सूर्य नमस्कार का उद्देश्य क्या है?...


play
user

Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

1:24

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कि सूर्य नमस्कार के क्या उद्देश्य हैं तो देखिए सूर्य नमस्कार जो है वह एक योगाभ्यास है और सूर्य नमस्कार योग और एक्सरसाइज के बीच की कड़ी माना जाता है जब हम योगाभ्यास करते हैं युवक आरंभ करते हैं तो सबसे पहले हमको कुछ वशीकरण व्यायाम करने होते हैं प्रश्न अभ्यास करने होते हैं तत्पश्चात हम लोग युवा संघ के लिए हमारी बॉडी हमारी मसल्स तैयार होती हैं तो हम योगासन लगा सकते हैं वगैरा करते हैं तो यह सब करने के बाद सब जो है सूर्य नमस्कार का अभ्यास करना चाहिए और सूर्य नमस्कार करने के बाद योगासन करना चाहिए तो सूर्य नमस्कार जो है वह एक्सरसाइज की सैलरी में भी रख सकते हैं योगासन की श्रेणी में भी कहा जाता है यह दोनों के मध्य है दोनों के बीच की कड़ी है अगर आप फास्ट करते हैं तो लेता है और अगर आप इसको स्लो प्रसिद्ध से करते हैं तो यह योगासन में करता करता है और इसका कंप्लीट योगाभ्यास अगर आप समय के अभाव में कम समय है अगर आपके पास तो कोई भी अक्षर करना चाहते हैं कोई भी आप योगा करना चाहते हैं तो सूर्य नमस्कार जो है वह सबसे बेस्ट होता है इसके बाद आप बाकी योगासन मदद कर सकती हैं

aapka prashna hai ki surya namaskar ke kya uddeshya hain toh dekhiye surya namaskar jo hai vaah ek yogabhayas hai aur surya namaskar yog aur exercise ke beech ki kadi mana jata hai jab hum yogabhayas karte hain yuvak aarambh karte hain toh sabse pehle hamko kuch vashikaran vyayam karne hote hain prashna abhyas karne hote hain tatpashchat hum log yuva sangh ke liye hamari body hamari muscles taiyar hoti hain toh hum yogasan laga sakte hain vagera karte hain toh yah sab karne ke baad sab jo hai surya namaskar ka abhyas karna chahiye aur surya namaskar karne ke baad yogasan karna chahiye toh surya namaskar jo hai vaah exercise ki salary mein bhi rakh sakte hain yogasan ki shreni mein bhi kaha jata hai yah dono ke madhya hai dono ke beech ki kadi hai agar aap fast karte hain toh leta hai aur agar aap isko slow prasiddh se karte hain toh yah yogasan mein karta karta hai aur iska complete yogabhayas agar aap samay ke abhaav mein kam samay hai agar aapke paas toh koi bhi akshar karna chahte hain koi bhi aap yoga karna chahte hain toh surya namaskar jo hai vaah sabse best hota hai iske baad aap baki yogasan madad kar sakti hain

आपका प्रश्न है कि सूर्य नमस्कार के क्या उद्देश्य हैं तो देखिए सूर्य नमस्कार जो है वह एक यो

Romanized Version
Likes  130  Dislikes    views  1867
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

1:04
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सूर्य नमस्कार एक ऐसा अभ्यास से युग में जो कि पूर्ण अभ्यास कहा जाता है इसका उद्देश्य है अपने पूरे शारीरिक जितने भी सिस्टम हैं चाहो सर्कुलेटरी सिस्टम है डाइजेस्टिव सिस्टम है हमारा नर्वस सिस्टम है स्केलेटल सिस्टम में पूरे सिस्टम को सही बनाने में सूर्य नमस्कार का बहुत बड़ा रोल है हमने सिस्टम को तो सबसे ज्यादा बेहतर बनाता है तो सूर्य नमस्कार में सभी तरह के लाभ हैं किसी भी तरह का नुकसान नहीं है अगर व्यक्ति स्वस्थ एवं सूर्य नमस्कार का अभ्यास करता है रेगुलर सिटी के साथ तो उसे हजारों लाभ उसके मिलेंगे जिनको हाई ब्लड प्रेशर है बहुत ज्यादा हाई ब्लड प्रेशर है बैक पेन इन स्पेन साइटिका है पीरियड के दिनों में महिलाएं हैं उनको सूर्य नमस्कार का अभ्यास नहीं करना चाहिए हाथ पेशेंट को भी नहीं करना है प्रेगनेंसी में नहीं करा जाता है कुछ कंडीशन छोड़कर सभी लोग इस अभ्यास कर सकते हैं

surya namaskar ek aisa abhyas se yug mein jo ki purn abhyas kaha jata hai iska uddeshya hai apne poore sharirik jitne bhi system hain chaho sarkuletri system hai digestive system hai hamara nervous system hai skeletal system mein poore system ko sahi banane mein surya namaskar ka bahut bada roll hai humne system ko toh sabse zyada behtar banata hai toh surya namaskar mein sabhi tarah ke labh hain kisi bhi tarah ka nuksan nahi hai agar vyakti swasthya evam surya namaskar ka abhyas karta hai regular city ke saath toh use hazaro labh uske milenge jinako high blood pressure hai bahut zyada high blood pressure hai back pen in Spain sciatica hai period ke dino mein mahilaye hain unko surya namaskar ka abhyas nahi karna chahiye hath patient ko bhi nahi karna hai pregnancy mein nahi kara jata hai kuch condition chhodkar sabhi log is abhyas kar sakte hain

सूर्य नमस्कार एक ऐसा अभ्यास से युग में जो कि पूर्ण अभ्यास कहा जाता है इसका उद्देश्य है अपन

Romanized Version
Likes  168  Dislikes    views  2098
WhatsApp_icon
user

Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

1:53
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आंखों का क्वेश्चन है सूर्य नमस्कार का उद्देश्य क्या है तो मैं यह बता देना चाहता हूं यह की भाषा से और उसके बाद में फौजी के माध्यम से बताना चाहूंगा तो सूर्य नमस्कार का उद्देश्य ही है वह शारीरिक साइट को कम करना बहुत ही मोटा व्यक्ति हो 30 मिनट भी हो जल्द से जल्द उसका वजन कम करने के लिए उसका आफ हाइट कम करने के लिए सर जी नमस्कार की क्रियाओं को कराया जाता है या उल्लू करते हैं और दूसरी बात यह है कि इस वर्ष का भाषा में मैं बताना चाहूंगा जिसका सूरज कमजोर हो अगर सूर्योदय के समय जो लाल उनका हवा देता है उस समय सूरज को देखते हुए अगर सूर्य नमस्कार किया जाए उनका मंत्र बोलते हुए और तत्पश्चात अगर उनको जल भी अर्पित किया जाए मरने के बाद तो कुंडली के मुताबिक सूर्य मजबूत हो जाता है क्योंकि प्रत्येक आसन में आशंका सूर्य आसन के साथ-साथ सूरज का एक मंत्र जुड़ा हुआ है जिसको बोलते हो कुछ आसन को किया जाता है यह शारीरिक और मानसिक तौर पर और एस्ट्रोलॉजिकल तौर पर सर जी नमस्कार बहुत ही महत्वपूर्ण योग है धन्यवाद

aakhon ka question hai surya namaskar ka uddeshya kya hai toh main yah bata dena chahta hoon yah ki bhasha se aur uske baad mein fauji ke madhyam se bataana chahunga toh surya namaskar ka uddeshya hi hai vaah sharirik site ko kam karna bahut hi mota vyakti ho 30 minute bhi ho jald se jald uska wajan kam karne ke liye uska of height kam karne ke liye sir ji namaskar ki kriyaon ko karaya jata hai ya ullu karte hain aur dusri baat yah hai ki is varsh ka bhasha mein main bataana chahunga jiska suraj kamjor ho agar suryoday ke samay jo laal unka hawa deta hai us samay suraj ko dekhte hue agar surya namaskar kiya jaaye unka mantra bolte hue aur tatpashchat agar unko jal bhi arpit kiya jaaye marne ke baad toh kundali ke mutabik surya majboot ho jata hai kyonki pratyek aasan mein ashanka surya aasan ke saath saath suraj ka ek mantra juda hua hai jisko bolte ho kuch aasan ko kiya jata hai yah sharirik aur mansik taur par aur estrolajikal taur par sir ji namaskar bahut hi mahatvapurna yog hai dhanyavad

आंखों का क्वेश्चन है सूर्य नमस्कार का उद्देश्य क्या है तो मैं यह बता देना चाहता हूं यह की

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  1053
WhatsApp_icon
qIcon
ask

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!