कपालभाति और भर्तिका प्राणायाम में क्या अंतर है?...


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Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

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ऐसे और सवाल
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Gyanchand Soni

Yoga Instructor.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कपालभाति हम धीरे धीरे कर सकते हैं और भक्ति का परिणाम होता है वह बहुत स्पीड से किया जाता है उसमें शरीर गर्म हो जाता है शरीर में गर्मी के लिए जिन लोगों को लोग क्यों जाता है या ठंड के रोग आज बहुत सर्दी खासी का तभी हम बच्चे का पोयम कपालभाति कभी भी किसी विमोचन किया जा सकता हूं पेट को पतला करता है कार्बन डाइऑक्साइड टॉक्सिन और वह कीटाणु दिन तुम देख भी नहीं सकती हो कि बाहर निकाला

kapalbhati hum dhire dhire kar sakte hain aur bhakti ka parinam hota hai vaah bahut speed se kiya jata hai usme sharir garam ho jata hai sharir me garmi ke liye jin logo ko log kyon jata hai ya thand ke rog aaj bahut sardi khasee ka tabhi hum bacche ka poem kapalbhati kabhi bhi kisi vimochan kiya ja sakta hoon pet ko patla karta hai carbon dioxide toxin aur vaah kitanu din tum dekh bhi nahi sakti ho ki bahar nikaala

कपालभाति हम धीरे धीरे कर सकते हैं और भक्ति का परिणाम होता है वह बहुत स्पीड से किया जाता है

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका कुछ नहीं कपालभाति और भर्ती भर्ती किया जाता है बार बार बार श्वास को निकालना होता है और यह काम है सांस को तेजी से लेना मोटा है तेजी से लेना होता है इस रेन को किया जाता है यह अंतर होता है उसके अंदर कितना होता है क्या दोनों ने दोनों आंखों से और एक साथ दोनों आंखों से बाहर निकालना होता है भारती के जैसे पेट का ऑपरेशन हो गया होगा तो कपालभाति नहीं करेंगे और भर्ती का परिणाम जो है अगर नकसीर आती हो या फिर गर्मी जा बहुत ज्यादा बड़ी हुई हो तो यह आपको नहीं करना है या ध्यान रखना है कि कोई भी प्रणाम आप पहले उसके विषय में नुकसान कर सकता है यह सारी चीजों को ध्यान में रखते हुए आप आराम करेंगे समझ में आ गया धन्यवाद

aapka kuch nahi kapalbhati aur bharti bharti kiya jata hai baar baar baar swas ko nikalna hota hai aur yah kaam hai saans ko teji se lena mota hai teji se lena hota hai is rain ko kiya jata hai yah antar hota hai uske andar kitna hota hai kya dono ne dono aakhon se aur ek saath dono aakhon se bahar nikalna hota hai bharati ke jaise pet ka operation ho gaya hoga toh kapalbhati nahi karenge aur bharti ka parinam jo hai agar naksir aati ho ya phir garmi ja bahut zyada badi hui ho toh yah aapko nahi karna hai ya dhyan rakhna hai ki koi bhi pranam aap pehle uske vishay me nuksan kar sakta hai yah saari chijon ko dhyan me rakhte hue aap aaram karenge samajh me aa gaya dhanyavad

आपका कुछ नहीं कपालभाति और भर्ती भर्ती किया जाता है बार बार बार श्वास को निकालना होता है और

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कपालभाति और पश्चाताप एरिया में थोड़ा सा ही अंतर है कपालभाति में स्वास्थ हल्की सुनाई देती है लेकिन 62 गांव में बहुत तेजी से पूरी तरह से स्वस्थ अंदर और बाहर जाती है कपालभाति में थोड़ी ही निकालते हैं जबकि के साथ और कपालभाति में पूरी तरह से आप लगातार कपालभाति को 15 से 20 मिनट कर सकते हैं लेकिन सरकार को आप दो से 5 मिनट ही कर पाएंगे उससे ज्यादा नहीं कर पाएंगे

kapalbhati aur pashchaataap area me thoda sa hi antar hai kapalbhati me swaasth halki sunayi deti hai lekin 62 gaon me bahut teji se puri tarah se swasth andar aur bahar jaati hai kapalbhati me thodi hi nikalate hain jabki ke saath aur kapalbhati me puri tarah se aap lagatar kapalbhati ko 15 se 20 minute kar sakte hain lekin sarkar ko aap do se 5 minute hi kar payenge usse zyada nahi kar payenge

कपालभाति और पश्चाताप एरिया में थोड़ा सा ही अंतर है कपालभाति में स्वास्थ हल्की सुनाई देती ह

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Dr. R. K. Gupta

Yoga & Nature Care Health center

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Rekha Agarwal

Yoga Teacher

2:03
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कपालभाति भस्त्रिका प्राणायाम में जो अंतर है वह मैं आज आपको बताते हैं सबसे पहले हम बात करते हैं कपालभाति प्राणायाम की कपालभाती प्राणायाम जो है वह हमारे मन को रिलेक्स करता है उसके साथ साथ यह हमारे माइंड को स्ट्रांग ही बनाता है कपालभाति प्राणायाम करने से पेट की चर्बी कम होती है साथ ही साथ पेट में जलन होती है उसको भी कम करता है इसके साथ सबसे अच्छी बात यह है कि मैं स्टेशन करने के लिए कपालभाति बहुत ही अच्छा प्राणायाम है कपालभाति हम करते हैं उसके बाद धीरे-धीरे जो हमारा उसमें मन एकाग्र होने लगता है तो हम ध्यान की ओर अग्रसर हो सकते हैं और इसके साथ-साथ बात आती है बस्ते का प्राणायाम की भर्ती के परिणाम के बारे में मैं आपको बताती हूं भस्त्रिका प्राणायाम जो है वह में बहुत ही अधिक तरह से लाभकारी है यह हमारे मन में पढ़ने वाले जितने भी प्रभाव होते हैं उन सभी को कम करता है जैसे कि तनाव है क्रोध है चिंता है इस तरह गुस्सा है इन सभी को कम करता है भक्ति का प्रारंभ करने से हमेशा की कोई भी प्रॉब्लम नहीं होती है गुस्सा बहुत ज्यादा तेज होता है उनका को धीरे-धीरे कम होने लगता है साथ ही साथ स्लेट जितनी भी प्रॉब्लम होती है उन सभी रोगों में भस्त्रिका प्राणायाम बहुत ही जगह लाभकारी होता है और बीपी में भी बहुत ही अधिक लाभकारी है इसके साथ-साथ यह में आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है इस प्रकार कपालभाति भस्त्रिका प्राणायाम में अंतर है जो कि मैंने आपको बताया है धन्यवाद

kapalbhati bhastrika pranayaam me jo antar hai vaah main aaj aapko batatey hain sabse pehle hum baat karte hain kapalbhati pranayaam ki kapalbhati pranayaam jo hai vaah hamare man ko rileks karta hai uske saath saath yah hamare mind ko strong hi banata hai kapalbhati pranayaam karne se pet ki charbi kam hoti hai saath hi saath pet me jalan hoti hai usko bhi kam karta hai iske saath sabse achi baat yah hai ki main station karne ke liye kapalbhati bahut hi accha pranayaam hai kapalbhati hum karte hain uske baad dhire dhire jo hamara usme man ekagra hone lagta hai toh hum dhyan ki aur agrasar ho sakte hain aur iske saath saath baat aati hai baste ka pranayaam ki bharti ke parinam ke bare me main aapko batati hoon bhastrika pranayaam jo hai vaah me bahut hi adhik tarah se labhakari hai yah hamare man me padhne waale jitne bhi prabhav hote hain un sabhi ko kam karta hai jaise ki tanaav hai krodh hai chinta hai is tarah gussa hai in sabhi ko kam karta hai bhakti ka prarambh karne se hamesha ki koi bhi problem nahi hoti hai gussa bahut zyada tez hota hai unka ko dhire dhire kam hone lagta hai saath hi saath slate jitni bhi problem hoti hai un sabhi rogo me bhastrika pranayaam bahut hi jagah labhakari hota hai aur BP me bhi bahut hi adhik labhakari hai iske saath saath yah me aadhyatmik shanti pradan karta hai is prakar kapalbhati bhastrika pranayaam me antar hai jo ki maine aapko bataya hai dhanyavad

कपालभाति भस्त्रिका प्राणायाम में जो अंतर है वह मैं आज आपको बताते हैं सबसे पहले हम बात करते

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Vijay Sharma

Yoga Trainer (P.G.D.Y.)

4:58
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले कपालभाति का मतलब चाहिए कपालभाति का मतलब इसका मतलब होता है उस दिन का छुट्टी का एप्लीकेशन करना कपालभाति होता है उन सब चीजों को भस्म कर देती है जो ट्रक से साथी शरीर में और दिमाग में माइंड में जमा हो जाते हैं यह बहुत पावरफुल होती है बच्चे कहा जाता है हाथी धोखा देती है मोटापे को बहुत तेज गति से कम करती है यह कपालभाति का कमाल मतलब कि 200 बीमारियां ठीक हो जाती है ऐसी पत्रिका करने से तमाम जो डिपार्टमेंट ीज है जो आपकी बॉडी पार्ट्स जेंट्स में जमा हो गई है उनको मतलब जला के लोकगीत रानी जिसके अंदर जो ब्लॉक और हड्डियों में बम कैविटीज में कहां पर खत्म हो जाएगी इसलिए आप सच नजर आएंगे दोनों प्राणी अत्यंत आवश्यक है कपालभाती से तमाम विभागीय शुरू होती है जैसे एसबीपी है गली की प्रॉब्लम है थायराइड की समस्या है कम या भर्ती उसको लेने बड़ा होता है और क्लस्टर लेवल कंट्रोल करता है गुड कोलेस्ट्रॉल क्यों बना के रखना है डेट कोलेस्ट्रोल को कम रखना है क्योंकि जाट को चंदर जाने से उसकी वजह है अनब्लॉक भी ब्लॉक हो जाती है और जो एंजाइना की शिकायत हो जाती है या कल लंच मजबूत होते हैं झारखंड में होता है और गर्लफ्रेंड के साथ लेकर 1234 नीचे आता है जब कपालभाति उसमें क्या होता है कि टाइगर श्रॉफ संजय दत्त जैकी उनको कहीं जगह नहीं हो पाती है बचने के लिए तो 79 क्वेश्चन अच्छी प्रकार से होंगे तो केमिकल जिसको हम फार्मिंग बोलते हैं अगर नहीं सही हो जाता है भाग निर्देश बैलेंस खत्म हो जाता है नारियल का न्यूज़ दिखाओ जल्दी ठीक होने लगते हैं इसके अलावा गैस की प्रॉब्लम खत्म होती है आत्मा की प्रॉब्लम होती है आपका मुझे अपने आप को कंट्रोल में रखना चाहिए और महिलाओं में कपालभाति करने से इस देश का व्यक्ति कुंडली जागृत साफ होता है और कितने की मिलती है उस दूर होती है लंच मजबूत होते ही हैं ब्रोंकाइटिस वगैरह यह सब तमाम बीमारियां खत्म होती है कसौटी जिंदगी गाना सुनना है सर्दी सर्दी जुकाम खांसी इन सब चीजों में की प्रॉब्लम है यार इंग्लिश में प्रॉब्लम आती है

sabse pehle kapalbhati ka matlab chahiye kapalbhati ka matlab iska matlab hota hai us din ka chhutti ka application karna kapalbhati hota hai un sab chijon ko bhasm kar deti hai jo truck se sathi sharir me aur dimag me mind me jama ho jaate hain yah bahut powerful hoti hai bacche kaha jata hai haathi dhokha deti hai motape ko bahut tez gati se kam karti hai yah kapalbhati ka kamaal matlab ki 200 bimariyan theek ho jaati hai aisi patrika karne se tamaam jo department ij hai jo aapki body parts gents me jama ho gayi hai unko matlab jala ke lokgeet rani jiske andar jo block aur haddiyon me bomb cavities me kaha par khatam ho jayegi isliye aap sach nazar aayenge dono prani atyant aavashyak hai kapalbhati se tamaam vibhagiya shuru hoti hai jaise SBP hai gali ki problem hai thyroid ki samasya hai kam ya bharti usko lene bada hota hai aur Cluster level control karta hai good cholesterol kyon bana ke rakhna hai date cholestrol ko kam rakhna hai kyonki jaat ko Chander jaane se uski wajah hai unblock bhi block ho jaati hai aur jo enjaina ki shikayat ho jaati hai ya kal lunch majboot hote hain jharkhand me hota hai aur girlfriend ke saath lekar 1234 niche aata hai jab kapalbhati usme kya hota hai ki tiger Shroff sanjay dutt Jackie unko kahin jagah nahi ho pati hai bachne ke liye toh 79 question achi prakar se honge toh chemical jisko hum farming bolte hain agar nahi sahi ho jata hai bhag nirdesh balance khatam ho jata hai nariyal ka news dikhaao jaldi theek hone lagte hain iske alava gas ki problem khatam hoti hai aatma ki problem hoti hai aapka mujhe apne aap ko control me rakhna chahiye aur mahilaon me kapalbhati karne se is desh ka vyakti kundali jagrit saaf hota hai aur kitne ki milti hai us dur hoti hai lunch majboot hote hi hain broncaitis vagera yah sab tamaam bimariyan khatam hoti hai kasouti zindagi gaana sunana hai sardi sardi zukam khansi in sab chijon me ki problem hai yaar english me problem aati hai

सबसे पहले कपालभाति का मतलब चाहिए कपालभाति का मतलब इसका मतलब होता है उस दिन का छुट्टी का एप

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Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम में क्या अंतर है इसका उत्तर है भस्त्रिका प्राणायाम पूरा स्वास भरा जाता है फिर पूरे श्वास को बाहर निकाला जाता है फिर पूरे स्वास को भरा जाता है पूरे श्वास को बाहर निकाला जाता है यह श्वसन प्रणाली का व्यायाम है और कपालभाति प्राणायाम के तीव्र गति से नासा द्वारा से श्वास बाहर निकालते हैं अंदर भरते नहीं हैं थोड़ा सा गायब करते हैं गायब देते हैं स्वास अपने आप बढ़ जाती है फिर से बरगद सेनासा द्वार से सांस बाहर निकालते हैं यही क्रिया बार-बार दोहराते हैं जबकि बरगद सेनासा द्वार से सांस बाहर निकालते हैं उसी समय हमारा पेट अंदर जाता है भस्त्रिका प्राणायाम श्वसन प्रणाली को सुदृढ़ बनाता है और कपालभाति प्राणायाम हमारे शरीर के जितने अंग हैं सब को सुदृढ़ बनाता है जितने हमारे पूरे शरीर में जो भी कमियां हैं जो भी छोटी मोटी बीमारी है जो भी असुविधा है सब को दूर करने की क्षमता कपालभाति प्राणायाम को और भस्त्रिका प्राणायाम व केवल श्वसन प्रणाली के लिए फेफड़े के लिए विशेष लाभदायक है यही अंतर है करे योग रहे निरोग

kapalbhati aur bhastrika pranayaam me kya antar hai iska uttar hai bhastrika pranayaam pura swas bhara jata hai phir poore swas ko bahar nikaala jata hai phir poore swas ko bhara jata hai poore swas ko bahar nikaala jata hai yah shwasan pranali ka vyayam hai aur kapalbhati pranayaam ke tivra gati se NASA dwara se swas bahar nikalate hain andar bharte nahi hain thoda sa gayab karte hain gayab dete hain swas apne aap badh jaati hai phir se bargad senasa dwar se saans bahar nikalate hain yahi kriya baar baar dohrate hain jabki bargad senasa dwar se saans bahar nikalate hain usi samay hamara pet andar jata hai bhastrika pranayaam shwasan pranali ko sudridh banata hai aur kapalbhati pranayaam hamare sharir ke jitne ang hain sab ko sudridh banata hai jitne hamare poore sharir me jo bhi kamiyan hain jo bhi choti moti bimari hai jo bhi asuvidha hai sab ko dur karne ki kshamta kapalbhati pranayaam ko aur bhastrika pranayaam va keval shwasan pranali ke liye fefade ke liye vishesh labhdayak hai yahi antar hai kare yog rahe nirog

कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम में क्या अंतर है इसका उत्तर है भस्त्रिका प्राणायाम पूरा स्

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

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आपका क्वेश्चन है बाल भारती और भर्ती का परिणाम में क्या अंतर है तो देखिए कपालभाति पेट से संचालित होने वाले प्रणाम है जिसमें पेट का रोल महत्वपूर्ण है और भारतीय का जो है यह पूरे शरीर यानी कमर से ऊपरी भाग शरीर के अंदर जितने भी इंटरनल ऑर्गन हैं सब भस्त्रिका से प्रभावित होते हैं इसलिए सामान्य तौर पर लोग इसमें कपालभाति और भाई का नाम एक ही है लेकिन ऐसा नहीं है कपालभाति क्रिया दिखती है और भक्ति का हमें पूरे शरीर की क्रिया का अनुभव किया जा सकता है देखा जा सकता है भस्त्रिका हमें पूरे शरीर का अंदरूनी जितने भी एक के अंदर एलिमेंट्स है सब प्रभावित होते हैं भस्त्रिका को योगी भाषा में अमृत की संज्ञा दी गई है कपालभाति सिर्फ और सिर्फ पेट टिकरिया पेट को पतला करने के लिए गैस की समाप्ति के लिए पेट के अंदर कोई रोग हो उसे दूर करने के लिए किया जाता है धन्यवाद

aapka question hai baal bharati aur bharti ka parinam mein kya antar hai toh dekhiye kapalbhati pet se sanchalit hone waale pranam hai jisme pet ka roll mahatvapurna hai aur bharatiya ka jo hai yah poore sharir yani kamar se upari bhag sharir ke andar jitne bhi internal organ hain sab bhastrika se prabhavit hote hain isliye samanya taur par log isme kapalbhati aur bhai ka naam ek hi hai lekin aisa nahi hai kapalbhati kriya dikhti hai aur bhakti ka hamein poore sharir ki kriya ka anubhav kiya ja sakta hai dekha ja sakta hai bhastrika hamein poore sharir ka andaruni jitne bhi ek ke andar elements hai sab prabhavit hote hain bhastrika ko yogi bhasha mein amrit ki sangya di gayi hai kapalbhati sirf aur sirf pet tikriya pet ko patla karne ke liye gas ki samapti ke liye pet ke andar koi rog ho use dur karne ke liye kiya jata hai dhanyavad

आपका क्वेश्चन है बाल भारती और भर्ती का परिणाम में क्या अंतर है तो देखिए कपालभाति पेट से सं

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Ashish Rawat

Yoga Teacher

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हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम आशीष रावल मेरा यूट्यूब चलाने में स्वाध्याय आर यू ग्रुप फ्रेंड सवाल पूछा गया कपालभाति और बस्ती का परिणाम में क्या अंतर है इसका थोड़ा सोच लेता हूं कपालभाति प्राणायाम में सिर्फ हमें एग्जाम साउंड करना होता है इसमें इन्हें साउंड नहीं आता है और बस्ती का प्रणाम में इन्हें और ऑडियो साउंड दोनों होते हैं कपालभाति है बस्ती का परिणाम में सिर्फ यही अंतर है धन्यवाद

hello friends mera naam aashish raval mera youtube chalane mein swaadhyaay R you group friend sawaal poocha gaya kapalbhati aur basti ka parinam mein kya antar hai iska thoda soch leta hoon kapalbhati pranayaam mein sirf hamein exam sound karna hota hai isme inhen sound nahi aata hai aur basti ka pranam mein inhen aur audio sound dono hote hain kapalbhati hai basti ka parinam mein sirf yahi antar hai dhanyavad

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम आशीष रावल मेरा यूट्यूब चलाने में स्वाध्याय आर यू ग्रुप फ्रेंड सवाल

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xyz

nothing

1:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कपालभाति का भक्ति का में मुख्य अंतर यह है कि कपालभाति में सिर्फ सुनने हैं सांस को बाहर छोड़ने पर प्रयास करना चाहिए भोजपुरी हमें सांस को बाहर छोड़ने होता है और सांस लेने का काम हम नहीं करते हैं शरीर अपने आप से लेती है कहने का मतलब यह है फोर्स फुली एग्जिबिशन होता है और जो इनहेलेशन होता है वह कैसे होता है वह नाचूरल बॉडी करती है लेकिन हस्तरेखा में दोनों एक्टिव होते हैं इन्हें लॉरेंस इन दोनों एक्टिव होते हैं उसमें हमें भी फोर्स फुली लेनी होती है और छोड़ने भी फोर्स नहीं होती है समझ को हम फुलफुले देंगे और फौजी छोड़ेंगे और एक अंतरिम हुआ दूसरा अंतर यह है कि कपालभाति में हमने पेट से रोक देना होता पेट से चर्च मारना होता है और नाक से सांस को छोड़ते हैं लेकिन वृश्चिका में हमारा पेड़ का कोई भी अंग उसमें इन्वॉल्व नहीं होता है हम सीने से सांस कॉलेज भरते हैं और सीनियर सहित हंस को छोड़ते हैं यह दूसरा अंतर है धन्यवाद

kapalbhati ka bhakti ka mein mukhya antar yah hai ki kapalbhati mein sirf sunne hain saans ko bahar chodne par prayas karna chahiye bhojpuri hamein saans ko bahar chodne hota hai aur saans lene ka kaam hum nahi karte hain sharir apne aap se leti hai kehne ka matlab yah hai force fully exhibition hota hai aur jo inaheleshan hota hai vaah kaise hota hai vaah nachural body karti hai lekin hastarekha mein dono active hote hain inhen laurence in dono active hote hain usme hamein bhi force fully leni hoti hai aur chodne bhi force nahi hoti hai samajh ko hum fulfule denge aur fauji chodenge aur ek antarim hua doosra antar yah hai ki kapalbhati mein humne pet se rok dena hota pet se church marna hota hai aur nak se saans ko chodte hain lekin vrishchika mein hamara ped ka koi bhi ang usme involve nahi hota hai hum seene se saans college bharte hain aur senior sahit hans ko chodte hain yah doosra antar hai dhanyavad

कपालभाति का भक्ति का में मुख्य अंतर यह है कि कपालभाति में सिर्फ सुनने हैं सांस को बाहर छोड

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हरि ओम नमस्कार नारायण नारायण कपालभाति और भक्ति का पढ़ाया में क्या अंतर है दिखी कपालभाति कपाल माने होता है सिर्फ और भारत में बेटियां लुहार की भाभी से मतलब समझ लीजिए कपालभाति में सिर्फ सास को छोड़ा जाता है नस का द्वार के द्वारा सांस अपने आप अंदर आ जाता है लेकिन भस्त्रिका प्राणायाम में सांस को लेना और छोड़ना दोनों की आ जाती सांस को लेने की क्रिया को पूरा कहा जाता है तथा सांस को छोड़ने की क्रिया को रिचक कहा जाता है इस तरह से कपालभाति और भास्त्रिका प्राणायाम में यही अंतर है कि कपालभाति में सास को छोड़ा जाता है जबकि भक्ति का पढ़ाया में सांस को लेना और शोला दोनों होता

hari om namaskar narayan narayan kapalbhati aur bhakti ka padhaya mein kya antar hai dikhi kapalbhati kapal maane hota hai sirf aur bharat mein betiyan luhar ki bhabhi se matlab samajh lijiye kapalbhati mein sirf saas ko choda jata hai nas ka dwar ke dwara saans apne aap andar aa jata hai lekin bhastrika pranayaam mein saans ko lena aur chhodna dono ki aa jaati saans ko lene ki kriya ko pura kaha jata hai tatha saans ko chodne ki kriya ko richak kaha jata hai is tarah se kapalbhati aur bhastrika pranayaam mein yahi antar hai ki kapalbhati mein saas ko choda jata hai jabki bhakti ka padhaya mein saans ko lena aur shola dono hota

हरि ओम नमस्कार नारायण नारायण कपालभाति और भक्ति का पढ़ाया में क्या अंतर है दिखी कपालभाति कप

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Yogacharya Bindu Rani

Yoga Instructor Yog Teacher Yogacharya=yogdham Yog Center In Meerut, 19 Years Experience,yoga Classes At Home Yoga, Mediation Classes, Aerobic Classes ,yoga Classes For Ladies, Power Yoga Classes, Pilates Yoga Classes, Yoga Classes For Children's, Yoga Classes For Pregnant Women, आयुर्वेदाचार्य, नैचुरोपैथी

1:20
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जितने भी युवा चारों ने प्रणाम की क्रियाओं की स्थिति बताई है उनमें हर प्रणाम में अलग-अलग परिवर्तन है सांसों के अलग-अलग स्थितियां हैं जैसे कपालभाति प्राणायाम में एक लंबा गहरा सांस भरते हुए कंधे क्यों बंद करते हैं और चाचू कुंदन भाई क्यों छोड़ते हैं लगातार लंबे के साथ लेते हुए डांस करते हुए जनता सांसो को छोड़ते हुए कपालभाति का अभ्यास किया जाता है मेरुदंड को सीधा रखकर सिद्धार्थन पर बैठकर उनको घर छोड़ा जाता है पेट कौन से क्यों बनती की जाते खींचा जाता है पेट को धक्का दिया जाता है और भर्ती का परिणाम दे लंबे कैसे सांसों को दिया जाता है और अंग्रेज़ों को छोड़ा जाता है दो और एक कैंपस में सांसो को दिया जाता है भर्ती का परिणाम में लंबी के साथ देना और रूप में स्विच ऑन ना प्यार से बस्ती का परिणाम का बस्ती का परिणाम को बहुत ही शहर में असहज स्थिति में किया जाता है और कपालभाति प्राणायाम को मेहता के साथ क्या जाता है हाई ब्लड प्रेशर पेशेंट को कपालभाति का प्यार नहीं करना होता है

jitne bhi yuva charo ne pranam ki kriyaon ki sthiti batai hai unmen har pranam mein alag alag parivartan hai shanson ke alag alag sthitiyan hain jaise kapalbhati pranayaam mein ek lamba gehra saans bharte hue kandhe kyon band karte hain aur chachu kundan bhai kyon chodte hain lagatar lambe ke saath lete hue dance karte hue janta saanso ko chodte hue kapalbhati ka abhyas kiya jata hai merudand ko seedha rakhakar siddharthan par baithkar unko ghar choda jata hai pet kaun se kyon banti ki jaate khicha jata hai pet ko dhakka diya jata hai aur bharti ka parinam de lambe kaise shanson ko diya jata hai aur angrezon ko choda jata hai do aur ek campus mein saanso ko diya jata hai bharti ka parinam mein lambi ke saath dena aur roop mein switch on na pyar se basti ka parinam ka basti ka parinam ko bahut hi shehar mein asahaj sthiti mein kiya jata hai aur kapalbhati pranayaam ko mehta ke saath kya jata hai high blood pressure patient ko kapalbhati ka pyar nahi karna hota hai

जितने भी युवा चारों ने प्रणाम की क्रियाओं की स्थिति बताई है उनमें हर प्रणाम में अलग-अलग पर

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Kumar Ajit

Yoga Trainer (पतंजलि योग समिति योग शिक्षक)

1:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप पूछ रहे हैं कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम में क्या अंतर है तो कपालभाती 61 कर्म की क्रिया है जिसके परिणाम के रूप में ही है लेकिन रियल में इनकी क्रिया है और भस्त्रिका प्राणायाम है वह तो आप जान ही रहे हैं थोड़ी सी शक्कर के बारे में चर्चा कर देते हैं इसकी उपयोगिता से लिया गया है तो सहकर्मी एक सूत्र ने कहा गया है भारतीय व्यक्ति तथा ने $3 की रकम तथा कपालभाति शैतानी सटकर मानी समाचार यानी की धोती वस्ती नेति लव लकी त्राटक और कपालभाति इन 6 कर्मों का आचरण योगी के लिए आवश्यक है कपालभाति अच्छा था

aap puch rahe hain kapalbhati aur bhastrika pranayaam mein kya antar hai toh kapalbhati 61 karm ki kriya hai jiske parinam ke roop mein hi hai lekin real mein inki kriya hai aur bhastrika pranayaam hai vaah toh aap jaan hi rahe hain thodi si shakkar ke bare mein charcha kar dete hain iski upayogita se liya gaya hai toh sahakarmi ek sutra ne kaha gaya hai bharatiya vyakti tatha ne 3 ki rakam tatha kapalbhati shaitani satkar maani samachar yani ki dhoti vasti neti love lucky tratak aur kapalbhati in 6 karmon ka aacharan yogi ke liye aavashyak hai kapalbhati accha tha

आप पूछ रहे हैं कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम में क्या अंतर है तो कपालभाती 61 कर्म की क्

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कपालभाति भर्ती का नहीं होता है भैया भस्त्रिका होता है पालिका में लेते हैं बदरिया लंबा और पूरी तरह से सांस छोड़ते हैं उसमें भी आपको दूसरे दिन सेकंड लगते हैं अर्थात जितना देर हंस लेते हैं उतना ही देर सांस छोड़ते हैं जबकि कपालभाति में हम स्वास्थ्य लेते हैं एकदम आराम से सहजता पूर्वक स्वाभाविक रूप से लेकिन छोड़ते हैं सिर्फ के साथ छोड़ते हैं जब सबको पता लगता है लेकिन अब लेते हैं तो हमको भी पता नहीं लगता है ऐसे समझ लीजिए तो उसे हम कपालभाति करते हैं दोनों बहुत बड़ा

kapalbhati bharti ka nahi hota hai bhaiya bhastrika hota hai palika mein lete hain badriya lamba aur puri tarah se saans chodte hain usme bhi aapko dusre din second lagte hain arthat jitna der hans lete hain utana hi der saans chodte hain jabki kapalbhati mein hum swasthya lete hain ekdam aaram se sahajata purvak swabhavik roop se lekin chodte hain sirf ke saath chodte hain jab sabko pata lagta hai lekin ab lete hain toh hamko bhi pata nahi lagta hai aise samajh lijiye toh use hum kapalbhati karte hain dono bahut bada

कपालभाति भर्ती का नहीं होता है भैया भस्त्रिका होता है पालिका में लेते हैं बदरिया लंबा और प

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Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

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यह बहुत ही अच्छा प्रश्न है कि कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम में क्या अंतर है तो सबसे पहले आप यह जान लीजिए कपालभाति क्रिया है और जो कि सेट किया है उसमें कपालभाती एक क्रिया है और भस्त्रिका जो है वह एक प्राणायाम है तो सबसे पहले इन दोनों में जो मूल अंतर है वह यह है कि कपालभाति क्रिया है और वस्त्र का जो है वह प्राणायाम की श्रेणी में आता है क्योंकि दोनों श्वसन की क्रिया होती है सोशल सांस से संबंधित होती है इसीलिए लोग प्राणायाम भी मान लेते हैं कपालभाति को तो उसके करने में भी थोड़ा सा अंतर रहता है कपालभाति योग क्रिया होती है उसमें हमें केवल अफजल करना होता है केवल झटके के साथ सांस को बाहर निकालना होता है हमें सांस लेने का अंदर कोई प्रयत्न नहीं करना चाहिए स्वता ही स्वास्थ्य अंदर आ जाती है सिर्फ एक जेल करते हैं बाहर निकालते हैं और जब के भस्त्रिका प्राणायाम में लंबी गहरी सांस खींचते हैं और लंबी गहरी श्वास छोड़ते हैं एनी फोर्सफुली इन्हें और फोर्सफुली एक्जेलका प्रणब होता है उम्मीद है कि आपको मैं दोनों में अंतर ठीक से समझा पाया हूंगा धन्यवाद

yah bahut hi accha prashna hai ki kapalbhati aur bhastrika pranayaam mein kya antar hai toh sabse pehle aap yah jaan lijiye kapalbhati kriya hai aur jo ki set kiya hai usme kapalbhati ek kriya hai aur bhastrika jo hai vaah ek pranayaam hai toh sabse pehle in dono mein jo mul antar hai vaah yah hai ki kapalbhati kriya hai aur vastra ka jo hai vaah pranayaam ki shreni mein aata hai kyonki dono shwasan ki kriya hoti hai social saans se sambandhit hoti hai isliye log pranayaam bhi maan lete hain kapalbhati ko toh uske karne mein bhi thoda sa antar rehta hai kapalbhati yog kriya hoti hai usme hamein keval afzal karna hota hai keval jhatake ke saath saans ko bahar nikalna hota hai hamein saans lene ka andar koi prayatn nahi karna chahiye swata hi swasthya andar aa jaati hai sirf ek jail karte hain bahar nikalate hain aur jab ke bhastrika pranayaam mein lambi gehri saans khichte hain aur lambi gehri swas chodte hain any forcefully inhen aur forcefully ekjelaka pranab hota hai ummid hai ki aapko main dono mein antar theek se samjha paya hunga dhanyavad

यह बहुत ही अच्छा प्रश्न है कि कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम में क्या अंतर है तो सबसे पहल

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Pankaj Sharma

Yoga Instructor

1:34

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भारती जवाब करते हैं तो पेट में उत्तर देते हैं जिससे कि आपकी माता को सीमा से आह निकलती है और बता मैं आपको नाप लेते हैं और 19 की तरह कमेंट करते हैं अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए ममता से बाहर कैसे निकालते हैं हालांकि पहली की चमक लाता है आपकी बॉडी को बैलेंस करता है आपके मंडल विद्यालय के हो जाते हैं तो बैलेंस पड़ता है यानी कपाल भारती कई सारे रोगों को दूर करता आपके विद्यालय में लगता करता है आपकी जलने लगता करता है शरीर में गया तू यह वादा रहा का वीडियो पताल भैरवी करेंगे तो आप तो बड़े हो जाएगा आपका

bharati jawab karte hain toh pet mein uttar dete hain jisse ki aapki mata ko seema se aah nikalti hai aur bata main aapko naap lete hain aur 19 ki tarah comment karte hain apni report pesh karte hue mamata se bahar kaise nikalate hain halaki pehli ki chamak lata hai aapki body ko balance karta hai aapke mandal vidyalaya ke ho jaate hain toh balance padta hai yani kapal bharati kai saare rogo ko dur karta aapke vidyalaya mein lagta karta hai aapki jalne lagta karta hai sharir mein gaya tu yah vada raha ka video patal bhairavi karenge toh aap toh bade ho jaega aapka

भारती जवाब करते हैं तो पेट में उत्तर देते हैं जिससे कि आपकी माता को सीमा से आह निकलती है औ

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

1:26
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कपालभाति गागरिया और बसिया बनाम जो तूने हमारे धर्म से संबंधित दोनों बहुत ही अच्छे बनेंगे हमारे चंदन की मजबूती के लिए बाहर निकालने में पेश करना होता है कि जितनी भी शरीर की साइड है हमारा क्या ऐसे क्या होता है कि हमारा जीवनी कव्वाली बहुत सॉन्ग है बस श्याम की बात करें तो इसमें क्या होता है हमें पंप की तरह आपने जो फेफड़े हैं और जल्द है उस पर प्रेशर डालना पड़ता है जिससे कि पूरी अक्षर अंदर जाए और पूरी गडर महाराज जी का प्रोग्राम है प्रणब करने की जीवन रेखा मिलेगा और योग के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट ww.com पर संपर्क कर सकते हैं जा रहे हैं तो आप हमारे योग केंद्र फिटिंग सेंटर के निर्माण विहार में पार्क में जंगल

kapalbhati gagriya aur basia banam jo tune hamare dharm se sambandhit dono bahut hi acche banenge hamare chandan ki majbuti ke liye bahar nikalne mein pesh karna hota hai ki jitni bhi sharir ki side hai hamara kya aise kya hota hai ki hamara jeevni qawwali bahut song hai bus shyam ki baat kare toh isme kya hota hai hamein pump ki tarah aapne jo fefade hain aur jald hai us par pressure dalna padta hai jisse ki puri akshar andar jaaye aur puri gadar maharaj ji ka program hai pranab karne ki jeevan rekha milega aur yog ke bare mein adhik jaankari ke liye aap hamari website ww com par sampark kar sakte hain ja rahe hain toh aap hamare yog kendra fitting center ke nirmaan vihar mein park mein jungle

कपालभाति गागरिया और बसिया बनाम जो तूने हमारे धर्म से संबंधित दोनों बहुत ही अच्छे बनेंगे हम

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