'धरती का स्‍वर्ग' कश्मीर फिर से सैलानियों के स्‍वागत के लिए तैयार है, क्या हालात पूरी तरह सामान्य हो चुके हैं? आपकी क्या राय है?...


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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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धरती का स्वर्ग कश्मीर पुर से सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार है क्या हालत पूरी तरह सामान्य हो चुकी अकीरा की हालत पूरी तरह से सामान्य हो चुके हैं हमने वहां पर हमारे जो दोस्तों से भी काफी छोटे और अच्छा माहौल

dharti ka swarg kashmir pur se sailaniyon ke swaagat ke liye taiyar hai kya halat puri tarah samanya ho chuki akira ki halat puri tarah se samanya ho chuke hain humne wahan par hamare jo doston se bhi kaafi chote aur accha maahaul

धरती का स्वर्ग कश्मीर पुर से सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार है क्या हालत पूरी तरह सामान्

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Jeet Dholakia

Anchor and Media Professional

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धरती पर अगर स्वर्ग कहीं है तो वह यही है भारत में और इसलिए पारसी आरंभिक भाषा में कहा गया है कि आगे धरती पर स्वर्ग है तो हमीं अस्त हमीं अस्त हमीं अस्त हो मतलब यही है यही है यही है जी हां भारत के पास तो कश्मीर है उसको धरती का स्वर्ग कहा जाता है और कश्मीर में काफी सालों से विवाद चल रहा था जिसके कारण आता की दिक्कतें हो रही थी वहां पर कोई अच्छी तरह से घूम नहीं सकता था कोई वहां पर है नहीं सकता था और आतंकियों का सामना हर रोग का नस पटाका हमारे सैनिक बल को और वहां के पुलिस को कलम 370 हट जाने के बाद सबको ऐसा लगा कि भाई चलो अब तो आयकर नया सूरज का उदय हुआ है और कश्मीर में अब तक कुछ दूसरे राज्य ऐसा हो जाएगा क्योंकि कश्मीर को अलग राज्य का हिस्सा जो मिला था वह खत्म कर दिया गया कश्मीर में भी जैसे भारत के अन्य राज्यों में जिस तरह का कानून लागू होता है उत्तर का कानून लागू हो जाएगा और कश्मीर जम्मू कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश घोषित कर दिया गया है तो मेरे ख्याल से यह जो बात है कि कश्मीर फिर से यह सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार है तो क्या हालात पूरी तरह सामान्य हो चुके हैं मैं बताना चाहता हूं कि पहले भी यहां कश्मीर सैलानियों के लिए ही तो खुला ही था और लोग बहुत कम लोग कम भी नहीं जाते लोग ज्यादातर लोग जाते भी थे और मैं खुद भी गया हुआ हूं और जब कारगिल वॉर चलती हुई तब मैं तो गया हुआ था वहां पर पर वहां पर जो लोग हैं वहां के लोकल लोग हैं उसमें कहीं आपको डर का माहौल दिखाई ना दे क्योंकि आप जैसे जाते हो तो आपका वह बहुत ही अच्छी तरह से स्वागत करते हैं क्योंकि उनके राज्य में उनके शहर में कोई आता नहीं है वैसे भी और राहुल को पता चले कि आप बाहर की कोई और राजू साहेब मजा करो अच्छे से खातिरदारी करते थे सिटी है वह कब-कब बिगड़ जाए वह पता नहीं चलता और कहीं से भी वहां के सुरक्षा बलों को सा आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ करनी करनी पड़ जाए या फिर वहां के पुलिस को आतंकियों के साथ मुठभेड़ करनी पड़ जाए ऐसा नहीं था कि आप जाकर कश्मीर खुल गया है तो पूरी तरह से हम अच्छी तरह से घूम पाएंगे कश्मीर बहुत अच्छी तरह से घूम सकते थे मैं अमरनाथ यात्रा की बात करना चाहता हूं अमरनाथ यात्रा कितने सालों से हो रही अमरनाथ बाबा की गुफा है वह भी कश्मीर में ही है तो उसका रास्ता चूहे को सोमवार पैगाम की और बालटाल से होकर जाता है पूरा विस्तार है वह कश्मीर में पड़ता है कभी कोई बाधा नहीं आई है कुदरती बधाई हो तो वो अलग बात है पर ऐसा बिल्कुल नहीं है कश्मीर पहले भी खुला था सैलानी या सैलानी हो पहले भी जाते थे लोग मजे लेते थे कश्मीर बर्फीले पहाड़ों का और आज भी कश्मीर में आज जो है वह लोग ऐसा मन से मान रहे हैं कि भाई कश्मीर अब हमारा हिस्सा है तो हम क्या चैन से सुकून से वहां जा सकते हैं और वह हमें कोई खतरा नहीं रहेगा पर आज के बताओ कि वहां पर आतंकियों का खतरा तो बरकरार है ही तो इसके कारण ही मुझे लगता है कि आप कश्मीर में जो विवाद चल रहा है वह खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है और रास्ता कश्मीर में आतंकियों की मुठभेड़ हमारे छोटे बड़ों से चलती रहती है पर आज सैलानियों है उनको हम लोग घबराने की कोई जरूरत नहीं है कश्मीर पहले भी खुला था उनके लिए कश्मीर आज भी खुला है और कश्मीर हमेशा खुला रहेगा जिसे हर साल अमरनाथ की यात्रा होती है उसी तरह से अगर विशाल के किसी भी महीने में अगर आप घूमने के लिए जाना चाहते हो जम्मू एंड कश्मीर श्रीनगर जाना चाहते हो तो आप खुला ही है और वहां के लोग आज भी आपको इतनी अच्छी तरह से हर काम करेंगे आप की खातिरदारी करेंगे तो मेरे ख्याल से कश्मीर में अभी तो कुछ ऐसा है नहीं और अलग पहले भी सैलानियों के अच्छे थे और आज भी अच्छी है

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धरती पर अगर स्वर्ग कहीं है तो वह यही है भारत में और इसलिए पारसी आरंभिक भाषा में कहा गया है

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Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

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जी नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि यह सिर्फ अफवाहें हैं और जो मीडिया में दिखलाया जा रहा है आजकल वह केंद्र से कार्य करना चाहती है वहीं मीडिया दिखा रही है जब वहां के लोग बंदिश में हैं घरों के अंदर बंद है वहां की जनता खानी को तरस रही है खाने पीने को बेचारी परेशान है उसके बाद दूरसंचार की सुविधाएं ने उसकी सारी सुविधाएं बंद कर रखी हैं तो सोचिए कि जो एक इंसान खुद भूखमरी से भूख हम भूखा मर रहा हो तो किस तरीके से सैलानियों को स्वागत करने के लिए तैयार हो पाएगा यह किस तरीके से सैलानियों का स्वागत करेगा क्योंकि जब उसके पास उसकी मूलभूत जो सुविधाएं होती हैं वह उसके लिए ही नहीं तो वह सुबह सैलानियों को क्या देखा जो भी मूलभूत सुविधाएं जो उसके लिए हैं भाई सैलानियों के लिए होती है भाई चलाने को वोट देने की कोशिश करके लेकिन ठीक है कैसे क्योंकि वह खुद नहीं पा पा रहा उसके पास खुद नहीं है ना तो यह सब बकवास है

ji nahi aisa bilkul bhi nahi hai kyonki yah sirf afwayen hai aur jo media mein dikhlaya ja raha hai aajkal vaah kendra se karya karna chahti hai wahi media dikha rahi hai jab wahan ke log bandish mein hai gharon ke andar band hai wahan ki janta khaani ko taras rahi hai khane peene ko bechari pareshan hai uske baad doorsanchar ki suvidhaen ne uski saree suvidhaen band kar rakhi hai toh sochiye ki jo ek insaan khud bhukhmaree se bhukh hum bhukha mar raha ho toh kis tarike se sailaniyon ko swaagat karne ke liye taiyar ho payega yah kis tarike se sailaniyon ka swaagat karega kyonki jab uske paas uski mulbhut jo suvidhaen hoti hai vaah uske liye hi nahi toh vaah subah sailaniyon ko kya dekha jo bhi mulbhut suvidhaen jo uske liye hai bhai sailaniyon ke liye hoti hai bhai chalane ko vote dene ki koshish karke lekin theek hai kaise kyonki vaah khud nahi paa paa raha uske paas khud nahi hai na toh yah sab bakwas hai

जी नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि यह सिर्फ अफवाहें हैं और जो मीडिया में दिखलाया जा रह

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:02

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धरती का स्वर्ग काश्मीर फिर से सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार है क्या हालात पूरी तरह सामान्य हो चुके हैं आपकी क्या राय है वहां के राज्यपाल जो है उन्होंने को स्टेटमेंट दी है कि धरती का स्वर्ग कश्मीर के सैलानियों के लिए स्वागत के लिए तैयार है कि जब उन्होंने 370 की कलम हटाने के लिए जब मैं अमरनाथ यात्रा को भी बीच में रोक लिया था औसत सैलानियों को सब होटल खाली करने का ऑर्डर कर दिया था और सबको मां से कटनी से वापिस अपने होम थिएटर होम टाउन लौटना पड़ा समस्या का सोच रहे हैं कि समाधान हो गया है वहां का वातावरण अच्छा हो गया इस दरम्यान वहां के लोगों की रोजी-रोटी सैलानियों के ऊपर ही नहीं पड़ती उसको बहुत अच्छा इसलिए सरकार ने यह घोषणा की है ऐसा लगता है लेकिन सैलानी जो है वह अभी वहां जाने के लिए तैयार नहीं हो वह जब तक संपूर्ण सामान्य वातावरण कश्मीर में नहीं होगा तब तक लोग इक्का-दुक्का वहां जाने के लिए प्रयास करेंगे और जैसे से वार्ता में बनेगा तब जाकर वहां पर सैलानी पहले की तरह घूमने के लिए धरती का स्वर्ग का आनंद लेने जाएंगे तुरंत नहीं होगा

dharti ka swarg kashmir phir se sailaniyon ke swaagat ke liye taiyar hai kya haalaat puri tarah samanya ho chuke hain aapki kya rai hai wahan ke rajyapal jo hai unhone ko statement di hai ki dharti ka swarg kashmir ke sailaniyon ke liye swaagat ke liye taiyar hai ki jab unhone 370 ki kalam hatane ke liye jab main amarnath yatra ko bhi beech mein rok liya tha ausat sailaniyon ko sab hotel khaali karne ka order kar diya tha aur sabko maa se katni se vaapas apne home theater home town lautna pada samasya ka soch rahe hain ki samadhan ho gaya hai wahan ka vatavaran accha ho gaya is daramyan wahan ke logo ki rozi roti sailaniyon ke upar hi nahi padti usko bahut accha isliye sarkar ne yah ghoshana ki hai aisa lagta hai lekin sailanee jo hai vaah abhi wahan jaane ke liye taiyar nahi ho vaah jab tak sampurna samanya vatavaran kashmir mein nahi hoga tab tak log ikka dukka wahan jaane ke liye prayas karenge aur jaise se varta mein banega tab jaakar wahan par sailanee pehle ki tarah ghoomne ke liye dharti ka swarg ka anand lene jaenge turant nahi hoga

धरती का स्वर्ग काश्मीर फिर से सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार है क्या हालात पूरी तरह सामा

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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तकरीर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है इसलिए धरती का स्वर्ग है किंतु दुर्भाग्यवश इतना कह सकते हो कि लोगों को थोड़ी कटता है आज तक इस बात को नहीं समझ पा रहे हैं कि भारत में मेरा लालन-पालन किया है भारत हमारी सुरक्षा करता है यह भारतीय लोग हमारे भाई हैं जबकि को कुत्ता करता हुआ उन पाकिस्तानी कंपनियों को जाति प्रथा के कारण धार्मिक कश्मीर की सबसे बड़ी गुरु के वर्तमान में हालात राजनाथ सिंह जी ने हमेशा शांति ओम शांति स्थापित करती है उनका एड्रेस यार बनते हैं और स्वागत करते हुए तस्वीर भक्ति बना के रखा जाए हमारे भाई हैं उनका उनका ध्यान रखना भी हमारा

takrir prakirtik saundarya se bharpur hai isliye dharti ka swarg hai kintu durbhaagyavash itna keh sakte ho ki logo ko thodi katata hai aaj tak is baat ko nahi samajh paa rahe hain ki bharat mein mera lalan palan kiya hai bharat hamari suraksha karta hai yah bharatiya log hamare bhai hain jabki ko kutta karta hua un pakistani companion ko jati pratha ke karan dharmik kashmir ki sabse badi guru ke vartaman mein haalaat rajnath Singh ji ne hamesha shanti om shanti sthapit karti hai unka address yaar bante hain aur swaagat karte hue tasveer bhakti bana ke rakha jaaye hamare bhai hain unka unka dhyan rakhna bhi hamara

तकरीर प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है इसलिए धरती का स्वर्ग है किंतु दुर्भाग्यवश इतना कह सकते

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Ashish Lavania

Yoga Trainer

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जी धरती का स्वर्ग कश्मीर फिर से सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार है क्या हालात पूरी तरह सामान्य चुके अभी चाय नहीं जी अभी पालक पूरी तरीके से सामान नहीं है अगर आप कश्मीर जाते हैं घूमने के लिए जा सकते हैं बट अपने रिस्क पर तो क्या बीवियों पूर्ण रूप से जनजीवन सामान्य नहीं है हमारी तरफ से गवर्नमेंट वाइस देखे तो पूर्ण रूप से मिलिट्री है पूरी तरीके से सुविधाएं हैं वहां पर बैठ लोकल लोकल जो हैं वहां के वह किसी भी तरीके से जो जगह देना पैसे देकर काम कराने वाले आतंकवादियों को शह देने वाले पैसे बहुत सेवा है डिटेल कॉर्नर का बहुत से लोगों को 30 मैसेज जिसके तो आप जम्मू तक तो सिर्फ है पर जवाब टनल पार करके आप कश्मीर जाते हैं वैसे आप बिल्कुल सही पगले बंद करने के लिए टूरिस्ट है बट फिर भी कुछ भी रिस्क क्यों है अपनी लाइफ के साथ तो जब तक पूर्ण रूप से हालात सामान्य नहीं होते तब तक कश्मीर नहीं जाना चाहिए कश्मीर की जगह बना ली जा सकती है जरा कोहबर वगैरा का आनंद उठाना है तो तो मनाली में भी समय काफी बर्फ पड़ी हुई है तो अब मना लिया सकता

ji dharti ka swarg kashmir phir se sailaniyon ke swaagat ke liye taiyar hai kya haalaat puri tarah samanya chuke abhi chai nahi ji abhi paalak puri tarike se saamaan nahi hai agar aap kashmir jaate hain ghoomne ke liye ja sakte hain but apne risk par toh kya beeviyon purn roop se janjivan samanya nahi hai hamari taraf se government voice dekhe toh purn roop se miltary hai puri tarike se suvidhaen hain wahan par baith local local jo hain wahan ke vaah kisi bhi tarike se jo jagah dena paise dekar kaam karane waale aatankwadion ko shah dene waale paise bahut seva hai detail corner ka bahut se logo ko 30 massage jiske toh aap jammu tak toh sirf hai par jawab tunnel par karke aap kashmir jaate hain waise aap bilkul sahi pagle band karne ke liye tourist hai but phir bhi kuch bhi risk kyon hai apni life ke saath toh jab tak purn roop se haalaat samanya nahi hote tab tak kashmir nahi jana chahiye kashmir ki jagah bana li ja sakti hai zara kohabar vagera ka anand uthana hai toh toh manali mein bhi samay kaafi barf padi hui hai toh ab mana liya sakta

जी धरती का स्वर्ग कश्मीर फिर से सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार है क्या हालात पूरी तरह सा

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

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दिखी पूरी तरह रात सामान्य उचित स्थानों पर हो चुकी है कुछ जिले पूरी तरह खुल गए हैं स्कूल कॉलेजेस बैंक एटीएम शिक्षा व्यापार आदि चीजों पर खुल चुकी है और कुछ जगह पर जो कि पाकिस्तान की तरफ है वहां पर आया जो बॉर्डर पर हैं वहां पर्सनल डिस्प्यूट अभी बना हुआ है पर अभी कोई कुछ परेशानियां आ रही लेकिन वहां भी जल्दी आना सामान्य हो जाएंगे टेलीफोन भी शुरू हो चुकी काफी स्थानों पर मुझे लगता है कि ज्यादा परेशान होने वाली बात बिल्कुल नहीं है हम लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि धरती का स्वर्ग था पहले उसको जब खराब कर दिया गया खराब माहौल में वो काफी समय तक लाजवाब पर लोगों की जॉब चली गई लोगों का टेंशन खराब हो गया पार और धंधे बंद हो गए तो अब हम हम लोगों की जिम्मेदारी है कि हम अपनी कश्मीरी भाइयों बहनों का ध्यान रखें और उनको उनका व्यापार में लौट आए हैं और वहां पर जाकर एक टूरिज्म का एक हफ्ते से पहले था उसे दोबारा शुरू करें

dikhi puri tarah raat samanya uchit sthano par ho chuki hai kuch jile puri tarah khul gaye hai school colleges bank atm shiksha vyapar aadi chijon par khul chuki hai aur kuch jagah par jo ki pakistan ki taraf hai wahan par aaya jo border par hai wahan personal dispute abhi bana hua hai par abhi koi kuch pareshaniya aa rahi lekin wahan bhi jaldi aana samanya ho jaenge telephone bhi shuru ho chuki kaafi sthano par mujhe lagta hai ki zyada pareshan hone wali baat bilkul nahi hai hum logo ko yah dhyan rakhna chahiye ki dharti ka swarg tha pehle usko jab kharab kar diya gaya kharab maahaul mein vo kaafi samay tak lajawab par logo ki job chali gayi logo ka tension kharab ho gaya par aur dhande band ho gaye toh ab hum hum logo ki jimmedari hai ki hum apni kashmiri bhaiyo bahnon ka dhyan rakhen aur unko unka vyapar mein lot aaye hai aur wahan par jaakar ek tourism ka ek hafte se pehle tha use dobara shuru karen

दिखी पूरी तरह रात सामान्य उचित स्थानों पर हो चुकी है कुछ जिले पूरी तरह खुल गए हैं स्कूल कॉ

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मजदूरों को मार के तुम कैसे स्वर्ग बना सकते हो मजदूरों को मारकर तुम कैसे स्वर्ग बना सकते हैं यहां तो अभी और कुछ बाकी है होना

majduro ko maar ke tum kaise swarg bana sakte ho majduro ko marakar tum kaise swarg bana sakte hain yahan toh abhi aur kuch baki hai hona

मजदूरों को मार के तुम कैसे स्वर्ग बना सकते हो मजदूरों को मारकर तुम कैसे स्वर्ग बना सकते है

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