क्यों पश्चिमी चिकित्सक अब योग चिकित्सा का वर्णन कर रहे हैं?...


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Ashish Lavania

Yoga Trainer

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ऐसे और सवाल
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Anshu Sarkar

Founder & Director, Sarkar Yog Academy

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले तो आप कमेंट मत कर इतना अच्छा सवाल करने के लिए आपको धन्यवाद देना चाहूंगा आप का सवाल है क्या पश्चिमी चिकित्सा योग चिकित्सा का वर्णन कर रहे हैं उत्तर है हां हां और हां यू कुमार

sabse pehle toh aap comment mat kar itna accha sawaal karne ke liye aapko dhanyavad dena chahunga aap ka sawaal hai kya pashchimi chikitsa yog chikitsa ka varnan kar rahe hain uttar hai haan haan aur haan you kumar

सबसे पहले तो आप कमेंट मत कर इतना अच्छा सवाल करने के लिए आपको धन्यवाद देना चाहूंगा आप का सव

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Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

1:01

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Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

1:24
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न है क्यों पश्चिमी चिकित्सा योग चिकित्सा का वर्णन कर रहे हैं इसका उत्तर है पश्चिमी चिकित्सा अमेरिका इंग्लैंड से चिकित्सक यू के बारे में अध्ययन करके योग के लाभ को समझ गए हैं इसलिए वे अपने मरीजों को योग के बारे में बताते हैं दवा के साथ-साथ वे योगासन भी अपने मरीज को बताते हैं कि आप यह दवा भी खाई है और यह प्राणायाम कीजिए यह आसन कीजिए पश्चिमी चिकित्सा हमारे प्राचीन पद्धति योग से बहुत अधिक प्रभावित हैं और उसका लाभ खूब उठा रहे हैं भारतीय चिकित्सक भी दवा देने के बाद मरीज का अध्ययन करने के बाद भारतीय चिकित्सक भी योग करने की सलाह दे रहे हैं प्राणायाम करने की सलाह दे रहे हैं अब धीरे-धीरे योग बहुत ही आगे बढ़ेगा और इससे बहुत लोगों का कल्याण हो जाएगा करें योग रहें निरोग

prashna hai kyon pashchimi chikitsa yog chikitsa ka varnan kar rahe hain iska uttar hai pashchimi chikitsa america england se chikitsak you ke bare me adhyayan karke yog ke labh ko samajh gaye hain isliye ve apne marizon ko yog ke bare me batatey hain dawa ke saath saath ve yogasan bhi apne marij ko batatey hain ki aap yah dawa bhi khai hai aur yah pranayaam kijiye yah aasan kijiye pashchimi chikitsa hamare prachin paddhatee yog se bahut adhik prabhavit hain aur uska labh khoob utha rahe hain bharatiya chikitsak bhi dawa dene ke baad marij ka adhyayan karne ke baad bharatiya chikitsak bhi yog karne ki salah de rahe hain pranayaam karne ki salah de rahe hain ab dhire dhire yog bahut hi aage badhega aur isse bahut logo ka kalyan ho jaega kare yog rahein nirog

प्रश्न है क्यों पश्चिमी चिकित्सा योग चिकित्सा का वर्णन कर रहे हैं इसका उत्तर है पश्चिमी चि

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Vijay Sharma

Yoga Trainer (P.G.D.Y.)

5:21
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आजकल पश्चिमी चिकित्सक योग शिक्षा का इसलिए वर्णन कर रहे हैं क्योंकि वह जानते हैं जितने भी क्रॉनिक स्थानिक बीमारियां हैं उत्पन्न हो गई है इस दुनिया में आज के परिवेश में उसका चिकित्सा करना उनके बस की बात नहीं है साइंस मेडिकल साइंस अभी इतनी एडवांस नहीं हुई है जितनी की योग चिकित्सा एडवांस और रही थी रवि योग चिकित्सा आज की नहीं है अनादि काल से चला आ रहा है यू जब से सृष्टि का निर्माण हुआ है यह भी मालूम होना चाहिए कि हमारी सनातन धर्म जो है अभी 5000 साल से भी पुराना धर्म चला आया है और इसको योग्यता को चलाने वाले इसमें कितने ही ऋषि मुनि जो उस जमाने की हुआ करते थे उस टाइम भी तो एडवांस नॉलेज हुआ करती थी उन लोगों में जो कि हमारी आज वेदों में इसका वर्णन है आयुर्वेद ज्योति ऋग्वेद का एक उपनिषद है वह उपभेद है और ऋग्वेद हो गए आपके सामने अथर्व यजुर वेद इन शब्दों में इन सब चीजों के बारे में ज्ञान पूरा दिया गया है चिकित्सा के बारे में दिया गया है ईमेल जो है सर्जरी के बारे में भी उस जमाने में जब 15000 बीसी के टाइम में यह भेद लिखे गए थे तब से यह योग चिकित्सा के बारे में जो आज मेडिकल साइंस जो कर रही है जो रिसर्च कर रही है यह सब रिसर्च और लिली आज से 5000 साल पहले सब रिसर्च हो चुकी है और वेदों में वर्णित है तो मेडिकल साइंस या वेस्टर्न डॉक्टर लगेगा आप विश्वास माननीय जितने भी पर एग्जांपल जवाब दे रहा हूं शरीर के अंदर जो क्रॉनिक बीमारियां है उस तक तो उसका कोई इलाज नहीं कर पाते जबकि वह भी उस चीज से ग्रसित होते हैं जैसे मेंटल टेंशन है डायबिटीज है अर्थराइटिस है स्पॉन्डिलाइटिस है बाकी है और जी बार्बी तमाम जो एंडोक्राइन डिसऑर्डर्स है यह दवाइयां से जो बनाते हैं उसको रोकथाम कर सकते हैं जड़ से संभोग जड़ से खत्म नहीं कर सकते यह जानते हैं एक बार दूसरी बात वही जानते हैं कि इंसान को जलाकर रखना चाहिए बीमारी को दिखाकर जिससे कि उनकी आमद में भर्ती रहे और इंसान सिर्फ दो ही कारणों से मेडिकल से चिपक जाता है एक प्रिंसटन जोड़ी दूसरा सर जी सर जी सर जी का कोई कारण इनके पास है ही नहीं तो ऐसी कोई दवाई बनी है इनके पास मानसिक तनाव को जड़ से कंट्रोल भलाई कर सकते हैं ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकते हैं पंजाब से खतम नहीं कर सकते जबसे उन्होंने योग का सहारा लिया इनको महसूस हुआ रिंकू अनुभव महसूस हुआ कि हां इस योग चिकित्सा को करने से लगातार करने से तीन चार महीने में ही बहुत ज्यादा बॉडी के अंदर चेंज हो जाती है तो और एंड भाइयों ने देखा भी होगा कई सारे मरी पुरानी से पुरानी बीमारी उनकी ठीक हो गई है इसलिए अब योग चिकित्सा को आगे प्रमोट करते हैं अमूमन मैंने देखा भी है कई दोस्त हैं अर्थराइटिस के लिए और भी प्रमाण मेट्रो स्टेशन के लिए जरूर लास्ट में कहते हैं कि आप भी होगा जरूर करें क्योंकि वह जानते हैं युवक की एक एक मात्र साधन है जिससे कि एक समान क्रॉनिक से क्यों ने बीमारी हो सकती है मेडिकल पर इसका कोई इलाज नहीं है यहां तक कि कैंसर का इलाज इनके पास नहीं है ऑल जितने भी तमाम कैंसर हैं बस यह रेडियोथैरेपी कीमोथेरेपी 7081 का यह शोर शौक नहीं है कि बाद में रिपीट होगा भी कि नहीं एंड एंड कैंसर का जो है यूं ही कर सकता है इसके अलावा और कोई पद्धति इस दुनिया में बनी ही नहीं

aajkal pashchimi chikitsak yog shiksha ka isliye varnan kar rahe hain kyonki vaah jante hain jitne bhi chronic sthanik bimariyan hain utpann ho gayi hai is duniya me aaj ke parivesh me uska chikitsa karna unke bus ki baat nahi hai science medical science abhi itni advance nahi hui hai jitni ki yog chikitsa advance aur rahi thi ravi yog chikitsa aaj ki nahi hai anadi kaal se chala aa raha hai you jab se shrishti ka nirmaan hua hai yah bhi maloom hona chahiye ki hamari sanatan dharm jo hai abhi 5000 saal se bhi purana dharm chala aaya hai aur isko yogyata ko chalane waale isme kitne hi rishi muni jo us jamane ki hua karte the us time bhi toh advance knowledge hua karti thi un logo me jo ki hamari aaj vedo me iska varnan hai ayurveda jyoti rigved ka ek upanishad hai vaah upabhed hai aur rigved ho gaye aapke saamne atharva yajur ved in shabdon me in sab chijon ke bare me gyaan pura diya gaya hai chikitsa ke bare me diya gaya hai email jo hai surgery ke bare me bhi us jamane me jab 15000 BC ke time me yah bhed likhe gaye the tab se yah yog chikitsa ke bare me jo aaj medical science jo kar rahi hai jo research kar rahi hai yah sab research aur lily aaj se 5000 saal pehle sab research ho chuki hai aur vedo me varnit hai toh medical science ya western doctor lagega aap vishwas mananiya jitne bhi par example jawab de raha hoon sharir ke andar jo chronic bimariyan hai us tak toh uska koi ilaj nahi kar paate jabki vaah bhi us cheez se grasit hote hain jaise mental tension hai diabetes hai arthritis hai spondylitis hai baki hai aur ji barbie tamaam jo endocrine disaardars hai yah davaiyan se jo banate hain usko roktham kar sakte hain jad se sambhog jad se khatam nahi kar sakte yah jante hain ek baar dusri baat wahi jante hain ki insaan ko jalakar rakhna chahiye bimari ko dikhakar jisse ki unki aamad me bharti rahe aur insaan sirf do hi karanon se medical se chipak jata hai ek prinsatan jodi doosra sir ji sir ji sir ji ka koi karan inke paas hai hi nahi toh aisi koi dawai bani hai inke paas mansik tanaav ko jad se control bhalai kar sakte hain blood pressure ko control kar sakte hain punjab se khatam nahi kar sakte jabse unhone yog ka sahara liya inko mehsus hua rinku anubhav mehsus hua ki haan is yog chikitsa ko karne se lagatar karne se teen char mahine me hi bahut zyada body ke andar change ho jaati hai toh aur and bhaiyo ne dekha bhi hoga kai saare mari purani se purani bimari unki theek ho gayi hai isliye ab yog chikitsa ko aage promote karte hain amuman maine dekha bhi hai kai dost hain arthritis ke liye aur bhi pramaan metro station ke liye zaroor last me kehte hain ki aap bhi hoga zaroor kare kyonki vaah jante hain yuvak ki ek ek matra sadhan hai jisse ki ek saman chronic se kyon ne bimari ho sakti hai medical par iska koi ilaj nahi hai yahan tak ki cancer ka ilaj inke paas nahi hai all jitne bhi tamaam cancer hain bus yah radiotherapy chemotherapy 7081 ka yah shor shauk nahi hai ki baad me repeat hoga bhi ki nahi and and cancer ka jo hai yun hi kar sakta hai iske alava aur koi paddhatee is duniya me bani hi nahi

आजकल पश्चिमी चिकित्सक योग शिक्षा का इसलिए वर्णन कर रहे हैं क्योंकि वह जानते हैं जितने भी

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Dr. R. K. Gupta

Yoga & Nature Care Health center

1:10

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि पश्चिमी चिकित्सक के पास एंटीवर्टेड के अलावा कुछ नहीं है आज जो साइकोसोमेटिक डिसीज जो कि मन से शुरू होती है उसका राज उनके पास नहीं है और आज के इस आधुनिक युग में सबसे ज्यादा प्रॉब्लम मानसिक मन से बीमारियां शुरू हो रहे हैं हर एक व्यक्ति तनाव से ग्रसित है और उसी की वजह से चाहे वह शुगर की प्रॉब्लम हो चाहे वो हार्ट की प्रॉब्लम हो डिप्रेशन और कोई भी प्रॉब्लम दे दीजिए सीधे मान से शुरू होती है और मन को कंट्रोल करने में आधुनिक चिकित्सा पश्चिमी चिकित्सा बिल्कुल सेल है उनके पास कोई ठीक नहीं है और उस चिकित्सा में योग का बहुत बड़ा योगदान है और आगे चलकर आप देखेंगे योग ही ऐसा माध्यम होगा जिससे हम सुरक्षित रह पाएंगे निरोगी रह पाएंगे धन्यवाद

kyonki pashchimi chikitsak ke paas entivarted ke alava kuch nahi hai aaj jo saikosometik disease jo ki man se shuru hoti hai uska raj unke paas nahi hai aur aaj ke is aadhunik yug mein sabse zyada problem mansik man se bimariyan shuru ho rahe hain har ek vyakti tanaav se grasit hai aur usi ki wajah se chahen vaah sugar ki problem ho chahen vo heart ki problem ho depression aur koi bhi problem de dijiye sidhe maan se shuru hoti hai aur man ko control karne mein aadhunik chikitsa pashchimi chikitsa bilkul cell hai unke paas koi theek nahi hai aur us chikitsa mein yog ka bahut bada yogdan hai aur aage chalkar aap dekhenge yog hi aisa madhyam hoga jisse hum surakshit reh payenge nirogee reh payenge dhanyavad

क्योंकि पश्चिमी चिकित्सक के पास एंटीवर्टेड के अलावा कुछ नहीं है आज जो साइकोसोमेटिक डिसीज ज

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Yogi Narendra

Yoga Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

डॉक्टरी का जहां पर मेडिकल साइंस खत्म होती है जहां पर मेडिकल साइंस हाथ खड़े कर देती है वहां पर योग चिकित्सक कहता है कि भाई यह ठीक हो सकता है आज मेरे पास बहुत सारे ऐसे पेशल जो पिछले 25 साल से सीटी से जकड़े हुए थे सेरेब्रल पाल्सी से वह ठीक हुए उनका कुंवर ठीक हो गया उनका लंगड़ा पानी ठीक हो गया वह अच्छे खासे गाड़ियां चला रहे हैं और इसी तरह छोटी मोटी किसी तरह की भी बुरा कमर दर्द का डॉक्टर उसे पता नहीं लंबी चौड़ी कितनी बीमारियां गिना देते हैं और बाद में पता लगता है क्या योग शास्त्र में उसने उनको आराम हो जाता है जहां पर मेडिकल साइंस की समाप्ति होती है वहां से योग की शुरुआत शुरुआत होती है जहां पर मेडिकल साइंस खड़ा कर देती है वहां से मेडिकल शिक्षा के नीचे कुछ भी कर सकती है बशर्ते कि हां मैं उससे ऑपरेट करना आता हूं मैं कुछ भी ऐसा नहीं कह रहा कि जो ना हुआ हो मेरे पास ऐसे टेस्टिमोनी है कि जिन्हें मैंने मतलब तो बिल्कुल ऐसे लोगों को जिनसे उम्मीद नहीं की जा सकती थी कि यह दोबारा चल सकेंगे फिर सकेंगे वह चलती रहे हैं फिर भी रहे हैं और बहुत सारा उनके साथ चमत्कार हो

doctari ka jaha par medical science khatam hoti hai jaha par medical science hath khade kar deti hai wahan par yog chikitsak kahata hai ki bhai yah theek ho sakta hai aaj mere paas bahut saare aise peshal jo pichle 25 saal se city se jakade hue the cerebral palsi se vaah theek hue unka kunwar theek ho gaya unka langda paani theek ho gaya vaah acche khase gadiyan chala rahe hain aur isi tarah choti moti kisi tarah ki bhi bura kamar dard ka doctor use pata nahi lambi chaudi kitni bimariyan gina dete hain aur baad mein pata lagta hai kya yog shastra mein usne unko aaram ho jata hai jaha par medical science ki samapti hoti hai wahan se yog ki shuruat shuruaat hoti hai jaha par medical science khada kar deti hai wahan se medical shiksha ke niche kuch bhi kar sakti hai basharte ki haan main usse operate karna aata hoon main kuch bhi aisa nahi keh raha ki jo na hua ho mere paas aise testimoni hai ki jinhen maine matlab toh bilkul aise logo ko jinse ummid nahi ki ja sakti thi ki yah dobara chal sakenge phir sakenge vaah chalti rahe hain phir bhi rahe hain aur bahut saara unke saath chamatkar ho

डॉक्टरी का जहां पर मेडिकल साइंस खत्म होती है जहां पर मेडिकल साइंस हाथ खड़े कर देती है वहां

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Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

0:42
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रति पश्चिमी चिकित्सक अब योग चिकित्सा का वर्णन कर रहे हैं जी बिल्कुल कर रहे हैं क्योंकि अब पश्चिमी संस्कृति के लोग योग की ताकत हो चुके हैं समझ चुकी हैं कि योग से वहां पहुंच सकते हैं जो आजकल जो हमारे इस समय में जो दैहिक दैविक और भौतिक जो कष्ट हैं उनका निवारण मात्र युग में ही है इसलिए वह योग की तरफ अग्रसर हो रहे हैं जरूरत है हम लोगों को भी एक तरफ अग्रसर होने की धन्यवाद

aapka prati pashchimi chikitsak ab yog chikitsa ka varnan kar rahe hain ji bilkul kar rahe hain kyonki ab pashchimi sanskriti ke log yog ki takat ho chuke hain samajh chuki hain ki yog se wahan pohch sakte hain jo aajkal jo hamare is samay mein jo daihik daivik aur bhautik jo kasht hain unka nivaran matra yug mein hi hai isliye vaah yog ki taraf agrasar ho rahe hain zarurat hai hum logo ko bhi ek taraf agrasar hone ki dhanyavad

आपका प्रति पश्चिमी चिकित्सक अब योग चिकित्सा का वर्णन कर रहे हैं जी बिल्कुल कर रहे हैं क्यो

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Yogacharya Aaditya

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग भारतीय संस्कृति का एक बहुत महत्वपूर्ण प्रिंट बहुत छोटा सा एक अंग है प्राकृतिक रूप से शरीर को फिट रखने के लिए योग का बहुत महत्व है और पश्चिम देश इस बात को समझने लगे हैं कि बिना योगाभ्यास के शरीर को पूर्णतया स्वस्थ रखना यह लगभग असंभव है इस बात को समझते हुए वह योग को भी अपनी दिनचर्या में अपने नागरिकों को समझाने लगे हैं कि ताकि उनको संपूर्ण स्वास्थ्य प्रदान किया जा सके वैज्ञानिक रूप से भी यह सिद्ध हो चुका है कि केवल एलोपैथिक दवाइयों से हम अचानक आने वाली समस्याओं से तो बच सकते हैं या उसमें थोड़ा सा आरामदायक महसूस कर सकते हैं लेकिन यदि संपूर्ण समाधान चाहिए तो आपको प्रकृति के पास जाना ही पड़ेगा योग की शरण में आना ही पड़ेगा यह बात वह समझ चुके हैं इसीलिए वह अब जिओ को अपना रहे हैं

yog bharatiya sanskriti ka ek bahut mahatvapurna print bahut chota sa ek ang hai prakirtik roop se sharir ko fit rakhne ke liye yog ka bahut mahatva hai aur paschim desh is baat ko samjhne lage hain ki bina yogabhayas ke sharir ko purnataya swasthya rakhna yah lagbhag asambhav hai is baat ko samajhte hue vaah yog ko bhi apni dincharya mein apne nagriko ko samjhane lage hain ki taki unko sampurna swasthya pradan kiya ja sake vaigyanik roop se bhi yah siddh ho chuka hai ki keval allopathic dawaiyo se hum achanak aane wali samasyaon se toh bach sakte hain ya usme thoda sa aaramadayak mehsus kar sakte hain lekin yadi sampurna samadhan chahiye toh aapko prakriti ke paas jana hi padega yog ki sharan mein aana hi padega yah baat vaah samajh chuke hain isliye vaah ab jio ko apna rahe hain

योग भारतीय संस्कृति का एक बहुत महत्वपूर्ण प्रिंट बहुत छोटा सा एक अंग है प्राकृतिक रूप से

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Sunil Singh Rajput

Yoga Expert & Yoga Therapist & Director- Amaya The Yogic Fitness (The Yoga Studio )

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पश्चिमी चिकित्सा कब योग चिकित्सा का वर्णन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि योग चिकित्सा में कितना रहस्य छिपा है वह लोग अब जान रहे हैं जो कि हमारे पहले ऋषि मुनि ने जो चीजें बताई थी वह उन लोगों को अब पता चल रही हैं योगिक चिकित्सा के माध्यम से हम बीमारियों को पूरा जड़ से खत्म कर सकते हैं इसलिए पश्चिमी चिकित्सा का योग चिकित्सा को ज्यादा बढ़ावा दे रहे हैं उसका वर्णन कर रहे

pashchimi chikitsa kab yog chikitsa ka varnan kar rahe hain kyonki unhe pata hai ki yog chikitsa mein kitna rahasya chhipa hai vaah log ab jaan rahe hain jo ki hamare pehle rishi muni ne jo cheezen batai thi vaah un logo ko ab pata chal rahi hain yogic chikitsa ke madhyam se hum bimariyon ko pura jad se khatam kar sakte hain isliye pashchimi chikitsa ka yog chikitsa ko zyada badhawa de rahe hain uska varnan kar rahe

पश्चिमी चिकित्सा कब योग चिकित्सा का वर्णन कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि योग चिकित्सा

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꧁༺Dℛ.LATA PATHAK༻꧂

Founder & Director - Real Lifetime Yoga Foundation

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों यह प्रश्न है पश्चिमी अभिजीत चिकित्सा का वर्णन कर रहे हैं इसका एकमात्र कारण है दोस्तों की पश्चिमी चिकित्सक भी आप समझ चुके हैं कि जो दवाइयां केमिकल से बनती हैं उनका हमारे शरीर में बहुत ज्यादा नुकसान होता है उदासी में जो हम करते हैं तो हमारे शरीर के अंदर काफी केमिकल डिपॉजिट हो जाते हैं उनका साइड इफेक्ट हमारे शरीर में होता है यह जो साइड इफेक्ट केमिकल्स की वजह से होता है तो इससे हमें बहुत नुकसान होता है हमारी कितनी हमारा लीवर इसके फंक्शंस में काफी बदलाव आते हैं और नकारात्मक बदलाव आते हैं यूपी परीक्षण करने के पश्चात का परीक्षण करने के पश्चात लोगों पर काफी टेस्ट किए गए काफी परीक्षण करने के बाद पाली स्टडीज करने की बात में लोगों ने देखा देखा पाया कि जो का सकारात्मक प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है यदि हम जियो का नियमित अभ्यास करते हैं तू हमें बीमारियां भी काफी कम होती है क्योंकि हमारे शरीर को रोग प्रतिरोधक क्षमता जो के द्वारा प्राप्त होती है बढ़ती है मिली जो हमारे शरीर में बीमारी का कारण होता है वह होता है रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना गिरी हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली जो है काफी मजबूत होगी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होगी तो हमें एक जैसे रोग भी कभी भी नहीं होंगे तुमसे भी नहीं होगा अपने आप में आप इतने सक्षम होंगे कि आप खुद ही अपनी बीमारियों का इलाज करने के लिए सक्षम रहेंगे इस बार चिकित्सा यूट्यूब पर तो बिना दवाइयों के यदि जो के माध्यम से हम जो करते हुए अपने शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाए रख सकते हैं तो हमें दवाइयों की सहारे की आवश्यकता नहीं है होगी इसीलिए इन सभी महत्व को समझते हुए पश्चिमी चिकित्सकों ने युवक हो चिकित्सा का एक माध्यम बना लिया है लिख बंद करते हैं कि आप यू के माध्यम से अपने शरीर को बिना दवाई के चित्र के स्वस्थ रहिए दोस्तों यह सोच मेरी है आज मैंने जहां तक देखा और पाया है यही पाया है तन्मयता से यू करते रहिए और उसके फायदे अपने शरीर को और समाज को देते रहिए खुद ही स्वस्थ रहिए लोगों को विश्वास बनाए जाते रहे थैंक यू सो मच

namaskar doston yah prashna hai pashchimi abhijeet chikitsa ka varnan kar rahe hai iska ekmatra karan hai doston ki pashchimi chikitsak bhi aap samajh chuke hai ki jo davaiyan chemical se banti hai unka hamare sharir mein bahut zyada nuksan hota hai udasi mein jo hum karte hai toh hamare sharir ke andar kaafi chemical deposit ho jaate hai unka side effect hamare sharir mein hota hai yah jo side effect Chemicals ki wajah se hota hai toh isse hamein bahut nuksan hota hai hamari kitni hamara liver iske fankshans mein kaafi badlav aate hai aur nakaratmak badlav aate hai up parikshan karne ke pashchat ka parikshan karne ke pashchat logo par kaafi test kiye gaye kaafi parikshan karne ke baad paali studies karne ki baat mein logo ne dekha dekha paya ki jo ka sakaratmak prabhav hamare sharir par padta hai yadi hum jio ka niyamit abhyas karte hai tu hamein bimariyan bhi kaafi kam hoti hai kyonki hamare sharir ko rog pratirodhak kshamta jo ke dwara prapt hoti hai badhti hai mili jo hamare sharir mein bimari ka karan hota hai vaah hota hai rog pratirodhak kshamta ka kam hona giri hamari pratiraksha pranali jo hai kaafi majboot hogi rog pratirodhak kshamta achi hogi toh hamein ek jaise rog bhi kabhi bhi nahi honge tumse bhi nahi hoga apne aap mein aap itne saksham honge ki aap khud hi apni bimariyon ka ilaj karne ke liye saksham rahenge is baar chikitsa youtube par toh bina dawaiyo ke yadi jo ke madhyam se hum jo karte hue apne sharir ko chust durast banaye rakh sakte hai toh hamein dawaiyo ki sahare ki avashyakta nahi hai hogi isliye in sabhi mahatva ko samajhte hue pashchimi chikitsakon ne yuvak ho chikitsa ka ek madhyam bana liya hai likh band karte hai ki aap you ke madhyam se apne sharir ko bina dawai ke chitra ke swasthya rahiye doston yah soch meri hai aaj maine jaha tak dekha aur paya hai yahi paya hai tanmayata se you karte rahiye aur uske fayde apne sharir ko aur samaj ko dete rahiye khud hi swasthya rahiye logo ko vishwas banaye jaate rahe thank you so match

नमस्कार दोस्तों यह प्रश्न है पश्चिमी अभिजीत चिकित्सा का वर्णन कर रहे हैं इसका एकमात्र कार

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

1:15
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका क्वेश्चन है क्यों ऑफिस में चिकित्सक अब योग चिकित्सा का वर्णन कर रहे तो देखिए किसी भी व्यक्ति को किसी भी चीज पर किसी भी प्रणाली पर या किसी भी सिस्टम पर इतना जल्दी विश्वास तो होता नहीं है पश्चिमी चिकित्सक है इतने बरसों से युग के बारे में शोध करना है उसको देख रहे हैं कर रहे हैं तदोपरांत उसके लाभ और हानि से हो शायद वाकिफ हो चुके हैं उसको देख चुके हैं कि योग के जैसा कोई मेडिकल में स्टेटमेंट नहीं है योग के जैसा कोई प्रगति नहीं है जो कि विदाउट मेडिसिन हर दिन विदाउट पर किसी भी तथ्य का व्यक्ति को रोग मुक्त कर सके निरहू कर सके साफ करने का कारण यही है हमारी समस्या और कोई कारण नहीं हो सकता धन्यवाद

aapka question hai kyon office mein chikitsak ab yog chikitsa ka varnan kar rahe toh dekhiye kisi bhi vyakti ko kisi bhi cheez par kisi bhi pranali par ya kisi bhi system par itna jaldi vishwas toh hota nahi hai pashchimi chikitsak hai itne barson se yug ke bare mein shodh karna hai usko dekh rahe hain kar rahe hain tadoprant uske labh aur hani se ho shayad wakif ho chuke hain usko dekh chuke hain ki yog ke jaisa koi medical mein statement nahi hai yog ke jaisa koi pragati nahi hai jo ki without medicine har din without par kisi bhi tathya ka vyakti ko rog mukt kar sake nirhoo kar sake saaf karne ka karan yahi hai hamari samasya aur koi karan nahi ho sakta dhanyavad

आपका क्वेश्चन है क्यों ऑफिस में चिकित्सक अब योग चिकित्सा का वर्णन कर रहे तो देखिए किसी भी

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