क्या आप मुझे विपश्यना ध्यान के बारे में और बता सकते हैं?...


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Gyanchand Soni

Yoga Instructor.

0:41
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विपस्सना ध्यान महात्मा बुद्ध द्वारा की गई एक प्रचलित ध्यान विधि है इसमें हम सांस पर ध्यान लगाते हैं शुक्रिया पद्मासन में बैठकर आपके बंद करके हमें अपनी आती-जाती स्वास्थ सुदी देख देखते रहना चाहिए अंतर्दृष्टि धीरे धीरे धीरे धीरे अमेरिकी लगातार हमारे अंदर आ जा रे उनको देखते रहना चाहिए साक्षी भाव से और धीरे-धीरे हमें ध्यान का अभ्यास यही विधि

vipassana dhyan mahatma buddha dwara ki gayi ek prachalit dhyan vidhi hai isme hum saans par dhyan lagate hain shukriya padmasana me baithkar aapke band karke hamein apni aati jaati swaasth shudi dekh dekhte rehna chahiye antardrishti dhire dhire dhire dhire american lagatar hamare andar aa ja ray unko dekhte rehna chahiye sakshi bhav se aur dhire dhire hamein dhyan ka abhyas yahi vidhi

विपस्सना ध्यान महात्मा बुद्ध द्वारा की गई एक प्रचलित ध्यान विधि है इसमें हम सांस पर ध्यान

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ध्यान या विपश्यना ध्यान में केवल 10% चोरी होती है और 90% प्रैक्टिस थोड़ी बहुत जिज्ञासा समझ में आती है कि आप ध्यान के बारे में जानना चाहते हैं विपक्ष में के बारे में जानना चाहते हैं स्वाभाविक भी है लेकिन ध्यान के बारे में सिर्फ जानने से कुछ नहीं हो जाता जैसे कि आपको मालूम हो कि इस बीमारी की यह दवा है उस जानकारी से वह बीमारी ठीक नहीं होगी जब तक कि आपको दवा नियमित 9 विपश्यना या ध्यान विपस्सना ध्यान अभ्यास चाहते हैं अब जितना अभ्यास करते जाएंगे उतना ध्यान में गहरे पैठ जाएंगे और उस काम को अनुभव कर सकेंगे और विपस्सना ध्यान का अनुभव हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होता है क्योंकि हमारा व्यक्तित्व अलग है इसलिए मेरी विनम्र सलाह है आपको कि विपस्सना ध्यान के बारे में केवल यह जाने के धान की विधि है महत्वपूर्ण विधि है बुद्ध ने इसे खोजा था और इसी विपश्यना ध्यान को करते हुए उन्हें बोध प्राप्त हुआ था विपस्सना ध्यान आप करें ध्यान में ज्यादा से ज्यादा समय लगाएं उसके बारे में ज्यादा जानने समझने की कोशिश ना करें ध्यान का अभ्यास जितना करेंगे उतना लाभ होगा विपस्सना ध्यान से बहुत अधिक लाभ होता है बहुत अधिक कल्याण होता है खूब मंगल होता है यह बुद्ध ने स्वयं कहा है और अगर आप विपक्ष में ध्यान करते हैं तो प्रतिदिन उसको नियमित रूप से करें सुबह शाम शाम और अगर अभी तक विपस्सना ध्यान आपने नहीं सीखा है तो किसी भी विपश्यना केंद्र में हमारे देश में 100 से अधिक विपश्यना केंद्र हैं विदेशों में भी जगह-जगह पर विपश्यना केंद्र विपश्यना की एक साइट है dhamma.org धम्मा की स्पेलिंग है dd4 दिल्ली एच ए एम एम ए डॉट ओआरजी इसमें आपको जानकारी मिलेगी विपस्सना केंद्रों की जिस केंद्र में आप जाना चाहते हैं वहां का टाइम टेबल देखने कब शुरू हो रहे कोर्स और साधारण कहा आपको एडवांस में अप्लाई करना होता है कि 10 दिन का शिविर होता है वहां पर एक भिक्षु की तरह जीवन जीते हैं और विपश्यना का प्रत्यक्ष अनुभव करते हैं यह प्रत्यक्ष ज्ञान होता है यह बहुत महत्वपूर्ण होता है सुनी सुनाई बातें या दूसरे ने किसी ने बता दिया आपको विपस्सना ध्यान के बारे में उससे कोई लाभ नहीं होगा जो पटना का कार्यक्रम पूर्णता निशुल्क है आप पहुंच जाएं और उसका प्रत्यक्ष अनुभव करें उसका लाभ लें हमारी शुभकामनाएं

dhyan ya vipashyana dhyan mein keval 10 chori hoti hai aur 90 practice thodi bahut jigyasa samajh mein aati hai ki aap dhyan ke bare mein janana chahte hain vipaksh mein ke bare mein janana chahte hain swabhavik bhi hai lekin dhyan ke bare mein sirf jaanne se kuch nahi ho jata jaise ki aapko maloom ho ki is bimari ki yah dawa hai us jaankari se vaah bimari theek nahi hogi jab tak ki aapko dawa niyamit 9 vipashyana ya dhyan vipassana dhyan abhyas chahte hain ab jitna abhyas karte jaenge utana dhyan mein gehre paith jaenge aur us kaam ko anubhav kar sakenge aur vipassana dhyan ka anubhav har vyakti ke liye alag alag hota hai kyonki hamara vyaktitva alag hai isliye meri vinamra salah hai aapko ki vipassana dhyan ke bare mein keval yah jaane ke dhaan ki vidhi hai mahatvapurna vidhi hai buddha ne ise khoja tha aur isi vipashyana dhyan ko karte hue unhe bodh prapt hua tha vipassana dhyan aap kare dhyan mein zyada se zyada samay lagaye uske bare mein zyada jaanne samjhne ki koshish na kare dhyan ka abhyas jitna karenge utana labh hoga vipassana dhyan se bahut adhik labh hota hai bahut adhik kalyan hota hai khoob mangal hota hai yah buddha ne swayam kaha hai aur agar aap vipaksh mein dhyan karte hain toh pratidin usko niyamit roop se kare subah shaam shaam aur agar abhi tak vipassana dhyan aapne nahi seekha hai toh kisi bhi vipashyana kendra mein hamare desh mein 100 se adhik vipashyana kendra hain videshon mein bhi jagah jagah par vipashyana kendra vipashyana ki ek site hai dhamma org dhamma ki spelling hai dd4 delhi h a M imei a dot ORG isme aapko jaankari milegi vipassana kendron ki jis kendra mein aap jana chahte hain wahan ka time table dekhne kab shuru ho rahe course aur sadhaaran kaha aapko advance mein apply karna hota hai ki 10 din ka shivir hota hai wahan par ek bhikshu ki tarah jeevan jeete hain aur vipashyana ka pratyaksh anubhav karte hain yah pratyaksh gyaan hota hai yah bahut mahatvapurna hota hai suni sunayi batein ya dusre ne kisi ne bata diya aapko vipassana dhyan ke bare mein usse koi labh nahi hoga jo patna ka karyakram purnata nishulk hai aap pohch jayen aur uska pratyaksh anubhav kare uska labh le hamari subhkamnaayain

ध्यान या विपश्यना ध्यान में केवल 10% चोरी होती है और 90% प्रैक्टिस थोड़ी बहुत जिज्ञासा समझ

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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

1:05

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विपश्यना ध्यान पद्धति के बारे में मुझे अधिक तो ज्ञात नहीं है लेकिन यह जानता हूं कि आदरणीय रामनाथ गोयनका जी ने अभी इस काल में इस पद्धति को बहुत संवर्धित किया है बहुत परिष्कृत किया है और इसका काफी प्रचार किया है बोरीवली के गोराई क्षेत्र में जो पैगोडा बनाया गया है वहां पर विपश्यना ध्यान केंद्र चलता है और बहुत से लोग निशुल्क वहां जाकर ध्यान पद्धति का अभ्यास करते हैं वैसे ही है ध्यान पद्धति बौद्ध धर्म में काफी प्रचलित रही महात्मा बुद्ध द्वारा इसका प्रवर्तन किया गया है और बसना ध्यान पद्धति मनुष्य को तात्कालिक क्षण में रहने की कला सिखाती है हम या तो भविष्य में भी करते रहते हैं या भूतकाल में भी चलते रहते हैं वर्तमान को भूले रहते हैं विपश्यना ध्यान पद्धति के द्वारा व्यक्ति वर्तमान ने जीता है भविष्य की चिंताओं से मुक्त रहता है और भूतकाल के अवसरों से भी मुक्त रहता है

vipashyana dhyan paddhatee ke bare mein mujhe adhik toh gyaat nahi hai lekin yah jaanta hoon ki adaraniya ramnath goyanaka ji ne abhi is kaal mein is paddhatee ko bahut sanvardhit kiya hai bahut parishkrit kiya hai aur iska kaafi prachar kiya hai borivali ke gorai kshetra mein jo pagoda banaya gaya hai wahan par vipashyana dhyan kendra chalta hai aur bahut se log nishulk wahan jaakar dhyan paddhatee ka abhyas karte hain waise hi hai dhyan paddhatee Baudh dharm mein kaafi prachalit rahi mahatma buddha dwara iska pravartan kiya gaya hai aur basana dhyan paddhatee manushya ko tatkalik kshan mein rehne ki kala sikhati hai hum ya toh bhavishya mein bhi karte rehte hain ya bhootkaal mein bhi chalte rehte hain vartaman ko bhule rehte hain vipashyana dhyan paddhatee ke dwara vyakti vartaman ne jita hai bhavishya ki chintaon se mukt rehta hai aur bhootkaal ke avasaron se bhi mukt rehta hai

विपश्यना ध्यान पद्धति के बारे में मुझे अधिक तो ज्ञात नहीं है लेकिन यह जानता हूं कि आदरणीय

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Ananta Jeevan

Yoga Guru l Relationship Coach l Meditation Teacher

4:06
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या आप मुझे विपस्सना ध्यान के बारे में और बता सकते हैं पहले तो विपस्सना का अर्थ समझना बदनामी आती जाती सांसों को देखना तो आप अपना ध्यान या तो अपनी नाक पर लगा सकते हैं जो सांस आ रही है तो आपके दोनों नासिका ओं को छू रही है और भीतर जा रही है उसको देख रहे हैं और वहीं से बाहर आ रही है उसको देख रहे हैं एक तो यह भी दी हो गई या तो आप अपना ध्यान अपने नाभि पर रख सकते हैं पेट पर रख सकते हैं कि जवाब सांस ले रहे हैं तो पेट फूल रहे हैं और आप देख रहे हैं जब सांस बाहर निकल रही हो तो देखना देखना आती जाती सांसों को देखना और जब यह आप करेंगे तो धीरे-धीरे पहले तो आप सांसो को देखेंगे धीरे-धीरे क्या आप इसमें गहरे उतर जाएंगे तो आप अपने विचारों को भी देख सकते हैं अपने भाव को भी देख सकते हैं तो इसके बाद फायदे भी हैं तो आपको यह पता चलेगा आप ध्यान कर रहे हैं कि स्वास आ रही है जा रही है पर स्वास्थ आपके भीतर जा रही है और बाहर आ रही हो तो आप सो आज आप नहीं है प्राण नहीं है आप प्राण से परे हैं और आप विचारों को देख पाएंगे तो आप यह भी देख सकते हैं कि मैं विचार नहीं विचार से अलग हो गए फिर आप अपने भावों को भी देख पाएंगे वहां पर यह देख पाएंगे कि जो भाव उठा मेरे अंदर उठा पर मैं भाव नहीं हूं तो भाव से जुड़ा हुआ नहीं हूं भाव मेरे अंदर चल रहे हैं आ रहे हैं जा रहे हैं जैसे आकाश में बादल उठते हैं काले बादल सफेद बादल यह सब आ रहे हैं जा रहे हैं मैं बस देखने वाला हूं सभी पर्सनल का मतलब है मैं देख रहा हूं जो भी हो रहा है जब यह करेंगे धीरे-धीरे करते करते आप पाएंगे कि मैं बस देखने वाला हूं मैं शरीर को भी देख पा रहा हूं विश्वास को भी देखा हूं मैं अपने भाव को देख पा रहा हूं तो आपको अनुभूति होगी कि मैं दृष्टा हूं धीरे-धीरे आप शांत होंगे आप आनंदित होंगे और आप स्वयं में स्थित होंगे तो आप स्वस्थ को स्वास्थ्य को उपलब्ध होंगे स्वास्थ्य का मतलब स्वयं में स्थित होना और विपस्सना से कि आप अपने गहरे में उतर सकते हैं पर विपस्सना करने से पहले अगर आपने कोई और ध्यान किए हो तो आपको विपस्सना ध्यान करने में आशा नियत होगी आप कंफर्टेबल ई इजीली सो कर पाएंगे अगर नहीं किया है तो उसे पहले उसको करें क्योंकि यह ध्यान ढाई हजार साल पुराना गांव से भी पुराना है विज्ञान भैरव तंत्र आशिक ने भी यह ध्यान की चर्चा करी है उसके बाद भूत ने इस ज्ञान को करवाया है तू ही विधि तब थी जब 5000 10000 ढाई हजार साल पहले मनुष्य शान था उसका मन इतना बेचैन नहीं था उसका मन इतना आसान नहीं था अभी हमें मालूम है हमारा मन बहुत चंचल है पर हमारे पास बहुत सारी एक्सपीडिशंस बहुत सारी रिस्पेक्ट्स है जो हमें की पर्सनल ध्यान में नहीं उतरने की उससे पहले कुछ आप और ध्यान करें तो आपके लिए हो

kya aap mujhe vipassana dhyan ke bare mein aur bata sakte hai pehle toh vipassana ka arth samajhna badnami aati jaati shanson ko dekhna toh aap apna dhyan ya toh apni nak par laga sakte hai jo saans aa rahi hai toh aapke dono nasika on ko chu rahi hai aur bheetar ja rahi hai usko dekh rahe hai aur wahi se bahar aa rahi hai usko dekh rahe hai ek toh yah bhi di ho gayi ya toh aap apna dhyan apne nabhi par rakh sakte hai pet par rakh sakte hai ki jawab saans le rahe hai toh pet fool rahe hai aur aap dekh rahe hai jab saans bahar nikal rahi ho toh dekhna dekhna aati jaati shanson ko dekhna aur jab yah aap karenge toh dhire dhire pehle toh aap saanso ko dekhenge dhire dhire kya aap isme gehre utar jaenge toh aap apne vicharon ko bhi dekh sakte hai apne bhav ko bhi dekh sakte hai toh iske baad fayde bhi hai toh aapko yah pata chalega aap dhyan kar rahe hai ki swas aa rahi hai ja rahi hai par swaasth aapke bheetar ja rahi hai aur bahar aa rahi ho toh aap so aaj aap nahi hai praan nahi hai aap praan se pare hai aur aap vicharon ko dekh payenge toh aap yah bhi dekh sakte hai ki main vichar nahi vichar se alag ho gaye phir aap apne bhavon ko bhi dekh payenge wahan par yah dekh payenge ki jo bhav utha mere andar utha par main bhav nahi hoon toh bhav se juda hua nahi hoon bhav mere andar chal rahe hai aa rahe hai ja rahe hai jaise akash mein badal uthte hai kaale badal safed badal yah sab aa rahe hai ja rahe hai bus dekhne vala hoon sabhi personal ka matlab hai dekh raha hoon jo bhi ho raha hai jab yah karenge dhire dhire karte karte aap payenge ki main bus dekhne vala hoon main sharir ko bhi dekh paa raha hoon vishwas ko bhi dekha hoon main apne bhav ko dekh paa raha hoon toh aapko anubhuti hogi ki main drishta hoon dhire dhire aap shaant honge aap anandit honge aur aap swayam mein sthit honge toh aap swasthya ko swasthya ko uplabdh honge swasthya ka matlab swayam mein sthit hona aur vipassana se ki aap apne gehre mein utar sakte hai par vipassana karne se pehle agar aapne koi aur dhyan kiye ho toh aapko vipassana dhyan karne mein asha niyat hogi aap Comfortable ee ijili so kar payenge agar nahi kiya hai toh use pehle usko kare kyonki yah dhyan dhai hazaar saal purana gaon se bhi purana hai vigyan bhairav tantra aashik ne bhi yah dhyan ki charcha kari hai uske baad bhoot ne is gyaan ko karvaya hai tu hi vidhi tab thi jab 5000 10000 dhai hazaar saal pehle manushya shan tha uska man itna bechain nahi tha uska man itna aasaan nahi tha abhi hamein maloom hai hamara man bahut chanchal hai par hamare paas bahut saree eksapidishans bahut saree respects hai jo hamein ki personal dhyan mein nahi utarane ki usse pehle kuch aap aur dhyan kare toh aapke liye ho

क्या आप मुझे विपस्सना ध्यान के बारे में और बता सकते हैं पहले तो विपस्सना का अर्थ समझना बद

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

2:50
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आपका क्वेश्चन है क्या आप मुझे कुछ कहना ध्यान के बारे में और बता सकते हैं तो देखिए मैं बारंबार इस चीज का जिक्र कर रहा हूं और फिर सुना करना चाहूंगा विपासना जो ध्यान है एक तरह कंपटीशन ही है जैसे ही योग में आपको आम तौर से ध्यान के बारे में बताया जाता है कि ध्यान करते समय बिल्कुल या तो वज्रासन की मुद्रा हो या सुखासन की मुद्रा हो आंखें कोमलता से बंद और रीड की हड्डी बिल्कुल सीधी सी बात कि अपने आते-जाते प्रतीक्षा स्कोर देखें और देखते चले जाएं गहराइयों से देखें और देखे ना देख सकते हैं उतना देखें यह विपासना यू शब्द है या विपासना ध्यान की पद्धति है यह गौतम बुध के द्वारा प्रसारित और गौतम बुध के द्वारा प्रचलित क्या गौतम बुध के द्वारा बताया गया ध्यान का एक तरीका है जिसमें माइंड में ध्यान करते समय दो ही बातें आती है एक बुरी बातें एक अच्छी बातें तो व्यक्ति मन ही मन यह चाहता है कि मेरे साथ कुछ भी बुरा न सिर्फ अच्छा ही अच्छा ही ही हो ऐसा भी संभव नहीं है इसी चीज को लिप्स आना कहां जाता है दूसरी बात स्वयं के द्वारा स्वयं को देखना यानी ध्यान अवस्था में आंखें बंद की प्रक्रिया में स्वयं को देखना है यानी आपने पूरी शारीरिक अभिव्यक्ति यानी पुनः स्वयं को देखना है बारंबार देखना है उस चीज को इतनी गहराइयों में चले जाना है कि आप अपनी आंखें बंद करके सिंह का चेहरा देख सके इसी पद्धति को विपश्यना करते धन्यवाद

aapka question hai kya aap mujhe kuch kehna dhyan ke bare mein aur bata sakte hain toh dekhiye main barambar is cheez ka jikarr kar raha hoon aur phir suna karna chahunga vipaasana jo dhyan hai ek tarah competition hi hai jaise hi yog mein aapko aam taur se dhyan ke bare mein bataya jata hai ki dhyan karte samay bilkul ya toh vajrasan ki mudra ho ya sukhasan ki mudra ho aankhen komalta se band aur read ki haddi bilkul seedhi si baat ki apne aate jaate pratiksha score dekhen aur dekhte chale jayen gaharaiyon se dekhen aur dekhe na dekh sakte hain utana dekhen yah vipaasana you shabd hai ya vipaasana dhyan ki paddhatee hai yah gautam buddha ke dwara prasarit aur gautam buddha ke dwara prachalit kya gautam buddha ke dwara bataya gaya dhyan ka ek tarika hai jisme mind mein dhyan karte samay do hi batein aati hai ek buri batein ek achi batein toh vyakti man hi man yah chahta hai ki mere saath kuch bhi bura na sirf accha hi accha hi hi ho aisa bhi sambhav nahi hai isi cheez ko lips aana kahaan jata hai dusri baat swayam ke dwara swayam ko dekhna yani dhyan avastha mein aankhen band ki prakriya mein swayam ko dekhna hai yani aapne puri sharirik abhivyakti yani punh swayam ko dekhna hai barambar dekhna hai us cheez ko itni gaharaiyon mein chale jana hai ki aap apni aankhen band karke Singh ka chehra dekh sake isi paddhatee ko vipashyana karte dhanyavad

आपका क्वेश्चन है क्या आप मुझे कुछ कहना ध्यान के बारे में और बता सकते हैं तो देखिए मैं बारं

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Dr.Swatantra Sharma

Yoga Expert & Consultant

1:19
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विपस्सना ध्यान में विशेष रूप से मॉल का अभ्यास कराया जाता है लगभग 8 से 10 दिन हम पूर्ण रूप से मौन रहते हैं मौन की अवस्था में हम अपनी आत्मा की शुद्धि कर सकते हैं आत्मा के ऊपर पड़े हुए अनेक विकारों को दूर करने का यह प्रभावी यंत्र है प्रभावी माध्यम है लेकिन विपस्सना करने के दौरान इस बात की सावधानी रखनी चाहिए कि धीरे-धीरे अपने मन को भी हम विचलित ना करें शांत रखने का प्रयास करें कई बार होता है कि हम मौखिक रूप से तो शांत हो जाते हैं लेकिन आत्मिक रूप से हम अशांत बने रहते हैं अतः विपस्सना के दौरान हमें सात्विक चीजों का अध्ययन करना चाहिए अच्छे शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए सात्विक विचारों को मन में स्थापना करनी चाहिए उनको लेकर के आना चाहिए सोच भी सकारात्मक रखनी चाहिए और निश्चित रूप से हम विपस्सना ध्यान में जब मॉल में रहते हैं तब भगवान कृष्ण भी यही कहते हैं कि मौत मोनम आपको मिले बिरहा यानी मॉल में आत्मा का दर्शन होता है तभी पटना का सर्वाधिक महत्वपूर्ण लाभ हमें प्राप्त होता है

vipassana dhyan mein vishesh roop se mall ka abhyas karaya jata hai lagbhag 8 se 10 din hum purn roop se maun rehte hain maun ki avastha mein hum apni aatma ki shudhi kar sakte hain aatma ke upar pade hue anek vikaron ko dur karne ka yah prabhavi yantra hai prabhavi madhyam hai lekin vipassana karne ke dauran is baat ki savdhani rakhni chahiye ki dhire dhire apne man ko bhi hum vichalit na kare shaant rakhne ka prayas kare kai baar hota hai ki hum maukhik roop se toh shaant ho jaate hain lekin atmik roop se hum ashant bane rehte hain atah vipassana ke dauran hamein Satvik chijon ka adhyayan karna chahiye acche shastron ka adhyayan karna chahiye Satvik vicharon ko man mein sthapna karni chahiye unko lekar ke aana chahiye soch bhi sakaratmak rakhni chahiye aur nishchit roop se hum vipassana dhyan mein jab mall mein rehte hain tab bhagwan krishna bhi yahi kehte hain ki maut monam aapko mile birha yani mall mein aatma ka darshan hota hai tabhi patna ka sarvadhik mahatvapurna labh hamein prapt hota hai

विपस्सना ध्यान में विशेष रूप से मॉल का अभ्यास कराया जाता है लगभग 8 से 10 दिन हम पूर्ण रूप

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Awanish Kumar

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी विपश्यना का शाब्दिक अर्थ होता है कि मतलब उल्टा और पश्चिम मतलब देखना मतलब उल्टा देखना उल्टा देखना मतलब कि अपने भीतर देखना हम तो बाहर बार देखते रहते हैं बाहर की दुनिया को देखते रहते हैं और उसके हिसाब से क्रिया प्रतिक्रिया हमारे अंदर चलते रहती है लेकिन विपस्सना ध्यान में हम अपने अंदर के संसार को देख सकते हैं और शुरुआत हम अपनी सांसों से करते हैं कि धीरे-धीरे अपने विचार तक जाते हैं मस्तिष्क को शांत होता हुआ देखते हैं और मतलब भीतर देखना शुरु करते हैं और कमाल की बात यह है कि जैसे जैसे हम भीतर देखना शुरु करते हैं तुझे भीतर में उठापटक है 11 भाग दौड़ है जबरदस्त वाली वह धीरे-धीरे थमने लगता है और वह क्रिया थम करके इतनी हो जाती है फिर धीरे-धीरे बिल्कुल शांत हो जाती है और वही शांत वही आंतरिक शांति वही आंतरिक बिखराव का कम होना किन के योग का चरमोत्कर्ष कल आता है इसके सपोर्ट में एक पंक्ति रामकृष्ण परमहंस की अनिठा कुर्की आपको बताना चाहूंगा वह कहा करते थे कि बेटा माया पहचान में आते ही नष्ट हो जाती है अब माया को पहचानने के लिए अपनी और देखना पड़ेगा और अपनी और देखने के लिए विपस्सना ध्यान अपने आप में बहुत ही अच्छी तकनीक है पद्धति है तो विपस्सना ध्यान आपके ध्यान को प्रगाढ़ करने के लिए और बहुत जल्दी ही अपने भीतर क्यों को शांत करने के लिए अत्यंत सहायक

ji vipashyana ka shabdik arth hota hai ki matlab ulta aur paschim matlab dekhna matlab ulta dekhna ulta dekhna matlab ki apne bheetar dekhna hum toh bahar baar dekhte rehte hain bahar ki duniya ko dekhte rehte hain aur uske hisab se kriya pratikriya hamare andar chalte rehti hai lekin vipassana dhyan mein hum apne andar ke sansar ko dekh sakte hain aur shuruat hum apni shanson se karte hain ki dhire dhire apne vichar tak jaate hain mastishk ko shaant hota hua dekhte hain aur matlab bheetar dekhna shuru karte hain aur kamaal ki baat yah hai ki jaise jaise hum bheetar dekhna shuru karte hain tujhe bheetar mein uthapatak hai 11 bhag daudh hai jabardast wali vaah dhire dhire thamane lagta hai aur vaah kriya tham karke itni ho jaati hai phir dhire dhire bilkul shaant ho jaati hai aur wahi shaant wahi aantarik shanti wahi aantarik bikhraav ka kam hona kin ke yog ka charamotkarsh kal aata hai iske support mein ek pankti ramakrishna paramhans ki anitha kurki aapko bataana chahunga vaah kaha karte the ki beta maya pehchaan mein aate hi nasht ho jaati hai ab maya ko pahachanne ke liye apni aur dekhna padega aur apni aur dekhne ke liye vipassana dhyan apne aap mein bahut hi achi taknik hai paddhatee hai toh vipassana dhyan aapke dhyan ko pragadh karne ke liye aur bahut jaldi hi apne bheetar kyon ko shaant karne ke liye atyant sahaayak

जी विपश्यना का शाब्दिक अर्थ होता है कि मतलब उल्टा और पश्चिम मतलब देखना मतलब उल्टा देखना उल

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Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

0:30
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आपका प्रश्न क्या आप मुझे विपस्सना ध्यान के बारे में बता सकते हैं विपस्सना ध्यान जो है वह एक मेडिटेशन की प्रक्रिया जो बौद्ध धर्म द्वारा अपनाई गई थी और इसके द्वारा आत्म साक्षात्कार किया महात्मा बुद्ध ने इस प्रक्रिया को अपनाया था और यह जो है क्योंकि ही प्रक्रिया है मेडिटेशन की प्रक्रिया इससे यह भी एक ऐसा मार्ग है जिससे राजयोग है अपना ध्यान भी आत्मसाक्षात्कार करने का या नहीं ईश्वर प्राप्ति करने का एक मार्ग है धन्यवाद

aapka prashna kya aap mujhe vipassana dhyan ke bare mein bata sakte hain vipassana dhyan jo hai vaah ek meditation ki prakriya jo Baudh dharm dwara apnai gayi thi aur iske dwara aatm sakshatkar kiya mahatma buddha ne is prakriya ko apnaya tha aur yah jo hai kyonki hi prakriya hai meditation ki prakriya isse yah bhi ek aisa marg hai jisse rajyog hai apna dhyan bhi atmasakshatkar karne ka ya nahi ishwar prapti karne ka ek marg hai dhanyavad

आपका प्रश्न क्या आप मुझे विपस्सना ध्यान के बारे में बता सकते हैं विपस्सना ध्यान जो है वह ए

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Aditi Garg

Meditation Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कि मैं क्या आप विपासना ध्यान के बारे में बता सकते हैं लेकिन विपासना ध्यान है रघु जी डी गोयनका जी का प्रोग्राम है इसके बहुत सारे इंडिया के अंदर सेंटर है जहां पर ध्यान लगाया जाता है जो ध्यान है वह 10 दिन का शिविर होता है अगर आप एक नई इंसान है जिसने कभी मेडिटेशन नहीं किया है तो विपासना में जो फर्स्ट कोर्स होता है वह 10 दिन का कोर्स होता है उसमें आपको 10 दिन तक ध्यान लगाया जाता है अलग अलग टाइप के ध्यान लगाए जाते हैं ज्यादातर जो ध्यान होता है वह आंख बंद करके सांसो पर लगाना सिखाया जाता है इससे आपको बहुत हेल्थ बेनिफिट मिलते हैं फोकस आफ रूप होता है इंटेलिजेंट चला इंटेलिजेंस लेवल इंप्रूव होता है और यह जो ध्यान करवाते हैं इससे आपके जीवन में डेफिनेट लिए बहुत उज्जवल भविष्य की ओर आप जाते हैं थैंक यू

aapka prashna hai ki main kya aap vipaasana dhyan ke bare mein bata sakte hain lekin vipaasana dhyan hai raghu ji d goyanaka ji ka program hai iske bahut saare india ke andar center hai jaha par dhyan lagaya jata hai jo dhyan hai vaah 10 din ka shivir hota hai agar aap ek nayi insaan hai jisne kabhi meditation nahi kiya hai toh vipaasana mein jo first course hota hai vaah 10 din ka course hota hai usme aapko 10 din tak dhyan lagaya jata hai alag alag type ke dhyan lagaye jaate hain jyadatar jo dhyan hota hai vaah aankh band karke saanso par lagana sikhaya jata hai isse aapko bahut health benefit milte hain focus of roop hota hai Intelligent chala intelligence level improve hota hai aur yah jo dhyan karwaate hain isse aapke jeevan mein definet liye bahut ujjawal bhavishya ki aur aap jaate hain thank you

आपका प्रश्न है कि मैं क्या आप विपासना ध्यान के बारे में बता सकते हैं लेकिन विपासना ध्यान ह

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हरिओम नमस्कार आपको अपना रजिस्ट्रेशन करा सकती हो अपनी नियर बाय एरिया में रजिस्ट्रेशन उसके बाद आप फॉरमेशन आफ 2 डेज का कोर्स कर सकते हैं 10 से 15 दिन तक तुम हां पर आप रजिस्ट्रेशन कराया जानकारी मिलेगी

hariom namaskar aapko apna registration kara sakti ho apni near bye area me registration uske baad aap formation of 2 days ka course kar sakte hain 10 se 15 din tak tum haan par aap registration karaya jaankari milegi

हरिओम नमस्कार आपको अपना रजिस्ट्रेशन करा सकती हो अपनी नियर बाय एरिया में रजिस्ट्रेशन उसके ब

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