क्या मज़बूत सुरक्षा के बाद भी जम्मू कश्मीर पर आतंकी हमले को रोका नहीं जा सकता?...


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Karan Janwa

Automobile Engineer

3:18
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए कश्मीर के ऊपर जो कि आतंकवादी हमले होते हैं उसमें सबसे बड़ी चूक तो सुरक्षा एजेंसी की कमियों की वजह से होती है तो कुछ भेजो इंफॉर्मेशन देख होती है तो कुछ थोड़ी होता है कुछ गद्दार होते हैं वो इंफॉर्मेशन लिख कर देते हैं दुश्मनों के पास चंद पैसों के लिए तो उनकी वजह से देश में आतंकवादी घुसपैठ होती है और उस पर होने की वजह से ही देश में आतंकी हमले होते हैं तो सबसे बड़ी चूक तो सुरक्षा एजेंसियां हैं उनमें कमी के कारण होती है अगर देश की सुरक्षा एजेंसी आईबी सीबीआई इस बीच में असमंजस बनाए रखें मिलिट्री इंटेलिजेंस 10 फुट होते हैं इनपुट के आधार पर घुसपैठ को नाकाम किया जा सकता है कोई भी आतंकी हमला होता है उसको नाकाम किया जा सकता है कश्मीर के आतंकी हमले होते हैं अगर सभी एजेंसी है इनके बीच में कोआर्डिनेशन अच्छी तरह बना रहे तो आतंकी हमलों को रोका जा सकता है लेकिन अगर कोई भी देशद्रोही होता है तो अगर वो गद्दारी करता है तो जरूर ऐसा हो सकता है लेकिन हमारे सारे जमाने वह सभी देश भक्ति और हम लोग को रोकना बहुत बड़ी चुनौती है जैसा कि आप देख सकते हैं कि दिन पति जितने भी आतंकी हमला हैं सोसाइटी से नई तकनीकी कपूर की अच्छी तरह से प्रयोग कर रही है और अमेरिकी हमलों में कमी ला सकते हैं जैसे कि फोल्डर है बॉर्डर में जो तार है उनके ऊपर करंट है कल तो तारबंदी है उसे करंट दौड़ सकते हैं जो लेजर लाइट होती है फ्लाइट से हम चारों तरफ सुरक्षा घेरा तैयार कर सकते हैं और सैटेलाइट सैटेलाइट की मदद से हम आतंकी घुसपैठ को रोक सकते हैं और जवान होते हैं ड्रोन की मदद से भी हम खुश सेट करो कि सकते हैं और अगर हम चाहे तो एयरपोर्ट की मदद से भी हम बेकअप हमेशा तैयार रख सकते हैं तो अभी कुछ तड़पती है वह सर्दी से पहले ही शुरू होती है जब सर्दी का मौसम शुरु होता है उसे ठीक है तो मैंने पहले जो आतंकवादी होते हैं वह कुछ वेट करना एक ही बात में बर्फबारी होती है बर्फबारी की वजह से फिर कुछ पढ़ करना मुश्किल हो जाता है तो सभी से पहले अगर इस पर रोक दी जाए तो ऐसे आतंकवादी हमलों को नाकाम कर सकते हैं धन्यवाद

dekhiye kashmir ke upar jo ki aatankwadi hamle hote hain usme sabse badi chuk toh suraksha agency ki kamiyon ki wajah se hoti hai toh kuch bhejo information dekh hoti hai toh kuch thodi hota hai kuch gaddar hote hain vo information likh kar dete hain dushmano ke paas chand paison ke liye toh unki wajah se desh mein aatankwadi ghuspaith hoti hai aur us par hone ki wajah se hi desh mein aatanki hamle hote hain toh sabse badi chuk toh suraksha Agenciyan hain unmen kami ke karan hoti hai agar desh ki suraksha agency IB cbi is beech mein asamanjas banaye rakhen miltary intelligence 10 feet hote hain input ke aadhaar par ghuspaith ko nakam kiya ja sakta hai koi bhi aatanki hamla hota hai usko nakam kiya ja sakta hai kashmir ke aatanki hamle hote hain agar sabhi agency hai inke beech mein coordination achi tarah bana rahe toh aatanki hamlo ko roka ja sakta hai lekin agar koi bhi deshdrohi hota hai toh agar vo gaddari karta hai toh zaroor aisa ho sakta hai lekin hamare saare jamane vaah sabhi desh bhakti aur hum log ko rokna bahut badi chunauti hai jaisa ki aap dekh sakte hain ki din pati jitne bhi aatanki hamla hain society se nayi takniki kapur ki achi tarah se prayog kar rahi hai aur american hamlo mein kami la sakte hain jaise ki folder hai border mein jo taar hai unke upar current hai kal toh tarabandi hai use current daudh sakte hain jo laser light hoti hai flight se hum charo taraf suraksha ghera taiyar kar sakte hain aur satellite satellite ki madad se hum aatanki ghuspaith ko rok sakte hain aur jawaan hote hain drone ki madad se bhi hum khush set karo ki sakte hain aur agar hum chahen toh airport ki madad se bhi hum backup hamesha taiyar rakh sakte hain toh abhi kuch tadapati hai vaah sardi se pehle hi shuru hoti hai jab sardi ka mausam shuru hota hai use theek hai toh maine pehle jo aatankwadi hote hain vaah kuch wait karna ek hi baat mein barfabari hoti hai barfabari ki wajah se phir kuch padh karna mushkil ho jata hai toh sabhi se pehle agar is par rok di jaaye toh aise aatankwadi hamlo ko nakam kar sakte hain dhanyavad

देखिए कश्मीर के ऊपर जो कि आतंकवादी हमले होते हैं उसमें सबसे बड़ी चूक तो सुरक्षा एजेंसी की

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

1:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कश्मीर की ही बात नहीं है दुनिया में कहीं भी कितनी भी मजबूर सोचा कर दीजिए और आतंकी हमले को रोका नहीं जा सकता हां सावधान हुआ जा सकता है यह सखियां अचानक होती हैं और एक आम आदमी में इतनी क्षमता नहीं होती इतनी हिम्मत नहीं होती कि उसका तात्कालिक विरोध कर पाए जैसे आप सोचें कि कभी ट्रेन के डिब्बे में अक्षरा था कि दो आदमी आए और चाकू लेकर उन्होंने सबको लो तो क्या हो रोक नहीं सकते थे जमा लिए ट्रेन के डिब्बे में 7580 लोग होते हैं जो लोगों को लूट के ले जाते हैं तो वह भी रोका जा सकता था तो यह जो घटनाएं होती हैं इस तरह की उनका कोई मानस तैयार नहीं होता है इसलिए वह सावधानी रखनी चाहिए हम लोगों को अंदर से मजबूत होना चाहिए और एक दो लोगों के बोलने से भी नहीं होता तुरंत सब लोगों को आना चाहिए अपन तो उसका नुकसान ही होता है कि फिर उसमें भीड़तंत्र आ जाता है तो सही आदमी को पीट देते तो एक ऐसी समस्या है जो सामाजिक समस्या है घर की जरूरत है ठीक है

kashmir ki hi baat nahi hai duniya mein kahin bhi kitni bhi majboor socha kar dijiye aur aatanki hamle ko roka nahi ja sakta haan savdhaan hua ja sakta hai yah sakhiyan achanak hoti hain aur ek aam aadmi mein itni kshamta nahi hoti itni himmat nahi hoti ki uska tatkalik virodh kar paye jaise aap sochen ki kabhi train ke dibbe mein akshara tha ki do aadmi aaye aur chaku lekar unhone sabko lo toh kya ho rok nahi sakte the jama liye train ke dibbe mein 7580 log hote hain jo logo ko loot ke le jaate hain toh vaah bhi roka ja sakta tha toh yah jo ghatnaye hoti hain is tarah ki unka koi manas taiyar nahi hota hai isliye vaah savdhani rakhni chahiye hum logo ko andar se majboot hona chahiye aur ek do logo ke bolne se bhi nahi hota turant sab logo ko aana chahiye apan toh uska nuksan hi hota hai ki phir usme bhidatantra aa jata hai toh sahi aadmi ko peat dete toh ek aisi samasya hai jo samajik samasya hai ghar ki zarurat hai theek hai

कश्मीर की ही बात नहीं है दुनिया में कहीं भी कितनी भी मजबूर सोचा कर दीजिए और आतंकी हमले को

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:40

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या मजबूत सुरक्षा के बाद भी जम्मू कश्मीर पर आतंकी हमले को रोका नहीं जा सकता है अगर मजबूत सुरक्षा नहीं होती तो आतंकी हमला तो होगा ही होगा ओके उसके लिए फॉलो करना पड़ता है अगर आर्मी वाले उतना ही स्थित फॉलो करेंगे और कोई बीमारी नहीं करेंगे तो सुरक्षा कंप्लीट है ओके या तो फिर आतंकी हमले तो होती रहेगी उसमें कोई रोक नहीं सकता रोकने के लिए सुरक्षा एकदम होनी चाहिए ओके धन्यवाद

kya majboot suraksha ke baad bhi jammu kashmir par aatanki hamle ko roka nahi ja sakta hai agar majboot suraksha nahi hoti toh aatanki hamla toh hoga hi hoga ok uske liye follow karna padta hai agar army waale utana hi sthit follow karenge aur koi bimari nahi karenge toh suraksha complete hai ok ya toh phir aatanki hamle toh hoti rahegi usme koi rok nahi sakta rokne ke liye suraksha ekdam honi chahiye ok dhanyavad

क्या मजबूत सुरक्षा के बाद भी जम्मू कश्मीर पर आतंकी हमले को रोका नहीं जा सकता है अगर मजबूत

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:38
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या मजबूत सुरक्षा के बाद भी जम्मू-कश्मीर पर आतंकी हमले को रोका नहीं जा सकता लेकिन मजबूत सुरक्षा की जो आम जनता है बल्कि वहां पर जो स्लीपर सेल्स 2 वर्षों से बने हुए हैं तो वहीं हमले करने की फिराक में रहते हैं और दहशत फैलाना चाहते इतने साल पुराना रोग कोई 40 साल पुराना 270 साल पुराना दो 70 महीनों में कभी नहीं हो सकता और हमें पूरा समय देना चाहिए सरकार को भी और जम्मू-कश्मीर की जनता को भी ताकि जो सफाया धीमे-धीमे हो वहां की जनता शांति से रह सके क्योंकि आतंकवादी गतिविधि बहुत लंबे समय तक अब नहीं चल पाएगी वहां की जनता को जब धीमे-धीमे विश्वास होता जाएगा वहां की जनता अमन चैन शांति चाहती है आतंकवादी विचारधारा के लोग जो है वह कम है और आम जनता अमन सैनी चाहती है इसलिए यह दिन एक दिन वह क्योंकि अधिकतर प्रजा मनपसंद ऑल द बेस्ट

kya majboot suraksha ke baad bhi jammu kashmir par aatanki hamle ko roka nahi ja sakta lekin majboot suraksha ki jo aam janta hai balki wahan par jo sleeper sales 2 varshon se bane hue hai toh wahi hamle karne ki firak mein rehte hai aur dahashat faillana chahte itne saal purana rog koi 40 saal purana 270 saal purana do 70 mahinon mein kabhi nahi ho sakta aur hamein pura samay dena chahiye sarkar ko bhi aur jammu kashmir ki janta ko bhi taki jo safaya dhime dhime ho wahan ki janta shanti se reh sake kyonki aatankwadi gatividhi bahut lambe samay tak ab nahi chal payegi wahan ki janta ko jab dhime dhime vishwas hota jaega wahan ki janta aman chain shanti chahti hai aatankwadi vichardhara ke log jo hai vaah kam hai aur aam janta aman saini chahti hai isliye yah din ek din vaah kyonki adhiktar praja manpasand all the best

क्या मजबूत सुरक्षा के बाद भी जम्मू-कश्मीर पर आतंकी हमले को रोका नहीं जा सकता लेकिन मजबूत स

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Kesharram

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या मजबूत सुरक्षा के बाद में जम्मू कश्मीर पर आतंकी हमले को रोका नहीं जा सकता है दोस्तों आपको पता है कि अगर हमारे पास में इतनी सैनी के उनको कश्मीर के लगाते तो बाकी और भी तो ला देना और यह आपको मैं बता देना चाहता हूं दोस्तों हूं कि अभी कश्मीर सुरक्षित उसमें किसी प्रकार का कोई खता नहीं है सिर्फ और सिर्फ उन लोगों को अपने हिसाब से अपने आजादी के साथ बिजी हो जाएगा और इसके सामान्य होने पर आपको पता है दोस्तों जख्म जब हरा होता है तब तक उसके मर्म लगाते रहते हैं और जिस दिन वह समाप्त हो जाता है तब क्या हम लगाते हैं नहीं लगाते ना तो फिर आतंकी हमला हो सकता क्योंकि आतंकवाद

kya majboot suraksha ke baad mein jammu kashmir par aatanki hamle ko roka nahi ja sakta hai doston aapko pata hai ki agar hamare paas mein itni saini ke unko kashmir ke lagate toh baki aur bhi toh la dena aur yah aapko main bata dena chahta hoon doston hoon ki abhi kashmir surakshit usme kisi prakar ka koi khata nahi hai sirf aur sirf un logo ko apne hisab se apne azadi ke saath busy ho jaega aur iske samanya hone par aapko pata hai doston jakhm jab hara hota hai tab tak uske marm lagate rehte hain aur jis din vaah samapt ho jata hai tab kya hum lagate hain nahi lagate na toh phir aatanki hamla ho sakta kyonki aatankwad

क्या मजबूत सुरक्षा के बाद में जम्मू कश्मीर पर आतंकी हमले को रोका नहीं जा सकता है दोस्तों आ

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