एक दिन में करोड़ों कमा रहीं फिल्में तो फिर कैसी मंदी? क्या आप सहमत हैं?...


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Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

1:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए भारत में चल रही मंदी को हम जो है फिल्मों की कमाई से तुलना नहीं कर के बता सकते क्योंकि इसका कारण यह है कि जैसे कि आप कह रहे हैं कि करोड़ों रुपए फिल्में कम आ रही है तो कैसी मंदी चल रही है भारत में या वेस्ट में इत्र के कारण यह है कि हम सभी जानते हैं कि अन्नदाता जो होता है वह किसान होता है उसके बावजूद तुषार किसान ही भूखा मरता है तो जो मंदी है वह सिर्फ एक इंडस्ट्री से नहीं कर सकता क्योंकि मंदी का मतलब यह होता है कि बेरोजगारी होना बेरोजगारी का बढ़ना रोजगार ओं का नया सर्जन ना हो पाना और जो फिल्म इंडस्ट्री है वहां के जो भी फैंस क्लब से हैं जब फिल्में देखने जाते हैं वह एक अलग वर्क है और मंदी जो है वह सभी वर्ग को प्रभावित करती है तो आप एक बार को लेखक के नहीं कह सकते हैं और हकीकत में मंदी चल रही है थैंक यू

dekhiye bharat mein chal rahi mandi ko hum jo hai filmo ki kamai se tulna nahi kar ke bata sakte kyonki iska karan yah hai ki jaise ki aap keh rahe hain ki karodo rupaye filme kam aa rahi hai toh kaisi mandi chal rahi hai bharat mein ya west mein itra ke karan yah hai ki hum sabhi jante hain ki annadata jo hota hai vaah kisan hota hai uske bawajud tushaar kisan hi bhukha marta hai toh jo mandi hai vaah sirf ek industry se nahi kar sakta kyonki mandi ka matlab yah hota hai ki berojgari hona berojgari ka badhana rojgar on ka naya Surgeon na ho paana aur jo film industry hai wahan ke jo bhi fans club se hain jab filme dekhne jaate hain vaah ek alag work hai aur mandi jo hai vaah sabhi varg ko prabhavit karti hai toh aap ek baar ko lekhak ke nahi keh sakte hain aur haqiqat mein mandi chal rahi hai thank you

देखिए भारत में चल रही मंदी को हम जो है फिल्मों की कमाई से तुलना नहीं कर के बता सकते क्योंक

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

रितेश देशमुख

ritesh deshmukh

रितेश देशमुख

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:43
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

1 दिन में करोड़ों कमा रही फिल्मी तो फिर कैसे मरी क्या समझ दिखे वह बोले ठीक है और हम आपसे करते हैं दुनिया में ही इस देश में है ठीक है लेकिन वह उसने भी मेहनत करते हैं जॉब करने वाले से 8 घंटे बाद 8 घंटे काम करते लेकिन फिल्मों में काम करने वाले 8 घंटे 12 घंटे 15 घंटे काम करते हैं ठीक है उनका काम भी कोई ऐसे ही आलतू फालतू वाला नहीं होता बहुत मेहनत लगती है उसमें भी ठीक है और मानसिक से पूरा ध्यान देना पड़ता है वहां पर तब जाकर होता है आपका दिन शुभ रहे धन्यवाद

1 din mein karodo kama rahi filmy toh phir kaise mari kya samajh dikhe vaah bole theek hai aur hum aapse karte hain duniya mein hi is desh mein hai theek hai lekin vaah usne bhi mehnat karte hain job karne waale se 8 ghante baad 8 ghante kaam karte lekin filmo mein kaam karne waale 8 ghante 12 ghante 15 ghante kaam karte hain theek hai unka kaam bhi koi aise hi alatu faltu vala nahi hota bahut mehnat lagti hai usme bhi theek hai aur mansik se pura dhyan dena padta hai wahan par tab jaakar hota hai aapka din shubha rahe dhanyavad

1 दिन में करोड़ों कमा रही फिल्मी तो फिर कैसे मरी क्या समझ दिखे वह बोले ठीक है और हम आपसे क

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:52

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

1 दिन में करो कमा रहे फिल्में तो फिर तहसील में क्या आप सहमत हैं देखिए यह लोगों का योग मानसिकता है उसके ऊपर डिपेंड है लोग सोचते हैं कि फिल्म देखना जरूरी है लोगों की जरूरत है जो बदल रही है पहले जो जरूरत होती थी रोटी कपड़ा और मकान और हेल्थ और अच्छे से रहना और बचत करना अब है वही ठंडा है लोग यही सोचते हैं कि हम अच्छे से रहें और जल्दी करते हैं बचत के जो यूज़ अलग तरीके से अभी जो फिल्मों में एक तो उसकी जो टिकट है वह काफी ज्यादा होगी पहले कट बहुत कम थी और धीरे-धीरे बढ़ते बढ़ते जैसे मल्टीप्लेक्स आए हैं तब से टिकट कितनी बड़ी हुई है इसलिए यह कमाई जा साले आम जनता के मुख्यमंत्री मर गए और मध्यम वर्ग और उसके साथ-साथ पीछे पीछे जो सपोर्ट कर सकता है वह भी पिक्चर देखता है वह स्टारडम के पीछे उसकी एक पागलपन होती है इसलिए वह पिक्चर देखता है लेकिन इसका औद्योगिक मंदी के साथ कनेक्ट नहीं कर सकते और यौगिक में अलग है और यह जो सिनेमा है वह शौक है औद्योगिक मंदी जो है वह तो है ही है जीडीपी अलग है वह भी उससे कनेक्टर है भला किसी ने उद्योग में बहुत लोगों को रोजगार ही मिलती है लेकिन यह दर्शाता है कि फिल्मों में मंदिर हो सकता है ना हो लेकिन और औद्योगिक मंदी उसमें है इसलिए उनको अलग तरीके से देखना चाहिए धन्यवाद

1 din mein karo kama rahe filme toh phir tehsil mein kya aap sahmat hain dekhiye yah logo ka yog mansikta hai uske upar depend hai log sochte hain ki film dekhna zaroori hai logo ki zarurat hai jo badal rahi hai pehle jo zarurat hoti thi roti kapda aur makan aur health aur acche se rehna aur bachat karna ab hai wahi thanda hai log yahi sochte hain ki hum acche se rahein aur jaldi karte hain bachat ke jo use alag tarike se abhi jo filmo mein ek toh uski jo ticket hai vaah kaafi zyada hogi pehle cut bahut kam thi aur dhire dhire badhte badhte jaise multiplex aaye hain tab se ticket kitni badi hui hai isliye yah kamai ja saale aam janta ke mukhyamantri mar gaye aur madhyam varg aur uske saath saath peeche peeche jo support kar sakta hai vaah bhi picture dekhta hai vaah stardom ke peeche uski ek pagalpan hoti hai isliye vaah picture dekhta hai lekin iska audyogik mandi ke saath connect nahi kar sakte aur yaugik mein alag hai aur yah jo cinema hai vaah shauk hai audyogik mandi jo hai vaah toh hai hi hai gdp alag hai vaah bhi usse connector hai bhala kisi ne udyog mein bahut logo ko rojgar hi milti hai lekin yah darshata hai ki filmo mein mandir ho sakta hai na ho lekin aur audyogik mandi usme hai isliye unko alag tarike se dekhna chahiye dhanyavad

1 दिन में करो कमा रहे फिल्में तो फिर तहसील में क्या आप सहमत हैं देखिए यह लोगों का योग मान

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां मैं इस प्रश्न से सहमत हूं कि 1 दिन में करोड़ों कमा रही है फिल्में तो मंडी कैसी मंदी इसलिए है क्योंकि फिल्म में अक्सर शहरों में चलती है शेरों में नौकरी होती है काम धंधे होते हैं बिजनेस होते हैं अक्सर गांव खेड़े में मेरे किसान भाई के ऊपर मंडी है मेरे किसानों की फसल आज पानी में खत्म हो चुकी है किसानों के माल के माल को फिर से भाव नहीं सरकार हमी भाव देती नहीं मंदी सामान्य जनता में जल्दी एक गरीबों में जल्दी है किसानों में चल रही है सिटी के मॉल में फिल्में बनती है कम कपड़े वाली फिल्में बनती है सिटी के लोगों के पास पैसा रहता है नौकरी रहती है बिजनेस रहता है उनके भरोसे पर फिल्में लाखों काम आती है सर्वसामान्य गरीब लोगों की ही मंडी चालू है जिनके पास कम पैसा है वह फिल्मों में नहीं जाता फिल्में नहीं देखता गांव खेड़े में कोई भी सिनेमा थिएटर नहीं होते तो गांव खेड़े में अक्सर ज्यादा मंडी चालू है शहरों के भरोसे ही फिल्में लाखों करोड़ों कमा लेती है

haan main is prashna se sahmat hoon ki 1 din mein karodo kama rahi hai filme toh mandi kaisi mandi isliye hai kyonki film mein aksar shaharon mein chalti hai sheron mein naukri hoti hai kaam dhande hote hai business hote hai aksar gaon khede mein mere kisan bhai ke upar mandi hai mere kisano ki fasal aaj paani mein khatam ho chuki hai kisano ke maal ke maal ko phir se bhav nahi sarkar hamhi bhav deti nahi mandi samanya janta mein jaldi ek garibon mein jaldi hai kisano mein chal rahi hai city ke mall mein filme banti hai kam kapde wali filme banti hai city ke logo ke paas paisa rehta hai naukri rehti hai business rehta hai unke bharose par filme laakhon kaam aati hai sarvasamanya garib logo ki hi mandi chaalu hai jinke paas kam paisa hai vaah filmo mein nahi jata filme nahi dekhta gaon khede mein koi bhi cinema theater nahi hote toh gaon khede mein aksar zyada mandi chaalu hai shaharon ke bharose hi filme laakhon karodo kama leti hai

हां मैं इस प्रश्न से सहमत हूं कि 1 दिन में करोड़ों कमा रही है फिल्में तो मंडी कैसी मंदी इस

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Kesharram

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

1 दिन में करोड़ों कमा रही दिल में तो फिर कैसी मंदी है क्या आप सहमत हैं दोस्तों यह बात अलग है एक सेक्टर में मंदिर नहीं है बाकी तो जितने भी सारे शिकवे सभी में मंदिर दिख रही है और इस मंदी का कारण है यह देश के जो भूमंडलीकरण की वजह से आज आपको पता है कि हमारे मंदी का दौर चल रहा है अर्थ और उसका दिमाग आई हुई है तो यह क्षेत्र में करोड़ों 25 करोड़ कमा लेंगे उसको ज्ञान मंदिर में जेल मतलब उसके कब तक गिरेगा आसाराम द्वारा दी गई जानकारी

1 din mein karodo kama rahi dil mein toh phir kaisi mandi hai kya aap sahmat hai doston yah baat alag hai ek sector mein mandir nahi hai baki toh jitne bhi saare shikve sabhi mein mandir dikh rahi hai aur is mandi ka karan hai yah desh ke jo bhoomandalikaran ki wajah se aaj aapko pata hai ki hamare mandi ka daur chal raha hai arth aur uska dimag I hui hai toh yah kshetra mein karodo 25 crore kama lenge usko gyaan mandir mein jail matlab uske kab tak girega asharam dwara di gayi jaankari

1 दिन में करोड़ों कमा रही दिल में तो फिर कैसी मंदी है क्या आप सहमत हैं दोस्तों यह बात अलग

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जमशेदपुर में जो इंडस्ट्री एरिया है वहां लगभग 70 हजार कंपनी है और उसमें कम से कम 3:30 से 400000 लोग जॉब हो चुकी हैं अभी तक अब आप सोच लीजिए कि इतनी बड़ी अमाउंट में कल्लू चौक छोड़ छोड़ रहे हैं तो उसका कारण क्या हो सकता है कारण यह होता है कि लोग जो है वह सामान खरीदना है जिसकी वजह से डिमांड कम हो गई है डिमांड कम होगी तो सप्लाई भी कम करनी पड़ेगी कटौती करनी पड़ेगी सप्लाई कम करनी पड़ेगी तो लीवर की आवश्यकता नहीं रहेगी इसलिए बस को हटाया जा रहा है तो जो फिल्मों की कमाई है वो एंटरटेनमेंट जुड़ा मुद्दा है वह हमारी बाइक पॉलिश है वह ऐसा नहीं है कि हम फोर्सफुली चाहते हैं लेकिन आप सोचिए कि जो रिलेशनशिप की चीज है चाय साबुन तेल है करना है बिस्किट है इस तरह की चीजों में बीटीसी स्पेशल की गिरावट आ रही तो यह जब डीडीएसएस किसी समिति ग्राम अटारी आप सोच सकते हैं कि कितनी परेशानी भारतीयों को उठानी पड़ रही है मंदी का दौर तो नहीं कहूंगा लेकिन हां एक इकोनॉमिकल प्रॉब्लम से हिंदुस्तान खोज रहा है से गुजर रहा है और यह हिंदुस्तान ही नहीं यह ग्लोबल कह सकते हैं परेशानी है कुछ इंडिया के जो जो रूल्स रेगुलेशन थी उसकी वजह से कुछ लोग जो चैनल चल रहा है उसकी वजह से काफी परेशानी आ रही है और यह अभी एक मैगजीन नहीं बताया था कि हिंदुस्तान में जो परेशानी आ रही है वह ग्लोबल ट्रेडिंग से ज्यादा आ रही है तो मुझे लगता है इसमें जल्दी सुधार आएगा क्योंकि 2009 की जब मंदी हुई थी विश्व में पूरे विश्व मंदी की लेकिन भारत पर कोई असर नहीं था भारत में परफॉर्म किया था उम्मीद है कि इस बार भारत में नहीं आएगी और सब कुछ ठीक रहेगा पहले से भी बेहतर रहेगा धन्यवाद

dekhiye jamshedpur mein jo industry area hai wahan lagbhag 70 hazaar company hai aur usme kam se kam 3 30 se 400000 log job ho chuki hai abhi tak ab aap soch lijiye ki itni baadi amount mein kallu chauk chod chhod rahe hai toh uska karan kya ho sakta hai karan yah hota hai ki log jo hai vaah saamaan kharidna hai jiski wajah se demand kam ho gayi hai demand kam hogi toh supply bhi kam karni padegi katauti karni padegi supply kam karni padegi toh liver ki avashyakta nahi rahegi isliye bus ko hataya ja raha hai toh jo filmo ki kamai hai vo Entertainment juda mudda hai vaah hamari bike polish hai vaah aisa nahi hai ki hum forcefully chahte hai lekin aap sochiye ki jo Relationship ki cheez hai chai sabun tel hai karna hai biscuit hai is tarah ki chijon mein BTC special ki giraavat aa rahi toh yah jab DDSS kisi samiti gram atari aap soch sakte hai ki kitni pareshani bharatiyon ko uthani pad rahi hai mandi ka daur toh nahi kahunga lekin haan ek economical problem se Hindustan khoj raha hai se gujar raha hai aur yah Hindustan hi nahi yah global keh sakte hai pareshani hai kuch india ke jo jo rules regulation thi uski wajah se kuch log jo channel chal raha hai uski wajah se kaafi pareshani aa rahi hai aur yah abhi ek magazine nahi bataya tha ki Hindustan mein jo pareshani aa rahi hai vaah global trading se zyada aa rahi hai toh mujhe lagta hai isme jaldi sudhaar aayega kyonki 2009 ki jab mandi hui thi vishwa mein poore vishwa mandi ki lekin bharat par koi asar nahi tha bharat mein perform kiya tha ummid hai ki is baar bharat mein nahi aayegi aur sab kuch theek rahega pehle se bhi behtar rahega dhanyavad

देखिए जमशेदपुर में जो इंडस्ट्री एरिया है वहां लगभग 70 हजार कंपनी है और उसमें कम से कम 3:30

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