सड़कों के गड्ढ़े अक्‍सर हादसों का कारण बनते हैं और कई बार यह लोगों के लिए जानलेवा साबित होता है। सरकार क्या कर रही है? आपकी क्या राय है?...


चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकार बड़ों के बारे में सोच रही भी है और नहीं भी है क्योंकि आजकल के लिए सर के बनाए जाते हैं उसके अंदर डांबर का कम इस्तेमाल करने की वजह से अक्सर रोड को गड्ढे जल्दी गिरते हैं और हाथ से ना हो जाए एक्सीडेंट हो जाए लोगों के कमर में ज्ञापन आ जाए इसीलिए सरकार ने एक तो बिना भ्रष्टाचार के रोड बनाना चाहिए रोड अच्छे बनाना चाहिए और गड्ढे के ऊपर खेल करके ऐसा स्पेशल रोड के ऊपर बैंड चेक के माध्यम से लोगों को लगाना चाहिए कि जो कि गड्ढे मुझे जाए तो 5 किलो मीटर में 2 आदमी लगाना चाहिए बर्थडे पूजा है और किसी की जान ना जाए तो सरकार ने इसके ऊपर बात तो पूर्ण बैठक लेकर के काम करना चाहिए अच्छा मेरा कह रहा है

sarkar badon ke bare mein soch rahi bhi hai aur nahi bhi hai kyonki aajkal ke liye sir ke banaye jaate hain uske andar dambar ka kam istemal karne ki wajah se aksar road ko gaddhe jaldi girte hain aur hath se na ho jaaye accident ho jaaye logon ke kamar mein gyapan aa jaaye isliye sarkar ne ek toh bina bhrashtachar ke road banana chahiye road acche banana chahiye aur gaddhe ke upar khel karke aisa special road ke upar band check ke madhyam se logon ko lagana chahiye ki jo ki gaddhe mujhe jaaye toh 5 kilo meter mein 2 aadmi lagana chahiye birthday puja hai aur kisi ki jaan na jaaye toh sarkar ne iske upar baat toh purn baithak lekar ke kaam karna chahiye accha mera keh raha hai

सरकार बड़ों के बारे में सोच रही भी है और नहीं भी है क्योंकि आजकल के लिए सर के बनाए जाते ह

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:59

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सड़कों के गड्ढे हादसों का कारण बनते हैं और कई बार यह लोगों के लिए जानलेवा साबित होता है सरकार क्या कर रही है आपकी क्या राय सरकार अपने कार्यों के प्रति जागरूक है जो महानगर पालिका और नगर पालिका ग्राम पंचायत में 200 से 80 घंटे पढ़ने की जिम्मेदारी लोकल बॉडीज की होती उसके लिए हम जान आकर्षित कर सकते हैं सोशल मीडिया के अचूक और दैनिक वर्तमानपत्र जो उसे उसके मात्रक उसकी जो रखरखाव वह हमारी राज्य सरकार के पीडब्ल्यूडी पब्लिक वर्क डिपार्टमेंट करती है इसलिए हम उनको भी मेल कर सकते हैं उसकी जगह का काम है वह नेशनल हाईवे और सो सकती है इसलिए हमारे परम मित्र भाई फोटो कम जाते हैं और बेटे का क्या तो हम क्यों करते हो क्या अपने शहर गांव जो भी जहां व्यक्ति उसका उपयोग ज्यादा करते हैं इसलिए जो लोकल बॉडीज की सरकारें हैं जो पदाधिकारी हैं उनका हम जरूर प्रयास करें तो बेहतर होगा क्योंकि उनको मालूम भी नहीं होता है कि कौन से सड़क पर कहां करते हैं जो विदेश में भरे जाते हैं तो रिपेयरिंग का काम हमेशा चालू रहता है हिंदुस्तान में कहा जाता है कि एक तरफ सड़क बनती रहती है और दूसरी तरफ क्या तू टेलीफोन वाले क्या को इलेक्ट्रिसिटी वाले और क्या बोलो खुद को खो देते उसको ठीक कर सकते नहीं और ऊपर से जब बरसात की मौसम आती है तो जलभराव के कारण भी टूट जाते हैं इसलिए जहां हम देखें तो हमको एक अच्छे नागरिक होने से ध्यान आकर्षित और से करना चाहिए अगर हमारे घर के आस-पास अगर कोई छोटी मोटी सड़क है उसमें छोटा-मोटा - उनको खुद ही बढ़ने का प्रयास कर देना चाहिए ताकि लोग उस में गिरकर एक्सीडेंट 9 धन्यवाद शुभकामनाएं

sadkon ke gaddhe hadason ka karan bante hain aur kai baar yah logon ke liye janleva saabit hota hai sarkar kya kar rahi hai aapki kya rai sarkar apne kaaryon ke prati jaagruk hai jo mahanagar palika aur nagar palika gram panchayat mein 200 se 80 ghante padhne ki zimmedari local bodies ki hoti uske liye hum jaan aakarshit kar sakte hain social media ke achuk aur dainik vartamanapatra jo use uske matrak uski jo rakharakhav vaah hamari rajya sarkar ke PWD public work department karti hai isliye hum unko bhi male kar sakte hain uski jagah ka kaam hai vaah national highway aur so sakti hai isliye hamare param mitra bhai photo kam jaate hain aur bete ka kya toh hum kyon karte ho kya apne shehar gaon jo bhi jahan vyakti uska upyog zyada karte hain isliye jo local bodies ki sarkaren hain jo padadhikaari hain unka hum zaroor prayas karen toh behtar hoga kyonki unko maloom bhi nahi hota hai ki kaun se sadak par kahaan karte hain jo videsh mein bhare jaate hain toh repairing ka kaam hamesha chaalu rehta hai Hindustan mein kaha jata hai ki ek taraf sadak banti rehti hai aur dusri taraf kya tu telephone waale kya ko electricity waale aur kya bolo khud ko kho dete usko theek kar sakte nahi aur upar se jab barsat ki mausam aati hai toh jalabhrao ke karan bhi toot jaate hain isliye jahan hum dekhen toh hamko ek acche nagarik hone se dhyan aakarshit aur se karna chahiye agar hamare ghar ke aas paas agar koi choti moti sadak hai usmein chota mota unko khud hi badhne ka prayas kar dena chahiye taki log us mein girkar accident 9 dhanyavad subhkamnaayain

सड़कों के गड्ढे हादसों का कारण बनते हैं और कई बार यह लोगों के लिए जानलेवा साबित होता है सर

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Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

1:18
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड्स देखे सड़कों के जो गड्ढे हैं उसके लिए सरकार को ही दोषी नहीं माना जा सकता सरकार भी कुछ कंपनियों को टेंडर देती है जो सड़कें बनाने का काम करती है वह कंपनियां वह कंपनियां फिर थोड़े कम क्वालिटी वाले वाली चीजें यूज़ में लेते से सड़कों में कुछ दिनों में गड्ढे बन सकते हैं जो टेंडर पास किया जाता है किसी भी सड़क निर्माण का जन्म प्राइवेट कंपनियों को ही दिया जाता है और फिर वह कंपनियां उन कंपनियों को आगे गुस्से ना बढ़ता रिश्वत के लानी पड़ती है जिससे उनके पास इतना पैसा नहीं पहुंच पाता की अच्छी क्वालिटी की चीजें यूज़ करके सड़क बना पाए तो मैं इंडिया करप्शन है अगर करप्शन खत्म हो जाए जितना पैसा सच में सरकार की तरफ से आ रहे हैं सड़क बनाने के लिए अगर उतना पैसा भी यूज में लिया जाए तो अच्छी क्वालिटी की सड़क बनाई जा सकती है लेकिन बीच में बहुत सारे लेबल्स पर काफी सारा पैसा जो है वह रिश्वत खिलाने में चला जाता है इसलिए अच्छी क्वालिटी के सड़क जो है वह नहीं बन पाती तो सरकार जब तक करप्ट है जब तक तो यह चीजें ठीक नहीं हो सकती

hello friends dekhe sadkon ke jo gaddhe hain uske liye sarkar ko hi doshi nahi mana ja sakta sarkar bhi kuch companion ko tender deti hai jo sadaken banaane ka kaam karti hai vaah companiyan vaah companiyan phir thode kam quality waale waali cheezen use mein lete se sadkon mein kuch dino mein gaddhe ban sakte hain jo tender paas kiya jata hai kisi bhi sadak nirmaan ka janam private companion ko hi diya jata hai aur phir vaah companiyan un companion ko aage gusse na badhta rishwat ke lani padti hai jisse unke paas itna paisa nahi pahunch pata ki achi quality ki cheezen use karke sadak bana paye toh main india corruption hai agar corruption khatam ho jaaye jitna paisa sach mein sarkar ki taraf se aa rahe hain sadak banaane ke liye agar utana paisa bhi use mein liya jaaye toh achi quality ki sadak banai ja sakti hai lekin beech mein bahut saare labels par kafi saara paisa jo hai vaah rishwat khilane mein chala jata hai isliye achi quality ke sadak jo hai vaah nahi ban pati toh sarkar jab tak corrupt hai jab tak toh yah cheezen theek nahi ho sakti

हेलो फ्रेंड्स देखे सड़कों के जो गड्ढे हैं उसके लिए सरकार को ही दोषी नहीं माना जा सकता सरका

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इन सड़कों पर गड्ढे हो जाते हैं यह जो राजपथ पर गड्ढे बन जाते हैं उसका कारण क्या कभी आपने गौर से सोचा उसका कारण हम सब लोगों ने मेरे व्यक्तिगत स्वार्थों में हर प्राणी अपने व्यक्तिगत स्वार्थों में भारतवासी प्रत्येक व्यक्ति या स्वार्थ में इतना डूबा हुआ है इतना अंधा हो रहा है इतना लालची व्यक्ति स्वार्थ के लिए थोड़े से लाभ के लिए पोषण को खोजने में 5 मिनट में लगाता है एग्जांपल दे रहा हूं पैसे मेरे घर का मुझे कनेक्शन करना है सड़क बन चुकी तू सड़क पर मिक्स करके मेरा नल कनेक्शन ले लूंगा लेकिन सड़क को पढ़ना मेरा फर्ज नहीं समझूंगा वह मेरा नैतिक कर्तव्य था मैंने सड़क बनवाई थी मेरे नल के पाइप लेने के लिए तो क्या मेरा नैतिक दायित्व नहीं बनता है कि मैं उसे यथावत जब मैं घर में 500000 लगा सकता हूं तो क्या मुझे ₹500 सीमेंट करवाकर उसे

in sadkon par gaddhe ho jaate hain yah jo raajpath par gaddhe ban jaate hain uska karan kya kabhi aapne gaur se socha uska karan hum sab logon ne mere vyaktigat swarthon mein har prani apne vyaktigat swarthon mein bharatvasi pratyek vyakti ya swartha mein itna dooba hua hai itna andha ho raha hai itna lalchi vyakti swartha ke liye thode se labh ke liye poshan ko khojne mein 5 minute mein lagaata hai example de raha hoon paise mere ghar ka mujhe connection karna hai sadak ban chuki tu sadak par mix karke mera nal connection le lunga lekin sadak ko padhna mera farz nahi samjhunga vaah mera naitik kartavya tha maine sadak banwaai thi mere nal ke pipe lene ke liye toh kya mera naitik dayitva nahi banta hai ki main use yathavat jab main ghar mein 500000 laga sakta hoon toh kya mujhe Rs cement karvakar use

इन सड़कों पर गड्ढे हो जाते हैं यह जो राजपथ पर गड्ढे बन जाते हैं उसका कारण क्या कभी आपने गौ

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:56
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सड़कों के गड्ढे अक्सर हादसों का कारण बनते हैं विवाहित सड़कों के अक्षर नहीं है मुश्किल हादसों का कारण बनते हैं और कई बार यह लोगों के लिए जानलेवा साबित सरकार क्या कर रही है आपकी राय सरकार कुछ नहीं भी गंदा होता है तो सरकार को पनिशमेंट मिलेगी सरकार को 5 साल 10 साल में जाना चाहिए उन्हें भी 2211 करो का सिर दर्द होना चाहिए तब जाकर सरकार को पता चलेगा कि रोड पर खड्डे नहीं होने चाहिए ठीक है यह चीज होनी चाहिए और ऐसी कोई चीज नुकसान

sadkon ke gaddhe aksar hadason ka karan bante hain vivaahit sadkon ke akshar nahi hai mushkil hadason ka karan bante hain aur kai baar yah logon ke liye janleva saabit sarkar kya kar rahi hai aapki rai sarkar kuch nahi bhi ganda hota hai toh sarkar ko punishment milegi sarkar ko 5 saal 10 saal mein jana chahiye unhe bhi 2211 karo ka sir dard hona chahiye tab jaakar sarkar ko pata chalega ki road par khadde nahi hone chahiye theek hai yah cheez honi chahiye aur aisi koi cheez nuksan

सड़कों के गड्ढे अक्सर हादसों का कारण बनते हैं विवाहित सड़कों के अक्षर नहीं है मुश्किल हादस

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Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

0:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या सड़कों में गड्ढों के लिए पूरी तरह सरकार जिम्मेदार है और सड़कों से साल में जो सर्दी होता है उसे पता चला है आंकड़ों में की दसों हजार जो मृत्यु होती है हैं भारत और प्रदेश के अंदर वह सड़कों में गड्ढों की वजह से हो रही हैं और हुई हैं तो इसके लिए पूरी तरह शर्करा सरकार जिम्मेदार होती है सरकार ही जिम्मेदार है और किसी को इसका दोष नहीं दे सकते हैं क्योंकि सरकार अपने नियंत्रण में अपने कानूनों के माध्यम से अपने मापक के माध्यम से उचित सड़कों का निर्माण नहीं कराती इसलिए सड़कों में गड्ढे पड़ती हैं थैंक यू सो मच

kya sadkon mein gaddho ke liye puri tarah sarkar zimmedar hai aur sadkon se saal mein jo sardi hota hai use pata chala hai aankado mein ki deso hazaar jo mrityu hoti hai hain bharat aur pradesh ke andar vaah sadkon mein gaddho ki wajah se ho rahi hain aur hui hain toh iske liye puri tarah sharkara sarkar zimmedar hoti hai sarkar hi zimmedar hai aur kisi ko iska dosh nahi de sakte hain kyonki sarkar apne niyantran mein apne kanuno ke madhyam se apne maapak ke madhyam se uchit sadkon ka nirmaan nahi karati isliye sadkon mein gaddhe padti hain thank you so match

क्या सड़कों में गड्ढों के लिए पूरी तरह सरकार जिम्मेदार है और सड़कों से साल में जो सर्दी हो

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Vimla Bidawatka

Spiritual Thinker

2:10
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सड़कों के गड्ढों के कारण बहुत हादसे होते हैं लेकिन इसके बावजूद भी हम लोगों ने आंख पर पट्टी बांध रखी है अगर एक सरकार है या एक पार्टी है और वह सड़क सुधार नहीं पा रही है तो कम से कम हम दूसरे को चांस तो दे लेकिन हम इतने अंधे हो जाते हैं अंदर अंधभक्त हैं हम जो हम एक ही पार्टी को फिर से फिर से चांस देते हैं वह मीठी-मीठी बातें करते हैं लोग लुभावनी बातें करते हैं चुनाव के समय हम फिर फंस जाते हैं हम फिर सोने को वोट देकर हमको दूसरों को चांस देना चाहिए अगर एक में काम नहीं ठीक किया हम दूसरे को अगर दूसरे ने नहीं किया हम तीसरे को देख लेकिन पहले वाला रो रो के मर जाए वह पार्टी रो रो के मर जाए और वह कितनी भी खयाली पुलाव की बातें करें या चेक चली जैसे बातें करें हम ये करेंगे वो करेंगे हमारे हाथ में बहुत कुछ है जो हम उनको हटा सकते हैं लेकिन समझ में नहीं आ रहा है कि भारत देश के लोगों को क्या हो गया है जो इस बातों ही बातों में फस जाती है वह काम नहीं देखती है कि सरकार कुछ काम कर रही है नहीं कर रही है वह किसी व्यक्ति विशेष के पीछे कि नहीं यह हमारी नैया पार लगा देगा कुछ चमत्कार करेगा कोई चमत्कार नहीं है चमत्कार करने वाले हम हैं हमारे पास वोट का अधिकार है हम उनको हटा सकते हैं हमको लगता है कि नहीं यह नहीं तो दूसरा सामने कौन है तो दूसरा कोई आएगा किसी एक से दुनिया चलती नहीं है अगर वह मर गया तो क्या होगा क्या देश नहीं चलेगा तो थोड़ा सा हमको सबको आंखें खोलने चाहिए हम किस तरीके से आंखें खोल के सरकार बदल सकते हैं हमारे हाथ में बहुत कुछ है लेकिन हम अंधे लूले लंगड़े होकर उसी उसी सरकार को वोट देकर फिर लाते हैं और वह मजाक कर रही है और जनता भुगत रही है थोड़ा सा सावधान देने की और विवेक से चलने की बहुत जरूरत है थैंक यू

sadkon ke gaddho ke karan bahut haadse hote hain lekin iske bawajud bhi hum logon ne aankh par patti bandh rakhi hai agar ek sarkar hai ya ek party hai aur vaah sadak sudhaar nahi paa rahi hai toh kam se kam hum dusre ko chance toh de lekin hum itne andhe ho jaate hain andar andhbhakt hain hum jo hum ek hi party ko phir se phir se chance dete hain vaah mithi mithi batein karte hain log lubhavani batein karte hain chunav ke samay hum phir fans jaate hain hum phir sone ko vote dekar hamko dusron ko chance dena chahiye agar ek mein kaam nahi theek kiya hum dusre ko agar dusre ne nahi kiya hum teesre ko dekh lekin pehle vala ro ro ke mar jaaye vaah party ro ro ke mar jaaye aur vaah kitni bhi khayali pulav ki batein karen ya check chali jaise batein karen hum ye karenge vo karenge hamare hath mein bahut kuch hai jo hum unko hata sakte hain lekin samajh mein nahi aa raha hai ki bharat desh ke logon ko kya ho gaya hai jo is baaton hi baaton mein fas jaati hai vaah kaam nahi dekhti hai ki sarkar kuch kaam kar rahi hai nahi kar rahi hai vaah kisi vyakti vishesh ke peeche ki nahi yah hamari naiya par laga dega kuch chamatkar karega koi chamatkar nahi hai chamatkar karne waale hum hain hamare paas vote ka adhikaar hai hum unko hata sakte hain hamko lagta hai ki nahi yah nahi toh doosra saamne kaun hai toh doosra koi aayega kisi ek se duniya chalti nahi hai agar vaah mar gaya toh kya hoga kya desh nahi chalega toh thoda sa hamko sabko aankhen kholne chahiye hum kis tarike se aankhen khol ke sarkar badal sakte hain hamare hath mein bahut kuch hai lekin hum andhe lule langade hokar usi usi sarkar ko vote dekar phir laate hain aur vaah mazak kar rahi hai aur janta bhugat rahi hai thoda sa savdhaan dene ki aur vivek se chalne ki bahut zaroorat hai thank you

सड़कों के गड्ढों के कारण बहुत हादसे होते हैं लेकिन इसके बावजूद भी हम लोगों ने आंख पर पट्टी

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:26
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल सही कहा आपने की सड़कों के गड्ढों की वजह से अक्सर कई सारे हाथ से हो जाते हैं जिनमें कभी-कभी और किसी व्यक्ति की मृत्यु भी हो जाती है सरकार को अगर फाइन बनाना है तो इसके साथ-साथ सड़कों के गड्ढों पर भी ध्यान देना चाहिए सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए सरकार ने काफी सारे ठेकेदारों को ठेके पर दिया हुआ है इसके अलावा मुंशी पार्टी का भी इसमें योगदान होता है अगर दोनों मिलकर सही चीज में और सही समय पर कार्य करें तो सड़क में गड्ढों की जो संख्या है वह कम होती चली जाए मुझे लगता है यह काम जिम्मेदारी का है और इसमें जिम्मेदार लोगों को काम देना चाहिए जिससे कि सड़कों पर होने वाले हादसों में कमी आ सके अगर ऐसा है कि सड़कों पर गड्ढे लगाकर बनते जा रहे हैं तुम अपन नई सड़क का विकास करना चाहिए या फिर लड़कों को एक नवीनीकरण करवा कर उस स्थान को शुरू से सड़क से भरना चाहिए ताकि वहां पर अचूक अड्डों की संख्या है या जमीन की डिलीवरी है वह सही हो सके मेरा मानना है कि सरकार अगर अच्छी तरीके से इस में काम करें तो सड़कों पर होने वाले हादसों में कमी आ सकती है और ड्राइविंग ही बहुत मौत हो सकती है सड़कों पर होने वाले गड्ढों की वजह से ड्राइविंग भी खराब होती है जिससे डॉक्टर बताते हैं कि शरीर में कई तरह की बीमारियां डिस्प्ले यहां तक की रीढ़ की हड्डी में भी दर्द होने लगता है तो यह चीज अभी धीरे-धीरे कम हो जाएंगी अगर इन कार्डों का सही तरीके से भरा हो कर दिया जाएगा धन्यवाद

bilkul sahi kaha aapne ki sadkon ke gaddho ki wajah se aksar kai saare hath se ho jaate hain jinmein kabhi kabhi aur kisi vyakti ki mrityu bhi ho jaati hai sarkar ko agar fine banana hai toh iske saath saath sadkon ke gaddho par bhi dhyan dena chahiye sadkon ke gaddho ko bharne ke liye sarkar ne kafi saare thekedaaron ko theke par diya hua hai iske alava munshi party ka bhi isme yogdan hota hai agar dono milkar sahi cheez mein aur sahi samay par karya karen toh sadak mein gaddho ki jo sankhya hai vaah kam hoti chali jaaye mujhe lagta hai yah kaam zimmedari ka hai aur isme zimmedar logon ko kaam dena chahiye jisse ki sadkon par hone waale hadason mein kami aa sake agar aisa hai ki sadkon par gaddhe lagakar bante ja rahe hain tum apan nayi sadak ka vikas karna chahiye ya phir ladko ko ek naveenikaran karva kar us sthan ko shuru se sadak se bharna chahiye taki wahan par achuk addon ki sankhya hai ya jameen ki delivery hai vaah sahi ho sake mera manana hai ki sarkar agar achi tarike se is mein kaam karen toh sadkon par hone waale hadason mein kami aa sakti hai aur driving hi bahut maut ho sakti hai sadkon par hone waale gaddho ki wajah se driving bhi kharaab hoti hai jisse doctor batatey hain ki sharir mein kai tarah ki bimariyan display yahan tak ki reedh ki haddi mein bhi dard hone lagta hai toh yah cheez abhi dhire dhire kam ho jaengi agar in cardon ka sahi tarike se bhara ho kar diya jaega dhanyavad

बिल्कुल सही कहा आपने की सड़कों के गड्ढों की वजह से अक्सर कई सारे हाथ से हो जाते हैं जिनमें

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