कर्म के नियम: पिछले जन्म के कार्यों के लिए दंडित किया जाना कैसे उचित है, बिना यह जाने कि वे कार्य क्या थे?...


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देखिए कर्म जो होता है वही भाग्य का निर्माण करते हैं कभी-कभी ऐसा होता है जो आप पूरे जीवन भर कर्म करते हैं और उस पर आप को वांछित लाभ नहीं मिलता हुआ उसके अगले जन्म के भाग के रूप में अपने कर्म ही प्रधान और कर्म ही महान बंधु कर्म की ही इस जग में अनोखी शान बान है कर्म ही कर्म पहचान जनमानस की कर्म ही की साधना में संत सलमान है कर्म से ही सुख भोग कर्म से वितरण बंदूक कर्म के प्रमाण किस जगह में महान है कर्म से यू भाभी को न तो लो कभी सपने में भी भाग्य पूर्व कर्म के फल का विधान है तो यह सब कर भी करेंगे तो आपको शुभ फल मिलेगा और दुष्कर्म करेंगे तो समाज आप को दंडित करेगा अच्छा कर्म करेंगे तो ईश्वर आपको उसका फल देगा और आपके सद्गुणों में गिना जाएगा और वह आपके भाग्य के निर्माण में सहायक कर्मण्ए वाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन कर्म के लिए फल की चमक फल तो आपको भगवान दे अच्छा करेंगे अच्छा रिजल्ट मिलेगा आपको

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देखिए कर्म जो होता है वही भाग्य का निर्माण करते हैं कभी-कभी ऐसा होता है जो आप पूरे जीवन भर

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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कन के नियम पिक्चर जम के कार्यों के लिए दंडित किया जाना कैप्सूल की जानकारी चाहिए अटेंड मिलना है क्योंकि अभियान लिखिए नहीं तो फिर क्रिश्चन के कर्मों का फल मिलना है निश्चित रूप से कभी बोला था काटने का अवसर मिलना है भी निश्चित है कि पिछले जन्म में जो कुछ हमने किया उसका फल में मिलना है और जब तक वह फल हम नहीं बोलेंगे और ठंड को नहीं पाएंगे तब तक वर्तमान डंडों का वर्तमान कर्मों का दंड तो विशेष निवेदन है कि वर्तमान में हमेशा अच्छे कर्म करें जिससे आगे का जीवन कस्टमर नाम जो कष्ट हुई हिंदू अपने यही उन कष्टों से मुक्त हो जाएं भगवान राम को बनवास मिला कटिंग की चर्चा के कारण जो चरण के त्याग उज्जैन जाने में हो गई उसका दंड राम को बनवास के रूप में मिला टॉकिंग दशरथ को श्राप मिला था कि पुत्र वियोग में तड़प तड़प कर दोगे तो बताइए इतने राम लक्ष्मण सीता का क्या सूर्य भगवान के रूप से पिछले जन्म हुए कुछ ऐसा दोस्त है क्या जो राजा जवानों को हमारा मानना है कि ठंड के कारण तो निश्चित रूप से हमारे जन्मों का कोई शेष रह गया स्कैन में पा रहे हैं यह कहना कि बिना किसी कार्य के जाने अगर यही पता लग जाए 21 कार्यों का धन मिलना है तो फिर इंसान क्यों बोले कार्य करेगा अनजाने में इंसान बहुत बुरे कार्य कर जाता है जो उसको वर्तमान में पूछे गए थे और भविष्य का जीवन परिचय

kan ke niyam picture jam ke karyo ke liye dandit kiya jana capsule ki jaankari chahiye attend milna hai kyonki abhiyan likhiye nahi toh phir christian ke karmon ka fal milna hai nishchit roop se kabhi bola tha katne ka avsar milna hai bhi nishchit hai ki pichle janam me jo kuch humne kiya uska fal me milna hai aur jab tak vaah fal hum nahi bolenge aur thand ko nahi payenge tab tak vartaman dando ka vartaman karmon ka dand toh vishesh nivedan hai ki vartaman me hamesha acche karm kare jisse aage ka jeevan customer naam jo kasht hui hindu apne yahi un kaston se mukt ho jayen bhagwan ram ko banvaas mila cutting ki charcha ke karan jo charan ke tyag ujjain jaane me ho gayi uska dand ram ko banvaas ke roop me mila talking dashrath ko shraap mila tha ki putra viyog me tadap tadap kar doge toh bataiye itne ram lakshman sita ka kya surya bhagwan ke roop se pichle janam hue kuch aisa dost hai kya jo raja jawano ko hamara manana hai ki thand ke karan toh nishchit roop se hamare janmon ka koi shesh reh gaya scan me paa rahe hain yah kehna ki bina kisi karya ke jaane agar yahi pata lag jaaye 21 karyo ka dhan milna hai toh phir insaan kyon bole karya karega anjaane me insaan bahut bure karya kar jata hai jo usko vartaman me pooche gaye the aur bhavishya ka jeevan parichay

कन के नियम पिक्चर जम के कार्यों के लिए दंडित किया जाना कैप्सूल की जानकारी चाहिए अटेंड मिलन

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

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कर्म के नियम पिछले जन्म के कार्यों के लिए दंडित किया जाना कैसे उचित है बिना यह जाने कि मैं कार जाते आपका कहना अपने आप में सही है कि जिन कर्मों को हमने किया उनका हमको ज्ञान भी नहीं है फिर भी हम को दंडित किया जा रहा है लेकिन घर में जो है उसका जो प्रतिफल है वह हर व्यक्ति को भोगना ही पड़ता है चाहे आप जाने पूर्वजन्म में अथवा ना जाने हां यह अवश्य हुआ करता है यदि व्यक्ति जो है भगवान की पूजा या करता है उनकी आराधना किया करता है उनके नामों का स्मरण किया करता है जो व्यक्ति नहीं गलत काम किए हैं और वह जो दंड है वह सरल रूप से व्यक्ति भूख लिया करता है और ज्यादा उसे दुख तकलीफ ना कठिनाई परेशानी नहीं हुआ करती है और सरलता से वह समय जो है वह निकल जाया करता है और यदि व्यक्ति जो है भगवान की जो पूजा-पाठ अजमेर से नहीं रखता है उनके उनके नाम को उनके उनकी जो पूजा में विशेष ध्यान नहीं रखता है और गलत जो व्यक्ति ने कहा काम किए हैं उसके लिए जो उसे दंड मिलता है वह है यद्यपि बहुत कठोर होता है और यह भी देखा गया है युवा है उसके बर्दाश्त के बाहर भी हो जाया करता है लेकिन आप यह निश्चित मानी जो व्यक्ति ने कर्म किए हैं उसका व्हाई दंड जाएं अभी होगे अथवा बाद में होगे लेकिन उसको वह बना तो उसे पड़ता ही है

karm ke niyam pichle janam ke karyo ke liye dandit kiya jana kaise uchit hai bina yah jaane ki main car jaate aapka kehna apne aap me sahi hai ki jin karmon ko humne kiya unka hamko gyaan bhi nahi hai phir bhi hum ko dandit kiya ja raha hai lekin ghar me jo hai uska jo pratiphal hai vaah har vyakti ko bhogna hi padta hai chahen aap jaane purvajanm me athva na jaane haan yah avashya hua karta hai yadi vyakti jo hai bhagwan ki puja ya karta hai unki aradhana kiya karta hai unke namon ka smaran kiya karta hai jo vyakti nahi galat kaam kiye hain aur vaah jo dand hai vaah saral roop se vyakti bhukh liya karta hai aur zyada use dukh takleef na kathinai pareshani nahi hua karti hai aur saralata se vaah samay jo hai vaah nikal jaya karta hai aur yadi vyakti jo hai bhagwan ki jo puja path ajmer se nahi rakhta hai unke unke naam ko unke unki jo puja me vishesh dhyan nahi rakhta hai aur galat jo vyakti ne kaha kaam kiye hain uske liye jo use dand milta hai vaah hai yadyapi bahut kathor hota hai aur yah bhi dekha gaya hai yuva hai uske bardaasht ke bahar bhi ho jaya karta hai lekin aap yah nishchit maani jo vyakti ne karm kiye hain uska why dand jayen abhi hoge athva baad me hoge lekin usko vaah bana toh use padta hi hai

कर्म के नियम पिछले जन्म के कार्यों के लिए दंडित किया जाना कैसे उचित है बिना यह जाने कि मैं

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Harish Purohit

Business Owner

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पहले तो सभी को हरीश पुरोहित का नमस्कार आज मेरा पसंदीदा टॉपिक मुझे मिला है कर्म के नियम पिछले जन्मों के कार्यों के लिए दंडित किया जाना क्या उचित है बिना यह जाने कि वह कार्य ज्ञात अच्छा सवाल है कर्मों के बारे में कर्म तो इतने टेढ़े मेढ़े हैं और सुना जंजाल है कर्मों का आदमी तो कभी समझ नहीं सकता इस चीज को वैसे तो देखें ऊपर वाले ने जब अपने देश से हमें यहां भेजा तो यह बहुत लंबी कहानी है चली उसको समझने के लिए मुझे कम से कम अगर कोई दो 4 घंटे भी मिल जाए तो भी मैं ऐसे नहीं समझा पाऊंगा लेकिन उसमें कैसा है कर्म का सिद्धांत कैसा है मैं बता देता हूं सबसे पहले तो देखिए क्यों कर्मों पिछले पिछले जन्म के कर्मों में निकले उनके कदमों में हम को मारना चाहिए उसका सबसे पहले रीजन क्या मालूम है कोई बेचारा गरीब है कोई अमीर है कोई अधिकारी है कोई बीमार कोई सेहतमंद है तो कोई बुरी सेहत किसी कोई बीमारी में लगा हुआ है अगर सब ऐसी ऐसी चीजों में पड़े हुए हैं कि कोई बहुत दुखी है कोई सुखी है अब आपके घर में आपके अगर बच्चे हैं मान लीजिए 2 बच्चे हैं आप एक को ज्यादा प्यार करो को एक को कम करो ऐसा तो नहीं है ना ईश्वर है उठ हम सबको एक जैसा प्यार करते हैं तो उसे हमको एक जैसा सुखी भी रखना चाहिए था लेकिन यह प्रॉब्लम हुई हमारे कर्मों के जैसे हमने पिछले जन्मों में जितने कर्म किए उसके हिसाब से हमें अगला जन्म मिलता गया एक 8400000 योनियों का पूरा कर्म चक्र है पेड़ से पौधे से लेकर और इंसान तक का पूरा सफर सूची और यह मौका से 50 60 साल किलोमीटर तो अब क्या करना चाहिए कर्म अच्छे और बुरे हमेशा पुण्य कर्म करने चाहिए बुरे कर्मों से बचना चाहिए क्योंकि सांप और सीधा है बुरे करेंगे तो बुरा मिलेगा अच्छा करेंगे तो अच्छा मिलेगा साफ हो सीधा स्वर्ग और नर्क भी है स्वर्ग में क्यों है जैसे यहां जेल है वैसे वहां स्वर्ग और नर्क अच्छे के लिए अच्छा जाता है बुरे के लिए बुरा चला जाता है अब एक आदमी है जिसने यहां जिंदगी भर बुराई के घोटाले की रिश्वत ली और विचार किए लेकिन कभी उसको यहां तक कि मर्डर किया लेकिन अपने पैसे के बल पर बचा भगवान उसको कहीं तो सजा मिल गई है ना मान लो उसको यहां सजा मिले ना मिले वहां जरूर मिलती है अब आते हैं हमारे जो पुनर्जन्म होता है उनके कार्य पर शॉर्ट स्टोरी है जब मालिक ने हमें यहां भेजा गया था तब उन्होंने जीव के ऊपर एक चीज डाल दी थी कि हमें अपने पिछले जन्म के किए कर्मों की कोई याद नहीं रही है अगर याद रहे सबको याद रहेगी तो कोई कुछ यह दुनिया चली नहीं पाएगी अगर मान लो मुझे याद है मैंने पिछले जन्म में चोरियां की पीडा के डाले थे खून किए थे बाप रे बाप और मुझे वह याद है और उसकी सजा तो मैं यह जन्म में तो करूंगा ही नहीं यह मुझे पता कि मुझे उस की यह सजा मिल रही है मैं सब लोग बुरे काम करने बंद कर देंगे लेकिन हमें भेजा है इसके गया है कि हम जो है अपनी पढ़ा करें और अपनी परख करके अपने को तो अपने आप को जाने कि भाई हम क्या थे कहां से आए थे उसके लिए एक रास्ता है एक सच्चे गुरु की तलाश करनी पड़ती है उनसे जो है रास्ता पूछना पड़ता है चलना हमको है

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पहले तो सभी को हरीश पुरोहित का नमस्कार आज मेरा पसंदीदा टॉपिक मुझे मिला है कर्म के नियम पिछ

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mohit

8307747204 Founder Abhyasa Yogshala

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पिछले जन्म के कर्मों का फल हमें अवश्य मिलता है यह योग मेरी साफ-साफ लिखा है तो हमें यह जानने की जरूरत नहीं है कि हमने पिछले जन्म में क्या ऐसे कार्य कर दिए कि जिससे हमें यह फल भोगने पड़ रहे हैं यह बात इस पर निर्भर करता है कि आप जो अभी हैं आप अच्छे कर्म करते जाओ हो सकता है आपने जो पिछले जन्म में गलत कार्य किए हो तो वह कार्य भी वह गलत कार्य भी इन कर्मों के कारण दूर हो जाएं आपको उनका फलना फूलना पड़े तो यह जो सब हमें पिछले जन्म का जो हमें अगर गलत कार्य किए हैं उनका हमें पता करने के लिए जैसे महात्मा बुद्ध ने अपने साथी ओ जीवन का बता दिया था पिछले 6 जन और सातवां जन्म उन्होंने लिया था तो उन्होंने बोला था अब मैं बुद्धत्व को प्राप्त हो गया तो हमें यही सीख मिलती है कि आपको हमें अच्छे कार्य करते हुए अच्छे कर्म करते हुए आगे बढ़ना चाहिए धन्यवाद

pichle janam ke karmon ka fal hamein avashya milta hai yah yog meri saaf saaf likha hai toh hamein yah jaanne ki zarurat nahi hai ki humne pichle janam me kya aise karya kar diye ki jisse hamein yah fal bhogane pad rahe hain yah baat is par nirbhar karta hai ki aap jo abhi hain aap acche karm karte jao ho sakta hai aapne jo pichle janam me galat karya kiye ho toh vaah karya bhi vaah galat karya bhi in karmon ke karan dur ho jayen aapko unka falana phulana pade toh yah jo sab hamein pichle janam ka jo hamein agar galat karya kiye hain unka hamein pata karne ke liye jaise mahatma buddha ne apne sathi O jeevan ka bata diya tha pichle 6 jan aur satvaan janam unhone liya tha toh unhone bola tha ab main buddhatwa ko prapt ho gaya toh hamein yahi seekh milti hai ki aapko hamein acche karya karte hue acche karm karte hue aage badhana chahiye dhanyavad

पिछले जन्म के कर्मों का फल हमें अवश्य मिलता है यह योग मेरी साफ-साफ लिखा है तो हमें यह जानन

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Karan Janwa

Automobile Engineer

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देखे जो कर्मों का फल होता है उन सभी कर्मों के फल पर इंसान का अधिकार नहीं होता है जैसे कि गीता में कहा गया है कि इंसान का सिर्फ कर्मों का फल का फल के ऊपर उसका कोई नियंत्रण नहीं होता है इंसान तो सिर्फ कर्म करता है इस जन्म में कुकर्म करता है उसका फल उसको इसी जन्म में मिलता है जैसे आपने कोई सामाजिक सकता अपने कोई समाज की भलाई का कार्य शुरू किया और बीच में ही मृत्यु हो गई तो अपने उस समाज का कार्यक्रम खोलो और हैं कि कार्य को आगे बढ़ाएंगे लेकिन जब आपका जन्म होगा तो आपको अपने संस्कारों की वजह से आपकी तरह अखिलेश होने लगी वैसे ही अपने जैसे पिछले जन्म में लोगों के साथ बहुत बुरा किया हो तो वक्त उसके बाद आपने कुछ का फल तो आपको मिल जाता है और उसका फल मिलने में थोड़ा टाइम लगता है परिस्थितियां होती है जो आत्मा होती है शरीर है उसके चारों तरफ मैग्नेटिक पूरा होता है पूरा होता है शरीर की तरफ किसी के 5 मीटर का होता हो रहा है तो हम करते हैं अपने शरीर के चारों तरफ एक और ऐड कर रहे हैं प्रकाश उनसे वह नजर नहीं आता है वह क्षेत्र कितना होता है उसके अंदर क्षेत्र में ऐसे वीर के चारों तरफ एक मीटिंग तैयार करते हैं एक पूरा तैयार करते हैं और वही और हमारे कदमों को विशेष करता है मर कर्मों का फल पर हमें दिखाएं

dekhe jo karmon ka fal hota hai un sabhi karmon ke fal par insaan ka adhikaar nahi hota hai jaise ki geeta mein kaha gaya hai ki insaan ka sirf karmon ka fal ka fal ke upar uska koi niyantran nahi hota hai insaan toh sirf karm karta hai is janam mein kukarm karta hai uska fal usko isi janam mein milta hai jaise aapne koi samajik sakta apne koi samaj ki bhalai ka karya shuru kiya aur beech mein hi mrityu ho gayi toh apne us samaj ka karyakram kholo aur hain ki karya ko aage badhaenge lekin jab aapka janam hoga toh aapko apne sanskaron ki wajah se aapki tarah akhilesh hone lagi waise hi apne jaise pichle janam mein logo ke saath bahut bura kiya ho toh waqt uske baad aapne kuch ka fal toh aapko mil jata hai aur uska fal milne mein thoda time lagta hai paristhiyaann hoti hai jo aatma hoti hai sharir hai uske charo taraf magnetic pura hota hai pura hota hai sharir ki taraf kisi ke 5 meter ka hota ho raha hai toh hum karte hain apne sharir ke charo taraf ek aur aid kar rahe hain prakash unse vaah nazar nahi aata hai vaah kshetra kitna hota hai uske andar kshetra mein aise veer ke charo taraf ek meeting taiyar karte hain ek pura taiyar karte hain aur wahi aur hamare kadmon ko vishesh karta hai mar karmon ka fal par hamein dikhaen

देखे जो कर्मों का फल होता है उन सभी कर्मों के फल पर इंसान का अधिकार नहीं होता है जैसे कि ग

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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चलिए हम ना आए इससे लाइफ को इस तरीके से समझते हैं मान लीजिए हमारे पास ऐसा होता है कि वह यह वाला हमारा जीवन का हाल है 787 जितने साल का भी है अब आपको पता है कि भाई अगर मैं किसी को एक थप्पड़ मारूंगा तो मुझे क्या सजा मिलेगी इसी जीवन काल में मिलेगी और अगर किसी को मैं इस तरीके से चीटिंग करके बताऊंगा यह करूंगा तो मुझे क्या सजा मिलेगी अगर आपको पता है अगर सबको ऐसा पता होगा और सब कुछ इसी लाइफटाइम ऐसी जीवन काल में होना है तो कितना मेकेनिकल नहीं होगा यह सिस्टम सोच कर देखें कितना कॉन्प्लेक्स कितना बनावटी और कितना प्रेडिक्शन से भरा हुआ और लोग का कैलकुलेशन वगैरह कितना भयंकर हो जाएगा और कैसे मतलब मेरे समझ के बाहर है और इसीलिए जो यह हमें लाइफ मिली है और यह तो नेचुरल लॉ है प्रकृति का नियम है वह आपको यह नहीं पता था कि भाई आप इसकी सुझाव को कब मिलेगी या इसका प्रसाद आपको कब मिलेगा अच्छा बा वह तो यह बोलते हैं भैया आप अपने कर्म करते जाओ जैसा कर्म करोगे इसकी सजा मिलेगी आज नहीं तो कल अब वह आज नहीं तो कल में हो सके इस लाइफ टाइम में हो सकते हो कि नाइट टाइम में जवाब पूछते हैं हम कि आप इसे जान के कार्यों के लिए दंडित किया जाना कैसे उचित है अरे भाई तुझे कार्य किसने किया यह तो आप ही नहीं किया ना मैंने अपना काम किया आपने अपना काम किया किसी और ने किया कोई और कारण किया है तो वही हमारा जो लाइफ हम उसको एक लाइफ देखते हैं एक फिजिकल फॉर्म में आप इस रंग रूप में इस बार हो यहां पर हो अगली बार जब आप आओगे तो किसी और सर्जिकल फॉर्म में होगी किसी और वेशभूषा भाषा में होगे वहां पर होगे कुछ और कर्म कर रहे होंगे और वह जीवन आपको अपने पुराने कर्मों के हिसाब से मिलेगा पहली बार दूसरी बात जब वह मिला है आपको तो उसमें आप क्या करते हो वह डिपेंड करता है कि आपका आने वाला समय क्या होगा कैसे होगा मेरे हिसाब से थी की तो है भैया ऐसे थोड़ी ना होगा कि ऐसे जो जीवन में मिला है इसमें मैं पूरी तो पूरी क्रूरता से बर्बरता से अपनी लाइफ बिता दूं और फिर अगला जीवन होगा फिर से जीरो से शुरू होगा फिर से आऊंगा फिर फिर मैं और फिर से वही काम करूंगा कांड करूंगा फिर मैं चला जाऊंगा ऐसे थोड़ी ना होता है जीवन सोच कर देखिए अगर ऐसे होने लगा फिर तो हर इंसान ऐसी कीजिएगा ऐसे ही करेगा कि कोई फर्क नहीं पड़ता जुलाई तो फिर से 0 से शुरू होनी है क्या फर्क पड़ता है ना तो ऐसे नहीं होता है सिस्टम अप्राकृतिक है ऐसे नहीं चलता है अब होता ही है कि यह समझ लीजिए कि एग्जांपल देता हूं आपको एक का मूवी चल रही है और अगर आप पर मूवी के इंटरवल में घुसते हैं और फिर मूवी देखनी हो सर्च करते हैं आपको पता नहीं चलेगा कि मैं पहले क्या हुआ था आप तो यह देखेंगे अच्छा अभी क्या हो रहा है उसके बाद मूवी खत्म हो गई आप चले गए हमारे लाइफ ही ऐसी है जब यह इस लाइफ में आते हैं इस फिजिकल फॉर्म में आए हैं तो हमारे पहले की मूवी भी है उसके कर्म भी हैं उसके हिसाब से हमें यह जीवन मिला है जिस परिवार में मिला है जिससे स्थिति मिलाएं वगैरा-वगैरा अब उसके बाद यह हमारा लाइफ शुरु हुआ है तो देखने के लिए जो तीर हमने कभी ना कभी किसी ने किसी को मारे होंगे किसी तरीके से मारे होंगे वह हमें वापस मिले गए मिलेगा हो सके इस जीवन काल में हो सके अगले जीवन काल में है ना अभी आप बोलते हैं कि बिना जाने की क्या किए कार्य क्या थे वगैरा तो वही वाली बात हो गई ना कि भाई अगर मैं इसको इतना मैकेनिकल में क्या निकल बना दूंगा तो फिर बच कर आ जाएगा जीवन में कि मैं किसी को थप्पड़ मारूं तो पता चलेगा अच्छा थप्पड़ मारने का यह नतीजा मिलता है किसी को गिराने का यह नतीजा मिलता है किसी को इस तरीके से चोट पहुंचाने का यह नतीजा मिलता है किस देश सेटिंग करने का यह नतीजा मिलता है क्या आपको कोई बताएगा कि यहां भी बेटा तुमने यह किया था तो इसलिए यह तुम्हारी सजा है ऐसा चलेगा क्या यह तो बहुत सूक्ष्म होता है बोतल बहुत सरल होता है और नीचे आ कभी भी बारिश नहीं होती कभी भी पक्षपात नहीं करती है जिसने जो जब जैसा किया है उसकी उसे सजा या पारितोषिक तो मिलना ही मिलना है तो इसी तरीके से लाइव चलती है और मेरे हिसाब से एकदम उचित है जैसे यह चलता है हमें तो बस ध्यान देना है कि हमारी न्यूज़ क्या है हम सोचते हैं क्या महसूस करते हैं और कर्म कैसे करते हैं लाइफ उसी तरीके से आगे बढ़ती चली जाएगी

chaliye hum na aaye isse life ko is tarike se samajhte hai maan lijiye hamare paas aisa hota hai ki vaah yah vala hamara jeevan ka haal hai 787 jitne saal ka bhi hai ab aapko pata hai ki bhai agar main kisi ko ek thappad marunga toh mujhe kya saza milegi isi jeevan kaal mein milegi aur agar kisi ko main is tarike se cheating karke bataunga yah karunga toh mujhe kya saza milegi agar aapko pata hai agar sabko aisa pata hoga aur sab kuch isi lifetime aisi jeevan kaal mein hona hai toh kitna Mechanical nahi hoga yah system soch kar dekhen kitna kanpleks kitna banavati aur kitna predikshan se bhara hua aur log ka calculation vagera kitna bhayankar ho jaega aur kaise matlab mere samajh ke bahar hai aur isliye jo yah hamein life mili hai aur yah toh natural law hai prakriti ka niyam hai vaah aapko yah nahi pata tha ki bhai aap iski sujhaav ko kab milegi ya iska prasad aapko kab milega accha BA vaah toh yah bolte hai bhaiya aap apne karm karte jao jaisa karm karoge iski saza milegi aaj nahi toh kal ab vaah aaj nahi toh kal mein ho sake is life time mein ho sakte ho ki night time mein jawab poochhte hai hum ki aap ise jaan ke karyo ke liye dandit kiya jana kaise uchit hai are bhai tujhe karya kisne kiya yah toh aap hi nahi kiya na maine apna kaam kiya aapne apna kaam kiya kisi aur ne kiya koi aur karan kiya hai toh wahi hamara jo life hum usko ek life dekhte hai ek physical form mein aap is rang roop mein is baar ho yahan par ho agli baar jab aap aaoge toh kisi aur surgical form mein hogi kisi aur veshbhusha bhasha mein hoge wahan par hoge kuch aur karm kar rahe honge aur vaah jeevan aapko apne purane karmon ke hisab se milega pehli baar dusri baat jab vaah mila hai aapko toh usme aap kya karte ho vaah depend karta hai ki aapka aane vala samay kya hoga kaise hoga mere hisab se thi ki toh hai bhaiya aise thodi na hoga ki aise jo jeevan mein mila hai isme main puri toh puri krurta se barbarta se apni life bita doon aur phir agla jeevan hoga phir se zero se shuru hoga phir se aaunga phir phir main aur phir se wahi kaam karunga kaand karunga phir main chala jaunga aise thodi na hota hai jeevan soch kar dekhiye agar aise hone laga phir toh har insaan aisi kijiega aise hi karega ki koi fark nahi padta july toh phir se 0 se shuru honi hai kya fark padta hai na toh aise nahi hota hai system apraakrtik hai aise nahi chalta hai ab hota hi hai ki yah samajh lijiye ki example deta hoon aapko ek ka movie chal rahi hai aur agar aap par movie ke interval mein ghuste hai aur phir movie dekhni ho search karte hai aapko pata nahi chalega ki main pehle kya hua tha aap toh yah dekhenge accha abhi kya ho raha hai uske baad movie khatam ho gayi aap chale gaye hamare life hi aisi hai jab yah is life mein aate hai is physical form mein aaye hai toh hamare pehle ki movie bhi hai uske karm bhi hai uske hisab se hamein yah jeevan mila hai jis parivar mein mila hai jisse sthiti milaen vagera vagaira ab uske baad yah hamara life shuru hua hai toh dekhne ke liye jo teer humne kabhi na kabhi kisi ne kisi ko maare honge kisi tarike se maare honge vaah hamein wapas mile gaye milega ho sake is jeevan kaal mein ho sake agle jeevan kaal mein hai na abhi aap bolte hai ki bina jaane ki kya kiye karya kya the vagera toh wahi wali baat ho gayi na ki bhai agar main isko itna mechanical mein kya nikal bana dunga toh phir bach kar aa jaega jeevan mein ki main kisi ko thappad maroon toh pata chalega accha thappad maarne ka yah natija milta hai kisi ko girane ka yah natija milta hai kisi ko is tarike se chot pahunchane ka yah natija milta hai kis desh setting karne ka yah natija milta hai kya aapko koi batayega ki yahan bhi beta tumne yah kiya tha toh isliye yah tumhari saza hai aisa chalega kya yah toh bahut sukshm hota hai bottle bahut saral hota hai aur niche aa kabhi bhi barish nahi hoti kabhi bhi pakshapat nahi karti hai jisne jo jab jaisa kiya hai uski use saza ya paritoshik toh milna hi milna hai toh isi tarike se live chalti hai aur mere hisab se ekdam uchit hai jaise yah chalta hai hamein toh bus dhyan dena hai ki hamari news kya hai hum sochte hai kya mehsus karte hai aur karm kaise karte hai life usi tarike se aage badhti chali jayegi

चलिए हम ना आए इससे लाइफ को इस तरीके से समझते हैं मान लीजिए हमारे पास ऐसा होता है कि वह यह

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Veer Bhupinder Singh Ji

The Visionary, www.thelivingtreasure.org

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देखो हम लोग अपने घरों में ना अपना काम पेंडिंग कर देते हैं उसको डिलीट करते रहते हैं हम इग्नोर एंड सोते हैं हम सुस्त होते हैं अमिताभ जी को ते हैं हमने यह वाली आदत को अपने ऑफिस इसमें देखा कि ऑफिस में भी काम पेंडिंग कर देते हैं लेकिन गॉड की कोर्ट में ऐसा कुछ भी नहीं है गॉड कोई भी पिछले जन्म का काम अगले जन्म पर नहीं छूटता है और ऐसा कुछ भी नहीं है कि हमको पिछले जन्म का कोई अगले जन्म में दंडित किया जाता है हम जो जीतेगी करते हैं ना गुस्सा के साथ उसका रिजल्ट निकल आता है अगर कोई इंसान दिल से पूछे कि तुम अच्छा काम करोगे तो मरने के बाद तुमको यह मिलेगा और पूरा करोगे तो पूरा मिलेगा तो फिर तुमने क्या करना है तो मैं आपसे करूंगा तो फिर तो मेरे को अच्छा काम आप ही करना चाहिए आपके साथ मेरे को बेनिफिट मिल रहा है लेकिन अगर मैं बुरा करता हूं तो मरने के बाद मिलेगा तो सारी दुनिया बुरा करते टाइम अपने आप को रोक नहीं पाती है और एक और बात भी है कि वह गॉड की कोटी कोई भी पेंडिंग नहीं रहती तो यह कुदरत कालो है आकर करें सोए कर पाए लेकिन आपने अभी किया अभी उसका रिजल्ट निकला अगर मैंने अच्छा सोचा तो उसका रिजल्ट निकल गया कि मेरे को अंदर पीस मिलनी शुरू हुई लेकिन अगर मैंने किसी के साथ शादी किया नहीं है सोचते ही मेरे को पनिशमेंट हो गई थी वाली चींटी और अगले जनम के ऊपर कुछ पेंडिंग नहीं करता है इसके इलावा अगले जन्म में कुत्ता था और मैंने किसी को काट खाया मेरे को सजा मिल गई मेरे को बांध दिया मेरे मालिक ने मेरे को डंडा मारा है उन्होंने पत्थर मारा है कुछ करो कितनी चलती रहती है समझ में हमको परंतु अपने करम देखते ही बनती है लेकिन जीत की छोरी में जो हमारी पेमेंट सोचते हैं और जो उनकी बॉडी का सिस्टम है वह सब कुछ उनके बच्चों को और उसके साथ वह वाली छोरी हमारे जीवन में चलती है पिछले जन्म की जोड़ी को करमा छोरी मान कर चलना हमारे अपने आप को एक भ्रम में डालने वाली

dekho hum log apne gharon mein na apna kaam pending kar dete hain usko delete karte rehte hain hum ignore and sote hain hum sust hote hain amitabh ji ko te hain humne yah wali aadat ko apne office isme dekha ki office mein bhi kaam pending kar dete hain lekin god ki court mein aisa kuch bhi nahi hai god koi bhi pichle janam ka kaam agle janam par nahi chhutataa hai aur aisa kuch bhi nahi hai ki hamko pichle janam ka koi agle janam mein dandit kiya jata hai hum jo jitegi karte hain na gussa ke saath uska result nikal aata hai agar koi insaan dil se pooche ki tum accha kaam karoge toh marne ke baad tumko yah milega aur pura karoge toh pura milega toh phir tumne kya karna hai toh main aapse karunga toh phir toh mere ko accha kaam aap hi karna chahiye aapke saath mere ko benefit mil raha hai lekin agar main bura karta hoon toh marne ke baad milega toh saree duniya bura karte time apne aap ko rok nahi pati hai aur ek aur baat bhi hai ki vaah god ki koti koi bhi pending nahi rehti toh yah kudrat kalo hai aakar kare soye kar paye lekin aapne abhi kiya abhi uska result nikala agar maine accha socha toh uska result nikal gaya ki mere ko andar peace milani shuru hui lekin agar maine kisi ke saath shadi kiya nahi hai sochte hi mere ko punishment ho gayi thi wali chinti aur agle janam ke upar kuch pending nahi karta hai iske alawa agle janam mein kutta tha aur maine kisi ko kaat khaya mere ko saza mil gayi mere ko bandh diya mere malik ne mere ko danda mara hai unhone patthar mara hai kuch karo kitni chalti rehti hai samajh mein hamko parantu apne karam dekhte hi banti hai lekin jeet ki chhori mein jo hamari payment sochte hain aur jo unki body ka system hai vaah sab kuch unke baccho ko aur uske saath vaah wali chhori hamare jeevan mein chalti hai pichle janam ki jodi ko karma chhori maan kar chalna hamare apne aap ko ek bharam mein dalne waali

देखो हम लोग अपने घरों में ना अपना काम पेंडिंग कर देते हैं उसको डिलीट करते रहते हैं हम इग्न

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धर्म के नियम के हिसाब से हमें जन्म क्यारियों के लिए अगले पिछले हमारे हिसाब किताब देखकर हमें यहां पर ब्लॉक दोनों मिलते हैं अब आप एक ही रहे बिना जाने में खाएंगे क्या 6:00 तो इसको जानने का तरीका है कि अगर आपके जीवन में सब अच्छा हो रहा है आप समझ लीजिए कि आप पिछले जन्म के अच्छे थे इस जन्म से भिखारी अच्छे हैं और आप सुख का जीवन हो गया है लेकिन अगर आपको इस जन्म में तकलीफ भी उठाना पड़ रही है कष्ट उठाना पड़ रहा है या कोई नुकसान हो रहा है जान लीजिए क्योंकि पिछले जन्म के कर्म अच्छे नहीं थे और वर्तमान जन्म के कर्म अच्छे नहीं है इसलिए आपको तकलीफ हो रही है यार मखनिया में आप अपने कान में आपको अभी भी यह जानना चाहिए कि जब अभी और वर्तमान में आप को दंड मिल रहा है तो आप कभी भी अपने कार्यों को सारे और अच्छे से धर्मों में लगे ताकि आपको आपका यह जन्म अभी सुधरे और आने वाला भजन

dharam ke niyam ke hisab se hamein janam kyariyon ke liye agle pichle hamare hisab kitab dekhkar hamein yahan par block dono milte hain ab aap ek hi rahe bina jaane mein khayenge kya 6 00 toh isko jaanne ka tarika hai ki agar aapke jeevan mein sab accha ho raha hai aap samajh lijiye ki aap pichle janam ke acche the is janam se bhikhari acche hain aur aap sukh ka jeevan ho gaya hai lekin agar aapko is janam mein takleef bhi uthana pad rahi hai kasht uthana pad raha hai ya koi nuksan ho raha hai jaan lijiye kyonki pichle janam ke karm acche nahi the aur vartaman janam ke karm acche nahi hai isliye aapko takleef ho rahi hai yaar makhniya mein aap apne kaan mein aapko abhi bhi yah janana chahiye ki jab abhi aur vartaman mein aap ko dand mil raha hai toh aap kabhi bhi apne karyo ko saare aur acche se dharmon mein lage taki aapko aapka yah janam abhi sudhre aur aane vala bhajan

धर्म के नियम के हिसाब से हमें जन्म क्यारियों के लिए अगले पिछले हमारे हिसाब किताब देखकर हमे

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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कर्म के पिछले जन्म के कार्यों के लिए दंडित किया जाना कैसे 29 दिन आयो जाने कौन सी दुनिया में हो अपने आप में अलग तरह के नियम हम पिछले जन्म में हमने जो कर्म किए होते हैं अगर एक सपोर्ट में कंपन कि हमने किसी को बहुत ही दुख पहुंचाया था मारपीट की थी उसके साथ किया कुछ भी गलत बहुत ही अन्याय किया था उसके साथ तो हम उसके साथ कर्म बंधन और फिर इस जिंदगी में हम उसको मिले नहीं वह हमको मिलाने और हमारी मृत्यु हो गई है उसकी मृत्यु के कारण के बंधन बांधे जाते हैं बुरे कार्यों के हम जिसके प्रति बुरा कार्य करते हैं उसको हमको देना रहता है कर्म का फल और जो अच्छे कार्य करते हैं वह हमें लेना रहता है और जब हमारी मृत्यु हो जाती है तो उसे हमारी आत्मा निकल जाती है तो हम खुद ही तय करते हैं कि मुझे किसके पास से ज्यादा लेना है या किसके पास पर जा कर देना उसी के घर में हम जाकर जन्म लेते हैं उसी घर में जाकर जन्म लेती है और इस तरह से तय करते हैं कि हमको किस से लेना है हमको किसको देना है और हम ही तय करते हैं कि हमें किसके घर में जन्म लेना है उसी घर में जन्म होता है पिछले जन्म काम को खुशी याद तो रहता नहीं है और इस जन्म में हम कैसे छुपाते रहते हैं और क्या तो लेते रहते हैं कर्म का फल यहीं कर्म का सिद्धांत योग परिवार जो है उसके सिद्धांत के अनुसार यह सब बातें मैंने आपको बताई नहीं हो सकता है कि आपके दूसरे लोगों के विचार अलग भी हो सकते हैं लेकिन तब तो यह कहता है कि हमको मालूम नहीं है कि हम ने क्या कर्म किए थे और हम क्यों पड़ चुका रहे हैं जैसा कि एक और उदाहरण इस जन्म में हम कोई अपने माता पिता कबूतर खर्च करते रहते पूरी जिंदगी खर्च करते रहते माता-पिता की कमाई का और हम कमाते नहीं और माता-पिता देते रहते हैं देते हैं लेकिन टाइम पास होता है कि यह क्यों ऐसा हो रहा है कि मेरा लड़का क्यों नहीं कमा रहा है इतने उसके अच्छे आता है जवान है मेहनत कर सकता है फिर भी मेरी कमाई क्यों खर्चा किया जा रहा है और अगर उस पिता को कोई ज्ञानी पुरुष या कोई अच्छा धार्मिक वोट देने वाला मिल गया उसको जरूर बताता है कि आपके पिछले कर्मों के फल है उसको देना है इसीलिए घर में जन्म लिया क्योंकि उसको आप को लेना था यह उदाहरण जैसे भाई के रूप में भी होता है बहन के रूप में भी हो सकता है माता के रूप में भी हो सकता है वरना क्यों कोई पुत्र अपने पिता को कष्ट देता है अपने भाई को कष्ट देता है आपने भाई से कष्ट पाता है इस क्यों होता है यही सब बातों का जवाब है आपका दिन शुभ हो धन्यवाद

karm ke pichle janam ke karyo ke liye dandit kiya jana kaise 29 din aayo jaane kaun si duniya mein ho apne aap mein alag tarah ke niyam hum pichle janam mein humne jo karm kiye hote hai agar ek support mein kampan ki humne kisi ko bahut hi dukh pahunchaya tha maar peet ki thi uske saath kiya kuch bhi galat bahut hi anyay kiya tha uske saath toh hum uske saath karm bandhan aur phir is zindagi mein hum usko mile nahi vaah hamko milaane aur hamari mrityu ho gayi hai uski mrityu ke karan ke bandhan bandhe jaate hai bure karyo ke hum jiske prati bura karya karte hai usko hamko dena rehta hai karm ka fal aur jo acche karya karte hai vaah hamein lena rehta hai aur jab hamari mrityu ho jaati hai toh use hamari aatma nikal jaati hai toh hum khud hi tay karte hai ki mujhe kiske paas se zyada lena hai ya kiske paas par ja kar dena usi ke ghar mein hum jaakar janam lete hai usi ghar mein jaakar janam leti hai aur is tarah se tay karte hai ki hamko kis se lena hai hamko kisko dena hai aur hum hi tay karte hai ki hamein kiske ghar mein janam lena hai usi ghar mein janam hota hai pichle janam kaam ko khushi yaad toh rehta nahi hai aur is janam mein hum kaise chhupaate rehte hai aur kya toh lete rehte hai karm ka fal yahin karm ka siddhant yog parivar jo hai uske siddhant ke anusaar yah sab batein maine aapko batai nahi ho sakta hai ki aapke dusre logo ke vichar alag bhi ho sakte hai lekin tab toh yah kahata hai ki hamko maloom nahi hai ki hum ne kya karm kiye the aur hum kyon pad chuka rahe hai jaisa ki ek aur udaharan is janam mein hum koi apne mata pita kabootar kharch karte rehte puri zindagi kharch karte rehte mata pita ki kamai ka aur hum kamate nahi aur mata pita dete rehte hai dete hai lekin time paas hota hai ki yah kyon aisa ho raha hai ki mera ladka kyon nahi kama raha hai itne uske acche aata hai jawaan hai mehnat kar sakta hai phir bhi meri kamai kyon kharcha kiya ja raha hai aur agar us pita ko koi gyani purush ya koi accha dharmik vote dene vala mil gaya usko zaroor batata hai ki aapke pichle karmon ke fal hai usko dena hai isliye ghar mein janam liya kyonki usko aap ko lena tha yah udaharan jaise bhai ke roop mein bhi hota hai behen ke roop mein bhi ho sakta hai mata ke roop mein bhi ho sakta hai varna kyon koi putra apne pita ko kasht deta hai apne bhai ko kasht deta hai aapne bhai se kasht pata hai is kyon hota hai yahi sab baaton ka jawab hai aapka din shubha ho dhanyavad

कर्म के पिछले जन्म के कार्यों के लिए दंडित किया जाना कैसे 29 दिन आयो जाने कौन सी दुनिया मे

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कर्म के नियम कृष्ण जन्म के कार्य के डंडे से ज्यादा क्या उचित है देखो यह तो सिर्फ साधु-संतों ने कहा सुना दीजिए कोई ऐसा नहीं होता है अगर आप कहें कि पिछले जन्म में इससे पहले वाले जन्म क्या था इससे पहला क्या जनता जनता आप इंसान जब मैं योनि में आए तो बताओ कोई कभी तो आएंगे तो उसमें क्या कर्म किए थे तो इससे पहले वाला सबसे पहला रिजनिंग था उसमें कौन से कर्म आप ने की थी जो है ना उसके और से उसका आपको भुगत भुगतना पड़ा तो यह सब क्या है कि से खाने वाली बातें हैं डराने वाली बात है ना पिछले भगवान के पास इतना टाइम नहीं रहता कि वह आपके कर्मों का जो गाली खा चुका रखें यह तो आपके ऊपर डिपेंड करता है कि आप अपने जैसा आप बनाना चाहते हो और कुछ नहीं है भगवान का कोई रोल नहीं होता है ना कोई ऐसा कर्मों का जो होता है सिर्फ और सिर्फ यह आपको डरा के रखते हैं और कुछ नहीं है तो कोई ऐसा करूंगा नहीं होता नहीं तो पूरी अच्छा-अच्छा अच्छी कर्ण की तो उसका क्या हुआ ऐसा कुछ नहीं होता ना अच्छे कर्म होता कोई ना बुरे कर्म होता है सबका कराने वाला परमात्मा होता है आप पश्चात कि बाहर हो साक्षी रहेंगे तो वह साथ रहोगे बस और कुछ नहीं

karm ke niyam krishna janam ke karya ke dande se zyada kya uchit hai dekho yah toh sirf sadhu santo ne kaha suna dijiye koi aisa nahi hota hai agar aap kahein ki pichle janam mein isse pehle waale janam kya tha isse pehla kya janta janta aap insaan jab main yoni mein aaye toh batao koi kabhi toh aayenge toh usme kya karm kiye the toh isse pehle vala sabse pehla reasoning tha usme kaunsi karm aap ne ki thi jo hai na uske aur se uska aapko bhugat bhugatna pada toh yah sab kya hai ki se khane wali batein hain darane wali baat hai na pichle bhagwan ke paas itna time nahi rehta ki vaah aapke karmon ka jo gaali kha chuka rakhen yah toh aapke upar depend karta hai ki aap apne jaisa aap banana chahte ho aur kuch nahi hai bhagwan ka koi roll nahi hota hai na koi aisa karmon ka jo hota hai sirf aur sirf yah aapko dara ke rakhte hain aur kuch nahi hai toh koi aisa karunga nahi hota nahi toh puri accha accha achi karn ki toh uska kya hua aisa kuch nahi hota na acche karm hota koi na bure karm hota hai sabka karane vala paramatma hota hai aap pashchat ki bahar ho sakshi rahenge toh vaah saath rahoge bus aur kuch nahi

कर्म के नियम कृष्ण जन्म के कार्य के डंडे से ज्यादा क्या उचित है देखो यह तो सिर्फ साधु-संतो

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सागर वर्मा

ज्योतिष और वास्तु

2:02
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देखिए पिछले जन्मों के कर्मों का हिसाब किताब एचडी होता है और यह सच्चाई है कि जो हमने पिछले जन्मों का अच्छा और बुरा कर्म किया था उसी के अनुसार हमें इस जीवन में अच्छा और बुरा घर परिवार मित्र यार दोस्त मिलते हैं अब मान लीजिए कि हमारा कल हमारा पिछले जन्म में किसी ने पैसा खा लिया मार लिया तो हम इस जन्म में उस व्यक्ति के घर में जन्म लेंगे या उस व्यक्ति का रिश्ता हमसे बनेगा और हम किसी भी रूप में उसका पैसा मार लेंगे और हम उसका पैसा वापस नहीं देंगे चाहे उसको कितने ही जरूरत हो उसके चक्कर में हमारे उसे रिश्ते भी बिगड़ेंगे झगड़े भी होंगे कोर्ट के चड्डी भी होंगे लेकिन हम उसको पैसे नहीं देंगे तो हमें गाली गलौज करता रहेगा इसका यही मतलब होता है कि पिछले जन्म की उसने हमारे पैसे मारे थे इस जन्म में हमने उसके पैसे मारे और हम या फिर हम औलाद बंद करेंगे और उसकी औलाद बंद कर हम होती सेवा नहीं करेंगे और उसके धन की बर्बादी करेंगे और उसकी बदनामी करेंगे और तकलीफ देंगे और पिछले जन्म का एक और उदाहरण है कि जैसे एक पीपल का पेड़ किसी गंदी नाली के किनारे होता है जिस पर लोग मूत्र करते हैं और एक पीपल का पेड़ किसी मंदिर में होता है जिसकी लोग पूजा करते हैं एक कुत्ता गली में गली बनता है जिसको रोटी नहीं मिलती एक कुत्ता राजाओं की तरह गाड़ियों में जाता है जिसको बहुत सुख मिलता है यही पिछले जन्मों का कर्म होता है इसलिए व्यक्ति को दान धर्म कर्म करते रहना चाहिए अच्छा कार्य करें अपने तन मन धन वचन से किसी का दिल ना दुखा है इस को कष्ट न पहुंचाएं और भगवान का नाम जपता रहेगी मां बाप की सेवा करें छोटे को प्यार करें बड़ों का आदर करें और अपनी कमाई में से श्रद्धा अनुसार दान पुन

dekhiye pichle janmon ke karmon ka hisab kitab hd hota hai aur yah sacchai hai ki jo humne pichle janmon ka accha aur bura karm kiya tha usi ke anusaar hamein is jeevan mein accha aur bura ghar parivar mitra yaar dost milte hain ab maan lijiye ki hamara kal hamara pichle janam mein kisi ne paisa kha liya maar liya toh hum is janam mein us vyakti ke ghar mein janam lenge ya us vyakti ka rishta humse banega aur hum kisi bhi roop mein uska paisa maar lenge aur hum uska paisa wapas nahi denge chahen usko kitne hi zarurat ho uske chakkar mein hamare use rishte bhi bigdenge jhagde bhi honge court ke chaddee bhi honge lekin hum usko paise nahi denge toh hamein gaali galoj karta rahega iska yahi matlab hota hai ki pichle janam ki usne hamare paise maare the is janam mein humne uske paise maare aur hum ya phir hum aulad band karenge aur uski aulad band kar hum hoti seva nahi karenge aur uske dhan ki barbadi karenge aur uski badnami karenge aur takleef denge aur pichle janam ka ek aur udaharan hai ki jaise ek pipal ka ped kisi gandi nali ke kinare hota hai jis par log mutra karte hain aur ek pipal ka ped kisi mandir mein hota hai jiski log puja karte hain ek kutta gali mein gali baata hai jisko roti nahi milti ek kutta rajaon ki tarah gadiyon mein jata hai jisko bahut sukh milta hai yahi pichle janmon ka karm hota hai isliye vyakti ko daan dharm karm karte rehna chahiye accha karya kare apne tan man dhan vachan se kisi ka dil na dukha hai is ko kasht na paunchaye aur bhagwan ka naam japata rahegi maa baap ki seva kare chote ko pyar kare badon ka aadar kare aur apni kamai mein se shraddha anusaar daan pun

देखिए पिछले जन्मों के कर्मों का हिसाब किताब एचडी होता है और यह सच्चाई है कि जो हमने पिछले

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Amit Mishra

Teacher/Life advisor/Trainer/Network Marketing/Direct Selling Business

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कर्म के नियम रसायन के कार्यों के लिए दंडित किया जाना उचित है बिना यह जाने कि क्या रे किया था लेकिन मेरा मानना यह है कि जो माताजी की बातें होती हैं जो हमारे ऐसी चीजें जो धार्मिक हैं यदि आप यह चाहते हैं कि जिस भी चीज ओ क्लॉक को दंडित किया जा रहा है आपको जो समस्याएं हो रही है तो मैं आपको बता दूं जीवन का हिस्सा ही है समस्याएं तो बच्ची है यह जरूर करता है किसी को खुशियां ज्यादा मिलती हैं किसी को तुम ज्यादा मिलता है और अगर यदि आप मानते हैं अगले जन्म में ऐसा कुछ होगा तो जरूरी यह है कि आज के टाइम में आप अच्छे से अपने झुकाते हैं उन्हें अच्छे कार्य में अपना ध्यान लगाइए लोगों की मदद करिए किसी भी तरीके से किसी का अहित ना करें यह जरूरी है कि आप अभी अच्छा करके आगे आने वाले समय में आप अपने लिए कुछ अच्छा करें धन्यवाद

karm ke niyam rasayan ke karyo ke liye dandit kiya jana uchit hai bina yah jaane ki kya ray kiya tha lekin mera manana yah hai ki jo mataji ki batein hoti hain jo hamare aisi cheezen jo dharmik hain yadi aap yah chahte hain ki jis bhi cheez O clock ko dandit kiya ja raha hai aapko jo samasyaen ho rahi hai toh main aapko bata doon jeevan ka hissa hi hai samasyaen toh bachi hai yah zaroor karta hai kisi ko khushiya zyada milti hain kisi ko tum zyada milta hai aur agar yadi aap maante hain agle janam me aisa kuch hoga toh zaroori yah hai ki aaj ke time me aap acche se apne jhukate hain unhe acche karya me apna dhyan lagaaiye logo ki madad kariye kisi bhi tarike se kisi ka ahit na kare yah zaroori hai ki aap abhi accha karke aage aane waale samay me aap apne liye kuch accha kare dhanyavad

कर्म के नियम रसायन के कार्यों के लिए दंडित किया जाना उचित है बिना यह जाने कि क्या रे किया

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Ramandeep Singh

Waheguru industry

2:04
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देखिए कर्मों के नियम जो आपने लिखे हैं पिछले जन्म के कार्यों के लिए दंडित किया जाना तो दोस्त इसका जो दंड है गलत कर्मों का दंड है वह परमात्मा देता है इंसान तो दे नहीं सकता क्योंकि उसको पिछले कर्मों का पता कोई नहीं है इसका फैसला कर्म क्या है अब यह सवाल उठता है कि पहले परमात्मा हमें बताएं कि तेरा पिछला कर्म क्या है तो दोस्त पता करना ना करना यह हमारे ऊपर डिपेंड है हम कितने सूचित अवस्था में बहुत से इंसान ऐसे हैं जो सूचित अवस्था में उनको अपने पिछले कर्मों का सब पता है पिछले जन्म का सब पता है अब सवाल यह उठता है कुछ इंसान तो ऐसे हैं जिनको यही नहीं पता कि मैंने कल क्या खाया था कल क्या किया था कल क्या हुआ था तो पिछले जन्म तक जाने में उसको कितना वक्त लगेगा कितना बॉस उचित होगा यह तो आप भी समझदार हो अब दंड तो मिलना है ना जो कर्म हमने किए हैं वह दंड नहीं मिल रहा एक बात और मैं जवाब दे दो परमात्मा कभी किसी को दंड नहीं देता परमात्मा उस बीज का फल देता है जो हमने बीज बोया है उसका हमको फल मिला अब हम उस पल को खाएं हमने बीज क्या बोया है किसी के साथ क्या किया है उसके बदले में वह हजार गुना होकर क्योंकि बीज एक होता है धरती में पंजाब पड़ता है जो वो पेड़ बन जाता है तो उसमें वही फल बहुत ही ज्यादा लगते हैं वह सब फलों को इंसान को खाना पड़ता है चाहे वह अच्छा हो या बुरा हो कि तो दोस्त को दंड ना बोलकर अगर हम फल बोले तो कहीं ना कहीं ज्यादा अच्छा होगा परमात्मा कभी किसी को दंड नहीं देता उसको क्या जरूरत है दंड देने यह सब हमारे कर्मों पर डिपेंड है और हमारी सूचित अवस्था पर डिपेंड हम कितनी ज्यादा समझदार हो चुकी कितने ज्यादा जागृत अवस्था में कि हमको ऑफिस लेकर भी समझ में आ जाए धन्यवाद

dekhiye karmon ke niyam jo aapne likhe hain pichle janam ke karyo ke liye dandit kiya jana toh dost iska jo dand hai galat karmon ka dand hai vaah paramatma deta hai insaan toh de nahi sakta kyonki usko pichle karmon ka pata koi nahi hai iska faisla karm kya hai ab yah sawaal uthata hai ki pehle paramatma hamein bataye ki tera pichla karm kya hai toh dost pata karna na karna yah hamare upar depend hai hum kitne suchit avastha me bahut se insaan aise hain jo suchit avastha me unko apne pichle karmon ka sab pata hai pichle janam ka sab pata hai ab sawaal yah uthata hai kuch insaan toh aise hain jinako yahi nahi pata ki maine kal kya khaya tha kal kya kiya tha kal kya hua tha toh pichle janam tak jaane me usko kitna waqt lagega kitna boss uchit hoga yah toh aap bhi samajhdar ho ab dand toh milna hai na jo karm humne kiye hain vaah dand nahi mil raha ek baat aur main jawab de do paramatma kabhi kisi ko dand nahi deta paramatma us beej ka fal deta hai jo humne beej boya hai uska hamko fal mila ab hum us pal ko khayen humne beej kya boya hai kisi ke saath kya kiya hai uske badle me vaah hazaar guna hokar kyonki beej ek hota hai dharti me punjab padta hai jo vo ped ban jata hai toh usme wahi fal bahut hi zyada lagte hain vaah sab falon ko insaan ko khana padta hai chahen vaah accha ho ya bura ho ki toh dost ko dand na bolkar agar hum fal bole toh kahin na kahin zyada accha hoga paramatma kabhi kisi ko dand nahi deta usko kya zarurat hai dand dene yah sab hamare karmon par depend hai aur hamari suchit avastha par depend hum kitni zyada samajhdar ho chuki kitne zyada jagrit avastha me ki hamko office lekar bhi samajh me aa jaaye dhanyavad

देखिए कर्मों के नियम जो आपने लिखे हैं पिछले जन्म के कार्यों के लिए दंडित किया जाना तो दोस्

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इस प्रकार का दंड किसी भी प्रधान द्वारा नहीं लिया था लेकिन जैसा हम कर्म करते हैं वैसा फल मिलता है और जैसा हम करते हैं वैसा माल असबाब बचत निर्माण होता है तो यही है किसी के द्वारा इस प्रकार का तेल लेकर कोई कोई अधिकार नहीं है लेकिन असर पड़ता है जो भी हमारे द्वारा कर्म किए गए हैं उसके सबसे माला स्वभाव और चरित्र निर्माण होता है उसकी हमें अच्छे कर्म करते रहना चाहिए और ईश्वर प्राप्ति के लिए मस्जिद ईश्वर की आराधना उपासना कर हमें पेस्ट कर कर्म करते हुए समाज राष्ट्र धर्म जाति के उत्थान के लिए और अपनी मदद अपने जो है उत्थान के लिए हो तो ईश्वर प्राप्ति के लिए आराधना उपासना करके अपने मन को भगवान के अधिक नजदीक ले आने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि इससे बात करके फ्रैंकी करने बाद

is prakar ka dand kisi bhi pradhan dwara nahi liya tha lekin jaisa hum karm karte hain waisa fal milta hai aur jaisa hum karte hain waisa maal asabab bachat nirmaan hota hai toh yahi hai kisi ke dwara is prakar ka tel lekar koi koi adhikaar nahi hai lekin asar padta hai jo bhi hamare dwara karm kiye gaye hain uske sabse mala swabhav aur charitra nirmaan hota hai uski hamein acche karm karte rehna chahiye aur ishwar prapti ke liye masjid ishwar ki aradhana upasana kar hamein paste kar karm karte hue samaj rashtra dharm jati ke utthan ke liye aur apni madad apne jo hai utthan ke liye ho toh ishwar prapti ke liye aradhana upasana karke apne man ko bhagwan ke adhik nazdeek le aane ka prayas karna chahiye kyonki isse baat karke frainki karne baad

इस प्रकार का दंड किसी भी प्रधान द्वारा नहीं लिया था लेकिन जैसा हम कर्म करते हैं वैसा फल मि

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Nirmala

Teacher Counsellor

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जय किशन मौर्य

टेलर मास्टर

7:04
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पिछले जन्मों का कर्म के फल इसी जन्म में मिलता है मैं इस बात को साबित कर सकता हूं हां यह हो सकता है कि हमने पिछले जन्म में क्या किया वह हमें याद नहीं रहता है याद क्यों नहीं रहता है उसका कारण है कि पिछले जन्म में जो हमारा मस्त था जो हमारा मन था जो हमारी बुद्धि थी उस पिछले जन्म के शरीर के साथ उसका नाश हो गया मगर उस शरीर रूपी कर में जो है वह हमारे आत्मा में कामना रूपी बीच की तरह पढ़ा रहा और इस जन्म में उसका परिणाम हमें मिलता है मैं आपको समझाता हूं पिछले जन्म जन्मों का फल इसी जन्म में मिलता है हम आप एक बात को समझिए एक ही समय एक ही एक ही मुहूर्त में दो बालक जन्म लेते हैं एक टाटा बिरला के घर पैदा होकर के उपाय दा होते हैं सारे सुखों से संबंध हो जाता है और एक ही समय में एक किसी गरीब रिक्शा वाले के घर पर बच्चा पैदा होते ही गरीब हो जाता है और सारे दुखों से गिर जाता है आखिर इसका कारण क्या है वह दोनों ही बच्चे जो टाटा बिरला के घर में जन्म लिया बच्चा उसने कोई पुण्य नहीं किया लेकिन क्यों वह सारे सुखों से संपन्न हो गया और एक गरीब के घर में रिक्शा चालक के घर में बच्चा पैदा होते ही उसने कोई पाप नहीं किया है लेकिन सारे दुखों से गिर गया आप सोचिए और समझिए कि जब दोनों बच्चे कोई कर्म किए ही नहीं अभी वह पैदा हुए हैं तो दोनों के साथ भेज अलग अलग क्यों है दोनों के साथ एक जैसा क्यों नहीं है क्यों दोनों करीब क्यों नहीं हो गए या दोनों अमीर क्यों नहीं हो गए इससे सिद्ध होता है कि हमारे पिछले जन्मों का कर्म ही हमारे सुख दुख का कारण होता है नहीं तो एक ही काल में पैदा हुआ बच्चा एक सुख भोगे पर एक दुख हो गए ऐसा कैसे हो सकता है जब अभी-अभी इस अभी सिद्ध होता है उसने पैदा हुआ कोई कर्म किया ही नहीं अच्छा बुरा उसे सुख-दुख क्यों मिलना है इससे सिद्ध होता है हमारे पिछले जन्म के कर्म ही हमारे सुख-दुख के कारण हैं क्योंकि इंसान इंसान का जो कर्म होता है जो कामनाएं होती हैं वह कामनाएं हमारे आत्मा के अंदर सूची बीच की तरह हमारे मन के साथ हमारे हाथ मन में पड़ी रहती हैं जब हम दूसरा जन्म लेते हैं तो इस जन्म में हमारी ज्योति परीक्षाएं होती हैं जो हमारे कर्म होते हैं उसके फल हमें इस जन्म में मिलते हैं ऐसा नहीं है कि सिर्फ हमें पिछले जन्म के ही कर्मों के फल मिलते हैं हमें इस जन्म के भी कर्म के फल मिलते हैं हमारे कर्म सम्मिलित होते हैं हमारे कुछ कर्म हमारे हमें अभी नहीं जाते हैं कुछ कमी पिछले जन्म के होते हैं मैं आपको समझाता हूं आप बहुत ध्यान से समझे कई लोगों का भला हो जाए जैसे पिछले जन्मों का कर्म क्या है जैसे मैं मैं किसी से झगड़ा नहीं किया अचानक को याद करके हमें गाली दिया और दो मार दिया अब आप बताइए कि हमने कुछ किया ही नहीं फिर भी और यह अक्सर किसी न किसी के साथ हर किसी के साथ उसके जीवन में एक बार दो बार हर किसी के जीवन में ऐसा हुआ है कोई अचानक आया मैं गाली दे दिया हमने कोई गलती नहीं किया या मार दिया हमने कोई गलती नहीं किया कभी न कभी होते रहता है आप बताइए हमने हमने कुछ किया ही नहीं तो उसने हमारे साथ आके बुरा बर्ताव क्यों किया इससे सिद्ध होता है कि पिछले जन्म में हमने कुछ उसके साथ अच्छा नहीं किया था किसी और के साथ अच्छा नहीं किया था इसीलिए हमारे पिछले जन्म के कर्म जो थे हमारे जो भोकते हमारे सामने खड़े हो गए पिछले जन्म का कर्म में बहुत प्रकार से मिलते हैं और इस जन्म के भीतर में बहुत प्रकार से मिलते हैं इस जन्म में भी फल हमें तुरंत मिलता है मान लीजिए किसी को ने गाली दिया उस पर मार दिया तुरंत तुरंत इस जन्म कब हुआ हम जो कर्म किए उसका फल मिला यही जन्म का है जो हमने कर्म नहीं किया फिर भी वह फल मिला पिछले जन्म का है यह दोनों कर्म और उसके फल सम्मिलित होते हैं घुले मिले से होते हैं हम हमारा मन इतना चंचल है हम इतने चंचल हैं उन कर्मों को समझ नहीं पाते उस पल को समझ नहीं पाते हैं इसीलिए हम पता नहीं कर पाते हैं कि कौन सा फल हमारा पिछले जन्मों का है कौन सा फल इस जन्म का है लेकिन मिलता दोनों ही है इसलिए आप समझिए और यह बहुत सूक्ष्म रहस्य है इसे इतनी आसानी से समझा नहीं जा सकता है जो समझ जाता है वह शांति को प्राप्त हो जाता है जो नहीं समझता है इसी प्रकार के तर्क में उलझा रहता है बे रहता है उसकी जिंदगी में हलचल रहता है हमें हमारे सामने जो भी आता है उसे हमें सीखा शिव का शिकार करना चाहिए और अपने जीवन को जीना चाहिए कर्म किसे कहते हैं और उसके बदले का जो फल मिलता है वह क्या होता है आप सही तरीके से समझ लीजिए कर्म उसे कहते हैं जो हम बार-बार प्रयत्न करने के बाद जो हमें मिलता है उसे हम कर्म कहते हैं और जो बिना कर्म किए अनायास ही प्राप्त हो जाए जैसे हम रास्ते में गए हमें गिरा हुआ धन मिल गया या नहीं हमें कोई मेहनत नहीं किया लेना चानक प्राप्त हो गया हमने किसी से झगड़ा नहीं किया और अचानक हमसे झगड़ा कर लिया यानी जो बिना परिश्रम के मिलता है उसे ही हम प्रारब्ध कहते हैं उसे हम तुम्हें जन्मों का फल कहते हैं चाहे वह अच्छा हो या बुरा हो और जो इस जन्म में मेहनत करके हमें प्राप्त होता है उसे हम इस जन्म का फल कहते हैं इस जन्म में जो कर्म करते हैं उसका फल कहते हैं दोनों सम्मिलित हैं दोनों को समझ कर के इंसान शांति को प्राप्त हो सकता है और जो नहीं समझ पाता है वह हमेशा अशांत रहता है दुखी रहता है इसी प्रकार से तर्क करते रहता है और तर्क करते करते 1 दिन इस संसार से चला जाता है उसे कुछ समझ में नहीं आता है धन्यवाद दोस्तों को

pichle janmon ka karm ke fal isi janam me milta hai main is baat ko saabit kar sakta hoon haan yah ho sakta hai ki humne pichle janam me kya kiya vaah hamein yaad nahi rehta hai yaad kyon nahi rehta hai uska karan hai ki pichle janam me jo hamara mast tha jo hamara man tha jo hamari buddhi thi us pichle janam ke sharir ke saath uska naash ho gaya magar us sharir rupee kar me jo hai vaah hamare aatma me kamna rupee beech ki tarah padha raha aur is janam me uska parinam hamein milta hai main aapko samajhaata hoon pichle janam janmon ka fal isi janam me milta hai hum aap ek baat ko samjhiye ek hi samay ek hi ek hi muhurt me do balak janam lete hain ek tata birala ke ghar paida hokar ke upay the hote hain saare sukho se sambandh ho jata hai aur ek hi samay me ek kisi garib riksha waale ke ghar par baccha paida hote hi garib ho jata hai aur saare dukhon se gir jata hai aakhir iska karan kya hai vaah dono hi bacche jo tata birala ke ghar me janam liya baccha usne koi punya nahi kiya lekin 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jo nahi samajh pata hai vaah hamesha ashant rehta hai dukhi rehta hai isi prakar se tark karte rehta hai aur tark karte karte 1 din is sansar se chala jata hai use kuch samajh me nahi aata hai dhanyavad doston ko

पिछले जन्मों का कर्म के फल इसी जन्म में मिलता है मैं इस बात को साबित कर सकता हूं हां यह हो

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सवाल यह है कि पिछले जन्म के कार्यों के लिए दंडित किया जाना कैसे उचित है बिना यह जाने कि वे कार्य क्या थे इसके जवाब में मैं यह कहना चाहूंगी कि मेरे हिसाब से पिछले जन्म के कार्यों का डंड आपको जन्म में नहीं मिलता है आपको इसलिए जन्म के कार्यों का दान इसी जन्म में मिल जाता है क्योंकि ईश्वर कोई इंसान की तरीके से अपनी चीजों को पेंडिंग नहीं रखता है भगवान मेरे हिसाब से बहुत ही ज्यादा अप टू डेट सुपर पावर और साथ ही साथ प्रैक्टिकल है वह आपको कभी ग्रे शेड में नहीं देखते हैं वह आपको हमेशा ब्लैक एंड वाइट शेड में रखते हैं उनके यहां पर जो गलत है वह गलत है जो सही है वह सही है चैट चैट हां जो चीज सही लगती है लेकिन उस करने का तरीका गलत है या कुछ भी तो उस सूरत में वह आपका इंटेंशंस देखते हैं किसी कार्य को करते वक्त आपके मन में क्या इंटेंशंस थे उसके पीछे क्या रीज़न था वह बात की तह तक जाते हैं और फिर डिसाइड करते हैं क्या अब आपको इस चीज की क्या पनिशमेंट मिलनी चाहिए या रिकॉर्ड मिलना चाहिए यह गलत है या सही है वह सारी चीजें डिपेंड करती है कि आपने किसी कार्य को किस इंटेंशन से किया है किस प्रयोजन से किया है और उसके पीछे करने का आपका मकसद क्या है तो यह सवाल के हमें इस जन्म में अगर कोई तकलीफ होगी पड़ रही है वह पिछले जन्म का हमारा कोई कार्य सा ऐसा नहीं है मेरे भाई आपको इसी जन्म की तकलीफ इसी जन्म में भोगनी पड़ेगी और वह करने के पीछे अगर आप देखेंगे मतलब ठीक है आप जितनी आसानी से दूसरों को जांच कर लेते हैं क्या उतनी इमानदारी से आपने खुद को कभी जज किया है आज आपको कोई तकलीफ होती है तो आप उसका ब्लेम भी दूसरों के ऊपर लगाने लगते हैं क्या आपने खुद के काम तो मैं शांति से कहीं बैठकर यह सोचने की कोशिश की है कि यह तकलीफ क्यों हुई है अंश और क्या करा प्रेजेंटेशन आपको अपने अंदर ही मिल जाएगा कहीं ना कहीं आप थोड़ा सा पीछे जाएंगे अपनी जिंदगी में तो आपको अपना आंसर खुद ही मिल जाएगा क्योंकि ऊपर वाले ने इंसान में इतना दिमाग दिया है इतनी जिसे बोलेंगे कि सोचने समझने की शक्ति दी है कि इंसान अगर उसका थोड़ा सा यूज कर लेना तो भगवान को घड़ी-घड़ी परेशान करने की नौबत ही नहीं आएगी आप खुद अकेले में बैठ कर कि सिर्फ यह सोचिए कि आज जो हुआ है कहीं यह चीज मैंने करी तो नहीं है वह कहावत आपने सुनी होगी कि ऊपर वाले की लाठी में आवाज नहीं होती है और अगर आपने गीता पढ़ा होगा तो उसमें भी साफ लिखा है कि ईश्वर किसी ना किसी कार्य के लिए किसी ना किसी को निमित्त बनाता है पुराने लोग कहते हैं अक्सर के भगवान अपने सिर पर नहीं लेते हो किसी ना किसी के 2 करवाते हैं तो आपको आपके धन्नो की तो सजा मिल रही है वह किसी ना किसी के तू ही मिलेगी बट वह आपको इसी जन्म की सजा और कई बार हम देखते हैं इस तरीके से के आप फॉरेन एग्जांपल आज आपके बच्चे हैं जो आपकी बात नहीं समझ पा रहे हैं आप की कही हुई बातों को फॉलो नहीं कर रहे हैं आपके प्यार को गलत ले रहे हैं आपकी केयर उनको बंदिश लग रही है बॉउंडेशन लग रही है आपको लगेगा कि जनरेशन का प्रॉब्लम है आज की जनरेशन ऐसी है थोड़ा सा पीछे जाए कुत्ते की एक एचएफ आप अपनी टीनएज में थे जब आप धीरे-धीरे बढ़ रहे थे आगे जा रहे थे तो आपके मां-बाप ने भी शायद इसी तरीके का प्यार दिखाएं होगा इसी तरीके से आपकी केयर करी होगी तो आपको फाउंडेशन लिखी होगी हो सकता है कई चीजों पर आपके और आपके मां-बाप के विचार भी तालमेल नहीं खा रहे थे और आज सिम कि आपकी और आपके बच्चों के बीच में हो रहा है यह कोई ऐसा नहीं है कि गलती की सजा मिल रही है लेकिन भगवान आपको सिग्नल देता रहता है और अक्सर आपके साथ में वही चीज है रिपीटेडली होती रहती है क्योंकि अगर मैं अपनी लाइफ को पर्सनली देखूं मैं किसी और का एग्जांपल देना ही नहीं चाहती मेरे साथ में ऐसा बहुत बार हुआ है कि मैंने किस रूप में किसी को हर्ट किया है या तकलीफ पहुंचाई है उसी रूप में मुझे भी आज से 5 साल बाद 10 साल बाद यह कभी भी हर्ट होता है जब मैं यह चीज सोचती हूं कि यार मैंने तो ऐसा कभी किया ही नहीं था तो ऐसा नहीं होता है हम भूल जाते हैं कि हम क्या क्या कर के बैठे हुए हैं हमने कितना गलत काम किया हुआ है और जब सजा की बारी आती है तो हम पिछले कर्मों के ऊपर डाल देते हैं कि हां यह कोई पिछले जन्म का होगा पिछले जन्म की मेमोरी कोरिकॉल नहीं कर सकते रीस्टोर नहीं कर सकते इस जन्म की तो कर सकते हैं तो कम से कम इस जनम को अपने दिमाग से मत निकलने दीजिए अपने हर कर्म को थोड़ा सा ध्यान से देखिए कोशिश करिए कि किसी को तकलीफ ना हो किसी को चोट ना पहुंचे किसी का दिल ना दुखे ऊपर वाले की भक्ति करिए कर्म करते रहिए फल की इच्छा मत करिए हमारे जितने भी वेद निशा जितने भी है शास्त्र उन सब में आकर समस्याओं का हल हल किया हुआ है तो इन शॉर्ट इस जन्म का फल आपको इसी जन्म में मिलेगा आगे किसी भी जन्म में वह कैरिओं नहीं होने वाला है जो है सब यही है आप स्वर्ग भी यही बोलेंगे और नरक भी यही भूख आ जाएंगे

sawaal yah hai ki pichle janam ke karyo ke liye dandit kiya jana kaise uchit hai bina yah jaane ki ve karya kya the iske jawab me main yah kehna chahungi ki mere hisab se pichle janam ke karyo ka dand aapko janam me nahi milta hai aapko isliye janam ke karyo ka daan isi janam me mil jata hai kyonki ishwar koi insaan ki tarike se apni chijon ko pending nahi rakhta hai bhagwan mere hisab se bahut hi zyada up to date super power aur saath hi saath practical hai vaah aapko kabhi grey shaida me nahi dekhte hain vaah aapko hamesha black and white shaida me rakhte hain unke yahan par jo galat hai vaah galat hai jo sahi hai vaah sahi hai chat chat haan jo cheez sahi lagti hai lekin us karne ka tarika galat hai ya kuch bhi toh us surat me vaah aapka intenshans dekhte hain kisi karya ko karte waqt aapke man me kya intenshans the uske peeche kya region tha vaah baat ki tah tak jaate hain aur phir decide karte hain kya ab aapko is cheez ki kya punishment milani chahiye ya record milna chahiye yah galat hai ya sahi hai vaah saari cheezen depend karti hai ki aapne kisi karya ko kis intention se kiya hai kis prayojan se kiya hai aur uske peeche karne ka aapka maksad kya hai toh yah sawaal ke hamein is janam me agar koi takleef hogi pad rahi hai vaah pichle janam ka hamara koi karya sa aisa nahi hai mere bhai aapko isi janam ki takleef isi janam me bhogni padegi aur vaah karne ke peeche agar aap dekhenge matlab theek hai aap jitni aasani se dusro ko jaanch kar lete hain kya utani imaandari se aapne khud ko kabhi judge kiya hai aaj aapko koi takleef hoti hai toh aap uska blame bhi dusro ke upar lagane lagte hain kya aapne khud ke kaam toh main shanti se kahin baithkar yah sochne ki koshish ki hai ki yah takleef kyon hui hai ansh aur kya kara presentation aapko apne andar hi mil jaega kahin na kahin aap thoda sa peeche jaenge apni zindagi me toh aapko apna answer khud hi mil jaega kyonki upar waale ne insaan me itna dimag diya hai itni jise bolenge ki sochne samjhne ki shakti di hai ki insaan agar uska thoda sa use kar lena toh bhagwan ko ghadi ghadi pareshan karne ki naubat hi nahi aayegi aap khud akele me baith kar ki sirf yah sochiye ki aaj jo hua hai kahin yah cheez maine kari toh nahi hai vaah kahaavat aapne suni hogi ki upar waale ki lathi me awaaz nahi hoti hai aur agar aapne geeta padha hoga toh usme bhi saaf likha hai ki ishwar kisi na kisi karya ke liye kisi na kisi ko nimitt banata hai purane log kehte hain aksar ke bhagwan apne sir par nahi lete ho kisi na kisi ke 2 karwaate hain toh aapko aapke dhanno ki toh saza mil rahi hai vaah kisi na kisi ke tu hi milegi but vaah aapko isi janam ki saza aur kai baar hum dekhte hain is tarike se ke aap foreign example aaj aapke bacche hain jo aapki baat nahi samajh paa rahe hain aap ki kahi hui baaton ko follow nahi kar rahe hain aapke pyar ko galat le rahe hain aapki care unko bandish lag rahi hai baundeshan lag rahi hai aapko lagega ki generation ka problem hai aaj ki generation aisi hai thoda sa peeche jaaye kutte ki ek hf aap apni teenage me the jab aap dhire dhire badh rahe the aage ja rahe the toh aapke maa baap ne bhi shayad isi tarike ka pyar dikhaen hoga isi tarike se aapki care kari hogi toh aapko foundation likhi hogi ho sakta hai kai chijon par aapke aur aapke maa baap ke vichar bhi talmel nahi kha rahe the aur aaj sim ki aapki aur aapke baccho ke beech me ho raha hai yah koi aisa nahi hai ki galti ki saza mil rahi hai lekin bhagwan aapko signal deta rehta hai aur aksar aapke saath me wahi cheez hai repeatedly hoti rehti hai kyonki agar main apni life ko personally dekhu main kisi aur ka example dena hi nahi chahti mere saath me aisa bahut baar hua hai ki maine kis roop me kisi ko heart kiya hai ya takleef pahunchai hai usi roop me mujhe bhi aaj se 5 saal baad 10 saal baad yah kabhi bhi heart hota hai jab main yah cheez sochti hoon ki yaar maine toh aisa kabhi kiya hi nahi tha toh aisa nahi hota hai hum bhool jaate hain ki hum kya kya kar ke baithe hue hain humne kitna galat kaam kiya hua hai aur jab saza ki baari aati hai toh hum pichle karmon ke upar daal dete hain ki haan yah koi pichle janam ka hoga pichle janam ki memory korikal nahi kar sakte restore nahi kar sakte is janam ki toh kar sakte hain toh kam se kam is janam ko apne dimag se mat nikalne dijiye apne har karm ko thoda sa dhyan se dekhiye koshish kariye ki kisi ko takleef na ho kisi ko chot na pahuche kisi ka dil na dukhe upar waale ki bhakti kariye karm karte rahiye fal ki iccha mat kariye hamare jitne bhi ved nisha jitne bhi hai shastra un sab me aakar samasyaon ka hal hal kiya hua hai toh in short is janam ka fal aapko isi janam me milega aage kisi bhi janam me vaah kairion nahi hone vala hai jo hai sab yahi hai aap swarg bhi yahi bolenge aur narak bhi yahi bhukh aa jaenge

सवाल यह है कि पिछले जन्म के कार्यों के लिए दंडित किया जाना कैसे उचित है बिना यह जाने कि वे

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