भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते हैं?...


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Virendra Pratap Singh Chundawat

Philanthropist & a Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर आप भगवान से प्रार्थना करते हैं तो इसका यह अर्थ हुआ क्या भगवान में विश्वास करते हैं और जो बगैर आपका भगवान में विश्वास है तो आप यह क्यों समझते हैं कि भगवान आपकी पता नहीं सुनते हैं तो सबकी प्रथम सुनते हैं और अगर आपको भगवान विश्वास नहीं है तब कितना भी प्रार्थना करो नहीं सुनेंगे

agar aap bhagwan se prarthna karte hain toh iska yah arth hua kya bhagwan me vishwas karte hain aur jo bagair aapka bhagwan me vishwas hai toh aap yah kyon samajhte hain ki bhagwan aapki pata nahi sunte hain toh sabki pratham sunte hain aur agar aapko bhagwan vishwas nahi hai tab kitna bhi prarthna karo nahi sunenge

अगर आप भगवान से प्रार्थना करते हैं तो इसका यह अर्थ हुआ क्या भगवान में विश्वास करते हैं और

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Er. Vikas Sharma

Entrepreneur - Life Advisor - Writer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल बहुत अच्छा प्रश्न आपका आपका प्रश्न पढ़कर मुझे एक मूवी का डायलॉग याद आ रहा है दशरथ मांझी तो वही हंसी है भगवान के भरोसे मत बैठिए क्या पता भगवान आपके भरोसे बैठा हो तो जी अगर वह आपकी एक ही बार इम्तिहान भी ले रहा है कि यह व्यक्ति इस पात्र भी है या नहीं कई बार यह भी होता है कि वह मरी पात्रता चक्कर होता है

ji bilkul bahut accha prashna aapka aapka prashna padhakar mujhe ek movie ka dialogue yaad aa raha hai dashrath maanjhi toh wahi hansi hai bhagwan ke bharose mat baithiye kya pata bhagwan aapke bharose baitha ho toh ji agar vaah aapki ek hi baar imtihan bhi le raha hai ki yah vyakti is patra bhi hai ya nahi kai baar yah bhi hota hai ki vaah mari patrata chakkar hota hai

जी बिल्कुल बहुत अच्छा प्रश्न आपका आपका प्रश्न पढ़कर मुझे एक मूवी का डायलॉग याद आ रहा है दश

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B San

Entrepreneur | Management | Consultant | Advisor

1:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना नहीं सुनते हैं इस अंदर में जैसा कि मेरा मानना है कि भगवान हमारी प्रार्थना सुनते नहीं हो सकता कि भगवान मेरी प्रार्थना सुन ए यहां सुनने का तात्पर्य यह नहीं कि आपको थोड़ी फल की प्राप्ति हो बल्कि फल की प्राप्ति समय अनुसार ओं क्रमानुसार होती है संभवत तभी शायद यह में या वक्त अभी प्रतीत होता है कि भगवान हमारी बात नहीं सुन रहे भगवान तो निरंकारी हो सृष्टि के रचयिता हैं व्यक्ति की प्रार्थना सतत गतिमान नहीं चाहिए और इसके समकक्ष कर्म की प्रधानता जो है कर्म करते रहना चाहिए वह हमेशा बनी रहे शर्मा द्वारा ही फल की प्राप्ति हो सकती है उसका

namaskar bhagwan kabhi kabhi hamari prarthna nahi sunte hain is andar me jaisa ki mera manana hai ki bhagwan hamari prarthna sunte nahi ho sakta ki bhagwan meri prarthna sun a yahan sunne ka tatparya yah nahi ki aapko thodi fal ki prapti ho balki fal ki prapti samay anusaar on kramanusar hoti hai sambhavat tabhi shayad yah me ya waqt abhi pratit hota hai ki bhagwan hamari baat nahi sun rahe bhagwan toh nirankari ho shrishti ke rachiyata hain vyakti ki prarthna satat gatiman nahi chahiye aur iske samkaksh karm ki pradhanta jo hai karm karte rehna chahiye vaah hamesha bani rahe sharma dwara hi fal ki prapti ho sakti hai uska

नमस्कार भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना नहीं सुनते हैं इस अंदर में जैसा कि मेरा मानना है कि

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BK Vishal

Rajyoga Trainer

3:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बीके भगवान आप समझते क्या आपके माता पिता संतोष परमात्मा हमारे पिता और हमारे पिता को यह पता है कि उनको बच्चों की कौन सी तमन्नाओं को पूर्ण करना है कौन सी तमन्ना है पूर्ण करने योग्य है कौन सी तमन्ना है आप खुद भी अगर पिता होंगे यह बच्चे भी होंगे आपने अपने बेटे की हर ख्वाहिश पूरी नहीं किया आपने ख्वाहिश करने का बेटे को हक है वह तमन्ना अपने पिता से प्रार्थना नहीं चाहता है कि उसका पुत्र उसके सामने प्रार्थना पत्र लेकर खड़ा हो या उससे कुछ मांगने की को जो चाहिए वह प्राप्त करने अधिकार से ले लेना कि मांगने के लिए एक पुजारी अधिकारी के रूप में सामने खड़ा है कोई पिताजी चाय पीकर के चलते चलते हैं कि हम यह मानते हैं कि हम उसके भक्त हैं और नीच पापी है कब की है अगर आप अपने बारे में यह मान्यता रखते हैं बावजूद इसके इतनी तमन्ना है रखते तो कोई बात नहीं चाहेगा कि किसी नालायक औलाद हो जो पापी है कटती है नहीं सदस्य के मारती में जाते मैं मुल्क खल कामी निभाना परमात्मा नहीं सुनता तो यह मान कर चलिए आपके आपकी वह कुछ कुछ प्रार्थना है आपकी कुछ कुछ होता मन्ना है इस योग्य नहीं है कि उनको अभी पूरा किया जा सके समय आने पर पूरी की जाएगी या ना पूरा करने योग्य नहीं होगी आपको तो निश्चय रखना होगा आप ये सोच कर के भगवान की आराधना का भ्रम है आपको भी उसकी औलाद हो करके उसके काम करने के तरीके को समझने का प्रयास करना चाहिए तभी आप बिन मांगे उससे सब कुछ पा जाएंगे

BK bhagwan aap samajhte kya aapke mata pita santosh paramatma hamare pita aur hamare pita ko yah pata hai ki unko baccho ki kaun si tamannaon ko purn karna hai kaun si tamanna hai purn karne yogya hai kaun si tamanna hai aap khud bhi agar pita honge yah bacche bhi honge aapne apne bete ki har khwaahish puri nahi kiya aapne khwaahish karne ka bete ko haq hai vaah tamanna apne pita se prarthna nahi chahta hai ki uska putra uske saamne prarthna patra lekar khada ho ya usse kuch mangne ki ko jo chahiye vaah prapt karne adhikaar se le lena ki mangne ke liye ek pujari adhikari ke roop me saamne khada hai koi pitaji chai peekar ke chalte chalte hain ki hum yah maante hain ki hum uske bhakt hain aur neech papi hai kab ki hai agar aap apne bare me yah manyata rakhte hain bawajud iske itni tamanna hai rakhte toh koi baat nahi chahega ki kisi nalayak aulad ho jo papi hai katatii hai nahi sadasya ke marti me jaate main mulk khal kami nibhana paramatma nahi sunta toh yah maan kar chaliye aapke aapki vaah kuch kuch prarthna hai aapki kuch kuch hota manna hai is yogya nahi hai ki unko abhi pura kiya ja sake samay aane par puri ki jayegi ya na pura karne yogya nahi hogi aapko toh nishchay rakhna hoga aap ye soch kar ke bhagwan ki aradhana ka bharam hai aapko bhi uski aulad ho karke uske kaam karne ke tarike ko samjhne ka prayas karna chahiye tabhi aap bin mange usse sab kuch paa jaenge

बीके भगवान आप समझते क्या आपके माता पिता संतोष परमात्मा हमारे पिता और हमारे पिता को यह पता

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Avdhut Kanhere

Astrologer

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Harish Sharma

Yog Acharya

3:31
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Anshu Saxena

Business Manager

1:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भगवान कभी कभी नहीं हर बार आपकी प्रार्थना सुनना है आपको लगता है कि वह हमारी प्रार्थना नहीं सुन रहा यह कभी कभी नहीं सुनता ऐसा नहीं है वह हर बार सुनता है परंतु आपको जो देना है उसका एक समय है उससे पहले नहीं देता यह ज्ञात होना चाहिए क्योंकि हमें भागने में हमने कभी वक्त नहीं देखा उससे कि हमें यह चाहिए भगवान तू पे क्यों नहीं रहा वसुंधरा और आपके नसीब में जो है वह देगा आपकी प्रार्थना आपके शब्दों को जो आप ने मांगा वैसी नहीं पूरी करेगा तो किसी और रूप में पूरा करेगा बस आपको एक ही काम करना है आपने उसको कह दिया इंतजार करिए आपको स्वयं पता लग जाएगा कि चाहे छोटे रूप में सुनी और उसने सुनी जरूर

bhagwan kabhi kabhi nahi har baar aapki prarthna sunana hai aapko lagta hai ki vaah hamari prarthna nahi sun raha yah kabhi kabhi nahi sunta aisa nahi hai vaah har baar sunta hai parantu aapko jo dena hai uska ek samay hai usse pehle nahi deta yah gyaat hona chahiye kyonki hamein bhagne me humne kabhi waqt nahi dekha usse ki hamein yah chahiye bhagwan tu pe kyon nahi raha vasundhara aur aapke nasib me jo hai vaah dega aapki prarthna aapke shabdon ko jo aap ne manga vaisi nahi puri karega toh kisi aur roop me pura karega bus aapko ek hi kaam karna hai aapne usko keh diya intejar kariye aapko swayam pata lag jaega ki chahen chote roop me suni aur usne suni zaroor

भगवान कभी कभी नहीं हर बार आपकी प्रार्थना सुनना है आपको लगता है कि वह हमारी प्रार्थना नहीं

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Dr. J.Singh

Financial Expert || Ayurvedic Doctor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भगवान हमेशा हमारी प्रार्थना सुनते हैं लेकिन कभी-कभी हमें ऐसा लगता है कि हमें प्रार्थना सुन ली क्योंकि हम हमेशा हम हमेशा लाभ की उम्मीद ही भगवान से करते हैं अगर कभी कोई नुकसान हो रहा है तो हमें उसमें अपने आप को ही बोल करके सुना कि हमने यहां पर कहा गलती की है कोई भी हानि या लाभ होता है तो उसमें हम कहीं ना कहीं एक अहम रोल अदा करते हैं उसके उसका कारण स्वामी गोविंद नायक भगवान हमेशा सुनते धन्यवाद

bhagwan hamesha hamari prarthna sunte hain lekin kabhi kabhi hamein aisa lagta hai ki hamein prarthna sun li kyonki hum hamesha hum hamesha labh ki ummid hi bhagwan se karte hain agar kabhi koi nuksan ho raha hai toh hamein usme apne aap ko hi bol karke suna ki humne yahan par kaha galti ki hai koi bhi hani ya labh hota hai toh usme hum kahin na kahin ek aham roll ada karte hain uske uska karan swami govind nayak bhagwan hamesha sunte dhanyavad

भगवान हमेशा हमारी प्रार्थना सुनते हैं लेकिन कभी-कभी हमें ऐसा लगता है कि हमें प्रार्थना सुन

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Sunil Kumar Pandey

Editor And Writer

0:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है भगवान कभी कभी हमारी बात क्यों नहीं सुनते हमारे मन में कोई भूत है तो नहीं सुनता किसी का नहीं करना ठीक है

namaskar aapka prashna hai bhagwan kabhi kabhi hamari baat kyon nahi sunte hamare man me koi bhoot hai toh nahi sunta kisi ka nahi karna theek hai

नमस्कार आपका प्रश्न है भगवान कभी कभी हमारी बात क्यों नहीं सुनते हमारे मन में कोई भूत है तो

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Dr. Swapnil Patel

Ayurvedic Doctor

4:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार जैसा कि आपने प्रश्न किया है कि कभी-कभी भगवान जो है हमारी प्रार्थना क्यों क्यों नहीं सुनते हैं प्रार्थना भगवान शिव की सुनते हैं अब नहीं सुनते हैं उसके पीछे जो एकमत तर्क दे सकता हूं कभी-कभी ऐसा होता है क्योंकि देखिए आज जब हम मॉडल में परिपेक्ष्या अपने वर्तमान परिस्थितियों का उदाहरण देकर चीजों को समझाने की कोशिश करते हैं तो अच्छे से समझ में आता है वर्तमान चीजों को यह जो है कि समझाना चाहूंगा कि यदि आप जैसे भगवान को प्रार्थना सुनाना है आज के जनरेसन वैसे किसी से आपको बात करनी है मोबाइल फोन है अब उसमें सिगनल्स नहीं है बैलेंस नहीं है और चार्जिंग नहीं हो सर आज कुछ आप फोन लगाने से आपके पास फोन होने से उनके तक उनकी बात नहीं पहुंच सकती है उसी प्रकार से जो आपका पूजा अनुष्ठान योग तब सही दिशा में हो रहा है सही माध्यम से हो रहा है तभी जो है कि भगवान तक जाएगी आपकी बात पहुंच सकती है और वह आपकी बातों को सुन सकते हैं अन्यथा जो है कि वही जैसे एक मूवी आई थी ना पीके कि वह फिरकी ले रहा है कोई आपकी भी फिरकी लेने लगेगा ऐसा भी नहीं है भगवान नहीं आध्यात्मिकता नहीं है वह बातें नहीं सुनते हैं सब कुछ है और आज के जैन समाज में आज के समय में वही हो चुका है कि जो मीडियम था बीच में कनेक्टिंग का भगवान का वह हम भूल चुके हैं वह पद वह ज्ञान वह जो दिव्य ज्ञान था वह हमको चुके थे ऐसे आज का समय और पहले हो जाए उसकी कई साल बाद लोगों को मोबाइल फोन मिले लोग यह सोचे कि इससे बात करते थे उसे हम बात कर सकते हैं लेकिन उस प्रलय में टावर जैसी एक्सचेंज ऐसी चीजें तहस-नहस हो चुकी हैं और वह विधाओं पद्धति भी समाप्त हो चुकी है जिसके थ्रू कन्वर्सेशन होता था और लोग झूठा फोन लेकर नंबर लगाए जा रहे हैं नंबर लगाया जाए उसी तरीके से मारा शास्त्र वेद पुराण ज्ञान जो था वह एक माध्यम होता था जो है कि जिस के थ्रू भगवान से कनेक्टिविटी होती थी योग्यता पर इत्यादि लेकिन मुगलों अंग्रेजों का जब शासन हुआ नालंदा विश्वविद्यालय जलाया गया अन्य सारी चीजें हुई तो उसमें यह विधा ज्ञान कहीं न कहीं जो है कि विलुप्त सा हो गया है उसी के परिणाम स्वरूप जो है कि हम भगवान तक खुद को जोड़ नहीं पा रहे हैं उनको अपनी बातें बता समझाने वहां तक हमारी चीजें जा नहीं पा रही हैं हम सही माध्यम इसे सही तरीके से जानने की कोशिश करेंगे तो चीजें यथासंभव सकती है छोटी सी चीज में समझाना चाहूंगा कि हम फल फूल प्रसाद अगरबत्ती बहुत सारी ऐसी चीजें हैं इसको चढ़ाते हैं और मैंने जब पढ़ा दिन किया उसके बाद मुझे पता चला कि भगवान यह जो भी स्वर्ग में जाते हैं स्वर्ग का मतलब है कि वहां पर जैसे हम भोजन करते हैं वहां यज्ञ अंश की जरूरत पड़ती है यज्ञ का आंसर था इसीलिए यज्ञ होता है और योग यज्ञ में ही सारे जो भी चढ़ावा होता है मिष्ठान पकवान सारी चीजों को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में विधायक योग्य के ही माध्यम से जाता है यदि आप जो है कि पूजा पाठ और अन्य विधियों से कर रहे हैं और यज्ञ नहीं कर रहे हैं तो फिर तू जितना मुझे नाले ज्ञान है उसे मैं कह सकता हूं कि उतना अच्छा फल नहीं मिलेगा जितना आप यज्ञ के साथ पूजा करेंगे अपनी दैनिक जीवन में इन्हीं सब चीजों का पालन करें और इससे जुड़ने की कोशिश करें सब मंगलमय होगा हर हर महादेव

namaskar jaisa ki aapne prashna kiya hai ki kabhi kabhi bhagwan jo hai hamari prarthna kyon kyon nahi sunte hain prarthna bhagwan shiv ki sunte hain ab nahi sunte hain uske peeche jo ekamat tark de sakta hoon kabhi kabhi aisa hota hai kyonki dekhiye aaj jab hum model me paripekshya apne vartaman paristhitiyon ka udaharan dekar chijon ko samjhane ki koshish karte hain toh acche se samajh me aata hai vartaman chijon ko yah jo hai ki samajhana chahunga ki yadi aap jaise bhagwan ko prarthna sunana hai aaj ke janaresan waise kisi se aapko baat karni hai mobile phone hai ab usme siganals nahi hai balance nahi hai aur charging nahi ho sir aaj kuch aap phone lagane se aapke paas phone hone se unke tak unki baat nahi pohch sakti hai usi prakar se jo aapka puja anushthan yog tab sahi disha me ho raha hai sahi madhyam se ho raha hai tabhi jo hai ki bhagwan tak jayegi aapki baat pohch sakti hai aur vaah aapki baaton ko sun sakte hain anyatha jo hai ki wahi jaise ek movie I thi na pk ki vaah firkee le raha hai koi aapki bhi firkee lene lagega aisa bhi nahi hai bhagwan nahi aadhyatmikta nahi hai vaah batein nahi sunte hain sab kuch hai aur aaj ke jain samaj me aaj ke samay me wahi ho chuka hai ki jo medium tha beech me connecting ka bhagwan ka vaah hum bhool chuke hain vaah pad vaah gyaan vaah jo divya gyaan tha vaah hamko chuke the aise aaj ka samay aur pehle ho jaaye uski kai saal baad logo ko mobile phone mile log yah soche ki isse baat karte the use hum baat kar sakte hain lekin us pralay me tower jaisi exchange aisi cheezen tahas nahas ho chuki hain aur vaah vidhaon paddhatee bhi samapt ho chuki hai jiske through conversation hota tha aur log jhutha phone lekar number lagaye ja rahe hain number lagaya jaaye usi tarike se mara shastra ved puran gyaan jo tha vaah ek madhyam hota tha jo hai ki jis ke through bhagwan se connectivity hoti thi yogyata par ityadi lekin mugalon angrejo ka jab shasan hua nalanda vishwavidyalaya jalaya gaya anya saari cheezen hui toh usme yah vidhaa gyaan kahin na kahin jo hai ki vilupt sa ho gaya hai usi ke parinam swaroop jo hai ki hum bhagwan tak khud ko jod nahi paa rahe hain unko apni batein bata samjhane wahan tak hamari cheezen ja nahi paa rahi hain hum sahi madhyam ise sahi tarike se jaanne ki koshish karenge toh cheezen yathasambhav sakti hai choti si cheez me samajhana chahunga ki hum fal fool prasad agarbatti bahut saari aisi cheezen hain isko chadhate hain aur maine jab padha din kiya uske baad mujhe pata chala ki bhagwan yah jo bhi swarg me jaate hain swarg ka matlab hai ki wahan par jaise hum bhojan karte hain wahan yagya ansh ki zarurat padti hai yagya ka answer tha isliye yagya hota hai aur yog yagya me hi saare jo bhi chadhava hota hai mishthan pakvaan saari chijon ko thodi thodi matra me vidhayak yogya ke hi madhyam se jata hai yadi aap jo hai ki puja path aur anya vidhiyon se kar rahe hain aur yagya nahi kar rahe hain toh phir tu jitna mujhe naale gyaan hai use main keh sakta hoon ki utana accha fal nahi milega jitna aap yagya ke saath puja karenge apni dainik jeevan me inhin sab chijon ka palan kare aur isse judne ki koshish kare sab mangalmay hoga har har mahadev

नमस्कार जैसा कि आपने प्रश्न किया है कि कभी-कभी भगवान जो है हमारी प्रार्थना क्यों क्यों नही

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Gayatri Shukla

Social Worker Director Of Smt Educational Society

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भगवान वही करते हैं जो हमारी तरफ से हमारी यही प्रार्थना करते हैं जो हमारे लिए हमारे हाथ में नहीं मिल सकता है और हमें हर हर बम

bhagwan wahi karte hain jo hamari taraf se hamari yahi prarthna karte hain jo hamare liye hamare hath me nahi mil sakta hai aur hamein har har bomb

भगवान वही करते हैं जो हमारी तरफ से हमारी यही प्रार्थना करते हैं जो हमारे लिए हमारे हाथ में

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Dr. Mahesh Mohan Jha

Asst. Professor,Astrologer,Author

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते भगवान के पास जब भी प्रार्थना करते हैं उन से मांगना ही उद्देश्य होता है मनुष्य निश्चल भाव से कभी प्रार्थना नहीं करता जो निश्चल भाव से प्रार्थना करता है भगवान अवश्य धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai bhagwan kabhi kabhi hamari prarthna kyon nahi sunte bhagwan ke paas jab bhi prarthna karte hain un se maangna hi uddeshya hota hai manushya nishchal bhav se kabhi prarthna nahi karta jo nishchal bhav se prarthna karta hai bhagwan avashya dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते भगवान के पास जब भी प

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RAJKUMAR

Sharp Astrology

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भगवान हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते ओके दोस्त कभी-कभी मैंने देखा है कई लोग भगवान को भी एडवाइज देते ऐसा करो ऐसा करो तो आप प्रार्थना करने गए थे उसकी भूल दिखाने जाते हैं तो एग्जांपल देता हूं चलो मैं भगवान हूं और आप मेरे दास हो यानी कि आप मेरे भक्तों भक्तों यानी कि आप मेरी नौकरी से फिर आप अचानक आते हो और मेरे प्रभु मुझे ₹1000000 दे दो तो मैं तुम्हारी प्रार्थना प्रार्थना सुन ली मैंने आपकी प्रार्थना सुन ली जो मुझे चाहिए था ऐसा तो तूने कुछ किया नहीं तो मैं तुझे क्यों ठीक है 1000000 का ₹10 भी नहीं दूंगा हां लेकिन तू अगर बहुत रो रहा है तो ₹20 दे देता हूं चल ठीक है मालूम है बॉस हूं आपको आप मेरे से ज्यादा जो मेरी सोच तरीके से बात कराऊं आपको भगवान की तरह तू शादी के पहले लाइक तो बन जा तू तो बन जा सके कबीर भगवान कर तो देते लेकिन संभाल नहीं सकता तो डिवोर्स हो जाते हैं तो किन लोगों को भगवान आशीर्वाद के रूप में भी देते नहीं तो इसका हकदार है ले बेटा तुझे अच्छी लड़की मिलेगी या अच्छा लड़का मिलेगा मेरा जीवन अच्छा चलेगा ठीक है उसकी सेवा भी होती है भगवान के पास तो हम भगवान के पास प्रार्थना करने कम जाते हैं कभी-कभी तो मैं इसको एडवाइज देने जाते किसी रोज देते बताएं किस तरह से देते हैं यह जो मेरा काम है ना अगर नहीं हुआ ना तो मैं मर जाऊंगा तो तुम एक काम करना ही पड़ेगा एकदम की हो गई यानी की धमकी देते भगवान को अगर तुम यह मेरा काम नहीं करूंगा नमो कर लूंगा ना वह कर लूंगा तू चाहता तो एक झटके में तुझे जितने चाहिए उतने खत्म कर सकता था तो धीरे-धीरे क्यों मारा है भगवान को देने जाते 2 किलो क्या भगवान के पास जाते हैं ना तो उससे प्रार्थना कम करते हैं लेकिन अपनी पूरी स्टोरी कर देता हुआ भगवान भगवान आप मेरे यहां काम करते हो और आप अपनी स्टोरी करते हो कि मेरी बीवी भाग गई मेरे बच्चे यह हो गया वह हो गया वह हो गया सब कुछ टूट गया टूट गया घर में या जियो आज यहां यह हुआ कि कभी यह हो जाता कभी वह जाता है कभी मेरे पास प्यार से नहीं आया कभी मुझे प्यार से कुछ दिया नहीं कभी प्यार से मेरे साथ बात नहीं की बस अपनी तकलीफ देता गया अपनी तकलीफ अपना डिप्रेशन से मेरे पर डाल रहा है तो सेठ जैसे सोचता ना वैसे ही भगवान सुनता ही नहीं है आपकी प्रार्थना किस तरह की है दोस्तों ने जो कहना चाहता हूं वह अपनी प्रार्थना कैसी होनी चाहिए प्रार्थना में आपकी आप विनम्रता रिस्पेक्ट सबको देते उनको प्रार्थनाएं से कर रहे हो जैसे भगवान के भगवान आप कई लोग जॉब करते हैं ना कहीं जगह पर जॉब करते हैं तो मैंने देखा है उसको सिखाता है अगर आप ऐसा करते हैं तो 4000 ज्यादा आ जाते हैं रवि दोस्त को मत दिखाओ वह चार लाख की प्लानिंग कर रहा है तू 4000 की कर रहा है तू दोस्त यहां पर मैं यही कहूंगा कि भगवान को अगर हम प्रार्थना किस तरीके से करते हैं यह बोर्ड डिफेंडेंट होता है और ब्रा प्रार्थना का मतलब क्या होता है मांगना नहीं होता है हम मांगने नहीं जाता है साधना का मतलब पुकार होती जरूर है लेकिन मांगने का नहीं होता उसमें कि मुझे यह देना वह दिन गाड़ी बंगला मस्त लड़की मस्त छोकरे मस्त बंगला बहुत कुछ मस्त कपड़े मस्त स्टेटस मस्त गुड भी यह सब प्रार्थना नहीं है यह तो भिखारी की तरह मानने गए तो प्रार्थना किया है तो पहले आप यह जान लीजिए प्रार्थना क्या है दोस्तों आप की मांग कर रहे हो आप डिप्रेशन निकाल रहे हो क्या प्रार्थना है नहीं है तो दोस्तों आप प्रार्थना की व्याख्या समझ लो फिर आप कहोगे कि नहीं वह सुनते जरूर है ओम शांति

bhagwan hamari prarthna kyon nahi sunte ok dost kabhi kabhi maine dekha hai kai log bhagwan ko bhi edavaij dete aisa karo aisa karo toh aap prarthna karne gaye the uski bhool dikhane jaate hain toh example deta hoon chalo main bhagwan hoon aur aap mere das ho yani ki aap mere bhakton bhakton yani ki aap meri naukri se phir aap achanak aate ho aur mere prabhu mujhe Rs de do toh main tumhari prarthna prarthna sun li maine aapki prarthna sun li jo mujhe chahiye tha aisa toh tune kuch kiya nahi toh main tujhe kyon theek hai 1000000 ka Rs bhi nahi dunga haan lekin tu agar bahut ro raha hai toh Rs de deta hoon chal theek hai maloom hai boss hoon aapko aap mere se zyada jo meri soch tarike se baat karaun aapko bhagwan ki tarah tu shaadi ke pehle like toh ban ja tu toh ban ja sake kabir bhagwan kar toh dete lekin sambhaal nahi sakta toh divorce ho jaate hain toh kin logo ko bhagwan ashirvaad ke roop me bhi dete nahi toh iska haqdaar hai le beta tujhe achi ladki milegi ya accha ladka milega mera jeevan accha chalega theek hai uski seva bhi hoti hai bhagwan ke paas toh hum bhagwan ke paas prarthna karne kam jaate hain kabhi kabhi toh main isko edavaij dene jaate kisi roj dete bataye kis tarah se dete hain yah jo mera kaam hai na agar nahi hua na toh main mar jaunga toh tum ek kaam karna hi padega ekdam ki ho gayi yani ki dhamki dete bhagwan ko agar tum yah mera kaam nahi karunga namo kar lunga na vaah kar lunga tu chahta toh ek jhatake me tujhe jitne chahiye utne khatam kar sakta tha toh dhire dhire kyon mara hai bhagwan ko dene jaate 2 kilo kya bhagwan ke paas jaate hain na toh usse prarthna kam karte hain lekin apni puri story kar deta hua bhagwan bhagwan aap mere yahan kaam karte ho aur aap apni story karte ho ki meri biwi bhag gayi mere bacche yah ho gaya vaah ho gaya vaah ho gaya sab kuch toot gaya toot gaya ghar me ya jio aaj yahan yah hua ki kabhi yah ho jata kabhi vaah jata hai kabhi mere paas pyar se nahi aaya kabhi mujhe pyar se kuch diya nahi kabhi pyar se mere saath baat nahi ki bus apni takleef deta gaya apni takleef apna depression se mere par daal raha hai toh seth jaise sochta na waise hi bhagwan sunta hi nahi hai aapki prarthna kis tarah ki hai doston ne jo kehna chahta hoon vaah apni prarthna kaisi honi chahiye prarthna me aapki aap vinamrata respect sabko dete unko prarthanaen se kar rahe ho jaise bhagwan ke bhagwan aap kai log job karte hain na kahin jagah par job karte hain toh maine dekha hai usko sikhata hai agar aap aisa karte hain toh 4000 zyada aa jaate hain ravi dost ko mat dikhaao vaah char lakh ki planning kar raha hai tu 4000 ki kar raha hai tu dost yahan par main yahi kahunga ki bhagwan ko agar hum prarthna kis tarike se karte hain yah board difendent hota hai aur bra prarthna ka matlab kya hota hai maangna nahi hota hai hum mangne nahi jata hai sadhna ka matlab pukaar hoti zaroor hai lekin mangne ka nahi hota usme ki mujhe yah dena vaah din gaadi bangla mast ladki mast chokre mast bangla bahut kuch mast kapde mast status mast good bhi yah sab prarthna nahi hai yah toh bhikhari ki tarah manne gaye toh prarthna kiya hai toh pehle aap yah jaan lijiye prarthna kya hai doston aap ki maang kar rahe ho aap depression nikaal rahe ho kya prarthna hai nahi hai toh doston aap prarthna ki vyakhya samajh lo phir aap kahoge ki nahi vaah sunte zaroor hai om shanti

भगवान हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते ओके दोस्त कभी-कभी मैंने देखा है कई लोग भगवान को भी

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राधे-राधे किसी ने पूछा है भगवान कभी कभी हमारी प्रार्थनाएं क्यों नहीं सुनते हैं देखे हमें ऐसा लगता है कि भगवान हमारी प्रार्थना नहीं सुनते बल्कि ऐसी ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो कि भावनात्मक तरीके से यदि ईश्वर से जुड़ता है कहीं भी किसी भी जगह बैठकर तो प्रभु नहीं सुनते अवश्य कोई ना कोई किसी ना किसी प्रकार से हमारी लिए मदद करते हैं क्योंकि इस प्रार्थना में अक्सर होता है प्रार्थना जब हम करते हैं तो हम ईश्वर से जोड़ते हैं हां यह है कि जब आपको किसी लक्ष्य की प्राप्ति हो या किसी मन में कोई किसी प्रकार की कोई कामना है या अच्छा है तब उस प्रार्थना में थोड़ा सा टाइम लग सकता है कि समय सीमा हो सकती है लेकिन ऐसा नहीं कहा जा सकता कि प्रभु हमारी प्रार्थना सुनते नहीं हो मैं अवश्य सुनते हैं लेकिन यह बहुत मायने रखता है कि आप प्रार्थना में भाग किस तरीके का रख रहे हैं और किस तरह से प्रभु से जुड़ जाएं धन्यवाद

radhe radhe kisi ne poocha hai bhagwan kabhi kabhi hamari prarthanaen kyon nahi sunte hain dekhe hamein aisa lagta hai ki bhagwan hamari prarthna nahi sunte balki aisi aisa koi bhi vyakti nahi hai jo ki bhavnatmak tarike se yadi ishwar se judta hai kahin bhi kisi bhi jagah baithkar toh prabhu nahi sunte avashya koi na koi kisi na kisi prakar se hamari liye madad karte hain kyonki is prarthna me aksar hota hai prarthna jab hum karte hain toh hum ishwar se jodte hain haan yah hai ki jab aapko kisi lakshya ki prapti ho ya kisi man me koi kisi prakar ki koi kamna hai ya accha hai tab us prarthna me thoda sa time lag sakta hai ki samay seema ho sakti hai lekin aisa nahi kaha ja sakta ki prabhu hamari prarthna sunte nahi ho main avashya sunte hain lekin yah bahut maayne rakhta hai ki aap prarthna me bhag kis tarike ka rakh rahe hain aur kis tarah se prabhu se jud jayen dhanyavad

राधे-राधे किसी ने पूछा है भगवान कभी कभी हमारी प्रार्थनाएं क्यों नहीं सुनते हैं देखे हमें ऐ

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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राम जी की आपका भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना करें भगवान का अच्छा करता है बुरा करता कभी काम नहीं होता लेकिन जो आगे हम सोचे जब वह काम नहीं होता आगे बढ़ते और कुछ काम अच्छा नहीं इसलिए कार नहीं होते हैं और वह प्रार्थना नहीं सुनते

ram ji ki aapka bhagwan kabhi kabhi hamari prarthna kare bhagwan ka accha karta hai bura karta kabhi kaam nahi hota lekin jo aage hum soche jab vaah kaam nahi hota aage badhte aur kuch kaam accha nahi isliye car nahi hote hain aur vaah prarthna nahi sunte

राम जी की आपका भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना करें भगवान का अच्छा करता है बुरा करता कभी काम

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते हैं हम फ्री नहीं होता शुद्ध सच्ची भावना से

bhagwan kabhi kabhi hamari prarthna kyon nahi sunte hain hum free nahi hota shudh sachi bhavna se

भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते हैं हम फ्री नहीं होता शुद्ध सच्ची भावना से

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डा आचार्य महेंद्र

Astroloser,Vastusastro,pravchankarta

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mohit

8307747204 Founder Abhyasa Yogshala

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Pratibha

Author

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आपका प्रश्न है भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं कर रहे हैं बेगाने की हां मुझे लॉटरी लग जाए या अचानक खड़ा हुआ धन मिल जाए मेरा यह काम सफल हो जाए उसके लिए आपका कर्म कुछ भी नहीं है और आप से प्रार्थना कर रहे हैं तो ऐसी प्रार्थना है जिसमें आपका कर्म शामिल नहीं होता है वह ईश्वर द्वारा कबूल नहीं होती नहीं होती और हमारी आत्मा हमारे कार्यक्रमों पर भी निर्भर रहता है हमारी आत्मा कई जन्मों के संस्कार लेकर कई जन्मों का अपने कार्यकाल में अकाउंट लेकर आती है कार्मिक अकाउंट के द्वारा भी हमारी डेस्टिनी तय है बट हम कुछ और की डिमांड कर रहे हैं तो हो नहीं सकता अगर हम नींद में चाय मीठा हो जाए तो नहीं हो गई है उसको काकटकर प्रार्थना और कई बार हमारी प्रार्थना में किसी के लिए नेगेटिविटी भी होती है हम इतने सच्चे ह्रदय से प्रार्थना नहीं करते हैं जबकि हमारी प्रार्थनाएं माने नहीं होती है एक बच्चे की आपने देखा होगा एक छोटा बच्चा जब भी प्रे करता है उसकी ईश्वर जल्दी सुन लेता है उसकी प्रार्थना कबूल होती है क्योंकि से परे होता है और हम स्वार्थ पर किसी का अहित करने के लिए अपना हित सिद्ध करने के लिए स्वार्थी बन कर प्रार्थना करते हैं जब हम निस्वार्थ भाव से प्रार्थना करेंगे तो हंड्रेड परसेंट हर प्रार्थना को बोलोगे तो ऐसा नहीं है कि ईश्वर हमारी प्रार्थना है कि नहीं सुनते हैं कि उन्हें हम हमारे से कोई दुश्मनी है हमारे मांगने में ही प्रार्थना करने में ही कहीं कोई कमी होती है जिसकी वजह से हमारी प्रार्थनाएं मान्य नहीं होती है

aapka prashna hai bhagwan kabhi kabhi hamari prarthna kyon nahi kar rahe hain begane ki haan mujhe lottery lag jaaye ya achanak khada hua dhan mil jaaye mera yah kaam safal ho jaaye uske liye aapka karm kuch bhi nahi hai aur aap se prarthna kar rahe hain toh aisi prarthna hai jisme aapka karm shaamil nahi hota hai vaah ishwar dwara kabool nahi hoti nahi hoti aur hamari aatma hamare karyakramon par bhi nirbhar rehta hai hamari aatma kai janmon ke sanskar lekar kai janmon ka apne karyakal me account lekar aati hai karmik account ke dwara bhi hamari destiny tay hai but hum kuch aur ki demand kar rahe hain toh ho nahi sakta agar hum neend me chai meetha ho jaaye toh nahi ho gayi hai usko kakatakar prarthna aur kai baar hamari prarthna me kisi ke liye negativity bhi hoti hai hum itne sacche hriday se prarthna nahi karte hain jabki hamari prarthanaen maane nahi hoti hai ek bacche ki aapne dekha hoga ek chota baccha jab bhi prey karta hai uski ishwar jaldi sun leta hai uski prarthna kabool hoti hai kyonki se pare hota hai aur hum swarth par kisi ka ahit karne ke liye apna hit siddh karne ke liye swaarthi ban kar prarthna karte hain jab hum niswarth bhav se prarthna karenge toh hundred percent har prarthna ko bologe toh aisa nahi hai ki ishwar hamari prarthna hai ki nahi sunte hain ki unhe hum hamare se koi dushmani hai hamare mangne me hi prarthna karne me hi kahin koi kami hoti hai jiski wajah se hamari prarthanaen manya nahi hoti hai

आपका प्रश्न है भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं कर रहे हैं बेगाने की हां मुझे लॉटर

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Jaivindra Singh

Financial Expert & Corporate Consultant.

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हेलो दोस्त आप का क्वेश्चन है कि भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते हैं तो देखो दोस्तों क्वेश्चन बताने से पहले मैं एक बात बताना चाहूंगा एक मूवी देखिए जो सलमान खान और अमिताभ बच्चन की मूवी गॉड तुसी ग्रेट हो तो यह मूवी आप देखिए और देखो दोस्तों को तैसा हम भगवान को प्रार्थना का मतलब यह कि हम अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं अगर मैं एग्जाम देने जा रहा हूं ठीक है हम लोग भरोसा करते हैं कि ठीक है भगवान मैंने अच्छा पढ़ा है मैं अच्छे से क्लियर कर पाऊंगा लेकिन आप कम पड़े तो भगवान कैसे बात करा देंगे आपको हम भगवान में आस्था एक बिल्ली रहती है सारे कि भगवान कर देंगे क्योंकि भगवान सभी चीजें बैलेंस में रखकर करती क्योंकि वह थोड़ा ध्यान आपका थोड़ा दूसरे का करते हैं आप क्या करते हैं अपनी सबसे भगवान को चलाना चाहती हैं जैसे कि आप इंटरव्यू में गए हैं ना इंटरव्यू में एक ही लोग की वैकेंसी है और इंटरव्यू देने के लिए 20 लोग हैं तो आपके भगवान मेरा सिलेक्शन हो जाए मेरा सिलेक्शन हो जाए मुझे बहुत ज्यादा जरूरत है लेकिन हो सकता है दूसरे को तुमसे भी ज्यादा जरूरत हो या उससे दूसरे को तुमसे भी ज्यादा जरूरत था उसको नॉलेज भी हो तुमसे ज्यादा नॉलेज तुम हो गया भगवान ने मुझे नहीं लगता है भाई बहुत गलती की है वह मेरे साथ अपना डिसीजन लेते हैं सभी चीजों को बैलेंस में रखकर के आंसर कर दें किसी काम को करते हैं थैंक यू

hello dost aap ka question hai ki bhagwan kabhi kabhi hamari prarthna kyon nahi sunte hain toh dekho doston question batane se pehle main ek baat batana chahunga ek movie dekhiye jo salman khan aur amitabh bachchan ki movie god tusi great ho toh yah movie aap dekhiye aur dekho doston ko taisa hum bhagwan ko prarthna ka matlab yah ki hum apne hisab se chalana chahte hain agar main exam dene ja raha hoon theek hai hum log bharosa karte hain ki theek hai bhagwan maine accha padha hai main acche se clear kar paunga lekin aap kam pade toh bhagwan kaise baat kara denge aapko hum bhagwan me astha ek billi rehti hai saare ki bhagwan kar denge kyonki bhagwan sabhi cheezen balance me rakhakar karti kyonki vaah thoda dhyan aapka thoda dusre ka karte hain aap kya karte hain apni sabse bhagwan ko chalana chahti hain jaise ki aap interview me gaye hain na interview me ek hi log ki vacancy hai aur interview dene ke liye 20 log hain toh aapke bhagwan mera selection ho jaaye mera selection ho jaaye mujhe bahut zyada zarurat hai lekin ho sakta hai dusre ko tumse bhi zyada zarurat ho ya usse dusre ko tumse bhi zyada zarurat tha usko knowledge bhi ho tumse zyada knowledge tum ho gaya bhagwan ne mujhe nahi lagta hai bhai bahut galti ki hai vaah mere saath apna decision lete hain sabhi chijon ko balance me rakhakar ke answer kar de kisi kaam ko karte hain thank you

हेलो दोस्त आप का क्वेश्चन है कि भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते हैं तो देखो

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Dr J B Tiwari

Chairman and Managing Director

1:45
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आपका सवाल है भगवान कभी-कभी हमारे प्रार्थना क्यों नहीं सुनते हैं बहुत ही अच्छा सवाल आपने कहा गाना सुनते हैं लेकिन उसका जवाब भी इसलिए नहीं देते कि आपको कुछ अच्छा हमको करना होता है दीक्षित प्रश्न एक है कि आप भगवान से मांग रहे हैं कि मुझे कुछ अच्छा दीजिए कुछ धन दीजिए कुछ चाहर शोहरत दीजिए और इत्यादि इत्यादि मैं आप एग्जांपल देता हूं एक राजा था जंगल में जा रहा था और उसकी उंगली कट गई उसे भगवान को खूब गाली दी उसके साथ भगवान ने उसको चोट लगा दिया कि भगवान का एक बड़ा सा कविता पुजारी था वही राज आप के वादे के साथ बॉडीगार्ड था जंगल में जा रहा था तभी वहां पर उस जंगल का राजा जो भील था एक आदमी को खोज रहा था उसको आदमी को बलि देनी थी और जमाई राजा दिखा थोड़ा बड़ा शुद्र का आदमी मिल गया इसी का बलि देते हैं बलि देने के लिए सजाया जा रहा था पूरा स्कोर चेक किया गया पता चला उसका अंगूठा कटा हुआ और उनके सिस्टम और लॉक हिसाब से किसी भी अंग भंग आदमी का पर इन हिंदी जा सकता इस तरह से वॉयसबनी होने से बच गया उसे भगवान को लाख-लाख धन्यवाद दिया तो भगवान प्रार्थना हमेशा सुनता है और उचित समय पर जो आपके लायक होगा वैसा ही आशीर्वाद देकर आप को आगे बढ़ाता है

aapka sawaal hai bhagwan kabhi kabhi hamare prarthna kyon nahi sunte hain bahut hi accha sawaal aapne kaha gaana sunte hain lekin uska jawab bhi isliye nahi dete ki aapko kuch accha hamko karna hota hai dixit prashna ek hai ki aap bhagwan se maang rahe hain ki mujhe kuch accha dijiye kuch dhan dijiye kuch chahar shoharat dijiye aur ityadi ityadi main aap example deta hoon ek raja tha jungle me ja raha tha aur uski ungli cut gayi use bhagwan ko khoob gaali di uske saath bhagwan ne usko chot laga diya ki bhagwan ka ek bada sa kavita pujari tha wahi raj aap ke waade ke saath bodygaurd tha jungle me ja raha tha tabhi wahan par us jungle ka raja jo bhil tha ek aadmi ko khoj raha tha usko aadmi ko bali deni thi aur jamai raja dikha thoda bada shudra ka aadmi mil gaya isi ka bali dete hain bali dene ke liye sajaya ja raha tha pura score check kiya gaya pata chala uska angootha kata hua aur unke system aur lock hisab se kisi bhi ang bhang aadmi ka par in hindi ja sakta is tarah se vayasabani hone se bach gaya use bhagwan ko lakh lakh dhanyavad diya toh bhagwan prarthna hamesha sunta hai aur uchit samay par jo aapke layak hoga waisa hi ashirvaad dekar aap ko aage badhata hai

आपका सवाल है भगवान कभी-कभी हमारे प्रार्थना क्यों नहीं सुनते हैं बहुत ही अच्छा सवाल आपने क

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P k yadav

Govt Job

3:45
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आपने एक बहुत ही अच्छा सवाल किया है कि भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं ऐसा नहीं है हम अगर सच्चे दिल से अगर कोई अच्छाई की प्रार्थना कर रहे हैं सर्वहित की प्रार्थना कर रहे हैं तो भगवान जरूर होता क्या है जो हमारे कारण है पहले इंसान बोलते थे कि यह पूर्व जन्मों की कहानी है पूर्व कर्मों का फल है आज ऐसा नहीं है आज इस जन्म में ही हमारे कर्मों का फल हमें प्राप्त हो जाता है हमारे द्वारा जो किया जा रहा है कुछ अच्छा कुछ बुराइयां हर एक इंसान एक का नहीं होता किसी की सोच पॉजिटिव है किसी की नेगेटिव है किसी की दोनों को तो डिपेंड करता है कि हम जो प्रार्थना कर रहे हैं भगवान से वह किस कारण से है किस तरह की है हम सपोर्ट करो आज मैं प्रार्थना करूंगा कि हे भगवान मुझे आज तू यह कोई भी मांगो जो मेरी हैसियत यह जो मेरी जरूरत से ज्यादा है तू गलत मुझे प्रार्थना करनी चाहिए है भगवान मैं जिस तरह से तूने मुझे दिया है उस तरह से मेरा परिवार और में खुशियां कुछ चीजें ऐसी होती हैं जो टाइम रहते हुए ही होती है लेकिन हमें लगता है कि नहीं हम यह चीज कर रहे हैं तो एक क्यों और जैसे आपने बोला कभी कभी हमारी प्रार्थना नहीं सुनी जाती है ऐसा लगता है तो वह हमारा लग ना जाए जैसे मानो आप आज कोई भी काम कर रहे हैं और भगवान का नाम ध्यान में रखते हुए कर रहे हैं लेकिन फिर भी हमें सफलता नहीं मिल रही तो ऐसा म सोचो कि भगवान हमें नहीं सुन रहे हैं हमारी प्रार्थना को नहीं बेकार है उसमें पॉजिटिव थिंकिंग चलाते हैं और यह सोच है कि आज यह जो मेरी परीक्षा ली जा रही है जो मुझे नहीं सुना जा रहा है भगवान के द्वारा हो सकता है कि कुछ पलों के बाद कुछ क्षणों के बाद कुछ दिनों के बाद जिस लगन के साथ में आगे बढ़ रहा उससे मेरी जो प्रार्थना है बहुत अच्छे से स्वीकार की जाए क्योंकि जो हमारी लाइफ में होता है वह सब कुछ अच्छे के लिए होता है हम अपनी लाइफ में कुछ भी कामयाबी हासिल करते हैं तो सबसे पहले क्या बोलते हैं आज मैंने यह कर दिया नहीं वह सब करने वाला है और जब कुछ अगर गलत होता है तो सबसे पहले कुछ नहीं आता है भगवान तूने क्या गलत कर दिया जबकि करने वाली हम ही अच्छा किया तो भी हमने किया बुरा किया तो भी हम आप अपनी आत्मा से उसके ऊपर भरोसा रखें अपने अच्छे कर्मों को पढ़ते हैं अपने सोमवार की है अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा ऊपर वाले के ऊपर भरोसा और शपथ

aapne ek bahut hi accha sawaal kiya hai ki bhagwan kabhi kabhi hamari prarthna kyon nahi aisa nahi hai hum agar sacche dil se agar koi acchai ki prarthna kar rahe hain sarwahit ki prarthna kar rahe hain toh bhagwan zaroor hota kya hai jo hamare karan hai pehle insaan bolte the ki yah purv janmon ki kahani hai purv karmon ka fal hai aaj aisa nahi hai aaj is janam me hi hamare karmon ka fal hamein prapt ho jata hai hamare dwara jo kiya ja raha hai kuch accha kuch buraiyan har ek insaan ek ka nahi hota kisi ki soch positive hai kisi ki Negative hai kisi ki dono ko toh depend karta hai ki hum jo prarthna kar rahe hain bhagwan se vaah kis karan se hai kis tarah ki hai hum support karo aaj main prarthna karunga ki hai bhagwan mujhe aaj tu yah koi bhi mango jo meri haisiyat yah jo meri zarurat se zyada hai tu galat mujhe prarthna karni chahiye hai bhagwan main jis tarah se tune mujhe diya hai us tarah se mera parivar aur me khushiya kuch cheezen aisi hoti hain jo time rehte hue hi hoti hai lekin hamein lagta hai ki nahi hum yah cheez kar rahe hain toh ek kyon aur jaise aapne bola kabhi kabhi hamari prarthna nahi suni jaati hai aisa lagta hai toh vaah hamara lag na jaaye jaise maano aap aaj koi bhi kaam kar rahe hain aur bhagwan ka naam dhyan me rakhte hue kar rahe hain lekin phir bhi hamein safalta nahi mil rahi toh aisa main socho ki bhagwan hamein nahi sun rahe hain hamari prarthna ko nahi bekar hai usme positive thinking chalte hain aur yah soch hai ki aaj yah jo meri pariksha li ja rahi hai jo mujhe nahi suna ja raha hai bhagwan ke dwara ho sakta hai ki kuch palon ke baad kuch kshanon ke baad kuch dino ke baad jis lagan ke saath me aage badh raha usse meri jo prarthna hai bahut acche se sweekar ki jaaye kyonki jo hamari life me hota hai vaah sab kuch acche ke liye hota hai hum apni life me kuch bhi kamyabi hasil karte hain toh sabse pehle kya bolte hain aaj maine yah kar diya nahi vaah sab karne vala hai aur jab kuch agar galat hota hai toh sabse pehle kuch nahi aata hai bhagwan tune kya galat kar diya jabki karne wali hum hi accha kiya toh bhi humne kiya bura kiya toh bhi hum aap apni aatma se uske upar bharosa rakhen apne acche karmon ko padhte hain apne somwar ki hai apni jimmedari ko bakhubi nibha upar waale ke upar bharosa aur shapath

आपने एक बहुत ही अच्छा सवाल किया है कि भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं ऐसा नहीं है

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Pawan

Financial Planer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भगवान कभी कदार आपकी बात नहीं सुनता क्यों भगवान को भी लगता है कि आप ऑफिस की लायक नहीं हो जवाब उसके लायक हो जाओगे तो आपको हर चीज में लगी और पहली भगवान सिर्फ आपको एक मार्गदर्शिका तो सब कुछ आपको ही करना होता है और आपको बहुत मेहनत करनी पड़ती अपने काम को लेकर आपकी ने हल्की भी कल किसी भी कम मेहनत के लिए तो आपको अपने कार्य को पूरा नहीं कर पाएंगे और सारा भगवान पर आप शॉप देते हो कि भगवान ने करा देना ऐसा कुछ नहीं आपकी मेहनत नहीं करनी है

bhagwan kabhi kadar aapki baat nahi sunta kyon bhagwan ko bhi lagta hai ki aap office ki layak nahi ho jawab uske layak ho jaoge toh aapko har cheez me lagi aur pehli bhagwan sirf aapko ek margadarshika toh sab kuch aapko hi karna hota hai aur aapko bahut mehnat karni padti apne kaam ko lekar aapki ne halki bhi kal kisi bhi kam mehnat ke liye toh aapko apne karya ko pura nahi kar payenge aur saara bhagwan par aap shop dete ho ki bhagwan ne kara dena aisa kuch nahi aapki mehnat nahi karni hai

भगवान कभी कदार आपकी बात नहीं सुनता क्यों भगवान को भी लगता है कि आप ऑफिस की लायक नहीं हो जव

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Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

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Gaurav Sethia

Career & Spiritual Coach

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भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते हैं आपका यह जो सवाल है इसका स्कोर 2 तरह से हमसे कर सकता हूं एक तो भगवान आपकी प्रार्थना से तब नहीं सुनता जब आप पूरे सच्चे मन से पूरे दिल से वह कामना नहीं करते जो आप चाहते हैं और अभी ही नहीं करते कि आपको वह मिलेगा एक तो तब होता है जब भगवान आपका नहीं सुनता दूसरा भगवान शायद उस समय आप की नहीं सुन रहा हूं क्योंकि शायद उसने आपके लिए शायद उससे बेहतर कुछ देखा तो यह दो ही कारण हो सकते हैं कि भगवान आपकी बात कभी कभी नहीं सुनता

bhagwan kabhi kabhi hamari prarthna kyon nahi sunte hain aapka yah jo sawaal hai iska score 2 tarah se humse kar sakta hoon ek toh bhagwan aapki prarthna se tab nahi sunta jab aap poore sacche man se poore dil se vaah kamna nahi karte jo aap chahte hain aur abhi hi nahi karte ki aapko vaah milega ek toh tab hota hai jab bhagwan aapka nahi sunta doosra bhagwan shayad us samay aap ki nahi sun raha hoon kyonki shayad usne aapke liye shayad usse behtar kuch dekha toh yah do hi karan ho sakte hain ki bhagwan aapki baat kabhi kabhi nahi sunta

भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते हैं आपका यह जो सवाल है इसका स्कोर 2 तरह से

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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हां कहते भगवान कभी कभी हमारी तरफ ना सोनी सच्चे समान प्रार्थना सुनते हैं लेकिन की प्रार्थना का प्रतिफल हम तक आने में अधिक समय लग जाता है ग्राम चने की रानियों की प्रतीक्षा नहीं करता बेचैन हो जाते हैं अनुमान का विश्वास करने लगते हैं अधिमान्यता कि भगवान ने मारी प्रार्थना को ठुकरा दिया हमारे द्वारा की गई प्रार्थना का संदेश भगवान के पहुंचने में कितना वक्त लगा और उसके बाद प्रत्युत्तर में डोनेट फल मिला उसमें कितना लगा यही हमारी चिंतन का विषय बताएं हम कम करने में इतने तल्लीन नहीं होते कितने फल की उम्मीद चित्रकार से करते हैं लेकिन ऐसा लगता कि भगवान कभी कभी मजाक करने कि कहीं ना कहीं त्रुटि होती है जिससे विलंब होता है और बुलंदशहर चाहते हैं

haan kehte bhagwan kabhi kabhi hamari taraf na sony sacche saman prarthna sunte hain lekin ki prarthna ka pratiphal hum tak aane me adhik samay lag jata hai gram chane ki raniyon ki pratiksha nahi karta bechain ho jaate hain anumaan ka vishwas karne lagte hain adhimanyata ki bhagwan ne mari prarthna ko thukara diya hamare dwara ki gayi prarthna ka sandesh bhagwan ke pahuchne me kitna waqt laga aur uske baad pratyuttar me donate fal mila usme kitna laga yahi hamari chintan ka vishay bataye hum kam karne me itne tallinn nahi hote kitne fal ki ummid chitrakar se karte hain lekin aisa lagta ki bhagwan kabhi kabhi mazak karne ki kahin na kahin truti hoti hai jisse vilamb hota hai aur bulandshahr chahte hain

हां कहते भगवान कभी कभी हमारी तरफ ना सोनी सच्चे समान प्रार्थना सुनते हैं लेकिन की प्रार्थना

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Ajay kumar

Motivational Speaker , Life Coach

4:22
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हेलो फ्रेंड्स मैं अजय कुमार मोटिवेशनल स्पीकर लाइफ कोच आपका पुलिस ने भगवान कभी-कभी हमारी प्रार्थना क्यों नहीं सुनते हैं कि भगवान हमारी प्रार्थना जरूर सुनते हैं लेकिन सबसे पहले उन्हें कंफर्म होना चाहिए कि आप तो प्रार्थना कर रहे हैं सच में आप वही चाहते हैं पर कुछ और चाहते हैं इसलिए वह थोड़ा वक्त आपसे लेते हैं ताकि आप खुद में इससे और हो जाए कि आप जो प्रार्थना अपने करीब आपके लिए घातक तो नहीं है क्योंकि अक्सर कभी-कभी लोग जल्दबाजी में कुछ ऐसी प्रार्थना कर देते हैं जो बाद में शायद उन्हीं के लिए घातक होती है और ऐसे बहुत सारे एग्जांपल आपने अपनी लाइफ में देखे होंगे कहानियों में सुने होंगे एक कहानी इसी के साथ मैं आपको शेयर करता हूं एक बार एक व्यक्ति एक व्यापारी था जो कहीं से गुजर रहा था और अचानक से रास्ता भटक जाता और घने जंगल में पहुंच जाता है जंगल बहुत लंबा होता है वह चलते-चलते सुबह चलते-चलते शाम हो जाती हो थक जाता है बुरी तरह थक जाता और टक्कर पेड़ के नीचे बैठ जाता है फिर बहुत बड़ा होता है भूत छायादार होता है बाद में इतना थक जाता है उस पेड़ के नीचे बैठता है और कुछ से कहता है मैं बहुत थक गया हूं सोना चाहता हूं वह तुरंत सो जाता है उसे बेहतरीन नींद आ जाती है नींद से जब लगता है आपका तो था ही सोने के बाद उसे बहुत भूख और प्यास लगी होती है फिर वह सोचता है कि कुछ खाने को मिल जाता बहुत भूख लगी है जैसे ही वह सब बोलता है ऐसा सोचता है तुरंत उसके सामने हवा में तैरते हुए बहुत अच्छे-अच्छे स्वादिष्ट भोजन आ जाता है व चक्कर भोजन करता है पेट भरकर भोजन करता है फिर उसके मन में आता काश कुछ पीने को मिल जाता हवा में बेहतरीन कई तरह के शरबत करते हुए आ जाते वक्त शरबत को पीता है आनंद से और पूरी तरीके से इच्छा भर के मस्त हो जाता है खा पीकर अचानक उसके मन में आता है जंगल में पेड़ के नीचे इतना सारा खाना इतना अच्छा खाना शरबत कैसे आ सकता है एक ऐसा चमत्कार है मुझे लगता किस पेड़ पर कोई न कोई भूत रहता है जो मुझे खिला पिला कर खाना चाहता है और जो सोचता है अचानक से बहुत बड़ा भूत प्रकट होता है और उसे खा जाता है वापस इच्छापूर्ति का वृक्ष था एक छोटी सी कहानी हम सभी को बहुत बड़ी सीख देती है कि जिंदगी में हमारा मन इच्छा पूर्ति वृक्ष होता है हमारी सोच हमारे विचार इच्छापूर्ति व्रत चोदते हैं और कभी-कभी हम जल्दबाजी में कुछ ऐसे डिसीजन ले लेते हैं जो हमारे लिए ही घातक होते इसलिए भगवान हमारे प्रार्थना जरूर सुनते हैं लेकिन थोड़ा वक्त लेते हैं क्योंकि इस व्यक्ति के द्वारा कही आपने भी अगर गलत प्रार्थना कर दिया गलत सोच विचार मन में ले आए तो आपने पहले कितना भी बेहतर करके रखा गलत विचार आपके पूरे एक गलत प्रार्थना एक गलत विचार आपके जीवन को नष्ट कर सकती है इसलिए भगवान सुनते तो हैं लेकिन थोड़ा वक्त लेते हैं ताकि आप खुद में सेव हो जाए कि जो आपने प्रार्थना की है और सच में अपने समझ बूझ कर और अपने भले के लिए थैंक यू

hello friends main ajay kumar Motivational speaker life coach aapka police ne bhagwan kabhi kabhi hamari prarthna kyon nahi sunte hain ki bhagwan hamari prarthna zaroor sunte hain lekin sabse pehle unhe confirm hona chahiye ki aap toh prarthna kar rahe hain sach me aap wahi chahte hain par kuch aur chahte hain isliye vaah thoda waqt aapse lete hain taki aap khud me isse aur ho jaaye ki aap jo prarthna apne kareeb aapke liye ghatak toh nahi hai kyonki aksar kabhi kabhi log jaldabaji me kuch aisi prarthna kar dete hain jo baad me shayad unhi ke liye ghatak hoti hai aur aise bahut saare example aapne apni life me dekhe honge kahaniyan me sune honge ek kahani isi ke saath main aapko share karta hoon ek baar ek vyakti ek vyapaari tha jo kahin se gujar raha tha aur achanak se rasta bhatak jata aur ghane jungle me pohch jata hai jungle bahut lamba hota hai vaah chalte chalte subah chalte chalte shaam ho jaati ho thak jata hai buri tarah thak jata aur takkar ped ke niche baith jata hai phir bahut bada hota hai bhoot chayadar hota hai baad me itna thak jata hai us ped ke niche baithta hai aur kuch se kahata hai main bahut thak gaya hoon sona chahta hoon vaah turant so jata hai use behtareen neend aa jaati hai neend se jab lagta hai aapka toh tha hi sone ke baad use bahut bhukh aur pyaas lagi hoti hai phir vaah sochta hai ki kuch khane ko mil jata bahut bhukh lagi hai jaise hi vaah sab bolta hai aisa sochta hai turant uske saamne hawa me tairate hue bahut acche acche swaadisht bhojan aa jata hai va chakkar bhojan karta hai pet bharkar bhojan karta hai phir uske man me aata kash kuch peene ko mil jata hawa me behtareen kai tarah ke sharbat karte hue aa jaate waqt sharbat ko pita hai anand se aur puri tarike se iccha bhar ke mast ho jata hai kha peekar achanak uske man me aata hai jungle me ped ke niche itna saara khana itna accha khana sharbat kaise aa sakta hai ek aisa chamatkar hai mujhe lagta kis ped par koi na koi bhoot rehta hai jo mujhe khila pila kar khana chahta hai aur jo sochta hai achanak se bahut bada bhoot prakat hota hai aur use kha jata hai wapas icchapurti ka vriksh tha ek choti si kahani hum sabhi ko bahut badi seekh deti hai ki zindagi me hamara man iccha purti vriksh hota hai hamari soch hamare vichar icchapurti vrat chodte hain aur kabhi kabhi hum jaldabaji me kuch aise decision le lete hain jo hamare liye hi ghatak hote isliye bhagwan hamare prarthna zaroor sunte hain lekin thoda waqt lete hain kyonki is vyakti ke dwara kahi aapne bhi agar galat prarthna kar diya galat soch vichar man me le aaye toh aapne pehle kitna bhi behtar karke rakha galat vichar aapke poore ek galat prarthna ek galat vichar aapke jeevan ko nasht kar sakti hai isliye bhagwan sunte toh hain lekin thoda waqt lete hain taki aap khud me save ho jaaye ki jo aapne prarthna ki hai aur sach me apne samajh boojh kar aur apne bhale ke liye thank you

हेलो फ्रेंड्स मैं अजय कुमार मोटिवेशनल स्पीकर लाइफ कोच आपका पुलिस ने भगवान कभी-कभी हमारी प्

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