मनुष्य के लिए कौन अधिक महत्वपूर्ण है - ईश्वर या अन्य मनुष्य?...


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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:29

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मनुष्य के लिए कौन अधिक महत्वपूर्ण है ईश्वर या अन्य मनुष्य मनुष्य महत्व है क्योंकि ईश्वर चाहता है कि आप मनुष्य के बच्चा हो तो ही मैं प्रसन्न हूं इसलिए पर हमेशा अधिक महत्वपूर्ण मनुष्य को देगा ठीक है मनुष्य खुश होगा तो ईश्वर अपने आप ही खुश होगा यह आध्यात्मिक धर्म के हिसाब से ठीक है तो कर्म करते जाओ तो भाग्य अपने आप खेलने उठेगा ओके आपका दिन शुभ हो धन्यवाद

manushya ke liye kaun adhik mahatvapurna hai ishwar ya anya manushya manushya mahatva hai kyonki ishwar chahta hai ki aap manushya ke baccha ho toh hi main prasann hoon isliye par hamesha adhik mahatvapurna manushya ko dega theek hai manushya khush hoga toh ishwar apne aap hi khush hoga yah aadhyatmik dharm ke hisab se theek hai toh karm karte jao toh bhagya apne aap khelne uthega ok aapka din shubha ho dhanyavad

मनुष्य के लिए कौन अधिक महत्वपूर्ण है ईश्वर या अन्य मनुष्य मनुष्य महत्व है क्योंकि ईश्वर चा

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मनुष्य के लिए कौन अधिक महत्वपूर्ण है ईश्वर या अन्य मनुष्य के लिए जब तक मनुष्य है जीवित तब तक उसे दूसरे मनुष्य की जरूरत अवश्य पड़ने वाली है क्योंकि मनुष्य ही मनुष्य का साथी होता है इसलिए मनुष्य दूसरे मनुष्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है और रही बात ईश्वर की ईश्वर जो है हमारी आस्था और श्रद्धा का विषय है हम उस में विश्वास करते हैं और हम उनकी आराधना करते हैं और अपनी सा उनको आत्मा के रूप में पाते महसूस करते हैं कि सर है जो कोई शक्ति है चालक बस है जनता को चला रहा है वही आपको चला रहे हैं और दूसरे मनुष्य दूसरे मनुष्य ज्यादा अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि जब तक दूसरा मनुष्य के साथ है तभी आपकी प्रगति किसी भी क्षेत्र में हो सकती है शायद शिक्षा पाए तो भी आप दूसरे मनुष्यों से पाएंगे आपको पैदा एक मंच के लिए आपके माता-पिता है वह भी आगे बढ़ेंगे अपने परिवार में आएंगे अपना परिवार जो बड़ा करेंगे वह सभी मनुष्यों में मनुष्य के मनुष्य ही महत्वपूर्ण है और मनुष्य मिलकर बनता है सब मनुष्य समाज बनता है इसलिए ताकि जो है वह हमारी इंसान उसे हमें कभी बोलना नहीं आता है

manushya ke liye kaun adhik mahatvapurna hai ishwar ya anya manushya ke liye jab tak manushya hai jeevit tab tak use dusre manushya ki zarurat avashya padane wali hai kyonki manushya hi manushya ka sathi hota hai isliye manushya dusre manushya ke liye bahut hi mahatvapurna hai aur rahi baat ishwar ki ishwar jo hai hamari astha aur shraddha ka vishay hai hum us mein vishwas karte hain aur hum unki aradhana karte hain aur apni sa unko aatma ke roop mein paate mehsus karte hain ki sir hai jo koi shakti hai chaalak bus hai janta ko chala raha hai wahi aapko chala rahe hain aur dusre manushya dusre manushya zyada adhik mahatvapurna hai kyonki jab tak doosra manushya ke saath hai tabhi aapki pragati kisi bhi kshetra mein ho sakti hai shayad shiksha paye toh bhi aap dusre manushyo se payenge aapko paida ek manch ke liye aapke mata pita hai vaah bhi aage badhenge apne parivar mein aayenge apna parivar jo bada karenge vaah sabhi manushyo mein manushya ke manushya hi mahatvapurna hai aur manushya milkar baata hai sab manushya samaj baata hai isliye taki jo hai vaah hamari insaan use hamein kabhi bolna nahi aata hai

मनुष्य के लिए कौन अधिक महत्वपूर्ण है ईश्वर या अन्य मनुष्य के लिए जब तक मनुष्य है जीवित तब

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Shashi

Author, Spiritual Blogger

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे हिसाब से तो भगवान ने कहा है कि मनुष्य और ईश्वर का वास होता है यह हम लोग मानते हैं और यही सत्य है कि सब भगवान का अर्थ होता है तो हम लोग एक बहुत कनेक्टेड लोकगीत पूरी संसार के लोग जैसे कि हमारा इंटरनेट और वेब वर्ल्ड वाइड हर आदमी का एक अपना एक परमात्मा के अंदर मिला हुआ ईश्वर और मनुष्य में महत्व को इतना ही आप अपने अंदर तब आएंगे आपको भगवान के करीब पाएंगे तो अच्छा रहेगा हम अपने आप पर विश्वास कर सकेंगे

mere hisab se toh bhagwan ne kaha hai ki manushya aur ishwar ka was hota hai yah hum log maante hain aur yahi satya hai ki sab bhagwan ka arth hota hai toh hum log ek bahut connected lokgeet puri sansar ke log jaise ki hamara internet aur web world wide har aadmi ka ek apna ek paramatma ke andar mila hua ishwar aur manushya mein mahatva ko itna hi aap apne andar tab aayenge aapko bhagwan ke kareeb payenge toh accha rahega hum apne aap par vishwas kar sakenge

मेरे हिसाब से तो भगवान ने कहा है कि मनुष्य और ईश्वर का वास होता है यह हम लोग मानते हैं और

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Veer Bhupinder Singh Ji

The Visionary, www.thelivingtreasure.org

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मनुष्य के लिए दूसरे मनुष्यों के साथ कैसा व्यवहार करना इसके लिए ईश्वर उसके लिए इंपोर्टेंट है क्योंकि ईश्वर आसमान में रहता ही सुंदर रहता है अपने ईश्वर को बाहर निकालना अपने गॉड को बाहर मैंने सेट करना बैटरी का कौन सा ऐसा नहीं है कि कोई आसमान के ऊपर है साथ में अपमान के ऊपर या कहीं परलोक में या पैराडाइज है बंद में गॉड बैठा हुआ राधा गॉड हमारे अंदर है और हमारे अंदर की गॉड का कौन सा है कि जो मैंने अंदर की गॉड की क्वालिटी जाओ उसको इधर वॉइस बोलते हैं उसको करो कि नहीं बोलते हैं जमीन की रोटी आवाज और जो उसको सुनता है उनको सुनने के बाद अगर उसको फॉलो करते हैं तो इसको बोला जाता है इंसान गॉड को चालू करें कि इस गुड नाइट नीतीश को फॉलो कर रहा है और गुड नाईट क्वालिटी हमेशा पॉजिटिव होती है वह वाली क्वालिटी दूसरे मनुष्यों को बहुत सुख देती हैं इसलिए वोटों की आरती होनी चाहिए कि मैंने दूसरे मनुष्यों के साथ कैसा व्यवहार करता है अगर मेरे अंदर की गॉड को मैं मेनिफेस्ट करने लायक हो जाऊं तो फिर मेरे साथ मेरे कारण दूसरे मनुष्यों को बहुत बेनिफिट होगा मेरे लिए भी होगा उनके लिए भी होगा और धरती पर विचरण करते हैं

manushya ke liye dusre manushyo ke saath kaisa vyavhar karna iske liye ishwar uske liye important hai kyonki ishwar aasman mein rehta hi sundar rehta hai apne ishwar ko bahar nikalna apne god ko bahar maine set karna battery ka kaun sa aisa nahi hai ki koi aasman ke upar hai saath mein apman ke upar ya kahin parlok mein ya pairadaij hai band mein god baitha hua radha god hamare andar hai aur hamare andar ki god ka kaun sa hai ki jo maine andar ki god ki quality jao usko idhar voice bolte hain usko karo ki nahi bolte hain jameen ki roti awaaz aur jo usko sunta hai unko sunne ke baad agar usko follow karte hain toh isko bola jata hai insaan god ko chaalu kare ki is good night nitish ko follow kar raha hai aur good night quality hamesha positive hoti hai vaah wali quality dusre manushyo ko bahut sukh deti hain isliye voton ki aarti honi chahiye ki maine dusre manushyo ke saath kaisa vyavhar karta hai agar mere andar ki god ko main menifest karne layak ho jaaun toh phir mere saath mere karan dusre manushyo ko bahut benefit hoga mere liye bhi hoga unke liye bhi hoga aur dharti par vichran karte hain

मनुष्य के लिए दूसरे मनुष्यों के साथ कैसा व्यवहार करना इसके लिए ईश्वर उसके लिए इंपोर्टेंट ह

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाय दोस्तों मैं यहां सिर्फ अपनी बहुत अच्छा क्वेश्चन पूछा आप लोगों ने मनुष्य के लिए कौन अधिक महत्वपूर्ण सवाल या अन्य मनुष्य तो मैं आपको एक बात बता दूं कि मनुष्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण एक मनुष्य हो सकता है मान लीजिए आप बहुत ज्यादा प्यासे हैं आप रास्ते में बहुत ज्यादा प्यास हैं वहां से कोई आदमी इंसान गुजर रहा है जल्दी कर गांव में या शहर में कहीं भी चाह नहीं लिए जाते ना सब जल अगर उस जल को उसने भगवान के लिए अगर मलेरिया रुपया सा है आप और जल भगवान ने नहीं देकर आपको प्यार या तो आपके लिए भगवान कौन होगा उसमें जो बीच में भगवान मानता है वह या जो सामने खड़ा है वह तो बोलते हैं भगवान बोले थे ना मैं कड़कड़ में हूं तो जिसने आपका हेल्प किया भगवान वही है यानी एक इंसान इंसान के अंदर ही भगवान है हर चीज के अंत भगवान का 1 लोगों का हेल्पी के घर लोग खुश तो मैं खुश अपना धन ओपन कीजिए जिस दिन लगेगा कि मैं धर्म और कर्म में गलत किया जिसमें आपका स्वार्थ होगा आपको खुद गिल्टी महसूस होगी कि हां मैंने जो किया यह गलत है उस समय जिसने आपको बनाया भी दुखी होगा जैसे कि आपने एक मशीन अगर बनाई मशीन गलत काम कर रहे तो आपको बहुत दुखी महसूस होती यार मैंने बनाए इस काम के लिए गलत काम कर रहा है और क्या करते हैं उसमें उसी को फिर से बनाते हैं फिर सही करते हैं फिर सही करते हैं तो सही ना हो जाए किसी सबसे भगवान ने भी जिसने अर्थिंग भगवान जिसने भी बनाया हमको कि मुझे नहीं पता कि भगवान या अल्लाह जो भी हो जिसने भी बनाया अगर आप गड़बड़ करेंगे तो वह भी आपको सुनाने की कोशिश करता है तुम्हें मुझे हिसाब से एक इंसान की एक इंसान की जरूरत होती क्योंकि एक इंसान की इंसान कोई सो जाता है अब वह आपके अंदर हो किसी दूसरे इंसान को अरे आपके ऊपर है तुझे अपने हिसाब से मुझे लगता है कि एक इंसान की एक इंसान को बहुत ज्यादा जरूरत है जब आप दूसरे खेल करेगा तो भगवान आटोमेटिक पहल करेगा

hi doston main yahan sirf apni bahut accha question poocha aap logo ne manushya ke liye kaun adhik mahatvapurna sawaal ya anya manushya toh main aapko ek baat bata doon ki manushya ke liye sabse mahatvapurna ek manushya ho sakta hai maan lijiye aap bahut zyada pyaase hain aap raste me bahut zyada pyaas hain wahan se koi aadmi insaan gujar raha hai jaldi kar gaon me ya shehar me kahin bhi chah nahi liye jaate na sab jal agar us jal ko usne bhagwan ke liye agar malaria rupya sa hai aap aur jal bhagwan ne nahi dekar aapko pyar ya toh aapke liye bhagwan kaun hoga usme jo beech me bhagwan maanta hai vaah ya jo saamne khada hai vaah toh bolte hain bhagwan bole the na main kadkad me hoon toh jisne aapka help kiya bhagwan wahi hai yani ek insaan insaan ke andar hi bhagwan hai har cheez ke ant bhagwan ka 1 logo ka helpi ke ghar log khush toh main khush apna dhan open kijiye jis din lagega ki main dharm aur karm me galat kiya jisme aapka swarth hoga aapko khud guilty mehsus hogi ki haan maine jo kiya yah galat hai us samay jisne aapko banaya bhi dukhi hoga jaise ki aapne ek machine agar banai machine galat kaam kar rahe toh aapko bahut dukhi mehsus hoti yaar maine banaye is kaam ke liye galat kaam kar raha hai aur kya karte hain usme usi ko phir se banate hain phir sahi karte hain phir sahi karte hain toh sahi na ho jaaye kisi sabse bhagwan ne bhi jisne earthing bhagwan jisne bhi banaya hamko ki mujhe nahi pata ki bhagwan ya allah jo bhi ho jisne bhi banaya agar aap gadbad karenge toh vaah bhi aapko sunaane ki koshish karta hai tumhe mujhe hisab se ek insaan ki ek insaan ki zarurat hoti kyonki ek insaan ki insaan koi so jata hai ab vaah aapke andar ho kisi dusre insaan ko are aapke upar hai tujhe apne hisab se mujhe lagta hai ki ek insaan ki ek insaan ko bahut zyada zarurat hai jab aap dusre khel karega toh bhagwan automatic pahal karega

हाय दोस्तों मैं यहां सिर्फ अपनी बहुत अच्छा क्वेश्चन पूछा आप लोगों ने मनुष्य के लिए कौन अधि

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