कुंडलिनी योग को खतरनाक क्यों माना जाता है?...


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Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

1:21

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है की कुंडली कुंडलिनी योग खतरनाक क्यों माना जाता है कुंडली जागरण की 1 हाथियों की एक प्रक्रिया है यह बहुत ही शक्तिशाली कृपया है जब जो साधक कुंडलिनी जागरण करते हैं उनको बहुत सारे नियमों और सिद्धांतों का भी पालन करना पड़ता है और जब साधक को कुंडली जागरण की स्थिति आती है तो उसमें बहुत सारी सिद्धियां आती हैं कुंडली जागरण से और उस स्थिति में साधक जो है उसका शरीर उसका मन और उसका मस्तिष्क उन शक्तियों को इन सिद्धियों को रोजगार देने में असमर्थ रहता है उनको साधने में असमर्थ रहता है तो उस स्थिति में वह आदत पागल की स्थिति होती है मृत्यु की स्थिति तक हो जाती है इसीलिए कुंडलिनी जागरण क्रिया जो है वह बहुत ही खतरनाक चिड़िया मानी गई है योग की और जो कुशल साधक हैं मोहित को करें और जो समर्पित योगी हैं योग को जो यम नियम सबका पालन करते हो वही साधना करें और कुंडली साधना जो है वह सिर्फ अकेले ना करें किसी अच्छे योग गुरु के पीछे योगी के सानिध्य में ही करें धन्यवाद

aapka prashna hai ki kundali kundalini yog khataranaak kyon mana jata hai kundali jagran ki 1 haathiyo ki ek prakriya hai yah bahut hi shaktishali kripya hai jab jo sadhak kundalini jagran karte hain unko bahut saare niyamon aur siddhanto ka bhi palan karna padta hai aur jab sadhak ko kundali jagran ki sthiti aati hai toh usme bahut saree siddhiyan aati hain kundali jagran se aur us sthiti mein sadhak jo hai uska sharir uska man aur uska mastishk un shaktiyon ko in siddhiyon ko rojgar dene mein asamarth rehta hai unko sadhane mein asamarth rehta hai toh us sthiti mein vaah aadat Pagal ki sthiti hoti hai mrityu ki sthiti tak ho jaati hai isliye kundalini jagran kriya jo hai vaah bahut hi khataranaak chidiya maani gayi hai yog ki aur jo kushal sadhak hain mohit ko kare aur jo samarpit yogi hain yog ko jo yum niyam sabka palan karte ho wahi sadhna kare aur kundali sadhna jo hai vaah sirf akele na kare kisi acche yog guru ke peeche yogi ke sanidhya mein hi kare dhanyavad

आपका प्रश्न है की कुंडली कुंडलिनी योग खतरनाक क्यों माना जाता है कुंडली जागरण की 1 हाथियों

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Vaishnavi Teje

Yoga Instructor

1:06
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योगा खतरनाक ऐसा नहीं है यूट्यूब में जो गांव पर्सनल ट्रेनर क्या करेंगे इंदौर में बहुत परेशानी आपको दिखा रहे हो चुके बता सकते हैं तो सब कुछ पता है क्या होता है ब्लूटूथ से देखकर जैसे कुछ मत

yoga khataranaak aisa nahi hai youtube mein jo gaon personal trainer kya karenge indore mein bahut pareshani aapko dikha rahe ho chuke bata sakte hain toh sab kuch pata hai kya hota hai bluetooth se dekhkar jaise kuch mat

योगा खतरनाक ऐसा नहीं है यूट्यूब में जो गांव पर्सनल ट्रेनर क्या करेंगे इंदौर में बहुत परेशा

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

1:50
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आपका क्वेश्चन है कुंडलिनी योग को खतरनाक क्यों मनाया जाता है देखिए खतरनाक कोई शब्द नहीं होता है योग में कुंडलिनी जागृत की जकरिया है और थोड़ी सी प्रक्रिया है और आपको यही समझ लीजिए कि कोई आपको क्वेश्चन टफ है तो उसके लिए या तो आप कॉलेज स्कूल या किसी शिक्षक का जैसे आपको मदद लेते हैं कोई सहयोग नहीं है तो कुंडलिनी सिद्धि करने के लिए सिद्ध करने के लिए आप किसी कुंडलिनी साधक के से संपर्क स्थापित करें तो यह कुछ भी टाइप नहीं है क्योंकि युग में योग कुंडलिनी सिद्धि की प्रक्रिया है उसमें थोड़ा विशेष तौर से किसी योग गुरु या कुंडलिनी साधक अगर आपके साथ है वह बताएं तो आपको जल्दी उस काम को कर भी पाएंगे और जहां तक मेरा विश्वास है कि कुछ भी हानि होने की संभावना नहीं बन पाएगी खतरनाक का इसमें कोई बात नहीं है यह आप लोगों के लिए बताया कि बताया जा रहा है कि कोई भी काम में जो चीज समझ में नहीं आया उसके लिए किसी न किसी रूप में शिक्षक की आवश्यकता होती है इसलिए किसी कुंडली में साधक से आपको अगर संपर्क करें और उसके बताए रास्ते पर चलें तो आपके लिए सबसे अच्छा है अच्छी बात होगी धन्यवाद

aapka question hai kundalini yog ko khataranaak kyon manaya jata hai dekhiye khataranaak koi shabd nahi hota hai yog mein kundalini jagrit ki jakriya hai aur thodi si prakriya hai aur aapko yahi samajh lijiye ki koi aapko question tough hai toh uske liye ya toh aap college school ya kisi shikshak ka jaise aapko madad lete hain koi sahyog nahi hai toh kundalini siddhi karne ke liye siddh karne ke liye aap kisi kundalini sadhak ke se sampark sthapit kare toh yah kuch bhi type nahi hai kyonki yug mein yog kundalini siddhi ki prakriya hai usme thoda vishesh taur se kisi yog guru ya kundalini sadhak agar aapke saath hai vaah bataye toh aapko jaldi us kaam ko kar bhi payenge aur jaha tak mera vishwas hai ki kuch bhi hani hone ki sambhavna nahi ban payegi khataranaak ka isme koi baat nahi hai yah aap logo ke liye bataya ki bataya ja raha hai ki koi bhi kaam mein jo cheez samajh mein nahi aaya uske liye kisi na kisi roop mein shikshak ki avashyakta hoti hai isliye kisi kundali mein sadhak se aapko agar sampark kare aur uske bataye raste par chalen toh aapke liye sabse accha hai achi baat hogi dhanyavad

आपका क्वेश्चन है कुंडलिनी योग को खतरनाक क्यों मनाया जाता है देखिए खतरनाक कोई शब्द नहीं होत

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Amit Kumar Yog Guru

Mr. Amit is the founder of Hari Om Yoga and Slimming Centre | Has more than 15 Years of experience in Yoga | Provide service in following categories : Yoga classes at home, Yoga classes for women/men/children, yoga classes for pregnant ladies

1:12
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अरे कुछ नहीं ऐसे थोड़ी नॉलेज हमेशा खतरनाक होती है आपका दीपक जल रहा है तो वह खतरनाक नहीं है अगर वह आपसे हम घर जला देंगे तो वह तो खतरनाक हो जाएगा ना कैसे गाड़ी है कार को नार्मल चलाएंगे तो कोई दिक्कत नहीं और उसमें एक्सीडेंटल दबाए रखेगा ब्रेक लगाए गाने तो वह तो सबसे ज्यादा खतरनाक हो जाएगी ना उसी प्रकार जैसे पानी है पीने लायक है तो ठीक है बार-बार पूछे जाएंगे पीके जाएंगे तो वह तो एकदम एक को भुला देगा ना इसलिए हर चीज का लिमिट होती है जो भी यह किया कि सारा दिन बंदा मेडिटेशन में ही बैठा रहा सखी करता रही है पर आनाकानी करता रे जीवन के जो दिनचर्या होती है सूर्य उदय होने से लेकर डूबने तक वहीं योग है कि किस समय खाना चाहिए किस समय पीना चाहिए किस समय सोना चाहिए इस समय आराम करना चाहिए यह भी योग ही है गुरु शिष्य परंपरा में यही तो सिखाया जाता है जो आजकल मैं कॉलेज शिक्षा में जो जितने स्कूल है जो एजुकेशन सिस्टम एनसीसी में तो बात कर सकते तो ऐसे लोगों को पता नहीं चलता कि हमें क्या करना है लोगों को पता ही नहीं है उनको कब खाना है कैसे खाना है और क्यों खाना है और किस मौसम में क्या पीना है क्या खाना है

arre kuch nahi aise thodi knowledge hamesha khataranaak hoti hai aapka deepak jal raha hai toh vaah khataranaak nahi hai agar vaah aapse hum ghar jala denge toh vaah toh khataranaak ho jaega na kaise gaadi hai car ko normal chalayenge toh koi dikkat nahi aur usme accidental dabaye rakhega break lagaye gaane toh vaah toh sabse zyada khataranaak ho jayegi na usi prakar jaise paani hai peene layak hai toh theek hai baar baar pooche jaenge pk jaenge toh vaah toh ekdam ek ko bhula dega na isliye har cheez ka limit hoti hai jo bhi yah kiya ki saara din banda meditation mein hi baitha raha sakhi karta rahi hai par aanakaani karta ray jeevan ke jo dincharya hoti hai surya uday hone se lekar dubne tak wahi yog hai ki kis samay khana chahiye kis samay peena chahiye kis samay sona chahiye is samay aaram karna chahiye yah bhi yog hi hai guru shishya parampara mein yahi toh sikhaya jata hai jo aajkal main college shiksha mein jo jitne school hai jo education system NCC mein toh baat kar sakte toh aise logo ko pata nahi chalta ki hamein kya karna hai logo ko pata hi nahi hai unko kab khana hai kaise khana hai aur kyon khana hai aur kis mausam mein kya peena hai kya khana hai

अरे कुछ नहीं ऐसे थोड़ी नॉलेज हमेशा खतरनाक होती है आपका दीपक जल रहा है तो वह खतरनाक नहीं है

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