शशि थरूर जटिल अंग्रेज़ी शब्दों का प्रयोग क्यों करते हैं? क्या वह अधिक प्रसिद्धि चाहते हैं?...


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Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

0:36

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शशि थरूर एक का राइटर हैं और उनके अंग्रेजी में बहुत जबरदस्त पकड़ है और इस वजह से बहुत सारे ऐसे शब्द इस्तेमाल करते हैं जो आमतौर पर बोले नहीं जाते हैं और नासमझ तो कुछ हद तक उनकी एक आदत भी बन गई है कि वह जगह का ऐसे डिफिकल्ट शब्दकोश इस्तेमाल करते हैं तो लोग अक्सर डिक्शनरी को रेफर करते हैं या Google पर सर्च करते हैं तो उनको एक मेरे ख्याल से सटिस्फैक्शन भी मिलता है कि लोग यह सोचते होंगे कि काफी जानकार है तो यह कोई प्रसिद्ध की बात तो मुझे नहीं लगती क्योंकि वह पहले से ही काफी प्रसिद्ध हैं लेकिन हम उनके आदत में शुमार है कि वह थोड़ा कम प्लेस सर्टिफिकेट शब्दों का इस्तेमाल करें

shashi tharoor ek ka writer hain aur unke angrezi mein bahut jabardast pakad hai aur is wajah se bahut sare aise shabdh istemal karte hain jo aamtaur par bole nahi jaate hain aur nasamajh to kuch had tak unki ek aadat bhi ban gayi hai ki wah jagah ka aise difficult shabdkosh istemal karte hain to log aksar dictionary chahiye ko refer karte hain ya Google par search karte hain to unko ek mere khayal se satisfaction chahiye bhi milta hai ki log yeh sochte honge ki kaafi janakar hai to yeh koi prasiddh ki baat to mujhe nahi lagti kyonki wah pehle se hi kaafi prasiddh hain lekin hum unke aadat mein shumaar hai ki wah thoda kum place certificate shabdon ka istemal kare

शशि थरूर एक का राइटर हैं और उनके अंग्रेजी में बहुत जबरदस्त पकड़ है और इस वजह से बहुत सारे

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देखिए वह ऑलरेडी काफी प्रसिद्ध है इसलिए मुझे नहीं लगता कि वह जटा लैंग्वेज शब्दों का प्रयोग प्रसिद्धि पाने के लिए करते हैं उनका पालन-पोषण उनका रहन-सहन उन लोगों के साथ था जहां अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल किया था था और शशि थरूर का इंटरेस्ट विंगलिश न था वह काफी अच्छे वक्ता हैं काफी अच्छा बोलते हैं जब बोलते हैं तो लोगों ने सुनते हैं अंग्रेजी को की कमान काफी अच्छी है अगर उन्हें अच्छे व्हाट्स आते हैं तो जाहिर सी बात हुई कुछ भी करेंगे जटिल शब्दों का जूस करना इसका मतलब यह नहीं है कि उपर सतीश आते इसका मतलब सिर्फ यह है जो नहीं आता है उसके सामने बोलते हैं अगर आपके पास कोई टैलेंट है तो जाहिर सी बात है आप उसको दुनिया को दिखाना चाहेंगे

dekhiye vaah already kaafi prasiddh hai isliye mujhe nahi lagta ki vaah xatta language shabdon ka prayog prasiddhi paane ke liye karte hain unka palan poshan unka rahan sahan un logo ke saath tha jaha angrezi bhasha ka istemal kiya tha tha aur shashi tharoor ka interest vingalish na tha vaah kaafi acche vakta hain kaafi accha bolte hain jab bolte hain toh logo ne sunte hain angrezi ko ki kamaan kaafi achi hai agar unhe acche whats aate hain toh jaahir si baat hui kuch bhi karenge jatil shabdon ka juice karna iska matlab yah nahi hai ki upar satish aate iska matlab sirf yah hai jo nahi aata hai uske saamne bolte hain agar aapke paas koi talent hai toh jaahir si baat hai aap usko duniya ko dikhana chahenge

देखिए वह ऑलरेडी काफी प्रसिद्ध है इसलिए मुझे नहीं लगता कि वह जटा लैंग्वेज शब्दों का प्रयोग

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Sefali

Media-Ad Sales

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करोड़ों लंदन यूके में पैदा हुए थे और उसकी वजह से मेरे हिसाब से ब्रिटिश इंग्लिश जो है उसका काफी ज्यादा जो है पर प्रभाव है उनकी इंग्लिश में इसलिए जो है काफी जो एडवांस वर्ड वह यूज़ करते हैं जब भी वह वार्तालाप करते हैं फिर जब भी कोई उनका कमेंट आता है वह काफी और जो वर्ड्स यूज़ के हो तो काफी जो होते हो एडवांस होते हैं और दुखी हुए और फिर भी है जुनून उन्होंने करीबन 16 किताबें लिखी है तो जाहिर है तो उसकी वजह से जो है उनकी इंग्लिश में काफी जमा इंपैक्ट यहां तक कि वह आर्टिकल्स भी देते हैं चाहे वह द न्यूयॉर्क टाइम शो द वाशिंगटन पोस्ट और टाइम्स न्यूज मेक द टाइम्स ऑफ इंडिया यह सब मैं उनकी आर्टिकल्स पर आती है

karodo london UK mein paida hue the aur uski wajah se mere hisab se british english jo hai uska kaafi zyada jo hai par prabhav hai unki english mein isliye jo hai kaafi jo advance word vaah use karte hain jab bhi vaah vartalaap karte hain phir jab bhi koi unka comment aata hai vaah kaafi aur jo words use ke ho toh kaafi jo hote ho advance hote hain aur dukhi hue aur phir bhi hai junun unhone kariban 16 kitaben likhi hai toh jaahir hai toh uski wajah se jo hai unki english mein kaafi jama impact yahan tak ki vaah articles bhi dete hain chahen vaah the new york time show the washington post aur times news make the times of india yah sab main unki articles par aati hai

करोड़ों लंदन यूके में पैदा हुए थे और उसकी वजह से मेरे हिसाब से ब्रिटिश इंग्लिश जो है उसका

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अभी भी शशि थरूर जो है अपनी बात या अपनी मन की बात जय व्यक्त करते हैं पब्लिक में या फिर ट्विटर पर दिखाना कहां पर वह ज्यादातर सिचुएशंस में जो है जटिल अंग्रेजी शब्द का प्रयोग करते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह जटिल अंग्रेजी का प्रयोग किस लिए करते हैं कि वह अधिक प्रसिद्धि चाहते हैं वहां से अधिक प्रसिद्ध हो जाए क्योंकि अगर हम देखें तो शशि थरूर जो है वह केरला के हैं और अगर हम भारत का दक्षिणी भाग देखे तो खाना खा को दक्षिणी भाग में ऐसे कई सारे लोग हैं हम कह सकते हैं लगभग 70 से 7% तक ऐसे लोग हैं जिन्हें अंग्रेज अंग्रेजी बोलना ही आता है जिन्हें भारत की मातृभाषा हिंदी बोलना नहीं आता और खाना खा पर चले चलो केरला के है तो खाना खाकर हूं कि अब रिंगिंग में जो वह हिंदी जो इतनी आसानी से व्यक्त नहीं कर पाते जितनी आसानी से वह अंग्रेजी व्यक्त कर पाते हैं अगर हम देखें तो शशि थरूर ने जो है और उनमें जवानी जाकर पड़ा है और उनकी बीवी या फिर हम कह सकते हो क्या आसपास के जितने रहने वाले वस्त्र इंग्लिश बोलने वाले हैं तो खाना कहां पर शशि थरूर को अंग्रेजी में जो है अपने प्यार अपने बात व्यक्त करने की या फिर यूं कह सकते हैं अपने मन की बात बताने के लिए जो है उन्हें बहुत निकल पड़ता है मुश्किल पड़ता है और जब यह अंग्रेजी जो है उन्होंने बचपन से पढ़ी है तो खाना खा पुराने लगता कि वह अंग्रेजी में आसानी से बात कर सकते इसके लिए वह अंग्रेजी शब्द का प्रयोग करते हैं उनके लिए वह अंग्रेजी साथ जटिल नहीं होंगे लेकिन हमारे लिए जब हम उनकी बातों को समझते हैं तब हमारे लिए WhatsApp जटिल होंगे तो मेरे हिसाब से यही कारण है कि शशि थरूर जैसे जटिल अंग्रेजी शब्द का प्रयोग करते हैं और भी अधिक प्रसिद्ध नहीं होना चाहते हैं

dekhie chahiye abhi bhi shashi tharoor jo hai apni baat ya apni man ki baat jai vyakt karte hain public mein ya phir twitter par dikhana Kahan chahiye par wah jyadatar sichueshans mein jo hai jatil angrezi shabdh ka prayog karte hain lekin iska matlab yeh nahi hai ki wah jatil angrezi ka prayog kis liye karte hain ki wah adhik prasiddhi chahte hain wahan se adhik prasiddh ho jaye kyonki agar hum dekhen to shashi tharoor jo hai wah kerala ke hain aur agar hum bharat ka dakshini bhag dekhe to khana kha ko dakshini bhag mein aise kai sare log hain hum keh sakte hain lagbhag 70 se 7% tak aise log hain jinhen chahiye angrej angrezi bolna hi aata hai jinhen chahiye bharat ki matrubhasha hindi bolna nahi aata aur khana kha par chale chalo kerala ke hai to khana khakar hoon ki ab wring mein jo wah hindi jo itni aasani se vyakt nahi kar paate jitni aasani se wah angrezi vyakt kar paate hain agar hum dekhen to shashi tharoor ne jo hai aur unmen chahiye jawaani jaakar pada hai aur unki biwi chahiye ya phir hum keh sakte ho kya aaspass ke jitne rehne wale vastra english bolne wale hain to khana Kahan chahiye par shashi tharoor ko angrezi mein jo hai apne pyar apne baat vyakt karne ki ya phir yun keh sakte hain apne man ki baat batane ke liye jo hai unhen chahiye bahut nikal padata hai mushkil padata hai aur jab yeh angrezi jo hai unhone bachpan se padhi hai to khana kha purane lagta ki wah angrezi mein aasani se baat kar sakte iske liye wah angrezi shabdh ka prayog karte hain unke liye wah angrezi saath jatil nahi honge lekin hamare liye jab hum unki baaton ko samajhte hain tab hamare liye WhatsApp jatil honge to mere hisab se yahi kaaran hai ki shashi tharoor jaise jatil angrezi shabdh ka prayog karte hain aur bhi adhik prasiddh nahi hona chahte hain

देखिए अभी भी शशि थरूर जो है अपनी बात या अपनी मन की बात जय व्यक्त करते हैं पब्लिक में या फि

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Ekta

Researcher and Writer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां जी नहीं ऐसा नहीं है कि वह अधिक प्रसिद्धि चाहते हैं वह पहले से ही इतने प्रसिद्ध है कि उन्हें अब और ज्यादा बोलने की जरुरत नहीं शशि थरूर जटिल जोकि इंडियन पॉलिटिक्स में और हमारे पार्लियामेंट के मेंबर भी रह चुके हैं 2009 में और वह हमारे ऑफिस के चेयरमैन भी रह चुके हैं भारत के 2009 से 2010 के बीच में और इंडियन नेशनल कांग्रेस के नंबर भी रह चुके हैं और साथ ही साथ वह एक राइटर हैं उनका करियर पहले से ही बहुत अच्छा रहा है वह यूनाइटेड नेशंस में अंडर सेक्रेटरी सेक्रेटरी जनरल ऑफ़ कम्युनिकेशन पब्लिक इंफॉर्मेशन के लिए भी के जगह पर रह चुके हैं उनका यह इंग्लिश में बोलना कोई प्रसिद्धि के लिए नहीं है बल्कि वह इस लैंग्वेज को इतनी अच्छी तरीके से जानते हैं कि उसका ज्यादा यूज करते हैं कि बार-बार ऐसे शब्द का प्रयोग करना उन्हें ज्यादा अच्छा लगता है और इसमें वह खुद को बहुत ही कंफर्टेबल पाते हैं तो ऐसा करना उनके किसी बहुत प्रसिद्धि के लिए नहीं है बल्कि वह उस चीज में कंफर्टेबल हैं उस चीज को अच्छे से वह व्यक्त कर सकते हैं इसलिए वह इंग्लिश लैंग्वेज का ज्यादा यूज करते हैं

haan ji nahi aisa nahi hai ki wah adhik prasiddhi chahte hain wah pehle se hi itne prasiddh hai ki unhen chahiye ab aur jyada bolne ki zaroorat nahi shashi tharoor jatil joki indian politics mein aur hamare parliament ke member bhi rah chuke hain 2009 mein aur wah hamare office ke chairman bhi rah chuke hain bharat ke 2009 se 2010 ke beech mein aur indian national congress ke number bhi rah chuke hain aur saath hi saath wah ek writer hain unka career pehle se hi bahut accha raha hai wah united nations mein under secretary secretary general of communication public information ke liye bhi ke jagah par rah chuke hain unka yeh english mein bolna koi prasiddhi ke liye nahi hai balki wah is language ko itni acchi tarike se jante hain ki uska jyada use karte hain ki baar baar aise shabdh ka prayog karna unhen chahiye jyada accha lagta hai aur isme wah khud ko bahut hi kamfartebal paate hain to aisa karna unke kisi bahut prasiddhi ke liye nahi hai balki wah us cheez mein kamfartebal hain us cheez ko acche se wah vyakt kar sakte hain isliye wah english language ka jyada use karte hain

हां जी नहीं ऐसा नहीं है कि वह अधिक प्रसिद्धि चाहते हैं वह पहले से ही इतने प्रसिद्ध है कि उ

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Rajsi

Sports Commentator & Reporter

1:17
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यही कारण है कि जो देश में युवाओं के अलावा और भी कुछ युवाओं के अलावा जरूर का नाम बहुत कम लोग जानते हैं अगर आप लोग उन लोगों से बात करें जो गांव में रहते हैं जो जो बेसिक जहां से हमारी पुलिस की रुत है जानती नहीं ऋषि तनु कौन है क्योंकि वह इस तरह की बातें करते हैं कि लोग कनेक्ट नहीं कर पाते समझ नहीं पाते तो बिल्कुल मुझे तो लगता है कि शायद हो सकता है वह यह सबसे कठिन अंग्रेजी यह जटिल अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल इसीलिए अधिक करते हैं ताकि वह बनी रहे लोगों की नजर में और थोड़ी देर क्लास शो करें उन्होंने अपनी गले आ लगी लगी सी बनाई हुई है तो बिल्कुल उसको डिज़र्व करते हैं वह ठीक है उनको नहीं चाहिए कि वह इस तरह की पॉलिटिक्स करें जिसमें वह गंभीर विषयों से मिले हैं उन्हें हर एक डोर टू डोर पॉलिटिक्स जो होती है वह करें तो वह जिसमें जिसमें वह अपने कंप्यूटर में महसूस करते हो वैसे करते हैं उनके आसपास के ऑडियो CBSE हम को सुनने वाले वैसे ही हैं उनको पता उनके लोग क्या चाहते हैं वह कंफर्टेबल और उनके लोग कंप्यूटर में तो कोई प्रॉब्लम नहीं है बट आइ सुं मैंने भी कई बार पेश किया है उनके सेट सुनने के बाद उनकी तू ही देखने के बाद जिस तरह की बातें वह करते हैं कि कहीं बाहर एकदम क्यों लेट हो जाते हम लोग कि पता नहीं उन्हें क्या कहते और उस पर इसे तो बन गया ठीक है पर कहा गया डिक्शनरी लेकर बैठना पड़ता है मैं चली कहीं पर दिखाई देते हैं वह सारे शब्द तो अच्छा है आप भी फॉलो करके देखिए कभी कभी कभी बहुत मिस अब देखने को मिलेंगे आपको

yahi kaaran hai ki jo desh mein yuvaon ke alava aur bhi kuch yuvaon ke alava jarur ka naam bahut kum log jante hain agar aap log un logo chahiye se baat kare chahiye jo gav mein rehte hain jo jo basic jaha se hamari police ki rut hai jaanti nahi rishi tanu kaun hai kyonki wah is tarah ki batein karte hain ki log connect nahi kar paate samajh nahi paate to bilkul mujhe to lagta hai ki shayad ho sakta hai wah yeh sabse kathin angrezi yeh jatil angrezi shabdon ka istemal isliye adhik karte hain taki wah bani rahe logo chahiye ki nazar mein aur thodi der class show kare chahiye unhone apni gale aa lagi lagi si banai hui hai to bilkul usko dizarv karte hain wah theek hai unko nahi chahiye ki wah is tarah ki politics kare chahiye jisme wah gambhir vishyon se mile hain unhen chahiye har ek dor to dor politics jo hoti hai wah kare chahiye to wah jisme jisme wah apne computer mein mehsus karte ho waise karte hain unke aaspass ke audio CBSE hum ko sunne wale waise hi hain unko pata unke log kya chahte hain wah kamfartebal aur unke log computer mein to koi problem nahi hai but i sun maine bhi kai baar pesh kiya hai unke set sunne ke baad unki tu hi dekhne ke baad jis tarah ki batein wah karte hain ki kahin bahar ekdam kyu late ho jaate hum log ki pata nahi unhen chahiye kya kehte aur us par ise to ban gaya theek hai par kaha gaya dictionary chahiye lekar baithana padata hai chali kahin par dikhai dete hain wah sare shabdh to accha hai aap bhi follow karke dekhie chahiye kabhi kabhi kabhi bahut miss ab dekhne ko milenge aapko

यही कारण है कि जो देश में युवाओं के अलावा और भी कुछ युवाओं के अलावा जरूर का नाम बहुत कम लो

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S

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अच्छी बात है कि वह आज इस तरीके के शब्दों का प्रयोग करते हैं वह उनके ट्विटर की वजह से बहुत सारे लोगों तक पहुंच पाता है और अब सिर्फ अकेले उनके मुकाबले री का हिस्सा नहीं है वह और बहुत सारे लोगों को नए बहुत सीखने का मौका मिलता है उनकी वजह से दोगलापन मेरे को नजर आता है वह यह कि अगर हिंदी आप बोलते हो हिंदी में कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग कर दो जो बहुत ज्यादा मेनस्ट्रीम नहीं है तो लोग आपके ऊपर हंसने लगते हैं आप का मजाक उड़ाने लगते हैं लेकिन भाई अंग्रेजी में अगर शशि थरूर ट्विटर पर कुछ उटपटांग लिख दे तो मीडिया से खबर करता है जैसे पता नहीं इसका इलाज ढूंढ लिया गया हो तो मैं तुम्हें ढूंढ

acchi baat hai ki wah aaj is tarike ke shabdon ka prayog karte hain wah unke twitter ki wajah se bahut sare logo chahiye tak pohch pata hai aur ab sirf akele unke muqable ri ka hissa nahi hai wah aur bahut sare logo chahiye ko naye bahut sikhne ka mauka milta hai unki wajah se doglapan mere ko nazar aata hai wah yeh ki agar hindi aap bolte ho hindi mein kuch aise shabdon ka prayog kar do jo bahut jyada mainstream nahi hai to log aapke upar hasne lagte hain aap ka mazak udane lagte hain lekin bhai angrezi mein agar shashi tharoor twitter par kuch utapatang likh de to media se khabar karta hai jaise pata nahi iska ilaj dhundh liya gaya ho to main tumhein dhundh

अच्छी बात है कि वह आज इस तरीके के शब्दों का प्रयोग करते हैं वह उनके ट्विटर की वजह से बहुत

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