कुंडलिनी योग को खतरनाक क्यों माना जाता है?...


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Dr.Pavan Mishra

Naturopath Doctor | Physician

1:17

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कुंडलिनी योग को खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि उससे जो शक्तियां आपको मिलती हैं उसके संभालने के योग्य आपकी शरीर नहीं रहती है यानी कि आपके अंदर उतनी आध्यात्मिकता नहीं आ पाती है जिससे कि आप उस ऊर्जा को संभाल पाए इस वजह से वह खतरनाक माना जाता है क्योंकि अगर हमको हमारी क्षमता से ज्यादा ऊर्जा मिलने लग जाएगी और उसे हम संभाल नहीं पाएंगे पागल हो जाएंगे बहुत कुछ बीमारी भी हो सकती है उसकी वजह से तो इस वजह से ऐसा होता है तो क्योंकि कुंडलिनी योग में बहुत कुछ ध्यान रखने की जरूरत है समर्पित रखने की जरूरत होती है और और बहुत ही सुपर विजन में यह सारी चीजें करनी होती किसी अच्छे साधक के सुपरविजन में करने की आवश्यकता होती है इसमें बहुत सारी ऐसी चीजें हैं तो इसलिए खतरनाक मान प्रमुख रूप से सिर्फ इतना ही मैं इसके बारे में कहना चाहूंगा कि उसमें जो ऊर्जा आपको मिलती है उसे संभालने के लिए आप पूरी तरह से तैयार नहीं रहते हैं जिसकी वजह से हो जो योग है वह खतरनाक माना गया है धन्यवाद

kundalini yog ko khataranaak isliye mana jata hai kyonki usse jo shaktiyan aapko milti hain uske sambhalne ke yogya aapki sharir nahi rehti hai yani ki aapke andar utani aadhyatmikta nahi aa pati hai jisse ki aap us urja ko sambhaal paye is wajah se vaah khataranaak mana jata hai kyonki agar hamko hamari kshamta se zyada urja milne lag jayegi aur use hum sambhaal nahi payenge Pagal ho jaenge bahut kuch bimari bhi ho sakti hai uski wajah se toh is wajah se aisa hota hai toh kyonki kundalini yog mein bahut kuch dhyan rakhne ki zarurat hai samarpit rakhne ki zarurat hoti hai aur aur bahut hi super vision mein yah saree cheezen karni hoti kisi acche sadhak ke suparavijan mein karne ki avashyakta hoti hai isme bahut saree aisi cheezen hain toh isliye khataranaak maan pramukh roop se sirf itna hi main iske bare mein kehna chahunga ki usme jo urja aapko milti hai use sambhalne ke liye aap puri tarah se taiyar nahi rehte hain jiski wajah se ho jo yog hai vaah khataranaak mana gaya hai dhanyavad

कुंडलिनी योग को खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि उससे जो शक्तियां आपको मिलती हैं उसके संभ

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Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका कृष्णा कुंडली भाग्य मान जाता है कुंडली जागरण क्रियायोग की हड्डियों की खतरनाक और चुकी जब साधक कुंडलिनी जागरण करते हैं उस समय बहुत सारी सिद्धियां हमारे अंदर आती हैं और उन शक्तियों को उन सब्जियों को रोक पाना उनकी शक्तियों को अपने शरीर के अंदर समाहित कर पाना एक आम योगी के बस की बात नहीं है बहुत ही साधना चाहिए बहुत ही साधक चाहिए तो इसीलिए ऐसी अवस्था में जो है इसका नेगेटिव प्रभाव पड़ता है मानसिक रूप से करती हो सकती है क्या ज्यादा खतरनाक पी में मृत्यु तक हो सकती है इसलिए जब भी एक प्रक्रिया की जाए तो कुशल योगी के भजन कीर्तन

aapka krishna kundali bhagya maan jata hai kundali jagran kriyayog ki haddiyon ki khataranaak aur chuki jab sadhak kundalini jagran karte hain us samay bahut saree siddhiyan hamare andar aati hain aur un shaktiyon ko un sabjiyon ko rok paana unki shaktiyon ko apne sharir ke andar samahit kar paana ek aam yogi ke bus ki baat nahi hai bahut hi sadhna chahiye bahut hi sadhak chahiye toh isliye aisi avastha mein jo hai iska Negative prabhav padta hai mansik roop se karti ho sakti hai kya zyada khataranaak p mein mrityu tak ho sakti hai isliye jab bhi ek prakriya ki jaaye toh kushal yogi ke bhajan kirtan

आपका कृष्णा कुंडली भाग्य मान जाता है कुंडली जागरण क्रियायोग की हड्डियों की खतरनाक और चुकी

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Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कुंडलिनी योग को खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि ज्यादातर लोग सीखने चले जाते हैं कि कुंडली नहीं हो को कैसे करना चाहिए उसका क्या है कि क्रियाविधि क्या है जबकि उनका बेसिक ही अभी क्लियर नहीं है कि योग क्या है योग के जो पहले अंग हैं दो यम और नियम उसका ही तो वह पालन नहीं कर पा रहे हैं तो कुंडली नहीं हो तो बहुत आगे की स्थिति है जैसे कि योग के आठ अंग होते हैं यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि तो अगर कोई व्यक्ति का कि मुझे ध्यान सिखा दो पहली बार वह व्यक्ति आपके पास आए और बोले कि ध्यान सिखा दो तो ध्यान की स्थिति आने में तो बहुत टाइम लगेगा ऐसा एकदम से ध्यान नहीं लगता है आप काम नहीं करना नहीं आता पानी प्रॉपर नहीं समझा रिलैक्सेशन करना नहीं आता तू तो कहां से लगेगा और कुंडली उसके ऊपर चीज है तो पहले आपको क्लियर करना md5 है जिसे सत्य बोलना हिंसा 27 साल से अपरिग्रह ब्रह्मचर्य का पालन करना तेरे नियम में शौच संतोष तप स्वाध्याय ईश्वर परिधान इन सबों का पालन करते हुए जब हम आगे बढ़ते हैं बहुत ही डीप में तब जाकर आप कुंडलिनी योग की तरफ बढ़ सकते हैं वह भी बहुत इतनी शुद्धता होना चाहिए मन में कि बस अगर वह सब नहीं हो रहा डायरेक्ट कुंडली नहीं हो कोई सिखाने वाला अगर आपको मेरे पीछे और आप सीखना भी चाहें तो उससे आप को बहुत हानि हो सकती हैं मानसिक रूप से बहुत ज्यादा आपको हानि हो जाएगी इसलिए कभी भी डायरेक्ट या चीज ना करें

kundalini yog ko khataranaak isliye mana jata hai kyonki jyadatar log sikhne chale jaate hain ki kundali nahi ho ko kaise karna chahiye uska kya hai ki kriyavidhi kya hai jabki unka basic hi abhi clear nahi hai ki yog kya hai yog ke jo pehle ang hain do yum aur niyam uska hi toh vaah palan nahi kar paa rahe hain toh kundali nahi ho toh bahut aage ki sthiti hai jaise ki yog ke aath ang hote hain yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi toh agar koi vyakti ka ki mujhe dhyan sikha do pehli baar vaah vyakti aapke paas aaye aur bole ki dhyan sikha do toh dhyan ki sthiti aane mein toh bahut time lagega aisa ekdam se dhyan nahi lagta hai aap kaam nahi karna nahi aata paani proper nahi samjha Relaxation karna nahi aata tu toh kahaan se lagega aur kundali uske upar cheez hai toh pehle aapko clear karna md5 hai jise satya bolna hinsa 27 saal se aparigrah brahmacharya ka palan karna tere niyam mein sauch santosh tap swaadhyaay ishwar paridhan in sabon ka palan karte hue jab hum aage badhte hain bahut hi deep mein tab jaakar aap kundalini yog ki taraf badh sakte hain vaah bhi bahut itni shuddhta hona chahiye man mein ki bus agar vaah sab nahi ho raha direct kundali nahi ho koi sikhane vala agar aapko mere peeche aur aap sikhna bhi chahain toh usse aap ko bahut hani ho sakti hain mansik roop se bahut zyada aapko hani ho jayegi isliye kabhi bhi direct ya cheez na karen

कुंडलिनी योग को खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि ज्यादातर लोग सीखने चले जाते हैं कि कुंडल

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

1:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका दर्शन है कुंडलिनी योग को खतरनाक क्यों माना जाता है देखिए कुंडलिनी की जो साधना है उसे खतरनाक को नहीं हम कर सकते हैं कोई भी शिक्षा आपको लेनी है तो उसके लिए शिक्षक की आवश्यकता होती है तो योग्य मानता है जो व्यक्ति कुंडलिनी की साधना करता हो उसके सान्निध्य में अगर कुंडलिनी सिद्धि की क्रिया अगर की जाए तो बहुत ही अच्छा है ऐसे आप कुंडलिनी योग साधना नहीं कर सकते कारण की ऐसी क्रिया के फायदे के साथ-साथ हानि होने की भी संभावना हो सकती है इसलिए खतरनाक में खा सकते हैं आप पढ़ाई करते हैं जोशी समझ में नहीं आता उसके लिए आप स्कूल जाते हैं कॉलेज जाते हैं या किसी शिक्षक से ट्यूशन ओबरा का सहारा लेते हैं वैसे ही कुंडली नहीं हुई है कनिका सेल्फी है कि कुंडलिनी को सिद्ध करने के लिए के लिए कैसे कुंडलिनी है साधक से अगर उस के सानिध्य में जाकर कैसे देखी जाए तो बहुत ही अच्छा धन्यवाद

aapka darshan hai kundalini yog ko khataranaak kyon mana jata hai dekhiye kundalini ki jo sadhna hai use khataranaak ko nahi hum kar sakte hain koi bhi shiksha aapko leni hai toh uske liye shikshak ki avashyakta hoti hai toh yogya manata hai jo vyakti kundalini ki sadhna karta ho uske sannidhya mein agar kundalini siddhi ki kriya agar ki jaaye toh bahut hi accha hai aise aap kundalini yog sadhna nahi kar sakte karan ki aisi kriya ke fayde ke saath saath hani hone ki bhi sambhavna ho sakti hai isliye khataranaak mein kha sakte hain aap padhai karte hain joshi samajh mein nahi aata uske liye aap school jaate hain college jaate hain ya kisi shikshak se tuition obra ka sahara lete hain waise hi kundali nahi hui hai kanika selfie hai ki kundalini ko siddh karne ke liye ke liye kaise kundalini hai sadhak se agar us ke sanidhya mein jaakar kaise dekhi jaaye toh bahut hi accha dhanyavad

आपका दर्शन है कुंडलिनी योग को खतरनाक क्यों माना जाता है देखिए कुंडलिनी की जो साधना है उसे

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