एक वैज्ञानिक के लिए योग का क्या महत्व है क्या वैज्ञानिक को शारीरिक व्यायाम पर योग पसंद करना चाहिए?...


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kuldeep mod

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए योग के बहुत सारे आया में बहुत टाइम इंजन से तू अगर वैज्ञानिक एवं बात करें तो वैज्ञानिक सिर्फ चेहरे पर लेते हैं जो प्राणायाम आसन प्राणायाम और मेडिटेशन जिन जिन की इस जमीन के ऊपर रिसर्च हुई है और मेडिकल साइंस जिनको जान पाई है वही चीजें जुड़े साइंटिस्ट मानते हैं और उनको कई अब तक फॉलो भी करते हैं पर वाक्य किंतु हमारे ग्रंथों में कुछ ऐसी चीजें हैं जिनको मेडिकल साइंस अभी तक पुरुष नहीं कर पाया तो वह चीजें से सिद्धियां वगैरह हो गई तो यह चाहिए वैज्ञानिक नहीं मानते हैं अगर विज्ञानिक शारीरिक बहन के तौर पर योग करना चाहे से तो यह उनके लिए फायदेमंद है क्योंकि यह दोस्ती हो चुका है उन्होंने किया इसको तो योगा प्राणायाम आसन प्राणायाम मुद्रा ज्ञान वगैरह कर सकते हैं इससे उनको बहुत फायदा मिलेगा

dekhiye yog ke bahut saare aaya me bahut time engine se tu agar vaigyanik evam baat kare toh vaigyanik sirf chehre par lete hain jo pranayaam aasan pranayaam aur meditation jin jin ki is jameen ke upar research hui hai aur medical science jinako jaan payi hai wahi cheezen jude scientist maante hain aur unko kai ab tak follow bhi karte hain par vakya kintu hamare granthon me kuch aisi cheezen hain jinako medical science abhi tak purush nahi kar paya toh vaah cheezen se siddhiyan vagera ho gayi toh yah chahiye vaigyanik nahi maante hain agar vigyanik sharirik behen ke taur par yog karna chahen se toh yah unke liye faydemand hai kyonki yah dosti ho chuka hai unhone kiya isko toh yoga pranayaam aasan pranayaam mudra gyaan vagera kar sakte hain isse unko bahut fayda milega

देखिए योग के बहुत सारे आया में बहुत टाइम इंजन से तू अगर वैज्ञानिक एवं बात करें तो वैज्ञानि

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Gyanchand Soni

Yoga Instructor.

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योगा का एक विज्ञान के लिए बहुत महत्व है अगर वह योगा नियमित रूप से करें प्राणायाम ध्यान का अभ्यास करें तो उसके जो सर्च है रिसर्च वगैरह होती है वैज्ञानिकों के आविष्कार होते हैं उनकी पढ़ाई होती है उसके लिए काफी लाभदायक होगी मन लगेगा एक कब आएगी और ज्यादा से ज्यादा वर्क कर पाए धन्यवाद आपका दिन शुभ रहे

yoga ka ek vigyan ke liye bahut mahatva hai agar vaah yoga niyamit roop se kare pranayaam dhyan ka abhyas kare toh uske jo search hai research vagera hoti hai vaigyaniko ke avishkar hote hain unki padhai hoti hai uske liye kaafi labhdayak hogi man lagega ek kab aayegi aur zyada se zyada work kar paye dhanyavad aapka din shubha rahe

योगा का एक विज्ञान के लिए बहुत महत्व है अगर वह योगा नियमित रूप से करें प्राणायाम ध्यान का

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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एक वैज्ञानिक के लिए योग का क्या महत्व क्या है कैसा है

ek vaigyanik ke liye yog ka kya mahatva kya hai kaisa hai

एक वैज्ञानिक के लिए योग का क्या महत्व क्या है कैसा है

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Abhijeet Soni

Yoga Instructor & Software Developer

3:07
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नमस्कार मैं बिजी सोनी बात करो आप का सवाल है एक वैज्ञानिक के लिए योग का क्या महत्व क्या-क्या वैज्ञानिक को शारीरिक व्यायाम पर योग पसंद करना चाहिए इसका जवाब है हां क्यों मैं ऐसी बात कर रहा हूं उसके पीछे का कारण हम जानने की कोशिश करते हैं उसका कारण यह क्रिएटिविटी कई वैज्ञानिक जो साइंटिस्ट होते हैं मैं भी एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हम लोग भी एक एंकर प्रोग्राम ही करते हैं तो उसमें एक क्रिएटिविटी दिखना चाहिए भक्ति मगर अरंडी प्रोजेक्ट में हम यानी कि मैं बोलूंगा अगर वैज्ञानिक वैज्ञानिक अरंडी प्रोजेक्ट पर काम करते हैं अरंडी मींस रिसर्च एंड डेवलपमेंट तो उसमें उनका दिमाग एक सटीक तौर पर कुछ नई चीजों को खोजने डेवलप करने पर चलना चाहिए ना की कॉपी पेस्ट करने पर तो जो क्रिएटिविटी आती है वह योगा उसमें हेल्प करेगा जिम जाने से कुछ होने वाला नहीं आपके सर बॉडी बनेगी या आप सलमान खान जरूर बन जाएंगे लेकिन अगर आप लोग को अपनाते हैं अब उसमें होता है प्राणायाम प्राणायाम हो गया प्रणाम करने से आप मन पर थोड़ी सी कंट्रोल पा जाएंगे एकाग्रता बढ़ेगी दूसरा होता ही होगा सन बॉडी आपके जबरदस्त स्थान होगी और एकाग्रता भी आपको मिलेगी तो यह बॉडी लेवल स्पिरिचुअल लेवल पर आपको फायदा होगा तीसरी चीज में मेडिटेशन की बात करूंगा अब यहां थे क्रिएटिविटी के बाद यहां पर अब क्या हो रहा है जब आप मेडिटेशन करते हैं तो कहीं ना कहीं आप के दो हिस्से काफी ज्यादा इफेक्ट हो रहे होते हैं दिमाग के वह है हाइपोथैलेमस क्योंकि राशिफल होता है आपके सोचने समझने दर्द सहने इमोशनल बैलेंस डिसबैलेंस और एक्टिव 3जी लैंड दर्शाने की शक्ति तो एक ही पूरे बॉडी को कंट्रोल करता है उस फ्रंटल लोगों की जो मैंने बात की है वह भी कैंसिल हो रहे हैं न्यूरॉन्स कनेक्टिविटी क्रिएटिविटी के लिए तो जवाब मेडिटेशन करते हैं आप बैठे हैं शांत होते तो अल्फा रेशमी जनरेट होते हैं यह सब कैन कहीं न्यूरॉन्स रीजेनरेशन पर काम करते हैं और आपको एक जबरदस्त कंसंट्रेशन ऑफ क्रिएटिविटी भी प्राय करता क्रिएटिविटी अब कहां से आ गया होता क्या है हमारा एक लेफ्ट ब्रेन है राइट ब्रेन तो वहां पर क्लोज कल ब्रेन काम करते हो दूसरा कलात्मक कलात्मक में जो भी है वह रिलेटेड है क्रिएटिविटी से इमोशनल हो गया इस तरीके से तो जवाब योगा करना है प्रणाम कर रहे हैं मेडिटेशन कर रहे हैं तो आपके राइट लेफ्ट दोनों प्रेम अनमोल हो रहे हैं क्योंकि जिम जाने अगर से नहीं होता तो बस टावर ऑप्शन ही है योग को अपनाएं ऐसा नहीं है कि दिन-रात करें 10 मिनट प्रणाम किया जा सकता है 15 मिनट योगासन 5 मिनट ही मेडिटेशन कर लीजिए तो टोटल आधे घंटे में सब कुछ हो जाएगा लेकिन जरूर कीजिए एक साइंटिस्ट के लिए यह बहुत ही जरूरी है क्योंकि वहां की क्रिएटिविटी काम आती है ना भी करे कोई दिक्कत नहीं लेकिन आप कर ले तो सोने पर सुहागा वाली बात आती है मैं सजस करूंगा कि योग को जीवन में अपनाएं चाहे आप वैज्ञानिक हो ना हो क्रिएटिविटी कि इस देश को वाकई में जरूरत हो ताकि कुछ नए आविष्कार या देश भी कंट्रीब्यूट कर सके धन्यवाद

namaskar main busy sony baat karo aap ka sawaal hai ek vaigyanik ke liye yog ka kya mahatva kya kya vaigyanik ko sharirik vyayam par yog pasand karna chahiye iska jawab hai haan kyon main aisi baat kar raha hoon uske peeche ka karan hum jaanne ki koshish karte hain uska karan yah creativity kai vaigyanik jo scientist hote hain main bhi ek software engineer hum log bhi ek anchor program hi karte hain toh usme ek creativity dikhana chahiye bhakti magar arandee project mein hum yani ki main boloonga agar vaigyanik vaigyanik arandee project par kaam karte hain arandee means research and development toh usme unka dimag ek sateek taur par kuch nayi chijon ko khojne develop karne par chalna chahiye na ki copy paste karne par toh jo creativity aati hai vaah yoga usme help karega gym jaane se kuch hone vala nahi aapke sir body banegi ya aap salman khan zaroor ban jaenge lekin agar aap log ko apanate hain ab usme hota hai pranayaam pranayaam ho gaya pranam karne se aap man par thodi si control paa jaenge ekagrata badhegi doosra hota hi hoga san body aapke jabardast sthan hogi aur ekagrata bhi aapko milegi toh yah body level Spiritual level par aapko fayda hoga teesri cheez mein meditation ki baat karunga ab yahan the creativity ke baad yahan par ab kya ho raha hai jab aap meditation karte hain toh kahin na kahin aap ke do hisse kaafi zyada effect ho rahe hote hain dimag ke vaah hai haipothailemas kyonki rashifal hota hai aapke sochne samjhne dard sahane emotional balance disbalance aur active ji land darshane ki shakti toh ek hi poore body ko control karta hai us frontal logo ki jo maine baat ki hai vaah bhi cancel ho rahe hain neurons connectivity creativity ke liye toh jawab meditation karte hain aap baithe hain shaant hote toh alpha reshamee generate hote hain yah sab can kahin neurons rijenreshan par kaam karte hain aur aapko ek jabardast kansantreshan of creativity bhi paraya karta creativity ab kahaan se aa gaya hota kya hai hamara ek left brain hai right brain toh wahan par close kal brain kaam karte ho doosra kalaatmak kalaatmak mein jo bhi hai vaah related hai creativity se emotional ho gaya is tarike se toh jawab yoga karna hai pranam kar rahe hain meditation kar rahe hain toh aapke right left dono prem anmol ho rahe hain kyonki gym jaane agar se nahi hota toh bus tower option hi hai yog ko apanaen aisa nahi hai ki din raat kare 10 minute pranam kiya ja sakta hai 15 minute yogasan 5 minute hi meditation kar lijiye toh total aadhe ghante mein sab kuch ho jaega lekin zaroor kijiye ek scientist ke liye yah bahut hi zaroori hai kyonki wahan ki creativity kaam aati hai na bhi kare koi dikkat nahi lekin aap kar le toh sone par suhaga wali baat aati hai sajas karunga ki yog ko jeevan mein apanaen chahen aap vaigyanik ho na ho creativity ki is desh ko vaakai mein zarurat ho taki kuch naye avishkar ya desh bhi kantribyut kar sake dhanyavad

नमस्कार मैं बिजी सोनी बात करो आप का सवाल है एक वैज्ञानिक के लिए योग का क्या महत्व क्या-क्य

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Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार जी देखिए वैज्ञानिक का काम ऐसा होता है कि रचनात्मक कार्य होता है मस्तिष्क लगाना होता है और मानसिक शक्ति की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है और मानसिक शक्ति कभी-कभी ऐसा होता है कि मैंने तमाम वैज्ञानिकों को पड़ा है इस टीम को पड़ा है कि अपनी खोज में इतना ज्यादा वह खो जाते हैं वैज्ञानिक कि उनको रात दिन खाना इस चीज का समय मालूम नहीं होता पता नहीं चलता है इतनी गहराई से वैज्ञानिक लोग खो जाते हैं तूने सिटी है कि यदि आप इस तरह से खो रहे हैं तो आप बैठे हैं बैठे रह गए चुके हैं जो करके बैठे हैं जो करके बैठे रह गए और आप क्या जो शरीर का क्वेश्चन घंटो घंटो एक तरह से रहता है अध्ययन में स्टडी में आपको मालूम नहीं चलता है या आपकी खोज में तो उसके बाद जब आप इससे मुक्त होते हैं छोड़ते हैं अपनी दुनिया में आते हैं समाज में आते हैं तो निश्चित है कि आप लगातार बैठे हैं गलत पोस्टर में आप अर्थात में आकर बैठ गए हैं तो कहीं ना कहीं से शरीर में आपको कुछ ना कुछ समस्या है उससे संबंधित हो सकती हैं बॉडी मिस्ट इतने साल सकती है इस टिटनेस के कारण शरीर में अन्य समस्याएं हो सकती हैं कमर दर्द गर्दन दर्द हो सकता है कब्जियत हो सकती है मैं आपके फेफड़ों में ह्रदय में किडनी में ली भरने किसी ने भी असर आ सकता है इसके कारण तो निश्चित ही है कि आपको शरीर की शक्ति और मानसिक शक्ति दो सखियों की भरपूर आवश्यकता होती है और निश्चित है कि आप अपना जो कार्य कर रहे हैं वैज्ञानिकता का वह और ही और अच्छी उर्जा से कर सकें बेहतर और से कर सके इसके लिए आपको नियमित रूप से योग आसन प्राणायाम और ध्यान करना बहुत ही आवश्यक है यह आपके लिए हितकर रहेगा

namaskar ji dekhiye vaigyanik ka kaam aisa hota hai ki rachnatmak karya hota hai mastishk lagana hota hai aur mansik shakti ki sabse zyada avashyakta hoti hai aur mansik shakti kabhi kabhi aisa hota hai ki maine tamaam vaigyaniko ko pada hai is team ko pada hai ki apni khoj me itna zyada vaah kho jaate hain vaigyanik ki unko raat din khana is cheez ka samay maloom nahi hota pata nahi chalta hai itni gehrai se vaigyanik log kho jaate hain tune city hai ki yadi aap is tarah se kho rahe hain toh aap baithe hain baithe reh gaye chuke hain jo karke baithe hain jo karke baithe reh gaye aur aap kya jo sharir ka question ghanton ghanton ek tarah se rehta hai adhyayan me study me aapko maloom nahi chalta hai ya aapki khoj me toh uske baad jab aap isse mukt hote hain chodte hain apni duniya me aate hain samaj me aate hain toh nishchit hai ki aap lagatar baithe hain galat poster me aap arthat me aakar baith gaye hain toh kahin na kahin se sharir me aapko kuch na kuch samasya hai usse sambandhit ho sakti hain body mist itne saal sakti hai is tetanus ke karan sharir me anya samasyaen ho sakti hain kamar dard gardan dard ho sakta hai kabziyat ho sakti hai main aapke phephadon me hriday me KIDNEY me li bharne kisi ne bhi asar aa sakta hai iske karan toh nishchit hi hai ki aapko sharir ki shakti aur mansik shakti do sakhiyon ki bharpur avashyakta hoti hai aur nishchit hai ki aap apna jo karya kar rahe hain vaigyanikata ka vaah aur hi aur achi urja se kar sake behtar aur se kar sake iske liye aapko niyamit roop se yog aasan pranayaam aur dhyan karna bahut hi aavashyak hai yah aapke liye hitakar rahega

नमस्कार जी देखिए वैज्ञानिक का काम ऐसा होता है कि रचनात्मक कार्य होता है मस्तिष्क लगाना होत

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Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

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एक वैज्ञानिक के लिए योग का क्या महत्व है क्या एक वैज्ञानिक को शारीरिक व्यायाम और योग पसंद करना चाहिए केवल एक वैज्ञानिक के लिए नहीं वरन पूरे समाज के लिए हर वर्ग के लिए योग बढ़िया है चार डाक्टरों इंजीनियरों की लो वैज्ञानिक हो बेशर्म ओ टी चरसो कोई भी हो सकती लिए योग सामान्य तक लिए लाभकारी है जब हम योगाभ्यास करते हैं तो हमारा मानसिक विकास होता है और जी हां बिल्कुल बहुत अच्छी बात है कि वैज्ञानिकों के लिए यह बहुत ही उपयोगी है क्योंकि सारा वर्क उनका जो है वह माइंड का होता है ट्रेन का होता है हमारे प्रेम के डेवलपमेंट में योग बहुत सहायक है मेमोरी पावर बढ़ाने भी बहुत सहायक है मन को जब वैज्ञानिकों का मन शांत होगा तो अच्छे संस्थान कर कर पाएंगे और मन शांत कर योग से अच्छा कोई उपाय ही नहीं है धन्यवाद

ek vaigyanik ke liye yog ka kya mahatva hai kya ek vaigyanik ko sharirik vyayam aur yog pasand karna chahiye keval ek vaigyanik ke liye nahi WREN poore samaj ke liye har varg ke liye yog badhiya hai char doctoron engineero ki lo vaigyanik ho besharm o T charaso koi bhi ho sakti liye yog samanya tak liye labhakari hai jab hum yogabhayas karte hai toh hamara mansik vikas hota hai aur ji haan bilkul bahut achi baat hai ki vaigyaniko ke liye yah bahut hi upyogi hai kyonki saara work unka jo hai vaah mind ka hota hai train ka hota hai hamare prem ke development mein yog bahut sahayak hai memory power badhane bhi bahut sahayak hai man ko jab vaigyaniko ka man shaant hoga toh acche sansthan kar kar payenge aur man shaant kar yog se accha koi upay hi nahi hai dhanyavad

एक वैज्ञानिक के लिए योग का क्या महत्व है क्या एक वैज्ञानिक को शारीरिक व्यायाम और योग पसंद

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Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न है एक वैज्ञानिक के लिए योग का क्या महत्व है क्या वैज्ञानिक को शारीरिक व्यायाम पर योग पसंद करना चाहिए इसका उत्तर है योग जो है यह किसी भी व्यक्ति के शरीर में जो भी कमियां हैं उसको दूर करने का कार्य करता है युग के लिए स्लोगन है करें योग रहें निरोग बात एक सामान्य व्यक्ति पर भी लागू होती है वही बात वैज्ञानिक पर भी लागू होती है वैज्ञानिक विचार से वैज्ञानिक है विज्ञान का अध्ययन करके वैज्ञानिक बना है जैसी हमारी शरीर है जैसी आपकी शरीर है और शरीर वैज्ञानिक की भी है और योग जो है वह वैज्ञानिक के और हमारे आपके शरीर को ही करता है यू करता क्या है जब हम नियमित योग करते हैं तो हमारे अंदर सकारात्मक सोच बढ़ती है नकारात्मक सोच समाप्त होती यही अच्छाइयां हमारे अंदर भर जाएंगी बुराई समाप्त हो जाएगी गुस्सा आ रहा है वह धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा हमारे अंदर छोटी-बड़ी जो भी बीमारी कमी है योग करने से धीरे-धीरे दूर हो जाएगी अगर कोई बीमारी प्रारंभिक स्टेज में है तो हम समाप्त हो जाएगी नियमित योग करेंगे तो रोग प्रतिरोधी क्षमता आपकी इतनी बढ़ जाएगी कि किसी अन्य बीमारी का के ऊपर प्रभाव नहीं पड़ेगा अब यह जितनी बातें हम बताएं हैं वह एक सामान्य व्यक्ति पर भी लागू है और वैज्ञानिक पर भी लागू है तो वैज्ञानिक अपने कर्म से वैज्ञानिक हैं शरीर तो वैज्ञानिक की कि वही है उनको भी इन सब चीजों की जरूरत है आवश्यकता है हमारी दो प्रकार की शरीर है एक बार शरीर दूसरा आंतरिक शरीर आसन प्राणायाम कोई भी व्यायाम कोई भी सर साइज करने से जब आसन व्यायाम अन्य प्राणी सर्च करेंगे तो हमारी बाय शरीर से लेकिन हमारी दो प्रकार की शरीर हेतु आंतरिक शरीर है जो हमारा हृदय है पड़ा है किडनी है पैंक्रियाज है इन सब कोई मजबूत बनाने के लिए प्राणायाम करना जरूरी है यह बैग यानी के लिए भी उतना ही जरूरी है जितना एक सामान्य व्यक्ति के लिए तो आपको मानना ना मानना करना 9:00 करना लाभ लेना लाभ न देना यह आपके ऊपर निर्भर है बाकी योग करने से एक वैज्ञानिक को भी उतना ही लाभ होगा जितना एक सामान्य व्यक्ति को तो हमारी सोच से तो बिग बैग यानी को भी योग के महत्व को समझना चाहिए हमसे आप से अधिक वैज्ञानिक युग के महत्व को जानते होंगे इसलिए वैज्ञानिक को शारीरिक व्यायाम पर युग को अधिक पसंद करना चाहिए क्योंकि शारीरिक व्यायाम आपकी बाय शरीर को मजबूत बनाएगा और योग आपकी बाय शरीर और आंतरिक शरीर दोनों को सुदृढ़ बनाएगा स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क रहता है जब आप योग करेंगे तू करें योग रहें निरोग जवाब निरोग रहेंगे तो स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क रहता है इस प्रकार किसी के भी किसी के लिए चाय व सामान्य व्यक्ति चाहे वह वैज्ञानिक हो चाहे वह इंजीनियर हो चाहे कोई भी हो सब के लिए योग बहुत ही आवश्यक है इस तरह सिखा दीजिए योग अनिवार्य करें योग रहें निरोग

prashna hai ek vaigyanik ke liye yog ka kya mahatva hai kya vaigyanik ko sharirik vyayam par yog pasand karna chahiye iska uttar hai yog jo hai yah kisi bhi vyakti ke sharir me jo bhi kamiyan hain usko dur karne ka karya karta hai yug ke liye slogan hai kare yog rahein nirog baat ek samanya vyakti par bhi laagu hoti hai wahi baat vaigyanik par bhi laagu hoti hai vaigyanik vichar se vaigyanik hai vigyan ka adhyayan karke vaigyanik bana hai jaisi hamari sharir hai jaisi aapki sharir hai aur sharir vaigyanik ki bhi hai aur yog jo hai vaah vaigyanik ke aur hamare aapke sharir ko hi karta hai you karta kya hai jab hum niyamit yog karte hain toh hamare andar sakaratmak soch badhti hai nakaratmak soch samapt hoti yahi achaiya hamare andar bhar jayegi burayi samapt ho jayegi gussa aa raha hai vaah dhire dhire samapt ho jaega hamare andar choti badi jo bhi bimari kami hai yog karne se dhire dhire dur ho jayegi agar koi bimari prarambhik stage me hai toh hum samapt ho jayegi niyamit yog karenge toh rog pratirodhi kshamta aapki itni badh jayegi ki kisi anya bimari ka ke upar prabhav nahi padega ab yah jitni batein hum bataye hain vaah ek samanya vyakti par bhi laagu hai aur vaigyanik par bhi laagu hai toh vaigyanik apne karm se vaigyanik hain sharir toh vaigyanik ki ki wahi hai unko bhi in sab chijon ki zarurat hai avashyakta hai hamari do prakar ki sharir hai ek baar sharir doosra aantarik sharir aasan pranayaam koi bhi vyayam koi bhi sir size karne se jab aasan vyayam anya prani search karenge toh hamari bye sharir se lekin hamari do prakar ki sharir hetu aantarik sharir hai jo hamara hriday hai pada hai KIDNEY hai pancreas hai in sab koi majboot banane ke liye pranayaam karna zaroori hai yah bag yani ke liye bhi utana hi zaroori hai jitna ek samanya vyakti ke liye toh aapko manana na manana karna 9 00 karna labh lena labh na dena yah aapke upar nirbhar hai baki yog karne se ek vaigyanik ko bhi utana hi labh hoga jitna ek samanya vyakti ko toh hamari soch se toh big bag yani ko bhi yog ke mahatva ko samajhna chahiye humse aap se adhik vaigyanik yug ke mahatva ko jante honge isliye vaigyanik ko sharirik vyayam par yug ko adhik pasand karna chahiye kyonki sharirik vyayam aapki bye sharir ko majboot banayega aur yog aapki bye sharir aur aantarik sharir dono ko sudridh banayega swasth sharir me swasth mastishk rehta hai jab aap yog karenge tu kare yog rahein nirog jawab nirog rahenge toh swasth sharir me swasth mastishk rehta hai is prakar kisi ke bhi kisi ke liye chai va samanya vyakti chahen vaah vaigyanik ho chahen vaah engineer ho chahen koi bhi ho sab ke liye yog bahut hi aavashyak hai is tarah sikha dijiye yog anivarya kare yog rahein nirog

प्रश्न है एक वैज्ञानिक के लिए योग का क्या महत्व है क्या वैज्ञानिक को शारीरिक व्यायाम पर यो

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Yogacharya Aaditya

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वैज्ञानिकों का मुख्य काम होता है बुद्धि से कार्य करना मगर जितना भी कार्य है रे सब मानसिक है कुछ भी करें ज्यादा कार्य उसमें शारीरिक नहीं होता अधिकांश कार्य मानसिक होता है तो मानसिक कार्य करने वाले के लिए मानसिक स्तर पर ज्यादा परिपक्व और ज्यादा संतुलित होना चाहिए और योगाभ्यास में जो प्राणायाम का अभ्यास है और आसनों का जो स्थिर रहने वाला अभ्यास है वह मानसिक रूप से आप को संतुलित करता है सॉन्ग बनाता है मजबूती प्रदान करता है यदि योगाभ्यास करते हैं वैज्ञानिक लोग तो उनको मानसिक रूप से शांत रहने में शूद्र रहने में पवित्र रहने में एकाग्र रहने में लाभ होगा और यह लाभ होगा तो वह अपने खोज पर ज्यादा कंसंट्रेट कर पाएंगे ज्यादा फोकस कर पाएंगे और ज्यादा स्थिरता और लगन के साथ काम कर पाएंगे

vaigyaanikon ka mukhya kaam hota hai buddhi se karya karna magar jitna bhi karya hai ray sab mansik hai kuch bhi kare zyada karya usme sharirik nahi hota adhikaansh karya mansik hota hai toh mansik karya karne waale ke liye mansik sthar par zyada paripakva aur zyada santulit hona chahiye aur yogabhayas mein jo pranayaam ka abhyas hai aur aasanon ka jo sthir rehne vala abhyas hai vaah mansik roop se aap ko santulit karta hai song banata hai majbuti pradan karta hai yadi yogabhayas karte hain vaigyanik log toh unko mansik roop se shaant rehne mein shudra rehne mein pavitra rehne mein ekagra rehne mein labh hoga aur yah labh hoga toh vaah apne khoj par zyada concentrate kar payenge zyada focus kar payenge aur zyada sthirta aur lagan ke saath kaam kar payenge

वैज्ञानिकों का मुख्य काम होता है बुद्धि से कार्य करना मगर जितना भी कार्य है रे सब मानसिक

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