क्या भगवत गीता पूर्ण सत्य है?...


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नमस्कार आपका प्रश्न है क्या भगवत गीता पूर्ण सकते हैं जी हां गीता पूर्ण सत्य है गीता एक ऐसा सत्य है जिसे हिंदू धर्म के लोग तो मानते ही हैं बाकी धर्मों के लोग भी मानते हैं उसकी मान्यता भारत के अलावा पूरे विश्व में है और जिन्होंने भी गीता का ज्ञान लिया है वह इस बात पर तो पहुंचे हैं कि व्यक्ति कहीं ना कहीं अपने कर्मों से बना हुआ है और यदि वह चाहे तो खुश हो सकता है यदि वे चाहें तो आनंदित रह सकता है धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai kya bhagwat geeta purn sakte hain ji haan geeta purn satya hai geeta ek aisa satya hai jise hindu dharm ke log toh maante hi hain baki dharmon ke log bhi maante hain uski manyata bharat ke alava poore vishwa me hai aur jinhone bhi geeta ka gyaan liya hai vaah is baat par toh pahuche hain ki vyakti kahin na kahin apne karmon se bana hua hai aur yadi vaah chahen toh khush ho sakta hai yadi ve chahain toh anandit reh sakta hai dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है क्या भगवत गीता पूर्ण सकते हैं जी हां गीता पूर्ण सत्य है गीता एक ऐसा

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Brijesh Kumar

Journalist And Spritual/Yog/Pranic Healing Practitioner.

8:20
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भगवत गीता पूर्ण सत्य है क्योंकि कि भगवत गीता में 18 अध्याय 18 अध्याय को भगवान ने 18 18 अध्याय को 18 युग का नाम दिया है और देखिए यदि आप भगवत गीता भगवत गीता में हर प्रकार के मार्ग को पाने के लिए मुफ्त पानी के लिए और धर्म का टारगेट क्या होता है लक्ष्य के अंतिम सप्ताह का अंतिम लक्ष्य क्या है मोक्ष मोक्ष को पाना अपने स्वरूप को पहचान ना हम कौन है हम कहां से आए हैं और हम इस जन्म मरण के चक्कर से कैसे मुक्त बने हम यह इंद्रियों और विशेष रूप से कैसे मुक्त बने और हमारे शुद्ध आनंद को प्राप्त करें भक्ति को प्राप्त करें हम ज्ञान को प्राप्त करें यह भगवत गीता के खाती है और भगवत गीता विलो का सारे उपनिषदों का सारे हमारे जो स्तर के दर्शन है उसका कार है ब्रह्म सूत्र महाभारत रामायण आदि जो ग्रंथों में जो उसका रहस्य है वह गीता में है तो गीता के 700 श्लोक में पूरे सनातन धर्म का सार जो बातें हैं उसका निचोड़ है गीता गीता परम सत्य है और मैं आपको छोटी सी कथा सुनाता हूं आपको श्रीधर स्वामी का नाम सुना होगा इसलिए श्रीमद्भगवद्गीता के ऊपर टिका लिखी थी श्रीमद्भगवद्गीता के प्राकृतिक आकार है श्रीमान श्रीधर सीता जी जब एक बार गीता गीता का गीता के ऊपर टिका लिख रहे थे तब गीता का एक श्लोक है भगवत गीता में एक श्लोक है अनन्या चिंतायंतो मां यह जननी पा सकते थे शाम नित्या भी युक्ता नाम योग क्षेम वहाम्यहम् इतना इसको ध्यान से सुनिए योग्य मन वहां में हम भगवान कहते हैं जो मेरा अनन्य चिंतन करता है जो मेरे कार्य में हमेशा तत्पर रहता है तो सिर्फ मेरी ही शरण चाहता है और मेरी शरण में है उनको उनका योग क्षमता में वाहन करता हूं यानी कि उसको कभी खाने-पीने की चिंता नहीं रहती मैं उसकी जो जीवन जरूर याद कीजिए है मैं उसको अवश्य उपलब्ध कराता हूं वह मैं करता हूं जो गम का वाहन करता हूं तब भगवान ने कहा जब श्रीधर जी गीता की गीता जी के ऊपर उसके जो गीता जी के अनुसार जो लोग हैं जिस राज्य में इसरो के उनको सरल भाषा में ट्रांसलेट कर रहे थे कि का मतलब तक सेट करो समझा रैली सरल भाषा में जोगिंदर जी बहुत बड़े विद्वान के संस्कृत के जानकार पंडित की ओर से तो जब वह एक काम कर रहे थे कोई श्लोक आया वहां में हम योगदान ने कहा कि भगवान होते नहीं है सबको दिखते नहीं वह वह नहीं करेंगे उसको शाम को उन्होंने श्लोक कोई सुधार दिया आपने जो लिख रहे थे उसको कलेक्ट कर के वहां मैं उनसे दादा में हमकदम लेना देना इसका मुझे बताना समझते हैं कोई ड्राइवर हो वह गाड़ी तलवारे किसी से मैं खुद चले चलाएं खुद चलाता है वाहन का मतलब था खुद चलाना खुद वह करना उतना में अनजाने किसी और के द्वारा करवाना जब पिताजी नहीं है भगवत गीता में थोड़ा यह चेक चेक करके बताओ वहां मैं वहां में हम गद्दा में हम कर दिया 12 पर की घटना थी उन्होंने ऐसा किया उनके घर में कुछ खाने का नहीं था वह इतने वह सारा दिन भगवान की भक्ति में दोनों पति पत्नी रहते थे उस दर्जी गए कहने लगे चलो मैं आपको शाम को कहीं मंदिर मंदिर के दर्शन करने के लिए उनके घर में कुछ खाने का तो पता नहीं उसकी पत्नी सोच रही थी आज क्या बनाया कुछ हुआ नहीं है तभी उसके घर में एक लड़का आता है छोटा सा आठ 10 साल का उस लड़के के सिर पर चोट लगी है और उन पट्टी बांधी हुई है उसमें से थोड़ा-थोड़ा कौन आ रहा है और वह लड़का इधर जी की पत्नी को एक डेट 2 महीने चले उतना कुछ ज्यादा मानता है खाने पीने का सामान देख लेते हैं यह रखिए आपके पति ने भिजवाया है ऐसा करके वह लड़का उनकी पत्नी कुछ पूछे इससे पहले तो वह लड़का आवास है निकल जाता है पिताजी घर पर आते हैं वह उनकी पत्नी कहती है कि आपने इतना सारा सामान कहां से मंगवाया इतने पैसे दिए क्या किया जिंदगी ने कहा मैंने तो कुछ नहीं मंगवाया है एक लड़का है थांवला सगुरारे बाल थे बहुत सुंदर सा और वह मुझे यह सामान देखकर कहने लगा आपके पति ने भिजवाया या आपके पति ने भिजवाया किसी बच्चे ने भेजा है वह बच्चा कैसा था और वह इतना सारा सामान छोटा सा बच्चा अपने सिर पर उठा के लाया अब सुधर जी की आंखों से आंसू आ गए और समझ गए कि वह कोई और नहीं भी आकार भगवान श्री कृष्ण के और मैंने जो एग्जाम में हम किया है दम सही नहीं है वहां में हम सही है मैंने गीता में चेक किए जाने के मिनट भगवान के सिर पर पत्थर मारा भगवान को चोट पहुंचाई फिर वह खुद भगवान से माफी मांगी और कहा मेरी गलती हो गई क्षमा करें मैं आपको आपके रहस्य को समझ ही नहीं पा रहा है आप लोगों का वाहन करने वाले महान हैं तो आप समझिए कि गीता का एक एक पोस्ट शब्द है वह कितना महान है कितना उसमें गूढ़ रहस्य छिपा हुआ है वहां मैं अमृता महामंदिर धाम यमुना कभी भगवान आकर उनको तो गीता कई बात हो सकती है भगवतगीता * सत्य है वही सनातन धर्म का सार है हम वेट को नहीं समझ सकते क्योंकि वेद होती विस्तृत है यदि हमारा जीवन का कल्याण हो जाएगा गीता सार एक दिव्य कन्या है आराम से लेकर अभी तक कभी और 99 दिन आपकी बातें गीता गीता

bhagwat geeta purn satya hai kyonki ki bhagwat geeta me 18 adhyay 18 adhyay ko bhagwan ne 18 18 adhyay ko 18 yug ka naam diya hai aur dekhiye yadi aap bhagwat geeta bhagwat geeta me har prakar ke marg ko paane ke liye muft paani ke liye aur dharm ka target kya hota hai lakshya ke antim saptah ka antim lakshya kya hai moksha moksha ko paana apne swaroop ko pehchaan na hum kaun hai hum kaha se aaye hain aur hum is janam maran ke chakkar se kaise mukt bane hum yah indriyon aur vishesh roop se kaise mukt bane aur hamare shudh anand ko prapt kare bhakti ko prapt kare hum gyaan ko prapt kare yah bhagwat geeta ke khati hai aur bhagwat geeta willow ka saare upnishadon ka saare hamare jo sthar ke darshan hai uska car hai Brahma sutra mahabharat ramayana aadi jo granthon me jo uska rahasya hai vaah geeta me hai toh geeta ke 700 shlok me poore sanatan dharm ka saar jo batein hain uska nichod hai geeta geeta param satya hai aur main aapko choti si katha sunata hoon aapko shridhar swami ka naam suna hoga isliye shrimadbhagavadgita ke upar tika likhi thi shrimadbhagavadgita ke prakirtik aakaar hai shriman shridhar sita ji jab ek baar geeta geeta ka geeta ke upar tika likh rahe the tab geeta ka ek shlok hai bhagwat geeta me ek shlok hai ananya chintayanto maa yah janani paa sakte the shaam nithya bhi yukta naam yog kshem vahamyaham itna isko dhyan se suniye yogya man wahan me hum bhagwan kehte hain jo mera anany chintan karta hai jo mere karya me hamesha tatpar rehta hai toh sirf meri hi sharan chahta hai aur meri sharan me hai unko unka yog kshamta me vaahan karta hoon yani ki usko kabhi khane peene ki chinta nahi rehti main uski jo jeevan zaroor yaad kijiye hai main usko avashya uplabdh karata hoon vaah main karta hoon jo gum ka vaahan karta hoon tab bhagwan ne kaha jab shridhar ji geeta ki geeta ji ke upar uske jo geeta ji ke anusaar jo log hain jis rajya me isro ke unko saral bhasha me translate kar rahe the ki ka matlab tak set karo samjha rally saral bhasha me joginder ji bahut bade vidhwaan ke sanskrit ke janakar pandit ki aur se toh jab vaah ek kaam kar rahe the koi shlok aaya wahan me hum yogdan ne kaha ki bhagwan hote nahi hai sabko dikhte nahi vaah vaah nahi karenge usko shaam ko unhone shlok koi sudhaar diya aapne jo likh rahe the usko collect kar ke wahan main unse dada me hamakadam lena dena iska mujhe batana samajhte hain koi driver ho vaah gaadi talware kisi se main khud chale chalaye khud chalata hai vaahan ka matlab tha khud chalana khud vaah karna utana me anjaane kisi aur ke dwara karwana jab pitaji nahi hai bhagwat geeta me thoda yah check check karke batao wahan main wahan me hum gadda me hum kar diya 12 par ki ghatna thi unhone aisa kiya unke ghar me kuch khane ka nahi tha vaah itne vaah saara din bhagwan ki bhakti me dono pati patni rehte the us darji gaye kehne lage chalo main aapko shaam ko kahin mandir mandir ke darshan karne ke liye unke ghar me kuch khane ka toh pata nahi uski patni soch rahi thi aaj kya banaya kuch hua nahi hai tabhi uske ghar me ek ladka aata hai chota sa aath 10 saal ka us ladke ke sir par chot lagi hai aur un patti bandhi hui hai usme se thoda thoda kaun aa raha hai aur vaah ladka idhar ji ki patni ko ek date 2 mahine chale utana kuch zyada maanta hai khane peene ka saamaan dekh lete hain yah rakhiye aapke pati ne bhijvaya hai aisa karke vaah ladka unki patni kuch pooche isse pehle toh vaah ladka aawas hai nikal jata hai pitaji ghar par aate hain vaah unki patni kehti hai ki aapne itna saara saamaan kaha se mangwaya itne paise diye kya kiya zindagi ne kaha maine toh kuch nahi mangwaya hai ek ladka hai thanvala sagurare baal the bahut sundar sa aur vaah mujhe yah saamaan dekhkar kehne laga aapke pati ne bhijvaya ya aapke pati ne bhijvaya kisi bacche ne bheja hai vaah baccha kaisa tha aur vaah itna saara saamaan chota sa baccha apne sir par utha ke laya ab sudhar ji ki aakhon se aasu aa gaye aur samajh gaye ki vaah koi aur nahi bhi aakaar bhagwan shri krishna ke aur maine jo exam me hum kiya hai dum sahi nahi hai wahan me hum sahi hai maine geeta me check kiye jaane ke minute bhagwan ke sir par patthar mara bhagwan ko chot pahunchai phir vaah khud bhagwan se maafi maangi aur kaha meri galti ho gayi kshama kare main aapko aapke rahasya ko samajh hi nahi paa raha hai aap logo ka vaahan karne waale mahaan hain toh aap samjhiye ki geeta ka ek ek post shabd hai vaah kitna mahaan hai kitna usme gurh rahasya chhipa hua hai wahan main amrita mahamandir dhaam yamuna kabhi bhagwan aakar unko toh geeta kai baat ho sakti hai bhagavatagita satya hai wahi sanatan dharm ka saar hai hum wait ko nahi samajh sakte kyonki ved hoti vistrit hai yadi hamara jeevan ka kalyan ho jaega geeta saar ek divya kanya hai aaram se lekar abhi tak kabhi aur 99 din aapki batein geeta geeta

भगवत गीता पूर्ण सत्य है क्योंकि कि भगवत गीता में 18 अध्याय 18 अध्याय को भगवान ने 18 18 अध्

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Manish Dev

Motivational Speaker, Yoga-Meditation Guide, Spiritualist, Psycho-analyst, Astrologer, Spiritual Healer, Life Coach

9:21
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आपका प्रश्न है क्या भगवत गीता ओल्ड सत्य है तुम्हें प्रश्न करता को उत्तर देते हुए कहना चाहूंगा कि भगवत गीता पूर्ण सत्य है भी और पूर्ण सत्य नहीं भी है अब इसे समझने वाली बात है कि भगवत गीता को आप अगर भगवत गीता श्रीमद भगवत गीता का अध्ययन करते हैं तो उसका जो प्रथम श्लोक है वह क्या कहता है धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र समवेत आयुक्त एवं आम का पांडवा सही वचन प्रवचन जया हे संजय मेरे और पांडवों के पुत्रों ने क्या-क्या किया मुझे सुनाओ यह कौन कह रहा है यह धृतराष्ट्र कह रहा है संजय से यह महाभारत का अंग है श्रीमद्भागवत गीता तो धृतराष्ट्र जो है वह अर्जुन से संजय से कह रहा है संजय अपनी श्री भगवान श्री कृष्ण के द्वारा प्राप्त दूर दृष्टि से देखकर वह बता रहा है कि क्या क्या हो रहा है युद्ध भूमि में सारी गाथा वह धृतराष्ट्र को पता है तो एक बात तो यह निश्चित हो गई कि जो गीता चल रही है वह सिर्फ अर्जुन ने नहीं सुनी उसे संजय ने भी देखा सुना और धृतराष्ट्र ने भी सुना था आज देख तो सकता नहीं था इसलिए उसने सुना तो धृतराष्ट्र ने भी सुना लेकिन गीता में सुनने के बाद अर्जुन कहता है नस्टो मोहा स्मृति रब्बा की हे कृष्ण मेरा मुंह नष्ट हो गया है और मेरा विवेक जागृत हो गया है मैं युद्ध करने के लिए तैयार मैं धर्म की स्थापना हेतु आदत आयु और ऐसे स्वार्थी लोगों के अंत हेतु में युद्ध करूंगा उसके लिए अर्जुन तैयार हो गए चलो ठीक है अर्जुन के अंदर परिवर्तन लेकिन उसी गीता को सुनने के बाद भी धृतराष्ट्र में कोई परिवर्तन नहीं आया दर्ज राष्ट्र ने कहा कि अरे यह कृष्ण तो लगता है मेरे सारे गौरव पुत्रों को मेरे सारे पुत्रों को मरवा देगा इसमें अर्जुन युद्ध करने के लिए तैयार नहीं हो रहा था मोहब्बत उसे भी तैयार कर लिया तो अब यह ऐसा क्यों अगर गीता पूर्ण सत्य है तो अर्जुन के अंदर परिवर्तन आ रहे हैं धृतराष्ट्र के अंदर परिवर्तन नहीं आ रहा सुन वह भी रहा है गीता के विचार तो क्या गारंटी है कि आज कलयुग में हम उसी गीता को पढ़ते हैं जो संजय ने धृतराष्ट्र से कहा था जो संजय ने धृतराष्ट्र से कहा उसी गीता को हम आज पढ़ते हैं तो क्या करें है कि आज हमारे अंदर हमारे जीवन में गीता को पढ़कर परिवर्तन आ जाएगा और हमें सत्य का साक्षात्कार हो जाएगा कि कैसे होगा भाई इसलिए गीता पूर्ण सत्य है निश्चित ही पूर्ण सत्य है कोई भी पुस्तक एक बात ध्यान रखिएगा पुस्तके क्या करती है किताबे क्या करती हैं उनका काम है हमें सूचना देना इंफॉर्मेशन देना अगर किसी पुस्तक में मान लीजिए कि मटर पनीर की सब्जी बनाने की विधि लिखी गई है तो पुस्तक में मटर पनीर का स्वाद नहीं मिलेगा आपको आप पुस्तक के अनुसार जब आप सब्जी बनाएंगे तो आपको मटर पनीर का स्वाद प्राप्त होगा ऐसा नहीं उस तक पढ़ कर थोड़ी ना स्वाद आ जाएगा तू ग्रंथ लेखनी साहित्य किताब यह में एक इंफॉर्मेशन देती है एक सूचना देती तू जब सूचना जब हमें दर्शन शास्त्रों से मिलती है अब हमें उन पर जीवन अपने जीवन को उस अनुसार जीना है जब हम वैसा जीवन जिएंगे वैसे ज्ञान की प्राप्ति करेंगे तब जाकर ओल्ड सत्य की प्राप्ति होगी इसलिए श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा ज्ञान हमसे हम विज्ञान विदं वास्ता विशेषता अर्जुन मैं तुझे यह ज्ञान विज्ञान सहित प्रदान करूंगा विज्ञान सहित यहां कहने का तात्पर्य क्या है मतलब फ्यूरी नहीं प्रैक्टिकल और भगवान ने अर्जुन को दिव्य ज्ञान प्रदान किया कहा कि तू मुझे इन नेत्रों से नहीं देख सकता ना तमाम शक्ति से दृष्ट धूमन ने व स्वच्छता अपने सामने जो खड़ा हूं वह मैं नहीं हूं वक्त तेरे मेरे बहुत सारे जन्म हो चुके बबुनी मैं व्यथित आनी जनमानी त्वचा उन सबको मैं जानता हूं तू नहीं जानता चांदनी अंबेडकरवादी नावेद परम तप थे पर अब तक तू नहीं जानता उनको मैं जानता हूं तू श्री कृष्ण अर्जुन को समझाते हुए कहते कि मेरा वास्तविक रूप किया यह जो शरीर देख रहा है यह मेरा वास्तविक रूप तुम मुझे इन नेत्रों से देखी नहीं सकता ज्योतिष शाम अभी तक ज्योति तमता प्रवृत्तियों का ज्योति परम ज्योति चीता जो है वह परा विद्या का प्रतिपादन करते हमारे समक्ष परा विद्या अर्जुन को जो उस समय मिला वह परा विद्यार्थी जो इंद्रियों के माध्यम से बाहिया इंद्रियों के माध्यम से जिसको अनुभव नहीं किया जा सकता वह तत्व अर्जुन ने अनुभव किया इन आंखों से नहीं देखा नितिन चमचों से नहीं देखा उसने अंतर चाकसू से कृष्ण के भगवान के विराट रूप का दर्शन उसने किया जैसे हजारों सूर्य प्रगट हो गया तू विज्ञान गीता को हृदय से करना पड़ेगा कंठस्थ नहीं कंठस्थ करेंगे तो गड़बड़ हो जाएगा कंठ में अटक जाएगा फिर ठीक तू हरदेस्ट करना पड़ेगा तो गीता का जो महाविज्ञान है साधना का ज्ञान का जो महाविज्ञान है से प्राप्त करना पड़े ट्रिपल लेने से नहीं हो जाएगा तब जाकर गीता बन सकते तब कह सकते हैं कि हापुड़ सकते हैं जब प्रैक्टिकल हो जाए तब तू ऐसे संत व जब स्वामी विवेकानंद जी के रामकृष्ण परमहंस की शरण में तो क्या मिला उन्हें क्या दर्शन किया उन्होंने इसमें स्वामी विवेकानंद ने कहा कि जब तक तुम ने भगवान को देखा नहीं तब तक मानो नहीं डूंगी होने से बेहतर है कि तुम नास्तिक बन जाओ ऐसा भी उपदेश दिया विवेकानंद उनका राजयोग पड़े तो उसने मिल जाए ईश्वर है तो उसे जान हो सिर्फ मानव नहीं मानने से काम भी चले मान लेने से पेट नहीं भर जाता खाना खाना पड़ता है तब पेट भरता है तो हर चीज धर्म के मामले में हम मान लिया करते इसलिए प्रैक्टिकल रिलीजन प्रैक्टिकल स्पिरिचुअलिटी उसको अपनाना पड़ेगा सिर्फ पढ़ने से नहीं होगा सिर्फ शिवजी से नहीं तू अंतर्मुखी होना पड़ेगा और अंतर्मुखी विद्या को जानना पड़ेगा इससे की सब अर्जुन देख सकता है तो हम भी देख सकते आवश्यकता है कोई ऐसा जानकार ऐसा योग्यता तत्वदर्शी जो हमें मिले श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा कि तू तक दर्शकों के शरण में जा तब भी पढ़ नहीं पाते रवि प्रश्न ए न सी ह या उप अधीक्षक केके ज्ञान-विज्ञान सुदर्शना चिपक तू दृश्यों की शरण में जा वह तुझे तो का दर्शन कराएंगे अर्जुन ने कहा कि मैं तो वर्तमान में किसी तत्वदर्शी को नहीं जानता तो कृष्ण उसे अंतर्मुखी होने की विद्या देते हैं अंतर्मुखी आध्यात्मिक ज्ञान देते हैं और इसलिए वह कहते हैं कि अध्यात्म के द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान नित्यम तत्वज्ञान आर दर्शन तत्वज्ञान का दर्शन होता है आध्यात्मिक ज्ञान के द्वारा अर्थात अंतर्मुखी होने की विद्या इंट्रोवर्ट होना सीख जाएं फिर ध्यान करें अभ्यास करें साधना का तो वह तक उन तत्वों का दर्शन हो जाता है और कईयों ने किया है स्वामी विवेकानंद इन इसी प्रकार ठाकुर रामकृष्ण परमहंस की योगी थे उनकी कृपा से प्राप्त किया ऐसे दिव्य दर्शन को प्रैक्टिकल होगा तब सत्य कहा जाता है अगर इसको पूर्ण सत्य मांग लेंगे अगर पढ़ कर सिर्फ पूर्ण सत्य मान लेंगे तो फिर ठीकरी मात्र पढ़ने से अगर पता होता तो धृतराष्ट्र के अंदर भी वही परिवर्तन आना चाहिए था जो अर्जुन के अंदर आया लेकिन धृतराष्ट्र में गीता को सुनने के बाद भी परिवर्तन नहीं आया क्योंकि जो खाएगा स्वाद उसी को आएगा मिठाई का नाम सुनने से कोई ना मीठे मीठे फल का स्वाद आएगा मीठा खाने से मिठाई खाओगे तब स्वाद आएगा वह सिर्फ मिठाई मिठाई सुन लेने से नहीं हो जाएगा औषधि का नाम रखने से बीमारी दूर नहीं होती है औषधि खानी पड़ती है तो वैसे ही जब प्रैक्टिकल अनुभूति जब वह ज्ञान मिलेगा तब जाकर जीता पूर्ण होती है और पूर्ण सत्य प्रमाणित होती है अन्यथा कहानी की तरह से हुई की तरह पढ़ लेने से उससे हसरत प्रमाणित नहीं होगा तो इस पर अवश्य विचार करें धन्यवाद

aapka prashna hai kya bhagwat geeta old satya hai tumhe prashna karta ko uttar dete hue kehna chahunga ki bhagwat geeta purn satya hai bhi aur purn satya nahi bhi hai ab ise samjhne wali baat hai ki bhagwat geeta ko aap agar bhagwat geeta srimad bhagwat geeta ka adhyayan karte hain toh uska jo pratham shlok hai vaah kya kahata hai dharm kshetra kurukshetra samvet aayukt evam aam ka pandava sahi vachan pravachan jaya hai sanjay mere aur pandavon ke putron ne kya kya kiya mujhe sunao yah kaun keh raha hai yah Dhritarashtra keh raha hai sanjay se yah mahabharat ka ang hai shrimadbhagavat geeta toh Dhritarashtra jo hai vaah arjun se sanjay se keh raha hai sanjay apni shri bhagwan shri krishna ke dwara prapt dur drishti se dekhkar vaah bata raha hai ki kya kya ho raha hai yudh bhoomi me saari gaatha vaah Dhritarashtra ko pata hai toh ek baat toh yah nishchit ho gayi ki jo geeta chal rahi hai vaah sirf arjun ne nahi suni use sanjay ne bhi dekha suna aur Dhritarashtra ne bhi suna tha aaj dekh 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toh is par avashya vichar kare dhanyavad

आपका प्रश्न है क्या भगवत गीता ओल्ड सत्य है तुम्हें प्रश्न करता को उत्तर देते हुए कहना चाहू

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जी हां भगवत गीता में जीवन से संबंधित सभी प्रश्नों के उत्तर हैं भगवत गीता एक ऐसा यथार्थ है एक ऐसा सच है जिसे आप जब पढ़ना शुरू करेंगे तो स्वता पाएंगे कि उसमें जीवन दर्शन से संबंधित अध्यात्म से संबंधित जीने की कला से संबंधित मन की आंखों से संबंधित हर तरीके की क्षमता को शंका से संबंधित प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध है आपकी तरह उसका महत्व आपको स्वता समझ आ जाएगा

ji haan bhagwat geeta me jeevan se sambandhit sabhi prashnon ke uttar hain bhagwat geeta ek aisa yatharth hai ek aisa sach hai jise aap jab padhna shuru karenge toh swata payenge ki usme jeevan darshan se sambandhit adhyaatm se sambandhit jeene ki kala se sambandhit man ki aakhon se sambandhit har tarike ki kshamta ko shanka se sambandhit prashnon ke uttar uplabdh hai aapki tarah uska mahatva aapko swata samajh aa jaega

जी हां भगवत गीता में जीवन से संबंधित सभी प्रश्नों के उत्तर हैं भगवत गीता एक ऐसा यथार्थ है

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नमस्कार आपको किशन के भगवत गीता पूर्ण सत्य है जो भगवत गीता जो हमारी है वहां कोई इसमें शंका नहीं है कोई इसमें प्रमाण की आवश्यकता नहीं है गीता पूर्ण सत्य है पूर्ण रूप से इसमें जो भी है वह सब कुछ सत्य है अंदर उसके लिए आपको स्टेज में कितने अध्याय हैं जितने भी शौक है सब को बारीकी से रीड करें बारीकी से उनका अध्ययन के रहर का एक श्लोक का अर्थ है आप स्टडी करें को आपने जो लाइफस्टाइल है उससे आप मैच करेंगे जो अपने जीवन में जो घटनाएं हो रही है उनसे आप मैसेज तो आप पाएंगे कि भगवत गीता पूर्ण रूप से सत्य है और उसमें जो भी है शौक से लिखे हुए हैं जो भी उसमें अध्याय हैं वह फोटो से सत्य है

namaskar aapko kishan ke bhagwat geeta purn satya hai jo bhagwat geeta jo hamari hai wahan koi isme shanka nahi hai koi isme pramaan ki avashyakta nahi hai geeta purn satya hai purn roop se isme jo bhi hai vaah sab kuch satya hai andar uske liye aapko stage me kitne adhyay hain jitne bhi shauk hai sab ko baareekee se read kare baareekee se unka adhyayan ke rahar ka ek shlok ka arth hai aap study kare ko aapne jo lifestyle hai usse aap match karenge jo apne jeevan me jo ghatnaye ho rahi hai unse aap massage toh aap payenge ki bhagwat geeta purn roop se satya hai aur usme jo bhi hai shauk se likhe hue hain jo bhi usme adhyay hain vaah photo se satya hai

नमस्कार आपको किशन के भगवत गीता पूर्ण सत्य है जो भगवत गीता जो हमारी है वहां कोई इसमें शंका

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Shashi

Author, Spiritual Blogger

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बबीता बबीता दरबार म्यूजिक गीता गीता को समझने के लिए आपको पहले जैसे जैसे आते जाते हैं जहां तक गीता का गीत नाटी गल्फ एक ऐसा जीव है जो आपको बताता है कि आप भी यही करेंगे तो आपको यह मिलेगा आपको सचमुच उस विचारधारा विरात्रा मां ने गीता पूछते हैं और मुझे बहुत करता है ऐसी किताब है मूवी का प्रदर्शन करती है और जाती है अपने गंतव्य स्थान पर लिखी जाती है

Babita Babita darbaar music geeta geeta ko samjhne ke liye aapko pehle jaise jaise aate jaate hain jahan tak geeta ka geet nati gulf ek aisa jeev hai jo aapko batata hai ki aap bhi yahi karenge toh aapko yah milega aapko sachmuch us vichardhara viratra maa ne geeta poochhte hain aur mujhe bahut karta hai aisi kitab hai movie ka pradarshan karti hai aur jaati hai apne gantavya sthan par likhi jaati hai

बबीता बबीता दरबार म्यूजिक गीता गीता को समझने के लिए आपको पहले जैसे जैसे आते जाते हैं जहां

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M S Aditya Pandit

Entrepreneur | Politician

1:25
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यदि आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाए और वैज्ञानिक दृष्टि से भी देखा चैट टेक्निकल लॉजिक डिस्ट्रिक्ट से भी देखा जाए तो गीता में लिखे हर शब्द का एक प्रमाणिक मूल्य सांस तो कैसे लेना ध्यान को कैसे करना शक्ति पाराशक्ति वह जिन्होंने सारा चीज लिखा हो सब वैज्ञानिक पैमाने पर खरा उतरता है लेकिन हिंदुस्तान के अंदर वैज्ञानिक लॉजिकल है अपने देश के वैज्ञानिक पद्धति को ना मानते हुए विदेशी पद्धति को अपनाते हैं और उस पर अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं जिससे हमारे देश के जो प्रमाणित सी चीज है उस पर ध्यान नहीं देते जबकि वास्तविकता यह है कि हमारे हमारे पूरी दुनिया के लोग भी सर्च करते हैं उसे प्रमाणिक रूप देते और परमाणु यह सब जो है सॉन्ग यह सा राशि होगा प्रणब वैज्ञानिक पद्धति सही और प्रमाणिक अर्थ है बशर्ते उसे समझने हो गई आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण करते हैं उनके लिए ईश्वर के साक्षात शब्द है जो जादुई रूप से काम करते हैं यकीन करना चाहिए

yadi aadhyatmik drishti se dekha jaaye aur vaigyanik drishti se bhi dekha chat technical logic district se bhi dekha jaaye toh geeta mein likhe har shabd ka ek pramanik mulya saans toh kaise lena dhyan ko kaise karna shakti parashakti vaah jinhone saara cheez likha ho sab vaigyanik paimane par Khara utarata hai lekin Hindustan ke andar vaigyanik logical hai apne desh ke vaigyanik paddhatee ko na maante hue videshi paddhatee ko apanate hain aur us par apne aapko gaurvanvit mahsus karte hain jisse hamare desh ke jo pramanit si cheez hai us par dhyan nahi dete jabki vastavikta yah hai ki hamare hamare puri duniya ke log bhi search karte hain use pramanik roop dete aur parmanu yah sab jo hai song yah sa rashi hoga pranab vaigyanik paddhatee sahi aur pramanik arth hai basharte use samjhne ho gayi aadhyatmik drishti se bahut mahatvapurna karte hain unke liye ishwar ke sakshat shabd hai jo jaduii roop se kaam karte hain yakin karna chahiye

यदि आध्यात्मिक दृष्टि से देखा जाए और वैज्ञानिक दृष्टि से भी देखा चैट टेक्निकल लॉजिक डिस्ट्

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Akash {Chaudhary}

Motivation Speaker

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आपका सवाल है क्या भगवत गीता बोले जाते हैं तुम्हें आपको बता दूं कि भागवत गीता को एक शब्द नहीं परम सत्य आपका जीवन आपकी सहेली आपके जीने के तरीके सर्वज्ञान जो हमारे वातावरण में हम देख रहे हैं या नहीं देख पा रहे या कोई कर्म कर रहे हैं आप नहीं कर पा रहे सबका सर उसमें समाहित है छुट्टी रखना तक भी एक-एक अक्षर में बहुत ही गुणात्मक बातें लिखी हुई है क्योंकि हर एक चीज में बहुत इज्जत उस चीज को एक्सप्लेन किया गया है मतलब ज्यादा तबियत बखान भी उस में मिलता है हर चीज और क्या बताऊं संपूर्ण सत्य की हर चीज से बनी है और वह भी हर चीज से धन्यवाद जो कि क्या भग्गू किधर पहुंच सकते हैं यह बात सत्य है कि भगवत गीता पूर्ण सकते हैं धन्यवाद

aapka sawaal hai kya bhagwat geeta bole jaate hain tumhe aapko bata doon ki bhagwat geeta ko ek shabd nahi param satya aapka jeevan aapki saheli aapke jeene ke tarike sarvagyan jo hamare vatavaran mein hum dekh rahe hain ya nahi dekh paa rahe ya koi karm kar rahe hain aap nahi kar paa rahe sabka sir usmein samahit hai chhutti rakhna tak bhi ek ek akshar mein bahut hi gunatmak batein likhi hui hai kyonki har ek cheez mein bahut izzat us cheez ko explain kiya gaya hai matlab zyada tabiyat bakhan bhi us mein milta hai har cheez aur kya bataun sampurna satya ki har cheez se bani hai aur vaah bhi har cheez se dhanyavad jo ki kya bhaggu kidhar pahunch sakte hain yah baat satya hai ki bhagwat geeta purn sakte hain dhanyavad

आपका सवाल है क्या भगवत गीता बोले जाते हैं तुम्हें आपको बता दूं कि भागवत गीता को एक शब्द नह

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Rasbihari Pandey

लेखन / कविता पाठ

1:22
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पहले तो आप प्रश्न को सुधार ले श्रीमद्भगवद्गीता मूल शब्द है इसे कई लोग भागवत गीता या भागवता कहते हैं जो बिल्कुल गलत है श्रीमद्भागवत महापुराण है और श्रीमद्भगवद्गीता यह महाभारत से लिया गया 18 अध्याय का एक स्वतंत्र पुस्तक है जैसे महाभारत श्रीमद्भागवत श्रीमद् भागवत हमसे रास पंचाध्याई एक स्वतंत्र पुस्तक की महत्ता उसको प्राप्त है भगवत गीता पूर्ण सत्य है और इसके उपदेशों को आपको अपने जीवन में उतारें तो आपका जीवन सफल हो सकता है किसी भी घटना की जांच आप शास्त्रों के आधार पर करते हैं हजारों साल पहले क्या हुआ है आप 50 साल 100 साल पहले की बातें अपने माता-पिता के द्वारा सुनते हैं दादा द्वारा सुनते हैं तो विश्वास करते हैं इसी तरह दूर लिखित शास्त्र है उसके आधार पर ही हम किसी भी बात की सत्यता का आकलन करते हैं तो भगवत गीता हमारे पुरातन शास्त्र है और भगवान श्री कृष्ण द्वारा उपदेश दिया गया है इसके बारे में थोड़ा भी शंका नहीं करना चाहिए

pehle toh aap prashna ko sudhaar le shrimadbhagavadgita mul shabd hai ise kai log bhagwat geeta ya bhagavata kehte hain jo bilkul galat hai shrimadbhagavat mahapuran hai aur shrimadbhagavadgita yah mahabharat se liya gaya 18 adhyay ka ek swatantra pustak hai jaise mahabharat shrimadbhagavat shrimad bhagwat humse ras panchadhyai ek swatantra pustak ki mahatta usko prapt hai bhagwat geeta purn satya hai aur iske upadeshon ko aapko apne jeevan mein utaarein toh aapka jeevan safal ho sakta hai kisi bhi ghatna ki jaanch aap shastron ke aadhaar par karte hain hazaron saal pehle kya hua hai aap 50 saal 100 saal pehle ki batein apne mata pita ke dwara sunte hain dada dwara sunte hain toh vishwas karte hain isi tarah dur likhit shastra hai uske aadhaar par hi hum kisi bhi baat ki satyata ka aakalan karte hain toh bhagwat geeta hamare puratan shastra hai aur bhagwan shri krishna dwara updesh diya gaya hai iske bare mein thoda bhi shanka nahi karna chahiye

पहले तो आप प्रश्न को सुधार ले श्रीमद्भगवद्गीता मूल शब्द है इसे कई लोग भागवत गीता या भागवता

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बाबाजी का पूर्णतया सत्य पर आधारित है और भागवत गीता में कहीं-कहीं एक बात सत्य है उसे समझने वाले समझ जाओ समझ में आएगा क्या मतलब है

babaji ka purnataya satya par aadharit hai aur bhagwat geeta mein kahin kahin ek baat satya hai use samjhne waale samajh jao samajh mein aayega kya matlab hai

बाबाजी का पूर्णतया सत्य पर आधारित है और भागवत गीता में कहीं-कहीं एक बात सत्य है उसे समझने

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कहां गया है गीता सुगीता कर्तव्य की मन्नत शास्त्र विस्तृत गीता को अगर बेहतर तरीके से आपने आत्मसात कर लिया तूने शास्त्रों को पढ़ने की आवश्यकता नहीं है सर वह पनिशर दो गावों दुग्ध गोपाल नंदलाल तो बच्चा सुधीर गुप्ता दुग्ध गीता अमृतम महत्त्व सभी उपनिषदों को गाय माना गया जिस गाय का बछड़ा अर्जुन है और उस गाय को दुहने वाले दादा भगवान श्रीकृष्ण है और इस तरह जो दूध सामने प्रस्तुत किया गया वहीं गीता धन्यवाद

kahan gaya hai geeta sugita kartavya ki mannat shastra vistrit geeta ko agar behtar tarike se aapne aatmsat kar liya tune shastron ko padhne ki avashyakta nahi hai sir vaah panishar do gaon dugdh gopal nandlala toh baccha sudheer gupta dugdh geeta amritam mahatva sabhi upnishadon ko gaay mana gaya jis gaay ka bachada arjun hai aur us gaay ko duhne waale dada bhagwan shrikrishna hai aur is tarah jo doodh saamne prastut kiya gaya wahin geeta dhanyavad

कहां गया है गीता सुगीता कर्तव्य की मन्नत शास्त्र विस्तृत गीता को अगर बेहतर तरीके से आपने आ

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Sandeep Sastri

Motivational Speaker

1:03
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देखिए भाई आप ने सवाल पूछा क्या भगवत गीता पूर्णतया सत्य है मैं आपको एक ही लाइन में काम कर दूंगा लेकिन भागवत गीता बाइबल कुरान जो भी धार्मिक इस तरह की पुस्तकें हैं उनके समकक्ष जयपुर चुके हैं वह सभी सकते हैं बिल्कुल अटूट सकते हैं बस फर्क यह है कि हम उसे किस नजरिए से देखते हैं बिल्कुल सत्य है सत्य है जिसका कोई भी सानी नहीं है इसलिए जो है आप जरूर अपने विवेक के आधार पर देखें अगर आप भी पढ़ेंगे तो आपको फोन कर सकते मिलेगी अगर आप कुरान पढ़ेंगे पढ़ेंगे कोई भी आपको सेक्सी इसका कोई भी ऑप्शन नहीं है

dekhiye bhai aap ne sawaal poocha kya bhagwat geeta purnataya satya hai main aapko ek hi line mein kaam kar dunga lekin bhagwat geeta bible quraan jo bhi dharmik is tarah ki pustakein hain unke samkaksh jaipur chuke hain vaah sabhi sakte hain bilkul atut sakte hain bus fark yah hai ki hum use kis nazariye se dekhte hain bilkul satya hai satya hai jiska koi bhi sani nahi hai isliye jo hai aap zaroor apne vivek ke aadhar par dekhen agar aap bhi padhenge toh aapko phone kar sakte milegi agar aap quraan padhenge padhenge koi bhi aapko sexy iska koi bhi option nahi hai

देखिए भाई आप ने सवाल पूछा क्या भगवत गीता पूर्णतया सत्य है मैं आपको एक ही लाइन में काम कर

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

1:35
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देखिए भगवान ने गीता का उपदेश अर्जुन को दिया है और जो भी भेज दिया है वह बड़ा ही मार्मिक है आध्यात्मिक विषय के उसमें बहुत ही सुंदर ढंग से व्याख्या की गई है आपने जो सवाल किया है क्या गीता कौन सकते हैं आपको गीता में असत्य जल गया ऐसा क्या भगवान ने कहा है जो आपको सत्य प्रतीत हो रहा है आप पहले गीता में असत्य पूजनीय भगवान ने अर्जुन के प्रति क्या सकते हैं कहां है यदि आप भगवान का भजन कभी सत्य नहीं हो सकता ईश्वर का दिया हुआ उपदेश सत्य से भी परे परम सत्य है मेरा पूर्ण विश्वास है भगवान ने गीता में जो ज्ञान दिया है वह हमारी आत्मा तक पहुंचने वाला है यानी कि हमें पूर्ण रूप से आनंदित करता है आप भी गीता का श्रद्धा से आठ कीजिए और मनन कीजिए कि इसमें क्या सत्य नहीं है और क्या आ सकता है सब कुछ सत्य ही सत्य है ओम श्री परमात्मने नमः आपका जीवन मंगलमय हो यही शुभकामनाएं

dekhiye bhagwan ne geeta ka updesh arjun ko diya hai aur jo bhi bhej diya hai vaah bada hi marmik hai aadhyatmik vishay ke usmein bahut hi sundar dhang se vyakhya ki gayi hai aapne jo sawaal kiya hai kya geeta kaun sakte hain aapko geeta mein asatya jal gaya aisa kya bhagwan ne kaha hai jo aapko satya pratit ho raha hai aap pehle geeta mein asatya pujaniya bhagwan ne arjun ke prati kya sakte hain kahaan hai yadi aap bhagwan ka bhajan kabhi satya nahi ho sakta ishwar ka diya hua updesh satya se bhi pare param satya hai mera purn vishwas hai bhagwan ne geeta mein jo gyaan diya hai vaah hamari aatma tak pahuchne vala hai yani ki hamein purn roop se anandit karta hai aap bhi geeta ka shraddha se aath kijiye aur manan kijiye ki isme kya satya nahi hai aur kya aa sakta hai sab kuch satya hi satya hai om shri paramatmane namah aapka jeevan mangalmay ho yahi subhkamnaayain

देखिए भगवान ने गीता का उपदेश अर्जुन को दिया है और जो भी भेज दिया है वह बड़ा ही मार्मिक है

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क्या भागवत गीता कोलकाता में होती

kya bhagwat geeta kolkata me hoti

क्या भागवत गीता कोलकाता में होती

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जय किशन मौर्य

टेलर मास्टर

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Pramodan swami (PK.VERMAN)

Prem Hi Dharm Hai Premi Karm Hi Prem Hi Safar

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एक मित्र ने पूछा है क्या भगवत गीता पूर्ण सत्य है गीता कई हजार साल पुराना ग्रंथ है अगर प्रमाण जोड़ने की बात करते हैं तो इसका कोई प्रमाण नहीं देख पाता उसकी सत्यता यह सत्यता उसके अध्ययन से पता चलती है आप एक बार उसका पूरी श्रद्धा से खुद को पूर्ण समर्पित करके एक बार अध्ययन कर लेना आपको समझ में आ जाएगा कि गीता सत्य है या असत्य है वैसे हम आप को प्रमाणित कर दें उस शब्दों से आपको संतुष्ट करते हैं लेकिन फिर भी आप नहीं समझे जब तक आप खुद अध्ययन नहीं करते वैसे ही बताएं कि आप को किसी भोजन का स्वाद लेना है तो पहले उसे खाओ अगर कोई खा कर आपको बताता है तो सब और उसकी लंबी व्याख्या आपको गुस्सा तो नहीं दिला सकते इसलिए अगर आपको इसकी खोज करनी है तो उसका पहले अध्ययन करें

ek mitra ne poocha hai kya bhagwat geeta purn satya hai geeta kai hazaar saal purana granth hai agar pramaan jodne ki baat karte hain toh iska koi pramaan nahi dekh pata uski satyata yah satyata uske adhyayan se pata chalti hai aap ek baar uska puri shraddha se khud ko purn samarpit karke ek baar adhyayan kar lena aapko samajh me aa jaega ki geeta satya hai ya asatya hai waise hum aap ko pramanit kar de us shabdon se aapko santusht karte hain lekin phir bhi aap nahi samjhe jab tak aap khud adhyayan nahi karte waise hi bataye ki aap ko kisi bhojan ka swaad lena hai toh pehle use khao agar koi kha kar aapko batata hai toh sab aur uski lambi vyakhya aapko gussa toh nahi dila sakte isliye agar aapko iski khoj karni hai toh uska pehle adhyayan kare

एक मित्र ने पूछा है क्या भगवत गीता पूर्ण सत्य है गीता कई हजार साल पुराना ग्रंथ है अगर प्रम

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भगवत गीता पूर्व सत्य नहीं है क्योंकि इसमें कुछ ज्ञान तो वह है जो भगवान के द्वारा बोला गया है उसको ब्राह्मण है ब्रिटिश बता और कुछ ज्ञान ऐसा बोला है ब्रह्म ने जो अर्जुन से युद्ध करवाने के लिए अपनी अटकल बाजी लगाई है

bhagwat geeta purv satya nahi hai kyonki isme kuch gyaan toh vaah hai jo bhagwan ke dwara bola gaya hai usko brahman hai british bata aur kuch gyaan aisa bola hai Brahma ne jo arjun se yudh karwane ke liye apni atakal baazi lagayi hai

भगवत गीता पूर्व सत्य नहीं है क्योंकि इसमें कुछ ज्ञान तो वह है जो भगवान के द्वारा बोला गया

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आपका प्रश्न है कि क्या भगवत गीता पूर्ण सत्य है तो मैं आपसे कहना चाहूंगा सनातन धर्म में सनातन धर्म में भगवत गीता के उपदेश जोशी कहने भगवान उन्होंने विराट रूप का दर्शन दिया भगवत गीता का सार कराया इंसान को अच्छे मार्ग पर चलने का आदेश दिया और भगवत गीता में एक-एक कड़ी वर्तमान से लेकर आने वाले भविष्य के लिए भी पहले ही लिख चुके हो भगवत गीता का ज्ञान सर्वोपरि गाना जो है सनातन धर्म की भाषा जो थी उस संस्कृति हमारे जो भी भेद हैं पुराण हैं वह सब के गीता के सार है गीता का सार जो है उसने लिखी हुई एक एक कड़ी एक एक शब्द जिसका कोई मोल नहीं है अनमोल है जिसमें एक ज्ञान भी है साथ में विज्ञान भी है जिससे पुस्तक में ज्ञान और विज्ञान दोनों पाए जाते हैं उसे फोन सत्य कह सकते हैं क्योंकि आपने सही लिखा है और नहीं तो आप उसकी एक कड़ी से कड़ी उठाकर देखें और वर्तमान काल जो लोगी तक पढ़ चुके हैं यागी तक पढ़ रहे हैं अगर गीता के सार को लेकर चले हैं उसकी हम क्या हुआ भजन हिसाब से चलें मार्गदर्शन करेंगे तो हमारे जीवन में हैं लेकिन खाली पढ़ते हैं उसका अध्ययन करते हैं उसका चिंता नहीं करते आप अगर गीता का ज्ञान का है अंदर और गीता का ज्ञान को दूसरों को ज्ञान बांटने से बढ़ता है घटता नहीं है और अब तक बाद में करना चाहूंगा इस सवाल के माध्यम से जिस दिन सभी सनातन धर्म और धर्म के लोग गीता के कहे हुए शब्द चलना चालू करते हैं तो भारतीय एक सुकून की जिंदगी जिएगा और नहीं तो अगर आपके अंदर को दुख है तो आप गीता का ज्ञान को लेकर देखो फिर आपके जीवन में मंगल ही मंगल होगा अमंगल तो आ ही नहीं सकता है जय श्री कृष्ण जय श्री राम जय सनातन धर्म जय जवान जय किसान जय माई की

aapka prashna hai ki kya bhagwat geeta purn satya hai toh main aapse kehna chahunga sanatan dharm me sanatan dharm me bhagwat geeta ke updesh joshi kehne bhagwan unhone virat roop ka darshan diya bhagwat geeta ka saar karaya insaan ko acche marg par chalne ka aadesh diya aur bhagwat geeta me ek ek kadi vartaman se lekar aane waale bhavishya ke liye bhi pehle hi likh chuke ho bhagwat geeta ka gyaan sarvopari gaana jo hai sanatan dharm ki bhasha jo thi us sanskriti hamare jo bhi bhed hain puran hain vaah sab ke geeta ke saar hai geeta ka saar jo hai usne likhi hui ek ek kadi ek ek shabd jiska koi mole nahi hai anmol hai jisme ek gyaan bhi hai saath me vigyan bhi hai jisse pustak me gyaan aur vigyan dono paye jaate hain use phone satya keh sakte hain kyonki aapne sahi likha hai aur nahi toh aap uski ek kadi se kadi uthaakar dekhen aur vartaman kaal jo logi tak padh chuke hain yagi tak padh rahe hain agar geeta ke saar ko lekar chale hain uski hum kya hua bhajan hisab se chalen margdarshan karenge toh hamare jeevan me hain lekin khaali padhte hain uska adhyayan karte hain uska chinta nahi karte aap agar geeta ka gyaan ka hai andar aur geeta ka gyaan ko dusro ko gyaan baantne se badhta hai ghatata nahi hai aur ab tak baad me karna chahunga is sawaal ke madhyam se jis din sabhi sanatan dharm aur dharm ke log geeta ke kahe hue shabd chalna chaalu karte hain toh bharatiya ek sukoon ki zindagi dijiyega aur nahi toh agar aapke andar ko dukh hai toh aap geeta ka gyaan ko lekar dekho phir aapke jeevan me mangal hi mangal hoga amangal toh aa hi nahi sakta hai jai shri krishna jai shri ram jai sanatan dharm jai jawaan jai kisan jai my ki

आपका प्रश्न है कि क्या भगवत गीता पूर्ण सत्य है तो मैं आपसे कहना चाहूंगा सनातन धर्म में स

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भगवत गीता सकता है या फोन सकता है उसका प्रॉब्लम हो जो है अभी जानते हैं कि राम नाम सत्य सबसे बड़ा पत्ता और राम से बड़ा राम का नाम है राम राम सत्य सब कुशल स्वीकार करें और मरने के बाद जब तक नया नहीं आता तो वह कहते हैं कि राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट अंत काल पछतायेगा जब प्राण जाएंगे छूट उस समय में भगवान राम का अपमान करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं आता और हमेशा स्वीकार करते हैं कि राम राम सा और आपने जो ज्ञान दिया है भोज में भगवत गीता के नाम से जानते हैं और हमें जो है बुक गीता के ज्ञान से पहले अगर हम भगवान के पास ना करें भगवान की आराधना उपासना चिंतामणि प्राप्त करने का प्रयास करेंगे किस मोबाइल लेकर भेजूंगा सोचा के बेटों से नहीं आ रहे हमारे गीता के बारे हे नाथ नारायण वासुदेवा श्री कृष्ण गोविंद शर्मा की अपने भारत में उपासना कंचन बरन आदि पूजा विधि और समस्त पाया शुभम को प्रसन्न करने का उपाय प्राप्त करने के प्रयास करना चाहिए उसे मारने की दवा

bhagwat geeta sakta hai ya phone sakta hai uska problem ho jo hai abhi jante hain ki ram naam satya sabse bada patta aur ram se bada ram ka naam hai ram ram satya sab kushal sweekar kare aur marne ke baad jab tak naya nahi aata toh vaah kehte hain ki ram naam ki loot hai loot sake toh loot ant kaal pachatayega jab praan jaenge chhut us samay me bhagwan ram ka apman karne ke alava koi aur rasta nahi aata aur hamesha sweekar karte hain ki ram ram sa aur aapne jo gyaan diya hai bhoj me bhagwat geeta ke naam se jante hain aur hamein jo hai book geeta ke gyaan se pehle agar hum bhagwan ke paas na kare bhagwan ki aradhana upasana chintamani prapt karne ka prayas karenge kis mobile lekar bhejunga socha ke beto se nahi aa rahe hamare geeta ke bare hai nath narayan vasudeva shri krishna govind sharma ki apne bharat me upasana kanchan baran aadi puja vidhi aur samast paya subham ko prasann karne ka upay prapt karne ke prayas karna chahiye use maarne ki dawa

भगवत गीता सकता है या फोन सकता है उसका प्रॉब्लम हो जो है अभी जानते हैं कि राम नाम सत्य सबसे

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क्या भगवत गीता पूर्व सत्य है इसका एक छोटा सा ही उत्तर देता हूं यदि आप ईश्वर भक्त हैं यदि आप आस्तिक हैं तो आप इसे स्वयं भगवान कृष्ण स्वयं खास निश्चित अंबानी संगीता अर्थात यह भगवान कृष्ण के मुख से निकली हुई योगिता है जिसको घर आई आशिक़ी सा जीता या जियते या या या या तुम सत्य के साथ गीता अर्थात इसे आप पूर्ण पूर्ण सत्य मान सकते हैं

kya bhagwat geeta purv satya hai iska ek chota sa hi uttar deta hoon yadi aap ishwar bhakt hain yadi aap astik hain toh aap ise swayam bhagwan krishna swayam khas nishchit ambani sangeeta arthat yah bhagwan krishna ke mukh se nikli hui yogita hai jisko ghar I ashiqi sa jita ya jiyate ya ya ya ya tum satya ke saath geeta arthat ise aap purn purn satya maan sakte hain

क्या भगवत गीता पूर्व सत्य है इसका एक छोटा सा ही उत्तर देता हूं यदि आप ईश्वर भक्त हैं यदि आ

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क्या गीता पूर्ण सत्य है यह आपका सवाल है जी हां गीता पूर्ण सत्य है इसमें कोई संशय नहीं है हमारे गीता भागवत गीता को चार वेदों में से लिया गया है गीता पूर्ण सत्य है बट इसको पढ़ने से सिर्फ इसको पढ़ने से आप पूरे सच को नहीं जान पाते क्योंकि इससे चार वेदों के कुछ लोगों से ले कर लिया गया है और हमारे वेद चार हैं कहते हैं कि जहां तक हमने सुना है कि वेद पांच है और यह जो सारी उलझन है या आध्यात्मिक ज्ञान के का अधूरापन कहते हैं कि यह पांचवें वेद के आने के बाद ही समझेगा तो तब तक यह राशि में रहेगा मेरे ज्ञान अनुसार यह गीता अटल सत्य है और इसको पूर्ण सत्य मानकर चलें 32 को सिर्फ इसी को पढ़ने से आपका पूरा सत्या के बयान पूरा सत्य का ज्ञान होना उचित नहीं है हमने कई चीजें अभी बाकी जानी है तो मेरा अनुमान है कि इतना जो कुछ लिखा वह सत्य है मगर इसके जानने के पश्चात आपको पूरे तरीके से पूर्ण ज्ञाता नहीं बन सकते

kya geeta purn satya hai yah aapka sawaal hai ji haan geeta purn satya hai isme koi sanshay nahi hai hamare geeta bhagwat geeta ko char vedo me se liya gaya hai geeta purn satya hai but isko padhne se sirf isko padhne se aap poore sach ko nahi jaan paate kyonki isse char vedo ke kuch logo se le kar liya gaya hai aur hamare ved char hain kehte hain ki jaha tak humne suna hai ki ved paanch hai aur yah jo saari uljhan hai ya aadhyatmik gyaan ke ka adhurapan kehte hain ki yah panchwe ved ke aane ke baad hi samjhega toh tab tak yah rashi me rahega mere gyaan anusaar yah geeta atal satya hai aur isko purn satya maankar chalen 32 ko sirf isi ko padhne se aapka pura satya ke bayan pura satya ka gyaan hona uchit nahi hai humne kai cheezen abhi baki jani hai toh mera anumaan hai ki itna jo kuch likha vaah satya hai magar iske jaanne ke pashchat aapko poore tarike se purn gyaata nahi ban sakte

क्या गीता पूर्ण सत्य है यह आपका सवाल है जी हां गीता पूर्ण सत्य है इसमें कोई संशय नहीं है ह

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Ankit

Farmer

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जी हां भगवत गीता पूर्ण सत्य है

ji haan bhagwat geeta purn satya hai

जी हां भगवत गीता पूर्ण सत्य है

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Er Jaisingh

Mathematics Solution, 1:00PM TO 2:00PM

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क्या भागवत गीता पूर्ण सत्य है देखिए दीप्ति सत्य कुछ नहीं है सब झूठ है लेकिन क्योंकि सत्य थी और सत्य है भी लेकिन क्या होता है कि मनुष्य उसमें कुछ एक्सएल करते रहते हैं व्यक्ति हर चीज में फिर फिर करते रहते हैं चाहे वह भी a24 प्राण बचाए और कोई विश्वास करो या खुशियों की पुरानी कोई ऐसी बुक हमारे पास ईयरली क्या ग्रंथ तो है नहीं कि बरसों पुराना रखा वह दो 4000 5000 या उपयोग कर रखा हो कोई प्रेमी छपते रहते हैं और होती रहती है और मन करण तुझे अच्छा लगता है बिजी हो उसमें जोड़ देते हैं आप चाहो तो संस्कृत में लिखी गई रामा तो क्या हो गया संस्कृत में क्या शब्दों को रिपीट नहीं करें संस्कृत में किस शब्द को दोबारा नहीं लिख सकते ऐसा कुछ नहीं इसकी सत्य कुछ भी नहीं है इस दुनिया के अंदर सब असत्य है यह तो अपनी बुद्धि से काम करना है कि सत्य क्या हो सकता है सच्चा हो सकता है सही क्या है गलत क्या है धर्म क्या है पाप क्या है यह हमारी बुद्धि के जैसा समाज है वैसा में रहना पड़ेगा करना पड़ेगा और नहीं तो क्या है कि संतुलन खराब हो जाएगा जब संतुलन खराब हो जाएगा तो कुछ भी हो सकता है आए दिन आप एक ही सकते हैं जहां बुद्धि भ्रष्ट हो गई गुस्सा आया गुस्सा याद कुछ भी उटपटांग हो सकता है दोनों पार्टियों का अंत हो सकता है मंजू के चल जाती मर्डर हो जाते हैं तेज तक साथ में इसलिए इसका विशेष ध्यान रखकर के आपको बहुत ही शांति वातावरण से कार्य करना चाहिए बीवी कौन होती है मान लीजिए सब कुछ भी नहीं सकती केवल एक ही ईश्वर है और बोलना ही ईश्वर है और सत्य ही ईश्वर है और ईश्वर ही सत्य है जो हम सत्य को मानेंगे जो हम ईश्वर को मानेंगे तो अपने आप चीजों है शक्ति उसमें से निकल आई कोई से किसी भी ग्रंथ में उसमें की शक्ति भी छिपा हुआ है सत्य निकला हमारी बुद्धि बता देगी इसमें ही गलत हो सकता है सही हो सकता है धन्यवाद

kya bhagwat geeta purn satya hai dekhiye dipti satya kuch nahi hai sab jhuth hai lekin kyonki satya thi aur satya hai bhi lekin kya hota hai ki manushya usmein kuch XL karte rehte hain vyakti har cheez mein phir phir karte rehte hain chahen vaah bhi a24 praan bachaye aur koi vishwas karo ya khushiyon ki purani koi aisi book hamare paas iyarali kya granth toh hai nahi ki barson purana rakha vaah do 4000 5000 ya upyog kar rakha ho koi premi chupte rehte hain aur hoti rehti hai aur man karan tujhe accha lagta hai busy ho usmein jod dete hain aap chaho toh sanskrit mein likhi gayi rama toh kya ho gaya sanskrit mein kya shabdon ko repeat nahi karen sanskrit mein kis shabd ko dobara nahi likh sakte aisa kuch nahi iski satya kuch bhi nahi hai is duniya ke andar sab asatya hai yah toh apni buddhi se kaam karna hai ki satya kya ho sakta hai saccha ho sakta hai sahi kya hai galat kya hai dharam kya hai paap kya hai yah hamari buddhi ke jaisa samaaj hai waisa mein rehna padega karna padega aur nahi toh kya hai ki santulan kharaab ho jaega jab santulan kharaab ho jaega toh kuch bhi ho sakta hai aaye din aap ek hi sakte hain jahan buddhi bhrasht ho gayi gussa aaya gussa yaad kuch bhi utaptang ho sakta hai dono partiyon ka ant ho sakta hai manju ke chal jaati murder ho jaate hain tez tak saath mein isliye iska vishesh dhyan rakhakar ke aapko bahut hi shanti vatavaran se karya karna chahiye biwi kaun hoti hai maan lijiye sab kuch bhi nahi sakti keval ek hi ishwar hai aur bolna hi ishwar hai aur satya hi ishwar hai aur ishwar hi satya hai jo hum satya ko manenge jo hum ishwar ko manenge toh apne aap chijon hai shakti usmein se nikal I koi se kisi bhi granth mein usmein ki shakti bhi chhipa hua hai satya nikala hamari buddhi bata degi isme hi galat ho sakta hai sahi ho sakta hai dhanyavad

क्या भागवत गीता पूर्ण सत्य है देखिए दीप्ति सत्य कुछ नहीं है सब झूठ है लेकिन क्योंकि सत्य थ

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Rahul

Motivation ki machine

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भगवत गीता में एक एक पॉइंट 11 श्लोक बिल्कुल पूरा सत्य हैं उनको आप अपने जीवन में लगाओ आप उस रिजल्ट को देखो आप उस चीज को खुद फील करोगे की कितनी सीट कितनी सत्य है बिना किसी चीज का एक्सपीरियंस के आप उस चीज में श्रद्धा नहीं बना सकते तो यह ऐसा नॉलेज है इसको खुद ही समझना पड़ेगा खुद ही एक्सपीरियंस करना पड़ेगा तभी आप इस सत्य को पूरी तरह जान पाओगे आप लोग पढ़ते हो नहीं बस यह अपने मन में सवाल आया ऊपर तक उच्च डाला है भाई आप अगर मैं आम खा रहा हूं और आप मुझसे पूछो क्या यह हम कड़वा है अरे भाई आपको अगर आम को टेस्ट करना है तो खुद खाओ ना आपको पता लग जाएगा कैसा है वह कड़वा है मीठा खट्टा है तो यह वह चीज है आध्यात्म होली खुद ही समझना होता खुद ही एक्सपीरियंस करना होता है समझे दूसरे जिसने एक्सपीरियंस की है वह आपको सिर्फ समझा सकते हैं कि हां यह प्रोसेस है इसको आप इस तरह कोशिश को कॉल करोगे तो यही आपको एक से मिलने वाले तुलसी को खुद ही आपको समझना पड़ेगा और बिल्कुल सत्य भगवत गीता का एक-एक शब्द बिल्कुल सत्य है हमारे जीवन की सारी प्रॉब्लम्स के सवाल के आंसर और गीता मिलेंगे लेकिन लोग एकत्र लोग पढ़ते नहीं है

bhagwat geeta mein ek ek point 11 shlok bilkul pura satya hain unko aap apne jeevan mein lagao aap us result ko dekho aap us cheez ko khud feel karoge ki kitni seat kitni satya hai bina kisi cheez ka experience ke aap us cheez mein shraddha nahi bana sakte toh yah aisa knowledge hai isko khud hi samajhna padega khud hi experience karna padega tabhi aap is satya ko puri tarah jaan paoge aap log padhte ho nahi bus yah apne man mein sawaal aaya upar tak ucch dala hai bhai aap agar main aam kha raha hoon aur aap mujhse pucho kya yah hum kadwa hai arre bhai aapko agar aam ko test karna hai toh khud khao na aapko pata lag jaega kaisa hai vaah kadwa hai meetha khatta hai toh yah vaah cheez hai aadhyatm holi khud hi samajhna hota khud hi experience karna hota hai samjhe dusre jisne experience ki hai vaah aapko sirf samjha sakte hain ki haan yah process hai isko aap is tarah koshish ko call karoge toh yahi aapko ek se milne waale tulsi ko khud hi aapko samajhna padega aur bilkul satya bhagwat geeta ka ek ek shabd bilkul satya hai hamare jeevan ki saree problems ke sawaal ke answer aur geeta milenge lekin log ekatarr log padhte nahi hai

भगवत गीता में एक एक पॉइंट 11 श्लोक बिल्कुल पूरा सत्य हैं उनको आप अपने जीवन में लगाओ आप उस

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जी हां भगवत गीता पूर्ण सत्य है क्योंकि इसका वर्णन मिलता है कि गीता ही साक्षात परमेश्वर की गीता ही परमेश्वर का सुरूर है और परमेश्वर का स्वरूप है परमेश्वर सत्य सनातन इसलिए गीता भी पूर्ण सत्य है

ji haan bhagwat geeta purn satya hai kyonki iska varnan milta hai ki geeta hi sakshat parmeshwar ki geeta hi parmeshwar ka suroor hai aur parmeshwar ka swaroop hai parmeshwar satya sanatan isliye geeta bhi purn satya hai

जी हां भगवत गीता पूर्ण सत्य है क्योंकि इसका वर्णन मिलता है कि गीता ही साक्षात परमेश्वर की

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साथियों आपका सवाल है क्या भागवत गीता पूर्ण सत्य है इसमें किसी प्रकार का कोई भी असत्य नहीं है यह हंड्रेड 10% पुरुष है क्योंकि गीता जो है वह भगवान कृष्ण के मुख मुखारविंद से गीता नहीं निकली है गीता है वह जो काल है उनके मुख से निकला है और वह गीता का ज्ञान में भगवान कृष्ण का कोई रोल ही नहीं है क्योंकि भगवान कृष्ण गीता के अध्याय गीता बोलते हैं कि अर्जुन गीता का ज्ञान सबसे पहले मैं सूरज को दिया था तो आप ही बताइए सूरज लाखों करोड़ों वर्ष पहले और भगवान की उत्पत्ति पता चल जाता है फिर भगवान कृष्ण विराट रूप दिखाते हैं तो भगवान कृष्ण अर्जुन को ऐसा जोधा थर थर कांपने लगता है सच सच बता कर आप कौन हो अगर भगवान को क्या लग रहा है अब सच बताता है कि मैं लोगों को खाने के लिए प्रकट हुआ अभी तक है लेकिन गीता का ज्ञान तो आप मान रहकर भगवान किसने दिया

sathiyo aapka sawaal hai kya bhagwat geeta purn satya hai isme kisi prakar ka koi bhi asatya nahi hai yah hundred 10 purush hai kyonki geeta jo hai vaah bhagwan krishna ke mukh mukharvind se geeta nahi nikli hai geeta hai vaah jo kaal hai unke mukh se nikala hai aur vaah geeta ka gyaan me bhagwan krishna ka koi roll hi nahi hai kyonki bhagwan krishna geeta ke adhyay geeta bolte hain ki arjun geeta ka gyaan sabse pehle main suraj ko diya tha toh aap hi bataiye suraj laakhon karodo varsh pehle aur bhagwan ki utpatti pata chal jata hai phir bhagwan krishna virat roop dikhate hain toh bhagwan krishna arjun ko aisa jodha thar thar kaapne lagta hai sach sach bata kar aap kaun ho agar bhagwan ko kya lag raha hai ab sach batata hai ki main logo ko khane ke liye prakat hua abhi tak hai lekin geeta ka gyaan toh aap maan rahkar bhagwan kisne diya

साथियों आपका सवाल है क्या भागवत गीता पूर्ण सत्य है इसमें किसी प्रकार का कोई भी असत्य नहीं

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जय श्री कृष्णा आपने पूछा क्या भगवत गीता पूछ सकती हैं बिल्कुल पूर्ण सत्य भगवत गीता का विधान है उसके विधान के अनुसार जीवन चलेगा पुरुषों की हो जाएंगे हमेशा के लिए तो नाम मिलते हैं जैसे मेरे को जब दुख आया तो मैंने इससे की भक्ति शुरू की जब कहीं जाते थे तो फिर गुरु का भरम तुम हुआ अच्छा गुरु हो तो मुक्ति कर देता है और खराब है तो खुद ही दूर जाता है और दूसरे को भी में जगह-जगह साधु का आश्रम पासपोर्ट का तो सभी लोग ऐसे करते हैं कि गुरु बिना ज्ञान नहीं ज्ञान भी नहीं तू मेरे को बोल साथ क्या करना चाहती मैं क्यों संसार से मुक्त होना चाहता हूं और मेरा इस दुख मिटा दें तो बोला कि छोटा सर्च का काम आप ही के जैसे गढ़ का काम किसी कर उसको भी ग्रुप बनाना पड़ता है आप तो इतना बड़ा काम करने जाएंगे दुख मिल जाए और मैं मुक्त हो जावे संसार से उन फूलों की चाल चले जाओ इसलिए ग्रुप बनाना पड़ेगा तो सब जगह से भटकते भटकते मुझे इस उन्हें ऐसे मार्ग मेरे पास भेज दिया कि शुरू पता लग गया कि यह ग्रुप की तलाश में भटक रहा है तो मैं उनका चिंतन करते रहता है दिन रात दिन सोते सोते जागते भर्ती तो भेज दिया सिर्फ महात्मा जो सफेद कपड़े पहनते बिल्कुल ही धोती कुर्ता और कोई बाल दाढ़ी कुछ बड़े नहीं सिंपल थे तो पहले तो उनके आश्रम के पास है कोई व्यक्ति को वह में घर पर भेजा उसने माला बाढ़ से प्रभावित हुए जिनकी में बात करूंगा मालूम है जालौर रोड पर गांव है मिल जाएगा वहीं से उतर के आ जाना जाता है वह भेज दिया मेरे को कैसे भेजा वह मैं आपको बता पहले तो उनके आश्रम के व्यक्ति को मेरे घर पर भेजा उनका प्रभाव बताएं कि वह जो कुछ बोलते सकते हो जाता है लोगों को दुख तकलीफ हो तो मिटा देते हैं फिर मैं नीचे क्या मुझे ऐसे हैं दूसरे ग्रुप करने से कोई लाभ नहीं फिर भी मैंने नहीं फिर देखो मैं गैरेज के आगे सो रहा था दिन में तो इसने मुझे सपना दिया माला बावजूद देखें सफेद कपड़े पहने धोती कुर्ता और ना तो बाल बड़े हुए थे तो इसी तरह सन्यासी देवी मंदिर का मुंह पूर्व शेर था जैसे सपना पूरा हुआ उनके गांव के पास है तो उनका नाम राजू जी मैंने कहा आज मैं थोड़ा मैं क्यों ना तो ज्यादा ठीक है बाल बर्ड लेनी है और गया तो जैसे हम दोनों वहां पहुंचे तो भाभी बाहर खड़े थे फटे के बाद माला हाथ में लिए जब करे थे तो मैंने कमाल बाजी हमारी भाभी के हमर सैया के बाकी बचे मछली प्रस्थान बनी हुई अभी भी है तो मेरे साथ है वह मेरी पश्चिम से बात करते हैं मैं भी बातें तो ऐसे बात करें जैसे हमारे को बहुत जानता हो तो बात बात मैंने पूछा भी नहीं करें प्रमुख पूरा काम काम करा का शुक्रिया अदा करते मैंने पूछा आप को रोक लिया कि नहीं किया मेरे कान्हा ग्रुप तुझे भगवान कृष्ण गोस्वामी आरती या फिर बातें करते-करते द्वारका क्या ख्वाब में सोचा तो भगवान के बनाए थे मैंने इसको गुरु मान लिया किसी को भगवान तो एक ही बात है तुम मेरे हो गुरू बंधु सपने में आ के आगे लेते हैं उस जैसे थे बार-बार मुक्त आत्मा भेजते हैं उपदेश और आगे क्या वह ज्ञानी है हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण भगवान के भक्तों में ऐसा ज्ञान देता हूं जिससे अज्ञान नष्ट होकर मेरे धाम में आ जाता है बिल्कुल सत्य बात है और खास बात है कि गीता में भगवान कृष्ण ने अगर कुछ श्लोक हमें समझा नहीं आता है कि तक तो सपने में आकर व्याख्या करते हैं जिसे आप अज्ञान से दूर हो जाते हैं तो भेजता तो बिल्कुल सकती है इसलिए विधान है इसे प्यार में सबसे ज्यादा बॉडी अपलोड नहीं हो पाता बाकी मैं बहुत खुश था जिससे आपको सच्चे दिल से दूर हो जाता हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण तो मैंने ईश्वर को गुरु मान लिया और वह मेरे गुरु बंद कर आज कल अच्छे साधन भी होते हैं करोड़ों में एक जो होते हैं उनको हम पहचान नहीं पाते हैं तो मैं तो इसको भी मान लिया और भोले गुरु और बन गए बस हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे की कुछ स्पेशल चमेली आती है तो पहले वह जान लेते हैं और आने स्पेलिंग मिटाते विनय प्रसाद ने कितनी योग्यता एक निश्चित उम्र बाद होती है लेकिन सही तो घायल हो जाता है तो की पाई जाती ना तो भट्ठा के सांसदों की व्याख्या करते हैं विज्ञान विद्वान लोग हैं मैं मेरे भक्तों को भाग्य में लिखा हुआ बदलता हूं क्यों भाग्य दिखाओ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण अकबर द्वारा संस्था द्वारा मनुष्य के द्वारा संदेश भेजो आते हैं सपने में आकर आगे आदित्य उपदेश देते हैं बार-बार के पागल हो जाते हैं मुक्तासना भेजते हैं इससे आपका ज्ञान नष्ट हो तो भगवत गीता पूर्ण सत्य है ईश्वर का विधान है कुछ भी समस्या हो तो आप पूछिए के पास में उससे बताऊंगा मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण भक्त आगे बढ़ी हरे कृष्ण

jai shri krishna aapne poocha kya bhagwat geeta puch sakti hain bilkul purn satya bhagwat geeta ka vidhan hai uske vidhan ke anusaar jeevan chalega purushon ki ho jaenge hamesha ke liye toh naam milte hain jaise mere ko jab dukh aaya toh maine isse ki bhakti shuru ki jab kahin jaate the toh phir guru ka bharm tum hua accha guru ho toh mukti kar deta hai aur kharab hai toh khud hi dur jata hai aur dusre ko bhi me jagah jagah sadhu ka ashram passport ka toh sabhi log aise karte hain ki guru bina gyaan nahi gyaan bhi nahi tu mere ko bol saath kya karna chahti main kyon sansar se mukt hona chahta hoon aur mera is dukh mita de toh bola ki chota search ka kaam aap hi ke jaise garh ka kaam kisi kar usko bhi group banana padta hai aap toh itna bada kaam karne jaenge dukh mil jaaye aur main mukt ho jaave sansar se un fulo ki chaal chale jao isliye group banana padega toh sab jagah se bhatakte bhatakte mujhe is unhe aise marg mere paas bhej diya ki shuru pata lag gaya ki yah group ki talash me bhatak raha hai toh main unka chintan karte rehta hai din raat din sote sote jagte bharti toh bhej diya sirf mahatma jo safed kapde pehente bilkul hi dhoti kurta aur koi baal dadhi kuch bade nahi simple the toh pehle toh unke ashram ke paas hai koi vyakti ko vaah me ghar par bheja usne mala baadh se prabhavit hue jinki me baat karunga maloom hai jalore road par gaon hai mil jaega wahi se utar ke aa jana jata hai vaah bhej diya mere ko kaise bheja vaah main aapko bata pehle toh unke ashram ke vyakti ko mere ghar par bheja unka prabhav bataye ki vaah jo kuch bolte sakte ho jata hai logo ko dukh takleef ho toh mita dete hain phir main niche kya mujhe aise hain dusre group karne se koi labh nahi phir bhi maine nahi phir dekho main garage ke aage so raha tha din me toh isne mujhe sapna diya mala bawajud dekhen safed kapde pehne dhoti kurta aur na toh baal bade hue the toh isi tarah sanyaasi devi mandir ka mooh purv sher tha jaise sapna pura hua unke gaon ke paas hai toh unka naam raju ji maine kaha aaj main thoda main kyon na toh zyada theek hai baal bird leni hai aur gaya toh jaise hum dono wahan pahuche toh bhabhi bahar khade the phate ke baad mala hath me liye jab kare the toh maine kamaal baazi hamari bhabhi ke hombre saiya ke baki bache machli prasthan bani hui abhi bhi hai toh mere saath hai vaah meri paschim se baat karte hain main bhi batein toh aise baat kare jaise hamare ko bahut jaanta ho toh baat baat maine poocha bhi nahi kare pramukh pura kaam kaam kara ka shukriya ada karte maine poocha aap ko rok liya ki nahi kiya mere kanha group tujhe bhagwan krishna goswami aarti ya phir batein karte karte dwarka kya khwaab me socha toh bhagwan ke banaye the maine isko guru maan liya kisi ko bhagwan toh ek hi baat hai tum mere ho guru bandhu sapne me aa ke aage lete hain us jaise the baar baar mukt aatma bhejate hain updesh aur aage kya vaah gyani hai hare krishna hare krishna hare krishna bhagwan ke bhakton me aisa gyaan deta hoon jisse agyan nasht hokar mere dhaam me aa jata hai bilkul satya baat hai aur khas baat hai ki geeta me bhagwan krishna ne agar kuch shlok hamein samjha nahi aata hai ki tak toh sapne me aakar vyakhya karte hain jise aap agyan se dur ho jaate hain toh bhejta toh bilkul sakti hai isliye vidhan hai ise pyar me sabse zyada body upload nahi ho pata baki main bahut khush tha jisse aapko sacche dil se dur ho jata hare krishna krishna krishna hare krishna toh maine ishwar ko guru maan liya aur vaah mere guru band kar aaj kal acche sadhan bhi hote hain karodo me ek jo hote hain unko hum pehchaan nahi paate hain toh main toh isko bhi maan liya aur bhole guru aur ban gaye bus hare krishna hare krishna hare krishna hare ki kuch special chameli aati hai toh pehle vaah jaan lete hain aur aane spelling mitaate vinay prasad ne kitni yogyata ek nishchit umar baad hoti hai lekin sahi toh ghayal ho jata hai toh ki payi jaati na toh bhattha ke sansadon ki vyakhya karte hain vigyan vidhwaan log hain main mere bhakton ko bhagya me likha hua badalta hoon kyon bhagya dikhaao hare krishna hare krishna krishna krishna akbar dwara sanstha dwara manushya ke dwara sandesh bhejo aate hain sapne me aakar aage aditya updesh dete hain baar baar ke Pagal ho jaate hain muktasana bhejate hain isse aapka gyaan nasht ho toh bhagwat geeta purn satya hai ishwar ka vidhan hai kuch bhi samasya ho toh aap puchiye ke paas me usse bataunga meri subhkamnaayain aapke saath hain hare krishna hare krishna krishna krishna krishna bhakt aage badhi hare krishna

जय श्री कृष्णा आपने पूछा क्या भगवत गीता पूछ सकती हैं बिल्कुल पूर्ण सत्य भगवत गीता का विधान

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ॐ परमात्मने नमः श्रीमद्भागवत गीता भगवान और अर्जुन दोनों के संवाद कायम है और गीता को हर एक पढ़ने वाला शख्स पढ़कर और हर एक रुप का राहत जाने पर जाने पर यही साबित होता है कि गीता पूर्ण सत्य और जीवन मुक्ति का साधन कर्म पथ पर चलते हुए भी जीता सत्य और आत्म कल्याण का साधन है कितना है इसको समझना समझ रहा उसको आत्म कल्याण का साधन है और कर्म योग

om paramatmane namah shrimadbhagavat geeta bhagwan aur arjun dono ke samvaad kayam hai aur geeta ko har ek padhne vala sakhs padhakar aur har ek roop ka rahat jaane par jaane par yahi saabit hota hai ki geeta purn satya aur jeevan mukti ka sadhan karm path par chalte hue bhi jita satya aur aatm kalyan ka sadhan hai kitna hai isko samajhna samajh raha usko aatm kalyan ka sadhan hai aur karm yog

ॐ परमात्मने नमः श्रीमद्भागवत गीता भगवान और अर्जुन दोनों के संवाद कायम है और गीता को हर एक

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