कई युवा अधिकारियों को सिवल सेवा में इतनी निराशा क्यों होती है कि वे उस सेवा से इस्तीफा दे देते हैं जो उन्हें इतनी मेहनत के बाद मिलती है?...


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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

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भाई इसमें अजी युवक को काफी ज्यादा हो गए हैं और हमारे जो आते हैं वह दबाव कैसे हम पसंद करते हैं

bhai isme aji yuvak ko kaafi zyada ho gaye hain aur hamare jo aate hain vaah dabaav kaise hum pasand karte hain

भाई इसमें अजी युवक को काफी ज्यादा हो गए हैं और हमारे जो आते हैं वह दबाव कैसे हम पसंद करते

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Ansh jalandra

Motivational speaker & criminal lawyer

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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अपने पास शेतकरी सिविल सेवा परीक्षा में इतनी निराश हो जाते हैं इस्तीफा दे देते हैं जबकि बड़ी मेहनत से उनको मिलती है इसमें कोई संदेह नहीं है जो इतनी मेहनत से प्राप्त करते हैं वह इस्तीफा देते नहीं है उनको शिफा देने के लिए रेस्ट राजतंत्र मजबूर करता है क्योंकि इमानदार और निष्ठावान कोई भी अधिकारी जिसने शपथ पीछे उसके खिलाफ काम नहीं करते हो सिद्धांतों के खिलाफ नहीं जाते जो उनके साथ ट्रांसफर का उनकी परिवार का और इतना अन्याय किया जाता है कि उनका जीना हराम हो जाता है उनको भेड़ बकरी चित्र आ पाया जाता है अनपढ़ राज चंचल के नेता उनको चाहते हैं तो हताशा होगा और सुकून भरी जिंदगी जीने के लिए एसी फ्रिज मारा मानना है कि उन्हें इस्तीफा देने की वजह है जहां भी जाए अपनी इमानदारी से जनता का दिल जीतने से राष्ट्र संघ के नेताओं को फूल चढ़ाते हारिए न हिम्मत बिचारी नाना यह शपथ पाएं कि मैं भ्रष्टाचार करने दूंगा और भ्रष्टाचारी को पेट्रोल चटा लूंगा जनता को के साथ मिलकर उन्हें अहसास कराएं कि जब भी कहां पर हो जनता सड़क पर खड़ी है और जनता की मांग के आगे बड़े बड़ों को झुकना पड़ता है क्योंकि यह पता लग जाता है ऐसी सीमानदार अक्षर के जीवन को भी खतरा राजनीतिक तुमसे हो जाता है जनता को अपने इस सरकारी की रक्षा के लिए अपनी सुरक्षा करनी चाहिए बजाय सरकार के द्वारा सिर्फ शिक्षा दें क्योंकि सरकार सुरक्षा के घेरे में ही इनके जीवन के लिए खतरा बन सकती है

apne paas shetkari civil seva pariksha me itni nirash ho jaate hain istifa de dete hain jabki badi mehnat se unko milti hai isme koi sandeh nahi hai jo itni mehnat se prapt karte hain vaah istifa dete nahi hai unko shifa dene ke liye rest rajtantra majboor karta hai kyonki imaandaar aur nisthawan koi bhi adhikari jisne shapath peeche uske khilaf kaam nahi karte ho siddhanto ke khilaf nahi jaate jo unke saath transfer ka unki parivar ka aur itna anyay kiya jata hai ki unka jeena haraam ho jata hai unko bhed bakri chitra aa paya jata hai anpad raj chanchal ke neta unko chahte hain toh hatasha hoga aur sukoon bhari zindagi jeene ke liye ac fridge mara manana hai ki unhe istifa dene ki wajah hai jaha bhi jaaye apni imaandari se janta ka dil jitne se rashtra sangh ke netaon ko fool chadhate hariye na himmat bichari nana yah shapath paen ki main bhrashtachar karne dunga aur bhrashtachaari ko petrol chata lunga janta ko ke saath milkar unhe ehsaas karaye ki jab bhi kaha par ho janta sadak par khadi hai aur janta ki maang ke aage bade badon ko jhukna padta hai kyonki yah pata lag jata hai aisi simandar akshar ke jeevan ko bhi khatra raajnitik tumse ho jata hai janta ko apne is sarkari ki raksha ke liye apni suraksha karni chahiye bajay sarkar ke dwara sirf shiksha de kyonki sarkar suraksha ke ghere me hi inke jeevan ke liye khatra ban sakti hai

अपने पास शेतकरी सिविल सेवा परीक्षा में इतनी निराश हो जाते हैं इस्तीफा दे देते हैं जबकि बड़

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

1:43
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आपका पर्सनल युवा अधिकारियों को सिविल सेवा में निराशा क्योंकि देश सेवा से इस्तीफा देते हैं वह सब इसलिए वह ज्यादा सक्षम विचार के व्यक्ति होते हैं जिन्हें इसी प्रकार का अपने कार्य में हस्तक्षेप या कार्य देश पसंद नहीं वास्तव में सर्विस सेवा किस पर कुछ भी हो सुपीरियर कोर्ट नेट से ही सेवाएं बंधी हुई होती जिस स्तर पर आपको काम मिलता है जॉब करते हैं तो आपको एक समूह आप के अधीन काम करता है जो आप के निर्देशों का पालन करता एक समूह रहता है जिसके निर्देशों का पालन आपको करना पड़ता है कई बार जो नई युवा पीढ़ी है अपने से ऊपर जो सीनियर आईएएस आईपीएस ऑफिसर वह उतना नहीं बन पाता जितना कि बनना चाहिए और उसका परिणाम यह होता है हताशा और निराशा में योग शिक्षा के नगर शुरुआत का कुछ समय संभाल लिया या मना कर दिया प्रशासनिक सेवा आनंद भी बहुत संतुष्टि और लोगों को न्याय दिलाने के लोगों की सेवा करने की औषधि है

aapka personal yuva adhikaariyo ko civil seva me nirasha kyonki desh seva se istifa dete hain vaah sab isliye vaah zyada saksham vichar ke vyakti hote hain jinhen isi prakar ka apne karya me hastakshep ya karya desh pasand nahi vaastav me service seva kis par kuch bhi ho Superior court net se hi sevayen bandhi hui hoti jis sthar par aapko kaam milta hai job karte hain toh aapko ek samuh aap ke adheen kaam karta hai jo aap ke nirdeshon ka palan karta ek samuh rehta hai jiske nirdeshon ka palan aapko karna padta hai kai baar jo nayi yuva peedhi hai apne se upar jo senior IAS ips officer vaah utana nahi ban pata jitna ki banna chahiye aur uska parinam yah hota hai hatasha aur nirasha me yog shiksha ke nagar shuruat ka kuch samay sambhaal liya ya mana kar diya prashaasnik seva anand bhi bahut santushti aur logo ko nyay dilaane ke logo ki seva karne ki aushadhi hai

आपका पर्सनल युवा अधिकारियों को सिविल सेवा में निराशा क्योंकि देश सेवा से इस्तीफा देते हैं

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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Yog Guru Amit Agrawal Rishiyog

Yoga Acupressure Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कई युवा अधिकारी सिविल सेवा में इतनी निराशा क्यों होती है कि उस सेवा से इस्तीफा दे देते हैं जो ने इतनी मेहनत के बाद मिलती है बहुत अच्छा प्रश्न है आपका और इसका बहुत बड़ा कारण सिर्फ और सिर्फ जो मैंने ऑब्जर्व किया है वह है कहीं ना कहीं जो स्पेस आपको धीरे-धीरे उन परिस्थितियों में एंग्जायटी से लेकर डिप्रेशन तक ले जाता है और वह डिप्रेशन की उस स्थिति में पहुंच जाते हैं वह या तो फिर उस समय नौकरी से इस्तीफा दे देते हैं और कई बार ऐसी स्थिति भी आती है कि वह सुसाइड तक की स्थिति में पहुंच जाते हैं आप आजकल आए दिन पेपरों में ऐसे कैसे पढ़ते होंगे ऐसी स्थिति क्यों आती है कई बार हमें लगता है कि इतना पढ़ा लिखा व्यक्ति एक सिविल ऑफिसर क्या सुसाइड कर सकता है क्या उसके अंदर बौद्धिक क्षमता नहीं है क्या वह निर्णय नहीं ले पाता है लेकिन कई बार डिप्रेशन की वह स्थिति हो जाती है कि वह वाकई में निर्णय नहीं ले पाता और वह उसे स्थित पहुंच जाता है तो वह अगर अपनी नौकरी से इस्तीफा दे देता है तो कहीं ना कहीं कारण उसके आसपास का माहौल है वह वातावरण है जो नेगेटिव है जो जिस वातावरण से वह सेटिस्फाई नहीं हो पाता संतोष नहीं हो पाता और वह उस स्ट्रेस उस तनाव से बचना चाहता है तो कहीं ना कहीं कई बार उस स्थिति उस माहौल से बोल नहीं पाता तो उसका इस्तीफा देना मजबूरी हो जाता है शायद जो लोग इस्तीफा नहीं दे पाते वह लोग उस स्थिति तक भी पहुंच जाते हैं कि वह सुसाइड का निर्णय ले लेते हैं तो मैं कहूंगा कि वह ऐसी परिस्थितियों में लड़े उस नेटिविटी से बाहर आएं शुरुआत में ही उसकी रहें अगर उन्हें लग रहा है कि हमें नेगेटिव मोहल मिल रहा है तो उस माहौल से वह निकलने का प्रयास करें उसमें कॉल को फेस करने का प्रयास करें अपनी दिनचर्या में प्राणायाम ध्यान जो हमें पोस्टर बनाता है हमें उस माहौल से नेटिविटी से लड़ना सिखाता है तो हमें कोशिश करनी चाहिए अपनी दिनचर्या में इन चीजों को शामिल करें तो काफी हद तक हम फेस कर पाएंगे और ऐसा स्टेप नहीं लेंगे जो हमारे लिए फायदेमंद होगा और समाज के लिए भी फायदेमंद होगा हरि ओम

aapka prashna hai kai yuva adhikari civil seva mein itni nirasha kyon hoti hai ki us seva se istifa de dete hain jo ne itni mehnat ke baad milti hai bahut accha prashna hai aapka aur iska bahut bada karan sirf aur sirf jo maine abjarv kiya hai vaah hai kahin na kahin jo space aapko dhire dhire un paristhitiyon mein anxiety se lekar depression tak le jata hai aur vaah depression ki us sthiti mein pahunch jaate hain vaah ya toh phir us samay naukri se istifa de dete hain aur kai baar aisi sthiti bhi aati hai ki vaah suicide tak ki sthiti mein pahunch jaate hain aap aajkal aaye din peparon mein aise kaise padhte honge aisi sthiti kyon aati hai kai baar hamein lagta hai ki itna padha likha vyakti ek civil officer kya suicide kar sakta hai kya uske andar baudhik kshamta nahi hai kya vaah nirnay nahi le pata hai lekin kai baar depression ki vaah sthiti ho jaati hai ki vaah vaakai mein nirnay nahi le pata aur vaah use sthit pahunch jata hai toh vaah agar apni naukri se istifa de deta hai toh kahin na kahin karan uske aaspass ka maahaul hai vaah vatavaran hai jo Negative hai jo jis vatavaran se vaah satisfy nahi ho pata santosh nahi ho pata aur vaah us stress us tanaav se bachana chahta hai toh kahin na kahin kai baar us sthiti us maahaul se bol nahi pata toh uska istifa dena majburi ho jata hai shayad jo log istifa nahi de paate vaah log us sthiti tak bhi pahunch jaate hain ki vaah suicide ka nirnay le lete hain toh main kahunga ki vaah aisi paristhitiyon mein lade us netiviti se bahar aaen shuruaat mein hi uski rahein agar unhe lag raha hai ki hamein Negative mohal mil raha hai toh us maahaul se vaah nikalne ka prayas karen usmein call ko face karne ka prayas karen apni dincharya mein pranayaam dhyan jo hamein poster banata hai hamein us maahaul se netiviti se ladana sikhata hai toh hamein koshish karni chahiye apni dincharya mein in chijon ko shaamil karen toh kafi had tak hum face kar payenge aur aisa step nahi lenge jo hamare liye faydemand hoga aur samaaj ke liye bhi faydemand hoga hari om

आपका प्रश्न है कई युवा अधिकारी सिविल सेवा में इतनी निराशा क्यों होती है कि उस सेवा से इस्त

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Ashish Ogley

Owner OGLEY IAS MPPSC

4:05

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखित में कार्यस्थल पर वातावरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है व्यक्तिगत अधिकारी के बाद की जाती है तो कई प्रकार के दबाव और एक कार्यक्रम क्या है तू सदा चार्य कैसे करें कि नैतिकता के आधार पर कार्य कर रहे हो कि बात करते हैं तो उनके उत्तरदायित्व निजी और सार्वजनिक दोनों की प्रकार के हैं और बीजेपी दोनों ही पूर्ण कार्य करने की कभी प्यार करते हैं इनका कई प्रकार के दबाव समूहों से संपर्क होता है कई दबाव समूह के द्वारा जब अपने अपने मंत्रियों को एक्सेसिबिलिटी कार्यों के माध्यम से स्पष्ट करना चाहते हैं अपने लक्ष्य उद्देश्यों को प्राप्त करना चाहते हैं तो कई प्रकार के शब्दों का प्रयोग करते हैं और इसी अवस्था में कई बार हमारे साथ समस्या उत्पन्न हो जाती है कि हम ऐसे अचानक आने वाले दबाव को बहुत तेजी से समझ नहीं पाते हैं उसको बेहतर तरीके से टिकट नहीं कर पाते हैं और यही कारण है कि दर्शक यहां किसी भी स्थिति में अपने अंतर को स्पष्ट कर पाना संभव नहीं होता है कारण कि के यहां पर राजनीतिक दबाव है सामाजिक दबाव है कह सकते हैं कि एक पर्यावरणीय धार्मिक सांस्कृतिक दबाव भी उत्पन्न हो तो दिखा देते हो जाते हैं तो वहां पर भी चाहते हैं कि इसके अतिरिक्त यहां पर कई बार यहां पर होता है कि कुछ भी सेवा के अधिकारी जो होते हैं युवा अधिकारी की बात करते हैं अधिकारियों को संता भी होती है और यही कारण है कि उन्हें लगता है कि क्षमता का उपयोग कैसे कर सकते हैं क्योंकि अधिकारी क्षेत्र में होते हैं तो अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत कई प्रकार की जिम्मेदारी होती है बी मोर कहां से बंद होते हैं और इसी इच्छा के साथ में कार्य कर पाने में बुरी तरीके से सक्षम नहीं हो पाते और यही कारण है कि वे अपने उद्देश्यों को पूरा करना चाहते हैं जो उनके अपने नैतिक मूल्य हैं जिनको लेकर के परीक्षा में बैठे हैं और नैतिक मूल्यों को स्पष्ट करें और एक बेहतर जो लक्ष्य उन्होंने इस सिविल सेवा से साध कर रखा हुआ था उसको पूरा करने के लिए जब यह मंच उन्हें कहीं न कहीं बाद ही तय कर सकते हैं कि किसी ने किसी प्रकार के बंधन के रूप में दिखने लगता है तो वह इस्तीफा देकर के कई बार ऐसा भी देखा गया है कि वह सोचता है ताकि आधार पर या फिर आधार पर यह स्वयं अपने अगर हम कहते स्तर पर विभिन्न प्रकार के कल्याणकारी कार्य और विभिन्न प्रकार के और दूसरे विशेष प्रकार के क्रियाकलापों में अपने उद्देश्यों को पूरा करने का प्रयास करते हैं और यही एक प्रकार के कारण होते हैं जिसके ऊपर निराशा हो जाती है निराशा दरअसल अपने सेवा भाव से नहीं अपने उद्देश्यों से नहीं अपितु पूर्ण का अग्रिम कर के लक्ष्य को प्राप्त न कर पाने की कोई जरूरत नहीं है नमस्कार मेरा नाम आशीष और आप ऐसे ही कंटेंट को और दर्शक देखने के लिए आप मेरा अपना उगले आइए ओजीएलए आइए के नाम से हमारा यूट्यूब पर वीडियो चला गया हो तो उसको अप्लाई कर सकते हैं आपको बताना चाहूंगा कि ऑफलाइन कोचिंग भोपाल मध्य प्रदेश यह आपने क्या किया

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लिखित में कार्यस्थल पर वातावरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है व्यक्तिगत अधिकारी के बाद की जाती

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PRAMOD KUMAR

Retired IFS Officer | Advisor to TRIFED

3:43
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रब ने पूछा है कि कोई जुगाड़ अधिकारी को सिविल सेवा में जितना निराशा क्यों होता है कुछ सेवा से इस्तीफा देते हैं जिन्हें यह बात तो मैं बताऊंगा जब आप सिविल सर्विस को ऑफ किया है तो आप निराशा आशा इस चीज को कभी ध्यान में रखेंगे तो लास्ट को फिर प्रॉब्लम हो तब दर्द में रहते करना उचित विराट सिस्टम सिस्टम में जाकर आप हरियाणा टीचर रखनी है आपका खुद का इंटीग्रिटियरर सिविल सर्विस कंडक्ट होती है जैसे आपको कुछ कम होती है आपको पार्टी का कार्यक्रम में भाग नहीं ले सकते हैं अब मटका खुला कभी चेंज नहीं कर सकते हो कमेंट ओं पब्लिक सर्वेंट्स करोगे तो आप कैसे काम करोगे तो यह बाकी जो होती है क्योंकि आप जानते देअोल ऑल सिविल सर्वेंट्स नॉन कॉलेज एग्जाम तालमेल बैठाया गोदाम करना पड़ेगा कभी-कभी ऐसी सुनाता है वह चले ऑफिसर अपील करते हैं कि हम को पेश किया जा रहा है या को पॉलीटिशियंस से कर दे बसंती हो तो जो आप कहोगे वह तो सिस्टम से ऊपर रहेंगे जनता के साथ जोड़ते हैं इसीलिए आपको यह जो आपके तालमेल रखी आपको लोग आगे जाना पड़ेगा इंफाल डिफेंस सिस्टम के अंदर कोई चंद जिसका बदलाव लाने का उचित रहता है और रिजाइन कर कर चले जाते हैं तो तो एक मिरेकल में एक एस्केपिस्ट आती चूर हो गया जवान सिस्टम में इतना मेहनत करता है और यह भी बहुत कैसे होती है का 245 कैसे होते हैं अभी हाल ही में होगा एक आईएस टपकने रिजाइन दिया ठीक है मैटर आफ कंसर्न किस लिए गए क्यों गए इसका स्कूल में डिस्क्लोज मैं समझता हूं और अब से जानता हूं अभी आ कारण गोपीनाथ ने जो कि मैं उनको जानता ही हो बड़े अच्छे सस्ते में काम करते हमारा टि्वटर कि उनका दिमाग मैसेज आया वह कहना अभी मुश्किल है इसको निराश नहीं बोलूंगा कि आप दो सिस्टम को अपनाने इतना मेहनत करने के बाद कमेंट सिस्टम को इस कामयाबी होंगे उसके साथ में रखकर काम करेंगे इन स्पाइट आफ गुड सर्विस क्यों क्या पब्लिक सेंटर पब्लिक का काम करने के लिए इतने चैलेंज इस चुनौती के साथ आपको मौका मिलता है ऐसे दूसरे सभी से मिलेगा आपको जोक्स भेजो जो मैसेज करते हैं जो वैरीयस स्टेकहोल्डर्स उनके साथ आप गांव तालमेल रखना पड़ेगा बालास रखना पड़ेगा फिर जाकर इसमें आपको भोपाल में और उनसे आप निराश हो जाना वह करना एक भी एक अक्षय पलट का परिचय लिखिए एवं पर्सनल ओपिनियन धन्यवाद

rub ne poocha hai ki koi jugaad adhikari ko civil seva mein jitna nirasha kyon hota hai kuch seva se istifa dete hain jinhen yah baat toh main bataunga jab aap civil service ko of kiya hai toh aap nirasha asha is cheez ko kabhi dhyan mein rakhenge toh last ko phir problem ho tab dard mein rehte karna uchit virat system system mein jaakar aap haryana teacher rakhni hai aapka khud ka intigritiyarar civil service conduct hoti hai jaise aapko kuch kam hoti hai aapko party ka karyakram mein bhag nahi le sakte hain ab matka khula kabhi change nahi kar sakte ho comment on public servants karoge toh aap kaise kaam karoge toh yah baki jo hoti hai kyonki aap jante deol all civil servants non college exam talmel baithaya godaam karna padega kabhi kabhi aisi sunata hai vaah chale officer appeal karte hain ki hum ko pesh kiya ja raha hai ya ko politicians se kar de basanti ho toh jo aap kahoge vaah toh system se upar rahenge janta ke saath jodte hain isliye aapko yah jo aapke talmel rakhi aapko log aage jana padega imphal defence system ke andar koi chand jiska badlav lane ka uchit rehta hai aur resign kar kar chale jaate hain toh toh ek miracle mein ek eskepist aati chur ho gaya jawaan system mein itna mehnat karta hai aur yah bhi bahut kaise hoti hai ka 245 kaise hote hain abhi haal hi mein hoga ek ias tapkane resign diya theek hai matter of kansarn kis liye gaye kyon gaye iska school mein disclose main samajhata hoon aur ab se jaanta hoon abhi aa karan gopinath ne jo ki main unko jaanta hi ho bade acche saste mein kaam karte hamara twitter ki unka dimag massage aaya vaah kehna abhi mushkil hai isko nirash nahi boloonga ki aap do system ko apnane itna mehnat karne ke baad comment system ko is kamyabi honge uske saath mein rakhakar kaam karenge in spite of good service kyon kya public center public ka kaam karne ke liye itne challenge is chunauti ke saath aapko mauka milta hai aise dusre sabhi se milega aapko jokes bhejo jo massage karte hain jo vairiyas stakeholders unke saath aap gaon talmel rakhna padega balas rakhna padega phir jaakar isme aapko bhopal mein aur unse aap nirash ho jana vaah karna ek bhi ek akshay palat ka parichay likhiye evam personal opinion dhanyavad

रब ने पूछा है कि कोई जुगाड़ अधिकारी को सिविल सेवा में जितना निराशा क्यों होता है कुछ सेवा

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पुष्कर मित्र सब जानना चाहता क्योंकि अपनी जिंदगी में कुछ करना चाहता है करना चाहता है 2013 में सबसे पहले एमबीबीएस कर रहे थे न्यूरोलॉजिस्ट नौकरी छोड़ दी आजकल काफी सालों ने नहीं पढ़ाते क्योंकि उन्हें अपनी नौकरी से बहुत ज्यादा निराशा हो गई थी डॉ विकास दिव्यकीर्ति इसलिए नहीं लेते क्योंकि मैं रात हो जाती है इसलिए लेते हैं क्योंकि इनको चला करके दिखाना साफ करके दिखाना चाहते हैं और करना चाहते हैं कुछ और बनना चाहते हैं बात कर लेते हैं शुरू कर देते हैं तो निराश नहीं होते बल्कि क्योंकि मेहनत आप करोगे आईएएस की तैयारी के लिए तैयारी प्राप्त हुआ

pushkar mitra sab janana chahta kyonki apni zindagi mein kuch karna chahta hai karna chahta hai 2013 mein sabse pehle MBBS kar rahe the neurologist naukri chhod di aajkal kafi salon ne nahi padhate kyonki unhe apni naukri se bahut zyada nirasha ho gayi thi Dr. vikas divyakirti isliye nahi lete kyonki main raat ho jaati hai isliye lete hain kyonki inko chala karke dikhana saaf karke dikhana chahte hain aur karna chahte hain kuch aur banna chahte hain baat kar lete hain shuru kar dete hain toh nirash nahi hote balki kyonki mehnat aap karoge IAS ki taiyari ke liye taiyari prapt hua

पुष्कर मित्र सब जानना चाहता क्योंकि अपनी जिंदगी में कुछ करना चाहता है करना चाहता है 2013 म

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Debidutta Swain

IAS Aspirant | Life Motivational Speaker,Daily Story Teller

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विक्की यूपी एटीएस एक सर्विस से दो की मौत वर्सेटाइल को बहुत सर में बहुत मुझे को पकड़ना पड़ेगा बहुत दुख देना पड़ेगा और अपने रिटर्न करनी को सही तरह से करना पड़ेगा आखिर बहुत अच्छे होते हैं उस दिन में आ जाता है लेकिन हम उसे निकालकर कोई संभालने पाता तो वह सभी को छोड़ देता है इतने गलत ही उनकी इंटरनेट की फिल्म दिखाओ उनका अवनीश में इसलिए इस सर्विस को छोड़ते हैं

vicky up ATS ek service se do ki maut versatile ko bahut sir me bahut mujhe ko pakadna padega bahut dukh dena padega aur apne return karni ko sahi tarah se karna padega aakhir bahut acche hote hain us din me aa jata hai lekin hum use nikalakar koi sambhalne pata toh vaah sabhi ko chhod deta hai itne galat hi unki internet ki film dikhaao unka avnish me isliye is service ko chodte hain

विक्की यूपी एटीएस एक सर्विस से दो की मौत वर्सेटाइल को बहुत सर में बहुत मुझे को पकड़ना पड़े

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