क्या आपको लगता है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने का कोई तरीका है?...


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Debidutta Swain

IAS Aspirant | Life Motivational Speaker,Daily Story Teller

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सर करने के लिए सिखाओ उनका राइट आज का

sir karne ke liye sikhao unka right aaj ka

सर करने के लिए सिखाओ उनका राइट आज का

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Rishi Chaudhary

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भ्रष्टाचार का मुद्दा आज के समय में देश के लिए सबसे बड़ी समस्या है भ्रष्टाचार को अपन जमीन निचले स्तर से देखें तो वहीं से यह शुरू होता है और आखिर में ऊपर के स्तर तक पहुंचता है यदि अपन धीरे-धीरे प्रयास करें निचले स्तर में भ्रष्टाचार को मिटाने का प्रयास करें यदि अपन जाते हैं किसी के पास सिग्नेचर करवाने या अपना कोई काम निकालने तो उसको भी अपन रिश्वत देते हैं सिर्फ अपना उल्लू सीधा करने के लिए भ्रष्टाचार अपन खुद ही उनको आगे बढ़ाने का काम करते हैं यदि अपन ही इसके प्रति कोई सही कदम नहीं उठाएंगे तो यह भ्रष्टाचार आने वाले समय में और बड़ी समस्या बनेगा मिटने का नाम तो बिल्कुल ही नहीं लेगा यदि अपन जागरूक होकर इसके खिलाफ कुछ कदम यदि निचले स्तर या स्थानीय जो है वहां से उठाने का प्रयास करेंगे तो भविष्य में इस को निपटाया जा सकता है

bhrashtachar ka mudda aaj ke samay me desh ke liye sabse badi samasya hai bhrashtachar ko apan jameen nichle sthar se dekhen toh wahi se yah shuru hota hai aur aakhir me upar ke sthar tak pahuchta hai yadi apan dhire dhire prayas kare nichle sthar me bhrashtachar ko mitane ka prayas kare yadi apan jaate hain kisi ke paas signature karwane ya apna koi kaam nikalne toh usko bhi apan rishwat dete hain sirf apna ullu seedha karne ke liye bhrashtachar apan khud hi unko aage badhane ka kaam karte hain yadi apan hi iske prati koi sahi kadam nahi uthayenge toh yah bhrashtachar aane waale samay me aur badi samasya banega mitne ka naam toh bilkul hi nahi lega yadi apan jagruk hokar iske khilaf kuch kadam yadi nichle sthar ya sthaniye jo hai wahan se uthane ka prayas karenge toh bhavishya me is ko niptaya ja sakta hai

भ्रष्टाचार का मुद्दा आज के समय में देश के लिए सबसे बड़ी समस्या है भ्रष्टाचार को अपन जमीन न

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Ansh jalandra

Motivational speaker

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत ही अच्छा प्रश्न पूछा है आपने क्या आपको लगता है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने के लिए कोई तरीका है तो भ्रष्टाचार को हल करने के लिए सिर्फ एक ही तरीका है कि सबसे पहले हर इंसान अपने खुद का भ्रष्टाचार खत्म कर दे उसको वहां से जड़ मूल से हटा दें तभी भ्रष्टाचार समाज से खत्म होगा होता यह है कि हम दूसरे पर दो उंगलियां उठाते हैं लेकिन यह नहीं देखता कि जाऊं सामने वाले पर उंगली उठा रहे हैं तो तीन उंगलियां आपकी तरफ उठेंगे तो वही हाल यहां पर भारत में भ्रष्टाचार का है कि सब एक दूसरे को तो कह रहे हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त है लेकिन अपना भ्रष्टाचार नहीं देखने हैं जो कि बहुत ज्यादा मायने रखता है धन्यवाद

bahut hi accha prashna poocha hai aapne kya aapko lagta hai ki hamare desh mein bhrashtachar ko hal karne ke liye koi tarika hai toh bhrashtachar ko hal karne ke liye sirf ek hi tarika hai ki sabse pehle har insaan apne khud ka bhrashtachar khatam kar de usko wahan se jad mul se hata de tabhi bhrashtachar samaj se khatam hoga hota yah hai ki hum dusre par do ungaliyan uthate hain lekin yah nahi dekhta ki jaaun saamne waale par ungli utha rahe hain toh teen ungaliyan aapki taraf uthenge toh wahi haal yahan par bharat mein bhrashtachar ka hai ki sab ek dusre ko toh keh rahe hain ki bhrashtachar mein lipt hai lekin apna bhrashtachar nahi dekhne hain jo ki bahut zyada maayne rakhta hai dhanyavad

बहुत ही अच्छा प्रश्न पूछा है आपने क्या आपको लगता है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने

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Norang sharma

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों वह कल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज का सवाल है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने का कोई तरीका है तो देखिए अगर हम भ्रष्टाचार को समाप्त करना चाहते हैं उसके लिए सिर्फ सरकारी प्रयास काफी नहीं होंगे पर्याप्त नहीं होंगे उसके लिए देश के हर नागरिक को इसे दूर करने का संकल्प लेना होगा कोई भी करें पैसे देकर करवाने से मना करना होगा क्योंकि जब आप समय अभाव में या जल्दबाजी में अपने काम को करवाने के लिए पैसे देते हैं तो उससे जो भ्रष्टाचारी लोग हैं जो भ्रष्ट लोग हैं उनको एक बल मिलता है उनको एक हौसला मिलता है हमें ऐसा करने से बचना होगा अब भ्रष्टाचार में बहुत सारी चीजें इंक्लूड होती है चाहे वह कालाबाजारी हो चाहे वह मिलावट करना हो चाहे वह पैसे लेकर झूठी गवाही देना हो हर तरह का जो आचरण जहां हम अपने निहित स्वार्थों के लिए अवैधानिक कार्य करते हैं तो भ्रष्टाचार की श्रेणी में ही आता है तो मुझे लगता है कि सरकारी महकमों में जब तक कोई भी कार्य समय पर होना शुरू नहीं होगा तब तक लोग ऐसा करते रहेंगे हमें अपने देश में कैसी व्यवस्था निर्मित करनी होगी जहां कोई भी कार्य या कोई भी समस्या का समाधान तुरंत तो नहीं लेकिन कम से कम कम से कम समय में को निर्विघ्न रूप से पूर्ण हो सके ताकि लोगों का एक भरोसा और एक विच कायम हो सके सरकारी महकमों पर और तमाम उन अवसरों पर जो सरकारी महकमों से जुड़े हुए हैं तो जब तक एक ऐसी संस्कृति एक ऐसी कार्यशैली हम अपने देश में विकसित नहीं करते जहां हमें भ्रष्ट आचरण की जरूरत ही ना पड़े जहां हमें किसी भी तरीके की रिश्वत देने की या किसी भी तरह की धोखाधड़ी करने की जरूरत ही ना रहे आवश्यकता ही ना पड़े जब तक ऐसी संस्कृति हम लोग कल्चर डेवलप नहीं कर लेते अपने देश में तब तक नहीं किया जा सकता कि उसके समानांतर व्यवस्था का खड़ा होना जरूरी है जो मौजूदा परिस्थितियों को कंट्रोल करता क्यों बाद में धीरे-धीरे नष्ट कर सके और भ्रष्टाचार केवल मात्र भारत की समस्या नहीं है बल्कि यह एक वैश्विक चुनौती है जिसका सामना कम या ज्यादा ज्यादातर देश आज कर रहे हैं आज सर्वेक्षण कि अगर मैं बात करूं तो भारत की सूची में 94 स्थान पर आता है 94 रैंक पर भ्रष्टाचार के मामले में अब यह रैंकिंग कितनी है मुझे नहीं पता मैं यह पुराना आंकड़ा को दे रहा हूं तो भारत की स्थिति आज तक के सामने है सरकारी और देश के नागरिक मिलकर प्रयास करें तो किसी भी चुनौती का बड़ी से बड़ी समस्या का हम सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं और उसका कोई हल भी निकाल सकते हैं धन्यवाद

namaskar doston vaah kal par sun rahe mere sabhi buddhijeevi shrotaon ko mera pyar bhara namaskar aaj ka sawaal hai ki hamare desh mein bhrashtachar ko hal karne ka koi tarika hai toh dekhiye agar hum bhrashtachar ko samapt karna chahte hain uske liye sirf sarkari prayas kaafi nahi honge paryapt nahi honge uske liye desh ke har nagarik ko ise dur karne ka sankalp lena hoga koi bhi kare paise dekar karwane se mana karna hoga kyonki jab aap samay abhaav mein ya jaldabaji mein apne kaam ko karwane ke liye paise dete hain toh usse jo bhrashtachaari log hain jo bhrasht log hain unko ek bal milta hai unko ek hausla milta hai hamein aisa karne se bachna hoga ab bhrashtachar mein bahut saree cheezen include hoti hai chahen vaah kalabajari ho chahen vaah milavat karna ho chahen vaah paise lekar jhuthi gawaahi dena ho har tarah ka jo aacharan jaha hum apne nihit swarthon ke liye avaidhanik karya karte hain toh bhrashtachar ki shreni mein hi aata hai toh mujhe lagta hai ki sarkari mahkamon mein jab tak koi bhi karya samay par hona shuru nahi hoga tab tak log aisa karte rahenge hamein apne desh mein kaisi vyavastha nirmit karni hogi jaha koi bhi karya ya koi bhi samasya ka samadhan turant toh nahi lekin kam se kam kam se kam samay mein ko nirvighn roop se purn ho sake taki logo ka ek bharosa aur ek which kayam ho sake sarkari mahkamon par aur tamaam un avasaron par jo sarkari mahkamon se jude hue hain toh jab tak ek aisi sanskriti ek aisi karyashaili hum apne desh mein viksit nahi karte jaha hamein bhrasht aacharan ki zarurat hi na pade jaha hamein kisi bhi tarike ki rishwat dene ki ya kisi bhi tarah ki dhokhadhari karne ki zarurat hi na rahe avashyakta hi na pade jab tak aisi sanskriti hum log culture develop nahi kar lete apne desh mein tab tak nahi kiya ja sakta ki uske samanantar vyavastha ka khada hona zaroori hai jo maujuda paristhitiyon ko control karta kyon baad mein dhire dhire nasht kar sake aur bhrashtachar keval matra bharat ki samasya nahi hai balki yah ek vaishvik chunauti hai jiska samana kam ya zyada jyadatar desh aaj kar rahe hain aaj sarvekshan ki agar main baat karu toh bharat ki suchi mein 94 sthan par aata hai 94 rank par bhrashtachar ke mamle mein ab yah ranking kitni hai mujhe nahi pata main yah purana akanda ko de raha hoon toh bharat ki sthiti aaj tak ke saamne hai sarkari aur desh ke nagarik milkar prayas kare toh kisi bhi chunauti ka badi se badi samasya ka hum safaltaapurvak samana kar sakte hain aur uska koi hal bhi nikaal sakte hain dhanyavad

नमस्कार दोस्तों वह कल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज के में खेतों की जातक आप कह रहे कि क्या हम अपने भारत में मतलब जो प्रचार है उसको हल करने का कोई तरीका है मैं कहूंगा कि क्यों नहीं आपको सबसे पहले हमें अपने आप में एक सही डायरेक्शन में चलना होगा भ्रष्टाचार दोनों तरफ से होता है जैसे कि आप जानते हैं कि ताली एक हाथ से नहीं बजती दोनों हाथ से बजती है यद्यपि घूस लेने वाला एक व्यक्ति एक अधिकारी है तू कुछ देने वाला देश जनता है यद्यपि जनता खुश नहीं दे तो अधिकारी की हक नहीं है कि वह आपसे जबरदस्ती है थोड़ा सा आपको मेहनत करना पड़ेगा लेकिन यह अभी आप उस ऑफिसर से कहते हैं यद्यपि आप हमारा काम नहीं करते हैं हम आपकी ऊपर सीनियर के पास कोई ऐसा ब्यूरोक्रेट में नीचे से लेकर के ऊपर तक के एहसास जरूर कोई होता है जिसके अंदर निर्मल निर्मल काया कह तो दयालु स्वभाव क्यों होते और शर्त है भ्रष्टाचार को खत्म करने का एकमात्र तरीका मानसिक सोच पर द पीपल शुभ दिवस पर और टाइम फायर के अधिकारियों को यह ध्यान देना होगा कि वह किस रास्ते पर चल रहे हैं और जनता को भी यह ध्यान देना होगा कि हम खुद बना रहे तुम कहीं सिटीजन भी इसमें भागीदार है कि वह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते

aaj ke mein kheton ki jatak aap keh rahe ki kya hum apne bharat mein matlab jo prachar hai usko hal karne ka koi tarika hai kahunga ki kyon nahi aapko sabse pehle hamein apne aap mein ek sahi direction mein chalna hoga bhrashtachar dono taraf se hota hai jaise ki aap jante hain ki tali ek hath se nahi bajati dono hath se bajati hai yadyapi ghus lene vala ek vyakti ek adhikari hai tu kuch dene vala desh janta hai yadyapi janta khush nahi de toh adhikari ki haq nahi hai ki vaah aapse jabardasti hai thoda sa aapko mehnat karna padega lekin yah abhi aap us officer se kehte hain yadyapi aap hamara kaam nahi karte hain hum aapki upar senior ke paas koi aisa Bureaucrat mein niche se lekar ke upar tak ke ehsaas zaroor koi hota hai jiske andar nirmal nirmal kaaya keh toh dayalu swabhav kyon hote aur sart hai bhrashtachar ko khatam karne ka ekmatra tarika mansik soch par the pipal shubha divas par aur time fire ke adhikaariyo ko yah dhyan dena hoga ki vaah kis raste par chal rahe hain aur janta ko bhi yah dhyan dena hoga ki hum khud bana rahe tum kahin citizen bhi isme bhagidaar hai ki vaah bhrashtachar ko badhawa dete

आज के में खेतों की जातक आप कह रहे कि क्या हम अपने भारत में मतलब जो प्रचार है उसको हल करने

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Raj Sharma

Business Owner

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे पास बहुत अच्छे ऑफर से 2 सरकारी जॉब्स के बट वह मैंने नहीं एक्सेप्ट किए क्योंकि मुझे सरकारी नौकरी नहीं करनी थी क्योंकि मुझे मेरे मन में शायद मेरे सबकॉन्शियस माइंड में यही था कि सरकारी नौकरी वाले निठल्ले होते हैं ज्यादातर चीजें प्रैक्टिकली क्योंकि अगर आप देखेंगे तो पाएंगे वह एक सरकारी टीचर बुक जितना काम करता है उससे 5 गुना काम प्राइवेट स्कूल की टीचर करती है लेकिन अगर आप चल रही है अब कंपैरिजन करेंगे तो उस जमीन आसमान का फर्क है आपको बताने की जरूरत नहीं आप खुद समझदार है कि क्या मैं

mere paas bahut acche offer se 2 sarkari jobs ke but vaah maine nahi except kiye kyonki mujhe sarkari naukri nahi karni thi kyonki mujhe mere man me shayad mere subconscious mind me yahi tha ki sarkari naukri waale nithalle hote hain jyadatar cheezen practically kyonki agar aap dekhenge toh payenge vaah ek sarkari teacher book jitna kaam karta hai usse 5 guna kaam private school ki teacher karti hai lekin agar aap chal rahi hai ab kampairijan karenge toh us jameen aasman ka fark hai aapko batane ki zarurat nahi aap khud samajhdar hai ki kya main

मेरे पास बहुत अच्छे ऑफर से 2 सरकारी जॉब्स के बट वह मैंने नहीं एक्सेप्ट किए क्योंकि मुझे सर

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह मैं अपने देश से भ्रष्टाचार को हटाना है तो सबसे पहले हमें बस सजा दी को बढ़ावा देने कीजिए अभी माझा गतिविधियों को पी को दूर करना बोल दो कि आज साल बढ़ता है इसीलिए क्योंकि जनता उसे अपने कार्य को करवाने के लिए रिश्वत देना सुनकर कि जिससे उनका देवरा देखना होगा कि हमारा जो जनता का कार्य किस देश से है अगर कहीं अटका हुआ है कि क्या रीजन इज केसु काम नहीं हो पा रहा है या फिर कोई जानबूझ कुछ काम करता है ऐसी पारदर्शिता होगी तो निश्चित रूप से बस आधा घंटा चालू होगी तो भी सुधार के कम होने की संभावना है

yah main apne desh se bhrashtachar ko hatana hai toh sabse pehle hamein bus saza di ko badhawa dene kijiye abhi majha gatividhiyon ko p ko dur karna bol do ki aaj saal badhta hai isliye kyonki janta use apne karya ko karwane ke liye rishwat dena sunkar ki jisse unka devra dekhna hoga ki hamara jo janta ka karya kis desh se hai agar kahin ataka hua hai ki kya reason is kesu kaam nahi ho paa raha hai ya phir koi janbujh kuch kaam karta hai aisi pardarshita hogi toh nishchit roop se bus aadha ghanta chaalu hogi toh bhi sudhaar ke kam hone ki sambhavna hai

यह मैं अपने देश से भ्रष्टाचार को हटाना है तो सबसे पहले हमें बस सजा दी को बढ़ावा देने कीजिए

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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Suresh Marwal

Motivational Speaker- Network Marketing Expert- Founder Of Mlm Startup

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यहां पर आपके टाइम पर सबसे टॉप क्वेश्चन पूछा गया कि भ्रष्टाचार को हल करने का कोई तरीका है क्या दोस्त इसके लिए ही हो सकता है कि गवर्नमेंट को और कानूनी रूप से इसके ऊपर शक्ति लागू करनी चाहिए इसके लिए नए प्रावधान होने चाहिए और वह भी पूरे कढ़ाई के साथ में कभी जितनी शक्ति होगी ना उससे लोगों में डर पैदा कर डर पैदा होगा तभी भ्रष्टाचार है वह कम हो सकता है इसके अलावा भ्रष्टाचार के कोडिंग जो हमारे अलग से डिपार्टमेंट बनाए गए हैं उनके अंदर भी चेंजिंग करने की बहुत ज्यादा आवश्यकता है उनको भी भोसारी फैकल्टी चाहिए ताकि वह खुलकर अपने इस लाइन के अंदर काम कर सके और उसके अलावा जो हमारे राजनीतिक पॉलिटिकल लोग हैं उनको भी इस लाइन के लिए थोड़ा सा उन पर भी कढ़ाई करने की आवश्यकता है क्योंकि जब भी कोई भ्रष्टाचार होता है तो उसकी कड़ियां रीना की इन्हीं लोगों से जुड़ी होती है तो स्टिकने जितनी होगी इसके अंदर नहीं नहीं रूम चलानी होंगे कड़ाई से इसको लागू करना होगा तभी इस लाइन के अंदर है वह बढ़िया काम हो सकता है थैंक यू

yahan par aapke time par sabse top question poocha gaya ki bhrashtachar ko hal karne ka koi tarika hai kya dost iske liye hi ho sakta hai ki government ko aur kanooni roop se iske upar shakti laagu karni chahiye iske liye naye pravadhan hone chahiye aur vaah bhi poore kadhai ke saath me kabhi jitni shakti hogi na usse logo me dar paida kar dar paida hoga tabhi bhrashtachar hai vaah kam ho sakta hai iske alava bhrashtachar ke coding jo hamare alag se department banaye gaye hain unke andar bhi changing karne ki bahut zyada avashyakta hai unko bhi bhosari faculty chahiye taki vaah khulkar apne is line ke andar kaam kar sake aur uske alava jo hamare raajnitik political log hain unko bhi is line ke liye thoda sa un par bhi kadhai karne ki avashyakta hai kyonki jab bhi koi bhrashtachar hota hai toh uski kadiyan rina ki inhin logo se judi hoti hai toh stikane jitni hogi iske andar nahi nahi room chalani honge kadai se isko laagu karna hoga tabhi is line ke andar hai vaah badhiya kaam ho sakta hai thank you

यहां पर आपके टाइम पर सबसे टॉप क्वेश्चन पूछा गया कि भ्रष्टाचार को हल करने का कोई तरीका है क

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BHARAT VAISHNAV

Financial Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भ्रष्टाचार का जब तक मैंने देखा है तब तक मेरे हिसाब से जितना भ्रष्टाचार पर पकड़ मजबूत हुआ है उतना ही भ्रष्टाचार करने वालों ने तरीका नया ढूंढ लिया है अब इनके पास एक ऐसा आदमी होता है जो लोग कल ही विलोम करता है और सपोर्ट करो ₹5000 लेगा वह अधिकारी को देगा और वह बीच में सो ₹500 कम आएगा ताकि अधिकारी भी पकड़ में नहीं आ सकता है और उस आदमी के उसमें वो काम करता रहता है इसलिए क्या भ्रष्टाचार तो सबका नाम नहीं लेंगे पर जिसके बस क्या है उसके क्या खून में मिल गया है वह तो एकदम से खत्म नहीं हो सकता है मेरा जवाब सही लगे तो कमेंट करके बताना

bhrashtachar ka jab tak maine dekha hai tab tak mere hisab se jitna bhrashtachar par pakad majboot hua hai utana hi bhrashtachar karne walon ne tarika naya dhundh liya hai ab inke paas ek aisa aadmi hota hai jo log kal hi vilom karta hai aur support karo Rs lega vaah adhikari ko dega aur vaah beech me so Rs kam aayega taki adhikari bhi pakad me nahi aa sakta hai aur us aadmi ke usme vo kaam karta rehta hai isliye kya bhrashtachar toh sabka naam nahi lenge par jiske bus kya hai uske kya khoon me mil gaya hai vaah toh ekdam se khatam nahi ho sakta hai mera jawab sahi lage toh comment karke batana

भ्रष्टाचार का जब तक मैंने देखा है तब तक मेरे हिसाब से जितना भ्रष्टाचार पर पकड़ मजबूत हुआ ह

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Jitendra Singh

Social Worker

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हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने का एक ही तरीका है और वह तरीका है हमारे आने वाली पीढ़ी को शब्द गुण ज्ञान की शिक्षा दी जाए लेकिन पूर्व ज्ञान कि अगर ऐसा होता है इसलिए बस बनता है तो जरूर आचार संहिता खत्म हो जाएगा कोई भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला रहेगा ही नहीं यही इसका हम अपनी मूल भावना में वापस लौट जाए उसको छोड़ कर के हम आज अर्थ ज्ञानपुर हो जाए किताबी ज्ञान खुश हो जाए लोगों को तो यह भी नहीं पता है किताबी ज्ञान सिर्फ एक गधे की तरह धोने वाला ज्ञान है ऑल शब्द ज्ञान विज्ञान है जो अपने आप स्वयं बोलता है शब्द ही ब्रह्म है जब शब्द बोलता है तो कोई नहीं बोलता है इसलिए शब्द स्वयं बोलता है और शब्द को बोलने की अनुमति होनी ही चाहिए जब से शुरू हुआ है तब से लोग अभियान को बढ़ावा दे रहे हैं अर्थ ज्ञान क्या है आज से आध्यात्मिक रहस्य रचना प्रथम जाना अध्यात्मिक जगत की रचना जहां आकर रुक जाती है वहां से अर्थ ज्ञान चालू होता है शब्द ज्ञान में विज्ञान में कितना अंतर है जितना किसी का पुराना फोटो हो तो सामने बैठा हुआ व्यक्ति सामने बैठा व्यक्ति जैसा होगा वैसा ही फोटो जितने दिन पुराना होगा उतना ही नजर आएगा बस इसमें अति जगत में यही है क्या रिश्ता है कि अज्ञानता के कारण लोग आज सब टेंशन में है मुसीबत में है परेशानी में है शब्द ज्ञान जिसको हो जाता है उसको टेंशन मुसीबत परेशानी ब्लड प्रेशर शुगर थायराइड की सब्जी मार दिया उससे अच्छी दूर हो जाती है दूर चली जाती तो आज हम सब जो परेशान हैं और ज्ञान सब ज्ञान अपनाना होगा तो मुझे पूर्ण आशा है कि हम सब मिलकर अपनी सरकार को अपने यशस्वी प्रधानमंत्री को यह चलाते शब्द गुण ज्ञान हम को आगे छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाया जाए क्या आप मानते हैं कि अगर क्रोध के अवगुण हमारे तीन चार पांच साल के बच्चे को सिखा दिया जाए तो वह जीवन में क्रोध और हिंसा वादी होगा जैसे क्रोध के अवगुण है कि ऐसे कर्म जैसे रचना और सेव जैसी शक्ति और जैसे भेजिए इसलिए अगर यह अवगुण हमारे छोटे बच्चे को समझा दिया जाएंगे तो रोती नहीं होगा हिंसक नहीं होगा देशभक्त होगा या ऋषि मुनि जैसा होगा इसीलिए मैं आपसे निवेदन करता हूं कि आप मेरी सुझाव को मिस को सलाह नहीं कहूंगा सलाह बराबर वाले को दी जाती लेकिन यह सुझाव कोई भी दे सकता है मेरे सुझाव को आप अपने यशस्वी प्रधानमंत्री हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी तक पहुंचा जिससे इस ज्ञान का सिलेबस बने और हमारे नन्हे मुन्ने बच्चे जो हैं वह आने वाले समय में ज्ञानी ध्यानी और देश भाग और भ्रष्टाचार मुक्त समाज दे सकें ऐसी मेरी चाहे धन्यवाद नमस्कार

hamare desh me bhrashtachar ko hal karne ka ek hi tarika hai aur vaah tarika hai hamare aane wali peedhi ko shabd gun gyaan ki shiksha di jaaye lekin purv gyaan ki agar aisa hota hai isliye bus banta hai toh zaroor aachar sanhita khatam ho jaega koi bhrashtachar ko badhawa dene vala rahega hi nahi yahi iska hum apni mul bhavna me wapas lot jaaye usko chhod kar ke hum aaj arth gyanpur ho jaaye kitabi gyaan khush ho jaaye logo ko toh yah bhi nahi pata hai kitabi gyaan sirf ek gadhe ki tarah dhone vala gyaan hai all shabd gyaan vigyan hai jo apne aap swayam bolta hai shabd hi Brahma hai jab shabd bolta hai toh koi nahi bolta hai isliye shabd swayam bolta hai aur shabd ko bolne ki anumati honi hi chahiye jab se shuru hua hai tab se log abhiyan ko badhawa de rahe hain arth gyaan kya hai aaj se aadhyatmik rahasya rachna pratham jana adhyatmik jagat ki rachna jaha aakar ruk jaati hai wahan se arth gyaan chaalu hota hai shabd gyaan me vigyan me kitna antar hai jitna kisi ka purana photo ho toh saamne baitha hua vyakti saamne baitha vyakti jaisa hoga waisa hi photo jitne din purana hoga utana hi nazar aayega bus isme ati jagat me yahi hai kya rishta hai ki agyanata ke karan log aaj sab tension me hai musibat me hai pareshani me hai shabd gyaan jisko ho jata hai usko tension musibat pareshani blood pressure sugar thyroid ki sabzi maar diya usse achi dur ho jaati hai dur chali jaati toh aaj hum sab jo pareshan hain aur gyaan sab gyaan apnana hoga toh mujhe purn asha hai ki hum sab milkar apni sarkar ko apne yashashvi pradhanmantri ko yah chalte shabd gun gyaan hum ko aage chote chote baccho ko padhaya jaaye kya aap maante hain ki agar krodh ke avgun hamare teen char paanch saal ke bacche ko sikha diya jaaye toh vaah jeevan me krodh aur hinsa wadi hoga jaise krodh ke avgun hai ki aise karm jaise rachna aur save jaisi shakti aur jaise bhejiye isliye agar yah avgun hamare chote bacche ko samjha diya jaenge toh roti nahi hoga hinsak nahi hoga deshbhakt hoga ya rishi muni jaisa hoga isliye main aapse nivedan karta hoon ki aap meri sujhaav ko miss ko salah nahi kahunga salah barabar waale ko di jaati lekin yah sujhaav koi bhi de sakta hai mere sujhaav ko aap apne yashashvi pradhanmantri hamare yashashvi pradhanmantri ji tak pohcha jisse is gyaan ka syllabus bane aur hamare nanhe munne bacche jo hain vaah aane waale samay me gyani dhyani aur desh bhag aur bhrashtachar mukt samaj de sake aisi meri chahen dhanyavad namaskar

हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने का एक ही तरीका है और वह तरीका है हमारे आने वाली पीढ़ी

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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हम क्यों नहीं है वैसे तो सभी के लिए मानसिकता चाहिए हमारे देश एक कानून सुधारने चाहिए अंग्रेजों के जमाने में जो आज तक चल रहे हैं विस्तार की आवश्यकता है दूसरा उन लोगों की मानसिकता के लोग भ्रष्टाचार को गिफ्ट दे सकते हैं लेकिन जहां तक रहता है साथ लेकर आता है मोहन सारी बात को भूल जाते हैं भ्रष्टाचार करते हैं और वह करवाते हैं इसलिए ऐसे हालात में हमने राष्ट्रीय तो होना अनिवार्य है यदि में राष्ट्रीयता है तो नाम भ्रष्टाचार करेंगे नोबिता चार करने में मदद मिलेगी क्योंकि हमारे देश का नुकसान होता है की मानता हूं और यह लो क्योंकि मैं दर्शन हमाम में सभी नंगे इसलिए यह लोग इस वक्त पचवारा की लेखनी फिल्म करवा चौथ में हजारों करोड़ों के रुपए लोगों ने जला डाले या आपके देखेगी लावारिस हालात पर मैंने क्या कहा देश के प्रति लोगों रिप्लाई करती करती थी ऐसी बात दबा क्षेत्रवाद आदि के कारण से उसे छुपाए जाते हैं परिणाम स्वरूप देश को नुकसान होता है यह जो कालाबाजारी करने वाले हैं यह देश बॉलिंग करने वाले हैं यह सब बताते हैं कि घोटाले करने वाले शुभम तुम्हारे भाई तो है तुम भारतीयों की कोई न कोई भाई है कोई न कोई पार्टी है जो भारतीय होने का पट्टा ले रखा है जिसने लेकिन भोपाल के नागरिक के कर्तव्य को पूरा नहीं कर रहा है वह भारत के विकास में सहयोग नहीं दे रहा है जबकि इमानदारी से उसे अपना पैसा यदि चाहिए सरकार को टैक्स जाना चाहिए तो छोड़ देनी चाहिए चाहिए भाई गलती मेरी है और वैसे सुधारना चाहता हूं मैं सत्य मार्ग पर चलने वाला होना चाहिए क्योंकि मैं मानता हूं मुझसे गलती होती है और मैं आ जाता है तो साइड में भी भूल जाता हूं मैं इसे मान के चलिए क्योंकि कहीं ना कहीं तो आप भी लिप्त है यह सत्य है क्योंकि मैं भी इस बात से देख कर सकता हूं आपको भी बहुत-बहुत श्री राम हम भारतीयों को यथासंभव इस भ्रष्टाचार को समाप्त करने में पूरा सहयोग देना चाहिए और हम लोग भ्रष्टाचारी हो जाएगा और भारतीयों के लिए आ जाएंगे और भारत संपत्ति के रास्ते पर चल पड़ेगा

hum kyon nahi hai waise toh sabhi ke liye mansikta chahiye hamare desh ek kanoon sudhaarne chahiye angrejo ke jamane mein jo aaj tak chal rahe hain vistaar ki avashyakta hai doosra un logo ki mansikta ke log bhrashtachar ko gift de sakte hain lekin jaha tak rehta hai saath lekar aata hai mohan saree baat ko bhool jaate hain bhrashtachar karte hain aur vaah karwaate hain isliye aise haalaat mein humne rashtriya toh hona anivarya hai yadi mein rastriyata hai toh naam bhrashtachar karenge nobita char karne mein madad milegi kyonki hamare desh ka nuksan hota hai ki manata hoon aur yah lo kyonki main darshan hamam mein sabhi nange isliye yah log is waqt pachwara ki lakhni film karva chauth mein hazaro karodo ke rupaye logo ne jala dale ya aapke dekhenge lawaris haalaat par maine kya kaha desh ke prati logo reply karti karti thi aisi baat daba kshetravad aadi ke karan se use chupaye jaate hain parinam swaroop desh ko nuksan hota hai yah jo kalabajari karne waale hain yah desh bowling karne waale hain yah sab batatey hain ki ghotale karne waale subham tumhare bhai toh hai tum bharatiyon ki koi na koi bhai hai koi na koi party hai jo bharatiya hone ka patta le rakha hai jisne lekin bhopal ke nagarik ke kartavya ko pura nahi kar raha hai vaah bharat ke vikas mein sahyog nahi de raha hai jabki imaandari se use apna paisa yadi chahiye sarkar ko tax jana chahiye toh chod deni chahiye chahiye bhai galti meri hai aur waise sudharna chahta hoon main satya marg par chalne vala hona chahiye kyonki main manata hoon mujhse galti hoti hai aur main aa jata hai toh side mein bhi bhool jata hoon main ise maan ke chaliye kyonki kahin na kahin toh aap bhi lipt hai yah satya hai kyonki main bhi is baat se dekh kar sakta hoon aapko bhi bahut bahut shri ram hum bharatiyon ko yathasambhav is bhrashtachar ko samapt karne mein pura sahyog dena chahiye aur hum log bhrashtachaari ho jaega aur bharatiyon ke liye aa jaenge aur bharat sampatti ke raste par chal padega

हम क्यों नहीं है वैसे तो सभी के लिए मानसिकता चाहिए हमारे देश एक कानून सुधारने चाहिए अंग्रे

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Dhananjay Kumar

government

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जनतंत्र में भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए आम जनता को ही आगे आना पड़ेगा कोई पदाधिकारी जबरन पैसा नहीं डिमांड कर सकता है हो सकता है कि आपके काम को टालमटोल कर रहा हूं 1 दिन में ना करें वह दिखाना चाह रहा हूं कि हमें पैसा चाहिए यदि आप उसे एक बार में दे देते हैं तब तो आपका पीछे पड़ जाएगा दोबारा भी है क्या वह आपका भी आदत बन जाएगा तो हमेशा ध्यान रखें कि आप अंदर बेचैनी ना किसी काम के प्रति अब आराम से अपना काम होने दे प्रोसेस से होने में टाइम लगेगा हो सकता है उसके लिए आपको आकर्षित होने की जरूरत नहीं है और कोई भी इंसान जब लग रही हो करके आपसे पैसा का डिमांड करता है तो उसे मूर्ख कोई नहीं है और भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना है तो जनता को ही आगे आना होगा धन्यवाद आभार अभिनंदन

jantantra me bhrashtachar ko jad se mitane ke liye aam janta ko hi aage aana padega koi padadhikaari jabran paisa nahi demand kar sakta hai ho sakta hai ki aapke kaam ko talamatol kar raha hoon 1 din me na kare vaah dikhana chah raha hoon ki hamein paisa chahiye yadi aap use ek baar me de dete hain tab toh aapka peeche pad jaega dobara bhi hai kya vaah aapka bhi aadat ban jaega toh hamesha dhyan rakhen ki aap andar bechaini na kisi kaam ke prati ab aaram se apna kaam hone de process se hone me time lagega ho sakta hai uske liye aapko aakarshit hone ki zarurat nahi hai aur koi bhi insaan jab lag rahi ho karke aapse paisa ka demand karta hai toh use murkh koi nahi hai aur bhrashtachar ko jad se mitana hai toh janta ko hi aage aana hoga dhanyavad abhar abhinandan

जनतंत्र में भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए आम जनता को ही आगे आना पड़ेगा कोई पदाधिकारी

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Dr Devansh Yadav

Additional Deputy Commissioner at ADC Bordumsa, Government of Arunachal Pradesh

0:38
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भ्रष्टाचार भी हमारे समाज का एक प्रतिबिंब है तो मेरे को लगता है जैसे जैसे समाज ठीक होगा उस प्रकार से भ्रष्टाचार भी ठीक हो जाएगा जाट अक्सर लोगों की बात है तो किस तरह से बोलते हैं किनारे खड़े एक जैसे नहीं होते हैं तो कोशिश करनी चाहिए कि जो अच्छे लोग हैं जो अच्छे अफसर हैं उनको ज्यादा से ज्यादा ध्यान दिया जाए वो लोग आगे कैसे कैसे चलता है

bhrashtachar bhi hamare samaj ka ek pratibimb hai toh mere ko lagta hai jaise jaise samaj theek hoga us prakar se bhrashtachar bhi theek ho jaega jaat aksar logo ki baat hai toh kis tarah se bolte hain kinare khade ek jaise nahi hote hain toh koshish karni chahiye ki jo acche log hain jo acche officer hain unko zyada se zyada dhyan diya jaaye vo log aage kaise kaise chalta hai

भ्रष्टाचार भी हमारे समाज का एक प्रतिबिंब है तो मेरे को लगता है जैसे जैसे समाज ठीक होगा उस

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प्रश्न जी है क्या आपको लगता है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने का तरीका है जी हां भाई साहब बिल्कुल है लोगों को आप लोगों को समझाएं कि जो जो राजनीतिक दल है भ्रष्टाचारी है उनको वोट देनी बंद कर दो इनको यह गाना बंद कर दें जाति समाज के नाम पर इन को वोट देना बंद कर दो कि भ्रष्टाचार आप देखिए कि कौन सा उम्मीदवार अच्छा है जाति सुनता है आपका एक वोट ही आपकी आप लोगों से लोगों की किस्मत को बदल सकता है भ्रष्टाचार जो बड़े-बड़े राजनीतिक दल या जो सत्ता प्राप्त करते हैं वह सभी के सभी किसी न किसी तरीके से दफा हो जा फिर से ज्यादा जाकर अब तो हो जा अपराधियों इसको मत देना बंद कर दीजिए कोई दूसरा अगर किसी भी पार्टी से नहीं पकड़ा है कोई आजाद खड़ा है अगर वह आपको लगता ईमानदार है उसकी शादी लोगों में उनको मत लीजिए से भ्रष्टाचार को हल करने के लिए एक कदम होगा धन्यवाद

prashna ji hai kya aapko lagta hai ki hamare desh me bhrashtachar ko hal karne ka tarika hai ji haan bhai saheb bilkul hai logo ko aap logo ko samjhaye ki jo jo raajnitik dal hai bhrashtachaari hai unko vote deni band kar do inko yah gaana band kar de jati samaj ke naam par in ko vote dena band kar do ki bhrashtachar aap dekhiye ki kaun sa ummidvar accha hai jati sunta hai aapka ek vote hi aapki aap logo se logo ki kismat ko badal sakta hai bhrashtachar jo bade bade raajnitik dal ya jo satta prapt karte hain vaah sabhi ke sabhi kisi na kisi tarike se dafa ho ja phir se zyada jaakar ab toh ho ja apradhiyon isko mat dena band kar dijiye koi doosra agar kisi bhi party se nahi pakada hai koi azad khada hai agar vaah aapko lagta imaandaar hai uski shaadi logo me unko mat lijiye se bhrashtachar ko hal karne ke liye ek kadam hoga dhanyavad

प्रश्न जी है क्या आपको लगता है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने का तरीका है जी हां भ

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जी हां भारत में भ्रष्टाचार को हल करने के लिए है तरीका अगर हम सब शिक्षित रहे और पूरे देश शिक्षित हो तो हम सब मिलकर एक नई सुझाव निकाल सकते हैं और इससे चाहे तो भ्रष्टाचार खत्म कर सकते हैं

ji haan bharat mein bhrashtachar ko hal karne ke liye hai tarika agar hum sab shikshit rahe aur poore desh shikshit ho toh hum sab milkar ek nayi sujhaav nikaal sakte hain aur isse chahen toh bhrashtachar khatam kar sakte hain

जी हां भारत में भ्रष्टाचार को हल करने के लिए है तरीका अगर हम सब शिक्षित रहे और पूरे देश शि

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Jagdish Saxena

Nagrik Adhikar Chetna Parishad (NGO)

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मैं स्वतंत्रता सेनानी परिवार का सदस्य हूं वर्ष 1974 से नागरिक अधिकार चेतना परिषद के नाम से अंजू चला रहा हूं जिसका मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष भ्रष्टाचार चंद मिनटों में सुधर सकता है देश यदि काम करने का नजरिया सही हो तो

main swatantrata senani parivar ka sadasya hoon varsh 1974 se nagarik adhikaar chetna parishad ke naam se Anju chala raha hoon jiska main rashtriya adhyaksh bhrashtachar chand minaton me sudhar sakta hai desh yadi kaam karne ka najariya sahi ho toh

मैं स्वतंत्रता सेनानी परिवार का सदस्य हूं वर्ष 1974 से नागरिक अधिकार चेतना परिषद के नाम से

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देखिए भ्रष्टाचार यानी करप्शन एक बहुत ही अहम मुद्दा है खासतौर से हमारे देश के लिए और ऐसा नहीं है कि हमारे यहां हर देश में कहीं ना कहीं किसी न किसी स्तर पर यह मौजूद है कहीं कम है तो कहीं ज्यादा है कहीं पता नहीं चलता है कहीं पता चल जाता है और हल करने का जहां तक बात है यह एक बड़ा विषम प्रश्न है लोग कहते ऐसा मानते हैं मानते थे भी यह मानते हैं कह सकते हैं कि यदि टॉप ब्रा सैनिक टॉप लेवल अगर इमानदार हो तो डेफिनेटली भ्रष्टाचार खत्म हो सकता है कम हो सकता है अभी अभी आप किस आधार पर चलते हैं तो देश का सर्वोच्च पद प्रधानमंत्री बहुत इमानदार अब यूपी ले लीजिए यहां का मुख्यमंत्री योगी बेहद ईमानदार कहीं से भ्रष्टाचार छू कर भी नहीं दूसरा इनको लेकिन उसके बावजूद आप कोई भी सरकारी काम कराने जाए 90% आपको भ्रष्टाचारियों से मुलाकात होगी क्यों क्योंकि हमारी नस नस में भ्रष्टाचार घुस चुका है इंसल्ट हो गया है पर वक्त हो गया है हर शाख पे उल्लू बैठा है अंजामे गुलिस्तां क्या होगा तो ऐसी विषम परिस्थितियों में हम यह उम्मीद करें कि भ्रष्टाचार समाप्त हो जाएगा मुझे तो बात बेईमानी रखता है हां कोई चमत्कार हो या एक बहुत लंबी प्रक्रिया के 100 साल बाद 50 साल बाद खत्म हो जाएगा तो वह तो किसी ने नहीं देखा लेकिन बहुत बहुत मुश्किल है कि हर व्यक्ति तो नहीं कहूंगा मैं लेकिन हां ज्यादातर एटी परसेंट जो सरकारी कर्मचारी है कोई भी इस तरह का जो आपको किसी कार्य में समर्थ है वह कुछ ना कुछ लेने के उसमें रहता है क्योंकि वह तो दूसरा मांगे चेन चेन रिएक्शन को तोड़ना जैसे न्यूक्लियर साइंस में होता है कि किसी ऑडिटर की जरूरत हो इट्स वेरी वेरी डिफिकल्ट तो चलिए उम्मीद पर दुनिया कायम है हम लोग यह मान सकते हैं कि लंबे समय बाद इसकी समाप्ति होगी लेकिन बहुत मुश्किल दिखाई देता है वर्तमान परिस्थितियों में

dekhiye bhrashtachar yani corruption ek bahut hi aham mudda hai khaasataur se hamare desh ke liye aur aisa nahi hai ki hamare yahan har desh me kahin na kahin kisi na kisi sthar par yah maujud hai kahin kam hai toh kahin zyada hai kahin pata nahi chalta hai kahin pata chal jata hai aur hal karne ka jaha tak baat hai yah ek bada visham prashna hai log kehte aisa maante hain maante the bhi yah maante hain keh sakte hain ki yadi top bra sainik top level agar imaandaar ho toh definetli bhrashtachar khatam ho sakta hai kam ho sakta hai abhi abhi aap kis aadhar par chalte hain toh desh ka sarvoch pad pradhanmantri bahut imaandaar ab up le lijiye yahan ka mukhyamantri yogi behad imaandaar kahin se bhrashtachar chu kar bhi nahi doosra inko lekin uske bawajud aap koi bhi sarkari kaam karane jaaye 90 aapko bharashtachariyo se mulakat hogi kyon kyonki hamari nas nas me bhrashtachar ghus chuka hai insult ho gaya hai par waqt ho gaya hai har shakh pe ullu baitha hai anjame gulistan kya hoga toh aisi visham paristhitiyon me hum yah ummid kare ki bhrashtachar samapt ho jaega mujhe toh baat baimani rakhta hai haan koi chamatkar ho ya ek bahut lambi prakriya ke 100 saal baad 50 saal baad khatam ho jaega toh vaah toh kisi ne nahi dekha lekin bahut bahut mushkil hai ki har vyakti toh nahi kahunga main lekin haan jyadatar eighty percent jo sarkari karmchari hai koi bhi is tarah ka jo aapko kisi karya me samarth hai vaah kuch na kuch lene ke usme rehta hai kyonki vaah toh doosra mange chain chain reaction ko todna jaise nuclear science me hota hai ki kisi auditor ki zarurat ho its very very difficult toh chaliye ummid par duniya kayam hai hum log yah maan sakte hain ki lambe samay baad iski samapti hogi lekin bahut mushkil dikhai deta hai vartaman paristhitiyon me

देखिए भ्रष्टाचार यानी करप्शन एक बहुत ही अहम मुद्दा है खासतौर से हमारे देश के लिए और ऐसा नह

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Kaalki

Yoga Trainer 8630500806 If U Wnt Any Information About Yog

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भ्रष्टाचार को हल करने का सिर्फ एक ही तरीका है और वह यह कि लोगों को पहले तो यह समझाने की जरूरत है कि इस दुनिया में जो भी है वह सब नश्वर है यानी कि यह पैसे से लेकर आपकी एक-एक खुशी उस सब नश्वर है नाशवान है वह एक समय तक है उसके बाद खत्म हो जाएगी तो जब ऐसी मनोज स्थिति इंसानों की बनने लगेगी और उन्हें समझ आने लगेगा कि दुनिया के बाद भी एक दुनिया है जो उसका इंतजार कर रही है जीवन के खत्म होने के बाद तो मैं भी वह शायद कभी गलत काम करेगी ना भ्रष्टाचार का मतलब है गलत काम एक लालच तो अगर भ्रष्टाचार को खत्म करने का कोई हल है तो वह सिर्फ यह कि हमें लोगों की मानसिकता को बदलना पड़ेगा क्योंकि भ्रष्टाचार एक बड़े से बड़ा अफसर ने एक छोटे से छोटे पायदान पर भी होता है एक गरीब दूसरे गरीब कोई नोच रहा है एक बड़ा उत्तरी गरीब को नहीं मार रहा है यहां पर एक गरीब गरीब को ही खा रहा है तो यह क्या है सब मन की मानसिकता और अगर उसे बदलनी है तो देश में योग का प्रचार बहुत तेजी से प्रचलित करना पड़ेगा युवक को कुछ इस तरीके से करना पड़ेगा कि जैसे कानूनन धारा लग जाए यानी कि जो योग ना करें उस पर चार्ज एस उस पर फाइन लगा दिया जाए मेरा विश्वास है कि जब हम सभी योग में लीन हो जाएंगे यानी कि योग करना शुरू कर देंगे तो हम लोगों की जो मानसिकता उसमें एक बदलाव आने लगेगा जो हमें यह समझ आएगा कि दुनिया में जो भी चीज है वह सब आए फिर है कोई भी चीज स्थिर नहीं है तब नाशवान है 1 दिन खत्म हो जाएगी और तब शायद हमें एक आध्यात्मिक जीवन को इसी धरती पर प्राप्त कर लेंगे जिसमें कोई लालच नहीं होता कोई इच्छा नहीं होती सिर्फ और सिर्फ होती है तो दूसरों की सेवा तो ही हम भ्रष्टाचार को खत्म कर सकते हैं योग ही एक हल है जो भ्रष्टाचार को खत्म कर सकता है बाकी मानसिकता बदलने के लिए आप किसी को कितनी भी अच्छी अच्छी बातें करते हो एक ना एक दिन फिर भी गलत काम कर ही देगा अगर किसी मानसिकता पर सही प्रभाव डालना है तो उसके मन को उसके ध्यान को केंद्रित करना है योग की और उसकी ओर और भगवान की अल्लाह की ओर नमस्कार धन्यवाद

bhrashtachar ko hal karne ka sirf ek hi tarika hai aur vaah yah ki logo ko pehle toh yah samjhane ki zarurat hai ki is duniya me jo bhi hai vaah sab nashwar hai yani ki yah paise se lekar aapki ek ek khushi us sab nashwar hai nashvan hai vaah ek samay tak hai uske baad khatam ho jayegi toh jab aisi manoj sthiti insano ki banne lagegi aur unhe samajh aane lagega ki duniya ke baad bhi ek duniya hai jo uska intejar kar rahi hai jeevan ke khatam hone ke baad toh main bhi vaah shayad kabhi galat kaam karegi na bhrashtachar ka matlab hai galat kaam ek lalach toh agar bhrashtachar ko khatam karne ka koi hal hai toh vaah sirf yah ki hamein logo ki mansikta ko badalna padega kyonki bhrashtachar ek bade se bada officer ne ek chote se chote payadan par bhi hota hai ek garib dusre garib koi notch raha hai ek bada uttari garib ko nahi maar raha hai yahan par ek garib garib ko hi kha raha hai toh yah kya hai sab man ki mansikta aur agar use badalni hai toh desh me yog ka prachar bahut teji se prachalit karna padega yuvak ko kuch is tarike se karna padega ki jaise kanunan dhara lag jaaye yani ki jo yog na kare us par charge S us par fine laga diya jaaye mera vishwas hai ki jab hum sabhi yog me Lean ho jaenge yani ki yog karna shuru kar denge toh hum logo ki jo mansikta usme ek badlav aane lagega jo hamein yah samajh aayega ki duniya me jo bhi cheez hai vaah sab aaye phir hai koi bhi cheez sthir nahi hai tab nashvan hai 1 din khatam ho jayegi aur tab shayad hamein ek aadhyatmik jeevan ko isi dharti par prapt kar lenge jisme koi lalach nahi hota koi iccha nahi hoti sirf aur sirf hoti hai toh dusro ki seva toh hi hum bhrashtachar ko khatam kar sakte hain yog hi ek hal hai jo bhrashtachar ko khatam kar sakta hai baki mansikta badalne ke liye aap kisi ko kitni bhi achi achi batein karte ho ek na ek din phir bhi galat kaam kar hi dega agar kisi mansikta par sahi prabhav dalna hai toh uske man ko uske dhyan ko kendrit karna hai yog ki aur uski aur aur bhagwan ki allah ki aur namaskar dhanyavad

भ्रष्टाचार को हल करने का सिर्फ एक ही तरीका है और वह यह कि लोगों को पहले तो यह समझाने की जर

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मुनि श्री अशोक कुमार मेरा नाम है

Business Owner ज्योतिष के विशेषज्ञ जनरल रोज

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Vguru Bhai

Business Owner

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भाई हमारे देश का क्या किसी भी देश का कोई भी काम है भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सिर्फ एक चीज हो जाए कि उनके अकाउंट में जितने भी पैसे आते हैं उसको एक विधिवत सोची से हाईलाइट कर देना चाहिए हमारे अकाउंट में या गवर्नमेंट के अकाउंट में कितना टैक्स के अकाउंट में जितनी भी पेमेंट कितनी पहचान सकते जितना भी तो काम करते हैं उसको पब्लिकली जो होना चाहिए एक ऐसी वेबसाइट है जिस पर पता हो कि उनके इनकम टैक्स इतने पैसे आई इतने इतने पैसे आए और इस से स्टेट से इतनी अनमोल कम हो रही है स्टेट से तीन कम हो रही है और वह पैसों को कहां-कहां यूटिलाइज कर रहे हैं इतना टॉयलेट हो जाए तो कुछ ज्यादा भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा और कितने एमएलए या जो भी है उनकी योर प्रॉपर्टी है उनके को रिमूव कर दिया जाए कि उनको इनकम सोच कहां से आ रहे हैं उनकी सैलरी कितनी और खर्चे कितने हैं

bhai hamare desh ka kya kisi bhi desh ka koi bhi kaam hai bhrashtachar ko rokne ke liye sirf ek cheez ho jaaye ki unke account me jitne bhi paise aate hain usko ek vidhivat sochi se highlight kar dena chahiye hamare account me ya government ke account me kitna tax ke account me jitni bhi payment kitni pehchaan sakte jitna bhi toh kaam karte hain usko publicly jo hona chahiye ek aisi website hai jis par pata ho ki unke income tax itne paise I itne itne paise aaye aur is se state se itni anmol kam ho rahi hai state se teen kam ho rahi hai aur vaah paison ko kaha kaha utilize kar rahe hain itna toilet ho jaaye toh kuch zyada bhrashtachar khatam ho jaega aur kitne mla ya jo bhi hai unki your property hai unke ko remove kar diya jaaye ki unko income soch kaha se aa rahe hain unki salary kitni aur kharche kitne hain

भाई हमारे देश का क्या किसी भी देश का कोई भी काम है भ्रष्टाचार को रोकने के लिए सिर्फ एक चीज

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Shakib

future Doctor

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क्या आपको लगता है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने का कोई तरीका है नहीं हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने का कोई तरीका नहीं है क्योंकि यहां ग मारू की तादाद ज्यादा है पढ़े-लिखे लोग बहुत कम है और जो पढ़े लिखे लोग हैं वह भी आगे से ज्यादा हमारे

kya aapko lagta hai ki hamare desh me bhrashtachar ko hal karne ka koi tarika hai nahi hamare desh me bhrashtachar ko hal karne ka koi tarika nahi hai kyonki yahan ga maaru ki tadad zyada hai padhe likhe log bahut kam hai aur jo padhe likhe log hain vaah bhi aage se zyada hamare

क्या आपको लगता है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने का कोई तरीका है नहीं हमारे देश मे

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Kesharram

Teacher

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क्या आपको लगता है कि हमारे देश से भ्रष्टाचार को हल करने का कोई तरीका है हां दोस्तों बस चार कदम हो सकता है लेकिन इसके लिए हमें जागरूक करके अभियान चलाना होगा और उस अभियान से लोगों को जागरूक करने के लिए पहल करनी होगी और जब आंसर सहयोग करेंगे तो भ्रष्टाचार क्या बड़े से बड़ा मुद्दा भी आपको बताया हेलो सकता है तो यह तो बस हजार तो एक मामूली सी बात है

kya aapko lagta hai ki hamare desh se bhrashtachar ko hal karne ka koi tarika hai haan doston bus char kadam ho sakta hai lekin iske liye hamein jagruk karke abhiyan chalana hoga aur us abhiyan se logo ko jagruk karne ke liye pahal karni hogi aur jab answer sahyog karenge toh bhrashtachar kya bade se bada mudda bhi aapko bataya hello sakta hai toh yah toh bus hazaar toh ek mamuli si baat hai

क्या आपको लगता है कि हमारे देश से भ्रष्टाचार को हल करने का कोई तरीका है हां दोस्तों बस चार

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आपका प्रश्न है आपको लगता है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने का कोई तरीका है हल करने का सिर्फ एक तरीका है सोच बदलो देश बदलो नेगेटिव सोच अपने देश को बर्बाद करते रहेंगे खुद को भी बर्बाद करते रहेंगे और अगर पॉजिटिव सोच रखेंगे अच्छी सोच रखेंगे अपने देश को ही बदल देंगे अपने आपको खुद को बदलें

aapka prashna hai aapko lagta hai ki hamare desh mein bhrashtachar ko hal karne ka koi tarika hai hal karne ka sirf ek tarika hai soch badlo desh badlo Negative soch apne desh ko barbad karte rahenge khud ko bhi barbad karte rahenge aur agar positive soch rakhenge achi soch rakhenge apne desh ko hi badal denge apne aapko khud ko badale

आपका प्रश्न है आपको लगता है कि हमारे देश में भ्रष्टाचार को हल करने का कोई तरीका है हल करने

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Poonamgupta

housewife

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हमें लगता है कि हमारे देश में सट्टा चार्ट बहुत पढ़ने का तरीका सबसे पहले तो हम हम भ्रष्टाचार दूर करने के लिए अपने आप को सही तरीके से प्रयोग करें उसके बाद हम दोस्तों को सही तरीका समझा सकते हैं क्योंकि अपराध पहले अपने अंदर उत्पन्न होता है तो जैसे अपराध है तुम्हारे अंदर उत्पन्न होता है वैसे अपनी नजर से दूसरों को देखते हो समझते हैं इसलिए पहले खुद को भ्रष्टाचार से मुक्त करना पड़ेगा तो उसके बाद अगर आप खुद ही सही रहेंगे तो धीरे-धीरे अपने चारों खुद ही खत्म हो जाएगा

hamein lagta hai ki hamare desh me satta chart bahut padhne ka tarika sabse pehle toh hum hum bhrashtachar dur karne ke liye apne aap ko sahi tarike se prayog kare uske baad hum doston ko sahi tarika samjha sakte hain kyonki apradh pehle apne andar utpann hota hai toh jaise apradh hai tumhare andar utpann hota hai waise apni nazar se dusro ko dekhte ho samajhte hain isliye pehle khud ko bhrashtachar se mukt karna padega toh uske baad agar aap khud hi sahi rahenge toh dhire dhire apne charo khud hi khatam ho jaega

हमें लगता है कि हमारे देश में सट्टा चार्ट बहुत पढ़ने का तरीका सबसे पहले तो हम हम भ्रष्टाचा

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भ्रष्टाचार कभी खत्म हो सकता है जब एक इंसान खुद संतुष्ट हो जाए एक अधिकारी अपनी सैलरी से संतुष्ट हो जाए तो शायद मुझे लगता है कि जिस दिन वो संतुष्ट हो जाएगा उस दिन यह भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा

bhrashtachar kabhi khatam ho sakta hai jab ek insaan khud santusht ho jaaye ek adhikari apni salary se santusht ho jaaye toh shayad mujhe lagta hai ki jis din vo santusht ho jaega us din yah bhrashtachar khatam ho jaega

भ्रष्टाचार कभी खत्म हो सकता है जब एक इंसान खुद संतुष्ट हो जाए एक अधिकारी अपनी सैलरी से संत

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