पढ़ने में मन क्यों नहीं लगता है?...


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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप ने प्रश्न किया कि पढ़ने में मन क्यों नहीं लगता है तो इसके जवाब में मैं यह कहना चाहूंगा कि व्यक्ति का पढ़ने में मन इसलिए नहीं लगता क्योंकि उसको पढ़ाई में कुछ मीनिंग फुलकारी नहीं दिखाई पड़ता है बच्चा जो है पढ़ाई इसलिए करता है कि उसे एग्जाम पास हो ना हो और करना होता है वह कभी भी पढ़ाई इसलिए नहीं करता कि उसे नॉलेज अगेन करना है उसे उस सब्जेक्ट की नॉलेज लेनी है जिस समय अगर आप नॉलेज लेने के लिए पढ़ाई करना शुरू कर देंगे तो आप यह पाएंगी कोई भी विषय पढ़ने में आप बोर नहीं हो रहे हैं और उसमें बिलकुल आपका मन लगने लगेगा तो इस चीज को थोड़ा सा नजरिया बदलने की जरूरत है दूसरी चीज अगर आप अपने self-study को बढ़ाना चाहते हैं तो 1 दिन में बहुत ज्यादा पढ़ने का प्रयास मत करिए उससे क्या होता है कि फिर बाद में बिल्कुल मन हट जाता है पढ़ाई से इसके लिए आप करिए कि पहले 1 घंटे से आप शुरुआत करिए एक टाइम फिक्स कर लीजिए उस समय आप पढ़ाई पर बैठ जाइए और उस समय जो पढ़ाई स्टार्ट करिए वह आपका अपना मनपसंद विषय हो जिस विषय में आपका बड़ा इंटरेस्ट हो उस सब्जेक्ट क्या पढ़ाई कर सकते हैं धीरे-धीरे करके 2 दिन 3 दिन के बाद आप उस समय को बढ़ा सकते हैं 1 घंटे से डेढ़ घंटे 2 घंटे कर सकते हैं इस तरीके से धीरे-धीरे आप यह निश्चित कर लें कि प्रतिदिन आपको उतने घंटे तो जरूर पढ़ाई करना है अगर उससे थोड़ा बहुत ज्यादा भी कर पा रहे हैं तो कर लीजिए लेकिन उतना घंटे तो आपको निश्चित तौर से करना है अगर आप यही कार्य 20 से 25 दिन अगर लगातार करेंगे तो आप पाएंगे कि आप कम से कम 5 से 6 घंटे की सेल्फ स्टडी कर पा रहे हैं और इस तरीके से अगर आप लंबी स्टडी करेंगे तो आप पाएंगे कि आपका मन जो है वह फोकस हो हो पा रहा है यानी कि जो आपके ब्रेन की कंडीशनिंग है पढ़ाई को लेकर पूरी तरह से हो चुकी है ऐसी दशा में आपका मन अपने आप फोकस हो जाएगा क्योंकि जब उस टाइम पर आप पढ़ने बैठेंगे तो अपने आप आपका ध्यान केंद्रित हो जाएगा अगर इस तरीके से टाइम मैनेजमेंट के साथ आप स्टडी करेंगे तो निश्चित तौर से आपका पढ़ाई में मन लगेगा और आप और भी सारे कार्य कर पाएंगे और जिस समय आपका पढ़ाई में मन लगने लगेगा और आप पढ़ाई मन लगाकर करेंगे तो निश्चित तौर से जानिए परीक्षा का परिणाम जो भी हो लेकिन कहीं ना कहीं आप हमेशा एक सकारात्मक बने रहेंगे और आपके अंदर एक बहुत खुशी रहेगी क्योंकि व्यक्ति को जीवन में सबसे बड़ी खुशी इससे मिलती है कि उसको जो कार्य दिया गया है जो कार्य करना है उसको इमानदारी से अगर कर रहा है तो उसको उस चीज में बहुत ज्यादा खुशी मिलती है और ध्यान रखिए जिस दिन जिस क्षण से आप अपनी नजर में अच्छी पढ़ाई करने लगेंगे आप अपने आप देखेंगे कि आप बहुत खुश महसूस कर रहे हैं और जब आप खुश होकर की कोई कार्य करेंगे तो निश्चित तौर से आप बहुत कामयाबी हासिल करेंगे आप जीवन में बहुत कामयाब हो मेरी बहुत सारी शुभकामनाएं आपके साथ बहुत धन्यवाद

aap ne prashna kiya ki padhne mein man kyon nahi lagta hai toh iske jawab mein main yah kehna chahunga ki vyakti ka padhne mein man isliye nahi lagta kyonki usko padhai mein kuch meaning phulkari nahi dikhai padta hai baccha jo hai padhai isliye karta hai ki use exam paas ho na ho aur karna hota hai vaah kabhi bhi padhai isliye nahi karta ki use knowledge again karna hai use us subject ki knowledge leni hai jis samay agar aap knowledge lene ke liye padhai karna shuru kar denge toh aap yah paayengi koi bhi vishay padhne mein aap bore nahi ho rahe hain aur usme bilkul aapka man lagne lagega toh is cheez ko thoda sa najariya badalne ki zarurat hai dusri cheez agar aap apne self study ko badhana chahte hain toh 1 din mein bahut zyada padhne ka prayas mat kariye usse kya hota hai ki phir baad mein bilkul man hut jata hai padhai se iske liye aap kariye ki pehle 1 ghante se aap shuruat kariye ek time fix kar lijiye us samay aap padhai par baith jaiye aur us samay jo padhai start kariye vaah aapka apna manpasand vishay ho jis vishay mein aapka bada interest ho us subject kya padhai kar sakte hain dhire dhire karke 2 din 3 din ke baad aap us samay ko badha sakte hain 1 ghante se dedh ghante 2 ghante kar sakte hain is tarike se dhire dhire aap yah nishchit kar le ki pratidin aapko utne ghante toh zaroor padhai karna hai agar usse thoda bahut zyada bhi kar paa rahe hain toh kar lijiye lekin utana ghante toh aapko nishchit taur se karna hai agar aap yahi karya 20 se 25 din agar lagatar karenge toh aap payenge ki aap kam se kam 5 se 6 ghante ki self study kar paa rahe hain aur is tarike se agar aap lambi study karenge toh aap payenge ki aapka man jo hai vaah focus ho ho paa raha hai yani ki jo aapke brain ki Conditioning hai padhai ko lekar puri tarah se ho chuki hai aisi dasha mein aapka man apne aap focus ho jaega kyonki jab us time par aap padhne baitheange toh apne aap aapka dhyan kendrit ho jaega agar is tarike se time management ke saath aap study karenge toh nishchit taur se aapka padhai mein man lagega aur aap aur bhi saare karya kar payenge aur jis samay aapka padhai mein man lagne lagega aur aap padhai man lagakar karenge toh nishchit taur se janiye pariksha ka parinam jo bhi ho lekin kahin na kahin aap hamesha ek sakaratmak bane rahenge aur aapke andar ek bahut khushi rahegi kyonki vyakti ko jeevan mein sabse badi khushi isse milti hai ki usko jo karya diya gaya hai jo karya karna hai usko imaandari se agar kar raha hai toh usko us cheez mein bahut zyada khushi milti hai aur dhyan rakhiye jis din jis kshan se aap apni nazar mein achi padhai karne lagenge aap apne aap dekhenge ki aap bahut khush mehsus kar rahe hain aur jab aap khush hokar ki koi karya karenge toh nishchit taur se aap bahut kamyabi hasil karenge aap jeevan mein bahut kamyab ho meri bahut saree subhkamnaayain aapke saath bahut dhanyavad

आप ने प्रश्न किया कि पढ़ने में मन क्यों नहीं लगता है तो इसके जवाब में मैं यह कहना चाहूंगा

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ऐसे और सवाल
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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी भी काम में मन लगाने के लिए मन का एक आकर्षित होना बहुत जरूरी है यदि प्रतिबद्धता के साथ आप कोई काम करने की सोचेंगे तो निश्चित ही आपका मन उसमें लगेगा लेकिन आपका ध्यान अगर कहीं और भटक रहा है और आप एक साथ दो नावों पर सवार हैं तो आपकी यात्रा कभी पूरी नहीं होगी इसीलिए अपने मन को एकाग्र करिए पहले इस बात का निश्चय कीजिए कि आपको पढ़ाई करनी है तो पूरी तरह पढ़ाई ही करनी है तभी आपका मन उसमें लग पाएगा

kisi bhi kaam mein man lagane ke liye man ka ek aakarshit hona bahut zaroori hai yadi pratibaddhata ke saath aap koi kaam karne ki sochenge toh nishchit hi aapka man usme lagega lekin aapka dhyan agar kahin aur bhatak raha hai aur aap ek saath do navon par savar hain toh aapki yatra kabhi puri nahi hogi isliye apne man ko ekagra kariye pehle is baat ka nishchay kijiye ki aapko padhai karni hai toh puri tarah padhai hi karni hai tabhi aapka man usme lag payega

किसी भी काम में मन लगाने के लिए मन का एक आकर्षित होना बहुत जरूरी है यदि प्रतिबद्धता के साथ

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Niraj Devani

PHILOSOPHER

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप का मन पढ़ाई में नहीं लगता इसका कारण है कि हो सकता है कि आपको पढ़ाई में इंटरेस्ट नहीं है देखिए आपको अगर बाइक चलाने में या मोबाइल पर गेम खेलने में इंटरेस्ट होगा तो आपको किसी को कहना नहीं पड़ेगा कि चल भाई अब मोबाइल ले ले और गेम खेल या बाइक ले ले और घूमने निकल जा तो जिस चीज चीज में आपका इंटरेस्ट होता है आप वही अपने आप करने वाले हो और उसमें आपके बहुत एक्सपर्ट बनोगे तो पढ़ने के अलावा भी कुछ ऐसा आप का शोक होगा जिसके कारण आपको इन फ्यूचर कुछ इनकम कर सके कुछ आमदनी कमा सके तो ऐसा इंटरेस्ट है उसको डेवलप कीजिए और साथ में पढ़ाई भी जारी रखिए और आगे बढ़िए

aap ka man padhai mein nahi lagta iska karan hai ki ho sakta hai ki aapko padhai mein interest nahi hai dekhiye aapko agar bike chalane mein ya mobile par game khelne mein interest hoga toh aapko kisi ko kehna nahi padega ki chal bhai ab mobile le le aur game khel ya bike le le aur ghoomne nikal ja toh jis cheez cheez mein aapka interest hota hai aap wahi apne aap karne waale ho aur usme aapke bahut expert banogey toh padhne ke alava bhi kuch aisa aap ka shok hoga jiske karan aapko in future kuch income kar sake kuch aamdani kama sake toh aisa interest hai usko develop kijiye aur saath mein padhai bhi jaari rakhiye aur aage badhiye

आप का मन पढ़ाई में नहीं लगता इसका कारण है कि हो सकता है कि आपको पढ़ाई में इंटरेस्ट नहीं है

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Shubham Maurya

Ayurvedic Upchar

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे पढ़ने में मन लगने का बहुत कारण है पढ़ने में मन नहीं इसलिए नहीं लगता है क्योंकि आपका उसने इंटरेस्ट नहीं है अगर आप पढ़ने के प्रति इंटरेस्ट पैदा कर लेंगे तो समझ में आपको पढ़ने में मन लग जाएगा जो भी आप पढ़ते हैं जो भी सोचते हैं विचार अपने सब्जेक्ट के बारे में सोचिए विचार किए कैसे हुआ यहां से कैसे हो गया उसके बारे में सोचिए उसके बारे में अन्वेषण कीजिए तो आपका पढ़ने में ज्यादा बेहतर मन लगेगा

dekhe padhne mein man lagne ka bahut karan hai padhne mein man nahi isliye nahi lagta hai kyonki aapka usne interest nahi hai agar aap padhne ke prati interest paida kar lenge toh samajh mein aapko padhne mein man lag jaega jo bhi aap padhte hain jo bhi sochte hain vichar apne subject ke bare mein sochiye vichar kiye kaise hua yahan se kaise ho gaya uske bare mein sochiye uske bare mein anveshan kijiye toh aapka padhne mein zyada behtar man lagega

देखे पढ़ने में मन लगने का बहुत कारण है पढ़ने में मन नहीं इसलिए नहीं लगता है क्योंकि आपका उ

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्वेश्चन है पढ़ने में मन क्यों नहीं लगता देखे बता सकता हूं यह जो समस्या है ना यह सिर्फ आपके साथ ही नहीं है यह आजकल के आने वाले पीढ़ी है जो न्यू जनरेशन हो रहे हैं और यह होंगे यह सब सब के साथ और सबके लिए एक कारण बन चुकी है देखिए जो हमारा सिलेबस है जो पढ़ाई का सिलेबस है जो मेथड है जो रूल है उस पर हम फॉलो नहीं कर पा रहे हैं नहीं पहले की जाने में क्या होता था पहले की जमाना क्या लेना है आज से 8 साल 10 साल पहले क्या होता था किसी विषय को अब हम पढ़ रहे हैं हम लोगों को उस विषय में अचीवमेंट पाना है जो भी से हमारा विक है उसको हम लोग पढ़ रहे हैं तो उस तो हम लोग कंटिन्यू 8 घंटा 9 घंटा 10 घंटा पढ़ाई करते रह जाएंगे उस सब्जेक्ट को एक बार नहीं दो बार नहीं 3 बार नहीं 4 बार खत्म करने के लिए क्योंकि वह सब्जेक्ट हम लोग को जल्दी समझ में आ जाए क्योंकि उस टाइम हम लोग पास फोन नहीं था कुछ नहीं होता था हम लोग बैग लेकर के स्कूल से आते थे घर पर आकर खाना खाते थे और बाहर चले अच्छे खेलने के लिए उस टाइम कोई भी हमारे दिमाग से परेशान नहीं था आज के युग में क्या है फोन आया फ्रेंड बनाना है फेसबुक हो या इंस्टाग्राम हो या व्हाट्सएप वगैरह कुछ भी हो इसका टेंशन रहता है लड़का या लड़की किसी को भी बोल रहे हैं बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड इसका टेंशन रहता है अभी अभी चालू नहीं हुआ कि यह सब स्टार्ट हो गया तो बताइए जिस एज में हम हमें पढ़ना चाहिए उस एज में हम बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड कर रहे हैं और इसके पूर्व फोन के थ्रू हम लोग इतना एडवांस हो रहे हैं टेक्नोलॉजी का अमेरिका वाले चाइना वाले अच्छा यूज कर रहा है डेवलप होने में यूज कर रहे हैं लेकिन हम लोग टेक्नोलॉजी का गलत यूज कर रहे हैं हम लोग डेवलप होने में नहीं कर रहे हैं हम लोग अपनी पीढ़ी बर्बाद करने में तुले हुए हैं तो बताइए जब ऐसा रहेगा तो कैसे पढ़ाई में मन लगेगा जिसमें हमें बुक से दोस्ती करना चाहिए बुक को अपने सब कुछ बना चाहिए उस एज में हम लड़के और लड़की के चक्कर में पड़े रहते हैं हाय लड़की के लड़की के कपड़ा चाहिए ऐसा मैं नहीं पड़ा हो लेकिन सबका एज होता है आजकल के बच्चे सेवेन सिक्स क्लास में है तब से फोन स्टार्ट हो जाएंगे सिक्स सेवेन एट 910 1112 यह सब पढ़ाई पीरियड है स्टार्ट कर देते हैं उनका बताइए 3 क्लास बोर्ड है वह कैसे पास को क्वालीफाई कर पाएंगे और माली जी तेल को जैसे-तैसे करके क्वालीफाई करके 12 कॉलीफाई नहीं कर हेलो जाएंगे और आई कैरियर उनका भ्रष्ट हो जाएगा बर्बाद हो जाएगा तू सबसे बड़ा हिंदी जान यह है कि जो आपका टाइम मिला हुआ है उस टाइम को बर्बाद ना करें फोन में तो बिल्कुल बर्बाद ना करें यह बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड के चक्कर में ना पड़ें मतलब एज के अनुसार करिए सब कुछ करिए सब कुछ करने का अधिकार है सभी को लेकिन हां जिस टाइम में पढ़ने का है उस टाइम यह सब बिल्कुल ना करें फोन से दोस्ती ना करें किताब से दोस्ती करें कॉपी से दोस्ती करें पेन से दोस्ती करें आप अपने को कभी दूसरी चीज दूसरे दूसरे वस्तुओं में सोचने का मौका न दें बस बुक पेन से दोस्ती करें आपको हमेशा मन लगाया कि कभी-कभी मन नहीं लगेगा मन नहीं लगता है तो टीवी देख लिया करिए इस ए माइंड को है ना थोड़ा सा रिलैक्स फील होता है थोड़ा सा रेस्ट ले गईल चोलिया के लिए पढ़ने में मन क्यों नहीं दिन लगे हुए हैं लगे हुए हैं लगे हुए हैं उन में लगे हुए हैं और आप आपकी एज है अभी करीब 12 तेरह साल तू अकल आई तो पक्का बर्बाद होने वाला है यह लिख दीजिए मेरे को सिटी हम लोग के जमाने में ऐसा नहीं होता था हमें जो पढ़ाई करें तो फोन नहीं होता हुआ करता था तो कुछ पाना है उसे करीब भाई करना पड़ेगा अगर फोन से दोस्ती कर लोगे तो किताब को भूल जाओगे और किताब से दोस्ती कर लोगे तो अपने लाइफ बना लोगे बस यही बोलना चाहते हैं तो जो टाइम मिला है उस टाइम को बर्बाद ना करें क्योंकि एज है ना समय के अनुसार चलते जा रहा है कभी वापस लौटकर नहीं आएगा आज है कल भी जाएगा आज तो हमें समझ में नहीं आ रहा है जब भी जाएगा तो हमको हम लोग को उसकी अहमियत बहुत समझ में आएगी तब समझ में आएगी कि हम लोग क्या अपने लाइफ में खो दिए हैं पढ़ने में मन लगाना है फोन से दूर रहिए बुक से दोस्ती करिए पेन से दोस्ती करें यह आपके लिए बेस्ट फ्रेंड होगा हमेशा हमेशा के लिए आपको वो अचीवमेंट दिलाएगा जो आप अपने लाइफ में पाना चाहते हैं थैंक यू

question hai padhne mein man kyon nahi lagta dekhe bata sakta hoon yah jo samasya hai na yah sirf aapke saath hi nahi hai yah aajkal ke aane waale peedhi hai jo new generation ho rahe hai aur yah honge yah sab sab ke saath aur sabke liye ek karan ban chuki hai dekhiye jo hamara syllabus hai jo padhai ka syllabus hai jo method hai jo rule hai us par hum follow nahi kar paa rahe hai nahi pehle ki jaane mein kya hota tha pehle ki jamana kya lena hai aaj se 8 saal 10 saal pehle kya hota tha kisi vishay ko ab hum padh rahe hai hum logo ko us vishay mein achievement paana hai jo bhi se hamara weak hai usko hum log padh rahe hai toh us toh hum log continue 8 ghanta 9 ghanta 10 ghanta padhai karte reh jaenge us subject ko ek baar nahi do baar nahi 3 baar nahi 4 baar khatam karne ke liye kyonki vaah subject hum log ko jaldi samajh mein aa jaaye kyonki us time hum log paas phone nahi tha kuch nahi hota tha hum log bag lekar ke school se aate the ghar par aakar khana khate the aur bahar chale acche khelne ke liye us time koi bhi hamare dimag se pareshan nahi tha aaj ke yug mein kya hai phone aaya friend banana hai facebook ho ya instagram ho ya whatsapp vagera kuch bhi ho iska tension rehta hai ladka ya ladki kisi ko bhi bol rahe hai boyfriend girlfriend iska tension rehta hai abhi abhi chaalu nahi hua ki yah sab start ho gaya toh bataye jis age mein hum hamein padhna chahiye us age mein hum boyfriend girlfriend kar rahe hai aur iske purv phone ke through hum log itna advance ho rahe hai technology ka america waale china waale accha use kar raha hai develop hone mein use kar rahe hai lekin hum log technology ka galat use kar rahe hai hum log develop hone mein nahi kar rahe hai hum log apni peedhi barbad karne mein tule hue hai toh bataye jab aisa rahega toh kaise padhai mein man lagega jisme hamein book se dosti karna chahiye book ko apne sab kuch bana chahiye us age mein hum ladke aur ladki ke chakkar mein pade rehte hai hi ladki ke ladki ke kapda chahiye aisa main nahi pada ho lekin sabka age hota hai aajkal ke bacche seven six class mein hai tab se phone start ho jaenge six seven ate 910 1112 yah sab padhai period hai start kar dete hai unka bataye 3 class board hai vaah kaise paas ko qualify kar payenge aur maali ji tel ko jaise taise karke qualify karke 12 kalifai nahi kar hello jaenge aur I carrier unka bhrasht ho jaega barbad ho jaega tu sabse bada hindi jaan yah hai ki jo aapka time mila hua hai us time ko barbad na kare phone mein toh bilkul barbad na kare yah boyfriend ya girlfriend ke chakkar mein na paden matlab age ke anusaar kariye sab kuch kariye sab kuch karne ka adhikaar hai sabhi ko lekin haan jis time mein padhne ka hai us time yah sab bilkul na kare phone se dosti na kare kitab se dosti kare copy se dosti kare pen se dosti kare aap apne ko kabhi dusri cheez dusre dusre vastuon mein sochne ka mauka na de bus book pen se dosti kare aapko hamesha man lagaya ki kabhi kabhi man nahi lagega man nahi lagta hai toh TV dekh liya kariye is a mind ko hai na thoda sa relax feel hota hai thoda sa rest le gail chaulia ke liye padhne mein man kyon nahi din lage hue hai lage hue hai lage hue hai un mein lage hue hai aur aap aapki age hai abhi kareeb 12 terah saal tu akal I toh pakka barbad hone vala hai yah likh dijiye mere ko city hum log ke jamane mein aisa nahi hota tha hamein jo padhai kare toh phone nahi hota hua karta tha toh kuch paana hai use kareeb bhai karna padega agar phone se dosti kar loge toh kitab ko bhool jaoge aur kitab se dosti kar loge toh apne life bana loge bus yahi bolna chahte hai toh jo time mila hai us time ko barbad na kare kyonki age hai na samay ke anusaar chalte ja raha hai kabhi wapas lautkar nahi aayega aaj hai kal bhi jaega aaj toh hamein samajh mein nahi aa raha hai jab bhi jaega toh hamko hum log ko uski ahamiyat bahut samajh mein aayegi tab samajh mein aayegi ki hum log kya apne life mein kho diye hai padhne mein man lagana hai phone se dur rahiye book se dosti kariye pen se dosti kare yah aapke liye best friend hoga hamesha hamesha ke liye aapko vo achievement dilaega jo aap apne life mein paana chahte hai thank you

क्वेश्चन है पढ़ने में मन क्यों नहीं लगता देखे बता सकता हूं यह जो समस्या है ना यह सिर्फ आपक

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मुझे पढ़ने में मन क्यों नहीं लगता रीजन है यह साइक्लोजिकल फिल्म चाहिए क्योंकि आपका मस्ती शक्तियों थिंकिंग करता है उसके अनुसार आप किसी कार्ज को करते तो मेरा कहना चाहते हैं कि जो आपके जो रीडिंग से पढ़ाई में मन नहीं लगता क्योंकि आप पढ़ने बैठते हैं तो आपका बत्रा की उपलब्धिया जो आपके माइंड में रहती है और बाहरी वातावरण चारों ओर का वातावरण का जो काम से संबंधित जो आपको माइंड में स्थापित रहता है उससे आप जुड़ जाते हैं विचार यही है कि जब को पढ़ने में मन नहीं लगता जब पढ़ने बैठते हो किसी भी सब्जेक्ट कर ले कभी पूछा इंग्लिश को हिंदी में संस्कृत हो अभी सब्जेक्ट विभीषण लेट हो जो भी सब्जेक्ट लेकर भेजते हैं तो अपनों की ठोकर बैठी सब्जेक्ट पढ़ना है और उनको समझना है खूब अच्छी तरह से तब आपको पढ़ने में मन अरे तो क्या कुछ समझ में आने लगा अब तो सब समझ में नहीं आएगा तो अब ऊपर स्वाभाविक बात है जो मन नहीं लगेगा मंकी और मंकी नहीं लगेगा क्योंकि आप बाहरी बाहरी वातावरण में चारों ओर का वातावरण में घुले हुए जिससे आप मतलब अभी हम पढ़ रहे हैं तो कहीं ध्यान कहीं और है अभी यहां पर रैबिट के तो ध्यान के स्कूल में है कॉलेज में है घर में है दोस्तों के बीच तो यह सारी चीजें ध्यान भटका होगे तो पढ़ने में निकली है नशा नशा लिखें कि आपको मन नहीं लगता इसलिए अब ध्यान को एकत्रित कीजिए जिससे व्यक्ति को लेकर भेजते हैं उस सब्जेक्ट को अपने मायने में अपलोड किए इसके बाद पढ़ना शुरू कीजिए आपको अपने आप समझ नहीं आ लगेगा जब आप आप समझने लगेगा सब्जेक्ट को हरहाल को समझने लगेगा आपको समझ में आने लगा तो मन अपने आप लगता है

mujhe padhne mein man kyon nahi lagta reason hai yah saiklojikal film chahiye kyonki aapka masti shaktiyon thinking karta hai uske anusaar aap kisi karj ko karte toh mera kehna chahte hain ki jo aapke jo reading se padhai mein man nahi lagta kyonki aap padhne baithate hain toh aapka batra ki upalabdhiya jo aapke mind mein rehti hai aur bahri vatavaran charo aur ka vatavaran ka jo kaam se sambandhit jo aapko mind mein sthapit rehta hai usse aap jud jaate hain vichar yahi hai ki jab ko padhne mein man nahi lagta jab padhne baithate ho kisi bhi subject kar le kabhi poocha english ko hindi mein sanskrit ho abhi subject vibhishan late ho jo bhi subject lekar bhejate hain toh apnon ki thokar baithi subject padhna hai aur unko samajhna hai khoob achi tarah se tab aapko padhne mein man are toh kya kuch samajh mein aane laga ab toh sab samajh mein nahi aayega toh ab upar swabhavik baat hai jo man nahi lagega monkey aur monkey nahi lagega kyonki aap bahri baahri vatavaran mein charo aur ka vatavaran mein ghule hue jisse aap matlab abhi hum padh rahe hain toh kahin dhyan kahin aur hai abhi yahan par rabbit ke toh dhyan ke school mein hai college mein hai ghar mein hai doston ke beech toh yah saree cheezen dhyan bhataka hoge toh padhne mein nikli hai nasha nasha likhen ki aapko man nahi lagta isliye ab dhyan ko ekatrit kijiye jisse vyakti ko lekar bhejate hain us subject ko apne maayne mein upload kiye iske baad padhna shuru kijiye aapko apne aap samajh nahi aa lagega jab aap aap samjhne lagega subject ko harhal ko samjhne lagega aapko samajh mein aane laga toh man apne aap lagta hai

मुझे पढ़ने में मन क्यों नहीं लगता रीजन है यह साइक्लोजिकल फिल्म चाहिए क्योंकि आपका मस्ती शक

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जब हमारा ध्यान इधर-उधर की फालतू बातें में आता है जब हमारे दिमाग का कोई ट्रेस होता है जब हम किसी बात को लगातार सोचते रहते हैं तुम्हारा ध्यान पढ़ाई सेट करो उस बात में लग जाता है जवाब भी नाकाम किया

jab hamara dhyan idhar udhar ki faltu batein mein aata hai jab hamare dimag ka koi trays hota hai jab hum kisi baat ko lagatar sochte rehte hain tumhara dhyan padhai set karo us baat mein lag jata hai jawab bhi nakam kiya

जब हमारा ध्यान इधर-उधर की फालतू बातें में आता है जब हमारे दिमाग का कोई ट्रेस होता है जब हम

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Dhiraj Kumar

Teacher & Advisor

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आपका पूछा गया प्रश्न है कि पढ़ने में क्यों मन नहीं लगता है तो आप गौर करेंगे कि आप जब टीवी देखते हैं तो आपको टीवी देखने में मन बहुत ज्यादा लगता है फोन चलाने में मन बहुत ज्यादा लगता है क्यों क्योंकि आपको हुआ पसंद है और पढ़ाई आपको पसंद नहीं है इसलिए आपको उसमें मन नहीं लगता है तो आपको पढ़ाई को पसंद करना होगा आपको उसके साथ दोस्ती करनी होगी जिस दिन आपको पढ़ाई से दोस्ती हो गई उस दिन आपको उसमें मन लगना शुरू हो जाएगा

aapka poocha gaya prashna hai ki padhne mein kyon man nahi lagta hai toh aap gaur karenge ki aap jab TV dekhte hain toh aapko TV dekhne mein man bahut zyada lagta hai phone chalane mein man bahut zyada lagta hai kyon kyonki aapko hua pasand hai aur padhai aapko pasand nahi hai isliye aapko usme man nahi lagta hai toh aapko padhai ko pasand karna hoga aapko uske saath dosti karni hogi jis din aapko padhai se dosti ho gayi us din aapko usme man lagna shuru ho jaega

आपका पूछा गया प्रश्न है कि पढ़ने में क्यों मन नहीं लगता है तो आप गौर करेंगे कि आप जब टीवी

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वैसे आपका सवाल बहुत इंटरेस्टिंग है पढ़ने का मन क्यों नहीं लगता अगर आप पढ़ाई में मन लगाएंगे अपने घर परिवार के बारे में सोचेंगे फैमिली के बॉस मम्मी के बारे में सोचेंगे जो आपके लिए कुछ भी करती है पढ़ाई के लिए मुस्तफा के बारे में सोचिए कि वह क्या काम नहीं करता आपके बारे में केकेआर के बारे में बहुत ख्याल करता है आपका कि आप पढ़ लो बहुत कुछ बन जाओ बता अपने दोस्तों पर ध्यान देते हैं लड़कियों का गर्लफ्रेंड ओं का ध्यान देते हैं आप सभी एक बात छोड़ कर सीधा पढ़ाई पर फोकस दीजिए आपको कुछ बनना है अपने दिल में थाने जी आपका मन लगने लगेगा अपनी मां के साथ देखिए जाकर खाना बनाती है अब आप आपका कितने मेहनत करके आप का बाप जो है बहुत मेहनत करके आपके लिए पढ़ाई के लिए पैसे इकट्ठा करके लाता है और आप अगर आप ही संभालते सोच लेंगे तो आपका मन लगने लगेगा

waise aapka sawaal bahut interesting hai padhne ka man kyon nahi lagta agar aap padhai mein man lagayenge apne ghar parivar ke bare mein sochenge family ke boss mummy ke bare mein sochenge jo aapke liye kuch bhi karti hai padhai ke liye mustafa ke bare mein sochiye ki vaah kya kaam nahi karta aapke bare mein KKR ke bare mein bahut khayal karta hai aapka ki aap padh lo bahut kuch ban jao bata apne doston par dhyan dete hain ladkiyon ka girlfriend on ka dhyan dete hain aap sabhi ek baat chod kar seedha padhai par focus dijiye aapko kuch banna hai apne dil mein thane ji aapka man lagne lagega apni maa ke saath dekhiye jaakar khana banati hai ab aap aapka kitne mehnat karke aap ka baap jo hai bahut mehnat karke aapke liye padhai ke liye paise ikattha karke lata hai aur aap agar aap hi sambhalate soch lenge toh aapka man lagne lagega

वैसे आपका सवाल बहुत इंटरेस्टिंग है पढ़ने का मन क्यों नहीं लगता अगर आप पढ़ाई में मन लगाएंगे

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आपका पढ़ने में मन इसलिए नहीं लगता क्योंकि आप पढ़ने में अपनी रुचि नहीं रखते जिस चीज में आपकी रूचि होती है उस पर आप का मन अवश्य लगता है लेकिन आप पढ़ने से से भाग रहे हो क्योंकि उसमें आपकी बिल्कुल कुछ नहीं है अगर आप पढ़ना चाहते हो तो पहले उसमें अपनी सोच जागृत करो उसके बाद अब पढ़ो फिर आपका मन भी लगेगा ध्यान भी

aapka padhne mein man isliye nahi lagta kyonki aap padhne mein apni ruchi nahi rakhte jis cheez mein aapki ruchi hoti hai us par aap ka man avashya lagta hai lekin aap padhne se se bhag rahe ho kyonki usme aapki bilkul kuch nahi hai agar aap padhna chahte ho toh pehle usme apni soch jagrit karo uske baad ab padho phir aapka man bhi lagega dhyan bhi

आपका पढ़ने में मन इसलिए नहीं लगता क्योंकि आप पढ़ने में अपनी रुचि नहीं रखते जिस चीज में आपक

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Roshan Prasad Jaiswal

Junior Volunteer

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पढ़ने में मन क्यों नहीं लगता तो देखिए पढ़ाई जैसा कि मन नहीं लगे तो पढ़ने पढ़ाई में जो है मन लगाइए क्योंकि पढ़ना जो है हर हर एक व्यक्ति का एकमात्र जो है शिक्षित रूप से शिक्षा ले लेना शिक्षा प्राप्त करना जरूरी होता है क्योंकि आप देश में गिरी थी उन्हें टिकट करना चाहते हैं उन्नति करते हैं तो पढ़ाई का महत्व जो है काफी दिया गया है तो आप जो है आप अच्छे से पढ़ाई करे ताकि आप अपने और अपने घर वालों का पालन पोषण कर सकते हैं देखभाल कर सकते हैं और जिंदगी में बहुत आगे बढ़ सकते हैं

padhne mein man kyon nahi lagta toh dekhiye padhai jaisa ki man nahi lage toh padhne padhai mein jo hai man lagaaiye kyonki padhna jo hai har har ek vyakti ka ekmatra jo hai shikshit roop se shiksha le lena shiksha prapt karna zaroori hota hai kyonki aap desh mein giri thi unhe ticket karna chahte hain unnati karte hain toh padhai ka mahatva jo hai kaafi diya gaya hai toh aap jo hai aap acche se padhai kare taki aap apne aur apne ghar walon ka palan poshan kar sakte hain dekhbhal kar sakte hain aur zindagi mein bahut aage badh sakte hain

पढ़ने में मन क्यों नहीं लगता तो देखिए पढ़ाई जैसा कि मन नहीं लगे तो पढ़ने पढ़ाई में जो है म

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Subhasish

Junior Volunteer

0:32

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पढ़ने में मन नहीं लगता है कि अगर ऐसा स्टेशन है तो आप उसको पहले जो आप कर दे उसको तेरा इंटरेस्टिंग बनाकर उसको पर्याप्त कर लीजिए कि आप ऐसे दिन में सारा दिन रात आपके वो किताब के सामने लेकर बैठे रहेंगे तो ऐसा मत करने से अगर अच्छा होगा कि आप चेक सीरियल मेंटेन करके उसको फ्राई कीजिए जैसा कि एक तिनका कौवा और चिड़िया सफाई करेंगे कंफर्म चेक कीजिए पर्टिकुलर उस टाइम को ही आपको जिस टाइम अच्छा लगता है का पढ़ने के लिए उस टाइम ही आप उसमें अमन कंचन चित करके उसको पर कीजिए

padhne mein man nahi lagta hai ki agar aisa station hai toh aap usko pehle jo aap kar de usko tera interesting banakar usko paryapt kar lijiye ki aap aise din mein saara din raat aapke vo kitab ke saamne lekar baithe rahenge toh aisa mat karne se agar accha hoga ki aap check serial maintain karke usko fry kijiye jaisa ki ek tinka kauwa aur chidiya safaai karenge confirm check kijiye particular us time ko hi aapko jis time accha lagta hai ka padhne ke liye us time hi aap usme aman kanchan chit karke usko par kijiye

पढ़ने में मन नहीं लगता है कि अगर ऐसा स्टेशन है तो आप उसको पहले जो आप कर दे उसको तेरा इंटरे

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Geet Awadhiya

Aspiring Software Developer

0:22
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विकी पांडे मन नहीं लगता है क्योंकि पढ़ाई करने में तुम्हारा दिमाग उपयोग में आता है तथा बचपन से ही हमारी एक अवधारणा होती की पढ़ाई अच्छी नहीं होती है पढ़ाई में हमें ज्यादा रुचि नहीं आती है इसके लिए आप तो शुरुआत उस अधिकारी के साथ भी ज्यादा रुचि आपको उसे पढ़ते हो अच्छा लगता है और सारी चीजों को समझ समझ के पड़ेंगे तो आपका इंट्रेस्ट मिलेगा

vicky pandey man nahi lagta hai kyonki padhai karne mein tumhara dimag upyog mein aata hai tatha bachpan se hi hamari ek avdharna hoti ki padhai achi nahi hoti hai padhai mein hamein zyada ruchi nahi aati hai iske liye aap toh shuruat us adhikari ke saath bhi zyada ruchi aapko use padhte ho accha lagta hai aur saree chijon ko samajh samajh ke padenge toh aapka interest milega

विकी पांडे मन नहीं लगता है क्योंकि पढ़ाई करने में तुम्हारा दिमाग उपयोग में आता है तथा बचपन

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