मुझे अपने अभ्यास में योग को कैसे अनुक्रमित करना चाहिए?...


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Ashish Lavania

Yoga Trainer

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ऐसे और सवाल
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार सबसे पहले आप अपनी प्राणायाम पर ध्यान दें अपना जो बिल्डिंग प्रोसेस है उसको आप ध्यान से करें और सांसो को ठीक से लेना छोड़ना सांस लेने में पेट बाहर आना चाहिए सांस छोड़ने में पेट अंदर जाना चाहिए उसके बाद क्योंकि प्राणायाम और राशन को बंद और मुद्रा को जोड़कर हम आपको बता रहे हैं उसके बाद सबसे पहले आप पीठ के बल लेट जाने वाले आसन करें फिर आप पेट के बल लेट जाने वाले आसन करें फिर आप बैठने वाले आसन करें और उसके बाद आप खड़े होकर आसन करें लेकिन अगर आपको योगाभ्यास की तैयारी करनी है बिल्कुल ही शुरुआत करनी है तो आप धीरे-धीरे वज्रासन से शुरू करना बेहतर होगा वज्रासन में बैठना शुरू करें और शुक्रिया करें उसमें आप पद्मासन में भी बैठ सकते हैं उसके बाद दाएं और झुकने का और बाकी और झुकने का आसन करें और पश्चिमोत्तानासन वज्रासन सर्वांगासन और मत्स्यासन यह एक दूसरे के क्रम में आपको करनी चाहिए क्योंकि यह एक दूसरे के पूरक है पश्चिमोत्तानासन सुप्त वज्रासन सर्वांगासन मत्स्यासन हलासन और धनुरासन यह सब एक दूसरे के पूरक हैं और अंत में आप शवासन जरूर करें आपको जरूर लाभ हो धन्यवाद

namaskar sabse pehle aap apni pranayaam par dhyan de apna jo building process hai usko aap dhyan se kare aur saanso ko theek se lena chhodna saans lene me pet bahar aana chahiye saans chodne me pet andar jana chahiye uske baad kyonki pranayaam aur raashan ko band aur mudra ko jodkar hum aapko bata rahe hain uske baad sabse pehle aap peeth ke bal late jaane waale aasan kare phir aap pet ke bal late jaane waale aasan kare phir aap baithne waale aasan kare aur uske baad aap khade hokar aasan kare lekin agar aapko yogabhayas ki taiyari karni hai bilkul hi shuruat karni hai toh aap dhire dhire vajrasan se shuru karna behtar hoga vajrasan me baithana shuru kare aur shukriya kare usme aap padmasana me bhi baith sakte hain uske baad dayen aur jhukane ka aur baki aur jhukane ka aasan kare aur pashchimottanasan vajrasan sarvangasan aur matsyasan yah ek dusre ke kram me aapko karni chahiye kyonki yah ek dusre ke purak hai pashchimottanasan supt vajrasan sarvangasan matsyasan halasan aur dhanurasan yah sab ek dusre ke purak hain aur ant me aap shavasan zaroor kare aapko zaroor labh ho dhanyavad

नमस्कार सबसे पहले आप अपनी प्राणायाम पर ध्यान दें अपना जो बिल्डिंग प्रोसेस है उसको आप ध्यान

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Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

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Radha Mohan

Yoga & Naturopathy Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों ने मुझे अपने अभ्यास में योग को कैसे अंकुरित करना चाहिए दोस्तों के अधिकाधिक लाभ प्राप्त करने के लिए सही निश्चित क्रम में स्वागत किया जाना आवश्यक है अब प्रारंभ सुख में योगी क्रियाओं से करें जिनके द्वारा आपका पूरा शरीर शुभारंभ हो सके इसके बाद आपको आसनों का अभ्यास करें आसनों का अभ्यास करने के बाद प्राणायाम का अभ्यास करें और प्राणायाम का अभ्यास के बाद अपना रिलेशन का अभ्यास करें स्टेशन के पास करने के बाद सबसे आखिर में अनशन करेंगे वाचन करते हैं उसका पूरा माइंड और शरीर रिलैक्स हो जाता है और जब ऐसा होता है तो आपके मस्तिष्क में काफी सुखद अनुभूति का अहसास होता है हमारा पूरा स्ट्रेस शरीर से और माइंड से दूर हो जाता है दोस्तों यह एक क्रम है इसके अलावा यदि हम बात करें हठयोग के अनुसार तो इसमें कुछ शुद्ध क्रियाओं का भी विधान किया गया है और शुद्ध क्रियाओं का अभ्यास में तभी करना जब हमें शरीर के अंदर से शुद्धि करनी आवश्यक को इनका अभ्यास आपको हर 6 महीने में कर सकते हैं या फिर 6 महीने से पहले जिसका व्यास किया जा सकता है परंतु नियमित रूप से दिल्ली इनका अभ्यास नहीं किया जाता है वैसे उस शुद्धि क्रिया है जैसा आप तो धोती का अभ्यास कर सकते हैं दंड धोती है वस्तुत होती है इसके बाद में आप कुंजल क्रिया का अभ्यास कर सकते हैं इसके द्वारा आपके स्टमक बीच की दूरी से किस दिन होता है इसके बाद आप तो जलने दे का अभ्यास कर सकते हैं जिसके द्वारा पूरा जून ऑस्ट्रेलिया है वह क्लियर होता है इसके अलावा पर कपालभाति क्रिया का अभ्यास कर सकते हैं इस प्रकार आपकी जो मस्तिष्क की शुद्धि वह होती है तो यह जितने भी क्रियाएं हैं सब का अभ्यास सबसे पहले किया जाना आवश्यक है ताकि हमारे शरीर की जब शादी हो जाती है तो फिर उसके बाद में चाहे हम आसन करें या फिर प्राणायाम करें फिर मेडिटेशन करें यह शाहरुख का फायदा हमें बहुत ही अच्छे तरीके से मिलने लग जाता है धन्यवाद

namaskar doston ne mujhe apne abhyas me yog ko kaise ankurit karna chahiye doston ke adhikadhik labh prapt karne ke liye sahi nishchit kram me swaagat kiya jana aavashyak hai ab prarambh sukh me yogi kriyaon se kare jinke dwara aapka pura sharir shubharambh ho sake iske baad aapko aasanon ka abhyas kare aasanon ka abhyas karne ke baad pranayaam ka abhyas kare aur pranayaam ka abhyas ke baad apna relation ka abhyas kare station ke paas karne ke baad sabse aakhir me anshan karenge vachan karte hain uska pura mind aur sharir relax ho jata hai aur jab aisa hota hai toh aapke mastishk me kaafi sukhad anubhuti ka ehsaas hota hai hamara pura stress sharir se aur mind se dur ho jata hai doston yah ek kram hai iske alava yadi hum baat kare hathyog ke anusaar toh isme kuch shudh kriyaon ka bhi vidhan kiya gaya hai aur shudh kriyaon ka abhyas me tabhi karna jab hamein sharir ke andar se shudhi karni aavashyak ko inka abhyas aapko har 6 mahine me kar sakte hain ya phir 6 mahine se pehle jiska vyas kiya ja sakta hai parantu niyamit roop se delhi inka abhyas nahi kiya jata hai waise us shudhi kriya hai jaisa aap toh dhoti ka abhyas kar sakte hain dand dhoti hai vastut hoti hai iske baad me aap kunjal kriya ka abhyas kar sakte hain iske dwara aapke stomach beech ki doori se kis din hota hai iske baad aap toh jalne de ka abhyas kar sakte hain jiske dwara pura june austrailia hai vaah clear hota hai iske alava par kapalbhati kriya ka abhyas kar sakte hain is prakar aapki jo mastishk ki shudhi vaah hoti hai toh yah jitne bhi kriyaen hain sab ka abhyas sabse pehle kiya jana aavashyak hai taki hamare sharir ki jab shaadi ho jaati hai toh phir uske baad me chahen hum aasan kare ya phir pranayaam kare phir meditation kare yah shahrukh ka fayda hamein bahut hi acche tarike se milne lag jata hai dhanyavad

नमस्कार दोस्तों ने मुझे अपने अभ्यास में योग को कैसे अंकुरित करना चाहिए दोस्तों के अधिकाधिक

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Yogacharya Aaditya

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप योगाभ्यास शुरू करते हैं तो जिसमें आप शुरू कर रहे हैं उस समय आपका शरीर बिल्कुल शांत है तो आपको सूक्ष्म व्यायाम से छोटे-छोटे व्यायाम से छोटे-छोटे मोमेंट से शरीर को हिलाना डुलाना उसका योगाभ्यास का प्रारंभ करना चाहिए और उसके बाद धीरे-धीरे अभ्यास को और कठिन और कठिन बनाते जाना चाहिए और जितना आप सामर्थ रखते हैं उस से एक कदम आगे तक जाकर के आपको योगाभ्यास करना चाहिए और धीरे-धीरे जैसे हम शुरुआत करते हैं तो बैठ कर के फिर बैठ करके कंप्लीट हुआ तो खड़े होकर के उस वह भी कंप्लीट हुआ तो थोड़ा और ठप सूर्य नमस्कार और जब वह भी कंप्लीट हो जाता है तो पेट के बल लेट कर के फिर पीठ के बल लेट करके इस तरह से हमें आसनों का अभ्यास करना है और अंत में फिर प्राणायाम करते हुए जो ऑक्सीजन की डिमांड हमारे शरीर में आसन करने से पैदा हुई है उसकी सप्लाई हम प्राणायाम के माध्यम से करते हैं और प्रणब के माध्यम से सप्लाई देने के बाद हमारा शरीर पुनः शांत और स्वस्थ फील करता है ऊर्जावान किन करता है तो आपको अपना अभ्यासक्रम इसी तरह से रखना चाहिए

aap yogabhayas shuru karte hain toh jisme aap shuru kar rahe hain us samay aapka sharir bilkul shaant hai toh aapko sukshm vyayam se chote chhote vyayam se chote chhote moment se sharir ko hilana dulana uska yogabhayas ka prarambh karna chahiye aur uske baad dhire dhire abhyas ko aur kathin aur kathin banate jana chahiye aur jitna aap samarth rakhte hain us se ek kadam aage tak jaakar ke aapko yogabhayas karna chahiye aur dhire dhire jaise hum shuruat karte hain toh baith kar ke phir baith karke complete hua toh khade hokar ke us vaah bhi complete hua toh thoda aur thap surya namaskar aur jab vaah bhi complete ho jata hai toh pet ke bal late kar ke phir peeth ke bal late karke is tarah se hamein aasanon ka abhyas karna hai aur ant mein phir pranayaam karte hue jo oxygen ki demand hamare sharir mein aasan karne se paida hui hai uski supply hum pranayaam ke madhyam se karte hain aur pranab ke madhyam se supply dene ke baad hamara sharir punh shaant aur swasthya feel karta hai urjavan kin karta hai toh aapko apna abhyasakram isi tarah se rakhna chahiye

आप योगाभ्यास शुरू करते हैं तो जिसमें आप शुरू कर रहे हैं उस समय आपका शरीर बिल्कुल शांत है त

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Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कि मुझे अपने अभ्यास में योग को कैसे अनकमिट करना चाहिए जी हां यह बहुत ही अच्छा प्रश्न आपने किया है योगाभ्यास में जो है योग को अनुकरण करके ही करना चाहिए इस तुमसे ही करना चाहिए जब भी हम योगाभ्यास स्टार्ट करते हैं तो सर्वप्रथम हमको जो है बॉडी वार्मर के लिए लचीला बनाने के लिए उन से स्टार्ट करना चाहिए सूक्ष्म व्यायाम करने चाहिए चटनी करण व्यायाम करने चाहिए स्वसन अभ्यास करने चाहिए तत्पश्चात हमको जो है बर्मा के लिए शिथिलीकरण व्यायाम और तत्पश्चात योगासन का व्यास तत्पश्चात हमको जो है प्राणायाम का अभ्यास और इसके बाद मेडिटेशन करना चाहिए एक सामान्य व्यक्ति के लिए यह योग का क्लास कंप्लीट रहता है

aapka prashna hai ki mujhe apne abhyas mein yog ko kaise anakamit karna chahiye ji haan yah bahut hi accha prashna aapne kiya hai yogabhayas mein jo hai yog ko anukaran karke hi karna chahiye is tumse hi karna chahiye jab bhi hum yogabhayas start karte hain toh sarvapratham hamko jo hai body warmer ke liye lachila banane ke liye un se start karna chahiye sukshm vyayam karne chahiye chatni karan vyayam karne chahiye svasan abhyas karne chahiye tatpashchat hamko jo hai burma ke liye shithilikaran vyayam aur tatpashchat yogasan ka vyas tatpashchat hamko jo hai pranayaam ka abhyas aur iske baad meditation karna chahiye ek samanya vyakti ke liye yah yog ka class complete rehta hai

आपका प्रश्न है कि मुझे अपने अभ्यास में योग को कैसे अनकमिट करना चाहिए जी हां यह बहुत ही अच्

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Dharminder Kumar

Yoga Trainer

3:34
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपको योगाभ्यास अनुग्रहित करने के लिए पहले सुखासन में बैठकर अगर पद्मासन लगा सकते तो पद्मासन गए नहीं तो सुखासन में बैठ जाए सिंपल चौक पालथी मारकर कमर को सीधा रखें इसमें डीप ब्रीथिंग से स्टार्ट करें 10 वर्ड मीनिंग करें हंगरी लंबे स्वास्थ्य और छोड़े उसके बाद ओम शब्द का उच्चारण करें तीन बार दोनों टांगे छावनी सीधी करके बैठे दोनों पैरों की उंगलियां ऊपर नीचे करें 10:00 पर एक पंजा आगे पीछे करें इसको सूक्ष्म सुन बोलते हैं सूक्ष्म आसन से स्टार्ट करें फिर हाथों पैरों की जो छोटी-छोटी एक्सरसाइज है दोनों पणजी आगे पीछे करने दोनों पलिया को घुमाना बाहर की ओर खोलना फिर पैरों को खोल कर अंदर की और घुमाना दोनों घुटने नहीं चल गाना एक टांग आगे पीछे करना जैसा भी 1010 वारकरी हाथों को सामने की ओर खोलकर कंधों के बराबर हाथों की उंगलियां खोलने बंद करें हाथों को उपर नीचे करें अप्लाई से मोड़कर फिर दोनों हाथों की उंगलियां कोलकाता को घुमाएं मूर्तियां बंद करके कमाए सीधा कमाए उल्टा घुमाएं फिर दोनों हाथों की मुट्ठी बंद करके अपनी ओर खींचे आगे की ओर धकेलने जब अपनी ओर खींचना है तो स्वास भरे जब सामने की ओर धकेलना है तो स्वाद छोड़ें हीटर j60 का चप्पू चलाते हैं दोनों हाथों कैसे घुमाए रानी चलाएं कृपया रोको खोलने चक्की कमाए दोनों हाथ को ग्रुप करके एक रात बाय दया हाथ बाएं पैर को टच करें बाया हाथ दाएं पैर को टच करें फिर दोनों पैरों की तालियां मिलाकर बटरफ्लाई लगाएं यह सभी सूक्ष्म आसन से स्टार्ट करें इसके बाद आप लेट कर करें सीधे पीठ के बल लेट जाएं ताड़ासन करें और कमर को घुमाएं एक टांग के ऊपर दूसरी टांग रखकर घुमाए पैर का अंगूठा नहीं चल गए फिर दाईं टांग को फोल्ड कर कर भाई जान पर रख ले एडी को और गुड उपर नीचे करें घटनाओं पर लाकर अपने पेट पर दुआएं दूसरे हाथ से पकड़ कर इधर बाएं हाथ से प्यार का अंगूठा पकड़ कर रखना है दूसरे हाथ से घुटना पकड़कर पेट पर द्वारा दशहरे से करना 10 व दूसरी टांग से करना ऐसे सूक्ष्म आसन करने से आप स्टार्ट करें फिर आपके शरीर में लचकता जाएगी तो आप कठिन से कठिन आसन भी 1122 आश्रम बढ़ाते जाए धन्यवाद

aapko yogabhayas anugrahit karne ke liye pehle sukhasan mein baithkar agar padmasana laga sakte toh padmasana gaye nahi toh sukhasan mein baith jaaye simple chauk palthi marakar kamar ko seedha rakhen isme deep breathing se start kare 10 word meaning kare hungry lambe swasthya aur chode uske baad om shabd ka ucharan kare teen baar dono tange chavani seedhi karke baithe dono pairon ki ungaliyan upar niche kare 10 00 par ek panja aage peeche kare isko sukshm sun bolte hain sukshm aasan se start kare phir hathon pairon ki jo choti choti exercise hai dono panaji aage peeche karne dono palia ko ghumaana bahar ki aur kholna phir pairon ko khol kar andar ki aur ghumaana dono ghutne nahi chal gaana ek taang aage peeche karna jaisa bhi 1010 warkari hathon ko saamne ki aur kholakar kandhon ke barabar hathon ki ungaliyan kholne band kare hathon ko upar niche kare apply se modakar phir dono hathon ki ungaliyan kolkata ko ghumaen murtiya band karke kamaye seedha kamaye ulta ghumaen phir dono hathon ki mutthi band karke apni aur khinche aage ki aur dhakelane jab apni aur khinchana hai toh swas bhare jab saamne ki aur dhakelana hai toh swaad choodey heater j60 ka chappu chalte hain dono hathon kaise ghumaye rani chalaye kripya roko kholne chakki kamaye dono hath ko group karke ek raat bye daya hath baen pair ko touch kare baya hath dayen pair ko touch kare phir dono pairon ki taliyan milakar butterfly lagaye yah sabhi sukshm aasan se start kare iske baad aap late kar kare sidhe peeth ke bal late jayen tadasan kare aur kamar ko ghumaen ek taang ke upar dusri taang rakhakar ghumaye pair ka angootha nahi chal gaye phir dain taang ko fold kar kar bhai jaan par rakh le ad ko aur good upar niche kare ghatnaon par lakar apne pet par duaen dusre hath se pakad kar idhar baen hath se pyar ka angootha pakad kar rakhna hai dusre hath se ghutna pakadakar pet par dwara dussehra se karna 10 va dusri taang se karna aise sukshm aasan karne se aap start kare phir aapke sharir mein lachkata jayegi toh aap kathin se kathin aasan bhi 1122 ashram badhate jaaye dhanyavad

आपको योगाभ्यास अनुग्रहित करने के लिए पहले सुखासन में बैठकर अगर पद्मासन लगा सकते तो पद्मासन

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Kumar Ajit

Yoga Trainer (पतंजलि योग समिति योग शिक्षक)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ओम जी नमस्कार आपका स्वागत है प्रश्न पूछने के लिए अभिनंदन है आपका प्रश्न है कि मुझे अपने अभ्यास में योग को कैसे अनुप्राणित करना चाहिए यानी कि आप अपने अभ्यास में अपने अभ्यास में लोगों को तो यानी अभ्यास मतलब कि आपकी तो दिनचर्या है उसमें योग को अनु कर अमित करना चाहते हैं तो यह जो आपके अंदर प्रश्न आया है आप इसे ही जैसे ही प्रश्न आया तो आप योग की ओर कदम आपने जाने अनजाने में बढ़ा चुके हुए हैं बस इसमें आपको क्या कर रहा है कि ग्रिड जलाना है हम ऐसा मानते हैं व्यक्तिगत रूप से जो व्यस्त होते हैं जिनकी दिनचर्या व्यस्त है वह कार्य को अपने दिनचर्या में जोड़ सकते हैं लेकिन जिनके पास कोई कार्य नहीं है वह उनको फुर्सत नहीं होती है उनको कोई कार्य दें आप तो कहेंगे कि हमें फुर्सत नहीं है कि आप पेपर है आपके अंदर जागरूकता है और आपको योग को भी अपने दिनचर्या में अभ्यास में अनुकरण करना चाहते हैं तो इसके लिए सर्वप्रथम सुबह उठने की तो हमेशा बात करते हैं इससे पहले हम आपसे इस बात के लिए जोड़ देंगे कि सबसे पहले रात्रि का जो सर्जन है उसमें आप को सुधार करना पड़ेगा आप रात्रि को अधिकतम 10:00 बजे तक किसी भी तरह से सो जाएं 9:00 बजे सो जाते हैं तो बहुत अच्छी बात है और सोने के जो एक अच्छी दिनचर्या माना जाता है जो घंटा पहले खाना चाहिए दूध पीना चाहिए तो आप इसको भली-भांति आप इस प्रकार से करें रात्रि का जो शयन है उसको ठीक कर लेंगे स्वता सुबह आपका नींद खुल जाएगा और अपनी दिनचर्या और जो आप बात से शुरू करते हैं वह पहले शुरू कर सकते हैं सुबह उठते ही आप अपने नित्य क्रिया से निवृत्त होने की क्रिया से निवृत्त होने के लिए उठते ही आप धरती मां को माता भूमि पुत्रो हम प्रतिभा धरती मां को प्रणाम करें ईश्वर के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करें अपने लोक व्यवहार में जिन जिन जिन लोगों का भी आपको सहयोग मिलता है उनके प्रति हाथ जोड़कर के रंग से कृतज्ञता व्यक्त करिए और उसके बाद निर्माता दिनचर्या से निवृत्त होकर के एक अच्छे वातावरण में अच्छे जगह का चयन करें और कुचालक में ले ले या दरी ले ले या कंबल ले ले उस पर बैठ कर के जॉब को आपके पास समय कम है तो पहले आधा घंटा एक घंटा ऐसे करके उसको से कमेंट करें और एक कुछ-कुछ स्वामी रामदेव जी महाराज ने एक योगे का पैकेज बनाया हुआ है जो आठ प्राणायाम और कुछ पारंपारिक के जो आपने आसन है व्यायाम है उसको बनाया है तो आप उसको करें और यह संपूर्ण एक घंटा में हो जाता है तो आप निश्चित रूप से इसका समग्र लाभ ले सकते हैं और अपने दिनचर्या में अभ्यास में अनुक्रम इतनी है कर लेंगे इसके लिए बस आपकी दृढ़ता होना अनिवार्य है और जब योग योग करें प्रारंभिक अवस्था में किसी जानकारी के निर्देशन में करना अत्यंत आवश्यक है

om ji namaskar aapka swaagat hai prashna poochne ke liye abhinandan hai aapka prashna hai ki mujhe apne abhyas mein yog ko kaise anupranit karna chahiye yani ki aap apne abhyas mein apne abhyas mein logo ko toh yani abhyas matlab ki aapki toh dincharya hai usme yog ko anu kar amit karna chahte hain toh yah jo aapke andar prashna aaya hai aap ise hi jaise hi prashna aaya toh aap yog ki aur kadam aapne jaane anjaane mein badha chuke hue hain bus isme aapko kya kar raha hai ki grid jalaana hai hum aisa maante hain vyaktigat roop se jo vyast hote hain jinki dincharya vyast hai vaah karya ko apne dincharya mein jod sakte hain lekin jinke paas koi karya nahi hai vaah unko phursat nahi hoti hai unko koi karya de aap toh kahenge ki hamein phursat nahi hai ki aap paper hai aapke andar jagrukta hai aur aapko yog ko bhi apne dincharya mein abhyas mein anukaran karna chahte hain toh iske liye sarvapratham subah uthane ki toh hamesha baat karte hain isse pehle hum aapse is baat ke liye jod denge ki sabse pehle ratri ka jo Surgeon hai usme aap ko sudhaar karna padega aap ratri ko adhiktam 10 00 baje tak kisi bhi tarah se so jayen 9 00 baje so jaate hain toh bahut achi baat hai aur sone ke jo ek achi dincharya mana jata hai jo ghanta pehle khana chahiye doodh peena chahiye toh aap isko bhali bhanti aap is prakar se kare ratri ka jo shayana hai usko theek kar lenge swata subah aapka neend khul jaega aur apni dincharya aur jo aap baat se shuru karte hain vaah pehle shuru kar sakte hain subah uthte hi aap apne nitya kriya se sevanervit hone ki kriya se sevanervit hone ke liye uthte hi aap dharti maa ko mata bhoomi putro hum pratibha dharti maa ko pranam kare ishwar ke prati kritagyata gyapit kare apne lok vyavhar mein jin jin jin logo ka bhi aapko sahyog milta hai unke prati hath jodkar ke rang se kritagyata vyakt kariye aur uske baad nirmaata dincharya se sevanervit hokar ke ek acche vatavaran mein acche jagah ka chayan kare aur kuchalak mein le le ya dari le le ya kambal le le us par baith kar ke job ko aapke paas samay kam hai toh pehle aadha ghanta ek ghanta aise karke usko se comment kare aur ek kuch kuch swami ramdev ji maharaj ne ek yoge ka package banaya hua hai jo aath pranayaam aur kuch paramparik ke jo aapne aasan hai vyayam hai usko banaya hai toh aap usko kare aur yah sampurna ek ghanta mein ho jata hai toh aap nishchit roop se iska samagra labh le sakte hain aur apne dincharya mein abhyas mein anukram itni hai kar lenge iske liye bus aapki dridhta hona anivarya hai aur jab yog yog kare prarambhik avastha mein kisi jaankari ke nirdeshan mein karna atyant aavashyak hai

ओम जी नमस्कार आपका स्वागत है प्रश्न पूछने के लिए अभिनंदन है आपका प्रश्न है कि मुझे अपने अभ

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Yog Guru Gyan Ranjan Maharaj

Founder & Director - Kashyap Yogpith

1:42
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जहां तक आपका प्रश्न है कि मुझे अपने अभ्यास में योग को कैसे अनुक्रम इत करना चाहिए तो बता देते हैं मैं आपको के योग करने के लिए आपको शारीरिक मानसिक तौर पर बिल्कुल तैयार होना पड़ेगा तभी आप योग कर पाएंगे योग के लिए आप अनुक्रम हो पाएंगे उसके लिए आपको मानसिक तौर पर तैयार होना ही पड़ेगा क्योंकि योग के लिए आपको सुबह जागना ब्रह्म बेला में बेला का टाइमिंग 3:00 से 4:00 के बीच है उसी समय आपको नित्य क्रियाओं से निवृत्त होकर आस्थान अभी करके योग के लिए आपको प्यार करना पड़ेगा तदुपरांत आप किसी शख्स वातावरण में कोलाहल मुक्त वातावरण में कोई पार्क हो कोई नदी का किनारा हो या अपने घर के किसी बड़े से हॉल में अथवा छत के ऊपर आप बैठकर योग के लिए अपने आपको तैयार कर सकते हैं धन्यवाद

jahan tak aapka prashna hai ki mujhe apne abhyas mein yog ko kaise anukram it karna chahiye toh bata dete hain main aapko ke yog karne ke liye aapko sharirik mansik taur par bilkul taiyar hona padega tabhi aap yog kar payenge yog ke liye aap anukram ho payenge uske liye aapko mansik taur par taiyar hona hi padega kyonki yog ke liye aapko subah jagana Brahma bela mein bela ka timing 3 00 se 4 00 ke beech hai usi samay aapko nitya kriyaon se sevanervit hokar asthan abhi karke yog ke liye aapko pyar karna padega taduprant aap kisi sakhs vatavaran mein kolahal mukt vatavaran mein koi park ho koi nadi ka kinara ho ya apne ghar ke kisi bade se hall mein athva chhat ke upar aap baithkar yog ke liye apne aapko taiyar kar sakte hain dhanyavad

जहां तक आपका प्रश्न है कि मुझे अपने अभ्यास में योग को कैसे अनुक्रम इत करना चाहिए तो बता दे

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मेरे भाई का सवाल है कि मुझे मेरे अभ्यास में योग की अनुक्रम ईद कैसा करना चाहिए तो मैं मेरे भाई को यह कहना चाहता हूं कि आप तो पहले योग प्राणायाम के माध्यम से करें और आपकी पढ़ाई के अनुसार आपके अभ्यास के कारण 10 मिनट सवेरे और 10 मिनट शाम में योग प्रक्रिया में अगर डालेंगे तो मेरे भाई का दिमाग अभी से ज्यादा तेज दौड़ने लगेगा ज्यादा काम करने लगेगा तो आप कैसा भी करके योग के लिए 10 मिनट आपके अनुसार टाइम निकालें आपके शेड्यूल में फिट करें कि सवेरे 4:00 से 5:00 बजे डॉक्टर के पास से 5:10 तक योग करें और 5:00 के बाद में वापस 6:00 बजे तक का पढ़ाई करें वही सर्कुलर रात को लगा है जिस टाइम आप पढ़ाई करते हो पढ़ाई के बीच में क्या कर कर दी है तो कोई प्रॉब्लम नहीं उसके आकलन शक्ति बढ़ेगी स्मरण शक्ति बढ़ेगी और मेरे भाई का दिमाग तेज होगा

mere bhai ka sawaal hai ki mujhe mere abhyas mein yog ki anukram eid kaisa karna chahiye toh main mere bhai ko yah kehna chahta hoon ki aap toh pehle yog pranayaam ke madhyam se kare aur aapki padhai ke anusaar aapke abhyas ke karan 10 minute savere aur 10 minute shaam mein yog prakriya mein agar daalenge toh mere bhai ka dimag abhi se zyada tez daudne lagega zyada kaam karne lagega toh aap kaisa bhi karke yog ke liye 10 minute aapke anusaar time nikale aapke schedule mein fit kare ki savere 4 00 se 5 00 baje doctor ke paas se 5 10 tak yog kare aur 5 00 ke baad mein wapas 6 00 baje tak ka padhai kare wahi circular raat ko laga hai jis time aap padhai karte ho padhai ke beech mein kya kar kar di hai toh koi problem nahi uske aakalan shakti badhegi smaran shakti badhegi aur mere bhai ka dimag tez hoga

मेरे भाई का सवाल है कि मुझे मेरे अभ्यास में योग की अनुक्रम ईद कैसा करना चाहिए तो मैं मेरे

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Yog Guru Amit Agrawal Rishiyog

Yoga Acupressure Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

का प्रश्न है मुझे अपने अभ्यास में योग को कैसे अनुक्रम मत करना चाहिए योग से आप शुरुआत में हल्के-फुल्के बोर्ड प्रैक्टिस जिसको शिथिलीकरण व्यायाम या सूक्ष्म व्यायाम कहते हैं उसके बाद आप रिलैक्सेशन के बाद कुछ योगासन कर सकते हैं और योगासनों के बाद फिर कुछ रिलैक्सेशन कीजिए और उसके बाद फिर प्राणायाम कीजिए प्राणायाम हमेशा योगासनों के बात करते हैं यह विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए और आसनों में हमेशा ध्यान रखें कि आसनों में पूरा आसन जरूर करें कुछ आसनों के कंपलीमेंट्री आसन होते हैं उनको आप जरूर दोहराएं यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात है और साथ ही सारे अभियानों को करने के बाद 2 से 3 मिनट का शवासन जरूर करें हरि ओम

ka prashna hai mujhe apne abhyas mein yog ko kaise anukram mat karna chahiye yog se aap shuruat mein halke fulke board practice jisko shithilikaran vyayam ya sukshm vyayam kehte hain uske baad aap Relaxation ke baad kuch yogasan kar sakte hain aur yogasanon ke baad phir kuch Relaxation kijiye aur uske baad phir pranayaam kijiye pranayaam hamesha yogasanon ke baat karte hain yah vishesh roop se dhyan rakhna chahiye aur aasanon mein hamesha dhyan rakhen ki aasanon mein pura aasan zaroor kare kuch aasanon ke kampalimentri aasan hote hain unko aap zaroor dohraen yah bahut hi mahatvapurna baat hai aur saath hi saare abhiyaanon ko karne ke baad 2 se 3 minute ka shavasan zaroor kare hari om

का प्रश्न है मुझे अपने अभ्यास में योग को कैसे अनुक्रम मत करना चाहिए योग से आप शुरुआत में ह

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

2:11
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

या आगरा बरेली जीवन में योग राज करते थे आजकल बहुत बढ़िया है आप कोशिश कीजिए कि जैसा आप समझ जाते हैं तो फ्रेश होकर जाएं कारपेट पूरा खा लिया था उस समय और अब आप अपने शरीर के हर एक भाग का हल करने की पूरी बड़ी बिल्कुल देती है और फिल्म को एक्टिव करने में थोड़ा समय लगता है तो कोशिश कर लिया पेट की जो का कमाल है उसको बिल्कुल नॉटेड कर लिया और लैक्टिक संस्कृति एक्टिव हो जाती है उत्कटासन हो गया भुजंगासन हो गया धनुरासन हो गया तो हर दिन नया कोशिश करेंगे भोजन कराकर पिंक आना पॉसिबल करने के बाद में भी पूजा का सामान हो जाएगा उसका परिणाम करते ना मन की शांति होती है बॉडी बिल्कुल एक्स जाती है कि जो अपना आज पैटर्न ऐसा को दिन का उपयोग कर लिए 2 दिन आपने www.com पर संपर्क कर सकते हैं जयपुर में

ya agra bareilly jeevan mein yog raj karte the aajkal bahut badhiya hai aap koshish kijiye ki jaisa aap samajh jaate hain toh fresh hokar jayen carpet pura kha liya tha us samay aur ab aap apne sharir ke har ek bhag ka hal karne ki puri badi bilkul deti hai aur film ko active karne mein thoda samay lagta hai toh koshish kar liya pet ki jo ka kamaal hai usko bilkul nated kar liya aur lactic sanskriti active ho jaati hai utkatasan ho gaya bhujangasan ho gaya dhanurasan ho gaya toh har din naya koshish karenge bhojan karakar pink aana possible karne ke baad mein bhi puja ka saamaan ho jaega uska parinam karte na man ki shanti hoti hai body bilkul x jaati hai ki jo apna aaj pattern aisa ko din ka upyog kar liye 2 din aapne www com par sampark kar sakte hain jaipur mein

या आगरा बरेली जीवन में योग राज करते थे आजकल बहुत बढ़िया है आप कोशिश कीजिए कि जैसा आप समझ ज

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Rihan Shah

I want to become An IAS Officer (Love Realationship Full Experience)

0:38
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपस में योग को है गर्मी करना चाहिए तो आप कर सकती हैं कर सकते हैं जो भी आप हैं लेकिन आपको इसके लिए एक टाइम टेबल बनाने की जरूरत पड़ेगी आप टाइम टेबल नहीं बनाते हो तो उसमें भी आपको बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा और आप अगर ऐसा नहीं करते हो तो आप जो इसे अनुकरण नहीं कर सकती क्योंकि आप अगर अपने टाइम टेबल ही दिन में काम नहीं करोगे तो आपकी लाइफ में कभी आगे बढ़ने में आता को दिक्कत हो सकती है फिर कुछ और चीज है जिसके कारण आपको जो है जिसका खामियाजा उठाना पड़ा

aapas mein yog ko hai garmi karna chahiye toh aap kar sakti hain kar sakte hain jo bhi aap hain lekin aapko iske liye ek time table banane ki zarurat padegi aap time table nahi banate ho toh usme bhi aapko bahut saree kathinaiyon ka samana karna padega aur aap agar aisa nahi karte ho toh aap jo ise anukaran nahi kar sakti kyonki aap agar apne time table hi din mein kaam nahi karoge toh aapki life mein kabhi aage badhne mein aata ko dikkat ho sakti hai phir kuch aur cheez hai jiske karan aapko jo hai jiska khamiyaja uthana pada

आपस में योग को है गर्मी करना चाहिए तो आप कर सकती हैं कर सकते हैं जो भी आप हैं लेकिन आपको इ

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