शी जिनपिंग ऐसे समय भारत दौरे पर आ रहें है जब भारत पाकिस्तान के बीच तनाव है, क्या इससे कुछ बुरा असर हो सकता है?...


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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी शी जिनपिंग ऐसे समय भारत दौरे पर आ रहे हैं जब भारत पाकिस्तान के बीच तनाव है क्या इसे कुछ बुरा और सरस्वती जी नहीं जी जिनपिंग भारत-पाकिस्तान का क्या चल रहा है कश्मीर का मुद्दा अचिंग बुझाने के लिए आ रहा है ओके आराम शहर की शादी सिंपल भारत के पक्ष में होते नहीं के पाकिस्तान के

ji shi jinping aise samay bharat daure par aa rahe hain jab bharat pakistan ke beech tanaav hai kya ise kuch bura aur saraswati ji nahi ji jinping bharat pakistan ka kya chal raha hai kashmir ka mudda aching bujhane ke liye aa raha hai ok aaram shehar ki shadi simple bharat ke paksh mein hote nahi ke pakistan ke

जी शी जिनपिंग ऐसे समय भारत दौरे पर आ रहे हैं जब भारत पाकिस्तान के बीच तनाव है क्या इसे कुछ

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारतीय नेताओं को समझना चाहिए भारत के लीडिंग को समझना चाहिए वह चाइनीज है जो 1962 के दाग को भूले नहीं है इनका प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति हमारे देश में आया था और रात को तो नेहरु जी और उसकी वार्ता हुई है और हिंदी चीनी भाई-भाई के नारे लगे थे और दूसरे दिन किसी चाइना ने सुबह के समय तक कर लिया और अटैक करती पर आज तक की खबर किए हुए पड़ा है तो इनको ध्यान रखना चाहिए चाइना पिक्चर चालाक है विशेष का नहीं है और हमेशा इसका पाकिस्तान क्यों रहा है पाकिस्तान प्रस्ताव हाथ है पाकिस्तान किसी के बल पर पदक रहा है यह बात हमें बोलने नहीं चाहिए इसलिए उससे बात करते समय चाणक्य जैसी कूटनीति के द्वारा ही बचाव पक्ष के पात्र नहीं हो सकते इसलिए ध्यान रखना चाहिए और भारत की जो वफादार मित्र हैं और इजराइल का साथ में कभी नहीं चाहिए हमारे समाज के वफादार मित्र जनों ने आरे वक्त हमारा साथ दिया है अब जापान भी हमारे अच्छे मित्रों में अकाउंट हो रहा है ऐसा नहीं हो कि 40 के संबंध में चाइना से संबंध में हमारे मित्र जो हैं कौन से कट जाए यह ध्यान रखें ध्यान रखा जाए इसलिए चाइना से संबंध बनाते समय चमक चाइना से बात करते समय भारतीय नेताओं को कूटनीतिक से युक्त होना चाहिए तभी चाइना से बेहतर है कि नाकोडा प्लाजा से नासिक की दूरी बनाई जाए चाइना का है चाइना की चाइना गद्दार है यह बात हमें कभी नहीं भूलनी चाहिए नेताओं को चाहिए

bharatiya netaon ko samajhna chahiye bharat ke leading ko samajhna chahiye vaah chinese hai jo 1962 ke daag ko bhule nahi hai inka pradhanmantri aur rashtrapati hamare desh mein aaya tha aur raat ko toh nehru ji aur uski varta hui hai aur hindi chini bhai bhai ke nare lage the aur dusre din kisi china ne subah ke samay tak kar liya aur attack karti par aaj tak ki khabar kiye hue pada hai toh inko dhyan rakhna chahiye china picture chalak hai vishesh ka nahi hai aur hamesha iska pakistan kyon raha hai pakistan prastaav hath hai pakistan kisi ke bal par padak raha hai yah baat hamein bolne nahi chahiye isliye usse baat karte samay chanakya jaisi kootneeti ke dwara hi bachav paksh ke patra nahi ho sakte isliye dhyan rakhna chahiye aur bharat ki jo vafaadar mitra hain aur israel ka saath mein kabhi nahi chahiye hamare samaaj ke vafaadar mitra jano ne aarey waqt hamara saath diya hai ab japan bhi hamare acche mitron mein account ho raha hai aisa nahi ho ki 40 ke sambandh mein china se sambandh mein hamare mitra jo hain kaun se cut jaaye yah dhyan rakhen dhyan rakha jaaye isliye china se sambandh banate samay chamak china se baat karte samay bharatiya netaon ko kutanitik se yukt hona chahiye tabhi china se behtar hai ki nakoda plaza se naasik ki doori banai jaaye china ka hai china ki china gaddar hai yah baat hamein kabhi nahi bhulni chahiye netaon ko chahiye

भारतीय नेताओं को समझना चाहिए भारत के लीडिंग को समझना चाहिए वह चाइनीज है जो 1962 के दाग को

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M S Aditya Pandit

Entrepreneur | Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कुछ नहीं होगा दुनिया में सभी लोग सिर्फ वक्त के लिए काम करते हैं अपने आप को दुनिया में सबसे शक्तिशाली दिखाने के लिए काम करते रसिया हो चाहे ना हो जापान हो मेरी क P1 भारत वर्सेस चाइना को सीट चाहिए कि पाकिस्तान को अपना डिफेंसलेस बनाकर वहां से दुनिया से नजर कर सके और भारत को परेशान करके होंगे दर्शकों चुकी है जो पूरी दुनिया को संभाल सकता है पूरी दुनिया को तकलीफ देकर सकते हो कि मुझे अखिलेश के ऊपर नाम और दुनिया के बारे में ना सोचो

kuch nahi hoga duniya mein sabhi log sirf waqt ke liye kaam karte hain apne aap ko duniya mein sabse shaktishali dikhane ke liye kaam karte rasiya ho chahen na ho japan ho meri k P1 bharat versus china ko seat chahiye ki pakistan ko apna difensales banakar wahan se duniya se nazar kar sake aur bharat ko pareshan karke honge darshakon chuki hai jo puri duniya ko sambhaal sakta hai puri duniya ko takleef dekar sakte ho ki mujhe akhilesh ke upar naam aur duniya ke bare mein na socho

कुछ नहीं होगा दुनिया में सभी लोग सिर्फ वक्त के लिए काम करते हैं अपने आप को दुनिया में सबसे

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:02

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सीजिन ऐसे समय भारत दौरे पर आ रहे हैं जब भारत पाकिस्तान के बीच तनाव है क्या इससे कुछ बुरा असर हो सकता है ऐसे समय में भारत आ रहे हैं कि भारत पाकिस्तान के बीच तनाव है जो कलम 370 35a हटाने के बाद जो पाकिस्तान विरोध कर रहा है आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की गोलियों की पढ़ाई कर रहा है उसमें वह नाकामयाब रहा है लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच में चीन का कोई भी रोल नहीं है जो कि पूरा विश्व के सभी देशों स्पष्ट कर चुके हैं कि यह मसला जो भी है वह भारत व पाकिस्तान के बीच का है इसलिए ऐसे हिलते हुए पैसे स्टेटमेंट दे चुके हैं भारत पाकिस्तान को मिलकर आपकी बातों से हल करना होगा क्योंकि जिनपिंग के साथ भी यही समस्या व चीन में भी है इनकी हांगकांग वहां पर जो समस्या चल रही है भगत जी अच्छा से नहीं करें क्योंकि वह चीन का आपसी मसला है इसलिए हम उनसे मसले पर कुछ भी एक्शन रिएक्शन नहीं देंगे और वह हमारे मसले पर कोई ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करें अंडरस्टैंड जो दो देशों के बीच में होती है जो किसी की बात भी हो सकती है लेकिन उसे कभी तेरी प्रिया अखबारों में यह सब बातें नहीं बताई जाती धन्यवाद

sijin aise samay bharat daure par aa rahe hain jab bharat pakistan ke beech tanaav hai kya isse kuch bura asar ho sakta hai aise samay mein bharat aa rahe hain ki bharat pakistan ke beech tanaav hai jo kalam 370 35a hatane ke baad jo pakistan virodh kar raha hai aatanki gatividhiyon ko anjaam dene ki goliyon ki padhai kar raha hai usmein vaah nakamayab raha hai lekin bharat aur pakistan ke beech mein china ka koi bhi roll nahi hai jo ki pura vishwa ke sabhi deshon spasht kar chuke hain ki yah masala jo bhi hai vaah bharat v pakistan ke beech ka hai isliye aise hilte hue paise statement de chuke hain bharat pakistan ko milkar aapki baaton se hal karna hoga kyonki jinping ke saath bhi yahi samasya v china mein bhi hai inki hongkong wahan par jo samasya chal rahi hai bhagat ji accha se nahi karen kyonki vaah china ka aapasi masala hai isliye hum unse masle par kuch bhi action reaction nahi denge aur vaah hamare masle par koi zyada hastakshep nahi karen understand jo do deshon ke beech mein hoti hai jo kisi ki baat bhi ho sakti hai lekin use kabhi teri priya akhbaron mein yah sab batein nahi batai jaati dhanyavad

सीजिन ऐसे समय भारत दौरे पर आ रहे हैं जब भारत पाकिस्तान के बीच तनाव है क्या इससे कुछ बुरा अ

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Liyakat Ali Gazi

Motivational Speaker, Life Coach & Soft Skills Trainer 📲 9956269300

0:42
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मेरे साथी देखिए ऐसा है कि यह जो अंतरराष्ट्रीय मामले होते हैं जो अंतरराष्ट्रीय रणनीतियां योजनाएं होती है हर देश की है अलग-अलग देशों को लेकर के अलग-अलग होती हैं यदि शी जिनपिंग हमारे देश में आ रहे हैं तो जाहिर सी बात है कि हमारे देश में अनेक उनका उद्देश्य हमारे देश से अच्छे रिश्ते अच्छे संबंध व्यापारिक संबंध आर्थिक संबंध और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करना है तो जो कोई है वहां आएंगे यहां पर हमारे देश से संबंधित योजनाएं बनाएंगे और बात करेंगे और पाकिस्तान से कोई ऐसा कोई बुरा नहीं पड़ेगा थैंक यू सो मच

mere sathi dekhiye aisa hai ki yah jo antararashtriya mamle hote hain jo antararashtriya rananitiyan yojanaye hoti hai har desh ki hai alag alag deshon ko lekar ke alag alag hoti hain yadi shi jinping hamare desh mein aa rahe hain toh jaahir si baat hai ki hamare desh mein anek unka uddeshya hamare desh se acche rishte acche sambandh vyaparik sambandh aarthik sambandh aur antararashtriya sambandhon ko mazboot karna hai toh jo koi hai wahan aayenge yahan par hamare desh se sambandhit yojanaye banayenge aur baat karenge aur pakistan se koi aisa koi bura nahi padega thank you so match

मेरे साथी देखिए ऐसा है कि यह जो अंतरराष्ट्रीय मामले होते हैं जो अंतरराष्ट्रीय रणनीतियां यो

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Ved prakash Mishra

Journalist Dainik jagran { Naidunia}

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चीनी प्रधानमंत्री जी जिनपिंग भारत दौरे पर आए थे बहुत कम संभावना है इसका कोई बुरा असर पड़ेगा यह दो देशों के बीच की भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अलग चीज है हां यह जरूर है कि दोनों देश भारत पाकिस्तान संबंध पर चर्चा कर सकते हैं क्योंकि तीनों ही देश आपस में पड़ोसी हैं किसी भी देश में होने वाली राजनीतिक घटनाओं का असर दूसरे देश पर जरूर पड़ता है यदि राजनीतिक बदलाव आता है तो उसका असर इस देश पर आवश्यक होता है उसे कारण एक देश में होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर दूसरे देश के राजनीतिक चौकी नजर बनी रहती है

chini pradhanmantri ji jinping bharat daure par aaye the bahut kam sambhavna hai iska koi bura asar padega yah do deshon ke beech ki bharat aur pakistan ke beech tanaav alag cheez hai haan yah zaroor hai ki dono desh bharat pakistan sambandh par charcha kar sakte hain kyonki teenon hi desh aapas mein padosi hain kisi bhi desh mein hone waali raajnitik ghatnaon ka asar dusre desh par zaroor padta hai yadi raajnitik badlav aata hai toh uska asar is desh par aavashyak hota hai use karan ek desh mein hone waale raajnitik ghatanaakram par dusre desh ke raajnitik chowki nazar bani rehti hai

चीनी प्रधानमंत्री जी जिनपिंग भारत दौरे पर आए थे बहुत कम संभावना है इसका कोई बुरा असर पड़ेग

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब भी किसी दूर देश के राष्ट्राध्यक्ष एक दूसरे से मिलते हैं तो इन दोनों का मिलने का जो आता है वह ना सिर्फ इन दोनों देशों पर पड़ता है बल्कि पूरी दुनिया की पूरी दुनिया की राजनीति पर इकोनामिक पर असर पड़ता है आपको यादव पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नॉर्थ कोरिया के लीडर किम जोंग उन से मिली थी उसमें भी काफी स्टेशन से क्या होगा क्या नहीं होगा दोनों एक दूसरे से एक तटस्थ स्थान पर मिले थे और काफी अच्छी मीटिंग हुई थी काफी हेल्दी वार्तालाप हुआ था और इसी तरह से जैसे भारत रसिया से मिलता है उसी तरह से भारत और चीन का मीटिंग हो रही है और क्योंकि मुझे लगता है कि दोनों काफी बड़े देश है और खास तौर पर चीन के लिए मीटिंग काफी पढ़ने क्योंकि इंडिया उसका सबसे बड़ा मार्केट को इंडिया वो करता है इंडिया से 60 बिलीयन डॉलर्स कि उसकी सालाना कमाई होती है तो मुझे नहीं लगता कि उसमें वह कुछ भी नेगेटिव करना चाहेगा अगर किसी की टेंशन की बात शायद हमारे पड़ोसी अगर उन्हें लगता है कि चीन हम से संबंध बेहतर कर रहे थे शायद उनके लिए परेशानी है कि उनका फीवर हमेशा लेता रहा है और पाकिस्तान चाहता है कि उनका ही भारत को तो मुझे भी लगता कि कोई परेशानी होगी इस समय बहुत धन्यवाद

jab bhi kisi dur desh ke rashtradhyaksh ek dusre se milte hain toh in dono ka milne ka jo aata hai vaah na sirf in dono deshon par padta hai balki puri duniya ki puri duniya ki raajneeti par economic par asar padta hai aapko yadav pehle america ke rashtrapati donald trump north korea ke leader kim jong un se mili thi usmein bhi kafi station se kya hoga kya nahi hoga dono ek dusre se ek tatasth sthan par mile the aur kafi achi meeting hui thi kafi healthy vartalaap hua tha aur isi tarah se jaise bharat rasiya se milta hai usi tarah se bharat aur china ka meeting ho rahi hai aur kyonki mujhe lagta hai ki dono kafi bade desh hai aur khas taur par china ke liye meeting kafi padhne kyonki india uska sabse bada market ko india vo karta hai india se 60 biliyan dollars ki uski salana kamai hoti hai toh mujhe nahi lagta ki usmein vaah kuch bhi Negative karna chahega agar kisi ki tension ki baat shayad hamare padosi agar unhe lagta hai ki china hum se sambandh behtar kar rahe the shayad unke liye pareshani hai ki unka fever hamesha leta raha hai aur pakistan chahta hai ki unka hi bharat ko toh mujhe bhi lagta ki koi pareshani hogi is samay bahut dhanyavad

जब भी किसी दूर देश के राष्ट्राध्यक्ष एक दूसरे से मिलते हैं तो इन दोनों का मिलने का जो आता

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