IAS से कुछ अधिकारियों के इस्तीफे से क्या सबक सीखा जा सकता है?...


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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

3:33

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाईएस्ट के कुछ अधिकारियों ने भी हाल में जीते जी और आपने भी प्रश्न किया कि से क्या सबक सीखा जा सकता है सच्चाई तो यही है कि कोई भी व्यक्ति अपने पद से खुशी-खुशी इस्तीफा नहीं देना चाहता उसके सामने ऐसे हालात पैदा कर दिए जाते हैं स्वतंत्र रूप से अपने पद का पानी नहीं कर पाता वह लाचार हो जाता है अंतरात्मा कुछ और कहती है और उसके ऊपर से कुछ और कहने को कहा जाता है करने को कहा जाता है तो अब क्या कर रहे हो अगर ईमानदार है निष्ठावान है उसने ईमानदारी की शपथ लेकर अपने पद पर रहकर जन सेवा करने की ठानी तो हमारे यूज राजनीतिक क्षेत्र योनि जीने नहीं देता अगर कितनी छत पर पानी आने के बाद भी अगर उसका तिरस्कार हो हर एक मंत्री या मुख्यमंत्री उसको अपमानित करें उसके साथ अत्याचार करे तो क्या करेगा वह हताश होकर इस्तीफा दे देते हैं मैं यह मानने को तैयार नहीं कि ऊंची नौकरी कारपोरेट जगत में नौकरी पाने के लिए कोई एक आईएएस ऑफिसर आईपीएस ऑफिसर उसको छोड़कर कारपेट जगत में नौकरी पाएगा नहीं अगर उसे पाना होता तो पहले ही पा लेता उसके सामने जरूर कोई ऐसी स्त्रियां परिस्थितियां उत्पन्न हुई जिससे लाचार होकर परेशान होकर उसने इस्तीफा दिया लेकिन एक बात कहना चाहूंगा यह तो हिम्मत का हारना है हर रात के बाद दिन आता है हर दिन के बाद रात आती है थोड़ा सा संगत कर लेते थोड़ा सा और कठोरता से लेके तब आपको अपना वास्तविक परिचय देने का अवसर मिलता अब चमकती या प्रश्न की क्या सबक लिया जा सकता पिक्चर मैं आपको एक बात करना चाहूंगा यह ठान लो कि अगर मैं पद पर आ गया तो मेरे सामने कोई भी राजनीतिक नेता भ्रष्टाचार को जन्म नहीं दे सकेगा उन्होंने इस्तीफा दे दिया लेकिन मैं नहीं दूंगा मैं उन राजनेताओं को भ्रष्टाचारियों को सड़क पर ला दूंगा लेकिन जान का जोखिम चौथी उसे डरिए मत कभी जीवन में एक बार मिलता और मृत्यु भी एक बार मिलती आ बैल मुझे मार ऐसी हरकत ना करते हुए अपने प्रथम को निभाए और लालच से इन सब चीजों से दूर रहते हुए सफलता की तरफ बढ़ गई है कि आपको कैसा चलता है

highest ke kuch adhikaariyo ne bhi haal mein jeete ji aur aapne bhi prashna kiya ki se kya sabak seekha ja sakta hai sacchai toh yahi hai ki koi bhi vyakti apne pad se khushi khushi istifa nahi dena chahta uske saamne aise haalaat paida kar diye jaate hain swatantra roop se apne pad ka paani nahi kar pata vaah lachar ho jata hai antaraatma kuch aur kehti hai aur uske upar se kuch aur kehne ko kaha jata hai karne ko kaha jata hai toh ab kya kar rahe ho agar imaandaar hai nisthawan hai usne imaandaari ki shapath lekar apne pad par rahkar jan seva karne ki thani toh hamare use raajnitik kshetra yoni jeene nahi deta agar kitni chhat par paani aane ke baad bhi agar uska tiraskar ho har ek mantri ya mukhyamantri usko apmanit karen uske saath atyachar karen toh kya karega vaah hathaash hokar istifa de dete hain main yah manane ko taiyar nahi ki unchi naukri karporet jagat mein naukri paane ke liye koi ek IAS officer ips officer usko chhodkar carpet jagat mein naukri payega nahi agar use paana hota toh pehle hi paa leta uske saamne zaroor koi aisi striyan paristhiyaann utpann hui jisse lachar hokar pareshan hokar usne istifa diya lekin ek baat kehna chahunga yah toh himmat ka harana hai har raat ke baad din aata hai har din ke baad raat aati hai thoda sa sangat kar lete thoda sa aur kathorata se leke tab aapko apna vastavik parichay dene ka avsar milta ab chamakati ya prashna ki kya sabak liya ja sakta picture main aapko ek baat karna chahunga yah than lo ki agar main pad par aa gaya toh mere saamne koi bhi raajnitik neta bhrashtachar ko janam nahi de sakega unhone istifa de diya lekin main nahi dunga main un rajnetao ko bharashtachariyo ko sadak par la dunga lekin jaan ka jokhim chauthi use dariye mat kabhi jeevan mein ek baar milta aur mrityu bhi ek baar milti aa bail mujhe maar aisi harkat na karte hue apne pratham ko nibhaye aur lalach se in sab chijon se dur rehte hue safalta ki taraf badh gayi hai ki aapko kaisa chalta hai

हाईएस्ट के कुछ अधिकारियों ने भी हाल में जीते जी और आपने भी प्रश्न किया कि से क्या सबक सीखा

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

0:56
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न है कि आई एस अधिकारियों के से क्या समस्या जाता है या यह हो सकता है कि वह जिंदगी में सरकार की जो एक नौकरी है नौकरी में रहते हुए ब्रिटेन की बंदिश होती है और अच्छा करना चाहिए जैसे कि आप एग्जांपल के रूप में एक रोमन सैनी जी डॉक्टर थे और वह गरीब बच्चों के लिए गरीब बच्चों को शिक्षा मुहैया कराते हैं तो यह तो और अच्छी बात है तो सबक लेने वाली है कि आप आपका किसी से देखकर कुछ ऐसा नहीं मैंने करना आपकी सोच क्या आप क्या करना चाहते हैं उसके अनुसार कोई डिसीजन ले

prashna hai ki I s adhikaariyo ke se kya samasya jata hai ya yah ho sakta hai ki vaah zindagi mein sarkar ki jo ek naukri hai naukri mein rehte hue britain ki bandish hoti hai aur accha karna chahiye jaise ki aap example ke roop mein ek roman saini ji doctor the aur vaah garib bacchon ke liye garib bacchon ko shiksha muhaiya karate hain toh yah toh aur achi baat hai toh sabak lene waali hai ki aap aapka kisi se dekhkar kuch aisa nahi maine karna aapki soch kya aap kya karna chahte hain uske anusaar koi decision le

प्रश्न है कि आई एस अधिकारियों के से क्या समस्या जाता है या यह हो सकता है कि वह जिंदगी में

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आइए सर के कुछ और अफसर से अधिकारियों से सीख मिलती है जो इस्तीफा दे देते हैं वह देखिए प्रतिष्ठित जनता की सेवा करते हैं जनता को सुविधा प्रदान करते हैं और जब वह सुविधा प्रदान करने लायक नहीं देते हैं उसको अपने उस योग्य स्थान उलझन है यह किस जगह पर अपने आप को योग्य नहीं मानते हैं तो वह इस्तीफा दे देता है जिसके तहत वह समझते हैं कि हम इससे बढ़िया सेवा करने लायक नहीं है वह अपने इस्तीफा देते हैं और हम किसी तरीके से जनता की सेवा करें और जनता को सुविधा प्रदान करें इस 25 सुपरहिट उत्तराखंड के छिपा देते हैं कुछ और किसी और तरीके से जनता की सेवा करने के लिए

aaiye sir ke kuch aur officer se adhikaariyo se seekh milti hai jo istifa de dete hain vaah dekhiye pratishthit janta ki seva karte hain janta ko suvidha pradan karte hain aur jab vaah suvidha pradan karne layak nahi dete hain usko apne us yogya sthan uljhan hai yah kis jagah par apne aap ko yogya nahi maante hain toh vaah istifa de deta hai jiske tahat vaah samajhte hain ki hum isse badhiya seva karne layak nahi hai vaah apne istifa dete hain aur hum kisi tarike se janta ki seva kare aur janta ko suvidha pradan kare is 25 superhit uttarakhand ke chhipa dete hain kuch aur kisi aur tarike se janta ki seva karne ke liye

आइए सर के कुछ और अफसर से अधिकारियों से सीख मिलती है जो इस्तीफा दे देते हैं वह देखिए प्रतिष

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