क्या भविष्य में विज्ञान यह निष्कर्ष निकालेगा कि आत्मा, पुनर्जन्म, आदि मौजूद हैं या नहीं?...


user

Bharat Bhushan Sharma

Doctorate/Traveller

3:09
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भविष्य में विज्ञान यह निष्कर्ष निकालेगा की आत्मा पुनर्जन्म आदि मौजूद है या नहीं इसके बारे में साफ तौर पर कुछ कहना मेरे विचार में मुश्किल है हां हम अभी तक यह बात तो जरूर निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि विज्ञान को अभी तक अभी तक किसी आत्मा का या पुनर्जन्म का कोई डांस पर बहुत ही सॉलिड कोई बहुत ही ठोस सबूत उनके हाथ में नहीं लगा है ऐसा भी नहीं है कि इन विषयों पर कुछ काम नहीं हुआ है सायकेट्री के एक मशहूर प्रोफेसर प्रोफेसर यान ट्यूशन उन्होंने रिइनकारनेशन यानी कि पुनर्जन्म के काफी के सिस्को स्टडी किया है लेकिन यहां पर नोट करने वाली बात यह है कि वह उनका काम सायकेट्री की पुलिस में रहा है और सेक्रेटरी की जो प्लेट है अभी तक यह पूर्णतया विज्ञान की फ्लाइट में डिवेलप नहीं हो पाई है कि विज्ञान के पास पुनर्जन्म या आत्मा के बहुत ही सॉलिडेरिटी अवेलेबल अभी तक नहीं है लेकिन भविष्य में साइंस में क्या होगा यह कहना अभी मुश्किल है अगर भविष्य में कोई भी एविडेंस इस प्रकार का जो की आत्मा की तरह किया पुनर्जन्म की तरफ इंगित करता है तो कौन जाने कल को आत्मा या पुनर्जन्म इनके ऊपर भी कोई एक सॉलिड एक साइंटिफिक छोरी डिवेलप हो सकती है आज हमारे पास इस प्रकार के सबूतों का अभाव है तो हां यह कहते हैं कि अभी तक हमें आत्मा का या परमात्मा का या पुनर्जन्म का कोई भी सबूत नहीं मिला है डॉक्टर स्टीफन हॉकिंग परमात्मा को इसलिए नकारते हैं क्योंकि अभी तक जो हमारी अपने यूनिवर्स को लेकर अंडरस्टैंडिंग है उसको समझने के लिए केवल फिजिक्स के रूल ही पर्याप्त है साइंस के नियम ही पर्याप्त हैं आज की डेट में सबूतों का अभाव यह बिल्कुल ही दृश्यता की आत्मा और परमात्मा नहीं होती है या फिर होती है केवल वैज्ञानिक सबूत साइंटिफिक एविडेंस ही इस बात को बता सकते हैं कि आत्मा यह परमात्मा है या नहीं है और भव्य समय क्या हमें ऐसे एविडेंस मिल पाएंगे यह मेरे विचार में भी कहा नहीं जा सकता धन्यवाद

kya bhavishya me vigyan yah nishkarsh nikalega ki aatma punarjanm aadi maujud hai ya nahi iske bare me saaf taur par kuch kehna mere vichar me mushkil hai haan hum abhi tak yah baat toh zaroor nishchit taur par keh sakte hain ki vigyan ko abhi tak abhi tak kisi aatma ka ya punarjanm ka koi dance par bahut hi solid koi bahut hi thos sabut unke hath me nahi laga hai aisa bhi nahi hai ki in vishyon par kuch kaam nahi hua hai sayketri ke ek mashoor professor professor yaan tuition unhone riinakarneshan yani ki punarjanm ke kaafi ke Cisco study kiya hai lekin yahan par note karne wali baat yah hai ki vaah unka kaam sayketri ki police me raha hai aur secretary ki jo plate hai abhi tak yah purnataya vigyan ki flight me develop nahi ho payi hai ki vigyan ke paas punarjanm ya aatma ke bahut hi salideriti available abhi tak nahi hai lekin bhavishya me science me kya hoga yah kehna abhi mushkil hai agar bhavishya me koi bhi evidence is prakar ka jo ki aatma ki tarah kiya punarjanm ki taraf ingit karta hai toh kaun jaane kal ko aatma ya punarjanm inke upar bhi koi ek solid ek scientific chhori develop ho sakti hai aaj hamare paas is prakar ke sabuton ka abhaav hai toh haan yah kehte hain ki abhi tak hamein aatma ka ya paramatma ka ya punarjanm ka koi bhi sabut nahi mila hai doctor stephen hawking paramatma ko isliye nakarate hain kyonki abhi tak jo hamari apne Universe ko lekar understanding hai usko samjhne ke liye keval physics ke rule hi paryapt hai science ke niyam hi paryapt hain aaj ki date me sabuton ka abhaav yah bilkul hi drishyata ki aatma aur paramatma nahi hoti hai ya phir hoti hai keval vaigyanik sabut scientific evidence hi is baat ko bata sakte hain ki aatma yah paramatma hai ya nahi hai aur bhavya samay kya hamein aise evidence mil payenge yah mere vichar me bhi kaha nahi ja sakta dhanyavad

क्या भविष्य में विज्ञान यह निष्कर्ष निकालेगा की आत्मा पुनर्जन्म आदि मौजूद है या नहीं इसके

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  109
WhatsApp_icon
25 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Rajan Pandey

Social Worker

0:30
Play

Likes  4  Dislikes    views  120
WhatsApp_icon
user

Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

0:49
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे धर्म ग्रंथों के अनुसार यह बात आज भी सत्य है कि आत्मा पुनर्जन्म की मौजूदगी है और मौजूद भी हैं यदि आप यह सोच रहे हैं जैसा कि आपका सवाल कि भविष्य में विज्ञान निष्कर्ष निकल पाएगा अनुष्का से निकालने की बात सत्य है जितने भी धार्मिक ग्रंथ हैं उन सभी में यह बताया गया है कि इंसान एक ऐसी सत्यता से उर्जा से चलता है जिसको आत्मा बोलते हैं यार वह बोलते हैं तो आज भी सिद्ध है और रही बात पुनर्जन्म की तो यह भी कुछ धार्मिक धारणाएं हैं कुछ लोग मानते हैं कि पुनर्जन्म होता है और यह बात शत प्रतिशत सत्य है आज भी तो इसमें भविष्य में निष्कर्ष निकालने की कोई जरूरत नहीं कहती यह बात आज भी धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सत्य है धन्यवाद

dekhe dharm granthon ke anusaar yah baat aaj bhi satya hai ki aatma punarjanm ki maujudgi hai aur maujud bhi hain yadi aap yah soch rahe hain jaisa ki aapka sawaal ki bhavishya mein vigyan nishkarsh nikal payega anushka se nikalne ki baat satya hai jitne bhi dharmik granth hain un sabhi mein yah bataya gaya hai ki insaan ek aisi satyata se urja se chalta hai jisko aatma bolte hain yaar vaah bolte hain toh aaj bhi siddh hai aur rahi baat punarjanm ki toh yah bhi kuch dharmik dharnae hain kuch log maante hain ki punarjanm hota hai aur yah baat shat pratishat satya hai aaj bhi toh isme bhavishya mein nishkarsh nikalne ki koi zarurat nahi kehti yah baat aaj bhi dharmik granthon ke anusaar satya hai dhanyavad

देखे धर्म ग्रंथों के अनुसार यह बात आज भी सत्य है कि आत्मा पुनर्जन्म की मौजूदगी है और मौजूद

Romanized Version
Likes  84  Dislikes    views  1668
WhatsApp_icon
user

महेश दुबे

कवि साहित्यकार

0:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विज्ञान और धर्म एक ही सिक्के के दो पहलू हैं हमारे यहां पुराने जमाने में जितने ऋषि थी वह सब एक तरह से वैज्ञानिक थे और जीवन जीना भी एक तरह की वैज्ञानिकता ही है वैज्ञानिक ढंग से जीवन को कैसे जिया जाए यही संत बताया करते थे विज्ञान धीरे-धीरे बहुत सारी चीजों की परतें भरने की कोशिश कर रहा है और हो सकता है कि वह इन सब बातों के बारे में भी पता लगा ले

vigyan aur dharm ek hi sikke ke do pahaloo hain hamare yahan purane jamane mein jitne rishi thi vaah sab ek tarah se vaigyanik the aur jeevan jeena bhi ek tarah ki vaigyanikata hi hai vaigyanik dhang se jeevan ko kaise jiya jaaye yahi sant bataya karte the vigyan dhire dhire bahut saree chijon ki paratein bharne ki koshish kar raha hai aur ho sakta hai ki vaah in sab baaton ke bare mein bhi pata laga le

विज्ञान और धर्म एक ही सिक्के के दो पहलू हैं हमारे यहां पुराने जमाने में जितने ऋषि थी वह स

Romanized Version
Likes  47  Dislikes    views  987
WhatsApp_icon
play
user
0:35

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विज्ञान कभी भी यह निष्कर्ष दे ही नहीं सकता है कि आत्मा नहीं होती है पुनर्जन्म नहीं होता है विज्ञान इस कोशिश में लगा हुआ है कि आत्मा को कैसे विजयपाल जा सके तो एक बार रुक ज्ञान भी सोने की कोशिश भी की है लेकिन सफलता नहीं मिली है और कभी विज्ञान आत्मा और पुनर्जन्म भविष्य के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं भेज सकता है

vigyan kabhi bhi yah nishkarsh de hi nahi sakta hai ki aatma nahi hoti hai punarjanm nahi hota hai vigyan is koshish mein laga hua hai ki aatma ko kaise vijayapal ja sake toh ek baar ruk gyaan bhi sone ki koshish bhi ki hai lekin safalta nahi mili hai aur kabhi vigyan aatma aur punarjanm bhavishya ke bare mein koi nishkarsh nahi bhej sakta hai

विज्ञान कभी भी यह निष्कर्ष दे ही नहीं सकता है कि आत्मा नहीं होती है पुनर्जन्म नहीं होता है

Romanized Version
Likes  96  Dislikes    views  1962
WhatsApp_icon
user

Shashi

Author, Spiritual Blogger

4:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भविष्य भविष्य में बहुत ज्यादा यहां तक कि मैं यहां तक कह दिया था और उन्होंने बहुत सारी खोज के बाद जो उनका सबसे बड़ी खुश थी तब बिग बैंग थ्योरी का कहना है कि अतीक भाई चोरी की बातचीत किडनैपिंग था उसको उसने काफी जो दूध दूध दूध दूध दूध दूध दूध दूध हमारे इतिहास में हमारे पुराने समय में शायद ही बहुत को आगे बढ़कर टिकट हासिल किया और यह सृष्टि की रचना एक्सप्लोजन 13106 बिलियन मेरा कहना यह है कि हमारे पंडित उपनिषद पहला शोध शुरू होता है इसको इंग्लिश में ट्रांसलेट करो इंग्लिश में कहा जाएगा तब तक तो आप हमें इस चीज को 5 साल को वैज्ञानिक तौर पर करने की कोशिश नहीं की कॉपी पेस्ट करके बैठ बैठ के लिए गणित निष्कर्ष निकाला कि ऐसा आत्मा का अस्तित्व सारे वैज्ञानिकों सालों से काम कर सकता है जीवन काल में निकले या नहीं निकले लेकिन मेरी अंतरात्मा में राष्ट्रपति को पूजा कैसे होती है यह सब तो चलता रहेगा लेकिन मुझे इसकी को छू कर देगा की आत्मा जो बिजली कनेक्शन इंतजार

bhavishya bhavishya mein bahut zyada yahan tak ki main yahan tak keh diya tha aur unhone bahut saree khoj ke baad jo unka sabse baadi khush thi tab big bang theory ka kehna hai ki atik bhai chori ki batchit kidnaiping tha usko usne kaafi jo doodh doodh doodh doodh doodh doodh doodh doodh hamare itihas mein hamare purane samay mein shayad hi bahut ko aage badhkar ticket hasil kiya aur yah shrishti ki rachna explosion 13106 billion mera kehna yah hai ki hamare pandit upanishad pehla shodh shuru hota hai isko english mein translate karo english mein kaha jaega tab tak toh aap hamein is cheez ko 5 saal ko vaigyanik taur par karne ki koshish nahi ki copy paste karke baith baith ke liye ganit nishkarsh nikaala ki aisa aatma ka astitva saare vaigyaniko salon se kaam kar sakta hai jeevan kaal mein nikle ya nahi nikle lekin meri antaraatma mein rashtrapati ko puja kaise hoti hai yah sab toh chalta rahega lekin mujhe iski ko chu kar dega ki aatma jo bijli connection intejar

भविष्य भविष्य में बहुत ज्यादा यहां तक कि मैं यहां तक कह दिया था और उन्होंने बहुत सारी खोज

Romanized Version
Likes  84  Dislikes    views  5337
WhatsApp_icon
user

Prakash Chandra Shukla

Indian Railway (RRB) | Astrologer

0:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पुनर्जन्म होता है ऐसा हमारे शास्त्रों में वर्णन है आप शास्त्रों को उठाकर देखें शास्त्रों ने कहा है कि आत्मा अमर है और पुनर्जन्म होता है शास्त्रों में 8400000 योनियों का जो बर्लैंड है पुनर्जन्म

punarjanm hota hai aisa hamare shastron mein varnan hai aap shastron ko uthaakar dekhen shastron ne kaha hai ki aatma amar hai aur punarjanm hota hai shastron mein 8400000 yoniyon ka jo barlaind hai punarjanm

पुनर्जन्म होता है ऐसा हमारे शास्त्रों में वर्णन है आप शास्त्रों को उठाकर देखें शास्त्रों न

Romanized Version
Likes  14  Dislikes    views  443
WhatsApp_icon
user

Anil Kumar Tiwari

Yoga, Meditation & Astrologer

1:53
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भविष्य में विज्ञान यह निष्कर्ष निकालेगा की आत्मा पुनर्जन्म आदि मौजूद है या नहीं नहीं विज्ञान की पकड़ से बहुत दूर है यह बातें जहां विज्ञान का अंत होता है वहां से यह बातें भावनात्मक बातें स्टार्ट होती है जैसे एक गुलाब के फूल को देखकर एक कमल के फूल को देखकर विज्ञान कभी उसकी खूबसूरती को आंख नहीं नहीं सकता है विज्ञान उसके रंग को निकालेगा उसको तोड़ देगा उस में कौन-कौन से केमिकल है कितने पत्ते हैं उसके अनु कहां है कितने कणों से मिलकर के बना है कौन-कौन से पेड़ फूल में कौन-कौन से केमिकल है फूल का रंग लाल किसके में कल के कारण है यह सब तो खोज कर लेगा मगर एक गुलाब के फूल की जो खूबसूरती है उसका जो देखने का आनंद है एक खूबसूरती है उसकी लालिमा में उसकी महक में उसकी खूबसूरती है उस खुशी को विज्ञान कभी नहीं पकड़ सकता है विज्ञान की मशीनों की प्रयोगशाला में खूबसूरती गुलाब के फूल की खूबसूरती कभी पकड़ी जा ही नहीं सकती है इसलिए इसीलिए कहा गया है अध्यात्म यानी पुनर्जन्म आत्मा परमात्मा लोक परलोक यह वहां शुरू होते हैं जहां विज्ञान के पकड़ समाप्त हो जाती है

kya bhavishya mein vigyan yah nishkarsh nikalega ki aatma punarjanm aadi maujud hai ya nahi nahi vigyan ki pakad se bahut dur hai yah batein jaha vigyan ka ant hota hai wahan se yah batein bhavnatmak batein start hoti hai jaise ek gulab ke fool ko dekhkar ek kamal ke fool ko dekhkar vigyan kabhi uski khoobsoorti ko aankh nahi nahi sakta hai vigyan uske rang ko nikalega usko tod dega us mein kaun kaunsi chemical hai kitne patte hain uske anu kahaan hai kitne kanon se milkar ke bana hai kaun kaunsi ped fool mein kaun kaunsi chemical hai fool ka rang laal kiske mein kal ke karan hai yah sab toh khoj kar lega magar ek gulab ke fool ki jo khoobsoorti hai uska jo dekhne ka anand hai ek khoobsoorti hai uski lalima mein uski mahak mein uski khoobsoorti hai us khushi ko vigyan kabhi nahi pakad sakta hai vigyan ki machino ki prayogshala mein khoobsoorti gulab ke fool ki khoobsoorti kabhi pakadi ja hi nahi sakti hai isliye isliye kaha gaya hai adhyaatm yani punarjanm aatma paramatma lok parlok yah wahan shuru hote hain jaha vigyan ke pakad samapt ho jaati hai

क्या भविष्य में विज्ञान यह निष्कर्ष निकालेगा की आत्मा पुनर्जन्म आदि मौजूद है या नहीं नहीं

Romanized Version
Likes  32  Dislikes    views  649
WhatsApp_icon
user

Dharamvir singh

Serviceman Indian Army

3:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भविष्य में विज्ञान यह डिसकस निकालेगा क्या आत्मा 15 जन्म आज मौजूद है या नहीं सबसे पहले समझने वाली बात यह है कि विज्ञान क्या है विज्ञान एक विवेक का ज्ञान है विवेक यानी मनुष्य से विवेकशील प्राणी है इस पृथ्वी पर और इस पृथ्वी पर कितने युग हुए हैं कितनी समितियां कितनी संस्कृति या समाप्त हो चुकी है पहले भी हमारे सिम मुनियों द्वारा इस चीज को प्रूव किया गया है पुनर्जन्म की कथाएं जैसे के पुराणों में वर्णित है विष्णु पुराण हैं उसमें विष्णु भगवान के 24 अवतारों का वर्णन शुरू नहीं किया गया है अगर उन चीजों को वर्णन किया गया है तू और ग्रंथों के आधार पर भी नहीं है तो हमारे समाज में ऐसे बहुत से उदाहरण है कि बच्चों को पुनर्जन्म की बहुत सारी घटना है बचपन से ही आदमी हो जाती है बड़ा होने के बाद वह धीरे-धीरे समय के साथ यादव धूमिल हो जाती है तो तुम्हें जन्म अगस्त होता है हमें याद क्यों नहीं रहता इसका सबसे बड़ा मेन कारण है कि जो हमारी आत्मा जीव और आत्मा जीव यानी कि हमारा एस्ट्रोलॉजी सूक्ष्म शरीर सूक्ष्म शरीर कर्मों के अनुसार अगर जन्म लेता है जो हमारी नारी के अंदर स्थित रहता है आत्मा तो एक एनर्जी है और साक्षी भाग होती है एक भ्रष्ट है वह न कर्म करती है वह तो सिर्फ एक शरीर का संचालन करती है हमारे शरीर में एक सकती है इस प्रकार परमात्मा पूरे ब्रह्मांड की शक्ति है संचालन करता है वैसे ही आत्मा हमारे शरीर का संचालन करती है आत्मा परमात्मा का ही स्वरूप है एक अंश है विज्ञान इस निष्कर्ष पर पहले भी पहुंच चुका है क्योंकि हमारे से अधिक तेज विज्ञान देता युग में थी जिस समय रावण ने पुष्पक विमान का आविष्कार किया और ऐसे से तीनों का निर्माण किया एक ही तीर में पूरे ब्रहमांड को नष्ट कर सकते हैं इसका प्रमाण महाभारत में बनाया गया है ब्रह्मास्त्र के रूप में और उसी के आधार पर हमने परमाणु बम आज का आविष्कार किया है तो यह चीजें सभी संभव है भविष्य में आत्मा भी है परमात्मा भी है जन्म से मृत्यु है तो पुनर्जन्म भी है क्योंकि किसी चीज का अस्तित्व आज तक नहीं मिलता है सिर्फ परिवर्तन होता है बुध्द ने भी कहा है कि संसार हर प्रत्येक क्षण परिवर्तनशील है तो कोई चीज परिवर्तनशील है नष्ट कभी नहीं होती है धन्यवाद

kya bhavishya mein vigyan yah discuss nikalega kya aatma 15 janam aaj maujud hai ya nahi sabse pehle samjhne wali baat yah hai ki vigyan kya hai vigyan ek vivek ka gyaan hai vivek yani manushya se vivekshil prani hai is prithvi par aur is prithvi par kitne yug hue hain kitni samitiyaan kitni sanskriti ya samapt ho chuki hai pehle bhi hamare sim muniyon dwara is cheez ko prove kiya gaya hai punarjanm ki kathaen jaise ke purano mein varnit hai vishnu puran hain usme vishnu bhagwan ke 24 avataron ka varnan shuru nahi kiya gaya hai agar un chijon ko varnan kiya gaya hai tu aur granthon ke aadhar par bhi nahi hai toh hamare samaj mein aise bahut se udaharan hai ki baccho ko punarjanm ki bahut saree ghatna hai bachpan se hi aadmi ho jaati hai bada hone ke baad vaah dhire dhire samay ke saath yadav dhumil ho jaati hai toh tumhe janam august hota hai hamein yaad kyon nahi rehta iska sabse bada main karan hai ki jo hamari aatma jeev aur aatma jeev yani ki hamara astrology sukshm sharir sukshm sharir karmon ke anusaar agar janam leta hai jo hamari nari ke andar sthit rehta hai aatma toh ek energy hai aur sakshi bhag hoti hai ek bhrasht hai vaah na karm karti hai vaah toh sirf ek sharir ka sanchalan karti hai hamare sharir mein ek sakti hai is prakar paramatma poore brahmaand ki shakti hai sanchalan karta hai waise hi aatma hamare sharir ka sanchalan karti hai aatma paramatma ka hi swaroop hai ek ansh hai vigyan is nishkarsh par pehle bhi pohch chuka hai kyonki hamare se adhik tez vigyan deta yug mein thi jis samay ravan ne Pushpak Vimaan ka avishkar kiya aur aise se tatvo ka nirmaan kiya ek hi teer mein poore brahamand ko nasht kar sakte hain iska pramaan mahabharat mein banaya gaya hai Brahmastr ke roop mein aur usi ke aadhar par humne parmanu bomb aaj ka avishkar kiya hai toh yah cheezen sabhi sambhav hai bhavishya mein aatma bhi hai paramatma bhi hai janam se mrityu hai toh punarjanm bhi hai kyonki kisi cheez ka astitva aaj tak nahi milta hai sirf parivartan hota hai budhd ne bhi kaha hai ki sansar har pratyek kshan parivartanshil hai toh koi cheez parivartanshil hai nasht kabhi nahi hoti hai dhanyavad

क्या भविष्य में विज्ञान यह डिसकस निकालेगा क्या आत्मा 15 जन्म आज मौजूद है या नहीं सबसे पहले

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  121
WhatsApp_icon
user

Sumanrajiv Bishnoi

Science Teacher

2:12
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार सभी को सारी और रोहित साईं निश्चित रूप से यह निष्कर्ष निकाले गए की आत्मा और पुनर्जन्म आदि मौजूद है क्योंकि आज का युग अध्यात्म का युग है और अध्यात्म के बिना विज्ञान कुछ नहीं है अध्यात्म में अगर विज्ञान में जाकर खोजें करते हैं तो निश्चित रूप से मुझे लगता है कि आत्मा और पुनर्जन्म आदि को विज्ञान समझाएगा आने वाले समय में क्योंकि अध्यात्म भी एक विज्ञान है और अध्यात्म के बिना अभिज्ञान अधूरा है जितने भी तो जैसे हैं जैसे विकसित देश है चीन अमेरिका कनाडा इन सभी देशों में आप अगर देखेंगे तो जितनी भी खुशियां हुई है नासा के द्वारा तो वह मुझे जो है वह कहीं न कहीं उनमें भारत का यात्रा है जैसे चरक संहिता हुई सुसुर चिंता हुई और पतंजलि के दर्शन इत्यादि इत्यादि के द्वारा हिंदी को पेटेंट करवा कर अंग्रेज इंडिया कंपनी के समय से तो उन्होंने वो पेटेंट करवा लिए और वह आज हमें विकसित देश के रूप में दिखाई दे रहे हैं और आत्मा पुनर्जन्म इत्यादि श्रीमद्भागवत गीता आगरा पड़ेंगे रामायण पढ़ेंगे तो इसके अंतर्गत आपको लेख मिलेगा इनका यह सब होते हैं क्योंकि आत्मा है तो परमात्मा है और अध्यात्म है तो विज्ञान है तो मैं निश्चित रूप से मैं यही कहना चाहूंगी कि आने वाले समय में यह विज्ञान जरूर यह निष्कर्ष निकालेगा की आत्मा और पुनर्जन्म होते हैं और यह मानेगा क्योंकि अभी तक तो विज्ञानिक है जो निरंतर इसी खोज में प्रयासरत है कि यह सब चीजें हैं या नहीं लेकिन अगर आप अध्यात्म में जो भी अपने गुरू इस बैंजो मानते हैं ईश्वर तुमको इसे निश्चित रूप से मानते हैं कि आत्मा और पुनर्जन्म होते हैं धन्यवाद

namaskar sabhi ko saari aur rohit sai nishchit roop se yah nishkarsh nikale gaye ki aatma aur punarjanm aadi maujud hai kyonki aaj ka yug adhyaatm ka yug hai aur adhyaatm ke bina vigyan kuch nahi hai adhyaatm me agar vigyan me jaakar khojen karte hain toh nishchit roop se mujhe lagta hai ki aatma aur punarjanm aadi ko vigyan samajhaega aane waale samay me kyonki adhyaatm bhi ek vigyan hai aur adhyaatm ke bina abhigyan adhura hai jitne bhi toh jaise hain jaise viksit desh hai china america canada in sabhi deshon me aap agar dekhenge toh jitni bhi khushiya hui hai NASA ke dwara toh vaah mujhe jo hai vaah kahin na kahin unmen bharat ka yatra hai jaise charak sanhita hui susur chinta hui aur patanjali ke darshan ityadi ityadi ke dwara hindi ko patent karva kar angrej india company ke samay se toh unhone vo patent karva liye aur vaah aaj hamein viksit desh ke roop me dikhai de rahe hain aur aatma punarjanm ityadi shrimadbhagavat geeta agra padenge ramayana padhenge toh iske antargat aapko lekh milega inka yah sab hote hain kyonki aatma hai toh paramatma hai aur adhyaatm hai toh vigyan hai toh main nishchit roop se main yahi kehna chahungi ki aane waale samay me yah vigyan zaroor yah nishkarsh nikalega ki aatma aur punarjanm hote hain aur yah manega kyonki abhi tak toh vigyanik hai jo nirantar isi khoj me prayasarat hai ki yah sab cheezen hain ya nahi lekin agar aap adhyaatm me jo bhi apne guru is banjo maante hain ishwar tumko ise nishchit roop se maante hain ki aatma aur punarjanm hote hain dhanyavad

नमस्कार सभी को सारी और रोहित साईं निश्चित रूप से यह निष्कर्ष निकाले गए की आत्मा और पुनर्जन

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  83
WhatsApp_icon
user
1:21
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फिलहाल विज्ञान यही मानता है कि आत्मा पुनर्जन्म आदि का कोई अस्तित्व नहीं है क्योंकि यह ऐसी चीज है तो इन्हें विज्ञान अपने प्रयोगों और यंत्रों से सिद्ध नहीं कर सकता आत्मा एक निराकार अविनाशी और पदार्थ रहित तत्व है जिसको किसी भी यंत्र द्वारा यह किसी भी इंद्रिय द्वारा पहचाना जाना या महसूस नहीं किया जा सकता और पुनर्जन्म आत्मा का ही एक एक सही से दूसरे शरीर में स्थानांतरण है तो जब आत्मा को विज्ञान नहीं जानता नहीं मानता नहीं पहचानता इसलिए पुनर्जन्म को भी नहीं मानता और भविष्य में भी ऐसी कोई संभावना नहीं है कि विज्ञान द्वारा जिसको आज हम विज्ञान कहते हैं उसके द्वारा पुनर्जन्म या आत्मा को सिद्ध किया जा सके की विज्ञान जो है यंत्रों और प्रयोगों के ऊपर आधारित है अनुभव का उसमें कोई रोल नहीं है बस यही कह सकता हूं क्योंकि हमारे विचारधारा विचारों को समूह होता है उसे मन कहा जाता है जब विज्ञान मन को नहीं जानता तो वह आत्मा को भी नहीं जान सकता

filhal vigyan yahi maanta hai ki aatma punarjanm aadi ka koi astitva nahi hai kyonki yah aisi cheez hai toh inhen vigyan apne prayogon aur yantron se siddh nahi kar sakta aatma ek nirakaar avinashi aur padarth rahit tatva hai jisko kisi bhi yantra dwara yah kisi bhi indriya dwara pehchana jana ya mehsus nahi kiya ja sakta aur punarjanm aatma ka hi ek ek sahi se dusre sharir me sthanantaran hai toh jab aatma ko vigyan nahi jaanta nahi maanta nahi pahachanta isliye punarjanm ko bhi nahi maanta aur bhavishya me bhi aisi koi sambhavna nahi hai ki vigyan dwara jisko aaj hum vigyan kehte hain uske dwara punarjanm ya aatma ko siddh kiya ja sake ki vigyan jo hai yantron aur prayogon ke upar aadharit hai anubhav ka usme koi roll nahi hai bus yahi keh sakta hoon kyonki hamare vichardhara vicharon ko samuh hota hai use man kaha jata hai jab vigyan man ko nahi jaanta toh vaah aatma ko bhi nahi jaan sakta

फिलहाल विज्ञान यही मानता है कि आत्मा पुनर्जन्म आदि का कोई अस्तित्व नहीं है क्योंकि यह ऐसी

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  77
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार कृष्ण है क्या भविष्य में विज्ञान या निष्कर्ष निकाले क्या की आत्मा पुनर्जन्म आदि मौजूद है या नहीं लिखिए विज्ञान जो है यथार्थ की बातों को हमें बताता है और सामान की बातों को और आने वाले भविष्य को सुरक्षित करता है विज्ञान हमारी टैक्टिकल क्षेत्र या फिर कुछ ऐसी बातों को बताते हैं जो हमें नहीं करना चाहिए विज्ञान हमारे जीवन का अभिन्न अंग है क्योंकि वर्तमान का युग विज्ञान का युग है विज्ञान यह कहता है कि जिस चीज को हमने देखा नहीं जिसे हमने सुना नहीं उस पर विश्वास कैसे किया जाए ईश्वर कि हम आराधना करते हैं ईश्वर को हम पूजा पाठ करते हैं लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से किसी व्यक्ति ने ईश्वर को देखा है कि यह ईश्वर है मेरी दृष्टि से तो पूजा करने वाले जो पंडित बैठे रहते हैं बेबी ईश्वर को प्रत्यक्ष सामने रूप से कैसे होते हैं उन्होंने केवल हम जो हैं अपने मस्तिष्क में यह बसा लेते हैं कि कृष्ण भगवान किस तरीके के होंगे तो हमें पता है कि कृष्ण भगवान किस रूप में शकर भगवान के रूप में होंगे तो शंकर भगवान किस वेशभूषा में होगी यह हमारी परिकल्पना है कि हम अपने मन में मस्तिष्क में यह बैठ आते हैं कि ईश्वर कैसा होगा लेकिन क्या उसी रूप में अप्रत्यक्ष रूप से अपने आंखों के सामने क्या ईश्वर को देखा है यदि देखा होगा तो बात करती है लेकिन साफ कहता है कि ऐसा प्रत्यक्ष रूप से कोई परिणाम परिमाण ही ईश्वर को देखा गया है आत्मा आत्मा कहते हैं है शरीर जब त्याग देते हैं तो आत्मा हमारे शरीर से बाहर निकल जाती है तो क्या आपने उस मां को देखा है या किसी ने उस आत्मा को प्रत्यक्ष रूप से देखा है कि यह आत्मा है या यह आत्मा हमारे बगल में खड़ी है या सामने में है या किस प्रकार का है तो और पुनर्जन्म पुनर्जन्म की बात होती है तो जो इंसान मृत्यु प्राप्त कर चुका है उसके पुनर्जन्म के बारे में कोई व्यक्ति कैसे बता सकता है कोई बता सकता है क्या यह शायद या कोई भी एक महापुरुष या एक पंडित या फिर विद्वान व्यक्ति कोई नहीं बता सकता किस का पुनर्जन्म में क्या होगा यदि मैं इंसान जन्म लेती हूं मेरी मृत्यु के पश्चात पुनर्जन्म होता है तो पुनर्जन्म के बारे में किसको पता होगा किसने पुनर्जन्म में क्या नवजीवन लिए कौन सा जीत लिया हो सकता है कि कोई जानवर का रूप हो या कोई अन्य हो तो इस प्रकार कोई प्रत्यक्ष परिमा अभी तक नहीं और प्रत्यक्ष नहीं है तो शायद यह कहता है कि जो हमारी आंखों में के समक्ष है उसे हम मानेंगे जैसे करो ना वर तमान में कोरोना की बीमारी फैली हुई है तो करो ना कब तक ऐसे चला इस तरीके से आया मोहन में किस प्रकार खेला चीन से आया कच्चा मांस खाने के कारण आया कैसे आया यह तो विज्ञान ने ही बताया है उसने यह बताया जो प्रत्यक्ष परिणाम जो हमारे पास आते हैं उसी को विज्ञान बताता है अंधविश्वासों पर नहीं चलता तो मेरा यही मानना है कि भविष्य में जो है विज्ञान यह निष्कर्ष बिल्कुल भी नहीं निकाल पाएगा कि विज्ञान जो है आत्मा के बारे में बताएं धन्यवाद

namaskar krishna hai kya bhavishya me vigyan ya nishkarsh nikale kya ki aatma punarjanm aadi maujud hai ya nahi likhiye vigyan jo hai yatharth ki baaton ko hamein batata hai aur saamaan ki baaton ko aur aane waale bhavishya ko surakshit karta hai vigyan hamari tactical kshetra ya phir kuch aisi baaton ko batatey hain jo hamein nahi karna chahiye vigyan hamare jeevan ka abhinn ang hai kyonki vartaman ka yug vigyan ka yug hai vigyan yah kahata hai ki jis cheez ko humne dekha nahi jise humne suna nahi us par vishwas kaise kiya jaaye ishwar ki hum aradhana karte hain ishwar ko hum puja path karte hain lekin apratyaksh roop se kisi vyakti ne ishwar ko dekha hai ki yah ishwar hai meri drishti se toh puja karne waale jo pandit baithe rehte hain baby ishwar ko pratyaksh saamne roop se kaise hote hain unhone keval hum jo hain apne mastishk me yah basa lete hain ki krishna bhagwan kis tarike ke honge toh hamein pata hai ki krishna bhagwan kis roop me shaker bhagwan ke roop me honge toh shankar bhagwan kis veshbhusha me hogi yah hamari parikalpana hai ki hum apne man me mastishk me yah baith aate hain ki ishwar kaisa hoga lekin kya usi roop me apratyaksh roop se apne aakhon ke saamne kya ishwar ko dekha hai yadi dekha hoga toh baat karti hai lekin saaf kahata hai ki aisa pratyaksh roop se koi parinam parimaan hi ishwar ko dekha gaya hai aatma aatma kehte hain hai sharir jab tyag dete hain toh aatma hamare sharir se bahar nikal jaati hai toh kya aapne us maa ko dekha hai ya kisi ne us aatma ko pratyaksh roop se dekha hai ki yah aatma hai ya yah aatma hamare bagal me khadi hai ya saamne me hai ya kis prakar ka hai toh aur punarjanm punarjanm ki baat hoti hai toh jo insaan mrityu prapt kar chuka hai uske punarjanm ke bare me koi vyakti kaise bata sakta hai koi bata sakta hai kya yah shayad ya koi bhi ek mahapurush ya ek pandit ya phir vidhwaan vyakti koi nahi bata sakta kis ka punarjanm me kya hoga yadi main insaan janam leti hoon meri mrityu ke pashchat punarjanm hota hai toh punarjanm ke bare me kisko pata hoga kisne punarjanm me kya navjivan liye kaun sa jeet liya ho sakta hai ki koi janwar ka roop ho ya koi anya ho toh is prakar koi pratyaksh parima abhi tak nahi aur pratyaksh nahi hai toh shayad yah kahata hai ki jo hamari aakhon me ke samaksh hai use hum manenge jaise karo na var taman me corona ki bimari faili hui hai toh karo na kab tak aise chala is tarike se aaya mohan me kis prakar khela china se aaya kaccha maas khane ke karan aaya kaise aaya yah toh vigyan ne hi bataya hai usne yah bataya jo pratyaksh parinam jo hamare paas aate hain usi ko vigyan batata hai andhvishvaso par nahi chalta toh mera yahi manana hai ki bhavishya me jo hai vigyan yah nishkarsh bilkul bhi nahi nikaal payega ki vigyan jo hai aatma ke bare me bataye dhanyavad

नमस्कार कृष्ण है क्या भविष्य में विज्ञान या निष्कर्ष निकाले क्या की आत्मा पुनर्जन्म आदि म

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  80
WhatsApp_icon
user
3:29
Play

Likes  3  Dislikes    views  117
WhatsApp_icon
user
1:10
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विज्ञान सर्कल हटाने की जानकारी देते उसको शिकार करता है तो हमें पता नहीं कर पाता कि यह सृष्टि प्रकृति सूर्य चंद्र आदि के द्वारा चला हमारे तर्क देता है तो आप क्या कर या ना कर दो तीन इयत्ता सहावी विज्ञान आत्मा जो मनुष्य के दांत एक अनुभूति है जो जिस प्रकार से 100 साल पहले आ जाना और भोपाल के उपरांत की जलवायु का रुपया और कविता जैसा मन हो जाएगा तो आज भी जो किसी ना किसी रूप में जीवित 8 मई के अंतिम सप्ताह है उसी के माध्यम से समाज का विवरण 100 साल 2 साल 5 साल 10 साल मेरे को मैं यूं खो में चंद्र बोस का जीवन आत्मा के द्वारा पुरुष पुरुष क्लास बढ़ता रहता है थैंक यू धन्यवाद

vigyan circle hatane ki jaankari dete usko shikaar karta hai toh hamein pata nahi kar pata ki yah shrishti prakriti surya chandra aadi ke dwara chala hamare tark deta hai toh aap kya kar ya na kar do teen iyatta sahavi vigyan aatma jo manushya ke dant ek anubhuti hai jo jis prakar se 100 saal pehle aa jana aur bhopal ke uprant ki jalvayu ka rupya aur kavita jaisa man ho jaega toh aaj bhi jo kisi na kisi roop me jeevit 8 may ke antim saptah hai usi ke madhyam se samaj ka vivran 100 saal 2 saal 5 saal 10 saal mere ko main yun kho me chandra bose ka jeevan aatma ke dwara purush purush class badhta rehta hai thank you dhanyavad

विज्ञान सर्कल हटाने की जानकारी देते उसको शिकार करता है तो हमें पता नहीं कर पाता कि यह सृष्

Romanized Version
Likes  20  Dislikes    views  464
WhatsApp_icon
user

chivalry 9414672463

Farmer Author

0:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जय माता दी भाई साहब विज्ञान को इन चीजों की आवश्यकता ही नहीं है पुनर्जन्म की आत्मा की मौजूद है या नहीं विज्ञान को क्या लगाएं विज्ञान तो कोरोना की दवाई बनाएगा आप चिंता मत कीजिए विज्ञान क्यों आत्मा का आत्मा में हार डालेगा यार एक समस्या भी तो अपना वह चांद पर भी नहीं पहुंचा है मिशन सफल नहीं हुआ रे अंदर गिर गया भोपाल अंदर गिर गया ब्लंडर गिर गया करो ना और आ गया इससे तो सुना दो आप आज है जय माता दी

jai mata di bhai saheb vigyan ko in chijon ki avashyakta hi nahi hai punarjanm ki aatma ki maujud hai ya nahi vigyan ko kya lagaye vigyan toh corona ki dawai banayega aap chinta mat kijiye vigyan kyon aatma ka aatma me haar dalega yaar ek samasya bhi toh apna vaah chand par bhi nahi pohcha hai mission safal nahi hua ray andar gir gaya bhopal andar gir gaya blunder gir gaya karo na aur aa gaya isse toh suna do aap aaj hai jai mata di

जय माता दी भाई साहब विज्ञान को इन चीजों की आवश्यकता ही नहीं है पुनर्जन्म की आत्मा की मौजूद

Romanized Version
Likes  34  Dislikes    views  648
WhatsApp_icon
user

Rahul

Motivation ki machine

0:37
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

साइंस एक नंबर का गधा है मूर्ख है जो इस तरह के तर्क दे रहा है आत्मा ने यह पुनर्जन्म नहीं है ऐसे ऐसी सोच आसुरी लोगों की है उसे नदियों का एक ही लक्ष्य है तो मजा करो इंद्र शक्ति करो किसी का भी भोग करो किसी का भी शोषण करो यह आसुरी प्रवृत्ति के लोगों की सोच है भागवत गीता में साफ साफ बताया कि आत्मा होती है ना पैदा होती है न मरती है ना इसका काट सकते हैं इसको जरा सकता है उसको सकते भगवान का अंश है याद में जो सत चित आनंद उत्सव में रहती हमेशा और पुनर्जन्म बिल्कुल होता है शास्त्र को पड़ी है इसका जवाब मिलेगा नमन हिसाब से जवान

science ek number ka gadha hai murkh hai jo is tarah ke tark de raha hai aatma ne yah punarjanm nahi hai aise aisi soch asuri logo ki hai use nadiyon ka ek hi lakshya hai toh maza karo indra shakti karo kisi ka bhi bhog karo kisi ka bhi shoshan karo yah asuri pravritti ke logo ki soch hai bhagwat geeta mein saaf saaf bataya ki aatma hoti hai na paida hoti hai na marti hai na iska kaat sakte hain isko zara sakta hai usko sakte bhagwan ka ansh hai yaad mein jo sat chit anand utsav mein rehti hamesha aur punarjanm bilkul hota hai shastra ko padi hai iska jawab milega naman hisab se jawaan

साइंस एक नंबर का गधा है मूर्ख है जो इस तरह के तर्क दे रहा है आत्मा ने यह पुनर्जन्म नहीं है

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  173
WhatsApp_icon
user

Er Jaisingh

Mathematics Solution, 1:00PM TO 2:00PM

2:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भविष्य है विज्ञान या निष्कर्ष निकालेगा की आत्मा पुनर्जन्म आग मौजूद है या नहीं

kya bhavishya hai vigyan ya nishkarsh nikalega ki aatma punarjanm aag maujud hai ya nahi

क्या भविष्य है विज्ञान या निष्कर्ष निकालेगा की आत्मा पुनर्जन्म आग मौजूद है या नहीं

Romanized Version
Likes  32  Dislikes    views  829
WhatsApp_icon
user

David naman

Physics Wallah

0:56
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आत्मा पुनर्जन्म आदि जैसी कोई भी चीज जो का घटना होता ही नहीं है आत्मा केवल केवल एक भ्रम है अब पुनर्जन्म जैसा कोई भी तथ्य मुमकिन ही नहीं है एक्चुली में ऐसा कुछ होता ही नहीं है क्योंकि विज्ञान इसका निष्कर्ष क्या लेगा क्या निकाल चुका है कैसा कुछ होता नहीं है क्योंकि ना तो विज्ञान के नजरिए से आत्मा को किसी द्वारा सिद्ध किया गया है और ना ही पुनर्जन्म घोषित किया गया है साफ तौर पर बात यह है कि ना विज्ञान आत्मा मानता है ना ही पूर्ण पुनर्जन्म जैसे तत्व पर विश्वास करता है मौजूदा वक्त में यही तथ्य सही है

aatma punarjanm aadi jaisi koi bhi cheez jo ka ghatna hota hi nahi hai aatma keval keval ek bharam hai ab punarjanm jaisa koi bhi tathya mumkin hi nahi hai ekchuli mein aisa kuch hota hi nahi hai kyonki vigyan iska nishkarsh kya lega kya nikaal chuka hai kaisa kuch hota nahi hai kyonki na toh vigyan ke nazariye se aatma ko kisi dwara siddh kiya gaya hai aur na hi punarjanm ghoshit kiya gaya hai saaf taur par baat yah hai ki na vigyan aatma manata hai na hi purn punarjanm jaise tatva par vishwas karta hai maujuda waqt mein yahi tathya sahi hai

आत्मा पुनर्जन्म आदि जैसी कोई भी चीज जो का घटना होता ही नहीं है आत्मा केवल केवल एक भ्रम है

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  70
WhatsApp_icon
user

Mishra Ji

Student

0:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भविष्य में विज्ञान यह निष्कर्ष निकालेगा की आत्मा पुनर्जन्म आदि मौजूद हैं हमें नहीं क्योंकि विज्ञान इसको निकाल नहीं सकता जहां से विज्ञान की सीमाएं खत्म होती हैं वहां से यह शुरुआत होता है विज्ञान कोशिश कर सकता है लेकिन बता नहीं सकता

kya bhavishya mein vigyan yah nishkarsh nikalega ki aatma punarjanm aadi maujud hai hamein nahi kyonki vigyan isko nikaal nahi sakta jaha se vigyan ki simaye khatam hoti hai wahan se yah shuruat hota hai vigyan koshish kar sakta hai lekin bata nahi sakta

क्या भविष्य में विज्ञान यह निष्कर्ष निकालेगा की आत्मा पुनर्जन्म आदि मौजूद हैं हमें नहीं क्

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  135
WhatsApp_icon
user
0:23
Play

Likes  3  Dislikes    views  148
WhatsApp_icon
user

Manish

Student

0:13
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां यह निष्कर्ष निकालेंगे कि भविष्य में आत्मा पुनर्जन्म मौजूद है या नहीं यह विज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण खोज होगी

haan yah nishkarsh nikalenge ki bhavishya me aatma punarjanm maujud hai ya nahi yah vigyan ka sabse mahatvapurna khoj hogi

हां यह निष्कर्ष निकालेंगे कि भविष्य में आत्मा पुनर्जन्म मौजूद है या नहीं यह विज्ञान का सबस

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  119
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्तों मैं गौतम चौहान और आपने बड़ा ही महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा है इसके लिए मैं आपका धन्यवाद देना चाहूंगा आपने यह पूछा है कि का भविष्य में विज्ञान के निष्कर्ष निकाले गा की आत्मा पूर्व जन्म आदि मौजूद हैं या नहीं विज्ञान के लिए कोई भी चीज इंपॉसिबल नहीं है और आप इस बात को बहुत ध्यान से देखना होगा आपको जब आप पढ़ेंगे थोड़ा और मुझे नहीं पता आप की उम्र कितनी है एज कितनी है इस उम्र में आपने क्वेश्चन पूछा है लेकिन आप अच्छे से देखेंगे कि पूर्व जन्म धार्मिक फैक्ट विज्ञान के नतीजों को नजरअंदाज करता है उसे आत्मा हो या पूर्व जन्मों आत्मा को भी जो होता है वह अपने तरीके से लेकिन मैं आपको कहना चाहूंगा कि विज्ञान और धर्म में जब हमको कुछ भी अंदर नहीं आएगा अंदर नहीं दिखेगा तू हंड्रेड परसेंट शोर हो सकता है कि विज्ञान अपनी भाषा में यह बताएं कि हां आत्मा को जन्म होते हैं तो यह निष्कर्ष निकल सकता है मैं रात में यही कहना चाहूंगा कि लिस्ट निकल सकता है बाकी आप अपना बहुत ज्यादा ध्यान रखिए और ऐसे ही पसंद मुझसे पूछते रहिए और आपको ज्यादा जानकारी चाहिए इसकी डिटेल चाहिए तो आप मेरा व्हाट्सएप नंबर ले सकते हैं सब जुड़ सकते हैं मेरे साथ मेरा व्हाट्सएप नंबर है 9193 9022 धन्यवाद

hello doston main gautam Chauhan aur aapne bada hi mahatvapurna prashna poocha hai iske liye main aapka dhanyavad dena chahunga aapne yah poocha hai ki ka bhavishya me vigyan ke nishkarsh nikale jaayega ki aatma purv janam aadi maujud hain ya nahi vigyan ke liye koi bhi cheez Impossible nahi hai aur aap is baat ko bahut dhyan se dekhna hoga aapko jab aap padhenge thoda aur mujhe nahi pata aap ki umar kitni hai age kitni hai is umar me aapne question poocha hai lekin aap acche se dekhenge ki purv janam dharmik fact vigyan ke nateezon ko najarandaj karta hai use aatma ho ya purv janmon aatma ko bhi jo hota hai vaah apne tarike se lekin main aapko kehna chahunga ki vigyan aur dharm me jab hamko kuch bhi andar nahi aayega andar nahi dikhega tu hundred percent shor ho sakta hai ki vigyan apni bhasha me yah bataye ki haan aatma ko janam hote hain toh yah nishkarsh nikal sakta hai main raat me yahi kehna chahunga ki list nikal sakta hai baki aap apna bahut zyada dhyan rakhiye aur aise hi pasand mujhse poochhte rahiye aur aapko zyada jaankari chahiye iski detail chahiye toh aap mera whatsapp number le sakte hain sab jud sakte hain mere saath mera whatsapp number hai 9193 9022 dhanyavad

हेलो दोस्तों मैं गौतम चौहान और आपने बड़ा ही महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा है इसके लिए मैं आपका धन

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  89
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभी बिगारी दो लोग बताया है कि पुनर्जन्म पर इस समय बाजू दही है फिर भी यह लोग करें कि कुछ तो जरूर बात है

abhi bigari do log bataya hai ki punarjanm par is samay baju dahi hai phir bhi yah log kare ki kuch toh zaroor baat hai

अभी बिगारी दो लोग बताया है कि पुनर्जन्म पर इस समय बाजू दही है फिर भी यह लोग करें कि कुछ तो

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  64
WhatsApp_icon
user
Play

Likes  3  Dislikes    views  113
WhatsApp_icon
user
Play

Likes  3  Dislikes    views  129
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!