इंसान का पूरा जीवन संघर्ष करते-करते बीत जाता है, ना ही वो कुछ लाता है और ना ही कुछ ले जाता है, यह भी एक ईश्वर का अनोखा खेल है, क्या आप मेरी बात से सहमत हैं?...


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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

1:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंसान का पूरा जीवन संघर्ष करते-करते ही ना ही कुछ लाता है और ना ही कुछ ले लेता यह भी ईश्वर का क्या आप मेरी बात से सहमत हूं और इस बात से हमेशा यह मेरा है यह तेरा है मैं इतना अर्जित कर लो यह मेरा सुनो जरा मेरी अपनी प्रॉपर्टी है करते रहते हैं उसी को पाने के लिए निश्चित तौर पर हम एक दूसरे से संघर्ष करते एक दूसरे की लड़ाई लड़ते हैं और यह लालच पर्सन मोहब्बत जो है एक दूसरे के लिए मरते रहते हैं और अंत हुआ तो सब कुछ हम यही छोड़कर आप की तो बात है यह बिल्कुल सच है और मैं इस बात से सहमत हूं

insaan ka pura jeevan sangharsh karte karte hi na hi kuch lata hai aur na hi kuch le leta yah bhi ishwar ka kya aap meri baat se sahmat hoon aur is baat se hamesha yah mera hai yah tera hai main itna arjit kar lo yah mera suno zara meri apni property hai karte rehte hain usi ko paane ke liye nishchit taur par hum ek dusre se sangharsh karte ek dusre ki ladai ladte hain aur yah lalach person mohabbat jo hai ek dusre ke liye marte rehte hain aur ant hua toh sab kuch hum yahi chhodkar aap ki toh baat hai yah bilkul sach hai aur main is baat se sahmat hoon

इंसान का पूरा जीवन संघर्ष करते-करते ही ना ही कुछ लाता है और ना ही कुछ ले लेता यह भी ईश्वर

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J.P. Y👌g i

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रशन है इंसान का पूरा जीवन संघर्ष करते भी जाता है नहीं वह को चलाता हूं ना ही कुछ ले जाता है सरकारी आश्चर्य यह बात तो यथार्थ प्रत्यक्ष जगत में देखा जा रहा है कि इंसान उत्पन्न होता है और फिर वह चला जाता है यह जो आत्मा का एक शहर है अचरज की बात यह नहीं है कुछ भी और फिर चेंज होगा नहीं तो फिर कैसे पता चलेगा कि कि जो इस सृष्टि का करता हुआ है जिसने इस रचना को निर्धारित करके संचालित करके छोड़ा हुआ है वह और ऐसे ही आश्चर्य में सृष्टि नहीं करेगा तो फिर वह महान के लायक कहां हो पाएगा तो ईश्वर की संरचना में बहुत आश्चर्यजनक चीजें हैं और क्यों माना जाता है क्योंकि हमारा अधिकार नहीं हो पाता है कि चीजों में ना हमारे अंदर जी जन्म देने की अपेक्षा और मूर्तियां और ऐसा देखा जाता है और ना ही मरने की इच्छा के अनुकूल अपनी गति को आगे जान सकते हैं तो यह बीच की धारा में जन्म मरण के बीच का जो बीच की धारा है तो यही एक जीवन का लक्षण है लेकिन जिओ वास्तव में अलग से प्रवाहित चला रहा है लेकिन वह क्यों जन्म ले रहा है और करता क्या है आप लेना एक न देना दो लेकिन संघर्ष में रहता है संघर्ष में इसलिए रहता है कि जो सामाजिक परिवेश के अंदर उसमें कर्तव्य दायित्व और धर्म और भी बहुत सारी कंपटीशन की भावना आती है जो मानसिक दशा का उद्घाटन करते हैं तो इस वजह से संघर्ष को स्थापित रखता है संघर्ष में क्या जीव जीव को देखो संघर्ष में तो समझ प्राणी है अगर जीव जंतु को देखा जाए तो वह जुदा अपने भूख को मिटाने के लिए इधर-उधर विचरण करता है और उसमें बड़ा संघर्ष करता उसके बाद भी उस दूसरे संघर्ष को अपने से सुरक्षा के बचाव के लिए उसको सतत प्रयासरत रहता है और बहुत चौकन्ना रहता है उस और बड़ी ही मुश्किल से उसको शांति और संतोष से कोर्स उसको क्लब जो होता है लेकिन मनुष्य को तो यह है कि संघर्ष में रहने के बावजूद भी उसको इतना डिस्टर्ब नहीं है लेकिन फिर भी मनुष्य अपने ही जंगलों के अंदर इतना जबरदस्त घूस लेता है कि और कुछ सोच नहीं पाता है तो यह सब चीज हमें मिली कहां से हमें मिली है यहां के सामाजिक धरातल के प्रवेश के अंदर हम जानते हैं जैसे सच्चे इतना ही बढ़ती जाती है और यह जाना जाता है कि यह वाला चीज है यह तो मैं करना है यह करना है गौतम यह हो मुझे मनोज जीवात्मा का अंकन निर्धारित करते हैं और हम उस पर को हम मान लेते हैं कि हां यह जीव का तो कोई नहीं है और इसमें एक कालांतर में जीवन व्यापन होता है उसके बाद वह भी नष्ट हो जाता है और यह यथार्थ सत्य है लेकिन एक चाहत बनी रहती है के हम उस चीज के प्रति उपेक्षित रहते हैं यह हमारे को यह होना ही नहीं है लेकिन होना है होता है घटना लेकिन हम आंखें नीचे रहते क्योंकि हम पर जब तक पढ़ती नहीं आया पढ़ने का आभास नहीं होता तब तक आप उन्मुख नहीं होते हैं इसी तरह यह बातें हैं तो इसी बात से कि अगर जब मैं इंसान कुर्ते बहरी मुख्य प्रकृति का नियम है क्योंकि की जो जीवन प्रकरण से और सूक्ष्मता से उत्पन्न होता और स्कूल में प्रवेश करता और स्कूल में जो प्रकृति की उसका प्रभाव होता है उस से ग्रसित हो जाता है तो इसी कारण से हमारे पृष्ठभूमि केंद्र ज्ञात की धाराएं बहती है उसमें ही इसका उल्लेख और उसकी दिशाएं मिलती है कि मनुष्य को हाथ में चिंतन का विषय हो जाता है जो आत्मा के प्रति ज्यादा जागरूक रहते हैं और उनके ज्ञान क्यों चित्र दशा बन गई है तो वह लोग अन्वेषण करते हैं और इसका पर्दाफाश होता है और वह लोग जीवन को अच्छे सुचारू रूप से जीते हैं व्यवहारिक करते हैं और फिर उसके अंदर के मन की आत्मा में जो ज्ञान है अब जो संस्कार के वचन केंद्र तीर्थ संवेदनाएं होती हैं उसे उधार संवेदना उस ओर आकर्षित करती हैं तो यही चीजें हैं कि जो मनुष्यता हुआ है किसी संस्कार पूर्व से इस रूट में जलता है और वह इस जंजाल से परे होकर अपना शकुंलता सकुशल तक जीवन को ज्ञापन करता है क्योंकि लोग गेम खेलना तो चालू कर देते हैं लेकिन उसका सही सारे नियम अनुशासन और सिद्धांतों ने कुछ नई सोच विचारधारा रखनी है तो वह अपनी दिशाओं को अलग से चलाते हैं और यह सब तो जो मोह माया है मेरा तेरा माता-पिता डिफाइन से कोई रिलेशनशिप नहीं होता आदमी की दृष्टि में क्योंकि यह मैसेज की चीजें हैं कि की उत्पत्ति करता वह होता है वास्तविक में जो जानबूझकर कर देता है और उसका प्रयोजन सताई करता होता तो पति का कारण बन जाते हैं और यह पहचान बन जाती है और इसी तरह से बहुत सारे रिलेशनशिप का विस्तार हो जाता और हम आत्मसात कर लेते हैं उन चीजों ने तो वास्तव में इस को जाना है अकेला और आया अकेला है तो इस बिंदु पर जो सर्च करते हैं तो वह और उस प्रकृति से झूठ के जो हवा से उड़ के जो इस भूमि में अपना अन्वेषण करते हैं तो उनको प्रतीत होता है कि यह सब माई का आवरण है और सदन के लिए वह अपने जीवन को चिंता रहित चेस्टर से ज्ञापन करते हैं यह सब प्राथमिकता थी उसके अंदर करण संस्कार के ऊपर कि वह क्या समझ के जीवन को ज्ञापन कर रहा है और यह मायाजाल तो है ही है क्योंकि एक कहावत कही गई है कि दो पाटन के बीच में साबुत बचा न कोई लेकिन 1 गुरुओं की विदिशा है कि दाना वही पिसता है जो अपने की दूरी से अलग हो जाता है और जो कील के मध्य में बीच में रहता हूं दादा ना पता नहीं और वो जब तक उस के सानिध्य में सिमटा रहता है तो उसका बचाव और सुरक्षित होता है इसी प्रकार जो आत्मीयता से अलग हो चुके हैं और इतने रूड और मोड़ मोरी हो गए हो चुके हैं प्रकृति की दशा में जैसे पास थी जिसे पशु वध बोलते हैं कि उनकी मुक्ति का आचरण कोई दिमाग भी ज्ञान नहीं है उसको बढ़ता जाएगा और उसके साथ ही उसका डिस्ट्रॉय है वह लेकिन मनुष्य केंद्र पिक्चर चेतना इन चीजों से अलग एक निर्वाणरूपं स्थापित कर देती है कि उसकी वास्तविक पहचान क्या है कल्याण भारती के स्तर पर जो आदमी स्थित हो जाता है तो उसे कुशलता से सृष्टि में विचरण करता है और निर्लिप्त होकर अपने सही कर्म कर्तव्य दायित्व निर्वाह करता और मेरे तेरे छोटे मीठे देश दिशा दूरी भेदभाव से रहित होकर उससे चंद्र वायु की तरह प्रफुल्लित विचरण करता है तो ऐसी सामर्थ के लिए उनकी मानसिकता पर डिपेंड करता है कि किस उच्च स्तर की है यही कहूंगा की समझदारी ही और अपनी अनुभूति ही इस पर अपना प्रभाव जमा रखती है उस हिसाब से आज इंसान को अपने जीवन को डालना चाहिए धन्यवाद

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hi is par apna prabhav jama rakhti hai us hisab se aaj insaan ko apne jeevan ko dalna chahiye dhanyavad

प्रशन है इंसान का पूरा जीवन संघर्ष करते भी जाता है नहीं वह को चलाता हूं ना ही कुछ ले जाता

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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मैं का प्रश्न इंसान का पूरा जीवन संघर्ष करते-करते भी जाता है नहीं वह कुछ लाता है और ना ही कुछ ले जाता है यह भी ईश्वर का एक अनोखा खेल है क्या आप मेरी बात से सहमत हूं ठीक है और मैं इस बात से सहमत हूं सही कहा आपने

main ka prashna insaan ka pura jeevan sangharsh karte karte bhi jata hai nahi vaah kuch lata hai aur na hi kuch le jata hai yah bhi ishwar ka ek anokha khel hai kya aap meri BA at se sahmat hoon theek hai aur main is BA at se sahmat hoon sahi kaha aapne

मैं का प्रश्न इंसान का पूरा जीवन संघर्ष करते-करते भी जाता है नहीं वह कुछ लाता है और ना ही

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Niraj Devani

PHILOSOPHER

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यह जो संघर्ष में बीत जाता है जीवन है आपकी बात पर बहुत ज्यादा तक सही है क्योंकि बहुत कम लोग इतने ऐसे होते हैं कि जिन्होंने जिन लोगों में जो क्षमता हो वह पाना उनकी तकदीर में भी हो जब आपकी क्षमता है और आपकी तकदीर दोनों ही आपके सपोर्ट में हो तब आप बहुत बढ़िया बन सकते हैं कुछ बन के दिखा सकते हैं बहुत ज्यादा पैसे वगैरह रामेश्वराम जिसको बोलते हैं और एक बढ़िया जिंदगी आपको मिलती है लेकिन कई लोग ज्यादातर लोग ऐसे हैं कि जिनमें क्षमता ही नहीं है कुछ ऐसे सपने देखने की ख्वाब देखने की और बाकी के है उनमें क्षमता है तो उनकी तकदीर में नहीं है और कई लोग ऐसे भी है लेकिन उस पर मेहनत नहीं करते उस पर फोकस नहीं करते टोकन तकदीर में हो और क्षमता को फिर भी अगर आप कभी मेहनत ही नहीं करोगे उसके ऊपर 5 साल 10 साल अपना टाइम नहीं दोगे सबको जल्दी चाहिए मुझ में आज कुछ मुझे दिख गया है तो कल मुझे उसका रिजल्ट चाहिए तो ऐसा तो नहीं होता तो यह सब दिक्कत है लोगों के जीवन में कई बार समय नहीं दे पाते हैं कई बार क्षमता नहीं होती कई बार तक़दीर में नहीं होता और यह जब सब मिल जाता है तब कोई बहुत बड़ा आदमी बहुत बड़े होने पर और बहुत बढ़िया तरीके से जीवन जीता है लेकिन यह बहुत कम हमको देखने को मिलता है तो यह अनोखा खेल है और इसको हम अपनी तरफ से पूरी पूरी कोशिश करते हैं इसको अच्छा हमारा जीवन बना सके जिनका बनता है वह तकदीर वाले होते हैं बाकी तो पूरी जिंदगी ऐसे ही निकल जाती है सही बात है आपकी

dekhiye yah jo sangharsh mein beet jata hai jeevan hai aapki BA at par BA hut zyada tak sahi hai kyonki BA hut kam log itne aise hote hai ki jinhone jin logo mein jo kshamta ho vaah paana unki takdir mein bhi ho jab aapki kshamta hai aur aapki takdir dono hi aapke support mein ho tab aap BA hut BA dhiya BA n sakte hai kuch BA n ke dikha sakte hai BA hut zyada paise vagera rameshwaram jisko bolte hai aur ek BA dhiya zindagi aapko milti hai lekin kai log jyadatar log aise hai ki jinmein kshamta hi nahi hai kuch aise sapne dekhne ki khwaab dekhne ki aur BA ki ke hai unmen kshamta hai toh unki takdir mein nahi hai aur kai log aise bhi hai lekin us par mehnat nahi karte us par focus nahi karte token takdir mein ho aur kshamta ko phir bhi agar aap kabhi mehnat hi nahi karoge uske upar 5 saal 10 saal apna time nahi doge sabko jaldi chahiye mujhse mein aaj kuch mujhe dikh gaya hai toh kal mujhe uska result chahiye toh aisa toh nahi hota toh yah sab dikkat hai logo ke jeevan mein kai BA ar samay nahi de paate hai kai BA ar kshamta nahi hoti kai BA ar taqdir mein nahi hota aur yah jab sab mil jata hai tab koi BA hut BA da aadmi BA hut BA de hone par aur BA hut BA dhiya tarike se jeevan jita hai lekin yah BA hut kam hamko dekhne ko milta hai toh yah anokha khel hai aur isko hum apni taraf se puri puri koshish karte hai isko accha hamara jeevan BA na sake jinka BA nta hai vaah takdir waale hote hai BA ki toh puri zindagi aise hi nikal jaati hai sahi BA at hai aapki

देखिए यह जो संघर्ष में बीत जाता है जीवन है आपकी बात पर बहुत ज्यादा तक सही है क्योंकि बहुत

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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यह सत्य है कि दुनिया में इंसान इंसान को पानी वाले कार्य करने चाहिए

yah satya hai ki duniya mein insaan insaan ko paani waale karya karne chahiye

यह सत्य है कि दुनिया में इंसान इंसान को पानी वाले कार्य करने चाहिए

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Kumar

Social Worker

1:41

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Kesharram

Teacher

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दोस्तों इस संसार के अंदर इंसान सिर्फ और सिर्फ अपना सल्ले करके आता है और अपनापन ले करके वापस चला जाता है क्योंकि दोस्तों इस संसार के अंदर जितनी भी मोह माया है जो भी खेल खेलना है वह अधूरी खेलना है आपको पता होगा कि कई खेल्या कई खेल से खेल सिद्धाया इस प्रकार की जो कहानी यह चरितार्थ हो रही है इसमें अनेक लोग आएंगे जाएंगे भी और खेलेंगे भी और चल करके वापस अपना जो मारे गए वहीं पर जाना है तो दोस्तों हम इस मोह माया जाल से बाहर क्यों नहीं निकल पा रहे हैं इतने बड़े मतलब लाइन के तार लगा रहे हैं और क्यों अपना समय बर्बाद करें अच्छा समय व्यतीत करना चाहिए और इसलिए दोस्तों यह अनोखा खेल है मैं आपकी बात से सहमत हूं धन्यवाद दोस्तों

doston is sansar ke andar insaan sirf aur sirf apna shelley karke aata hai aur apnapan le karke wapas chala jata hai kyonki doston is sansar ke andar jitni bhi moh maya hai jo bhi khel khelna hai vaah adhuri khelna hai aapko pata hoga ki kai khelya kai khel se khel siddhaya is prakar ki jo kahani yah charitarth ho rahi hai isme anek log aayenge jaenge bhi aur khelenge bhi aur chal karke wapas apna jo maare gaye wahi par jana hai toh doston hum is moh maya jaal se BA har kyon nahi nikal paa rahe hai itne BA de matlab line ke taar laga rahe hai aur kyon apna samay BA rbad kare accha samay vyatit karna chahiye aur isliye doston yah anokha khel hai aapki BA at se sahmat hoon dhanyavad doston

दोस्तों इस संसार के अंदर इंसान सिर्फ और सिर्फ अपना सल्ले करके आता है और अपनापन ले करके वाप

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आपकी बात से मैं बिल्कुल सहमत हूं इस दुनिया में ना कुछ आदमी को लेकर आता है ना ही जाता है लेकिन मगर जो चीज उसको मिल रही है ईश्वर दे रहा है उसको एंजॉय करता है इसके ऊपर डिपेंड करता है अगर आप उसको अच्छी तरह से आप एंजॉय कर रहे हैं आपके पास खाना है जीवन साथी है घर पर छत है तन ढकने के लिए कपड़ा है अब दुनिया के सबसे शहंशाह आदमी है

aapki BA at se main bilkul sahmat hoon is duniya mein na kuch aadmi ko lekar aata hai na hi jata hai lekin magar jo cheez usko mil rahi hai ishwar de raha hai usko enjoy karta hai iske upar depend karta hai agar aap usko achi tarah se aap enjoy kar rahe hai aapke paas khana hai jeevan sathi hai ghar par chhat hai tan dhakane ke liye kapda hai ab duniya ke sabse shahanshah aadmi hai

आपकी बात से मैं बिल्कुल सहमत हूं इस दुनिया में ना कुछ आदमी को लेकर आता है ना ही जाता है ले

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Yogendar. Singh

Shire,Ram,Haiyedro,6376439283

0:14
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हां हम आपकी बात से सहमत हैं मनुष्य का जीवन संघर्ष करने के लिए यह है और संघर्ष करते रहना चाहिए कभी पीछे नहीं हटना चाहिए संघर्ष ही जीवन है यह सख्त

haan hum aapki BA at se sahmat hai manushya ka jeevan sangharsh karne ke liye yah hai aur sangharsh karte rehna chahiye kabhi peeche nahi hatna chahiye sangharsh hi jeevan hai yah sakht

हां हम आपकी बात से सहमत हैं मनुष्य का जीवन संघर्ष करने के लिए यह है और संघर्ष करते रहना चा

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Er Jaisingh

Mathematics Solution, 1:00PM TO 2:00PM

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प्रकृति ने पैदा किया है प्रकृति में ही समा जाना है बुद्धिमान लोग कभी डरते नहीं है आपस में प्रेम से रहते प्रेम ही जीवन है प्यार करना मनुष्य का जन्मसिद्ध अधिकार है और प्रेम से रहना चाहिए प्रेम पूर्वक रहकर जीवन व्यतीत करना चाहिए और जिसने ईश्वर ने पैदा किया परमपिता परमात्मा ने उसको याद करते हुए आगे बढ़ते हुए और मोक्ष की प्रार्थना करना चाहिए कि हे प्रभु हमारा जीवन मरण पुनर्जन्म से चक्कर से बचाए और हमारे को अपने चरणों में स्थान दे बस यही मनुष्य का कर्तव्य है बुद्धिजीवियों प्रकृति का खेल है और आना जाना तो चलता ही रहेगा यही मृत्युलोक है पृथ्वी और किसी पर प्राणी जगत है ही नहीं है इसलिए प्रकृति ही ईश्वर है प्राकृतिक गुणों से पैदा हुए हैं प्रकृति ने हम पैदा किए हैं बस प्रकृति में ही मिल जाना है इसलिए प्रेम पूर्वक है यह हमारा आपसे बिना है धन्यवाद

prakriti ne paida kiya hai prakriti mein hi sama jana hai buddhiman log kabhi darte nahi hai aapas mein prem se rehte prem hi jeevan hai pyar karna manushya ka janmsiddh adhikaar hai aur prem se rehna chahiye prem purvak rahkar jeevan vyatit karna chahiye aur jisne ishwar ne paida kiya parampita paramatma ne usko yaad karte hue aage BA dhte hue aur moksha ki prarthna karna chahiye ki hai prabhu hamara jeevan maran punarjanm se chakkar se BA chaye aur hamare ko apne charno mein sthan de bus yahi manushya ka kartavya hai buddhijiviyon prakriti ka khel hai aur aana jana toh chalta hi rahega yahi mrityulok hai prithvi aur kisi par prani jagat hai hi nahi hai isliye prakriti hi ishwar hai prakirtik gunon se paida hue hai prakriti ne hum paida kiye hai bus prakriti mein hi mil jana hai isliye prem purvak hai yah hamara aapse bina hai dhanyavad

प्रकृति ने पैदा किया है प्रकृति में ही समा जाना है बुद्धिमान लोग कभी डरते नहीं है आपस में

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Munmun 🌈

Volunteer

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ज़िंदगी एक संघर्ष होती है और इंसान की पूरी जिंदगी संघर्ष करती भी जाती है हां वह आने के टाइम पर कुछ नहीं लगता है और जब जब दुनिया तुझे कुछ नहीं लेकर जाते हैं एक एक आत्मा है जो शरीर का रूप धारण करता है और अपनी जिंदगी बिता के इस जीवन से मुक्ति प्राप्त लेता है हम इस बात से सहमत हैं

zindagi ek sangharsh hoti hai aur insaan ki puri zindagi sangharsh karti bhi jaati hai haan vaah aane ke time par kuch nahi lagta hai aur jab jab duniya tujhe kuch nahi lekar jaate hai ek ek aatma hai jo sharir ka roop dharan karta hai aur apni zindagi bita ke is jeevan se mukti prapt leta hai hum is BA at se sahmat hain

ज़िंदगी एक संघर्ष होती है और इंसान की पूरी जिंदगी संघर्ष करती भी जाती है हां वह आने के टाइ

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