए रस्मों रिवाजों को व्रत अफवाहों को किसी भी स्थिति में हम मान्यता नहीं देते जब पति पत्नी है संस्कारों ने और दत्ता ने धार्मिक रीति-रिवाज सुनना है एक दूसरे को जोड़ा है तो हमें एक दूसरे पर भरोसा और एक दूसरे पर विश्वास करना चाहिए इस प्रकार के रीति-रिवाजों से हम यह कहें कि इन्हीं से ही हम बंदे हैं तो नहीं है जो एक दूसरे के विश्वास और भरोसे की और प्रेम की डोर से बंधे हैं उनके लिए फिर इस प्रकार के व्रत और उपवास को की जरूरत नहीं है यह उनके लिए जरूरत है जहां विश्वास के भरोसे के और प्रेम के धागे कमजोर होते हैं अब यदि यह प्रेम का धागा पति की ओर से कमजोर है तो पति को करना चाहिए और यदि यह धागा पत्नी की तरफ से कमजोर है पत्नी को करना चाहिए वैसे वजह साफ है कि कमजोरी जहां भी हो जिस भी तरफ से हो उससे दूर करना ही सबसे बड़े बुद्धिमान है और यदि मनोरंजन के बतौर इस प्रकार के व्रत उपवास करना क्योंकि सोसाइटी में होते हैं लोग करते हैं इससे के कम्युनिटी यूनिटी भी आती है एक दूसरे के विचार ताजा होते हैं खुशी के आंसू होते हैं तो फिर मुझे लगता है कि आपने जो प्रश्न किया है वह सही है दोनों तरफ से वगैरा तो पास होना चाहिए दोनों तरफ से रीति रिवाज होना चाहिए पालन दोनों साइड से हम एक दूसरे के इस औपचारिक उत्सव में जोड़ दिया मेरी दूसरे की खुशियां सभी को बांट दें धन्यवाद

koi bhi vrat upvaas ho vaah bhav sahit ek hi baar hota hai uske baad toh sirf ek aupacharikta hoti hai jise hum keh sakte hain 10 00 baje se hamein dabana hai jisme bhav nahi hota sirf aur sirf ek aadat hoti hai hamara manana yah hai ki vishwas aur bharose ka jo aapasi talmel hota hai usse bada aur koi sanskar aur koi sanskriti aur koi is prakar ki vrat upvaas nahi ho sakte jo dono ko atut sambandh me bandhate ho ab apne prashna kiya ki yah vrat patiyon ko bhi karna chahiye lekin puratan ya pouranik gathaon me kai mithak hote hain unmen thakka un tatkalin paristhitiyon me bhale hi mahatva hota hai aur hona bhi chahiye lekin hum yah samjhenge hum yah kehna yah manyata ki unka aaj bhi unki upayogita hai unki parasangikta hai toh main ise aswikar karta hoon puri tarah us samay ki samkalin paristhiyaann kya thi us samay ka vatavaran kya tha kis abhamandal me usse sanskar ki utpatti hui use riti rivaaj vrat upvaas ki utpatti vartaman me toh nahi hai ab hum copy karke nakal karke yadi hum usko taiyar kar lete hain us rasm ko nibhane ki koshish karte hain toh mahaj vaah ek manoranjan toh ho sakta hai aapne dekha bhi hoga usme astha usme samarpan usme nishtha dur dur tak aap nahi payenge toh hum aisi tamaam aupachariktaon se bandhe hue rasmon rivajon ko vrat afavahon ko kisi bhi sthiti me hum manyata nahi dete jab pati patni hai sanskaron ne aur datta ne dharmik riti rivaaj sunana hai ek dusre ko joda hai toh hamein ek dusre par bharosa aur ek dusre par vishwas karna chahiye is prakar ke riti rivajon se hum yah kahein ki inhin se hi hum bande hain toh nahi hai jo ek dusre ke vishwas aur bharose ki aur prem ki door se bandhe hain unke liye phir is prakar ke vrat aur upvaas ko ki zarurat nahi hai yah unke liye zarurat hai jaha vishwas ke bharose ke aur prem ke dhaage kamjor hote hain ab yadi yah prem ka dhaga pati ki aur se kamjor hai toh pati ko karna chahiye aur yadi yah dhaga patni ki taraf se kamjor hai patni ko karna chahiye waise wajah saaf hai ki kamzori jaha bhi ho jis bhi taraf se ho usse dur karna hi sabse bade buddhiman hai aur yadi manoranjan ke bataur is prakar ke vrat upvaas karna kyonki society me hote hain log karte hain isse ke community unity bhi aati hai ek dusre ke vichar taaza hote hain khushi ke aasu hote hain toh phir mujhe lagta hai ki aapne jo prashna kiya hai vaah sahi hai dono taraf se vagera toh paas hona chahiye dono taraf se riti rivaaj hona chahiye palan dono side se hum ek dusre ke is aupcharik utsav me jod diya meri dusre ki khushiya sabhi ko baant de dhanyavad

कोई भी व्रत उपवास हो वह भाव सहित एक ही बार होता है उसके बाद तो सिर्फ एक औपचारिकता होती है

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  94
WhatsApp_icon
user

iAm Raj.bhardwaj

Spiritual Guru.C.E.O Vedic Patra Foundation

1:20
Play

Likes  9  Dislikes    views  120
WhatsApp_icon
user
0:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल पति भी अपनी पत्नी के प्रति करवा चौथ के दिन व्रत रख सकता है अगर उसकी कोई ऐसी धारणा है वैसे तो यह व्रत पत्नी ही करती है अपने पति की लंबी आयु के लिए पर अगर कोई पति इतना अच्छा है उसकी सोच इतनी गहरी है अपनी पत्नी के प्रति व्रत कर सकता है किसी की चाहत है

bilkul pati bhi apni patni ke prati karva chauth ke din vrat rakh sakta hai agar uski koi aisi dharana hai waise toh yah vrat patni hi karti hai apne pati ki lambi aayu ke liye par agar koi pati itna accha hai uski soch itni gehri hai apni patni ke prati vrat kar sakta hai kisi ki chahat hai

बिल्कुल पति भी अपनी पत्नी के प्रति करवा चौथ के दिन व्रत रख सकता है अगर उसकी कोई ऐसी धारणा

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  261
WhatsApp_icon
user

Rajput RAM

Self Imploying

1:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

की पति की अगर पति की इच्छा हो कि वह भी अपनी पत्नी के लिए व्रत रखे तो वह रख सकते हैं अगर मेरी थिंग्स हुई है कि अगर मेरी पत्नी होती यह मेरी गर्लफ्रेंड भी होती तो मैं उसके लिए व्रत जरूर रखता और वैसे भी मैं रखता ही हूं करवा चौथ का व्रत कि मुझे एक अच्छी लड़की मिले समझने वाली तो ऐसा नहीं है कि नहीं रखना चाहिए रख सकते हैं व्रत रखने में हर्ज ही क्या है और दूसरी बात आप जब भी व्रत रखें दो जब लड़ाई झगड़ा होता है या कुछ भी है यह कभी ना करें कि लो तुम मेरी बर्फी मैं भी तो तुम्हारे व्रत रखता हूं करने का कोई फायदा नहीं क्योंकि जब आप किसी को कोई चीज देते हो तो आप कभी उसको यह मत बताओ कि आप उसे यह चीज दे रहे हो अगर आप उस दिल से दे रहे हो तो उसे ना तो उसे उस चीज के बारे में बताओ ना की कीमत होता है कि वह अनमोल होती थी और जब आप बता देते हो कि मैं यही तुम्हें दिए यह तो उसका मोल पड़ जाता फिर वह चीज हीरो जाती है चाहे कुछ भी समझ लीजिए आप तो अब जब भी प्राप्त रखें तो अपनी पत्नी के लिए आप व्रत रखेंगे तो मैं भी काफी खुशी होगी और आप दोनों में जो प्यार है वह सोमनाथ और पड़ जाएगा तो अगर आपको मेरी बात अच्छी लगे तो प्लीज बताइए मुझे थैंक यू

ki pati ki agar pati ki iccha ho ki vaah bhi apni patni ke liye vrat rakhe toh vaah rakh sakte hain agar meri things hui hai ki agar meri patni hoti yah meri girlfriend bhi hoti toh main uske liye vrat zaroor rakhta aur waise bhi main rakhta hi hoon karva chauth ka vrat ki mujhe ek achi ladki mile samjhne wali toh aisa nahi hai ki nahi rakhna chahiye rakh sakte hain vrat rakhne me harz hi kya hai aur dusri baat aap jab bhi vrat rakhen do jab ladai jhagda hota hai ya kuch bhi hai yah kabhi na kare ki lo tum meri barfi main bhi toh tumhare vrat rakhta hoon karne ka koi fayda nahi kyonki jab aap kisi ko koi cheez dete ho toh aap kabhi usko yah mat batao ki aap use yah cheez de rahe ho agar aap us dil se de rahe ho toh use na toh use us cheez ke bare me batao na ki kimat hota hai ki vaah anmol hoti thi aur jab aap bata dete ho ki main yahi tumhe diye yah toh uska mole pad jata phir vaah cheez hero jaati hai chahen kuch bhi samajh lijiye aap toh ab jab bhi prapt rakhen toh apni patni ke liye aap vrat rakhenge toh main bhi kaafi khushi hogi aur aap dono me jo pyar hai vaah somnath aur pad jaega toh agar aapko meri baat achi lage toh please bataiye mujhe thank you

की पति की अगर पति की इच्छा हो कि वह भी अपनी पत्नी के लिए व्रत रखे तो वह रख सकते हैं अगर मे

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  102
WhatsApp_icon
user

Nawin Kumar Sharma

Chemistry Teacher

3:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या पति को भी रखना चाहिए अपनी पत्नी के लिए दवा का व्रत रखना चाहिए मतलब पहले जमाने में सारे यह व्रत उपवास जगह सिर्फ और सिर्फ पत्नी के लिए ही निर्धारित किए गए थे मैं सहमत हूं पति और पत्नी दोनों जहां जब एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं भला कैसे की एक पहिया ही गाड़ी को चलाएगा चलाने के लिए दोनों को अनुभव समान रूप से एक दूसरे का सहयोग करना पड़ता है तू चटनी रख सकती है करवा चौथ का व्रत तो पति क्यों नहीं रहेगा फुल को रखना चाहिए उसका और अगर पति अगर पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत रखे तो मैं समझता हूं कि उसका सम्मान और कापरेन पत्नी का प्रेम अपने का त्याग अपने पति के प्रति और बढ़ जाएगा और पत्नी को सबसे जरूरी चीज है यह सम्मान दिया जाना चाहिए प्रेमी अपनी जगह है बिना सम्मान के सामान के सब कहते हैं प्रेम के साथ-साथ अगर आप प्रेम करते हैं किसी का सम्मान नहीं करते हैं तो प्रेम टिकाऊ नहीं होगा और ज्यादा दिन नहीं चल पाएगा किसी के मन में अगर अपनी जगह बनानी है उस को सम्मान देना सीखे तो बसपा से पूरी तरह से सहमत हूं कि पति को भी पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत साथ साथ रखना चाहिए अगर वह आपके लिए रख सकती है तो आप ही जरूरत है जो भी पति हैं राघोपुर चाहते हैं कि उनके घर में सुख शांति सौहार्द का वातावरण रहे तो निसंदेह उसे भी हर कदम पर उसका सामान और उसके अनुसार मिलकर अगर वह चलें तो लो रक्त जितने भी पत्नी पीड़ित हैं उन कोई शिकायत नहीं होगी अगर उन्हें यकीन है तो इस बार वह आज से व्रत ले ले कि मैंने तुम्हारे लिए आज मत रखा है तुम्हारी सलामती के लिए तुम्हारी शादी के लिए और इससे अच्छा तरीका क्या होगा किसी को किसी के लिए इतना प्रेम व्यक्त करने के लिए तो निसंदेह पति को भी पत्नी के लिए करवा चौथ व्रत रखना चाहिए उम्मीद करता हूं यह बात और है आपको पसंद आएगी अगर पसंद आए 6:00 बजे लाइक करें और शेयर करें धन्यवाद

kya pati ko bhi rakhna chahiye apni patni ke liye dawa ka vrat rakhna chahiye matlab pehle jamane me saare yah vrat upvaas jagah sirf aur sirf patni ke liye hi nirdharit kiye gaye the main sahmat hoon pati aur patni dono jaha jab ek hi gaadi ke do pahiye hain bhala kaise ki ek pahiya hi gaadi ko chalayega chalane ke liye dono ko anubhav saman roop se ek dusre ka sahyog karna padta hai tu chatni rakh sakti hai karva chauth ka vrat toh pati kyon nahi rahega full ko rakhna chahiye uska aur agar pati agar patni ke liye karva chauth ka vrat rakhe toh main samajhata hoon ki uska sammaan aur kapren patni ka prem apne ka tyag apne pati ke prati aur badh jaega aur patni ko sabse zaroori cheez hai yah sammaan diya jana chahiye premi apni jagah hai bina sammaan ke saamaan ke sab kehte hain prem ke saath saath agar aap prem karte hain kisi ka sammaan nahi karte hain toh prem tikauu nahi hoga aur zyada din nahi chal payega kisi ke man me agar apni jagah banani hai us ko sammaan dena sikhe toh BSP se puri tarah se sahmat hoon ki pati ko bhi patni ke liye karva chauth ka vrat saath saath rakhna chahiye agar vaah aapke liye rakh sakti hai toh aap hi zarurat hai jo bhi pati hain raghopur chahte hain ki unke ghar me sukh shanti sauhaard ka vatavaran rahe toh nisandeh use bhi har kadam par uska saamaan aur uske anusaar milkar agar vaah chalen toh lo rakt jitne bhi patni peedit hain un koi shikayat nahi hogi agar unhe yakin hai toh is baar vaah aaj se vrat le le ki maine tumhare liye aaj mat rakha hai tumhari salamati ke liye tumhari shaadi ke liye aur isse accha tarika kya hoga kisi ko kisi ke liye itna prem vyakt karne ke liye toh nisandeh pati ko bhi patni ke liye karva chauth vrat rakhna chahiye ummid karta hoon yah baat aur hai aapko pasand aayegi agar pasand aaye 6 00 baje like kare aur share kare dhanyavad

क्या पति को भी रखना चाहिए अपनी पत्नी के लिए दवा का व्रत रखना चाहिए मतलब पहले जमाने में सा

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  150
WhatsApp_icon
user

BASANTI

Social Worker

2:08
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पत्नियां पति के लिए करवा चौथ का व्रत इसलिए रखती है क्योंकि उनका प्यार हमेशा बना रहे और वह आपस में प्रेम से रहें और पत्नी पति के लंबी उम्र के लिए यह व्हाट्सएप की है ताकि वह हमेशा पति हमसे प्यार करता है और उनके साथ बुरे वक्त में अच्छे वक्त उसका पति पति को भी यह बात रखना चाहिए क्योंकि अगर पत्नी उसकी लंबी उम्र थोड़ी है उसके प्यार के लिए के लिए व्रत रखती है तो पति को भी उसकी प्यार प्यार और सम्मान करना चाहिए क्योंकि तभी प्यार बना रहेगा अभी रिश्ते का मान सम्मान बना रहे हैं रिश्ते की यही तो रिश्ता होता है इसलिए मेरे हिसाब से तो यही है अगर पत्नी अगर करवा चौथ कब आती है पति के लिए तो पति को भी पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत रखना चाहिए और उसका सम्मान करना चाहिए यह कहावत होती है किस बात की जा सकती है पति पति को भी यही सोचना कि एक बार मेरे हिसाब से तो यही है कि मैं था दोनों आपस में प्रेम के लिए यह बात दोनों को ही करना चाहिए 18 तड़पा करने से यह बात करना करने में कुछ नहीं है यह सब मन की भावना है परंतु यह बात दोनों करे तो और अच्छा रहता है धन्यवाद

patniya pati ke liye karva chauth ka vrat isliye rakhti hai kyonki unka pyar hamesha bana rahe aur vaah aapas me prem se rahein aur patni pati ke lambi umar ke liye yah whatsapp ki hai taki vaah hamesha pati humse pyar karta hai aur unke saath bure waqt me acche waqt uska pati pati ko bhi yah baat rakhna chahiye kyonki agar patni uski lambi umar thodi hai uske pyar ke liye ke liye vrat rakhti hai toh pati ko bhi uski pyar pyar aur sammaan karna chahiye kyonki tabhi pyar bana rahega abhi rishte ka maan sammaan bana rahe hain rishte ki yahi toh rishta hota hai isliye mere hisab se toh yahi hai agar patni agar karva chauth kab aati hai pati ke liye toh pati ko bhi patni ke liye karva chauth ka vrat rakhna chahiye aur uska sammaan karna chahiye yah kahaavat hoti hai kis baat ki ja sakti hai pati pati ko bhi yahi sochna ki ek baar mere hisab se toh yahi hai ki main tha dono aapas me prem ke liye yah baat dono ko hi karna chahiye 18 tadapa karne se yah baat karna karne me kuch nahi hai yah sab man ki bhavna hai parantu yah baat dono kare toh aur accha rehta hai dhanyavad

पत्नियां पति के लिए करवा चौथ का व्रत इसलिए रखती है क्योंकि उनका प्यार हमेशा बना रहे और वह

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  104
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!