भारत में इतने सारे रावण खुलेआम घूमते हैं, उनका वध कौन करेगा?...


play
user

Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

4:40

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखें पहले के जमाने में और आज के जमाने में यही थोड़ा सा फर्क है आप तलवार उठा कर किसी भी रावण का गला काटते हुए नहीं चले जा सकते सोचना पड़ेगा क्या करना है क्या नहीं करना भाई इतना बड़ा देश है इतने सारे लोग हैं इतने सारे लोग ऐसे हैं जो कि नियमों का पालन नहीं करते तो हमें अपने पॉलिसी सामान्य आपने नियम ऐसे बनाने चाहिए ताकि उनका पहले तो लोग अनुसरण करें दूसरा अगर कोई अनुसरण नहीं करता है तो उसकी सजा का या पेनाल्टी का प्रावधान होना चाहिए और हर एक एरिया में होना चाहिए लेकिन होने के बावजूद आते हैं कि लोग अपनी मनमानी करते हैं अभय मनमानी करते हैं तो इसका मतलब यह थोड़ी ना है कि उनका वध कर दो कि हां उनको डेफिनेटली हमें पीने लाइज करना चाहिए अब क्या है कि इतना बड़ा देश इतने सारे लोग इतनी सारी व्यवस्थाएं पॉलिसी रिफॉर्म्स लेकिन उसको चलाने वाले भी तो लोग ही हैं ना अब उस रावण का वध करने की बजाय वह इंसान उस रावण से पैसे रिश्वत ले लेता है तो फिर क्या उसका बात करेगा वही एक पॉलिसी बनाई है कि भाई आपको ऐसे करके काम करना है कोई इंसान को पॉलिसी फॉलो नहीं करता है जब कंप्लायंस के लिए उसके पास पूछा जाता है कि आपने क्यों फॉलो नहीं किया तो वह रिश्वत देकर इस अवसर को चुप करा देता है तो आप रावण कौन हो भाई आप सर भी तो ब्राह्मण हुआ ना तो किस किस का बात करेंगे भाई आप ऐसे नहीं कर सकते हम ऐसा नहीं कर सकते हम सबको एक चीज देखना होगा कि क्या हम सब में छोटे बड़े रावण नहीं है चलिए यह बॉर्डर टाई क्या हम सर में दुर्गुण या अवगुण नहीं हैं क्या हमें अपनी अपनी सोच को थोड़ा सा कंट्रोल करके नहीं जाना चाहिए क्या हमें अपने आप को थोड़ा सा खाना हाल कर उसको थोड़ा साफ सुथरा नहीं बनाना चाहिए हमारे ऊपर जो धूल मिट्टी जम गई है तो सोच कर देखिए किसी भी इंसान को अगर आज आज अगर मौका मिलता है और दो पैसे बनाने का 22 कैसे बना लेता है गलत काम करने का मिलता है मौका तो वह कर लिया था है तो सोचिए क्या आपको लगता है कि सभी इंसान से ही है भाई अच्छे भी हैं इंसान और इतने अच्छे नहीं हैं अच्छे इंसान भी कई बार है परिस्थिति के आगे नतमस्तक हो जाते हैं तो उनका क्या करेंगे सिंपल सी बात है एक तो नियम कानून का पालन करें सब लोग क्योंकि इस देश में इस देश के कार्य व्यवस्था है इस देश का एक का कॉन्स्टिट्यूशन है उसके अंतर्गत नियम कानून में प्रावधान वगैरह वगैरह बनाए हैं उसे स्टेट के अंदर नियम कानून प्रावधान है हर जगह पर आप जाएंगे तो नियम कानून है चाहे वह ऑफिस और स्कूलों कॉलेजों हॉस्पिटल लो ऑफिस जो बैंक को कहीं पर भी आ जाए नियम कानून में हमें अपने नियम कानून पाया पालने का पालिका दूसरा हमें अपनी मर्यादा में रहना चाहिए हमें उन संस्कारों के साथ जीना चाहिए जो सही होता है यह कहां पर होता है भैया आप अपने घर से ही शुरु करते हैं आपके घर में कैसा माहौल है क्या करते हैं घर के बाहर आप दूसरों लोगों से कैसे पेश आते हैं आप का ऑफिस है या कोई भी सगा है वह दूसरी बात हो गई तो इन टोटलिटी मैं यह बोलता हूं कि आप रावण को ढूंढकर वध करने की बजाय जो कि संभव नहीं है आज के तारीख में हमें हमें तो यह कहना है कि भाई हमें सबसे पहले नियम कानून का पालन करना है उसके बाद हमें अपने अंदर देखना है कि हमें क्या बदलाव लाने की जरूरत है ताकि मेरे अंदर जो दोष हैं आप गुड है उसको मैं कम कर सकूं खत्म करना तो एकदम मुमकिन नहीं होता लेकिन ऐसी जगह शुरू करो अपने आप को जाने के पहचानने का कि मेरे अंदर क्या दिक्कत है क्या परेशानी है ओपन रहूं तो फिर मैं अपने अंदर के उसको उस रावण को उसको जो कि शायद उतना अच्छा नहीं है उसको मैं काम कर सकता हूं इसी तरह से अगर मैं अपनी बात करता हूं आप अपनी बात करते हैं और सब लोग अपने अपने बारे में सोचते हैं तो सोचिए सबके अंदर का वह जो कौन है वह कम हो जाएगा जब वह काम हो जाएगा तो हम सब मिलकर थोड़ा बैठे तरीके से रह सकते हैं सोच कर देखेगा हमें तो यह करने की जरूरत है इसके अलावा कुछ और करने की जरूरत नहीं है हां गवर्मेंट और पॉलिसी रे बावरी है वह जो बीच जो अपना करना चाहे वह सब तो देखने के लिए होती होती है लेकिन सबसे पहले हमें अपने आपके अंदर झांककर देखना चाहिए बजाय इसके कि मैं उसको चेंज करो उसको करेक्ट करूं इसको खोसो उसको बोलो कि यह सिस्टम प्रॉब्लम है यह प्रॉब्लम है क्या मैं अपने आप को मैनेज करता हूं ठीक ठाक से बस इतना कर लें काफी है और हम सब को करना पड़ेगा 248 10 लोगों के करने से नहीं होगा सबको करना पड़ेगा

dekhen pehle ke jamane mein aur aaj ke jamane mein yahi thoda sa fark hai aap talwar utha kar kisi bhi ravan ka gala katatey hue nahi chale ja sakte sochna padega kya karna hai kya nahi karna bhai itna bada desh hai itne saare log hai itne saare log aise hai jo ki niyamon ka palan nahi karte toh hamein apne policy samanya aapne niyam aise banane chahiye taki unka pehle toh log anusaran kare doosra agar koi anusaran nahi karta hai toh uski saza ka ya penalti ka pravadhan hona chahiye aur har ek area mein hona chahiye lekin hone ke bawajud aate hai ki log apni manmani karte hai abhay manmani karte hai toh iska matlab yah thodi na hai ki unka vadh kar do ki haan unko definetli hamein peene lies karna chahiye ab kya hai ki itna bada desh itne saare log itni saree vyavasthaen policy reforms lekin usko chalane waale bhi toh log hi hai na ab us ravan ka vadh karne ki bajay vaah insaan us ravan se paise rishwat le leta hai toh phir kya uska baat karega wahi ek policy banai hai ki bhai aapko aise karke kaam karna hai koi insaan ko policy follow nahi karta hai jab compliance ke liye uske paas poocha jata hai ki aapne kyon follow nahi kiya toh vaah rishwat dekar is avsar ko chup kara deta hai toh aap ravan kaun ho bhai aap sir bhi toh brahman hua na toh kis kis ka baat karenge bhai aap aise nahi kar sakte hum aisa nahi kar sakte hum sabko ek cheez dekhna hoga ki kya hum sab mein chote bade ravan nahi hai chaliye yah border tie kya hum sir mein durgun ya avgun nahi hai kya hamein apni apni soch ko thoda sa control karke nahi jana chahiye kya hamein apne aap ko thoda sa khana haal kar usko thoda saaf suthara nahi banana chahiye hamare upar jo dhul mitti jam gayi hai toh soch kar dekhiye kisi bhi insaan ko agar aaj aaj agar mauka milta hai aur do paise banane ka 22 kaise bana leta hai galat kaam karne ka milta hai mauka toh vaah kar liya tha hai toh sochiye kya aapko lagta hai ki sabhi insaan se hi hai bhai acche bhi hai insaan aur itne acche nahi hai acche insaan bhi kai baar hai paristithi ke aage natamastak ho jaate hai toh unka kya karenge simple si baat hai ek toh niyam kanoon ka palan kare sab log kyonki is desh mein is desh ke karya vyavastha hai is desh ka ek ka Constitution hai uske antargat niyam kanoon mein pravadhan vagera vagairah banaye hai use state ke andar niyam kanoon pravadhan hai har jagah par aap jaenge toh niyam kanoon hai chahen vaah office aur schoolon collegeon hospital lo office jo bank ko kahin par bhi aa jaaye niyam kanoon mein hamein apne niyam kanoon paya palne ka palika doosra hamein apni maryada mein rehna chahiye hamein un sanskaron ke saath jeena chahiye jo sahi hota hai yah kahaan par hota hai bhaiya aap apne ghar se hi shuru karte hai aapke ghar mein kaisa maahaul hai kya karte hai ghar ke bahar aap dusro logo se kaise pesh aate hai aap ka office hai ya koi bhi saga hai vaah dusri baat ho gayi toh in totliti main yah bolta hoon ki aap ravan ko dhundhakar vadh karne ki bajay jo ki sambhav nahi hai aaj ke tarikh mein hamein hamein toh yah kehna hai ki bhai hamein sabse pehle niyam kanoon ka palan karna hai uske baad hamein apne andar dekhna hai ki hamein kya badlav lane ki zarurat hai taki mere andar jo dosh hai aap good hai usko main kam kar saku khatam karna toh ekdam mumkin nahi hota lekin aisi jagah shuru karo apne aap ko jaane ke pahachanne ka ki mere andar kya dikkat hai kya pareshani hai open rahun toh phir main apne andar ke usko us ravan ko usko jo ki shayad utana accha nahi hai usko main kaam kar sakta hoon isi tarah se agar main apni baat karta hoon aap apni baat karte hai aur sab log apne apne bare mein sochte hai toh sochiye sabke andar ka vaah jo kaun hai vaah kam ho jaega jab vaah kaam ho jaega toh hum sab milkar thoda baithe tarike se reh sakte hai soch kar dekhega hamein toh yah karne ki zarurat hai iske alava kuch aur karne ki zarurat nahi hai haan government aur policy ray babri hai vaah jo beech jo apna karna chahen vaah sab toh dekhne ke liye hoti hoti hai lekin sabse pehle hamein apne aapke andar jhankakar dekhna chahiye bajay iske ki main usko change karo usko correct karu isko khoso usko bolo ki yah system problem hai yah problem hai kya main apne aap ko manage karta hoon theek thak se bus itna kar le kaafi hai aur hum sab ko karna padega 248 10 logo ke karne se nahi hoga sabko karna padega

देखें पहले के जमाने में और आज के जमाने में यही थोड़ा सा फर्क है आप तलवार उठा कर किसी भी रा

Romanized Version
Likes  662  Dislikes    views  8280
WhatsApp_icon
5 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Vinod Tiwari

Journalist

2:01
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सवाल यह है कि भारत में इतने सारे रावण खुलेआम घूम तो उनका बंद करें लेकिन मेरे प्रिय मित्र जिसने भी यह सवाल लिखा है मैं उसे जानता जानना चाहता हूं कि भारत में इतने सारे रावण हैं तो राम भी कहीं हैं लेकिन फर्क इतना है कि रावण का वध करने के लिए राम तो है लेकिन ऐसा कोई लक्ष्मण का भक्त नहीं है जो राम की ताकत बनकर घूम रहे हैं और दाम भी सिक्के के दो पहलू होते हैं अगर आपने बोला रावण का वध फोन करेगा रावण खुलेआम घूम रहे तो हमारी आराम भी है लेकिन रावण को पहचानते हैं राम को नहीं पहचानते भक्त हनुमान है सुंदरकांड का पाठ करते हैं जो बहुत ताकतवर हैं दिमाग से हैं शारीरिक रूप से हैं बौद्धिक रूप से हैं धन से हैं दौलत से हैं लेकिन सवाल उठता है कि वही बात की रावण को तो सब पहचान राम को कोई ढूंढ कर ली आपने भी इतना स्वीकृत ऋषि कर ली क्योंकि हम दोनों की करने से कुछ नहीं होगा जब तक हम भाती भाती है इकट्ठे होकर समाज में इकट्ठे होकर युवा बुजुर्ग महिला पुरुष जब तक करने के लिए एकता नहीं दिखाएंगे अब तक रावण खुलेआम घूमेंगे और राम है लेकिन आपको पहचान नहीं पा रहे

sawaal yah hai ki bharat mein itne saare ravan khuleaam ghum toh unka band kare lekin mere priya mitra jisne bhi yah sawaal likha hai use jaanta janana chahta hoon ki bharat mein itne saare ravan hain toh ram bhi kahin hain lekin fark itna hai ki ravan ka vadh karne ke liye ram toh hai lekin aisa koi lakshman ka bhakt nahi hai jo ram ki takat bankar ghum rahe hain aur daam bhi sikke ke do pahaloo hote hain agar aapne bola ravan ka vadh phone karega ravan khuleaam ghum rahe toh hamari aaram bhi hai lekin ravan ko pehchante hain ram ko nahi pehchante bhakt hanuman hai sundarakand ka path karte hain jo bahut takatwar hain dimag se hain sharirik roop se hain baudhik roop se hain dhan se hain daulat se hain lekin sawaal uthata hai ki wahi baat ki ravan ko toh sab pehchaan ram ko koi dhundh kar li aapne bhi itna sawikrit rishi kar li kyonki hum dono ki karne se kuch nahi hoga jab tak hum bhati bhati hai ikatthe hokar samaj mein ikatthe hokar yuva bujurg mahila purush jab tak karne ke liye ekta nahi dikhayenge ab tak ravan khuleaam ghumenga aur ram hai lekin aapko pehchaan nahi paa rahe

सवाल यह है कि भारत में इतने सारे रावण खुलेआम घूम तो उनका बंद करें लेकिन मेरे प्रिय मित्र ज

Romanized Version
Likes  92  Dislikes    views  1310
WhatsApp_icon
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:28
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में इतने सारे राम खुलेआम घूमते हैं इनका वह कौन करेगा इनका वह तो पुलिस ही करेंगे ओके और इंसान ही इंसान को जब तू लगे कि यह रावण जैसा है तो उसका वीडियो फैला दो फेसबुक पर ऑटोमेटिक मीडिया वाले और पुलिस वाले उस पर ध्यान केंद्रित करें के अंदर एक जागरूक नागरिक बनना चाहिए

bharat mein itne saare ram khuleaam ghumte hain inka vaah kaun karega inka vaah toh police hi karenge ok aur insaan hi insaan ko jab tu lage ki yah ravan jaisa hai toh uska video faila do facebook par Automatic media waale aur police waale us par dhyan kendrit kare ke andar ek jagruk nagarik banna chahiye

भारत में इतने सारे राम खुलेआम घूमते हैं इनका वह कौन करेगा इनका वह तो पुलिस ही करेंगे ओके औ

Romanized Version
Likes  354  Dislikes    views  4382
WhatsApp_icon
user

Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:60
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में इतने सारे रावण खुलेआम घूमते हैं उनका वध कौन करेगा जी हां यह तो सत्य है कि भारत में बहुत सारे राम खुलेआम घूमते हैं वह अलग-अलग रूप में है वह रावण के रूप में नहीं है उनका रूप अलग है और काम बुरा है रावण हमें अपने संविधान में हमें विश्वास है और रखना चाहिए कि बुरे कर्म ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल पाते हैं उनका अवश्य एक न एक दिन अंत होना निश्चित है कानून के हाथ बहुत लंबे हमें भारत के कानून में जनता में विश्वास रखना चाहिए कि चाहे कितने भी रावण घूम रहे हो पुलिस प्रशासन के हाथ बहुत लंबे चाहे हम पुलिस प्रशासन अरे कितनी बुराइयां होती हो लेकिन इतनी सारी अच्छाइयां भी है और उनको इतनी सकता है कि वह एक ने ऐसे लोगों को गिरफ्तार करके चाहे कोई नहीं रहने दिया कर उनको छुड़ाने का प्रयास करता है एक दो बार छूट जाते लेकिन एक न एक दिन अवश्य सजा पाते इसलिए हैं बुरे कर्मों का अंजाम बुरा ही होता है चाहे देर हो तो देर हो लेकिन वह एक मैजिक सजाते हैं यह जरूर सही है कि इतने सारे रावण आजकल घूम रहे हैं उनको वध करने की जरूरत न्यायपालिका में है और हमारे पुलिस प्रशासन में है धन्यवाद

bharat mein itne saare ravan khuleaam ghumte hain unka vadh kaun karega ji haan yah toh satya hai ki bharat mein bahut saare ram khuleaam ghumte hain vaah alag alag roop mein hai vaah ravan ke roop mein nahi hai unka roop alag hai aur kaam bura hai ravan hamein apne samvidhan mein hamein vishwas hai aur rakhna chahiye ki bure karm zyada lambe samay tak nahi chal paate hain unka avashya ek na ek din ant hona nishchit hai kanoon ke hath bahut lambe hamein bharat ke kanoon mein janta mein vishwas rakhna chahiye ki chahen kitne bhi ravan ghum rahe ho police prashasan ke hath bahut lambe chahen hum police prashasan are kitni buraiyan hoti ho lekin itni saree achaiya bhi hai aur unko itni sakta hai ki vaah ek ne aise logo ko giraftar karke chahen koi nahi rehne diya kar unko chudane ka prayas karta hai ek do baar chhut jaate lekin ek na ek din avashya saza paate isliye hain bure karmon ka anjaam bura hi hota hai chahen der ho toh der ho lekin vaah ek magic sajate hain yah zaroor sahi hai ki itne saare ravan aajkal ghum rahe hain unko vadh karne ki zarurat nyaypalika mein hai aur hamare police prashasan mein hai dhanyavad

भारत में इतने सारे रावण खुलेआम घूमते हैं उनका वध कौन करेगा जी हां यह तो सत्य है कि भारत म

Romanized Version
Likes  63  Dislikes    views  1214
WhatsApp_icon
user

Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने बहुत अच्छे सवाल पूछा है अलग-अलग फील्ड में अलग-अलग जगहों पर भारत में बहुत सारी रावण को लिखते हैं इनका व उनका कार्य करेगा दिखी रावण का वध किसने किया रावण को उसके अहंकार ने किया तो यह जितने भी खुलेआम घूम रहे हैं उनका भी उनका एक बात बताता हूं एक नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने जो एक लाइन कही थी उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपनी मां से पूछा कि मम्मी क्या मैं कभी एक घर अच्छा बंधन की माता ने कहा कि बेटा कचरे के ढेर का स्थान भी बदल जाता है तू तभी इंसान है तेरा वक्त बदलेगा तो जब उस व्यक्ति का वक्त बदला है कितना अच्छे से बताती हो सकती है अगर हमारे में जो रावण घूम रहे प्ले हम उतने के टिप्स

aapne bahut acche sawaal poocha hai alag alag field mein alag alag jagaho par bharat mein bahut saree ravan ko likhte hai inka va unka karya karega dikhi ravan ka vadh kisne kiya ravan ko uske ahankar ne kiya toh yah jitne bhi khuleaam ghum rahe hai unka bhi unka ek baat batata hoon ek nawazuddin siddiki ne jo ek line kahi thi unhone kaha tha ki unhone apni maa se poocha ki mummy kya main kabhi ek ghar accha bandhan ki mata ne kaha ki beta kachre ke dher ka sthan bhi badal jata hai tu tabhi insaan hai tera waqt badlega toh jab us vyakti ka waqt badla hai kitna acche se batati ho sakti hai agar hamare mein jo ravan ghum rahe play hum utne ke tips

आपने बहुत अच्छे सवाल पूछा है अलग-अलग फील्ड में अलग-अलग जगहों पर भारत में बहुत सारी रावण को

Romanized Version
Likes  43  Dislikes    views  869
WhatsApp_icon
qIcon
ask

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!