क्या IAS अधिकारी बनने के बाद क्या लोग संतुष्ट महसूस करते हैं?...


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mouni

Counselling Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यहां आपने जो क्वेश्चन किया है क्या आईएएस अधिकारी बनने के बाद क्या लोग संतुष्ट महसूस करते हैं तो आईएस अधिकारी क्यों आप किसी भी नौकरी कर आप मेहनत करते हो किसी भी चीज को पाने के लिए आप मेहनत करते हो दिल से और वह मंजिल आपको मिल जाता बोला था आपको प्राप्त हो जाता है तो जाहिर सी बात है आप अंदर से संतुष्ट महसूस करोगे क्योंकि आप मेहनत करके पाए हो और यहां आईएस की बात है तो हर इंसान आज की डेट में देखा जाए तो यूपीएससी की तैयारी कर रहा है कि वह बन जा बहुत कम लोग बन पाते क्योंकि वहां मेहनत ही काम आता है जो अपने ऊपर जीत पा लेते हैं अपने ऊपर का पापा लेते हैं मेहनत करने में आगे निकल जाते तो वही वहां तक पहुंच पाते तो जब इतना मेहनत करके इंसान अपने मंदिर के पहुंच जाएगा तो जाहिर सी बात है संतुष्टि महसूस संतुष्ट महसूस करेगा कि वह जो चाहता था को पा लिया और बिल्कुल करेगा

yahan aapne jo question kiya hai kya IAS adhikari banne ke baad kya log santusht mehsus karte hain toh ias adhikari kyon aap kisi bhi naukri kar aap mehnat karte ho kisi bhi cheez ko paane ke liye aap mehnat karte ho dil se aur vaah manjil aapko mil jata bola tha aapko prapt ho jata hai toh jaahir si baat hai aap andar se santusht mehsus karoge kyonki aap mehnat karke paye ho aur yahan ias ki baat hai toh har insaan aaj ki date me dekha jaaye toh upsc ki taiyari kar raha hai ki vaah ban ja bahut kam log ban paate kyonki wahan mehnat hi kaam aata hai jo apne upar jeet paa lete hain apne upar ka papa lete hain mehnat karne me aage nikal jaate toh wahi wahan tak pohch paate toh jab itna mehnat karke insaan apne mandir ke pohch jaega toh jaahir si baat hai santushti mehsus santusht mehsus karega ki vaah jo chahta tha ko paa liya aur bilkul karega

यहां आपने जो क्वेश्चन किया है क्या आईएएस अधिकारी बनने के बाद क्या लोग संतुष्ट महसूस करते ह

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आईपीएस अधिकारी बनने के बाद क्या लुक संतुष्टि महसूस करते हैं देख ले जिनकी जिनकी सोच अधिकारी बनकर कुछ करने की होती है वह संतुष्ट हो जाते हैं जिनकी सोच देश सेवा की या देश में सुधार की या देश में बदलाव की होती है तूने बहुत संघर्ष करने पड़ते हैं अधिकारी बनने से कुछ नहीं होता अटकारी बन के पद पर रहते हुए उन लक्ष्यों को हासिल करना जो कल्पनाओं में थी और उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत सुंदर सैनी फट्टे चक भाई की तरफ से प्रतिबंध आलोचनाएं और परेशानियां जो मानवता छोटी उठानी पड़ती है तो बताइए संतुष्टि कैसे होगी जब तक लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होती अधिकारी बनने से संतुष्ट नहीं होती बल्कि जिस मकसद से आप अधिकारी बने जब तक वह बदलाव नहीं होता तब तक संतुष्टि महसूस नहीं होती

ips adhikari banne ke baad kya look santushti mehsus karte hain dekh le jinki jinki soch adhikari bankar kuch karne ki hoti hai vaah santusht ho jaate hain jinki soch desh seva ki ya desh me sudhaar ki ya desh me badlav ki hoti hai tune bahut sangharsh karne padate hain adhikari banne se kuch nahi hota atkari ban ke pad par rehte hue un lakshyon ko hasil karna jo kalpanaaon me thi aur udyeshyon ko prapt karne ke liye bahut sundar saini phattey chak bhai ki taraf se pratibandh aalochanaen aur pareshaniya jo manavta choti uthani padti hai toh bataiye santushti kaise hogi jab tak lakshya ki prapti nahi hoti adhikari banne se santusht nahi hoti balki jis maksad se aap adhikari bane jab tak vaah badlav nahi hota tab tak santushti mehsus nahi hoti

आईपीएस अधिकारी बनने के बाद क्या लुक संतुष्टि महसूस करते हैं देख ले जिनकी जिनकी सोच अधिकारी

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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Anand Kumar

EVANGELIST

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कहां गया सक्सेस इज जर्नी नॉट ए डेस्टिनेशन आईएस बनने के बाद इनकी दौर खत्म नहीं होती सेटिस्फेक्शन नहीं आता बल्कि टॉर्च शुरू होती है और मुझे लगता है कि व्यक्ति खुद ना चाहे कभी संतुष्ट नहीं हो सकता आईएस बनने के बाद अब उनकी कोशिश होती है कमिश्नर बनने की कलेक्टर बनने की किसी खास डिपार्टमेंट में अपनी आपको पोस्टिंग पाने की डायरेक्टर बनने की किसी कंपनी में खास डॉक्टर बनने की और देखा जाए तो बता सकते हैं कि सिक्योरिटी बनने की तू कहने का मतलब यह होता है कि जब बन जाने से ही लोग संतुष्ट महसूस नहीं करते बहुत ही जिम्मेदारी है और बहुत सारे चलेंगे जो व्यक्ति जिम्मेदारी पसंद करता है चले जिस को पसंद करता है उनके लिए बहुत बढ़िया नौकरी है पढ़ाई की है इसके अंदर आज कभी आप कलेक्टर हैं तो कहीं डायरेक्टर हैं कभी किसी कंपनी में सरकारी कंपनी में टॉप पोजीशन पर काम कर रहे हैं तो कभी किसी कमेटी के मेंबर हैं कभी आपसे क्रिकेट में सिगरेट ट्री हैं तो जॉब चेंज होता रहता है तो इसमें आदमी बोर नहीं होता है वह सही नहीं है वाइट होना भी नहीं चाहिए क्योंकि जब आदमी सेटिस्फाइड हो जाता है तो उसकी प्रकृति रुक जाती तो मेरे विचार से एक आईएएस अधिकारी आईएएस बनने के बाद संतुष्टि का अनुभव नहीं करता उसे करना भी नहीं

kaha gaya success is journey not a destination ias banne ke baad inki daur khatam nahi hoti setisfekshan nahi aata balki torch shuru hoti hai aur mujhe lagta hai ki vyakti khud na chahen kabhi santusht nahi ho sakta ias banne ke baad ab unki koshish hoti hai commissioner banne ki collector banne ki kisi khas department me apni aapko posting paane ki director banne ki kisi company me khas doctor banne ki aur dekha jaaye toh bata sakte hain ki Security banne ki tu kehne ka matlab yah hota hai ki jab ban jaane se hi log santusht mehsus nahi karte bahut hi jimmedari hai aur bahut saare chalenge jo vyakti jimmedari pasand karta hai chale jis ko pasand karta hai unke liye bahut badhiya naukri hai padhai ki hai iske andar aaj kabhi aap collector hain toh kahin director hain kabhi kisi company me sarkari company me top position par kaam kar rahe hain toh kabhi kisi committee ke member hain kabhi aapse cricket me cigarette tree hain toh job change hota rehta hai toh isme aadmi bore nahi hota hai vaah sahi nahi hai white hona bhi nahi chahiye kyonki jab aadmi setisfaid ho jata hai toh uski prakriti ruk jaati toh mere vichar se ek IAS adhikari IAS banne ke baad santushti ka anubhav nahi karta use karna bhi nahi

कहां गया सक्सेस इज जर्नी नॉट ए डेस्टिनेशन आईएस बनने के बाद इनकी दौर खत्म नहीं होती सेटिस्फ

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Ansh jalandra

Motivational speaker

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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सेटिस्फेक्शन जरूरी करना चाहते हैं और मेरा मन नहीं लग रहा होगा तो आपको प्राप्त करते हैं तो अंकुर सिक्स सेंस आफ सेटिस्फेक्शन होता है और एक्शन सॉफ्ट अचीवमेंट होता है लेकिन किसके साथ होता है अगर आपको सेटिस्फेक्शन आएगा

setisfekshan zaroori karna chahte hain aur mera man nahi lag raha hoga toh aapko prapt karte hain toh ankur six sense of setisfekshan hota hai aur action soft achievement hota hai lekin kiske saath hota hai agar aapko setisfekshan aayega

सेटिस्फेक्शन जरूरी करना चाहते हैं और मेरा मन नहीं लग रहा होगा तो आपको प्राप्त करते हैं तो

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ऐसा होता है एक बार ही वह इसमें आ जाते हैं तो संतोष सेटिस्फेक्शन भी होता है यह लेशन भी होता है टॉप ऑफ द वर्ल्ड फीलिंग होती है और लोग सारे बाबा करते हैं बधाई देते हैं यह हनीमून पीरियड लगता है इस टाइम और काफी देर तक रहता है वह इंसान जो इंसान कभी एक चीज नहीं होती कुछ अच्छे होते हैं जो दुनिया में कोई भी चीज है मनी पावर फेल इसमें पावर आ जाती है यह इसमें किन चीजो से कभी भी हुमन बीइंग सेटिस्फाइड प्रॉमिनेंट व्हेन आईएस ऑफिसर बनने के बाद 1 साल के अंदर वह जो एक होता है कि हमारी फीलिंग होती है कि हम बहुत बड़े अफसर बन गए खत्म हो जाती हो जाती है उसके बाद थोड़ी थोड़ी रहती है कि हां यह है लेकिन बाद में ग्राउंड शुरू हो जाती है शुरू हो जाते हैं शुरू हो जाते हैं शुरू हो जाते हैं कोई काम कब होगी इंसान जो होता है वह हमेशा कुछ ना कुछ बेहतरीन देखता रहता है कहीं नहीं तो इसलिए कभी भी इस लेवल का कनेक्शन कहीं भी नहीं मिलता है जितना तो इनकंप्लीट की हत्या से कभी नहीं होता अगर बात की जाए किसी भी पोस्ट को दी सनसनी

aisa hota hai ek baar hi vaah isme aa jaate hain toh santosh setisfekshan bhi hota hai yah leshan bhi hota hai top of the world feeling hoti hai aur log saare baba karte hain badhai dete hain yah honeymoon period lagta hai is time aur kaafi der tak rehta hai vaah insaan jo insaan kabhi ek cheez nahi hoti kuch acche hote hain jo duniya mein koi bhi cheez hai money power fail isme power aa jaati hai yah isme kin cheejo se kabhi bhi human being setisfaid praminent when ias officer banne ke baad 1 saal ke andar vaah jo ek hota hai ki hamari feeling hoti hai ki hum bahut bade officer ban gaye khatam ho jaati ho jaati hai uske baad thodi thodi rehti hai ki haan yah hai lekin baad mein ground shuru ho jaati hai shuru ho jaate hain shuru ho jaate hain shuru ho jaate hain koi kaam kab hogi insaan jo hota hai vaah hamesha kuch na kuch behtareen dekhta rehta hai kahin nahi toh isliye kabhi bhi is level ka connection kahin bhi nahi milta hai jitna toh incomplete ki hatya se kabhi nahi hota agar baat ki jaaye kisi bhi post ko di sansani

ऐसा होता है एक बार ही वह इसमें आ जाते हैं तो संतोष सेटिस्फेक्शन भी होता है यह लेशन भी होता

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

उसके साथ जाना चाहते हो कि आईएएस अधिकारी बनने के बाद के लोग संतुष्ट महसूस करते हैं मोदी जी संतोष संतोष संतोष है क्या एंजेला मर्केल संतुष्ट हैं कि रघुराम राजन संतुष्ट है क्या उर्जित पटेल संस्कृति मुकेश अंबानी पंतजलि बाबा के अंदर होती है बाहर नहीं होती संतुष्टि आ जाएगी आप समझदार हो जैसे कि गौतम बुद्ध लेकिन उनके मन में संतुष्टि नहीं थी तो ज्ञान की प्राप्ति के लिए संतुष्टि प्राप्त करने के लिए गए ना सब कुछ छोड़ दिया ना तब संस्कार और इसका मतलब यह है कि कोई दौलत संतुष्टि का मापन ही नहीं है संतुष्टि का जो मापन है वह आपके अंदर है आपको अंदर से निकाल कर के लाना होगा कि आप किस चीज से संतुष्ट हो सकते हो कोई दूसरा आपको अकोला को संतुष्ट नहीं कर सकते यह केवल आप चूत करोगे कि आपको क्या संतुष्ट कर सकता है कोई दूसरा थोड़ी था करके देगा आपको ऐसा होता है यदि पैसा संतुष्टि का पैमाना होता है पैमाना होता या फिर आपके अंदर कोई भी व्यक्ति ऐसा है कि वह खेत पर काम करके बहुत ज्यादा गरीब ही संतुष्ट है और मैंने आपको अभी बताया जैसे कि अंबानी भी संतुष्ट नहीं है स्टीव जॉब भी संतुष्ट नहीं है अब तू ही कभी प्राप्त नहीं होती है यह बात ध्यान रख लीजिएगा यह आपको तय करना है कि आपको कहां संतुष्टि हासिल होती है बच्ची ज्वाइन करते हैं कि कहां संतुष्ट हो सकता है यह दूसरे को लेते क्या रीजन करके विदेश चले जाते हैं या डिजाइन करके पॉलिटिक्स में आ जाते हैं तो यह तो भाई बिल्कुल आपके अंदर से आएगी कोई बाहर का आदमी आपको संतुष्टि नहीं दे सकता मैंने आपकी मदद किया धन्यवाद

uske saath jana chahte ho ki IAS adhikari banne ke baad ke log santusht mehsus karte hain modi ji santosh santosh santosh hai kya Angela markel santusht hain ki raghuram rajan santusht hai kya urjit patel sanskriti mukesh ambani pantajali baba ke andar hoti hai bahar nahi hoti santushti aa jayegi aap samajhdar ho jaise ki gautam buddha lekin unke man mein santushti nahi thi toh gyaan ki prapti ke liye santushti prapt karne ke liye gaye na sab kuch chod diya na tab sanskar aur iska matlab yah hai ki koi daulat santushti ka maapan hi nahi hai santushti ka jo maapan hai vaah aapke andar hai aapko andar se nikaal kar ke lana hoga ki aap kis cheez se santusht ho sakte ho koi doosra aapko akola ko santusht nahi kar sakte yah keval aap chut karoge ki aapko kya santusht kar sakta hai koi doosra thodi tha karke dega aapko aisa hota hai yadi paisa santushti ka paimaana hota hai paimaana hota ya phir aapke andar koi bhi vyakti aisa hai ki vaah khet par kaam karke bahut zyada garib hi santusht hai aur maine aapko abhi bataya jaise ki ambani bhi santusht nahi hai steve job bhi santusht nahi hai ab tu hi kabhi prapt nahi hoti hai yah baat dhyan rakh lijiega yah aapko tay karna hai ki aapko kahaan santushti hasil hoti hai bachi join karte hain ki kahaan santusht ho sakta hai yah dusre ko lete kya reason karke videsh chale jaate hain ya design karke politics mein aa jaate hain toh yah toh bhai bilkul aapke andar se aayegi koi bahar ka aadmi aapko santushti nahi de sakta maine aapki madad kiya dhanyavad

उसके साथ जाना चाहते हो कि आईएएस अधिकारी बनने के बाद के लोग संतुष्ट महसूस करते हैं मोदी जी

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Manish Bhargava

Trainer/ Mentor in Delhi education deptt.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है क्या आईएएस अधिकारी बनने के बाद लोग संतुष्ट महसूस करते हैं मैं व्यक्तिगत आईएस नहीं हूं पर मेरे कई मित्र आईएस ए और कई आईएस रोगों के बारे में स्नान से मिला है तो मैं कई बार इस बात जो आपने जो प्रश्न पूछा है मैं भी चीज को लोगों को शेयर करता हूं मैं कि आई एस ऑफिसर बनने के बाद भी अधिकांश लोग संतुष्ट नहीं है शायद ह्यूमन नेचर है कि व्यक्ति कभी संतुष्ट होता ही नहीं है और यही भी हमारे समय की एक बार होता है जिसके पास जितना ज्यादा है उतना ज्यादा ही असंतुष्ट है हालांकि कुछ लोग अपने कार्य से संतुष्ट भी मिलते हैं मगर छोटे कर्मचारी ज्यादा संतुष्ट मिले हैं बाजार आईएस ऑफिसर के कई कारण हो सकते हैं वह कारणों पर में नहीं जाना चाहूंगा लेकिन इफेक्ट है कि अधिकांश लोग संतुष्ट नहीं है उनकी और ज्यादा महत्वाकांक्षा उनकी ओर ज्यादा समस्याएं हैं वो किसी और प्रकार की होड़ में लगे हुए हैं तो किसी की याद लाइव पर गौर करें तो किसी की पर कोई व्यक्ति पर्सनल लाइफ मैरिज नहीं कर पा रहा कई आईएएस अफसर प्रोफेशनल लाइफ मैसेज नहीं कर पाए अधिकांश लोग पर्सनल लाइफ में नहीं कर पाते हैं हमें एक 2 वर्ष पहले एक घटना सुनने को मिली केक आईएस ऑफिसर साइट की थी अपनी पत्नी और मां के बीच सामंजस नहीं बता पाए थे इस प्रकार की कई घटनाएं देखने को मिलती हैं क्योंकि इंसान कितना भी पढ़ ले यदि वह अपने जीवन में सामंजस्य नहीं बिठा सकता तो कभी भी संतुष्ट नहीं रहता यही समस्या आईएएस ऑफिसर के साथ भी है वह अपने जीवन में सामंजस्य नहीं बिठा पाते वह संतुष्ट नहीं रहती मैं यह नहीं कह रहा हूं हंड्रेड परसेंट हंड्रेड परसेंट ऐसी नहीं है पर अधिकांश लोग ऐसे ही हैं क्योंकि यह बाकी में यह विरोधाभास है कि जिसके पास अधिकतम है वही से कम संतुष्ट पाए जाते हैं हमने ही तो सीख लिया कि हम सफल कैसे दिखें लेकिन यह नहीं पता कि अपने जीवन को कैसे संयोजित करें कैसे हम उस सफलता की अनुभूति को फील करें तो यह समस्या रहती है यह हर पल के पास है हर व्यक्ति के साथ है बहुत ही कम लोग हैं जो संतुष्ट है जिंदगी से उनके लिए ना पद की जरूरत है ना पैसे की जरूरत है कई लोग हैं जो अपनी जिंदगी एकदम इस तरीके से जीते हैं कॉल उज्जवल रोल में है उस रोल को बखूबी निभाते हैं एक पद का हो पिता का हो बेटे का हो पति का हो पत्नी का हो इस पोस्ट पर उसको 36 जस्टिफाई कर रहे होते हैं ऐसे बहुत कम लोग हैं वह चीज को इंजॉय कर रहे थे वही व्यक्ति है जो जिस चीज को करना अधिकांश लोग ऐसे नहीं हैं तो यही समस्या आईएस ऑफिसर के साथ हुई है उनके साथ थोड़ी सी और ज्यादा समस्याओं को भी हर चीज में आगे आने लगता है तो वह हर चीज को उनके देखने का एकदम नजरिया बदल जाता है कई प्रकार की समस्या है हालांकि कुछ लोग ऐसे हैं लेकिन बहुत कम है जो संतुष्ट हैं जो भी जीवन से खुश है यह लगता है कि हम अच्छी लाइफ में और हम अच्छा कर रहे हैं अलग ही कई लोग जो खुश होने का दावा करते हैं आप उनके परिवार वालों से मिले पता चलेगा कि वह अपने परिवार को समय ही नहीं देते उनका परिवारों से दुखी है तो हम नहीं मान सकते कि वह संतुष्ट है शायद संतोष होने का दिखावा कर सकते हैं यदि एक व्यक्ति संतुष्ट हो ही नहीं सकता यदि उसके आसपास के लोग असंतुष्ट हैं कई प्रकार की चीजें हैं एक सुमन नेचर है शायद इंसान इतनी आसानी से संतुष्ट होता नहीं है

namaskar aapka prashna hai kya IAS adhikari banne ke baad log santusht mehsus karte hain main vyaktigat ias nahi hoon par mere kai mitra ias a aur kai ias rogo ke bare me snan se mila hai toh main kai baar is baat jo aapne jo prashna poocha hai main bhi cheez ko logo ko share karta hoon main ki I S officer banne ke baad bhi adhikaansh log santusht nahi hai shayad human nature hai ki vyakti kabhi santusht hota hi nahi hai aur yahi bhi hamare samay ki ek baar hota hai jiske paas jitna zyada hai utana zyada hi asantusht hai halaki kuch log apne karya se santusht bhi milte hain magar chote karmchari zyada santusht mile hain bazaar ias officer ke kai karan ho sakte hain vaah karanon par me nahi jana chahunga lekin effect hai ki adhikaansh log santusht nahi hai unki aur zyada mahatwakanksha unki aur zyada samasyaen hain vo kisi aur prakar ki hod me lage hue hain toh kisi ki yaad live par gaur kare toh kisi ki par koi vyakti personal life marriage nahi kar paa raha kai IAS officer professional life massage nahi kar paye adhikaansh log personal life me nahi kar paate hain hamein ek 2 varsh pehle ek ghatna sunne ko mili cake ias officer site ki thi apni patni aur maa ke beech samanjas nahi bata paye the is prakar ki kai ghatnaye dekhne ko milti hain kyonki insaan kitna bhi padh le yadi vaah apne jeevan me samanjasya nahi bitha sakta toh kabhi bhi santusht nahi rehta yahi samasya IAS officer ke saath bhi hai vaah apne jeevan me samanjasya nahi bitha paate vaah santusht nahi rehti main yah nahi keh raha hoon hundred percent hundred percent aisi nahi hai par adhikaansh log aise hi hain kyonki yah baki me yah virodhabhas hai ki jiske paas adhiktam hai wahi se kam santusht paye jaate hain humne hi toh seekh liya ki hum safal kaise dikhein lekin yah nahi pata ki apne jeevan ko kaise sanyojit kare kaise hum us safalta ki anubhuti ko feel kare toh yah samasya rehti hai yah har pal ke paas hai har vyakti ke saath hai bahut hi kam log hain jo santusht hai zindagi se unke liye na pad ki zarurat hai na paise ki zarurat hai kai log hain jo apni zindagi ekdam is tarike se jeete hain call ujjawal roll me hai us roll ko bakhubi nibhate hain ek pad ka ho pita ka ho bete ka ho pati ka ho patni ka ho is post par usko 36 justify kar rahe hote hain aise bahut kam log hain vaah cheez ko enjoy kar rahe the wahi vyakti hai jo jis cheez ko karna adhikaansh log aise nahi hain toh yahi samasya ias officer ke saath hui hai unke saath thodi si aur zyada samasyaon ko bhi har cheez me aage aane lagta hai toh vaah har cheez ko unke dekhne ka ekdam najariya badal jata hai kai prakar ki samasya hai halaki kuch log aise hain lekin bahut kam hai jo santusht hain jo bhi jeevan se khush hai yah lagta hai ki hum achi life me aur hum accha kar rahe hain alag hi kai log jo khush hone ka daawa karte hain aap unke parivar walon se mile pata chalega ki vaah apne parivar ko samay hi nahi dete unka parivaron se dukhi hai toh hum nahi maan sakte ki vaah santusht hai shayad santosh hone ka dikhawa kar sakte hain yadi ek vyakti santusht ho hi nahi sakta yadi uske aaspass ke log asantusht hain kai prakar ki cheezen hain ek suman nature hai shayad insaan itni aasani se santusht hota nahi hai

नमस्कार आपका प्रश्न है क्या आईएएस अधिकारी बनने के बाद लोग संतुष्ट महसूस करते हैं मैं व्यक्

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Raushan Priya

Director at PERFECTION IAS

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आपका जो प्रश्न है यह बहुत ही बढ़िया है और यह एक प्रश्न है क्या आईएएस अधिकारी बनने के बाद क्या संतुष्ट लोग संतुष्ट महसूस करते हैं तो मेरा यह मानना है कि यह इंडिविजुअल पे डिपेंड करता है इंडिविजुअल वहां पर संतुष्ट हो जाते हैं कई लोग आईएस की बात आप कर रहे हैं इसके नीचे भी कोई पोस्ट मिल जाता है तो उसके बाद भी संतुष्ट हो जाते हैं कुछ लोग आईएएस बनने के बाद भी संतुष्ट नहीं होते और कुछ आगे अच्छा करना चाहते हैं इंडिविजुअल पे डिपेंड करता है कि वह कितना अच्छा कितना आगे बढ़ना चाहता है बहुत सारे लोग होते हैं कि आगे पढ़ना चाहते लेकिन उसके वर्क नहीं कर पाते हैं तो वह कुछ दिनों के बाद वह वहां पर सेटिस्फाइड संतुष्ट हो जाते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनकी सोच बहुत अच्छी होती है और कल भी बहुत अच्छा होता होता है और सेल्फ मोटिवेशन भी उनका काफी अच्छा होता है कार पर आप समझ गए होंगे और आपकी जो हमें समझ रहा हूं कि आप संतुष्ट नहीं होना चाहते आप बहुत आगे बढ़ना चाहते हैं तो निश्चित करें उसके बाद आप अपने आप में सेल्फ मोटिवेशन अपने आपको सलामत रखे कंटिन्यूटी रखे जो वक्त यारी करें तो उसमें कितने आगे बढ़ जाएंगे इसी तरह आगे बढ़ते क्वेश्चन स्वीट अगर आपके कोई कोई क्वेश्चन हो तो आप निश्चित तौर पर डालें हमारे आंसर रेगुलरली आपको मिलते हैं थैंक यू

dekhiye aapka jo prashna hai yah bahut hi badhiya hai aur yah ek prashna hai kya IAS adhikari banne ke baad kya santusht log santusht mehsus karte hain toh mera yah manana hai ki yah individual pe depend karta hai individual wahan par santusht ho jaate hain kai log ias ki baat aap kar rahe hain iske niche bhi koi post mil jata hai toh uske baad bhi santusht ho jaate hain kuch log IAS banne ke baad bhi santusht nahi hote aur kuch aage accha karna chahte hain individual pe depend karta hai ki vaah kitna accha kitna aage badhana chahta hai bahut saare log hote hain ki aage padhna chahte lekin uske work nahi kar paate hain toh vaah kuch dino ke baad vaah wahan par setisfaid santusht ho jaate hain lekin kuch log aise hote hain jinki soch bahut achi hoti hai aur kal bhi bahut accha hota hota hai aur self motivation bhi unka kaafi accha hota hai car par aap samajh gaye honge aur aapki jo hamein samajh raha hoon ki aap santusht nahi hona chahte aap bahut aage badhana chahte hain toh nishchit kare uske baad aap apne aap me self motivation apne aapko salamat rakhe kantinyuti rakhe jo waqt yaari kare toh usme kitne aage badh jaenge isi tarah aage badhte question sweet agar aapke koi koi question ho toh aap nishchit taur par Daalein hamare answer regularly aapko milte hain thank you

देखिए आपका जो प्रश्न है यह बहुत ही बढ़िया है और यह एक प्रश्न है क्या आईएएस अधिकारी बनने के

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Debidutta Swain

IAS Aspirant | Life Motivational Speaker,Daily Story Teller

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विकी जीवन में संतुष्टि तभी महसूस करते हैं जब आप कर्म करते हो और कर्म को सही मायने में करते हो और विदाउट करप्शन में आप उसको कोई निष्कर्ष करते हैं और आपके सभी को पूरा प्यार करते हो और कुछ आईएएस अधिकारी संतुष्ट नहीं रहते क्योंकि वह कर पढ़ हो जाते हैं या फिर अपनी पूरी हंड्रेड परसेंट दे नहीं पाते हैं अपने साथ में दिखाते कंप्लेंट नहीं दिखाते तो वह संतुष्ट महसूस नहीं करते हैं

vicky jeevan me santushti tabhi mehsus karte hain jab aap karm karte ho aur karm ko sahi maayne me karte ho aur without corruption me aap usko koi nishkarsh karte hain aur aapke sabhi ko pura pyar karte ho aur kuch IAS adhikari santusht nahi rehte kyonki vaah kar padh ho jaate hain ya phir apni puri hundred percent de nahi paate hain apne saath me dikhate complaint nahi dikhate toh vaah santusht mehsus nahi karte hain

विकी जीवन में संतुष्टि तभी महसूस करते हैं जब आप कर्म करते हो और कर्म को सही मायने में करते

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Shubham Saini

Software Engineer

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ऐसा बिल्कुल नहीं अगर कोई व्यक्ति आय बनता है रूप से संतुष्ट नहीं करता क्योंकि उसके ऊपर से जिम्मेदारियां भी जिम्मेदारियां पूरी ईमानदारी से निभाना होता है

aisa bilkul nahi agar koi vyakti aay banta hai roop se santusht nahi karta kyonki uske upar se zimmedariyan bhi zimmedariyan puri imaandaari se nibhana hota hai

ऐसा बिल्कुल नहीं अगर कोई व्यक्ति आय बनता है रूप से संतुष्ट नहीं करता क्योंकि उसके ऊपर से ज

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देखे वह संतुष्ट होने की नहीं है बात सिर्फ इतनी सी है एक स्कूल का टीचर भी अपराध में संतुष्ट होता है कभी-कभी कुछ मिल जाता है बहुत बड़े आदमी बन जाते हैं वो खुशबू कमाने के चक्कर में अपना मन मन से अगर आप जो भी कर रहे हैं आप स्कूल टीचर हैं कलर हैं आप ऑप्शन है जो भी है महसूस तो आजकल ऐसा है इंसान को भी खुशी मिल जाए तो भी संतोष नहीं होता इतना भी ज्यादा मिल जाए तो संतुष्ट होता है अपने मन से हमारा मन इतना हमारे गांव में है या में क्या करके खुशी मिलती है या हम सेटिस्फेक्शन तो देखें अगर चाहे तो आप बहुत तेज गिलास पानी मिल जाए तो खुश हो जाएंगे नहीं मनाता कुलपति जाता तू ही मन नहीं लगेगा तो बोलता हूं और करता हूं आई एस बी हो जाते हैं ऐसा कुछ नहीं है संतुष्ट अपने मन से हैं और जैसा मुझे लगता है कि संतुष्टि मन से होती है

dekhe vaah santusht hone ki nahi hai baat sirf itni si hai ek school ka teacher bhi apradh me santusht hota hai kabhi kabhi kuch mil jata hai bahut bade aadmi ban jaate hain vo khushboo kamane ke chakkar me apna man man se agar aap jo bhi kar rahe hain aap school teacher hain color hain aap option hai jo bhi hai mehsus toh aajkal aisa hai insaan ko bhi khushi mil jaaye toh bhi santosh nahi hota itna bhi zyada mil jaaye toh santusht hota hai apne man se hamara man itna hamare gaon me hai ya me kya karke khushi milti hai ya hum setisfekshan toh dekhen agar chahen toh aap bahut tez gilas paani mil jaaye toh khush ho jaenge nahi manata kulapati jata tu hi man nahi lagega toh bolta hoon aur karta hoon I S be ho jaate hain aisa kuch nahi hai santusht apne man se hain aur jaisa mujhe lagta hai ki santushti man se hoti hai

देखे वह संतुष्ट होने की नहीं है बात सिर्फ इतनी सी है एक स्कूल का टीचर भी अपराध में संतुष्ट

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Rihan Shah

I want to become An IAS Officer (Love Realationship Full Experience)

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निगम ट्रेन के आईएएस अधिकारी मिलकर लोग संतुष्ट जिले के समान ना समाज के लिए कुछ करना है आपके लिए जिम में बड़ी बात हुई थी इसकी वजह से अधिकारी होने के नाते

nigam train ke IAS adhikari milkar log santusht jile ke saman na samaj ke liye kuch karna hai aapke liye gym mein badi baat hui thi iski wajah se adhikari hone ke naate

निगम ट्रेन के आईएएस अधिकारी मिलकर लोग संतुष्ट जिले के समान ना समाज के लिए कुछ करना है आपके

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Poonamgupta

housewife

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नहीं अभी फिटकरी बनने के बाद लोग संतुष्ट महसूस नहीं करते हैं क्योंकि उनके ऊपर अत्यधिक जिम्मेदारियां आ जाती है और वह उसे निपटाने में आत्मसमर्पण होते हैं वह उस पर ध्यान देते हैं

nahi abhi fitkari banne ke baad log santusht mehsus nahi karte hain kyonki unke upar atyadhik zimmedariyan aa jaati hai aur vaah use niptane me atmasamarpan hote hain vaah us par dhyan dete hain

नहीं अभी फिटकरी बनने के बाद लोग संतुष्ट महसूस नहीं करते हैं क्योंकि उनके ऊपर अत्यधिक जिम्म

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Pragti Tripathi

UPSC Aspirant

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आईएएस अधिकारी बनने के बाद लोग संतुष्ट महसूस करते हैं बिकॉज उन्होंने 1 साल से तैयारी कर रहे हैं उसी के लिए कि मैं कायस ऑफ सरवन जी के एग्जाम क्लियर होती है ना तो इतना सुकून मिलता है कि वह गोल्ड वह तो एक यूपीएसएस फ्रेंड के समझ सकता है कि जब प्यार होता है तो जैसे लगता है कि कितना बड़ा पोस्टर गया ठीक है तो संतुष्ट संतुष्टि तो मिलती है

IAS adhikari banne ke baad log santusht mehsus karte hain because unhone 1 saal se taiyari kar rahe hain usi ke liye ki main kayas of sarvan ji ke exam clear hoti hai na toh itna sukoon milta hai ki vaah gold vaah toh ek UPSS friend ke samajh sakta hai ki jab pyar hota hai toh jaise lagta hai ki kitna bada poster gaya theek hai toh santusht santushti toh milti hai

आईएएस अधिकारी बनने के बाद लोग संतुष्ट महसूस करते हैं बिकॉज उन्होंने 1 साल से तैयारी कर रहे

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Anu tiwari

Teacher

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आईएएस अधिकारी बनने के बाद करते वक्त लोग काफी संतुष्ट होते हैं आईएस की तैयारी में व्यक्ति जो है इतना पढ़ाई में जम जाता है इसको बाकी फालतू चीजें करने का मौका ही नहीं मिलता आईएस की तैयारी तो एक तरफ से व्यक्तित्व डेवलपमेंट

IAS adhikari banne ke baad karte waqt log kaafi santusht hote hain ias ki taiyari me vyakti jo hai itna padhai me jam jata hai isko baki faltu cheezen karne ka mauka hi nahi milta ias ki taiyari toh ek taraf se vyaktitva development

आईएएस अधिकारी बनने के बाद करते वक्त लोग काफी संतुष्ट होते हैं आईएस की तैयारी में व्यक्ति ज

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कोई व्यक्ति आईएएस अधिकारी बनता है तू अपने जीवन में संतुष्ट रहता है या नहीं ऐसा बिल्कुल नहीं है कोई है क्या यह सही कारी बनता है तो वह अपने जीवन में संतुष्ट रहता है क्योंकि उसके बाद उससे बड़ी जिम्मेदारी होरिजिन जिम्मेदारी उठाने पड़ता है जिसको जो उसे बहुत ईमानदारी से निभाने पड़ता है

koi vyakti IAS adhikari banta hai tu apne jeevan me santusht rehta hai ya nahi aisa bilkul nahi hai koi hai kya yah sahi kaari banta hai toh vaah apne jeevan me santusht rehta hai kyonki uske baad usse badi jimmedari horijin jimmedari uthane padta hai jisko jo use bahut imaandaari se nibhane padta hai

कोई व्यक्ति आईएएस अधिकारी बनता है तू अपने जीवन में संतुष्ट रहता है या नहीं ऐसा बिल्कुल नही

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