क्या आप एक IAS अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान ऐसे क्षण थे जब आप अपनी सरकारी नौकरी छोड़ प्राइवट प्रैक्टिस में शामिल होना चाहते थे?...


user

Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

0:18
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राइवेट जॉब से आईएएस की नौकरी में हैं और कई का इशारा मिल नहीं पाई

private job se IAS ki naukri me hain aur kai ka ishara mil nahi payi

प्राइवेट जॉब से आईएएस की नौकरी में हैं और कई का इशारा मिल नहीं पाई

Romanized Version
Likes  474  Dislikes    views  3913
WhatsApp_icon
5 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

0:19
Play

Likes  547  Dislikes    views  6845
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां कई बार मेरे लाइफ में आया कि मैं कुछ क्रिएटिव करूं तो मुझे लगा पहले जब मैं सोचता था तो मुझे लगा भी जल्दी है किसी और को शुरू न करने की सलाह दी के अभी जल्दी है पहले मैच में क्या हुआ अभी आप मत करो अब देखो फोटो जाओगे तब आप करना तब सोच लेना साल के बाद में उसने मुझे अच्छी पोस्टिंग इतनी अच्छी रिस्पेक्ट मिली अब मुझे लगता है कि मैंने ठीक टाइम पर पहुंचे मुझे लगा कि अब मैं इसको पहुंच जाऊं तो पब्लिक स्पीकिंग मोटिवेशन स्पीच राइटिंग करनी है एडवाइजर भाई करने वाली जो स्टेज नहीं है अब आप खुद अपनी क्रिएटिव थिंकिंग करनी है तब मैंने जो पहले मैंने सोचा इसके बारे में दो-तीन बार लेकिन मैंने कोई ऑप्शन नहीं है

haan kai baar mere life mein aaya ki main kuch creative karu toh mujhe laga pehle jab main sochta tha toh mujhe laga bhi jaldi hai kisi aur ko shuru na karne ki salah di ke abhi jaldi hai pehle match mein kya hua abhi aap mat karo ab dekho photo jaoge tab aap karna tab soch lena saal ke baad mein usne mujhe achi posting itni achi respect mili ab mujhe lagta hai ki maine theek time par pahuche mujhe laga ki ab main isko pohch jaaun toh public speaking motivation speech writing karni hai advisor bhai karne wali jo stage nahi hai ab aap khud apni creative thinking karni hai tab maine jo pehle maine socha iske bare mein do teen baar lekin maine koi option nahi hai

हां कई बार मेरे लाइफ में आया कि मैं कुछ क्रिएटिव करूं तो मुझे लगा पहले जब मैं सोचता था तो

Romanized Version
Likes  77  Dislikes    views  2536
WhatsApp_icon
play
user

Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

0:28

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो कोई भी आईएएस ऑफिसर होता है वह आईएएस ऑफिस छोड़ कर के प्राइवेट प्रैक्टिस जानने की कोशिश नहीं करेगा जब तक ही उसके अंदर योग्यता ना हो 1086 नहीं हो या आईएस केजे विश्वास पलटी है उसको निभाने में समर्थ ना हो अगर वह सबको समर्थ है तो कोई भी आईएएस ऑफिसर आईएस को छोड़कर के 24 25 जाने का ताजा

jo koi bhi IAS officer hota hai vaah IAS office chod kar ke private practice jaanne ki koshish nahi karega jab tak hi uske andar yogyata na ho 1086 nahi ho ya ias kj vishwas palati hai usko nibhane mein samarth na ho agar vaah sabko samarth hai toh koi bhi IAS officer ias ko chhodkar ke 24 25 jaane ka taaza

जो कोई भी आईएएस ऑफिसर होता है वह आईएएस ऑफिस छोड़ कर के प्राइवेट प्रैक्टिस जानने की कोशिश न

Romanized Version
Likes  288  Dislikes    views  6638
WhatsApp_icon
user

DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

2:21
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने प्रश्न क्या क्या आप एक आईएएस अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान आपकी जिंदगी में शिक्षण से आप सरकारी नौकरी छोड़ प्राइवेट प्रैक्टिस में जानना चाहते थे सारे चुना क्योंकि नौकरी ज्वाइन करते हैं तो बड़ी सपने बड़ी कल्पनाएं बड़ी खुशियां होती है देश को सुधारने की समाज को चुराने की परिवार के लिए कुछ करने की लेकिन कुछ ही समय पश्चात जब एक अधिकारी सोने के पिंजरे में कैद कर दिया जाता है सोच मार मार के पिंजरे को काटने की कोशिश करता है लेकिन उस शख्स पिंजरा अपनी सुनहरी छाया से आंखों को इंदिरा कर देता है चमक छीन लेता है उसका मन करता कि पिंजरे से कैद होकर मैं किसी दूसरे खेत में चला जाऊं और उड़ जाऊं और वह प्राइवेट नौकरी या कारपेट नौकरी में ज्वाइन करना अच्छा समझता है हम इस बात की धारा ने सब कुछ होने के बाद भी भी हमने शिक्षा क्षेत्र का जीवन पाया क्योंकि हमें लगा कि इससे हम आज आरो लोगों को अपनी सेवाएं दे सकेंगे और जो राजनीतिक कारण है जो प्रभाव कराने जो दवा आपकी फ्रेंड है जो प्रभु की शैली है उसमें रहके हम काम नहीं कर सकते उससे मुक्त होकर स्वतंत्र रूप से अमित टीचर के पैसे में काम कर सकते हो हमने किया लेकिन इस पेशे में भी बहुत राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा लेकिन हमने उन जवानों को महसूस ने किया यह जाने ही नहीं कि किस राजनीतिक क्षेत्र की बात चल रही है वह कहां तक प्रभाव कारी इसलिए स्वतंत्र पूर्वक कार्य करते चले गए और हमें कहीं प्रैक्टिस में दूसरी ना जाने की नौबत भी नहीं है

aapne prashna kya kya aap ek IAS adhikari ke roop mein apne karyakal ke dauran aapki zindagi mein shikshan se aap sarkari naukri chod private practice mein janana chahte the saare chuna kyonki naukri join karte hain toh badi sapne badi kalpanaen badi khushiya hoti hai desh ko sudhaarne ki samaj ko churane ki parivar ke liye kuch karne ki lekin kuch hi samay pashchat jab ek adhikari sone ke pinjare mein kaid kar diya jata hai soch maar maar ke pinjare ko katne ki koshish karta hai lekin us sakhs pinjara apni sunahari chhaya se aankho ko indira kar deta hai chamak cheen leta hai uska man karta ki pinjare se kaid hokar main kisi dusre khet mein chala jaaun aur ud jaaun aur vaah private naukri ya carpet naukri mein join karna accha samajhata hai hum is baat ki dhara ne sab kuch hone ke baad bhi bhi humne shiksha kshetra ka jeevan paya kyonki hamein laga ki isse hum aaj RO logo ko apni sevayen de sakenge aur jo raajnitik karan hai jo prabhav karane jo dawa aapki friend hai jo prabhu ki shaili hai usme rehke hum kaam nahi kar sakte usse mukt hokar swatantra roop se amit teacher ke paise mein kaam kar sakte ho humne kiya lekin is peshe mein bhi bahut raajnitik dabaav ka samana karna pada lekin humne un jawano ko mehsus ne kiya yah jaane hi nahi ki kis raajnitik kshetra ki baat chal rahi hai vaah kahaan tak prabhav kaari isliye swatantra purvak karya karte chale gaye aur hamein kahin practice mein dusri na jaane ki naubat bhi nahi hai

आपने प्रश्न क्या क्या आप एक आईएएस अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान आपकी जिंदगी मे

Romanized Version
Likes  64  Dislikes    views  1289
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!