यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है तो आपको प्रार्थना करने की आवश्यकता क्यों है?...


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सुरेन्द्र पाल गुप्ता

रिटायर्ड प्रधानाचार्य

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ऐसे और सवाल
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देखिए रामचंद्र की शंकर जी की पूजा करते थे क्या रामचंद्र और शंकर जी रामचंद्र जी की पूजा करते थे तो प्रार्थना तो एक ऐसी चीज है कि हमेशा अपने से श्रेष्ठ पॉकेट को मानना चाहिए और ईश्वर को मानना चाहिए अगर आप अपने मन में प्रार्थना नहीं करते और अपने से श्रेष्ठ किसी को नहीं मानते हैं तो आपसे ज्यादा बेवकूफ और आपसे ज्यादा घमंडी कुल हुई नहीं इसलिए प्रार्थना को हमेशा अपने जीवन का एक सदाचार बनाना चाहिए हमेशा नियम बनाना चाहिए भगवान पर भरोसा रखना चाहिए छिति जल पावक गगन समीरा पंच रचित अति अधम शरीरा इस अधम शरीर में जो आत्मा है जिसे आप देख नहीं सकते वही परमात्मा है वह ईश्वर का एक अंश है उसको उस अंश को सुरक्षित रखने के लिए इस वक्त दूध लाने के लिए शत कार्य करने के लिए भगवान से प्रार्थना की जाती है कि भगवान मुझको इस जीवन में सद्बुद्धि दो कि मैं अपने कार्य सापेक्ष जरूर से समाज की सेवा में लगा सकूं और अपनी सांसों को आप से जोड़ सकूं इसलिए प्रार्थना की जाती प्रार्थना लोगों के लिए नहीं की जाती है आजकल लोग प्रार्थना में लोभ और लालच के लिए प्रार्थना करते हैं भजन प्रार्थना बगैर लालच के करना शुरू कर देंगे उससे आपको एक अच्छे परिणाम मिलना शुरू हो जाए

dekhiye ramachandra ki shankar ji ki puja karte the kya ramachandra aur shankar ji ramachandra ji ki puja karte the toh prarthna toh ek aisi cheez hai ki hamesha apne se shreshtha pocket ko manana chahiye aur ishwar ko manana chahiye agar aap apne man me prarthna nahi karte aur apne se shreshtha kisi ko nahi maante hain toh aapse zyada bewakoof aur aapse zyada ghamandi kul hui nahi isliye prarthna ko hamesha apne jeevan ka ek sadachar banana chahiye hamesha niyam banana chahiye bhagwan par bharosa rakhna chahiye chiti jal pawak gagan samira punch rachit ati adham sharira is adham sharir me jo aatma hai jise aap dekh nahi sakte wahi paramatma hai vaah ishwar ka ek ansh hai usko us ansh ko surakshit rakhne ke liye is waqt doodh lane ke liye shat karya karne ke liye bhagwan se prarthna ki jaati hai ki bhagwan mujhko is jeevan me sadbuddhi do ki main apne karya sapeksh zaroor se samaj ki seva me laga sakun aur apni shanson ko aap se jod sakun isliye prarthna ki jaati prarthna logo ke liye nahi ki jaati hai aajkal log prarthna me lobh aur lalach ke liye prarthna karte hain bhajan prarthna bagair lalach ke karna shuru kar denge usse aapko ek acche parinam milna shuru ho jaaye

देखिए रामचंद्र की शंकर जी की पूजा करते थे क्या रामचंद्र और शंकर जी रामचंद्र जी की पूजा करत

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

2:35
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यदि आपको सब कुछ पहले से पता है तो फिर आपको प्रार्थना करने की आवश्यकता क्यों है पहले से पता नहीं है ऐसा एहसास होना और होने में फर्क है प्रार्थना करते हैं कि मधुमेह के प्रभु शक्ति जाता है प्रभु सब कुछ जानता है प्रभु अपरंपार है त्रिकालदर्शी हैं और कुछ सखी मन की बात बताएं सब जानते हैं लेकिन यह नहीं जानते हम तो भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं भगवान पूछताछ ना घर में बैठी फल देंगे या नहीं देंगे हम अनुशील है या नहीं जयपुर ट्वेंटी चुनी हुई इसलिए भगवान से प्रार्थना करते हैं ताकि भगवान अगर हमसे कोई अनजाने में त्रुटि हो गई हो तो क्षमा करते हुए हमारी प्रार्थना पर विचार करें सर्वशक्तिमान को सब जानते हैं कि परमात्मा अदृश्य सर्वशक्तिमान लेकिन हे प्रभु हमें ऐसी शक्ति देना कि हमारे मंत्री अंधकार दूर हो जाए और ज्ञान हमारे अंदर समा जाए ऐसी शक्ति हमें देना दाता ऐसी शक्ति हमें देना दाता मन का विश्वास कमजोर हो ना कि मन का विश्वास कमजोर हो ना जब फिल्म होता है तो मन का विश्वास टूटने लगता है प्रार्थना करने प्रभु कितने ही विलंब हो जाए लेकिन विश्वास कमजोर ना हो ऐसी शक्ति आप हमें जीने की देना

yadi aapko sab kuch pehle se pata hai toh phir aapko prarthna karne ki avashyakta kyon hai pehle se pata nahi hai aisa ehsaas hona aur hone me fark hai prarthna karte hain ki madhumeh ke prabhu shakti jata hai prabhu sab kuch jaanta hai prabhu aparampar hai trikaldarshi hain aur kuch sakhi man ki baat bataye sab jante hain lekin yah nahi jante hum toh bhagwan se prarthna kar rahe hain bhagwan puchhtaach na ghar me baithi fal denge ya nahi denge hum anushil hai ya nahi jaipur Twenty chuni hui isliye bhagwan se prarthna karte hain taki bhagwan agar humse koi anjaane me truti ho gayi ho toh kshama karte hue hamari prarthna par vichar kare sarvshaktimaan ko sab jante hain ki paramatma adrishya sarvshaktimaan lekin hai prabhu hamein aisi shakti dena ki hamare mantri andhakar dur ho jaaye aur gyaan hamare andar sama jaaye aisi shakti hamein dena data aisi shakti hamein dena data man ka vishwas kamjor ho na ki man ka vishwas kamjor ho na jab film hota hai toh man ka vishwas tutne lagta hai prarthna karne prabhu kitne hi vilamb ho jaaye lekin vishwas kamjor na ho aisi shakti aap hamein jeene ki dena

यदि आपको सब कुछ पहले से पता है तो फिर आपको प्रार्थना करने की आवश्यकता क्यों है पहले से पता

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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BK Kalyani

Teacher On Rajyoga Spiritual Knowledge

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जी बिल्कुल सही है आपका क्वेश्चन बहुत अच्छी क्वेश्चन है यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है तो आपको प्रदान करने की आवश्यकता क्या बिल्कुल सही है परमपिता परमात्मा शिव बाबा कहते बच्चे मैं निराकार ज्योति स्वरूप हूं प्रकाश पुंज और तुम शरीर धारी आकारी आत्मा तो मैं शरीर के द्वारा मुझे हाथ जोड़ते हो प्रार्थना करते हो पर मेरा तो शरीर है नहीं मैं तुम्हें कैसे प्रार्थना करूं मैं तुम्हें कैसे हाथ जोड़ भगवान कहते बच्चे मुझे हाथ जोड़ने की प्रार्थना करने की जरूरत नहीं है मुझे बस दिल से याद करो सच्चे दिल से सच्चे मन से तो मैं तुम्हारे पास हर वक्त मौजूद हूं हमेशा तुम्हारे बुलावे पर मैं हाजिर हुजूर हूं पापा ने यह कहा हाथ जोड़ने क्या प्रार्थना करने की जरूरत नहीं सिर्फ उसे दिल से याद कीजिए इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने गूगल पर सर्च करें क्लासेस दी जाती है निशुल्क

ji bilkul sahi hai aapka question bahut achi question hai yadi aapko pehle se hi sab kuch pata hai toh aapko pradan karne ki avashyakta kya bilkul sahi hai parampita paramatma shiv baba kehte bacche main nirakaar jyoti swaroop hoon prakash punj aur tum sharir dhari akari aatma toh main sharir ke dwara mujhe hath jodte ho prarthna karte ho par mera toh sharir hai nahi main tumhe kaise prarthna karu main tumhe kaise hath jod bhagwan kehte bacche mujhe hath jodne ki prarthna karne ki zarurat nahi hai mujhe bus dil se yaad karo sacche dil se sacche man se toh main tumhare paas har waqt maujud hoon hamesha tumhare bulaave par main haazir huzur hoon papa ne yah kaha hath jodne kya prarthna karne ki zarurat nahi sirf use dil se yaad kijiye iski adhik jaankari ke liye apne google par search kare classes di jaati hai nishulk

जी बिल्कुल सही है आपका क्वेश्चन बहुत अच्छी क्वेश्चन है यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है त

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Gaurav Sethia

Career & Spiritual Coach

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देखिए आपका सवाल है कि यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है तो आपको प्रार्थना की आवश्यकता क्या है एक बात समझिए कि प्रार्थना इंसान कोई पर्सनल जीनिया पर्सनल नोटिस के लिए नहीं करता प्रार्थना होता है आत्मा की शांति और मन की शांति के लिए और इंसान को जब सब कुछ पता होता है तो वह और ज्यादा विचलित हो जाता है और इस केस में तो प्रार्थना करना और ज्यादा बस

dekhiye aapka sawaal hai ki yadi aapko pehle se hi sab kuch pata hai toh aapko prarthna ki avashyakta kya hai ek baat samjhiye ki prarthna insaan koi personal jiniya personal notice ke liye nahi karta prarthna hota hai aatma ki shanti aur man ki shanti ke liye aur insaan ko jab sab kuch pata hota hai toh vaah aur zyada vichalit ho jata hai aur is case me toh prarthna karna aur zyada bus

देखिए आपका सवाल है कि यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है तो आपको प्रार्थना की आवश्यकता क्या

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डा आचार्य महेंद्र

Astroloser,Vastusastro,pravchankarta

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Sunil Kumar Pandey

Editor & Writer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है आपको पहले इसी से कुछ पता हो तो आपको पता करने की अवस्था क्यों है कभी-कभी हमें सब कुछ पता रहता है फिर भी आप ईश्वर की प्रार्थना करते हैं कि कहां गया है उन्हीं मीटर त्रिपुरारी उन्हीं को भी मिल सकता है भगवान शिव में ऐसी क्षमता है कि वह उन्हीं को भी मैटर में जानकारी होने के बाद भी ईश्वर की प्रार्थना करते हैं क्योंकि सकता है

namaskar aapka prashna hai aapko pehle isi se kuch pata ho toh aapko pata karne ki avastha kyon hai kabhi kabhi hamein sab kuch pata rehta hai phir bhi aap ishwar ki prarthna karte hain ki kaha gaya hai unhi meter tripurari unhi ko bhi mil sakta hai bhagwan shiv me aisi kshamta hai ki vaah unhi ko bhi matter me jaankari hone ke baad bhi ishwar ki prarthna karte hain kyonki sakta hai

नमस्कार आपका प्रश्न है आपको पहले इसी से कुछ पता हो तो आपको पता करने की अवस्था क्यों है कभी

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Vedachary Pathak Singrauli

सनातन सुरक्षा परिषद् संस्थापक

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हर दोस्त नमस्कार देखी आपने पूछा यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है तो आप को प्रार्थना करने की आवश्यकता क्या है कि आपको पहले से क्या पता होता है आप रास्ते में चल रहे हैं प्रबल कर रहे हैं गाड़ी सब जा रहे हैं बांस अब जा रहे हैं कहां पर एक्सीडेंट अचानक हो जाता है कहां पता होता है कि आगे होने वाला है आप अपने जिंदगी को ठीक तरीके से चला रहे हैं कोई ऐसी मुसीबत आ जाती है क्या परेशान हो जाते हैं कहां आपको पता होता है कि कोई परेशानी आने वाली है आपको कहां पता होता है कि अब बीमारी आने वाली है आपको कहां पता होता है कि बिजनेस में घाटा होने वाला है यह तो आप पहले से सतर्क हो जाते आपको यह भी नहीं पता होता है कल बारिश होने वाली है या अकाल पड़ने वाला है ज्यादा तेज धूप कल होने वाली है ठीक है एक माह मौसम विज्ञान के माध्यम से बचा जा सकता है लेकिन हर व्यक्ति को इसलिए हम ऐसा सद्भावना रखते हैं ईश्वर को याद करते हैं ताकि हमें किसी भी प्रकार की मुसीबत ईश्वर हमारे रास्ते में ना आने दे लेकिन पहले से ही इंसान को नहीं पता होता है धन्यवाद

har dost namaskar dekhi aapne poocha yadi aapko pehle se hi sab kuch pata hai toh aap ko prarthna karne ki avashyakta kya hai ki aapko pehle se kya pata hota hai aap raste mein chal rahe hain prabal kar rahe hain gaadi sab ja rahe hain bans ab ja rahe hain kahaan par accident achanak ho jata hai kahaan pata hota hai ki aage hone vala hai aap apne zindagi ko theek tarike se chala rahe hain koi aisi musibat aa jaati hai kya pareshan ho jaate hain kahaan aapko pata hota hai ki koi pareshani aane wali hai aapko kahaan pata hota hai ki ab bimari aane wali hai aapko kahaan pata hota hai ki business mein ghata hone vala hai yah toh aap pehle se satark ho jaate aapko yah bhi nahi pata hota hai kal barish hone wali hai ya akaal padane vala hai zyada tez dhoop kal hone wali hai theek hai ek mah mausam vigyan ke madhyam se bacha ja sakta hai lekin har vyakti ko isliye hum aisa sadbhavana rakhte hain ishwar ko yaad karte hain taki hamein kisi bhi prakar ki musibat ishwar hamare raste mein na aane de lekin pehle se hi insaan ko nahi pata hota hai dhanyavad

हर दोस्त नमस्कार देखी आपने पूछा यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है तो आप को प्रार्थना करने

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है तो आप को प्रार्थना करने की आवश्यकता क्या है प्रार्थना करने से माइंड फ्रॉम होता है ओके फिजिकली हम और सच होते होते हैं हमारा आत्मविश्वास मजबूत है प्रार्थना करने से सब कुछ पता होने के बावजूद भी आवश्यक है

yadi aapko pehle se hi sab kuch pata hai toh aap ko prarthna karne ki avashyakta kya hai prarthna karne se mind from hota hai ok physically hum aur sach hote hote hain hamara aatmvishvaas majboot hai prarthna karne se sab kuch pata hone ke bawajud bhi aavashyak hai

यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है तो आप को प्रार्थना करने की आवश्यकता क्या है प्रार्थना कर

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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आपको पहले से भी सब कुछ पता है तो आपको प्रार्थना करने की आवश्यकता नहीं प्रार्थना किसी चीज का हल नहीं होता प्रार्थना का मतलब होता है सिर्फ हमें आत्म शांति से आप कभी-कभी मंत्रोच्चारण करते हैं कोई गीत गाते हैं इस भगवान के नाम पर पर आते हैं तो वहां पर जो उस गाने काले होता है जो सोता है जो तरीका होता कहीं भी हमारे मन को शांति और सुकून देता है वही सोच होती है पहले से आपको क्या पता है आ जाओ मैं नहीं समझ पा रहा हूं पहले से किसी को कुछ नहीं पूजा केवल मानसिक शांति मिलती मानसिक सुकून मिलता है जरूरत होती है

aapko pehle se bhi sab kuch pata hai toh aapko prarthna karne ki avashyakta nahi prarthna kisi cheez ka hal nahi hota prarthna ka matlab hota hai sirf hamein aatm shanti se aap kabhi kabhi mantrochcharan karte hain koi geet gaate hain is bhagwan ke naam par par aate hain toh wahan par jo us gaane kaale hota hai jo sota hai jo tarika hota kahin bhi hamare man ko shanti aur sukoon deta hai wahi soch hoti hai pehle se aapko kya pata hai aa jao main nahi samajh paa raha hoon pehle se kisi ko kuch nahi puja keval mansik shanti milti mansik sukoon milta hai zarurat hoti hai

आपको पहले से भी सब कुछ पता है तो आपको प्रार्थना करने की आवश्यकता नहीं प्रार्थना किसी चीज क

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Harish Chand

Social Worker

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यदि पहले से पता है कि आपको सब कुछ तो प्रार्थना करने की आवश्यकता क्या है नहीं मैं सब कुछ पता होता है जीव जब गर्भ के अंदर होता है तो उसको पता होता है कि मैं इस नरक से निकलो और तो तो ऐसा नहीं है कि गर्म जब प्रार्थना करता है कि मैं बाहर निकलकर कोई भी ऐसे कार्य नहीं करूंगा और जो आपने मुझे कार्य दिया है उस कार्य को पूरा करूंगा सेम स्पेशल स्कूल के अंदर है अब स्कूल में जाओगे आपको पता है आपको पढ़ना है ठीक है ना और आपको याद है सब कुछ पता है आपको पूरा पाठ पढ़ाना अपना आपको क्वेश्चन जान पर पड़ने की क्या आवश्यकता है तो वह छोटे-छोटे लॉजिक होते हैं कि हमको अभ्यास करना पड़ता किसी चीज को किसी भी विषय में अव्वल आने के लिए किसी कार्य को सिद्ध करने के लिए हमने जो शक्ति प्रार्थना इस कार्य करने पड़ते हैं क्यों क्योंकि माइक्रो आज आपका एक मित्र है बात होगी आपकी आपने बता दिया पूरा सब्जेक्ट हमारे आपकी कोई लेन-देन की बात हो गई आपने कहा मुझे यह चाहिए तुम मुझे आपने आज बता दिया लेकिन जो टाइम ऑफिस कर दोगे उससे पहले आपको मुझे याद दिलाना पड़ेगा ठीक है ना कि यह टाइम मैंने आपको दिया है आपको देना पड़ेगा ऐसे ही प्रार्थना की जाती है पता है हमें ठीक है ना कई बार ऐसा भी होता है कि हम देना नहीं चाहते आप से कहो मैं आपने बोल दिया हां दूंगा आपने सोच लिया नहीं दे रहा साला बकवास लेकिन मैं अब से प्रार्थना करूंगा मेरी ड्यूटी है क्योंकि मुझे जरूरत है क्योंकि उसी प्रकार प्रार्थना हमारी ड्यूटी होती है परमात्मा को बताने के लिए कि हे परमात्मा जिस मार्ग पर चल रहा हूं जो आपने मेरा उद्देश्य भेजा है उसको पूर्ण करो उसके लिए मुझे जिन चीजों की आवश्यकता है उसकी पूर्ति आप करो उसमें कितना टाइम परमात्मा लेता है वह उनके ऊपर निर्भर करता है हर चीज का लॉजिक होता है आप सवाल करने से पहले एक बार हाथ में चिंतन अवश्य करें क्योंकि इस पर दो-दो मिनट 3:03 मिनट का सवाल यह लंबी चैप्टर होते उसके लिए आप बैठो आमने-सामने किसी विषय पर चर्चा करें तो काफी अच्छा रहेगा ठीक है मित्र बोलो जय सिया राम

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यदि पहले से पता है कि आपको सब कुछ तो प्रार्थना करने की आवश्यकता क्या है नहीं मैं सब कुछ पत

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Narendra Bhardwaj

Spirituality Reformer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

महोदय आपने पूछा है यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है तो आप को प्रार्थना करने की आवश्यकता क्यों है धरती पर जितने भी जीभ हैं वह अपूर्ण है पूर्ण ज्ञान किसी को नहीं तो सब कुछ पता ऐसा कोई आदमी नहीं है जिसको सब कुछ पता और जिसको सब कुछ पता है वह तो बात पर परमेश्वर है ईश्वर ईश्वर के अलावा किसी को पता नहीं है कल क्या होने वाला है और जिन्हें पता है वह ईश्वर ही है चाहे फिर वह संत मुनि हो या बहुत बड़े योगी हो कोई भी क्योंकि वह जिन्हें पता होता है वह बताते नहीं है क्योंकि वह ईश्वर की आज्ञा की अवहेलना निकलता है प्रकृति के साथ खिलवाड़ नहीं प्रकृति को छोड़ते नहीं है ऐसे पहुंचे हुए संत हैं जिन्हें सब कुछ पता है लेकिन फिर भी वह बताएंगे नहीं क्योंकि वह ईश्वर की आज्ञा में ही जीवन जीते वह प्रकृति की गति में ही अपनी गति समझते हैं और यह जो बहुत सारे आपको लोग मिल जाएंगे कहते हैं सब कुछ पता है यह भ्रम है वह धर्म के नाम पर अपनी दुकान चलाने वाले लोग हो सकते हैं सच्चा संत कभी भी प्रकृति का उल्लंघन नहीं करेगा प्रकृति के साथ तारतम बुलाकर जीवन यापन करेगा और संकेत में आपसे कुछ कहने का प्रयास करेगा यदि आप समझ गए तो ठीक है नहीं तो ईश्वर के छोड़ देता जैसी प्रभु की इच्छा तो संत कभी भी यदि प्रकृति उसे आज्ञा दे रखी हाय से बता दो इसका बचाव कर दो तो वह किसी किसी का भला कर देते हैं बता कर ऐसा मत करो इसमें नुकसान है लेकिन हर समय वह प्रकृति का उल्लंघन नहीं करते जब तक की प्रकृति उनको आगे आना थे ऐसे लोग बहुत कम है जो यह कहते हैं कि मैं वैसे ही सब कुछ पता है जब पता नहीं है तो प्रार्थना जरूरी है मैं अपनी बात करूं या आम जन की बात करो तो आमजन को ही पता नहीं होता कि भविष्य में क्या होने वाला है तो हम ईश्वर की शरण में रहते हैं ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि प्रभु हमें अच्छे कर्म करने के लिए प्रेरित करते रहना जिससे हमारा भविष्य अच्छा रहे प्रार्थना का मतलब यह होता है कि हम से जीवन में जो त्रुटियां हुई हैं उन्हें प्रभु क्षमा करें और आगे से हमसे त्रुटियां ना हो इसके लिए ही तो प्रार्थना की जाती है प्रार्थना का आशा ही होता है कि हमारे अंदर सद्गुणों का विकास हो इसीलिए तो प्रार्थना करते हैं तो इस जीवन को सफल बनाने के लिए प्रार्थना की जाती है प्रार्थना ईश्वर को प्राप्त करने के लिए प्रार्थना ईश्वर के मार्ग पर चलने के लिए प्रार्थना में बड़ी ताकत है तो प्रार्थना करना बहुत जरूरी है और जनाब सब कुछ पता है उन्हें बाकी में प्रार्थना करने की जरूरत नहीं है क्योंकि वह तो खुद ही शर्म आए हैं ईश्वर है उन्होंने ज्ञान प्राप्त कर लिया तो जिन्हें यह ज्ञान प्राप्त नहीं हुआ है उनके पापा जरूरी है और जिन्हें यह पता चल गया है जिन्होंने भगवान से साक्षात्कार कर लिया प्रार्थना करें या ना करें कोई फर्क नहीं पड़ता वैसे भी आदमी की प्रार्थना करने के अपने अपने तरीके होते हैं कुछ प्रार्थना करते हुए भी प्रार्थना नहीं कर पाते कुछ दिखा देना प्रार्थना नहीं करते गुरु लेकिन सदैव भगवान के प्रति कृतज्ञता रहते हैं तो प्रार्थना का अपना-अपना तरीका है यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है तो बिल्कुल प्रार्थना करने की जरूरत नहीं है लेकिन है आपको लगता है कि हमें अभी बहुत कुछ जानने की जरूरत है तो फिर प्रार्थना आपको इसमें सहयोग करेगी

mahoday aapne poocha hai yadi aapko pehle se hi sab kuch pata hai toh aap ko prarthna karne ki avashyakta kyon hai dharti par jitne bhi jeebh hain vaah apurn hai purn gyaan kisi ko nahi toh sab kuch pata aisa koi aadmi nahi hai jisko sab kuch pata aur jisko sab kuch pata hai vaah toh baat par parmeshwar hai ishwar ishwar ke alava kisi ko pata nahi hai kal kya hone vala hai aur jinhen pata hai vaah ishwar hi hai chahen phir vaah sant muni ho ya bahut bade yogi ho koi bhi kyonki vaah jinhen pata hota hai vaah batatey nahi hai kyonki vaah ishwar ki aagya ki avhelna nikalta hai prakriti ke saath khilwad nahi prakriti ko chodte nahi hai aise pahuche hue sant hain jinhen sab kuch pata hai lekin phir bhi vaah batayenge nahi kyonki vaah ishwar ki aagya me hi jeevan jeete vaah prakriti ki gati me hi apni gati samajhte hain aur yah jo bahut saare aapko log mil jaenge kehte hain sab kuch pata hai yah bharam hai vaah dharm ke naam par apni dukaan chalane waale log ho sakte hain saccha sant kabhi bhi prakriti ka ullanghan nahi karega prakriti ke saath taratam bulakar jeevan yaapan karega aur sanket me aapse kuch kehne ka prayas karega yadi aap samajh gaye toh theek hai nahi toh ishwar ke chhod deta jaisi prabhu ki iccha toh sant kabhi bhi yadi prakriti use aagya de rakhi hi se bata do iska bachav kar do toh vaah kisi kisi ka bhala kar dete hain bata kar aisa mat karo isme nuksan hai lekin har samay vaah prakriti ka ullanghan nahi karte jab tak ki prakriti unko aage aana the aise log bahut kam hai jo yah kehte hain ki main waise hi sab kuch pata hai jab pata nahi hai toh prarthna zaroori hai main apni baat karu ya aam jan ki baat karo toh aamjan ko hi pata nahi hota ki bhavishya me kya hone vala hai toh hum ishwar ki sharan me rehte hain ishwar se prarthna karte hain ki prabhu hamein acche karm karne ke liye prerit karte rehna jisse hamara bhavishya accha rahe prarthna ka matlab yah hota hai ki hum se jeevan me jo trutiyaan hui hain unhe prabhu kshama kare aur aage se humse trutiyaan na ho iske liye hi toh prarthna ki jaati hai prarthna ka asha hi hota hai ki hamare andar sadgunon ka vikas ho isliye toh prarthna karte hain toh is jeevan ko safal banane ke liye prarthna ki jaati hai prarthna ishwar ko prapt karne ke liye prarthna ishwar ke marg par chalne ke liye prarthna me badi takat hai toh prarthna karna bahut zaroori hai aur janab sab kuch pata hai unhe baki me prarthna karne ki zarurat nahi hai kyonki vaah toh khud hi sharm aaye hain ishwar hai unhone gyaan prapt kar liya toh jinhen yah gyaan prapt nahi hua hai unke papa zaroori hai aur jinhen yah pata chal gaya hai jinhone bhagwan se sakshatkar kar liya prarthna kare ya na kare koi fark nahi padta waise bhi aadmi ki prarthna karne ke apne apne tarike hote hain kuch prarthna karte hue bhi prarthna nahi kar paate kuch dikha dena prarthna nahi karte guru lekin sadaiv bhagwan ke prati kritagyata rehte hain toh prarthna ka apna apna tarika hai yadi aapko pehle se hi sab kuch pata hai toh bilkul prarthna karne ki zarurat nahi hai lekin hai aapko lagta hai ki hamein abhi bahut kuch jaanne ki zarurat hai toh phir prarthna aapko isme sahyog karegi

महोदय आपने पूछा है यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता है तो आप को प्रार्थना करने की आवश्यकता क

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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यदि हमें पहले से सबको पता है तो प्रार्थना करने की भी आवश्यकता है क्योंकि हमें पहले से ही पता है ईश्वर को बिना प्रार्थना किए नहीं पा सकते किसी से कुछ याचना करने के लिए उसका गुणगान करना पड़ता है और जो हमें पहले से ही पता है वह भी ईश्वर की कृपा से ही पता है यदि हम में हम पर ईश्वर की कृपा है तभी तो हम पहले से सब कुछ जान लेते हैं अपनी शक्ति से हम क्या जान सकते हैं क्योंकि हमारे विचारों में हमारे शरीर पर हमारी आत्मा पर और संसार पर एक ईश्वर का ही तो शुरू फैला हुआ है यानी कि हम सब पर ईश्वर की ही तो कृपा है ईश्वर ही सत्य है

yadi hamein pehle se sabko pata hai toh prarthna karne ki bhi avashyakta hai kyonki hamein pehle se hi pata hai ishwar ko bina prarthna kiye nahi paa sakte kisi se kuch yachana karne ke liye uska gunagan karna padta hai aur jo hamein pehle se hi pata hai vaah bhi ishwar ki kripa se hi pata hai yadi hum mein hum par ishwar ki kripa hai tabhi toh hum pehle se sab kuch jaan lete hain apni shakti se hum kya jaan sakte hain kyonki hamare vicharon mein hamare sharir par hamari aatma par aur sansar par ek ishwar ka hi toh shuru faila hua hai yani ki hum sab par ishwar ki hi toh kripa hai ishwar hi satya hai

यदि हमें पहले से सबको पता है तो प्रार्थना करने की भी आवश्यकता है क्योंकि हमें पहले से ही प

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आपका पूर्ण है शायद यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता तो आप प्रार्थना करने की आवश्यकता है उनके भेद भुलाकर एक मेरा सोना का तुझे मैं हरदम सॉन्ग तू दूंगा सुख ना कर मेरी भक्ति में कुछ अंतर मदर हूं कि वेदों के बारे हमर संगीता के भोले नाथ नारायण वासुदेवा श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण भगवान की भक्ति से आनंद और उनकी पहचान हमारा मन सुख देता है और भगवान की लीलाओं को देखकर हम प्रसन्न होते हैं और कौन-कौन होता इसलिए मैं भगवान की आराधना उपासना प्राप्त था क्या सकता सभी टीमों को जो है अपने जीवन को सफल विकासात्मक और अपने जीवन में भगवान की आराधना के साथ तो इसका भी कुछ बात करने के लिए लोगों को क्या क्या आवश्यकता होती है थैंक यू धन्यवाद

aapka purn hai shayad yadi aapko pehle se hi sab kuch pata toh aap prarthna karne ki avashyakta hai unke bhed bhulakar ek mera sona ka tujhe main hardum song tu dunga sukh na kar meri bhakti me kuch antar mother hoon ki vedo ke bare hombre sangeeta ke bhole nath narayan vasudeva shri krishna govind hare murari hai nath narayan bhagwan ki bhakti se anand aur unki pehchaan hamara man sukh deta hai aur bhagwan ki lilaon ko dekhkar hum prasann hote hain aur kaun kaun hota isliye main bhagwan ki aradhana upasana prapt tha kya sakta sabhi teamo ko jo hai apne jeevan ko safal vikaasaatmak aur apne jeevan me bhagwan ki aradhana ke saath toh iska bhi kuch baat karne ke liye logo ko kya kya avashyakta hoti hai thank you dhanyavad

आपका पूर्ण है शायद यदि आपको पहले से ही सब कुछ पता तो आप प्रार्थना करने की आवश्यकता है उनके

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Pramodan swami (PK.VERMAN)

Prem Hi Dharm Hai Premi Karm Hi Prem Hi Safar

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आपने पूछा है यदि आपको पहले से ही पता है सब कुछ तो आपको प्रार्थना करने की आवश्यकता क्यों है व्यक्ति को पता नहीं होता वह सुनी सुनाई बातों को दोहराता है और ऐसा दिखाता है कि पता है जैसे कि सब कुरुक्षेत्र में कृष्ण अर्जुन को समझा रहे थे तो शांत ही योग की बात जब कृष्ण ने अर्जुन से कही कि तू बिना कर्म के ही धर्म की रास्ते पर चल के अध्यात्म की रास्ते पर चलते इसका निवारण कर सकता है तो अर्जुन नहीं ऐसा दर्शाया था कि मुझे समझ में आ गया लेकिन कृष्ण को यह पता था कि अर्जुन को समझ में नहीं आया क्योंकि अर्जुन को अगर समझ में आ गया होता तो आज धनोरी डालकर और नमस्कार कर के चला जाता और कृष्ण की बात सुनता ही नहीं ऐसा ही होता है व्यक्ति के जीवन में उसे लगता है कि सब पता है सब समझ में आ रहा है लेकिन कहीं ना कहीं उसे अटका और रहता है और वह समझता है कि मैं बदल सकता हूं और किसी के डर से प्रार्थना भी करता है और इसी के डर से पर पाप भी करता है अगर आप सोचिए कि आपको ₹10 की चीज मिल रही है तो अब जाकर खरीद लेंगे उस पर विचार नहीं करेंगे कोई तर्क नहीं देंगे अब जाकर खरीद सकते हैं लेकिन जब आपको उसमें दुबला लगे कि तेज कि नहीं 15 की भी मिल सकती है या आप उस पर विश्वास ना करें तो आप तर्क और वितर्क जरूर करेंगे ऐसा ही सीवर में भी होता है सबको पता तो है लेकिन समझ नहीं है और पता यह दिखावे का है सिर्फ लोगों की सुनी हुई बातें और कही हुई बातें तो भी हुई धारणाओं के आधार पर वह ऐसा प्रदर्शित करते हैं कि उन्हें पता है

aapne poocha hai yadi aapko pehle se hi pata hai sab kuch toh aapko prarthna karne ki avashyakta kyon hai vyakti ko pata nahi hota vaah suni sunayi baaton ko dohrata hai aur aisa dikhaata hai ki pata hai jaise ki sab kurukshetra me krishna arjun ko samjha rahe the toh shaant hi yog ki baat jab krishna ne arjun se kahi ki tu bina karm ke hi dharm ki raste par chal ke adhyaatm ki raste par chalte iska nivaran kar sakta hai toh arjun nahi aisa darshaya tha ki mujhe samajh me aa gaya lekin krishna ko yah pata tha ki arjun ko samajh me nahi aaya kyonki arjun ko agar samajh me aa gaya hota toh aaj dhanori dalkar aur namaskar kar ke chala jata aur krishna ki baat sunta hi nahi aisa hi hota hai vyakti ke jeevan me use lagta hai ki sab pata hai sab samajh me aa raha hai lekin kahin na kahin use ataka aur rehta hai aur vaah samajhata hai ki main badal sakta hoon aur kisi ke dar se prarthna bhi karta hai aur isi ke dar se par paap bhi karta hai agar aap sochiye ki aapko Rs ki cheez mil rahi hai toh ab jaakar kharid lenge us par vichar nahi karenge koi tark nahi denge ab jaakar kharid sakte hain lekin jab aapko usme dubla lage ki tez ki nahi 15 ki bhi mil sakti hai ya aap us par vishwas na kare toh aap tark aur vitark zaroor karenge aisa hi seevar me bhi hota hai sabko pata toh hai lekin samajh nahi hai aur pata yah dikhaave ka hai sirf logo ki suni hui batein aur kahi hui batein toh bhi hui dharnaon ke aadhar par vaah aisa pradarshit karte hain ki unhe pata hai

आपने पूछा है यदि आपको पहले से ही पता है सब कुछ तो आपको प्रार्थना करने की आवश्यकता क्यों है

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Er Jaisingh

Mathematics Solution, 1:00PM TO 2:00PM

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आप को पहले से ही पता है सब कुछ तो प्रार्थना की क्या आवश्यकता है मैं नहीं कुछ नहीं पता है यह कहां लिखा है कि हमें सब कुछ पता है अपने जीवन का कहीं कोई किताब में लिखा है बताइए किसी व्यक्ति विशेष का नाम लेकर बताइए कृपलानी व्यक्ति का किताब में फराह ने किताब में लिखा है इतिहास में बताइए मनुष्य व्यक्ति स्वयं ही खुद का भाग्य विधाता मनुष्य स्वयं है तो कहने का मतलब यह है कि आपको ऐसा नहीं कह सकते हैं कि हमें पता है ना किसी किताब में लिखा होगा हमें कुछ भी नहीं पता है कि आज है कल क्या होगा हां अंदाजा लगाया जा सकता है ऐसी आसार बनते हैं यानी योग धीरे-धीरे बनता है उसके बाद सहयोग होता है मिलना या किसी चीज का प्राप्त होना या किसी चीज का नष्ट होना योग की बात संयोग बनता है क्या करने से लाभ होता है की प्रार्थना यदि हम करें और साथ में आ जाओ से करेंगे थोड़ा आवाज देते हुए मन से नहीं आवाज थोड़ा मुंह से बाहर निकालती है उन वायुमंडल में आवाज आती हे प्रभु हे ईश्वर हमारा यह कार्य ऐसा करना कि हमारी रक्षा करना कुछ भी प्रार्थना करेंगे अपन आवाज निकालती है तू है प्रार्थना वायुमंडल में फैल जाएगी और सूक्ष्म तरीके से उस प्रभु ब्रह्मांड में योग और जो शक्ति बैठी हुई है वहां तक पहुंच जाएगी दिखती नहीं है लेकिन खेलेगी वायुमंडल में जहां से हम चिल्ला आवाज लगाई तो खेलेगी बार मंडल में और वह सामने वाले को सुनाई पड़ेगी तेज आवाज है यदि एक फर्लांग पर भी है तो उसे सुनाई पड़ेगी ठीक है और दूर चली जाए मेरा यही है कि पहले से कुछ भी पता नहीं होता है इसलिए हम प्रार्थना करते हैं अपने अच्छे के लिए और अपनी ताकत पर होनी चाहिए तपस्या की होती है वह भी ताकत बढ़ाने के लिए शक्ति अर्जित करने के लिए हमारा उत्तर पानीपत से शरीर बना हुआ है इसको जितना मजबूत है जितना जागृत करेंगे उतना ही शक्तिशाली होगा अपने आप में बना सकते हैं कहिए कैसे प्रैक्टिस टू हिटलर जैसे कुछ प्रतिज्ञा होती है कुछ संकल्प होते हैं तो इसलिए मनुष्य मर जाता है

aap ko pehle se hi pata hai sab kuch toh prarthna ki kya avashyakta hai nahi kuch nahi pata hai yah kahaan likha hai ki hamein sab kuch pata hai apne jeevan ka kahin koi kitab mein likha hai bataye kisi vyakti vishesh ka naam lekar bataye krpalaanee vyakti ka kitab mein farah ne kitab mein likha hai itihas mein bataye manushya vyakti swayam hi khud ka bhagya vidhata manushya swayam hai toh kehne ka matlab yah hai ki aapko aisa nahi keh sakte hain ki hamein pata hai na kisi kitab mein likha hoga hamein kuch bhi nahi pata hai ki aaj hai kal kya hoga haan andaja lagaya ja sakta hai aisi aasaar bante hain yani yog dhire dhire baata hai uske baad sahyog hota hai milna ya kisi cheez ka prapt hona ya kisi cheez ka nasht hona yog ki baat sanyog baata hai kya karne se labh hota hai ki prarthna yadi hum kare aur saath mein aa jao se karenge thoda awaaz dete hue man se nahi awaaz thoda mooh se bahar nikalati hai un vayumandal mein awaaz aati hai prabhu hai ishwar hamara yah karya aisa karna ki hamari raksha karna kuch bhi prarthna karenge apan awaaz nikalati hai tu hai prarthna vayumandal mein fail jayegi aur sukshm tarike se us prabhu brahmaand mein yog aur jo shakti baithi hui hai wahan tak pohch jayegi dikhti nahi hai lekin khelegi vayumandal mein jaha se hum chilla awaaz lagayi toh khelegi baar mandal mein aur vaah saamne waale ko sunayi padegi tez awaaz hai yadi ek farlang par bhi hai toh use sunayi padegi theek hai aur dur chali jaaye mera yahi hai ki pehle se kuch bhi pata nahi hota hai isliye hum prarthna karte hain apne acche ke liye aur apni takat par honi chahiye tapasya ki hoti hai vaah bhi takat badhane ke liye shakti arjit karne ke liye hamara uttar panipat se sharir bana hua hai isko jitna majboot hai jitna jagrit karenge utana hi shaktishali hoga apne aap mein bana sakte hain kahiye kaise practice to hitler jaise kuch pratigya hoti hai kuch sankalp hote hain toh isliye manushya mar jata hai

आप को पहले से ही पता है सब कुछ तो प्रार्थना की क्या आवश्यकता है मैं नहीं कुछ नहीं पता है य

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Kesharram

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भैया ऐसी कोई मुश्किल आज तक या कोई ऐसी साईट नहीं बनी जो आपको बता दें पंडित लोग हैं अपना खाना-पीना चलाने के लिए झांसा देते हैं लोगों को किसी का पूरा हो जाता है किसी का नहीं होता यह सब चीजें बेकार है निस्वार्थ भगवान का नाम लो प्रार्थना करने से कोई चीज मिलती नहीं है सिर्फ मन को शांति मिलती है जिस चीज के लिए आप तड़प रहे हैं उससे हमें पता लगता है कि तड़पने से कुछ नहीं होगा भाग्य में जो लिखा है समय आने पर मिलेगा प्रार्थना हम इसलिए करते हैं मन की शांति के लिए प्रार्थना करने से कुछ मिलता नहीं है अगर आप के ऊपर कोई कष्ट होता है तो प्रार्थना से वह निकल जाता है आसानी से

bhaiya aisi koi mushkil aaj tak ya koi aisi site nahi bani jo aapko bata de pandit log hain apna khana peena chalane ke liye jhansa dete hain logo ko kisi ka pura ho jata hai kisi ka nahi hota yah sab cheezen bekar hai niswarth bhagwan ka naam lo prarthna karne se koi cheez milti nahi hai sirf man ko shanti milti hai jis cheez ke liye aap tadap rahe hain usse hamein pata lagta hai ki tadpane se kuch nahi hoga bhagya mein jo likha hai samay aane par milega prarthna hum isliye karte hain man ki shanti ke liye prarthna karne se kuch milta nahi hai agar aap ke upar koi kasht hota hai toh prarthna se vaah nikal jata hai aasani se

भैया ऐसी कोई मुश्किल आज तक या कोई ऐसी साईट नहीं बनी जो आपको बता दें पंडित लोग हैं अपना ख

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