इस्कॉन संगठन को लेकर इतनी आलोचना क्यों होती है?...


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mohit

8307747204 Founder Abhyasa Yogshala

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कोई भी संस्था हो उसको अच्छा बोलने वाले भी होते हैं और उसकी बुराई करने वाले भी होते हैं तो हमें इन सब चीजों को एक तरफ करते हुए अपने अच्छे कार्यों को समाज की सेवा को लेकर आगे बढ़ना चाहिए और हमें लोग क्या बोल रहे हैं उस ओर ध्यान नहीं देना चाहिए जहां हमें सही लगे चाहे वह कोई संस्था हो चाहे वह कभी हम खुद से कर रहे हो हमें उस और एक ईमानदारी के साथ आगे चलता जाना चाहिए धन्यवाद

koi bhi sanstha ho usko accha bolne waale bhi hote hain aur uski burayi karne waale bhi hote hain toh hamein in sab chijon ko ek taraf karte hue apne acche karyo ko samaj ki seva ko lekar aage badhana chahiye aur hamein log kya bol rahe hain us aur dhyan nahi dena chahiye jaha hamein sahi lage chahen vaah koi sanstha ho chahen vaah kabhi hum khud se kar rahe ho hamein us aur ek imaandaari ke saath aage chalta jana chahiye dhanyavad

कोई भी संस्था हो उसको अच्छा बोलने वाले भी होते हैं और उसकी बुराई करने वाले भी होते हैं तो

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सुरेन्द्र पाल गुप्ता

रिटायर्ड प्रधानाचार्य

1:19
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्कूल संगठन श्री कृष्ण की भक्ति को लेकर अपने आप को प्रचारित करायें इस मैसेज कृष्ण की भक्ति को कौन से अधिक महत्व दिया जा रहा है और इसमें विदेशी लोग भी शामिल हैं इस्कॉन के मंदिर भारत में अनेक स्थानों पर है किलो हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम राम हरे हरे कृष्ण को प्रमुखता से हल्दिया हुआ है हेलो सके तो कोई बात नहीं है प्रत्येक लोगों को अपना संगठन बनाने की कृती धार्मिक संप्रदाय की छूट है तो शिक्षण के धर्म प्रचार में लगे हुए हैं और श्रीकृष्ण की भक्ति का आशा करते हैं अतः हुसैन के अनुयाई और श्रीकृष्ण को इन्होंने प्रमुख स्थान दिया है धन्यवाद

school sangathan shri krishna ki bhakti ko lekar apne aap ko pracharit karayen is massage krishna ki bhakti ko kaun se adhik mahatva diya ja raha hai aur isme videshi log bhi shaamil hain iskcon ke mandir bharat me anek sthano par hai kilo hare krishna hare krishna krishna krishna krishna hare hare hare ram hare ram ram ram ram hare hare krishna ko pramukhta se haldia hua hai hello sake toh koi baat nahi hai pratyek logo ko apna sangathan banane ki kriti dharmik sampraday ki chhut hai toh shikshan ke dharm prachar me lage hue hain aur shrikrishna ki bhakti ka asha karte hain atah hussain ke anuyayi aur shrikrishna ko inhone pramukh sthan diya hai dhanyavad

स्कूल संगठन श्री कृष्ण की भक्ति को लेकर अपने आप को प्रचारित करायें इस मैसेज कृष्ण की भक्ति

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Brijesh Kumar

Journalist And Spritual/Yog/Pranic Healing Practitioner.

3:32
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस्कॉन संगठन को लेकर इतनी आलोचना क्यों होती है सिर्फ इस्कॉन की आलोचना होती है ऐसा नहीं है आपने देखा होगा कई संत महात्मा पर आरोप लगते हैं उनको जेल तक भेज दिया जाता है एक गलत इल्जाम में उनको कठोर कारावास की सजा ए होते हुए भी हमने देखा है तो यह क्यों होता है इस्कॉन है या और कोई धार्मिक संस्कार है यह क्यों हर वक्त किसी के टारगेट पर रहती है इसका एकमात्र कारण है क्योंकि यह जो संस्था है जो धार्मिक गुरु है कौन है यह भारत के संस्कृति का प्रसार प्रचार कर रही है सिर्फ प्रसार प्रचार नहीं कर रही है असरकारक प्रचार प्रचार कर रही है यह लोगों के दिल दिमाग में अपनी अपना एक प्रभाव छोड़ रही है लोग कृष्ण भक्त बन रहे हैं गीता से जुड़ रहे हैं भागवत से जुड़ रहे रामायण से जुड़ रहे हैं भगवान के नाम से हिंदू तो हिंदू मुस्लिम ईसाई यहूदी बहुत सारे दुनिया के लाखों लाखों करोड़ों लोग इसको हमसे जुड़ रहे हैं तो स्वाभाविक है जिसको धर्मांतरण का धंधा करना है उसको यह सब पसंद नहीं आता है और धर्मांतरण करना धर्म धर्मेंद्र का जो धंधा करते हैं जो जो रिलीजियस वाले मजहब वाले जो भी है मीडिया वह बहुत पावरफुल ऑफिस है पूरी दुनिया पर उनका कंट्रोल रहता है तो भारत का मीडिया भी उनसे संचालित रहता है तो ऐसे में सिर्फ इसको ही नहीं और भी कोई संत कोई संस्था होती है तो उसकी आलोचना होती है इस कौन से भी ज्यादा आलोचना कई संतों की हुई है और हो रही है वैसे ही स्कूल में ऐसा कुछ अलग करने लायक कुछ है नहीं व्यक्ति में 200 सकता है लेकिन कोई संस्था में ऐसा कोई दोस्त होता नहीं कि भारत के कोई नेता खराब है तो भारत खराब नहीं होता है वह नेता खराब है लेकिन इस संस्था में कोई एकाध आदमी से खुद घुस गए होते हैं तो इससे वह संस्था खराब नहीं हो जाती है इसको और दूसरी बात कौन टूटा गेट करें टाइप भारतीय लोगों में भी इसको टारगेट में रहता है जो हिंदू वर्षा के कारण हम हिंदुओं में बहुत बड़े इंसान रहती है वर्षा के कारण स्कूल को टारगेट करते हैं जैसे हमारे हिंदू होकर भी शंकराचार्य की संप्रदाय चलते हैं दूसरे भी ढेर सारे संप्रदाय चलते हैं जो बरसों से भारत में काम कर रहे हैं फिर भी उनका उतना प्रभाव नहीं है लेकिन इस्कॉन इस्कॉन ने पूरी दुनिया में अपना प्रभाव छोड़ दिया है लाखो गोरे गोरियों को हरे राम हरे कृष्णा करता कर दिया है तो कोई संस्था अप होती है उनसे संस्था वाले भी उसको क्रिटिसाइज करने लग जाते हैं उसका कारण हिंसा हिंदुओं में एक टांग खींचने की जो प्रथाएं ना यह बहुत खराब है आशा करता हूं कि आप मेरी बात समझ रहे होंगे या समझ चुके होंगे इसको उनकी आलोचना करना ठीक नहीं है ऐसा मेरा मानना है कि उसकी आलोचना होती है तो इसका एक ही कारण है क्योंकि इस कॉल बहुत अच्छा काम कर रही है और एक अच्छा संगठन है इसलिए दुरुस्त लोग उसकी आलोचना कर रहे हैं हरे कृष्णा कैसे मेरे कोई स्कूल का अनुयाई नहीं हूं यह ध्यान रखिए

iskcon sangathan ko lekar itni aalochana kyon hoti hai sirf iskcon ki aalochana hoti hai aisa nahi hai aapne dekha hoga kai sant mahatma par aarop lagte hain unko jail tak bhej diya jata hai ek galat illajam me unko kathor karavas ki saza a hote hue bhi humne dekha hai toh yah kyon hota hai iskcon hai ya aur koi dharmik sanskar hai yah kyon har waqt kisi ke target par rehti hai iska ekmatra karan hai kyonki yah jo sanstha hai jo dharmik guru hai kaun hai yah bharat ke sanskriti ka prasaar prachar kar rahi hai sirf prasaar prachar nahi kar rahi hai asarakarak prachar prachar kar rahi hai yah logo ke dil dimag me apni apna ek prabhav chhod rahi hai log krishna bhakt ban rahe hain geeta se jud rahe hain bhagwat se jud rahe ramayana se jud rahe hain bhagwan ke naam se hindu toh hindu muslim isai yahudi bahut saare duniya ke laakhon laakhon karodo log isko humse jud rahe hain toh swabhavik hai jisko dharmanataran ka dhandha karna hai usko yah sab pasand nahi aata hai aur dharmanataran karna dharm dharmendra ka jo dhandha karte hain jo jo rilijiyas waale majhab waale jo bhi hai media vaah bahut powerful office hai puri duniya par unka control rehta hai toh bharat ka media bhi unse sanchalit rehta hai toh aise me sirf isko hi nahi aur bhi koi sant koi sanstha hoti hai toh uski aalochana hoti hai is kaun se bhi zyada aalochana kai santo ki hui hai aur ho rahi hai waise hi school me aisa kuch alag karne layak kuch hai nahi vyakti me 200 sakta hai lekin koi sanstha me aisa koi dost hota nahi ki bharat ke koi neta kharab hai toh bharat kharab nahi hota hai vaah neta kharab hai lekin is sanstha me koi ekadh aadmi se khud ghus gaye hote hain toh isse vaah sanstha kharab nahi ho jaati hai isko aur dusri baat kaun tuta gate kare type bharatiya logo me bhi isko target me rehta hai jo hindu varsha ke karan hum hinduon me bahut bade insaan rehti hai varsha ke karan school ko target karte hain jaise hamare hindu hokar bhi shankaracharya ki sampraday chalte hain dusre bhi dher saare sampraday chalte hain jo barson se bharat me kaam kar rahe hain phir bhi unka utana prabhav nahi hai lekin iskcon iskcon ne puri duniya me apna prabhav chhod diya hai lakho gore goriyon ko hare ram hare krishna karta kar diya hai toh koi sanstha up hoti hai unse sanstha waale bhi usko criticize karne lag jaate hain uska karan hinsa hinduon me ek taang kheenchne ki jo prathaen na yah bahut kharab hai asha karta hoon ki aap meri baat samajh rahe honge ya samajh chuke honge isko unki aalochana karna theek nahi hai aisa mera manana hai ki uski aalochana hoti hai toh iska ek hi karan hai kyonki is call bahut accha kaam kar rahi hai aur ek accha sangathan hai isliye durast log uski aalochana kar rahe hain hare krishna kaise mere koi school ka anuyayi nahi hoon yah dhyan rakhiye

इस्कॉन संगठन को लेकर इतनी आलोचना क्यों होती है सिर्फ इस्कॉन की आलोचना होती है ऐसा नहीं है

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Pravin Pathak (Pawangaurang Das)

Account Manager/Priest

4:32
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Sunil Kumar Pandey

Editor & Writer

0:44
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नमस्कार आप इतना क्यों होती क्योंकि जब करते हैं लेकिन ऐसा जवाब चौराहों से लोग का खर्चा चलता है इसीलिए चंद्रप्रकाश खान मंदिरों पर आकर

namaskar aap itna kyon hoti kyonki jab karte hain lekin aisa jawab chaurahon se log ka kharcha chalta hai isliye chandraprakash khan mandiro par aakar

नमस्कार आप इतना क्यों होती क्योंकि जब करते हैं लेकिन ऐसा जवाब चौराहों से लोग का खर्चा चलता

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दिखे तो कुछ दुकान खुली होती है उसके दुकान में पूजा दूसरी दुकान खुल जाती है बगल में तो उसका लोग विरोध करते हैं नहीं करते इसी तरह से धार में पंडित जी अपने ध्यान में और इस तरफ ध्यान नहीं लगाते यह जानते कि वह खुल गया तो लोगों का कृष्ण उधर भी बढ़ेगा उधर भी लोग पैसा देंगे दान देंगे इनके दाम में कमी आ जाएगी कभी चंदा भी मंदिर में अमृत पंडित रवि पुजारी पुजारी बैठे होते हैं भगवान पर भरोसा नहीं करते हैं के लोगों को चलते हैं दान के नाम पर इसलिए लोग उसकी आलोचना करते हैं क्योंकि जो कुछ हमारे भारत में आरिफ खान मंदिर तो ऐसे जो 1 सेंटर बनाए गए हैं जो वाकई ईश्वर की सेवा करने के लिए बनाए गए वह जितनी श्रद्धा भक्ति से जो कार्य करते हैं उतना हमारे मंदिरों में बैठकर के भोग विलास के लोग हैं यह लोगों को ठग ते हैं ईश्वर की सत्यता को नहीं बताते हैं लोगों को ठग करके अगर आप पैसा ना दे उनको दर्शन उसमें भी भ्रष्टाचार व्याप्त है इसलिए उनका विरोध करते हैं

dikhe toh kuch dukaan khuli hoti hai uske dukaan me puja dusri dukaan khul jaati hai bagal me toh uska log virodh karte hain nahi karte isi tarah se dhar me pandit ji apne dhyan me aur is taraf dhyan nahi lagate yah jante ki vaah khul gaya toh logo ka krishna udhar bhi badhega udhar bhi log paisa denge daan denge inke daam me kami aa jayegi kabhi chanda bhi mandir me amrit pandit ravi pujari pujari baithe hote hain bhagwan par bharosa nahi karte hain ke logo ko chalte hain daan ke naam par isliye log uski aalochana karte hain kyonki jo kuch hamare bharat me arif khan mandir toh aise jo 1 center banaye gaye hain jo vaakai ishwar ki seva karne ke liye banaye gaye vaah jitni shraddha bhakti se jo karya karte hain utana hamare mandiro me baithkar ke bhog vilas ke log hain yah logo ko thug te hain ishwar ki satyata ko nahi batatey hain logo ko thug karke agar aap paisa na de unko darshan usme bhi bhrashtachar vyapt hai isliye unka virodh karte hain

दिखे तो कुछ दुकान खुली होती है उसके दुकान में पूजा दूसरी दुकान खुल जाती है बगल में तो उसका

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

1:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

स्थान जो संगठन को लेकर के इतनी आलोचना क्यों होती है इसका ञ्जो हो संगठन है उसमें बालकों को शिव को शिक्षा भी दी जाती है और इस कान संगठन ब्रह्मचर्य का संगठन हुआ करता है और जो ब्रह्मचर्य है वह बहुत कठोर हुआ करता है हर व्यक्ति ब्रह्मचारी नहीं हो पाता है और इस प्रकार से इस संगठन में ब्रह्मचर्य जो है वह बालकुम पर उस प्रकार का यौन उत्पीड़न होता है और ऐसे भी केस देखे गए हैं इस कारण इस कारण संगठन में कई बच्चों ने यौन उत्पीड़न की शिकायतें भी की है इस प्रकार से इसकी आलोचना की जाती है यह धार्मिक क्षेत्र में यह संगठन अच्छा कार्य कर रहा है लेकिन यह जो ब्रह्मचारी व्रत का जो पालन है वह पालन वह सभी लोग नहीं कर पाते हैं यह इसकी आलोचना का एक प्रमुख कारण हुआ करता है

sthan jo sangathan ko lekar ke itni aalochana kyon hoti hai iska nyjo ho sangathan hai usme baalakon ko shiv ko shiksha bhi di jaati hai aur is kaan sangathan brahmacharya ka sangathan hua karta hai aur jo brahmacharya hai vaah bahut kathor hua karta hai har vyakti brahmachari nahi ho pata hai aur is prakar se is sangathan me brahmacharya jo hai vaah balkum par us prakar ka yaun utpidan hota hai aur aise bhi case dekhe gaye hain is karan is karan sangathan me kai baccho ne yaun utpidan ki shikayaten bhi ki hai is prakar se iski aalochana ki jaati hai yah dharmik kshetra me yah sangathan accha karya kar raha hai lekin yah jo brahmachari vrat ka jo palan hai vaah palan vaah sabhi log nahi kar paate hain yah iski aalochana ka ek pramukh karan hua karta hai

स्थान जो संगठन को लेकर के इतनी आलोचना क्यों होती है इसका ञ्जो हो संगठन है उसमें बालकों को

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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जो लोग इस कान संगठन का आलोचना करते हैं यह गलत करते हैं इस्कॉन संगठन के लोग भगवान श्री कृष्ण की पूजा करते हैं भगवान श्री कृष्ण में उनकी आस्था होती है अपना पूरा सुख संपत्ति छोड़कर भगवान श्री कृष्ण के भजन में वह लीन हो जाते हैं इस्कॉन संगठन के माध्यम से हमारे सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार पूरी दुनिया में हो रहा है दुनिया के सामने इस्कॉन के लोग यह रखने का प्रयास कर रहे हैं कि नहीं सनातन धर्म की जो परंपरा है यह सबसे पहले पहली परंपरा है और इस परंपरा से हमें हटना नहीं चाहिए हमें भागना नहीं चाहिए और जो धर्म हमारे विश्व में स्थापित हुआ है वह धर्म मानव के द्वारा निर्मित किया गया है और भगवान श्री कृष्ण और भगवान श्री राम यह स्वयं भगवान ने के अवतरित अवतार थे और गुरु नानक देव जी मोहम्मद साहब ईसा मसीह यह लोग महापुरुष थे यह लोग भगवान नहीं थे तो इस्कॉन संगठन के लोग काफी अच्छा कार्य कर रहे हैं इनकी आलोचना नहीं करनी चाहिए बल्कि हमें इनकी तारीफ करनी चाहिए और इनसे हमें कुछ सीखना चाहिए जब इनसे हमारे सनातन धर्म के लोग कुछ सीखेंगे तो हमारे धर्म का प्रचार-प्रसार और तेजी से बढ़ेगा और पूरे विश्व में सनातन धर्म की परंपरा एक बार फिर से लागू होगी और पूरे विश्व में शांति की स्थापना होगी धन्यवाद

dekhiye jo log is kaan sangathan ka aalochana karte hain yah galat karte hain iskcon sangathan ke log bhagwan shri krishna ki puja karte hain bhagwan shri krishna mein unki astha hoti hai apna pura sukh sampatti chhodkar bhagwan shri krishna ke bhajan mein vaah Lean ho jaate hain iskcon sangathan ke madhyam se hamare sanatan dharm ka prachar prasaar puri duniya mein ho raha hai duniya ke saamne iskcon ke log yah rakhne ka prayas kar rahe hain ki nahi sanatan dharm ki jo parampara hai yah sabse pehle pehli parampara hai aur is parampara se hamein hatna nahi chahiye hamein bhaagna nahi chahiye aur jo dharm hamare vishwa mein sthapit hua hai vaah dharm manav ke dwara nirmit kiya gaya hai aur bhagwan shri krishna aur bhagwan shri ram yah swayam bhagwan ne ke avtarit avatar the aur guru nanak dev ji muhammad saheb isa masih yah log mahapurush the yah log bhagwan nahi the toh iskcon sangathan ke log kaafi accha karya kar rahe hain inki aalochana nahi karni chahiye balki hamein inki tareef karni chahiye aur inse hamein kuch sikhna chahiye jab inse hamare sanatan dharm ke log kuch sikhenge toh hamare dharm ka prachar prasaar aur teji se badhega aur poore vishwa mein sanatan dharm ki parampara ek baar phir se laagu hogi aur poore vishwa mein shanti ki sthapna hogi dhanyavad

देखिए जो लोग इस कान संगठन का आलोचना करते हैं यह गलत करते हैं इस्कॉन संगठन के लोग भगवान श्र

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसान संगठन भारत में विदेशी मूल के लोगों के द्वारा चलाया जाता है एक धार्मिक संगठन है और भारत में तेजी से विस्तार विस्तार हो रहा है मुझे नहीं पता कि इसकी आलोचना हो रही है और कौन लोग करते हैं लेकिन मैं इतना जानता हूं किसान संगठन देश में तेजी से विस्तार करने वाला संगठनों और अध्यात्म में और भगवान की मूर्ति बड़ी लगन और चेतना होती है बड़े धार्मिक मां के पूजन में निरंतर लगे रहते

kisan sangathan bharat mein videshi mul ke logo ke dwara chalaya jata hai ek dharmik sangathan hai aur bharat mein teji se vistaar vistaar ho raha hai mujhe nahi pata ki iski aalochana ho rahi hai aur kaun log karte hain lekin main itna jaanta hoon kisan sangathan desh mein teji se vistaar karne vala sangathano aur adhyaatm mein aur bhagwan ki murti badi lagan aur chetna hoti hai bade dharmik maa ke pujan mein nirantar lage rehte

किसान संगठन भारत में विदेशी मूल के लोगों के द्वारा चलाया जाता है एक धार्मिक संगठन है और भा

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Anil Kumar Tiwari

Yoga, Meditation & Astrologer

2:14
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न है इस्कॉन संगठन को लेकर इतनी आलोचना क्यों होती है पहली बार इस इस कान संगठन भारती नहीं है विदेशी है और विदेशियों ने सीधे साधे भाटी जो भक्त होते हैं उनकी नस को पकड़ लिया है कि जो सीधे-साधे भक्त होते हैं वह कृष्ण के प्रेम में कृष्ण की भक्ति में कुछ भी कर सकते हैं और जितना चढ़ावा आता है आर्थिक रूप से यह कहां जाएगा जब यह स्थान का ही मंदिर है तो मंदिरों में जो भी दान दक्षिणा चढ़ावा आएगा वह कहां जाएगा आप खुद सोच सकते हैं और चढ़ावा कितना आता है इसका भी कभी-कभी अनुमान लगाइए कि नोट मंदिरों में गुरुद्वारों में नोट की गुरुद्वार तुम्हे बालाजी तिरुपति पुर सुंदर इधर आपके तिरुपति बालाजी में कितने नोट आते हैं कि बोरोस बोरों में भरे जाते हैं और गिनने के लिए मशीनें होती हैं ट्राली वह में नोट धोए धोए जाते हैं इतना आता है नोट दान के रूप में चढ़ावे के रूप में तो क्या इस्कॉन मंदिर में नहीं आएगा और जब इस्कॉन मंदिर भारती नहीं है बाहर का है तो सारी संपत्ति भारत की कहां जाएगी यह हाल वह भारत की भोली-भाली जनता इस बात को नहीं समझती है अब भक्ति में बहकर के कुछ भी कर बोकर गुजरती उसको कुछ पता नहीं है अरे तुम्हें कृष्ण को पूजना है कृष्ण तुम्हारे हैं मथुरा के कृष्ण भक्ति तुम्हारी है पूछने को किसने मना किया है मगर नहीं जहां तू जाएगा वहां दान भी करेगा दक्षिणा भी करेगा वैसे भी चढ़ा आएगा तो सब कहां जाए ओके खुश हो सकते हैं कि आखिर इसकी आलोचना का कारण क्या है कि इसके कि इस कान संगठन की इतनी आलोचना होती है सीएसआर समझदार है

prashna hai iskcon sangathan ko lekar itni aalochana kyon hoti hai pehli baar is is kaan sangathan bharati nahi hai videshi hai aur videshiyon ne sidhe saadhe bhati jo bhakt hote hain unki nas ko pakad liya hai ki jo sidhe saadhe bhakt hote hain vaah krishna ke prem mein krishna ki bhakti mein kuch bhi kar sakte hain aur jitna chadhava aata hai aarthik roop se yah kahaan jaega jab yah sthan ka hi mandir hai toh mandiro mein jo bhi daan dakshina chadhava aayega vaah kahaan jaega aap khud soch sakte hain aur chadhava kitna aata hai iska bhi kabhi kabhi anumaan lagaaiye ki note mandiro mein gurudwaron mein note ki gurudwar tumhe balaji tirupati pur sundar idhar aapke tirupati balaji mein kitne note aate hain ki boros boron mein bhare jaate hain aur ginane ke liye mashinen hoti hain trali vaah mein note dhoe dhoe jaate hain itna aata hai note daan ke roop mein chadhave ke roop mein toh kya iskcon mandir mein nahi aayega aur jab iskcon mandir bharati nahi hai bahar ka hai toh saree sampatti bharat ki kahaan jayegi yah haal vaah bharat ki bholi bhali janta is baat ko nahi samajhti hai ab bhakti mein bahkar ke kuch bhi kar bokar gujarati usko kuch pata nahi hai are tumhe krishna ko pujna hai krishna tumhare hain mathura ke krishna bhakti tumhari hai poochne ko kisne mana kiya hai magar nahi jaha tu jaega wahan daan bhi karega dakshina bhi karega waise bhi chadha aayega toh sab kahaan jaaye ok khush ho sakte hain ki aakhir iski aalochana ka karan kya hai ki iske ki is kaan sangathan ki itni aalochana hoti hai CSR samajhdar hai

प्रश्न है इस्कॉन संगठन को लेकर इतनी आलोचना क्यों होती है पहली बार इस इस कान संगठन भारती नह

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Harish Chand

Social Worker

1:03
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आप धर्म के मार्ग को इसलिए तो आपको लेकर के भी आलोचनाएं होने शुरू हो जाएंगे यह प्रकृति है व्यक्ति की कि आप भले ही कम ज्ञान रखते हैं या ज्यादा रखते हैं अगर आपके सामने कोई दृष्टांत देता है आप उसके जाने के बाद उसकी आलोचना करना शुरू कर दूंगा यही जो संगठन है इसका हो गया रामकृष्ण हो गया आर्य समाज हो गए एक दूसरे के ऊपर कटाक्ष करते रहते हैं यह कोई ज्यादा बड़ी बात नहीं है और इन चीजों पर ध्यान नहीं देना चाहिए और अपना कर्म करते रहना चाहिए आशा है आपके दिलो-दिमाग पर ही चीज पराई डालेगी और आप इस तरह की बातें दोबारा नहीं कहीं जाए

dekhiye aap dharm ke marg ko isliye toh aapko lekar ke bhi aalochanaen hone shuru ho jaenge yah prakriti hai vyakti ki ki aap bhale hi kam gyaan rakhte hain ya zyada rakhte hain agar aapke saamne koi drishtant deta hai aap uske jaane ke baad uski aalochana karna shuru kar dunga yahi jo sangathan hai iska ho gaya ramakrishna ho gaya arya samaj ho gaye ek dusre ke upar kataksh karte rehte hain yah koi zyada badi baat nahi hai aur in chijon par dhyan nahi dena chahiye aur apna karm karte rehna chahiye asha hai aapke dilo dimag par hi cheez parai daalegee aur aap is tarah ki batein dobara nahi kahin jaaye

देखिए आप धर्म के मार्ग को इसलिए तो आपको लेकर के भी आलोचनाएं होने शुरू हो जाएंगे यह प्रकृति

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Rahul

Motivation ki machine

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स्कूल की आलोचना करने वाले मूर्ख होते हैं गधे होता है एक नंबर के मायावती होते हैं या नहीं होते हैं उनको कुछ पता होता नहीं है अपने मुंह को लग जाते हैं अभी तक बुद्धि के बेस पर पहले आपने उसी को बारे में जाना है क्या कि वह कितना सही है क्या है क्या नहीं है अपने-अपने तर्क देने लग जाते हैं गलत है यह है वह भाई इसको नगर नहीं होता तो आज पूरे का पूरा समाज फर्स्ट हो चुका होता तो हो ही रहा है जो लोग इन चीजों को नहीं माने आध्यात्मिक को नहीं समझ गए अपनी संस्कृति को नहीं बचा रहे अपनी संस्कृति को फोन नहीं करते पता नहीं तुमको पसंद तो हो ही जाए वेश्यालय मदिरा लिए क्लब पता नहीं कितने तरीके गलत गलत काम कसाई खाने सब चीजें तो पब्लिकली ओपन रहती है तब लोगों ने खोल दे तब मामा खा लेंगे गुटखा खा लेंगे सिगरेट पी लेंगे हैं तब कुछ नहीं बोलेंगे लोग अब तो बड़े हो जाएंगे अहो पार्टी करेंगे और पार्टी के नाम पर इन चीजों को खोला प्रदर्शन करेंगे लेकिन बात ध्यान की बात आती है और समाज के बारे में चलता की टांग खींचते हैं अभी क्या कर रही है थोड़ा मूड को थोड़ा दिमाग लगाओ पहले चीज को समझो

school ki aalochana karne waale murkh hote hain gadhe hota hai ek number ke mayawati hote hain ya nahi hote hain unko kuch pata hota nahi hai apne mooh ko lag jaate hain abhi tak buddhi ke base par pehle aapne usi ko bare mein jana hai kya ki vaah kitna sahi hai kya hai kya nahi hai apne apne tark dene lag jaate hain galat hai yah hai vaah bhai isko nagar nahi hota toh aaj poore ka pura samaj first ho chuka hota toh ho hi raha hai jo log in chijon ko nahi maane aadhyatmik ko nahi samajh gaye apni sanskriti ko nahi bacha rahe apni sanskriti ko phone nahi karte pata nahi tumko pasand toh ho hi jaaye vaishyalaya madira liye club pata nahi kitne tarike galat galat kaam kasai khane sab cheezen toh publicly open rehti hai tab logo ne khol de tab mama kha lenge gutkha kha lenge cigarette p lenge hain tab kuch nahi bolenge log ab toh bade ho jaenge aho party karenge aur party ke naam par in chijon ko khola pradarshan karenge lekin baat dhyan ki baat aati hai aur samaj ke bare mein chalta ki taang khichte hain abhi kya kar rahi hai thoda mood ko thoda dimag lagao pehle cheez ko samjho

स्कूल की आलोचना करने वाले मूर्ख होते हैं गधे होता है एक नंबर के मायावती होते हैं या नहीं ह

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इस्कॉन संगठन को लेकर इतनी आलोचना क्यों होती है यह प्रश्न एक बड़ा वैचारिक व्यवहारिक प्रशन है आलोचना मतलब आपको पता ही है श्री भगवत महापुराण में कहा गया है कि श्री कृष्ण ने अपने आप पता है कि हे पार्थ तुम जो भी कर्म करते हो उस कर्म हर करम है मुझे देखो वह मेरे समर्पित करके करो अब इस कॉल में अगर आप की रासलीला और उसको मुख्यतः लेकर चलते हैं भक्ति में तो उसमें कोई बुराई नहीं है यह आलोचनात्मक तथ्य नहीं है भक्ति किसी भी रूप में किसी भी तरह से उस परमेश्वर के प्रवचनों से निहाल लगाने का एक मतलब है तो आलोचक जो है उनको यह सोचने की आवश्यकता है जो किस नजरिए से उस सदस्य को देख रहे हैं उस व्यक्ति के तथ्य को उनके देखने का क्या नजरिया है

iskcon sangathan ko lekar itni aalochana kyon hoti hai yah prashna ek bada vaicharik vyavaharik prashn hai aalochana matlab aapko pata hi hai shri bhagwat mahapuran me kaha gaya hai ki shri krishna ne apne aap pata hai ki hai parth tum jo bhi karm karte ho us karm har karam hai mujhe dekho vaah mere samarpit karke karo ab is call me agar aap ki raslila aur usko mukhyata lekar chalte hain bhakti me toh usme koi burayi nahi hai yah aalochanaatmak tathya nahi hai bhakti kisi bhi roop me kisi bhi tarah se us parmeshwar ke pravachanon se nihal lagane ka ek matlab hai toh aalochak jo hai unko yah sochne ki avashyakta hai jo kis nazariye se us sadasya ko dekh rahe hain us vyakti ke tathya ko unke dekhne ka kya najariya hai

इस्कॉन संगठन को लेकर इतनी आलोचना क्यों होती है यह प्रश्न एक बड़ा वैचारिक व्यवहारिक प्रशन ह

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