शरीर से रोगज़नक़ों को खत्म करने में "सूर्य भेदन प्राणायाम" कैसे मदद करता है?...


user
1:40
Play

Likes  271  Dislikes    views  3018
WhatsApp_icon
9 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शरीर में लोगों को खत्म करने का क्रीम रोग उत्पन्न रोग उत्पन्न करते हैं जैसे कि पेट के कीड़े मकोड़े यह सब नष्ट हो जाते कैसे नष्ट हो जाते हैं क्योंकि ऊर्जा इतनी ज्यादा अधिक ऊर्जा शरीर में हो जाती सूर्य प्रणाम करने से तो उसमें भस्म हो जाते हैं इसलिए वह नष्ट हो जाते हैं यदि वह शीतलता कसूर में भी होता है गर्मी का होता है इस कारण से बताया गया है ग्रंथों में किशोर बेदी प्रणाम करने से हमारे जो एकदम रोगजनक नष्ट हो जाते हैं

sharir me logo ko khatam karne ka cream rog utpann rog utpann karte hain jaise ki pet ke keedein makode yah sab nasht ho jaate kaise nasht ho jaate hain kyonki urja itni zyada adhik urja sharir me ho jaati surya pranam karne se toh usme bhasm ho jaate hain isliye vaah nasht ho jaate hain yadi vaah shitalata kasoor me bhi hota hai garmi ka hota hai is karan se bataya gaya hai granthon me kishore bedi pranam karne se hamare jo ekdam rogjanak nasht ho jaate hain

शरीर में लोगों को खत्म करने का क्रीम रोग उत्पन्न रोग उत्पन्न करते हैं जैसे कि पेट के कीड़े

Romanized Version
Likes  143  Dislikes    views  3186
WhatsApp_icon
user

Anshu Sarkar

Founder & Director, Sarkar Yog Academy

1:16
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है सबसे पहले तो आपको नमस्कार पशुपालन शरीर से रोक जंतु को खत्म करने में कैसे मदद करता है यह काफी लाभदायक है प्लान के जरिए अपना विकास कर सकते हैं दीवार खिलाड़ी कृपा कर सकते हैं विरोध करेंगे ना केवल दूध वितरण अपना जीवन में योगदान जरा देश का शिक्षा लेकर किताब पढ़ कर के भी देख के नहीं बल्कि योग प्रशिक्षण में रहकर ही आप योग प्रबंधन प्रशिक्षण की नाते पाक

aapka sawaal hai sabse pehle toh aapko namaskar pashupalan sharir se rok jantu ko khatam karne me kaise madad karta hai yah kaafi labhdayak hai plan ke jariye apna vikas kar sakte hain deewaar khiladi kripa kar sakte hain virodh karenge na keval doodh vitaran apna jeevan me yogdan zara desh ka shiksha lekar kitab padh kar ke bhi dekh ke nahi balki yog prashikshan me rahkar hi aap yog prabandhan prashikshan ki naate pak

आपका सवाल है सबसे पहले तो आपको नमस्कार पशुपालन शरीर से रोक जंतु को खत्म करने में कैसे मदद

Romanized Version
Likes  450  Dislikes    views  5627
WhatsApp_icon
user

Dr.Swatantra Sharma

Yoga Expert & Consultant

0:38
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शरीर के जो पक्षी एलिमेंट्स होते हैं उसमें सूर्यभेदी प्राणायाम अत्यंत लाभकारी इसलिए होता है क्योंकि सूर्यभेदी प्राणायाम करने से हमारे शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ जाता है जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है सूर्यभेदी अर्थात उष्मा को बढ़ाने वाला पेज को बढ़ाने वाला शरीर में जब तेज बढ़ता है ताप बढ़ता है तब निश्चित रूप से हमारे शरीर के समस्त टॉक से काली मरण हमारे कीटाणुओं जीवाणु इन सब का नाश हो जाता है और हमारा शरीर स्वस्थ बनने लगता है

sharir ke jo pakshi elements hote hain usme suryabhedi pranayaam atyant labhakari isliye hota hai kyonki suryabhedi pranayaam karne se hamare sharir mein urja ka sthar badh jata hai jaisa ki naam se hi spasht hai suryabhedi arthat usma ko badhane vala page ko badhane vala sharir mein jab tez badhta hai taap badhta hai tab nishchit roop se hamare sharir ke samast talk se kali maran hamare kitanuon jivanu in sab ka naash ho jata hai aur hamara sharir swasthya banne lagta hai

शरीर के जो पक्षी एलिमेंट्स होते हैं उसमें सूर्यभेदी प्राणायाम अत्यंत लाभकारी इसलिए होता है

Romanized Version
Likes  86  Dislikes    views  1199
WhatsApp_icon
play
user

Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

2:32

Likes  252  Dislikes    views  2486
WhatsApp_icon
user

Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

1:22
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी आपका प्रश्न है कि शरीर में रोग बैंकों को खत्म करने के लिए सूर्यभेदन प्राणायाम कैसे मदद करता है तो सूर्य प्रधान प्राणायाम जो है वह पढ़ाया मौका दूसरे स्टेट में आता है दूसरे नंबर का पढ़ाया माना जाता है और बहुत ही उत्तम पर आया है और यह इसमें जो है दाहिनी नासिका से श्वास लेकर और दाहिनी नासिका से ही सोच को भा जाता है इसलिए क्योंकि हमारी जोनास का हद होती है सूर्य नाड़ी चंद्र नाड़ी नाड़ी और भाई नाश्ता करते हैं तो इसका करण्यास कोसुरी अनुलोम प्राणायाम भी कहते हैं और यह जो है हमारे शरीर में पाचन अग्नि को बढ़ाता है पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है स्वसन तंत्र को मजबूत करता है रेस्पिरेट्री सिस्टम को फेफड़ों को भी मजबूत बनाता है और हमारे शरीर में ऑक्सीजन के लेवल को बढ़ाता है और ऑक्सीजन का लेवल बढ़ने से बहुत सारी विकार हमारे शरीर से दूर और कार्बन डाइऑक्साइड के लेवल को मैक्सिमम करता है इस आसन की कुछ सीमाएं हैं इस्लाम की कि जो हाई ब्लड प्रेशर के लोग हैं यह हृदय के रोगी को बहुत धीरे-धीरे गति से उसको करना चाहिए या कुशल योग गुरु के निर्देशन में ही अभ्यास करें धन्यवाद

ji aapka prashna hai ki sharir mein rog bankon ko khatam karne ke liye suryabhedan pranayaam kaise madad karta hai toh surya pradhan pranayaam jo hai vaah padhaya mauka dusre state mein aata hai dusre number ka padhaya mana jata hai aur bahut hi uttam par aaya hai aur yah isme jo hai dahini nasika se swas lekar aur dahini nasika se hi soch ko bha jata hai isliye kyonki hamari jonas ka had hoti hai surya naadi chandra naadi naadi aur bhai nashta karte hai toh iska karanyas kosuri anulom pranayaam bhi kehte hai aur yah jo hai hamare sharir mein pachan agni ko badhata hai pachan tantra ko bhi majboot karta hai svasan tantra ko majboot karta hai respiratory system ko phephadon ko bhi majboot banata hai aur hamare sharir mein oxygen ke level ko badhata hai aur oxygen ka level badhne se bahut saree vikar hamare sharir se dur aur carbon dioxide ke level ko maximum karta hai is aasan ki kuch simaye hai islam ki ki jo high blood pressure ke log hai yah hriday ke rogi ko bahut dhire dhire gati se usko karna chahiye ya kushal yog guru ke nirdeshan mein hi abhyas kare dhanyavad

जी आपका प्रश्न है कि शरीर में रोग बैंकों को खत्म करने के लिए सूर्यभेदन प्राणायाम कैसे मदद

Romanized Version
Likes  94  Dislikes    views  2251
WhatsApp_icon
user

Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

1:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका क्वेश्चन है शरीर से हो भजन को खत्म करने में सूर्य भेदन प्राणायाम कैसे मदद करता है तो मैं आपको बता देता हूं यह सोच बेदी परिणाम है उसको करने का थोड़ा सा अलग ही तरीका है जो मैं आपको बताना चाहूंगा सर के दिन दीदी प्रणाम मैं वज्रासन में बैठी है और राइट यानी दाहिनी नासिका से काफी साल अंदर भरिए और अंदर हो के तदुपरांत उसी नासिका से फिर बुरा पारा कर दी बाहर कर दीजिए फिर राइट से लिखिए दाहिनी नासिका से सांस को पूरा अंदर लीजिए अंदर रोकिए उसी नासिका से फिर बाहर कर दीजिए था 12 बार करें कम से कम 15 से मिनट तक इसका क्या होता है कि शरीर के अंदर अगर आपको आपका खाना नहीं पचता हो तो आप की रागनी को यह बिल्कुल तेज कर देता है जिससे आपको गैस वगैरह बनने की संभावना कम होती है लेकिन पहले शुरू करने के पहले तो मेरे को साफ करने के बाद और नहाने धोने के बाद वज्रासन में बैठ के इससे क्रिया को करेंगे तो ज्यादा फायदा होगा धन्यवाद

aapka question hai sharir se ho bhajan ko khatam karne mein surya bhedan pranayaam kaise madad karta hai toh main aapko bata deta hoon yah soch bedi parinam hai usko karne ka thoda sa alag hi tarika hai jo main aapko bataana chahunga sir ke din didi pranam main vajrasan mein baithi hai aur right yani dahini nasika se kaafi saal andar bhariye aur andar ho ke taduprant usi nasika se phir bura para kar di bahar kar dijiye phir right se likhiye dahini nasika se saans ko pura andar lijiye andar rokiye usi nasika se phir bahar kar dijiye tha 12 baar kare kam se kam 15 se minute tak iska kya hota hai ki sharir ke andar agar aapko aapka khana nahi pachta ho toh aap ki ragni ko yah bilkul tez kar deta hai jisse aapko gas vagera banne ki sambhavna kam hoti hai lekin pehle shuru karne ke pehle toh mere ko saaf karne ke baad aur nahane dhone ke baad vajrasan mein baith ke isse kriya ko karenge toh zyada fayda hoga dhanyavad

आपका क्वेश्चन है शरीर से हो भजन को खत्म करने में सूर्य भेदन प्राणायाम कैसे मदद करता है तो

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  975
WhatsApp_icon
play
user

Luckypandey

Yoga Trainer

2:21

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह महर्षि ग्रहण मुनि अपने शिष्य राजा चंद्र कपाली को प्राणायाम की महिमा को बताते हुए अपने शिष्य को बतलाते हैं कि शहीद उस ओर भेजना से कुछ जाए शीतली तथा आशिक आवारा मेरी मोर्चा के बली चार्ट को मौका उन्होंने आठ प्राणायाम के बारे में बताया जो यह सूर्यभेदन प्राणायाम दूसरे नंबर का यह प्राणायाम है जो शरीर में 10 प्लान है उस 10 पुराणों में सबका अपना-अपना एक स्थान होता है और हर एक प्राण का कार्य अलग-अलग होता है तो उसी प्रकार से सुर भेदन प्राणायाम अपने शरीर को अच्छा रखने के लिए शरीर को अगर बहुत आपको जड़ है कमजोर शरीर है तो आप सूर्यभेदन का अभ्यास कर सकते हैं उसमें जरा मृत्यु को नाश करता है और इसमें कुंडली जागरण के लिए सहायक होता है और शरीर में अग्नि को प्रदीप्त करता है तो इससे यह जो होने वाले जो लोग होते हैं उसको यह दूर करता है और इसे आपको अगर किसी भी तरह का द्वार है तो आप इसका व्यास ना करें अगर शरीर आपका बहुत गरम गरम है तब इसका व्यास ना करें जिससे आप को और अधिक इसमें गर्मी शरीर के अंदर बढ़ाएगा जिससे आपको नुकसान तक हो सकता है तू है आप इस प्राणायाम को आप अभ्यास कर सकते ठंडी के दिनों में बहुत ही लाभकारी है प्राणायाम है और साथ में ठंडी के दिनों में आप लिंग मुद्रा का अभ्यास कर सकते हैं दोनों हाथ की हथेली को एक साथ मुट्ठी को दोनों हाथों को लॉक कर लें और कुछ देर के लिए आप बैठे रहे तो है आपको गर्मी देगा और गर्मी आपके अंदर संचालित होगी तो वह भी आपको अच्छा लाभ देता है तो यह आप कई प्रकार के रोगों को नष्ट करता है और आप भी शरीर में होने वाले नए लोगों को यह भी दूर करता है धन्यवाद

yah maharshi grahan muni apne shishya raja chandra kapali ko pranayaam ki mahima ko batatey hue apne shishya ko batlate hain ki shaheed us aur bhejna se kuch jaaye shitli tatha aashik awaara meri morcha ke bali chart ko mauka unhone aath pranayaam ke bare mein bataya jo yah suryabhedan pranayaam dusre number ka yah pranayaam hai jo sharir mein 10 plan hai us 10 purano mein sabka apna apna ek sthan hota hai aur har ek praan ka karya alag alag hota hai toh usi prakar se sur bhedan pranayaam apne sharir ko accha rakhne ke liye sharir ko agar bahut aapko jad hai kamjor sharir hai toh aap suryabhedan ka abhyas kar sakte hain usme zara mrityu ko naash karta hai aur isme kundali jagran ke liye sahayak hota hai aur sharir mein agni ko pradipta karta hai toh isse yah jo hone waale jo log hote hain usko yah dur karta hai aur ise aapko agar kisi bhi tarah ka dwar hai toh aap iska vyas na kare agar sharir aapka bahut garam garam hai tab iska vyas na kare jisse aap ko aur adhik isme garmi sharir ke andar badhayega jisse aapko nuksan tak ho sakta hai tu hai aap is pranayaam ko aap abhyas kar sakte thandi ke dino mein bahut hi labhakari hai pranayaam hai aur saath mein thandi ke dino mein aap ling mudra ka abhyas kar sakte hain dono hath ki hatheli ko ek saath mutthi ko dono hathon ko lock kar le aur kuch der ke liye aap baithe rahe toh hai aapko garmi dega aur garmi aapke andar sanchalit hogi toh vaah bhi aapko accha labh deta hai toh yah aap kai prakar ke rogo ko nasht karta hai aur aap bhi sharir mein hone waale naye logo ko yah bhi dur karta hai dhanyavad

यह महर्षि ग्रहण मुनि अपने शिष्य राजा चंद्र कपाली को प्राणायाम की महिमा को बताते हुए अपने श

Romanized Version
Likes  107  Dislikes    views  2016
WhatsApp_icon
user

Rohit kumar

Yoga Trainer

1:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन आप जानना चाहते सभी करो खत्म करने में सूर्य भेदन प्राणायाम कसा मन करता है इस प्रणाम को जाने से पहले आपको जाना हो किस सर्वधर्म मेरा नाम काम कैसे करता है सूर्य भजन का नाम हमारे शरीर की सूजन आने के आधार पर काम करता है हमारे शरीर में सबसे प्रमुख तीन नानी होते हैं अस्थमा सिर में ताजा पानी होते जिनमें सबसे प्रमुख तीन नानी होते हैं जिसे मेडा पिंगला और सुषुम्ना नाड़ी होती है हमारे मूलाधार चक्र से होते हुए बाय ओर सेल अनाड़ी निकलती है दाहिनी ओर से पिलाना निकलते रुपए से सुनाने निकलती है इमरान हुसैन ने कहा जाता है या गर्म प्रकृति का होता है यह सिर्फ विप्रा नाम से जागृत होता है जब लोग सूर्यवंशी प्रणाम करते हैं तो बाय नाश्ता का बंदर के दाहिने नाक से सांस लेते हैं श्रद्धालुओं का नगर के विश्वास को छोड़ते हैं सिर्फ अपने दाहिने से स्वास लेते हैं बाय से छोड़ते हैं तो इससे क्या होता है कि हम लंबी सांस लेने से दाहिने से हमारी जिम्मेदारी है सुख एक्टिव होती है एक्टिव होती है तो वह हमारे सिर में और मतलब उसमें उत्पन्न करती है हमारे शरीर को गर्म करते हैं गर्म करने से ही हमारा शेर के शिकार हैं वह से दूर होते हैं देखिए हमारे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं और इसके कई प्रकार के लाल हैं सिर्फ मेरे प्रणाम के बहुत ही अच्छा है

lekin aap janana chahte sabhi karo khatam karne mein surya bhedan pranayaam kaisa man karta hai is pranam ko jaane se pehle aapko jana ho kis sarvadharm mera naam kaam kaise karta hai surya bhajan ka naam hamare sharir ki sujan aane ke aadhar par kaam karta hai hamare sharir mein sabse pramukh teen naani hote hain asthama sir mein taaza paani hote jinmein sabse pramukh teen naani hote hain jise meda pingla aur sushumna naadi hoti hai hamare muladhar chakra se hote hue bye aur cell anadi nikalti hai dahini aur se pilaana nikalte rupaye se sunaane nikalti hai imran hussain ne kaha jata hai ya garam prakriti ka hota hai yah sirf vipra naam se jagrit hota hai jab log suryavanshi pranam karte hain toh bye nashta ka bandar ke dahine nak se saans lete hain shraddhaluon ka nagar ke vishwas ko chodte hain sirf apne dahine se swas lete hain bye se chodte hain toh isse kya hota hai ki hum lambi saans lene se dahine se hamari jimmedari hai sukh active hoti hai active hoti hai toh vaah hamare sir mein aur matlab usme utpann karti hai hamare sharir ko garam karte hain garam karne se hi hamara sher ke shikaar hain vaah se dur hote hain dekhiye hamare sharir mein sakaratmak urja ko badhate hain aur iske kai prakar ke laal hain sirf mere pranam ke bahut hi accha hai

लेकिन आप जानना चाहते सभी करो खत्म करने में सूर्य भेदन प्राणायाम कसा मन करता है इस प्रणाम क

Romanized Version
Likes  39  Dislikes    views  338
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!