क्यूँ अम्बेडकर हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में परिवर्तित हो गए थे?...


user
0:48
Play

Likes  242  Dislikes    views  2718
WhatsApp_icon
7 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्यों अंबेडकर हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में परिवर्तित हो गए थे मुझे पता है तब तक हिंदू धर्मा में एससी बीसी का सब चल रहा था ठीक है और इसके कारण बहुत धर्म में ऐसा कुछ नहीं है इससे वह हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में चले गए सिंपल ओके जहां इज्जत ना हो वह धर्म के काम का ठीक है इसलिए वो गौतम बुध में चले गए ठीक है आपका दिन शुभ हो धन्यवाद

kyon ambedkar hindu dharm chhodkar Baudh dharm mein parivartit ho gaye the mujhe pata hai tab tak hindu dharma mein SC BC ka sab chal raha tha theek hai aur iske karan bahut dharm mein aisa kuch nahi hai isse vaah hindu dharm chhodkar Baudh dharm mein chale gaye simple ok jaha izzat na ho vaah dharm ke kaam ka theek hai isliye vo gautam buddha mein chale gaye theek hai aapka din shubha ho dhanyavad

क्यों अंबेडकर हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में परिवर्तित हो गए थे मुझे पता है तब तक हिंदू

Romanized Version
Likes  406  Dislikes    views  5546
WhatsApp_icon
user

Karan Janwa

Automobile Engineer

0:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भीमराव अंबेडकर को एक दलित और आजादी से पहले दलितों को उसने अधिकार प्राप्त नहीं थे वह दलितों के लिए एक अलग निर्वाचन चाहते थे और दलितों के अधिकार के लिए नफरत है तो हिंदू धर्म में दलितों को और शब्दों को निम्न स्तर का संचालन था इसलिए भीमराव अंबेडकर जी बहुत धन्यवाद

bhimrao ambedkar ko ek dalit aur azadi se pehle dalito ko usne adhikaar prapt nahi the vaah dalito ke liye ek alag nirvachan chahte the aur dalito ke adhikaar ke liye nafrat hai toh hindu dharm mein dalito ko aur shabdon ko nimn sthar ka sanchalan tha isliye bhimrao ambedkar ji bahut dhanyavad

भीमराव अंबेडकर को एक दलित और आजादी से पहले दलितों को उसने अधिकार प्राप्त नहीं थे वह दलितों

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  223
WhatsApp_icon
play
user

Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:48

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्यों अंबेडकर हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में परिवर्तित हो अंबेडकर ने जो कंफ्यूज किया था कि दलित को हिंदू धर्म से छोड़कर और दूसरे धर्मों में प्रवेश करना चाहिए यह उन्होंने 1936 में 22 मई को लखनऊ में एक अधिवेशन हुआ था जिसको दलित लेटर ओं थे उस समय जो बाकी के बाद में भी इंदिरा गांधी के समय तत्पर रहे थे बाबू जगजीवन की अध्यक्षता में यह अधिवेशन हुआ था सन 1936 और उसमें जबकि अमृत उन्होंने अपना दूरी बनाए रखी थी उन्होंने अधिवेशन अटेंड नहीं किया था जबकि नागपुर में जो अधिवेशन हुआ था तो उस समय उन्होंने अपने 365000 अनुयायियों के साथ बुद्धिस्म का शिकार किया था उसके पहले उनकी सर ने मूर्ति थी अब अंडा लेकर और उन्होंने अपनी सरनेम बुद्धिज़्म शिकार करने के बाद अंबेडकर सरनेम धारण किया था और 1956 में हमसे वह विदा हो गए थे धन्यवाद

kyon ambedkar hindu dharm chhodkar Baudh dharm mein parivartit ho ambedkar ne jo confuse kiya tha ki dalit ko hindu dharm se chhodkar aur dusre dharmon mein pravesh karna chahiye yah unhone 1936 mein 22 may ko lucknow mein ek adhiveshan hua tha jisko dalit letter on the us samay jo baki ke baad mein bhi indira gandhi ke samay tatpar rahe the babu jagjivan ki adhyakshata mein yah adhiveshan hua tha san 1936 aur usme jabki amrit unhone apna doori banaye rakhi thi unhone adhiveshan attend nahi kiya tha jabki nagpur mein jo adhiveshan hua tha toh us samay unhone apne 365000 anuyayiyon ke saath buddhism ka shikaar kiya tha uske pehle unki sir ne murti thi ab anda lekar aur unhone apni surname buddhizm shikaar karne ke baad ambedkar surname dharan kiya tha aur 1956 mein humse vaah vida ho gaye the dhanyavad

क्यों अंबेडकर हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में परिवर्तित हो अंबेडकर ने जो कंफ्यूज किया था

Romanized Version
Likes  63  Dislikes    views  1213
WhatsApp_icon
user

Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

5:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अब क्यों अंबेडकर हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में परिवर्तित हो गए थे देखिए अब यह थोड़ा सा संस्था टॉपिक है और इसको समझने के लिए हमें धर्म हिंदू धर्म में बौद्ध धर्म इसका कंपैरिजन से ज्यादा यह समझना चाहिए कि इन दो धर्मों का उस समय जब के अंबेडकर हमारे जिन्होंने कॉन्स्टिट्यूशन पर साइन किया है क्या कारण रहा होगा अगर आप थोड़ा इसके लिए हिस्ट्री पड़े तो आपके समझ आएगा ही कांटेक्ट के हिंदू धर्म शुरू से यह काफी बहुत ही प्राचीन काल का पुराना धर्म है जिसमें ज्यादातर जो जात जो कास्ट है यह लोगों की ऑक्यूपेशन से बनाई गई थी जैसे ब्राह्मण वैश्य क्षत्रिय और शूद्र 4 मैन कास्ट है यह किस तरह बनती थी इसका जो नियम है कि कौन ब्राह्मण है ब्राह्मण शामली से उनका गोत्र उनका जो पुरानी न्यूज़ है या फिर कोई सत्य है सत्य है या ने सोल्जर वारियर ग्रुप से है या फिर वैसे हैं जो ट्रेडर ग्रुप से है या नहीं जो बनियान आज है जो बिजनेस करते हैं और शुद्र ग्रुप जो बाहर की मतलब ऐसे काम करते थे ऑक्यूपेशन प्लस कास्ट तो इसमें थोड़ा आपको हिस्ट्री थोड़ी सोशियोलॉजी और थोड़ा समाज और कल्चर को समझना होगा इंडिया का समाज ऐसा था कि हम जो जाती वह लोगों के काम से डिवाइड होती थी तो जो ढाई लिखाई जो वेद पुराण उपनिषद जानते थे और एडवाइजर होते थे को ब्राह्मण पार्टी जो 22-watt है वह ट्रेडर्स ए बिजनेसमैन थे मर्चेंट जो क्षत्रिय थे जाने जॉब राजा महाराजाओं के आर्मी में रहते थे और लड़ाई वगैरह में मतलब आर्मी मैन क्रांति और जो ऐसे काम करते थे जो दूसरे लोग नहीं करते जैसे के सफाई वाले कमरे से आज की डेट में हम हमारे मुंशी पार्टी में देखते हैं लोग कार बेच गटर साफ कर रहे हैं कहीं मेन हो थक गया है तो कहीं गंदगी है तो यह सारा कुछ जुगाड़ भेज क्लीनिंग होती है सारा कुछ उस जमाने में बांटी कॉरपोरेशन तो नहीं था तो यह नगर निगम के काम यह लोग करते थे सूत्र इस तरह उसी तरह कुमार थे उसी तरह और सुना रहे थे गोल्डस्मिथ लोहार थे ब्लॉक में तो हर तरह के ऑपरेशन से किसान थे जॉ एग्रीकल्चर उसमें इस तरह हिंदू धर्म में ऑक्यूपेशन से जात बनाई गई बौद्ध धर्म एक हिंदू धर्म का ही जप्त सिद्धार्था किंग सिद्धार्थ जी को आत्मा भूत है वह जब उन्हें सिद्धि प्राप्त हुई उन्हें मोक्ष मेला आरेला अटेनमेंट हुई उन्होंने यह जाना कि वह थोड़ा सा इससे जात पात को नहीं मानते उनका अपना जो है जो बुद्धिज्म के उन्होंने प्रचार किया अब बीआर अंबेडकर जब इस घर में पैदा हुए हिंदू धर्म में और जब वह वह एक ऐसे आरा में इस समय में थे जहां पर जात का बहुत ज्यादा इंडिया में मतलब इसका इंश्योरेंस बहुत ज्यादा था तो लोग यान यान टच एबिलिटी भी इंडिया में थी छुआछूत का के इसको हाथ यह शूद्र अगर कहीं से गुजर जाए तो इनको जो है उनका थोड़ा पोजीशन अलग था तो क्योंकि वह एक ऐसी जहाज से उनका कनेक्शन था जो शुद्र थी और फिर लेकिन वह पढ़े लिखे थे उन्होंने अपने जीवन में वह काम नहीं किए जो जाकर उनकी कास्ट के लोग करते हैं वह पढ़े लिखे फिर उन्होंने डिग्री ली और फिर वह इंडिया के कॉन्स्टिट्यूशन का सबसे बड़ा डिजाइनर वही है तो उस कारणवश लेकिन उन्होंने यह देखा कि उनकी पढ़ाई-लिखाई और उनके अपने जो भी उन्होंने कार्य किए इससे उनकी उनकी पोजीशन उनकी रेस्पेक्ट में कोई भी फर्क नहीं आया लोगों ने एक सूत्र ही की नजर से देख रहे हैं जबकि एक पढ़े-लिखे इंसान होने के नाते इतना बड़ा योगदान उन्होंने इंडिया के इंडिपेंडेंस और कॉन्स्टिट्यूशन में दिया तो हो सकता है इस कारण वर्ष को थोड़ा सा अपने इसका सिस्टम से जो यह डिफरेंस है कि आप कुछ भी कर लो आपकी पहचान आपकी बात सही है तो वह कारण से हो सकता है शायद के उन्हों उनको यह लगा हो कि वह और उनके सारे मतलब जो उनके फॉलोवड थे उस टाइम कैसे धर्म में चले जाएं जहां पर यह कास्ट है ही नहीं तो क्योंकि दूसरे धर्म सिख एग्जाम है बुधीरजा में जाने का दूसरे जो धर्म में इनमें का सिस्टम नहीं है तो उन्होंने शायद इस कारण यह सोचा होगा कि वह अपने आप को इस जगह अपने मतलबी कैसा धर्म अपना लें जो शायद उनको उनके सोच से उन्हें पहचान करें ना कि इस बात से कि वह किस धर्म से है किस जात से उनका आज है संबंध है तो मेरी राय में यही कारण रहा होगा के अंबेडकर हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में वह परिवर्तित हो गए धन्यवाद

ab kyon ambedkar hindu dharm chhodkar Baudh dharm mein parivartit ho gaye the dekhiye ab yah thoda sa sanstha topic hai aur isko samjhne ke liye hamein dharm hindu dharm mein Baudh dharm iska kampairijan se zyada yah samajhna chahiye ki in do dharmon ka us samay jab ke ambedkar hamare jinhone Constitution par sign kiya hai kya karan raha hoga agar aap thoda iske liye history pade toh aapke samajh aayega hi Contact ke hindu dharm shuru se yah kaafi bahut hi prachin kaal ka purana dharm hai jisme jyadatar jo jaat jo caste hai yah logo ki occupation se banai gayi thi jaise brahman vaiishay kshatriya aur shudra 4 man caste hai yah kis tarah banti thi iska jo niyam hai ki kaun brahman hai brahman shamili se unka gotra unka jo purani news hai ya phir koi satya hai satya hai ya ne soldier warrior group se hai ya phir waise hai jo trader group se hai ya nahi jo BUNIYAN aaj hai jo business karte hai aur shudra group jo bahar ki matlab aise kaam karte the occupation plus caste toh isme thoda aapko history thodi sociology aur thoda samaj aur culture ko samajhna hoga india ka samaj aisa tha ki hum jo jaati vaah logo ke kaam se divide hoti thi toh jo dhai likhai jo ved puran upanishad jante the aur advisor hote the ko brahman party jo 22 watt hai vaah traders a bussinessmen the merchant jo kshatriya the jaane job raja maharajaon ke army mein rehte the aur ladai vagera mein matlab army man kranti aur jo aise kaam karte the jo dusre log nahi karte jaise ke safaai waale kamre se aaj ki date mein hum hamare munshi party mein dekhte hai log car bech gutur saaf kar rahe hai kahin main ho thak gaya hai toh kahin gandagi hai toh yah saara kuch jugaad bhej cleaning hoti hai saara kuch us jamane mein banti corporation toh nahi tha toh yah nagar nigam ke kaam yah log karte the sutra is tarah usi tarah kumar the usi tarah aur suna rahe the goldsmith lohar the block mein toh har tarah ke operation se kisan the jaw agriculture usme is tarah hindu dharm mein occupation se jaat banai gayi Baudh dharm ek hindu dharm ka hi japt siddhartha king siddharth ji ko aatma bhoot hai vaah jab unhe siddhi prapt hui unhe moksha mela arela atenment hui unhone yah jana ki vaah thoda sa isse jaat pat ko nahi maante unka apna jo hai jo buddhijm ke unhone prachar kiya ab br ambedkar jab is ghar mein paida hue hindu dharm mein aur jab vaah vaah ek aise aara mein is samay mein the jaha par jaat ka bahut zyada india mein matlab iska insurance bahut zyada tha toh log yaan yaan touch ability bhi india mein thi chuachut ka ke isko hath yah shudra agar kahin se gujar jaaye toh inko jo hai unka thoda position alag tha toh kyonki vaah ek aisi jahaj se unka connection tha jo shudra thi aur phir lekin vaah padhe likhe the unhone apne jeevan mein vaah kaam nahi kiye jo jaakar unki caste ke log karte hai vaah padhe likhe phir unhone degree li aur phir vaah india ke Constitution ka sabse bada designer wahi hai toh us karanvash lekin unhone yah dekha ki unki padhai likhai aur unke apne jo bhi unhone karya kiye isse unki unki position unki respect mein koi bhi fark nahi aaya logo ne ek sutra hi ki nazar se dekh rahe hai jabki ek padhe likhe insaan hone ke naate itna bada yogdan unhone india ke Independence aur Constitution mein diya toh ho sakta hai is karan varsh ko thoda sa apne iska system se jo yah difference hai ki aap kuch bhi kar lo aapki pehchaan aapki baat sahi hai toh vaah karan se ho sakta hai shayad ke unhon unko yah laga ho ki vaah aur unke saare matlab jo unke falovad the us time kaise dharm mein chale jayen jaha par yah caste hai hi nahi toh kyonki dusre dharm sikh exam hai budhiraja mein jaane ka dusre jo dharm mein inme ka system nahi hai toh unhone shayad is karan yah socha hoga ki vaah apne aap ko is jagah apne matlabi kaisa dharm apna le jo shayad unko unke soch se unhe pehchaan kare na ki is baat se ki vaah kis dharm se hai kis jaat se unka aaj hai sambandh hai toh meri rai mein yahi karan raha hoga ke ambedkar hindu dharm chhodkar Baudh dharm mein vaah parivartit ho gaye dhanyavad

अब क्यों अंबेडकर हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में परिवर्तित हो गए थे देखिए अब यह थोड़ा सा

Romanized Version
Likes  322  Dislikes    views  4020
WhatsApp_icon
user

Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

0:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां बेटा महोदय ने अपने जीवन के उत्तरार्ध काल में हिंदू धर्म में फैली हुई छुआछूत को शुरू हिंदू धर्म में छुआछूत एक्सप्रेस तार के विरोध स्वरूप अंत में बौद्ध धर्म को स्वीकार कर लिया था ऐसा शायद तुम्हें पढ़ा भी है और ऐसा सुना भी है

haan beta mahoday ne apne jeevan ke uttarardh kaal mein hindu dharm mein faili hui chuachut ko shuru hindu dharm mein chuachut express taar ke virodh swaroop ant mein Baudh dharm ko sweekar kar liya tha aisa shayad tumhe padha bhi hai aur aisa suna bhi hai

हां बेटा महोदय ने अपने जीवन के उत्तरार्ध काल में हिंदू धर्म में फैली हुई छुआछूत को शुरू हि

Romanized Version
Likes  143  Dislikes    views  1836
WhatsApp_icon
user

Ramandeep Singh

Waheguru industry

2:38
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अंबेडकर साहब हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में उन्होंने अपने धर्म को कन्वर्ट कर दिया देखिए दोस्तों पहले जो था वह ऐसा हालात ऐसे हालात थी कि किसी छोटी जात वाले को जो पंडित लोग थे वह वेद पढ़ने नहीं देते थे वह छोटी जात वाले को कुछ मानते थे इन सब चीजों से परेशान होकर अंबेडकर साहब ने हिंदू धर्म का त्याग किया और बौद्ध धर्म को उन्होंने अपनाया इसलिए दोस्तों कभी भी कोई भी धर्म का जो अन्याय है अगर वह कोई मुसलमान मुल्लाह है तू अपने आप को बहुत उचाना समझ ले क्योंकि कुरान शरीफ पढ़ने वाला एक बच्चा भी बहुत बड़ा गुरु हो सकता है उसकी जात बिरादरी कोई सी भी हो बहुत बड़ा गुरु हो सकता है वह किसी भी जाति बिरादरी का बच्चा हो अगर उसकी समझ में परमात्मा आ गया तो बहुत बड़ा गुरु हो सकता है जरूरी नहीं कि मस्जिद में रहने से मौलवी बहुत बड़ा ज्ञानी हो जाएगा जरूरी नहीं कि गुरुद्वारे में रहने से कोई ग्रंथि महत्व शुरू हो जाएगा बहुत बड़ा भ्रम जो है वो क्या बोले कि ग्रंथि है तो वो परमात्मा तक पहुंच जाएगा ऐसा नहीं हो सकता ईश्वर तक पहुंचने के लिए उस परमात्मा तक पहुंचने के लिए हमको परमात्मा ही होना पड़ता है इसलिए अंबेडकर जी ने जो है धर्म छोड़ दिया क्यों छोड़ दिया जब हम किसी को इतना परेशान कर देंगे तो आखिर वह हमारे घर से चलाई जाए गाना और वह दूसरी जगह पर अपना घर ढूंढेगा ही ना तू कहीं ना कहीं कहीं ना कहीं क्योंकि मैं इतना जरूर कहूंगा अंबेडकर साहब बहुत बुद्धिमान थी और जो बुद्धिमान होता है वह अपना घर छोड़कर खुद नहीं जाता और कुछ ऐसे भी बुद्धिमान हैं कुछ ऐसे भी दुनिया में बुद्धिमान हैं जो इस दुनिया में मूर्खों के बीच बैठे हैं और जो मूर्खों के बीच बैठे बुद्धिमान है वह भी बिचारे फिर मूर्ति कहलाए वह भी बिचारे मूर्ख हो जाते हैं क्योंकि मूर्ख लोग उसको जीने नहीं देते धन्यवाद

ambedkar saheb hindu dharm chhodkar Baudh dharm me unhone apne dharm ko convert kar diya dekhiye doston pehle jo tha vaah aisa haalaat aise haalaat thi ki kisi choti jaat waale ko jo pandit log the vaah ved padhne nahi dete the vaah choti jaat waale ko kuch maante the in sab chijon se pareshan hokar ambedkar saheb ne hindu dharm ka tyag kiya aur Baudh dharm ko unhone apnaya isliye doston kabhi bhi koi bhi dharm ka jo anyay hai agar vaah koi musalman mullah hai tu apne aap ko bahut uchana samajh le kyonki quraan sharif padhne vala ek baccha bhi bahut bada guru ho sakta hai uski jaat biradari koi si bhi ho bahut bada guru ho sakta hai vaah kisi bhi jati biradari ka baccha ho agar uski samajh me paramatma aa gaya toh bahut bada guru ho sakta hai zaroori nahi ki masjid me rehne se maulavi bahut bada gyani ho jaega zaroori nahi ki gurudware me rehne se koi granthi mahatva shuru ho jaega bahut bada bharam jo hai vo kya bole ki granthi hai toh vo paramatma tak pohch jaega aisa nahi ho sakta ishwar tak pahuchne ke liye us paramatma tak pahuchne ke liye hamko paramatma hi hona padta hai isliye ambedkar ji ne jo hai dharm chhod diya kyon chhod diya jab hum kisi ko itna pareshan kar denge toh aakhir vaah hamare ghar se chalai jaaye gaana aur vaah dusri jagah par apna ghar dhundhega hi na tu kahin na kahin kahin na kahin kyonki main itna zaroor kahunga ambedkar saheb bahut buddhiman thi aur jo buddhiman hota hai vaah apna ghar chhodkar khud nahi jata aur kuch aise bhi buddhiman hain kuch aise bhi duniya me buddhiman hain jo is duniya me murkhon ke beech baithe hain aur jo murkhon ke beech baithe buddhiman hai vaah bhi bichare phir murti kahalae vaah bhi bichare murkh ho jaate hain kyonki murkh log usko jeene nahi dete dhanyavad

अंबेडकर साहब हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म में उन्होंने अपने धर्म को कन्वर्ट कर दिया देखिए

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  134
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!