मुझे अपने अभ्यास में योग को कैसे अनुक्रमित करना चाहिए?...


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Radha Mohan

Yoga & Naturopathy Expert

2:26
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों प्रश्न है मुझे अभ्यास में योग को कैसे अंकुरित करना चाहिए दोस्तों योग का अभ्यास करने के लिए इस कैसे पैदा करने के लिए कार्यक्रम है वह उचित होना आवश्यक है सबसे पहले शुरुआत में आपको सुख में योगिक क्रियाओं का अभ्यास करें इससे आपका पूरा शरीर वर्मा पर किसी प्रकार का देश है मांसपेशियों में तनाव है तो वहीं से दूर होगा दोस्तों आसनों का अभ्यास किया जाता है आसनों के बाद में प्राणायाम का अभ्यास करें और प्राणायाम के बाद में आप मेरी टेंशन की प्रैक्टिस करें अंत में दोस्तों 5 से 7 मिनट तक आपको सब आसन का अभ्यास करें जवाब सवासन का अभ्यास करते हैं तो इससे आपके शरीर में जो भी थकावट है या कोई भी गले से तो दूर होता है और आपका पूरा शरीर और मन मस्तिष्क गैलेक्सी और आरामदायक स्थिति में पहुंचता है इसके अलावा दोस्तों हठयोग में कुछ शुद्धि क्रिया अभी वर्णन हमें मिलता है और इन शुद्ध क्रियाओं का जो मुख्य उद्देश्य होता है वह होता हमारे शरीर को अंदर से डिटॉक्सिफाई करना अंदर से इसकी सफाई करना सम्मानित सभी शुद्धि क्रियाओं का अभ्यास फ्रिक्वेंटली नहीं किया जाता है जब भी आवश्यकता होती है वीकली बेसिस एयरटेल मंथली बेसिस आफ किया जाता है प्रियंका अभ्यास करने के लिए उसका इसी अच्छे योगी योग प्रशिक्षक की आवश्यकता होती है अपने आप से इनका व्यस्त नहीं करना चाहिए क्योंकि इन सब शुद्ध क्रियाओं का कुछ ना कुछ यदि आप सही प्रकार से सही टेक्निक्स अभ्यस्त नहीं करते हैं तो फिर आपको कुछ ना कुछ इससे साइड इफेक्ट हो सकते हैं जैसे यदि आप को दंड होती अगर करते हैं तो दंड धोती एक रबड़ नुमा एक पाइप होता है जिसको हम पानी पीके और उसको हम अपने आहार नाल के तू गले में और फिर से तक पहुंचाते हैं और फिर उसे उस पानी को बाहर निकालते हैं परंतु यदि आप बिना प्रैक्टिस किस का अभ्यास करते हैं तो सर यह जो दंड है धोती है कि आपके गले में फंस सकती है और यहां पर स्वेलिंग आ सकती है गले में कुछ प्रॉब्लम हो सकती है तो इसलिए इन सभी क्रियाओं का अभ्यास किसी अच्छे से योग्य योग्य योग प्रशिक्षक के सानिध्य में ही किया जाना आवश्यक है धन्यवाद

namaskar doston prashna hai mujhe abhyas me yog ko kaise ankurit karna chahiye doston yog ka abhyas karne ke liye is kaise paida karne ke liye karyakram hai vaah uchit hona aavashyak hai sabse pehle shuruat me aapko sukh me yogic kriyaon ka abhyas kare isse aapka pura sharir verma par kisi prakar ka desh hai mansapeshiyon me tanaav hai toh wahi se dur hoga doston aasanon ka abhyas kiya jata hai aasanon ke baad me pranayaam ka abhyas kare aur pranayaam ke baad me aap meri tension ki practice kare ant me doston 5 se 7 minute tak aapko sab aasan ka abhyas kare jawab savasan ka abhyas karte hain toh isse aapke sharir me jo bhi thakawat hai ya koi bhi gale se toh dur hota hai aur aapka pura sharir aur man mastishk galaxy aur aaramadayak sthiti me pahuchta hai iske alava doston hathyog me kuch shudhi kriya abhi varnan hamein milta hai aur in shudh kriyaon ka jo mukhya uddeshya hota hai vaah hota hamare sharir ko andar se ditaksifai karna andar se iski safaai karna sammanit sabhi shudhi kriyaon ka abhyas frikwentali nahi kiya jata hai jab bhi avashyakta hoti hai weekly basis airtel monthly basis of kiya jata hai priyanka abhyas karne ke liye uska isi acche yogi yog parshikshak ki avashyakta hoti hai apne aap se inka vyast nahi karna chahiye kyonki in sab shudh kriyaon ka kuch na kuch yadi aap sahi prakar se sahi techniques abhyast nahi karte hain toh phir aapko kuch na kuch isse side effect ho sakte hain jaise yadi aap ko dand hoti agar karte hain toh dand dhoti ek rubber numa ek pipe hota hai jisko hum paani pk aur usko hum apne aahaar naal ke tu gale me aur phir se tak pahunchate hain aur phir use us paani ko bahar nikalate hain parantu yadi aap bina practice kis ka abhyas karte hain toh sir yah jo dand hai dhoti hai ki aapke gale me fans sakti hai aur yahan par swelling aa sakti hai gale me kuch problem ho sakti hai toh isliye in sabhi kriyaon ka abhyas kisi acche se yogya yogya yog parshikshak ke sanidhya me hi kiya jana aavashyak hai dhanyavad

नमस्कार दोस्तों प्रश्न है मुझे अभ्यास में योग को कैसे अंकुरित करना चाहिए दोस्तों योग का अभ

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Dharminder Kumar

Yoga Trainer

1:10
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पंजाबी योग पहले आजकल स्टार्ट करें तो पहले सुखासन जैसे सिंपल चौकड़ी मार कर बैठते हैं उसमें बैठकर जापान मात्र गाना है पहले बाद भी से पहले बात चल रही लगता जब नया स्टार्ट करता है पहले सिंपल चौकरी मारकर बैठ कर डीप ब्रीथिंग करना चाहिए ना कि रास्ते लंबा गहरा श्वास लेना और छोड़ना 10 बार 15 बार इस कुल गाना चाहिए उसके बाद थोड़ा अपनी ध्वनि को साफ करना चाहिए ओम शब्द का गायत्री मंत्र का चार्ज करना चाहिए 3 बार 5 बार उसके बाद फिर कपालभाति अनुलोम विलोम बजाना स्टार्ट करना चाहिए प्राणायाम से स्टार्ट करना चाहिए उसके बाद सूक्ष्म आसन होते हैं जो अब इसमें हल्के हल्के एक्सरसाइज होती है पैरों की उंगलियां को चलाना आगे पीछे ऊपर नीचे करना यारों का आगे पीछे कर इस प्रकार हल्के हल्के हाथों से स्टार्ट करना चाहिए जो नया पहले स्टार्ट करते हैं

punjabi yog pehle aajkal start karen toh pehle sukhasan jaise simple chaukdi maar kar baithate hain usmein baithkar japan matra gaana hai pehle baad bhi se pehle baat chal rahi lagta jab naya start karta hai pehle simple chaukri marakar baith kar deep breathing karna chahiye na ki raste lamba gehra swas lena aur chhodna 10 baar 15 baar is kul gaana chahiye uske baad thoda apni dhwani ko saaf karna chahiye om shabd ka gayatri mantra ka charge karna chahiye 3 baar 5 baar uske baad phir kapalbhati anulom vilom bajana start karna chahiye pranayaam se start karna chahiye uske baad sukshm aasan hote hain jo ab isme halke halke exercise hoti hai pairon ki ungaliyan ko chalana aage peeche upar neeche karna yaaron ka aage peeche kar is prakar halke halke hathon se start karna chahiye jo naya pehle start karte hain

पंजाबी योग पहले आजकल स्टार्ट करें तो पहले सुखासन जैसे सिंपल चौकड़ी मार कर बैठते हैं उसमें

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महेश सेठ

रेकी ग्रैंडमास्टर,लाइफ कोच

0:45
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभ्यास में योग को कैसे अनुग्रहित करें आप क्या अभ्यास करते हैं यह भी बताते तो शहजादा आसानी से आंसर दिया जा सकता था वैसे पहले वार्म अप एक्सरसाइज करें थोड़ी सी छोटे सुख में योग करें उसके बाद खड़े होकर करने वाले योग करें फिर बैठकर करने वाले योग करें फिर लेट के करने वाले योग करें सूर्य नमस्कार करने और इन सब के पहले अगर आपको कोई योग्य करो मिल जाता है तो नीति कर ले ठीक है ना कुंजल कर ले और फिर सबसे अंत में संभाषण आधा घंटा जरूर करें इससे आपका योग का प्रेक्टिस अच्छा होने लगेगा धन्यवाद नमस्कार

abhyas mein yog ko kaise anugrahit karen aap kya abhyas karte hain yah bhi batatey toh shahjada aasani se answer diya ja sakta tha waise pehle warmhole up exercise karen thodi si chhote sukh mein yog karen uske baad khade hokar karne waale yog karen phir baithkar karne waale yog karen phir let ke karne waale yog karen surya namaskar karne aur in sab ke pehle agar aapko koi yogya karo mil jata hai toh niti kar le theek hai na kunjal kar le aur phir sabse ant mein sambhashan aadha ghanta zaroor karen isse aapka yog ka practice accha hone lagega dhanyavad namaskar

अभ्यास में योग को कैसे अनुग्रहित करें आप क्या अभ्यास करते हैं यह भी बताते तो शहजादा आसानी

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Swapnil Nanaware

Yoga Instructor

0:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह डिपेंड करता है आपके बॉडी के ऊपर और आपके प्रेफरेंस के ऊपर आप उसे पहले रखना चाहते हैं बीच में रखना चाहते हैं या एंड में रखना चाहते हैं पर सबसे पहले आपको योग समझना होगा उनको पूरी तरह से समझना होगा उसके इफेक्ट को समझना होगा उसके फायदे को समझना पड़ेगा और उसके बाद आप उसे अपने हिसाब से लगा सकते हो कि आपको कौन से एक्सरसाइज के बाद कौन सा आसन कब करना है

yah depend karta hai aapke body ke upar aur aapke prefarens ke upar aap use pehle rakhna chahte hain beech mein rakhna chahte hain ya and mein rakhna chahte hain par sabse pehle aapko yog samajhna hoga unko puri tarah se samajhna hoga uske effect ko samajhna hoga uske fayde ko samajhna padega aur uske baad aap use apne hisab se laga sakte ho ki aapko kaun se exercise ke baad kaun sa aasan kab karna hai

यह डिपेंड करता है आपके बॉडी के ऊपर और आपके प्रेफरेंस के ऊपर आप उसे पहले रखना चाहते हैं बीच

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Abhishek Kumar

Yoga Instructor

1:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसे तो बहुत सारा मतलब शिलांग से पीकर लोग जो योग दर्शन को दिए हैं वह अलग-अलग माध्यम इसका बताएं हैं लेकिन उसने तौर तरीके से हम समाज के हर लोगों को नहीं लेके चल सकते हैं यहां पर मतलब यहां पर सामाजिक लोगों को हर किसी को एक दूसरे से बांध के चलना है बंद के चलना है तो हर लोग मतलब कि उस दिशा में नहीं पड़ना चाहता है जहां पर योग बतलाता है करना चाहिए हमको वह करना चाहिए लेकिन अगर हम सामाजिक लोगों को लेकर चले तो एक सिक्वेंस है कि सबसे पहले हम योग करने से पहले जब भी हम इस को स्टार्ट करें तो हमारा मतलब कि सुबह का जो भी है वह काम खत्म हो जाना चाहिए प्लेसमेंट हो जाना चाहिए माइंड आपका रिलैक्सेशन के लिए सबसे पहले आप वार्म अप कर लीजिए वार्म अप करने के बाद कुछ योग का 12 पोस्टर शुरुआत में कर सकती है और उसके बाद जैसे ही आपका शरीर इधर उधर दाएं बाएं आगे पीछे मुर्दा है कुछ पोस्टर्स वगैरह से आपका हो जाता है उसके बाद जो आपका नोट्स होता है शरीर के अंदर का वह एक्टिवेट और खुल जाता है उसके बाद जवाब बिल्डिंग करते हैं प्राणायाम करती हैं तो ऑक्सीजन का जो है ना वह आपके हर एक नर्स में मतलब के एकदम क्लियर और एकदम गहरे तक जाता है जिसके कारण यह होता है जिसके कारण यह पैदा होता है कि आपका जो फेल होता है जब तक सांस का लंबाई छोटा हो जाता है धीरे-धीरे वक्त के साथ तो प्राणायाम उस लंबाई को बड़ा कर देता है और एक्सरसाइज जो युगा का होता है वह आपके नॉलेज क्वेश्चन खोले रहता है इसलिए हम लोग आसन पहले करते हैं उसके बाद हम लोग प्राणायाम करते हैं कि हमारे जो ऑक्सीजन का फ्लोर है ना वह बॉडी के एकदम इंटरनल लेवल तक जाए

aise toh bahut saara matlab shilong se peekar log jo yog darshan ko diye hain vaah alag alag madhyam iska batayen hain lekin usne taur tarike se hum samaaj ke har logon ko nahi leke chal sakte hain yahan par matlab yahan par samajik logon ko har kisi ko ek dusre se bandh ke chalna hai band ke chalna hai toh har log matlab ki us disha mein nahi padhna chahta hai jahan par yog batlaata hai karna chahiye hamko vaah karna chahiye lekin agar hum samajik logon ko lekar chale toh ek sikwens hai ki sabse pehle hum yog karne se pehle jab bhi hum is ko start karen toh hamara matlab ki subah ka jo bhi hai vaah kaam khatam ho jana chahiye placement ho jana chahiye mind aapka Relaxation ke liye sabse pehle aap warmhole up kar lijiye warmhole up karne ke baad kuch yog ka 12 poster shuruaat mein kar sakti hai aur uske baad jaise hi aapka sharir idhar udhar dayen baen aage peeche murda hai kuch posters vagairah se aapka ho jata hai uske baad jo aapka notes hota hai sharir ke andar ka vaah activate aur khul jata hai uske baad jawab building karte hain pranayaam karti hain toh oxygen ka jo hai na vaah aapke har ek nurse mein matlab ke ekdam clear aur ekdam gehre tak jata hai jiske karan yah hota hai jiske karan yah paida hota hai ki aapka jo fail hota hai jab tak saans ka lambai chota ho jata hai dhire dhire waqt ke saath toh pranayaam us lambai ko bada kar deta hai aur exercise jo yuga ka hota hai vaah aapke knowledge question khole rehta hai isliye hum log aasan pehle karte hain uske baad hum log pranayaam karte hain ki hamare jo oxygen ka floor hai na vaah body ke ekdam internal level tak jaaye

ऐसे तो बहुत सारा मतलब शिलांग से पीकर लोग जो योग दर्शन को दिए हैं वह अलग-अलग माध्यम इसका बत

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Pritam Banik

Yoga Instructor

0:28
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पहले तो मैं कटक पवन मुक्त काव्य आस्तिक जाट का प्रतीक जॉन को फ्री कर लेते हैं उसका जैनलिब मेरा जो है वह हम लोग खाते सूर्य नमस्कार से वह माफ होगी हवामा के बाद आसन हम लोग कर लेते हैं असल में वो किसी भी पोस्टर में पार्टी को कुछ देर कम से कम 30 सेकंड के लिए फिक्स करके रखिए पॉइंट पर आफ ब्रीदिंग एक्सरसाइज में कुछ कर लेते हैं और फिर थोड़ा ध्यान का अभ्यास कर लेते हैं कौन सा स्टेशन कब है

pehle toh main katak pawan mukt kavya astik jaat ka prateek john ko free kar lete hain uska jainlib mera jo hai vaah hum log khate surya namaskar se vaah maaf hogi havama ke baad aasan hum log kar lete hain asal mein vo kisi bhi poster mein party ko kuch der kam se kam 30 second ke liye fix karke rakhiye point par of breathing exercise mein kuch kar lete hain aur phir thoda dhyan ka abhyas kar lete hain kaun sa station kab hai

पहले तो मैं कटक पवन मुक्त काव्य आस्तिक जाट का प्रतीक जॉन को फ्री कर लेते हैं उसका जैनलिब म

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Jivananda Nitai Das

Yoga Instructor

0:43
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप पहले जैसे पहले हम लोग को शुरू क्या एक्चुअली कोई स्टैंडर्ड कोई हंड्रेड परसेंट स्टैंडर्ड प्रोसेस है नहीं लोग बहुत अलग अलग इंस्ट्रक्टर अलग-अलग शुरुआत अलग अलग तरीके से कहता है लेकिन जो एक स्टैंडर्ड है जैसे पहले हम लोग को ज्वाइन मोमेंट करते हैं मोदी का जलसा इनसे जॉइंट मोमेंट उसके बाद फिर लाइट थोड़ा वर्मा विकसित किया उसके बाद धीरे-धीरे हम लोग पहले स्ट्रैचिंग वीर सेटिंग पोस्टल स्टेम उसके बाद लाइन ऑन द ब्रेक पोस्टर्स इन व्हाट इज पोस्ट एंड अट लास्ट लाइन ऑन द स्टमक टो सर्च करके आप ही उसके बाद लास्ट में प्राणायाम और उसके बाद मेडिटेशन करके खत्म करते हैं

aap pehle jaise pehle hum log ko shuru kya actually koi standard koi hundred percent standard process hai nahi log bahut alag alag instructor alag alag shuruaat alag alag tarike se kahata hai lekin jo ek standard hai jaise pehle hum log ko join moment karte hain modi ka jalsa inse joint moment uske baad phir light thoda verma viksit kiya uske baad dhire dhire hum log pehle straiching veer setting postal stem uske baad line on the break posters in what is post and attack last line on the stomach toe search karke aap hi uske baad last mein pranayaam aur uske baad meditation karke khatam karte hain

आप पहले जैसे पहले हम लोग को शुरू क्या एक्चुअली कोई स्टैंडर्ड कोई हंड्रेड परसेंट स्टैंडर्ड

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Sulabha Dixit

Yoga Instructor

5:13
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इसका अधिक अभ्यास करते समय क्रम बहुत महत्वपूर्ण है तो मैं क्योंकि बिहार स्कूल ऑफ योग की पद्धति सिखाती हूं तो मैं उसी में मैंने जो लिखा है उसे छत पर बताती हूं कि क्या करना चाहिए सबसे पहले तो हम लोग करते हैं ताड़ासन उसे हमारी जो मेरुदंड है उसका वर्टिकल स्ट्रेच होता है फिर हम कहते हैं तेरे तलाश है जो हम साइड टू साइड बेंड करते हैं आजू-बाजू जब हम झुकते हैं तो उससे मैं जो अभ्यास होता है मेरुदंड का वह हमारे लिए बहुत अच्छा रहता है वह किताब उसके बाद हम करते-करते कटिचक्रासन अपने हाथों को शोल्डर लेवल पर चला लेते हैं राइट साइड घूम तुमको देखता है फिर जब लेफ्ट साइड घूमते हैं तो राइफल को देखते हैं तो ऐसे जाएं घूम के भाई आईडी को देखता बैंक होम के दाएं लड़की को देखता ऐसा करने से भी हमारे मेरुदंड नहीं तो है कट होती है वह उसने की होती है जैसे अगर हमें तौलिए गीले तौलिए को नहीं छोड़ते हैं तो वह वाला जो ऑप्शन होता है वही हमारे मेरुदंड में होता है और हम तो हमें शुरू करना चाहिए इन तीनों स्टेशन से हमेशा हमें अपने दिन की शुरुआत पानी पीकर करना चाहिए यह जो लोग सवेरे उठते ही साथ चाय या कॉफी पी लेते हैं यह बहुत गलत करते हैं अपने शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाता है मैं यह नहीं कहती हूं कि कभी मत पिए चाय या कॉफी अगर जरूरी है आपके लिए टीना तो दिन में एक या दो बार ज्यादा से ज्यादा पहले से ही साथ तो जरूर पानी पीना चाहिए और फिर क्रम यही है कि आप ताड़ासन करें तेरी अकड़ आसन करें दाएं और बाएं मरने वाला और फिर कटिचक्रासन करें उसके बाद करना चाहिए सूट नमस्कार उसने सामने झुकने वाले असली होते हैं पीछे लिखने वाले आसन होते हैं और चावल भी होते हैं उसके बाद एक इनवाइटेड टो जरुर करना चाहे तो सर्वांगासन विपरीत करनी आसन या जिन लोग ज्यादा फैक्ट्री बंद है वाला शंकर सकते हैं और यह वाला पैर ऊपर और धार्मिक से थोड़ी देर के लिए बहुत जरूरी है जो यह नहीं कर सकती अपने पैरों को दीवार से टिका कर भी ले सकते हैं जिसमें जो रक्त का संचार है वह पैरों की तरह से नहीं बल्कि आपके उधर से देश उधर प्रदेश कंठ और चेहरे की तरफ आए तो उल्टे लेट ना भी बहुत जरूरी है आप अपने अभ्यास में जरूर से जुड़ा करें और उसके बाद एक काउंटर पोस्ट होता है अगर जैसे क्या होता है एक बहुत महत्वपूर्ण बात यह है और योगाभ्यास के दौरान कि अगर आपके अपने शरीर का नया भाग घुमाया है तो आपको माया भाग भी घुमाना जरुरी है अगर आप सामने चुके हैं तो पीछे झुकने वाला आसन की उससे बात करना जरूरी है अगर हम यह कहते हैं जैसे संतोषी कर सकते हैं करना चाहिए अपने आप बिना किसी एक्सपर्ट टीचर के साथ संजय से अभ्यास करने का प्रयास नहीं करना चाहिए नहीं तो नुकसान भी पड़ सकता है क्योंकि इसे पूरा बदन गर्दन पर आता है तो अगर आपने इसे शासन किया है तो उसका काउंटरफोर्स होगा ताड़ासन जिसने आपको वर्टिकल सेट करना पड़ेगा अगर आपने सर्वांगासन किया है तो उसका काउंटरफोर्स होगा मत्स्यासन जिसमें जो स्पाइनल कॉलम है उसका कांटेक्ट बनता है और जो आपने सेट किया है अपनी मास्टर उसको उसको अपडेट इलेक्शन में स्ट्रेच करने के बाद बिकोलाइज हो जाता है टेंशन और लास्ट में अगर हम सब आसन से खत्म करते हैं अपने अध्यापकों को तो जो भी ट्रेन पड़ा है हमारे शरीर में वह इस आउट हो जाता है हमारा मन शांत हो जाता है हमारा तन पूरी तरह से आराम की अवस्था में आ जाता है और हम उसके बाद फिर हमें आराम कर लेना चाहिए प्राणायाम में सबसे आसान प्राणायाम है नाड़ी शोधन प्राणायाम आज इसमें हम बाय से सांस लेते हैं दाएं से छोड़ते हैं दाएं से सांस लेते हैं और बाएं से सांस छोड़ते हैं यह वह एक आम ऐसे अगर हम 10 या 11 राउंड भी करने रोज नियमित रूप से अगर करेंगे तो क्या फायदे हैं और खत्म हमें भ्रामरी प्राणायाम से कर लेना चाहिए इसमें जैसे मैंने पहले बताया था शुरू में की लंबी गहरी सांस लेना फिर अपनी उंगली से काम को बंद करना आता और मुस्कुराते हुए मुंह बंद करके ओम का उच्चारण करना ऑन कीजिए धनी है उसे अपने मस्तिष्क में घूमते हुए महसूस करना और वहां से निकलकर सारे शरीर में चलते हुए भटकना अभ्यास को अगर हम रोज करेंगे तो शायद कभी भी डॉक्टर के पास जाने की जरूरत ना पड़े एमरजैंसी केसेस को छोड़कर

iska adhik abhyas karte samay kram bahut mahatvapurna hai toh main kyonki bihar school of yog ki paddhatee sikhati hoon toh main usi mein maine jo likha hai use chhat par batati hoon ki kya karna chahiye sabse pehle toh hum log karte hain tadasan use hamari jo merudand hai uska vertical stretch hota hai phir hum kehte hain tere talash hai jo hum side to side bend karte hain aju baju jab hum jhukate hain toh usse main jo abhyas hota hai merudand ka vaah hamare liye bahut accha rehta hai vaah kitab uske baad hum karte karte katichakrasan apne hathon ko shoulder level par chala lete hain right side ghum tumko dekhta hai phir jab left side ghumte hain toh rifle ko dekhte hain toh aise jayen ghum ke bhai id ko dekhta bank home ke dayen ladki ko dekhta aisa karne se bhi hamare merudand nahi toh hai cut hoti hai vaah usne ki hoti hai jaise agar hamein tauliye gile tauliye ko nahi chodte hain toh vaah vala jo option hota hai wahi hamare merudand mein hota hai aur hum toh hamein shuru karna chahiye in teenon station se hamesha hamein apne din ki shuruaat paani peekar karna chahiye yah jo log savere uthte hi saath chai ya coffee p lete hain yah bahut galat karte hain apne sharir ko bahut nuksan pahunchata hai main yah nahi kehti hoon ki kabhi mat piyen chai ya coffee agar zaroori hai aapke liye tina toh din mein ek ya do baar zyada se zyada pehle se hi saath toh zaroor paani peena chahiye aur phir kram yahi hai ki aap tadasan karen teri akad aasan karen dayen aur baen marne vala aur phir katichakrasan karen uske baad karna chahiye suit namaskar usne saamne jhukane waale asli hote hain peeche likhne waale aasan hote hain aur chawal bhi hote hain uske baad ek inavaited toe zaroor karna chahen toh sarvangasan viprit karni aasan ya jin log zyada factory band hai vala shankar sakte hain aur yah vala pair upar aur dharmik se thodi der ke liye bahut zaroori hai jo yah nahi kar sakti apne pairon ko deewaar se tika kar bhi le sakte hain jisme jo rakt ka sanchar hai vaah pairon ki tarah se nahi balki aapke udhar se desh udhar pradesh kanth aur chehre ki taraf aaye toh ulte let na bhi bahut zaroori hai aap apne abhyas mein zaroor se juda karen aur uske baad ek counter post hota hai agar jaise kya hota hai ek bahut mahatvapurna baat yah hai aur yogabhayas ke dauran ki agar aapke apne sharir ka naya bhag ghumaya hai toh aapko maya bhag bhi ghumaana zaroori hai agar aap saamne chuke hain toh peeche jhukane vala aasan ki usse baat karna zaroori hai agar hum yah kehte hain jaise santosh kar sakte hain karna chahiye apne aap bina kisi expert teacher ke saath sanjay se abhyas karne ka prayas nahi karna chahiye nahi toh nuksan bhi pad sakta hai kyonki ise pura badan gardan par aata hai toh agar aapne ise shasan kiya hai toh uska kauntarafors hoga tadasan jisne aapko vertical set karna padega agar aapne sarvangasan kiya hai toh uska kauntarafors hoga matsyasan jisme jo spinal column hai uska Contact banta hai aur jo aapne set kiya hai apni master usko usko update election mein stretch karne ke baad bikolaij ho jata hai tension aur last mein agar hum sab aasan se khatam karte hain apne adhyapakon ko toh jo bhi train pada hai hamare sharir mein vaah is out ho jata hai hamara man shaant ho jata hai hamara tan puri tarah se aaram ki avastha mein aa jata hai aur hum uske baad phir hamein aaram kar lena chahiye pranayaam mein sabse aasaan pranayaam hai naadi sodhan pranayaam aaj isme hum bye se saans lete hain dayen se chodte hain dayen se saans lete hain aur baen se saans chodte hain yah vaah ek aam aise agar hum 10 ya 11 round bhi karne roj niyamit roop se agar karenge toh kya fayde hain aur khatam hamein bhramari pranayaam se kar lena chahiye isme jaise maine pehle bataya tha shuru mein ki lambi gehri saans lena phir apni ungli se kaam ko band karna aata aur muskurate hue mooh band karke om ka ucharan karna on kijiye dhani hai use apne mastishk mein ghumte hue mahsus karna aur wahan se nikalkar saare sharir mein chalte hue bhatakana abhyas ko agar hum roj karenge toh shayad kabhi bhi doctor ke paas jaane ki zaroorat na pade emergency cases ko chhodkar

इसका अधिक अभ्यास करते समय क्रम बहुत महत्वपूर्ण है तो मैं क्योंकि बिहार स्कूल ऑफ योग की पद्

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Kumar Ajit

Yoga Trainer (पतंजलि योग समिति योग शिक्षक)

5:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ओम जी नमस्ते आपने पूछा है कि अभ्यास में योग को कैसे अनुकरण करना सबसे पहले तो हमको यह जानना चाहिए कि हम हमारी आवश्यकता क्या है या हम अभ्यास करते क्या हम जो करते हैं क्या उसी में से अंकुर अमित करना चाहते हैं या कुछ अलग अलग है जो ट्रेनर है संस्था ने है या अलग-अलग मत पंथ के लोग इंस्टिट्यूट अपना अपना अलग-अलग तरह से योग को एक पैकेज बनाया है उसके हिसाब से तो हम इन सब चीजों पर निर्भर करता है हम हमें आवश्यकता क्या है या हम क्या कहते हैं ऐसे ऐसे अनेक रमित करें तो इसके लिए तो सबसे पहले तो यह रहेगा कि जैसे कि एक अंखियों प्रदीपिका में 103 भी आया है या फांसी हो गजब या करो भवेत् तथा युवा भाइयों सविता सनी सनी तथा सॉरी यथा सिंगर जोर बाग रोड नवेद ध्वस्त नहीं सच्चाई व से भी तो वायु वायु रणवीर अन्यथा हम 30 आधे कम ऐसे कुछ एक सूत्र है आठवीं को प्रदीपिका में जिसका मतलब होता है कि जैसे सी हाथी बाघ आदि धीरे-धीरे बस में लाए जाते उसी प्रकार प्राण भाई को धीरे धीरे बस में करना चाहिए तो हमारा अभ्यास कोई भी हो उसको हम धीरे-धीरे अनुक्रम कर सकते हैं अपनी एक आवश्यकतानुसार से बना करके इसके लिए सामान्य था जो साधारण तौर पर जो सबके लिए हो सकता है उस प्रकार से कहें तो सबसे पहले प्रणाम करना उचित रहता है हर दीपिका ने कहा है कि ब्रह्म मुहूर्त में योग कर लेना सबसे उपयुक्त माना गया है उसके बाद आसन करना चाहिए तो हो गया अरे तो हमें यह जाना कि गर्मी के दिनों में पहले प्राणायाम करना चाहिए और ठंडे के दिनों में आसन व्यायाम करना चाहिए ठंडी के दिनों में आसन ब्यान पहले करना चाहिए और प्राणायाम बाद में और गर्मी में पहले प्राणायाम फिर आसन व्यायाम करना चाहिए इस प्रकार से है और यह तो मतलब विद्वानों का ऐसा सानिध्य प्राप्त हुआ उसके और यह भी कहा गया कि दीपिका में ही अभ्यास काले प्रथम सस्तन सिरा सिरा भोजन तत्वों अभ्यास ए ग्रीडी भूते ना दाताग्रिड नियम आग्रह मतलब यह है कि योगाभ्यास के प्रारंभ में खाने पीने के बारे में बता रखा है इसकी कोई विशेष आवश्यकता नहीं है लेकिन पूरी अर्थी है योगाभ्यास के प्रोग्राम में दूध और घी युक्त भोजन उत्तम कहा गया है बाद में अभ्यास दृढ़ हो जाने पर इन नियमों का आग्रह रखना आवश्यक नहीं है तो हमारा किस ताप पर है इस सूत्र का कहना इतना सा मंत्र का इतना कहना था कि इसमें जब अभ्यास नहीं है तब तक हम उसको अनु कर अमित कर सकते हैं जब अभ्यास हो जाता है तो फिर नियम का कोई आग्रह नहीं रह जाता है तो फिर हम किसी भी प्रकार से कुछ भी करें तो कोई ज्यादा उसका दुरूपयोग या दुष्प्रभाव चरित्र नहीं पड़ता है इसीलिए जो सामान्य अपना पैकेज के यह सामान्य व्यक्ति के हिसाब से सामान्य लोगों के हिसाब से देखें तो पहले आप पर हल्का-फुल्का सूक्ष्म व्यायाम कर ले उसके बाद आप पर बीच-बीच में अपना सचिव या उसके बाद प्राणायाम कर ले और हाथ दुख जाए तो फिर फिर काम कर ले बैठे बैठे हुए हैं लंबे समय तक तो पैरों पैरों की सूची ग्राम कर ले और आसन करें तो पहले बार माफ शरीर को गर्म करना बहुत जरूरी है शरीर को हल्का फुल्का सुशीला और हल्के फुल्के बयान से शुरू करके फिर कठिन आसन करना चाहिए इस प्रकार के अनुक्रम अपने आंसुओं का अपने पैकेज का कर सकते हैं अपनी आवश्यकतानुसार धन्यवाद

om ji namaste aapne poocha hai ki abhyas mein yog ko kaise anukaran karna sabse pehle toh hamko yah janana chahiye ki hum hamari avashyakta kya hai ya hum abhyas karte kya hum jo karte hain kya usi mein se ankur amit karna chahte hain ya kuch alag alag hai jo trainer hai sanstha ne hai ya alag alag mat panth ke log institute apna apna alag alag tarah se yog ko ek package banaya hai uske hisab se toh hum in sab chijon par nirbhar karta hai hum hamein avashyakta kya hai ya hum kya kehte hain aise aise anek ramit karen toh iske liye toh sabse pehle toh yah rahega ki jaise ki ek ankhiyon pradipika mein 103 bhi aaya hai ya fansi ho gajab ya karo bhavet tatha yuva bhaiyon savita sunny sunny tatha sorry yatha singer jor bagh road naved dhwast nahi sacchai v se bhi toh vayu vayu ranveer anyatha hum 30 aadhe kam aise kuch ek sutra hai aatthvi ko pradipika mein jiska matlab hota hai ki jaise si haathi bagh aadi dhire dhire bus mein laye jaate usi prakar praan bhai ko dhire dhire bus mein karna chahiye toh hamara abhyas koi bhi ho usko hum dhire dhire anukram kar sakte hain apni ek aavashyakataanusaar se bana karke iske liye samanya tha jo sadhaaran taur par jo sabke liye ho sakta hai us prakar se kahein toh sabse pehle pranam karna uchit rehta hai har deepika ne kaha hai ki Brahma muhurt mein yog kar lena sabse upyukt mana gaya hai uske baad aasan karna chahiye toh ho gaya arre toh hamein yah jana ki garmi ke dino mein pehle pranayaam karna chahiye aur thande ke dino mein aasan vyayam karna chahiye thandi ke dino mein aasan byan pehle karna chahiye aur pranayaam baad mein aur garmi mein pehle pranayaam phir aasan vyayam karna chahiye is prakar se hai aur yah toh matlab vidvaano ka aisa sanidhya prapt hua uske aur yah bhi kaha gaya ki deepika mein hi abhyas kaale pratham sastan sira sira bhojan tatvon abhyas a greedy bhute na datagrid niyam agrah matlab yah hai ki yogabhayas ke prarambh mein khane peene ke bare mein bata rakha hai iski koi vishesh avashyakta nahi hai lekin puri arthi hai yogabhayas ke program mein doodh aur ghee yukt bhojan uttam kaha gaya hai baad mein abhyas dridh ho jaane par in niyamon ka agrah rakhna aavashyak nahi hai toh hamara kis taap par hai is sutra ka kehna itna sa mantra ka itna kehna tha ki isme jab abhyas nahi hai tab tak hum usko anu kar amit kar sakte hain jab abhyas ho jata hai toh phir niyam ka koi agrah nahi reh jata hai toh phir hum kisi bhi prakar se kuch bhi karen toh koi zyada uska duroopayog ya dushprabhav charitra nahi padta hai isliye jo samanya apna package ke yah samanya vyakti ke hisab se samanya logon ke hisab se dekhen toh pehle aap par halka fulka sukshm vyayam kar le uske baad aap par beech beech mein apna sachiv ya uske baad pranayaam kar le aur hath dukh jaaye toh phir phir kaam kar le baithe baithe hue hain lambe samay tak toh pairon pairon ki suchi gram kar le aur aasan karen toh pehle baar maaf sharir ko garam karna bahut zaroori hai sharir ko halka fulka susheela aur halke fulke bayan se shuru karke phir kathin aasan karna chahiye is prakar ke anukram apne ansuon ka apne package ka kar sakte hain apni aavashyakataanusaar dhanyavad

ओम जी नमस्ते आपने पूछा है कि अभ्यास में योग को कैसे अनुकरण करना सबसे पहले तो हमको यह जानना

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Manu Yoga

Yoga Trainer

1:23

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग के अभ्यास में आपको क्या-क्या अभ्यास करें यह निर्भर करता है कि आपके शरीर आपके मन और आपके जीवन शैली के अनुसार उसकी आवश्यकता क्या है यदि आपका सेटिंग वर्क है ऑफिस जॉब है तो आपको फिजिकल वर्क करना चाहिए और सूर्य नमस्कार कुछ बेसिक एक्सरसाइज और साथ में मेंटल पीस के लिए तरसे मानसिक कार्य है सेटिंग वर्क जो है कंप्यूटर का काम या इस तरह का कोई अधिकार है मानसिक कार्य है तो फिजिकल फिटनेस एक्सरसाइज के साथ में प्राणायाम आपको मानसिक ऑफिस भी मिलता करता है कि आप की आवश्यकता क्या है उसके अनुसार आप अलग-अलग चीजें कर सकते हैं यदि आपको बॉडी को मजबूत बनाना है तो आसन की प्रैक्टिस करें ज्यादा से ज्यादा आसन करें उन्हें टेबल होने की कोशिश करें सिंपल आसन में ज्यादा से ज्यादा रोकने की कोशिश यदि आप स्टूडेंट है तो माइंड को स्ट्रांग करना है कंसंट्रेट करना है तो कुछ इस तरह की चीजें करें जो आपके माइंड को साफ करेंगे जैसे कि प्राणायाम और बैलेंस इन पोषण और फोकस इंपोस्टर जितेंद्र वासन बोरी अपोजेस वीरभद्रासन स्तर के प्रति मन करता है आपको क्या चाहिए आपके बॉडी माइंड को क्या चाहिए उसके अनुसार आप क्या करते हैं कर सकते हैं

yog ke abhyas mein aapko kya kya abhyas karen yah nirbhar karta hai ki aapke sharir aapke man aur aapke jeevan shaili ke anusaar uski avashyakta kya hai yadi aapka setting work hai office job hai toh aapko physical work karna chahiye aur surya namaskar kuch basic exercise aur saath mein mental peace ke liye tarse mansik karya hai setting work jo hai computer ka kaam ya is tarah ka koi adhikaar hai mansik karya hai toh physical fitness exercise ke saath mein pranayaam aapko mansik office bhi milta karta hai ki aap ki avashyakta kya hai uske anusaar aap alag alag cheezen kar sakte hain yadi aapko body ko mazboot banana hai toh aasan ki practice karen zyada se zyada aasan karen unhe table hone ki koshish karen simple aasan mein zyada se zyada rokne ki koshish yadi aap student hai toh mind ko strong karna hai concentrate karna hai toh kuch is tarah ki cheezen karen jo aapke mind ko saaf karenge jaise ki pranayaam aur balance in poshan aur focus impostor jitendra wasan bori opposes virabhadrasan sthar ke prati man karta hai aapko kya chahiye aapke body mind ko kya chahiye uske anusaar aap kya karte hain kar sakte hain

योग के अभ्यास में आपको क्या-क्या अभ्यास करें यह निर्भर करता है कि आपके शरीर आपके मन और आपक

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Asha Sharma

Yoga Trainer

1:20
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अगर आप करते हैं उसका सीखे क्या होना चाहिए उससे पहले एक चीज मैटर करती है कि अगर आप योगा करने जा रहे हैं तो आपको कितना और क्या पता है योगा करने के लिए आपको अपनी सांसों के बारे में अपने बिल्डिंग प्रोसेस के बारे में एक दिन इन्हेल जिसे हम बोलते हैं या श्वास प्रसाद जिसे हम बोलते हैं उसके बारे में पता होना चाहिए योगा करने का सीक्वेंस सबसे पहले अगर आप मॉर्निंग आवर में योगा करते हैं तो आपको सबसे पहले माइक्रोसाइट क्योंकि आप रात को सो कर के उठ के उठने के बाद एकदम से करने जा रहे हैं तो आपका बॉडी फिटनेस होता है तो उसके लिए माइक्रो साइकिल स्टार्टिंग होती है पूरे नमस्कार नमस्कार के बाद क्योंकि थोड़ा सा एग्जॉटिक मिलता है सूर्य नमस्कार 30 सेकंड तक शवासन और उसके बाद अगर कोई वैज्ञानिक तथा योगा कर रहा है तो उसको हम कोशिश करते हैं कि शुरू में उसकी फ्लैक्सिबिलिटी को बढ़ाया जाए और जब वह एक स्तर पर आ जाते हैं कि वह आसन कर सके तो हमें हम उन्हें सूर्य नमस्कार हो गया बैकबेंड हो गया बैठकर किए जाकर करने वाले आसन पीठ के बल लेटकर करने वाले आसन पेट के बल कर लेटकर करने वाले आसन बिस्तर से करवाना शुरू करते हैं

agar aap karte hain uska sikhe kya hona chahiye usse pehle ek cheez matter karti hai ki agar aap yoga karne ja rahe hain toh aapko kitna aur kya pata hai yoga karne ke liye aapko apni shanson ke bare mein apne building process ke bare mein ek din inhale jise hum bolte hain ya swas prasad jise hum bolte hain uske bare mein pata hona chahiye yoga karne ka sequence sabse pehle agar aap morning hour mein yoga karte hain toh aapko sabse pehle maikrosait kyonki aap raat ko so kar ke uth ke uthane ke baad ekdam se karne ja rahe hain toh aapka body fitness hota hai toh uske liye micro cycle starting hoti hai poore namaskar namaskar ke baad kyonki thoda sa egjatik milta hai surya namaskar 30 second tak shavasan aur uske baad agar koi vaigyanik tatha yoga kar raha hai toh usko hum koshish karte hain ki shuru mein uski flaiksibiliti ko badhaya jaaye aur jab vaah ek sthar par aa jaate hain ki vaah aasan kar sake toh hamein hum unhe surya namaskar ho gaya baikbend ho gaya baithkar kiye jaakar karne waale aasan peeth ke bal letakar karne waale aasan pet ke bal kar letakar karne waale aasan bistar se karwana shuru karte hain

अगर आप करते हैं उसका सीखे क्या होना चाहिए उससे पहले एक चीज मैटर करती है कि अगर आप योगा करन

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

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आपका क्वेश्चन है मुझे अपने अभ्यास लोगों को कैसे अनुक्रम इट करना चाहिए तब आपको बता देते हैं योग को अनुग्रहित करने के लिए आपको सुबह ब्रह्म बेला में जगना होगा और योग निद्रा कार्य टाइमिंग है उसे अनुपालन करना होगा ब्रह्म मुहूर्त में जाके आप अपने को शख्स करें दैनिक क्रियाकलापों से निवृत्त हो जाएं स्नानादि करके पहले आप भद्रासन का प्रयोग 15 से 20 मिनट कीजिए तदुपरांत आफ अनुलोम विलोम करें ब्राह्मणी करें ओम की ध्वनि करें फिर पुनः चाहे तो आप आसन पर आ कर सकते हैं धन्यवाद

aapka question hai mujhe apne abhyas logon ko kaise anukram it karna chahiye tab aapko bata dete hain yog ko anugrahit karne ke liye aapko subah Brahma bela mein jagna hoga aur yog nidra karya timing hai use anupaalan karna hoga Brahma muhurt mein jake aap apne ko sakhs karen dainik kriyaklapon se sevanervit ho jayen snanadi karke pehle aap bhadrasan ka prayog 15 se 20 minute kijiye taduprant of anulom vilom karen brahmani karen om ki dhwani karen phir punh chahen toh aap aasan par aa kar sakte hain dhanyavad

आपका क्वेश्चन है मुझे अपने अभ्यास लोगों को कैसे अनुक्रम इट करना चाहिए तब आपको बता देते हैं

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Bhumi Shah

Yoga Instructor

0:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बेसिकली सीकुंड तो क्या रखना होता है वह नॉर्मली फॉर मार्क्स होते हैं शुरू में स्टैंडिंग वार्म अप हो सकता है बैठ कर आ फॉर्म ऑफ कर सकते हैं और योगा पोस्टर आशना के पहले उसके बाद आप आसन फॉलो कर सकते हैं या फिर सूर्य नमस्कार और उसके बाद प्राणायाम या मेडिटेशन इस तरह से सीक्वेंस फॉलो करना चाहिए

basically sikund toh kya rakhna hota hai vaah normally for marks hote hain shuru mein standing warmhole up ho sakta hai baith kar aa form of kar sakte hain aur yoga poster aashna ke pehle uske baad aap aasan follow kar sakte hain ya phir surya namaskar aur uske baad pranayaam ya meditation is tarah se sequence follow karna chahiye

बेसिकली सीकुंड तो क्या रखना होता है वह नॉर्मली फॉर मार्क्स होते हैं शुरू में स्टैंडिंग वार

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Rajkumar Koree

Founder & Director - Fitstop Fitness Studio

0:37
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभ्यास में योग को कैसे नियंत्रित करें इसके लिए मैं आपको बोलना चाहूंगा क्या आपको नमस्कार से स्टार्ट करें जो शरीर के लिए सबसे बेहतर है और वहां भी होगा सबसे अच्छा क्या है तो वहां से जोगवा कि वर्कआउट होता है सूर्य नमस्कार के थ्रू आपकी बॉडी में जो लग जाए वह किसी और से नहीं आंसू नमस्कार करेंगे तो आपको कॉलिंग सेलिब्रिटी आएगी बैठने वाले काफी होगा सकते हैं या और भी कोई होगा

abhyas mein yog ko kaise niyantrit karen iske liye main aapko bolna chahunga kya aapko namaskar se start karen jo sharir ke liye sabse behtar hai aur wahan bhi hoga sabse accha kya hai toh wahan se jogwa ki workout hota hai surya namaskar ke through aapki body mein jo lag jaaye vaah kisi aur se nahi aansu namaskar karenge toh aapko Calling celebrity aaegi baithne waale kafi hoga sakte hain ya aur bhi koi hoga

अभ्यास में योग को कैसे नियंत्रित करें इसके लिए मैं आपको बोलना चाहूंगा क्या आपको नमस्कार से

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Vijay Mehra

Yoga Instructor

0:56
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम आशा करते हैं हम शुरु करते हैं पुराने दो पुराने ना होते हमारे कपालभाति अनुलोम विलोम भाग लेने के लिए एक सूर्य नमस्कार जो कि हम 10 से 12 गांव सूर्य नमस्कार करते हैं और कर आते हैं और उसके बाद हम कर आते हैं फिर हमारे बीच के बीच सामाजिक राजनीतिक हमारी सुपरहिट

hum asha karte hain hum shuru karte hain purane do purane na hote hamare kapalbhati anulom vilom bhag lene ke liye ek surya namaskar jo ki hum 10 se 12 gaon surya namaskar karte hain aur kar aate hain aur uske baad hum kar aate hain phir hamare beech ke beech samajik raajnitik hamari superhit

हम आशा करते हैं हम शुरु करते हैं पुराने दो पुराने ना होते हमारे कपालभाति अनुलोम विलोम भाग

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Rishi Ranjan

Yoga Instructor

1:19
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पर सिक्वेंस होना चाहिए सबसे पहले तो माइंड को प्रीपेड होना चाहिए ठीक है सबसे इंपॉर्टेंट रिमाइंड चुटकी हां आज हमको योगा करना ठीक है उसके बाद शरीर को थोड़ा सर्च कर सकते हैं या बैठकर भी आराम से कुछ देर बैठे लीजिए पैसा चोरी शास्त्री के साथ चैटिंग मैडम शुरू शुरू में धीरे-धीरे फॉर इजी पोस्ट स्टार्ट कीजिए एक चेंजिंग पॉजिटिविटी आज हमको यह पोस्ट करना है कोई भी ट्रेन रात को सिखा रहा है तो उसकी से बोलिए कि आज मुझे पूजा दिखाइए ठीक है धीरे-धीरे उसके बाद जब यह कंप्लीट हो गया कुछ कूलडाउन पूछना चाहिए चंदन को आगे पीछे हटने पर बैकबेंडिंग फॉरवर्ड बनेंगे धीरे-धीरे आराम से 5 मिनट कम से कम शवासन जाना चाहिए और उसके बाद जाना है एंड मैडिटेशन एंड

par sikwens hona chahiye sabse pehle toh mind ko prepaid hona chahiye theek hai sabse important remind chutakee haan aaj hamko yoga karna theek hai uske baad sharir ko thoda search kar sakte hain ya baithkar bhi aaram se kuch der baithe lijiye paisa chori shastri ke saath chatting madam shuru shuru mein dhire dhire for easy post start kijiye ek changing positivity aaj hamko yah post karna hai koi bhi train raat ko sikha raha hai toh uski se bolie ki aaj mujhe puja dikhaaiye theek hai dhire dhire uske baad jab yah complete ho gaya kuch kuldaun poochna chahiye chandan ko aage peeche hatane par baikbending forward banenge dhire dhire aaram se 5 minute kam se kam shavasan jana chahiye aur uske baad jana hai and meditation and

पर सिक्वेंस होना चाहिए सबसे पहले तो माइंड को प्रीपेड होना चाहिए ठीक है सबसे इंपॉर्टेंट रिम

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Mit Prasanna

Yoga Instructor

2:03
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पॉइंट यह है कि हमें सबसे पहले जो जिसको भी होगा प्रैक्टिस करना है उसको सही में करना है उसको एक चौका टीचर खोजना पड़ेगा नॉलेज तो उसके लिए कुछ प्राणायाम है भामरी हुआ कि जब रविवार कपालभाति वाली सारी आराम भी करना चाहिए उनके लिए दिल को नींद नहीं आता है ऐसे जिनके जिनके दिमाग में थॉट्स मोड चलते हैं सूर्य नमस्कार करना बहुत ही जरूरी है क्योंकि हम लोग जो कर रहे हैं अगर आप सूर्य नमस्कार में 12 स्टेट्स इन तो एक बार हम बॉडी के पीछे लेकर जाते हैं बॉडी को सामने लेकर जाते हैं तो क्या होता है कि जो हमारे होंठ के पास जो लंच कितने समय में जो एक एरिया है उसको हमें जहां पर सूर्य नाड़ी की सवारी संबंध दोनों शीर्ष हो रहा है तो हमारा बॉडी 13 से 20 मार्च तक सूर्य नमस्कार जगदम करनी चाहिए टीचर लोग मुस्लिम लोग गलत करते हैं और सूर्य नमस्कार को नमस्कार निकला यह दोनों चीज बहुत ही फायदेमंद

point yah hai ki hamein sabse pehle jo jisko bhi hoga practice karna hai usko sahi mein karna hai usko ek chowka teacher khojana padega knowledge toh uske liye kuch pranayaam hai bhamri hua ki jab raviwar kapalbhati waali saree aaram bhi karna chahiye unke liye dil ko neend nahi aata hai aise jinke jinke dimag mein thoughts mode chalte hain surya namaskar karna bahut hi zaroori hai kyonki hum log jo kar rahe hain agar aap surya namaskar mein 12 states in toh ek baar hum body ke peeche lekar jaate hain body ko saamne lekar jaate hain toh kya hota hai ki jo hamare hooth ke paas jo lunch kitne samay mein jo ek area hai usko hamein jahan par surya naadi ki sawaari sambandh dono shirsh ho raha hai toh hamara body 13 se 20 march tak surya namaskar jagdam karni chahiye teacher log muslim log galat karte hain aur surya namaskar ko namaskar nikala yah dono cheez bahut hi faydemand

पॉइंट यह है कि हमें सबसे पहले जो जिसको भी होगा प्रैक्टिस करना है उसको सही में करना है उसको

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Kailash Parmar

Yoga Expert

0:23
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योगाभ्यास में सबसे पहले आसन प्राणायाम और ध्यान करना चाहिए आसनों में भी बैकवर्ड बिल्डिंग के बाद फॉरवर्ड बिल्डिंग फॉरवर्ड बिल्डिंग के बाद एक बर बेंडिंग वाले आसन करना जरूरी होता है तो आसनों को क्रम पहले आसन प्राणायाम फिर ध्यान

yogabhayas mein sabse pehle aasan pranayaam aur dhyan karna chahiye aasanon mein bhi backward building ke baad forward building forward building ke baad ek bar bending waale aasan karna zaroori hota hai toh aasanon ko kram pehle aasan pranayaam phir dhyan

योगाभ्यास में सबसे पहले आसन प्राणायाम और ध्यान करना चाहिए आसनों में भी बैकवर्ड बिल्डिंग के

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