क्या योग के जोखिमों मुद्राओं में से एक कुछ सिर-नीचे शरीर की स्थिति है जो आंखों में इंट्रा-ऑकुलर दबाव बढ़ाता है?...


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देखिए जैसे इनवर्टेड बस्तर के बारे में पूछ रहे हैं यह आंखों के ऊपर अगर आपका कोई बीमारी है तो हाथ उसके लिए बुरा असर डालता है क्योंकि आपका बरकत रुष होना शुरू हो जाता है आप रिकॉर्डिंग करो तो यह तो उसको ग्रुप में उस को कंट्रोल में लाना मुश्किल हो जाता है जब आप इनवर्टेड पहुंचकर करते हैं क्योंकि मैं कल परसों जो करते हैं हम्मा हम्मा बाजे प्रथम अध्याय प्रथम शक्ति के प्रतिकूल में जाते हैं और वाली हमारा पेट नीचे की तरफ रखें और शेर की तरह रहता है इस वजह से जुगाड़ सर्कुलेशन होता है तो ऊपर से नीचे की तरफ रहती है हमेशा आप लोगों ने किया लेकिन अगर हम उसका प्रतिकूल कर देते हैं तो ब्लड सरकुलेशन नीचे से ऊपर की तरफ तो होना शुरू हो जाता है वह चित्र के साथ चलो होता है किस वजह से आपका जवाब आंखों से लेकर आखिरी तक कोई भी चीज तो उसमें जोड़ कर लो ज्यादा होने के कारण उसका हानि पहुंचने का बहुत अच्छा रहता है एक दूसरे से बताया जाता है अगर आप कब कुछ e.n.t. का समस्या रहती है तो इस दौरान आप कोई इनवर्टेड पसंद करते हैं तो आपको हर इश्क रहती है तो इस वजह से यह नहीं करनी चाहिए क्या चीज का समस्या है उसको देखे धीरे धीरे धीरे धीरे उसको ठीक होने के बाद अगर आप थोड़े से मिल बैठकर कर सकते हैं लेकिन इनवर्टर पसंद करना बहुत मुश्किल है और करना भी नहीं चाहिए वह आपका हानि पहुंचाते धन्यवाद

dekhiye jaise inverted bastar ke bare me puch rahe hain yah aakhon ke upar agar aapka koi bimari hai toh hath uske liye bura asar dalta hai kyonki aapka barkat rush hona shuru ho jata hai aap recording karo toh yah toh usko group me us ko control me lana mushkil ho jata hai jab aap inverted pahuchkar karte hain kyonki main kal parso jo karte hain hamma hamma baje pratham adhyay pratham shakti ke pratikul me jaate hain aur wali hamara pet niche ki taraf rakhen aur sher ki tarah rehta hai is wajah se jugaad circulation hota hai toh upar se niche ki taraf rehti hai hamesha aap logo ne kiya lekin agar hum uska pratikul kar dete hain toh blood sarakuleshan niche se upar ki taraf toh hona shuru ho jata hai vaah chitra ke saath chalo hota hai kis wajah se aapka jawab aakhon se lekar aakhiri tak koi bhi cheez toh usme jod kar lo zyada hone ke karan uska hani pahuchne ka bahut accha rehta hai ek dusre se bataya jata hai agar aap kab kuch e n t ka samasya rehti hai toh is dauran aap koi inverted pasand karte hain toh aapko har ishq rehti hai toh is wajah se yah nahi karni chahiye kya cheez ka samasya hai usko dekhe dhire dhire dhire dhire usko theek hone ke baad agar aap thode se mil baithkar kar sakte hain lekin inverter pasand karna bahut mushkil hai aur karna bhi nahi chahiye vaah aapka hani pahunchate dhanyavad

देखिए जैसे इनवर्टेड बस्तर के बारे में पूछ रहे हैं यह आंखों के ऊपर अगर आपका कोई बीमारी है त

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Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

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योगाचार्य S.S.Rawat🕉🔱🚩🙏

Lecturer Of Yog And Alternative Therapy

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Manmohan Bhutada

Founder & Director - Yog Prayog

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Dr.Babita Singh

Yoga Master Trainer & Healer, Founder Director, Kaivalyam:The Yoga Academy

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positive patidaar

Celebrity & Tycoon's Trainer ,yoga Entrepreneur..aanando Parmo Dharm

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल सही बात है और इन फैक्ट कई ट्रेनें और कई एक्सपर्टो का तो मानना ही है और उनका कहना ही है कि जिस प्रकार इजी अवेलेबिलिटी योगासन और प्राणायाम की मीडिया के थ्रू पेपरों के माध्यम से मैगजीन के माध्यम से या दूसरे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हो रही है पर उसके साथ उसके जो हम और उसके साथ उसके पी क्वेश्चन उसकी क्या सावधानियां है वह सब पर भी हमें ध्यान देना है आज उपलब्ध सब कुछ है पर किस को क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए वह केवल और केवल एक एक्सपर्टियर को गाइड कर सकता है यह दुनिया में हर व्यक्ति में कुछ ना कुछ बीमारी है या प्लस माइनस या कुछ भी फिजिकल या मेडिकल का मेंटल कंडीशन में में चेंज होते रहते इसके हिसाब से तो वह सब चीजों को ध्यान में रखकर आसन प्राणायाम और यह सब की प्रैक्टिस करनी है तो यह चीजें हमें ध्यान देनी होगी और उस पर फोकस करना होगा कि आप अपने अपने पीछे कुछ भी के उलट सुलट करने लगे और फिर अगर कुछ होता है तो आप योगा योग मार्ग और योगा योगा की प्रैक्टिस को आप को ब्लेम नहीं कर सकते इसलिए कभी भी किसी अंदर एक्सपर्ट या एक चैनल की गाइड लाइन के अंदर कुछ भी सीखना चाहिए और करना चाहिए और यह जो सिर नीचे जाने वाला जीवाणु से सिरसासन के थे और शिक्षा सन में इसी तरह के प्री क्वेश्चन होते और भी कई बीमारियों के लिए इसको वर्जित किया गया है उसे ना करने की सलाह दी गई है और अब की उमर और आपके मैं फिजिकल मेडिकल कंडीशन के हिसाब से इसके टाइम ड्यूरेशन सेट होते तो ऐसी छोटी-छोटी टेक्निकल प्वाइंट भी होते और उसके क्वेश्चन भी होते तो वह ट्रेन अभी आपको गाइड कर सकता है तो यह सब चीजों का ध्यान दीजिए और उसी हिसाब से नई नई चीजें सीखने की शुरुआत कीजिए धन्यवाद

ji bilkul sahi baat hai aur in fact kai trainen aur kai eksaparto ka toh manana hi hai aur unka kehna hi hai ki jis prakar easy avelebiliti yogasan aur pranayaam ki media ke through peparon ke madhyam se magazine ke madhyam se ya dusre online portal ke madhyam se prapt ho rahi hai par uske saath uske jo hum aur uske saath uske p question uski kya savdhaniya hai vaah sab par bhi hamein dhyan dena hai aaj uplabdh sab kuch hai par kis ko kya karna chahiye kya nahi karna chahiye vaah keval aur keval ek eksapartiyar ko guide kar sakta hai yah duniya me har vyakti me kuch na kuch bimari hai ya plus minus ya kuch bhi physical ya medical ka mental condition me me change hote rehte iske hisab se toh vaah sab chijon ko dhyan me rakhakar aasan pranayaam aur yah sab ki practice karni hai toh yah cheezen hamein dhyan deni hogi aur us par focus karna hoga ki aap apne apne peeche kuch bhi ke ulat sulat karne lage aur phir agar kuch hota hai toh aap yoga yog marg aur yoga yoga ki practice ko aap ko blame nahi kar sakte isliye kabhi bhi kisi andar expert ya ek channel ki guide line ke andar kuch bhi sikhna chahiye aur karna chahiye aur yah jo sir niche jaane vala jivanu se sirsasan ke the aur shiksha san me isi tarah ke pri question hote aur bhi kai bimariyon ke liye isko varjit kiya gaya hai use na karne ki salah di gayi hai aur ab ki umar aur aapke main physical medical condition ke hisab se iske time duration set hote toh aisi choti choti technical point bhi hote aur uske question bhi hote toh vaah train abhi aapko guide kar sakta hai toh yah sab chijon ka dhyan dijiye aur usi hisab se nayi nayi cheezen sikhne ki shuruat kijiye dhanyavad

जी बिल्कुल सही बात है और इन फैक्ट कई ट्रेनें और कई एक्सपर्टो का तो मानना ही है और उनका कहन

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Umesh Bandoliya

Yoga Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

योग में मुद्राओं को और आश्रम के माध्यम से आप कह रहे हैं कि अपने दबाव पड़ता है ऐसा कुछ नहीं है जब हम से शासन करते हैं तो उसमें हमारे शरीर की कैद की क्षमता के अनुसार आपको करते हैं और आंखें हमारी उस टाइम पर बंद ही रहती है और हम ध्यान लगाते कि हम आसन किस प्रकार से कर रहे हैं एवं शीर्षासन करते तो हमारे पैर सीधा ऊपर की तरफ चले जाते हैं धीरे-धीरे करके और वो अपने सामने जो है अपने शरीर की अवस्था के अनुसार करते हैं जितना हम लोग कर सकते हो उतना हम उसको करते हैं और धीरे-धीरे हम पूर्ण रुप से वापस आ करके उसी अवस्था में आ जाते से कोई भी ऐसा असर नहीं पड़ता है और आंखें हमारी औरत होती मन मस्तिष्क हमारा बहुत अच्छे से होता है हमारे का क्षमता है उसका बढ़ने लगती है यह सब चीजें जो है योग के माध्यम से जो हम करते हैं आंसुओं को करते हैं तो इससे कोई नुकसान हमारे को नहीं होता है पर अगर हम इसे कुशल योग शिक्षक के निर्देशन में करें और अच्छे से हम लोग आते हैं और आजकल बहुत सारे मध्य में जिनके माध्यम से आप इनको देख कर के लिख भी सकते हैं और इनको सीख कर के अपने जीवन में उतारें तो आंखों में जवाब नहीं पड़ता है ज्यादा तो आप इन चीजों को आप करेंगे तो ज्यादा को लाभ मिलेगा नियमित योग का अभ्यास करें जो है सरलता से जनता की ओर बढ़े धीरे-धीरे आप सरल आसनों का अभ्यास करें व्यायाम करें वाकिंग करें थोड़ा टहलने और इस बयान के साथ साथ में जो करें तो आपको काफी अगला मिलने लगेगा

yog me mudrawon ko aur ashram ke madhyam se aap keh rahe hain ki apne dabaav padta hai aisa kuch nahi hai jab hum se shasan karte hain toh usme hamare sharir ki kaid ki kshamta ke anusaar aapko karte hain aur aankhen hamari us time par band hi rehti hai aur hum dhyan lagate ki hum aasan kis prakar se kar rahe hain evam Shirshasan karte toh hamare pair seedha upar ki taraf chale jaate hain dhire dhire karke aur vo apne saamne jo hai apne sharir ki avastha ke anusaar karte hain jitna hum log kar sakte ho utana hum usko karte hain aur dhire dhire hum purn roop se wapas aa karke usi avastha me aa jaate se koi bhi aisa asar nahi padta hai aur aankhen hamari aurat hoti man mastishk hamara bahut acche se hota hai hamare ka kshamta hai uska badhne lagti hai yah sab cheezen jo hai yog ke madhyam se jo hum karte hain ansuon ko karte hain toh isse koi nuksan hamare ko nahi hota hai par agar hum ise kushal yog shikshak ke nirdeshan me kare aur acche se hum log aate hain aur aajkal bahut saare madhya me jinke madhyam se aap inko dekh kar ke likh bhi sakte hain aur inko seekh kar ke apne jeevan me utaarein toh aakhon me jawab nahi padta hai zyada toh aap in chijon ko aap karenge toh zyada ko labh milega niyamit yog ka abhyas kare jo hai saralata se janta ki aur badhe dhire dhire aap saral aasanon ka abhyas kare vyayam kare Walking kare thoda tahlane aur is bayan ke saath saath me jo kare toh aapko kaafi agla milne lagega

योग में मुद्राओं को और आश्रम के माध्यम से आप कह रहे हैं कि अपने दबाव पड़ता है ऐसा कुछ नहीं

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

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आपका क्वेश्चन है क्या आयोग के जोखिम मुद्राओं में से एक कुछ सिर नीचे सिर नीचे और शरीर की स्थिति है जो आंखों के इंदिरा और पिंगला क्या बोल रहे हैं आप इंदिरा और अपना दबाव बढ़ाता है तो वैसा नहीं है अगर ऐसा बढ़ाता तो हम दो सिरसासन ना हो रहा सर्वांगासन नहीं कराते योग्य वशी कोई प्रणाली नहीं बनती जिससे शरीर को किसी तरह की हानि पहुंचे इसके लिए आप बिल्कुल निश्चिंत रहें ऐसा कुछ भी नहीं है धन्यवाद

aapka question hai kya aayog ke jokhim mudrawon mein se ek kuch sir niche sir niche aur sharir ki sthiti hai jo aankho ke indira aur pingla kya bol rahe hain aap indira aur apna dabaav badhata hai toh waisa nahi hai agar aisa badhata toh hum do sirsasan na ho raha sarvangasan nahi karate yogya vashi koi pranali nahi banti jisse sharir ko kisi tarah ki hani pahuche iske liye aap bilkul nishchint rahein aisa kuch bhi nahi hai dhanyavad

आपका क्वेश्चन है क्या आयोग के जोखिम मुद्राओं में से एक कुछ सिर नीचे सिर नीचे और शरीर की स्

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Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

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जी बहुत अच्छा फैसला का योग के जोखिम मुद्राओं में एक कुछ नीचे की स्थिति है आंखों में अंतर पर दबाव बढ़ा जी बिल्कुल बिल्कुल बहुत सारे योगाभ्यास हैं जो बहुत ही होते हैं जिसमें शासन की या फिर चक्रासन और जिसमें इस तरह की दिक्कतें जोखिम भरी रहती हैं तो गुरु के निर्देशन में करेंगे तो यह बहुत आसान भी है

ji bahut accha faisla ka yog ke jokhim mudrawon mein ek kuch niche ki sthiti hai aankho mein antar par dabaav badha ji bilkul bilkul bahut saare yogabhayas hain jo bahut hi hote hain jisme shasan ki ya phir chakrasan aur jisme is tarah ki dikkaten jokhim bhari rehti hain toh guru ke nirdeshan mein karenge toh yah bahut aasaan bhi hai

जी बहुत अच्छा फैसला का योग के जोखिम मुद्राओं में एक कुछ नीचे की स्थिति है आंखों में अंतर प

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xyz

nothing

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां जी वो शीर्षासन है जो इंसान गुजर दबाव बनाता है आंखों में तो अगर आपको यह पोजीशन यह भजन है तब वह शासन से बचेगा या फिर किसी के गाइडेंस में कीजिएगा

haan ji vo Shirshasan hai jo insaan gujar dabaav banata hai aankho mein toh agar aapko yah position yah bhajan hai tab vaah shasan se bachega ya phir kisi ke guidance mein kijiega

हां जी वो शीर्षासन है जो इंसान गुजर दबाव बनाता है आंखों में तो अगर आपको यह पोजीशन यह भजन ह

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