सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहाँ तक सफल हो पायी है?...


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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

3:55
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सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहां तक सफल हो पाएगी सरकार ने प्लास्टिक पर सिंगल न्यूज़ प्लास्टिक पर बैन लगाने का पहले बोला था कि 2 अक्टूबर से गांधी जयंती के दिन से सिंगल ही प्लास्टिक पर हम लगाएंगे लेकिन फिलहाल वर्तमान समय में हमारी इंडियन इंडस्ट्री की हालत देखकर सरकार ने इस पर पुनर्विचार करने के लिए यह कदम को एक कदम पीछे हट गई सरकार उन्होंने जनजागृति के आधार पर इसको रख दिया सिंगल न्यूज़ प्लास्टिक को जनजागृति के जरिए हमें यूज़ नहीं करना चाहिए इसका उपयोग कम करते जाना चाहिए प्लास्टिक इंडस्ट्री उसके ऊपर ज्यादा दबाव 9:00 बजे की खराब होने की संभावना थी और उसकी ऑप्शन में प्लास्टिक के प्रकार के पास फिलहाल कोई अन्य प्रोडक्ट नहीं कि अगर जैसे प्लास्टिक के उपयोग को तुरंत रोक लगा दी जाए बैन कर दिया जाए उसके ऑप्शन में कोई मेटल या कोई ऐसी वस्तु का उपयोग करें कि तुरंत ही वह लोकप्रिय हो जाए और इसी हेलो ऐसा कुछ नहीं हो पाया है इसलिए हमको ऐसे इंडियन सिटीजन सिंगल यूज प्लास्टिक पर उसने खुद ही रोक लगानी होगी और पर्यावरण को बचाने के लिए उसमें अपना सरकार देना चाहिए सरकार का काम है दिल लगाना लेकिन उस पर हम कहां तक हमारी जागृति है वह हमारे ऊपर ही निर्भर करती है इसलिए हमने सोचा कि सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में सफल हुई है या कम हुई है तो यह अपनी जगह सरकार अपने लेवल पर जो करना चाहती हो वह करेगी लेकिन हम को सोचना चाहिए कि प्लास्टिक 20% है 20% थी उसका उपयोग हो पाता है और बाकी कहां कचरे के रूप में कबाड़ के रूप में आता है कल के लेटेस्ट न्यूज के अनुसार मथुरा में प्लास्टिक रीसायकल करके डीजल बनाने का एक प्रोजेक्ट शुरू हुआ है और सरकार को प्लास्टिक पर बैन लगाने के बजाय प्लास्टिक को रिसाइकल करके और उससे डीजल बनाने का जो जैसा मथुरा में लगा है वैसा भारत के चारों तरफ जहां तक हो सके वह प्रोजेक्ट को अमल में लेना चाहिए ताकि उसे जो प्लास्टिक की चीजों का पूरे कबाड़ का रीसायकल हो सके और उसकी हमें छोड़ दें और हाइड्रोकार्बन भी उसे जो मिले काम आए इसी तरह से उपयोग को रोकने के लिए उपयोग की उपयोगिता करना ज्यादा पाया जाता वहीं सरकार के लिए सफलता होगी धन्यवाद जय हिंद

sarkar plastic par ban lagane mein kahaan tak safal ho payegi sarkar ne plastic par singles news plastic par ban lagane ka pehle bola tha ki 2 october se gandhi jayanti ke din se singles hi plastic par hum lagayenge lekin filhal vartaman samay mein hamari indian industry ki halat dekhkar sarkar ne is par punarvichar karne ke liye yah kadam ko ek kadam peeche hut gayi sarkar unhone janajagriti ke aadhaar par isko rakh diya singles news plastic ko janajagriti ke jariye hamein use nahi karna chahiye iska upyog kam karte jana chahiye plastic industry uske upar zyada dabaav 9 00 baje ki kharab hone ki sambhavna thi aur uski option mein plastic ke prakar ke paas filhal koi anya product nahi ki agar jaise plastic ke upyog ko turant rok laga di jaaye ban kar diya jaaye uske option mein koi metal ya koi aisi vastu ka upyog kare ki turant hi vaah lokpriya ho jaaye aur isi hello aisa kuch nahi ho paya hai isliye hamko aise indian citizen singles use plastic par usne khud hi rok lagani hogi aur paryavaran ko bachane ke liye usme apna sarkar dena chahiye sarkar ka kaam hai dil lagana lekin us par hum kahaan tak hamari jagriti hai vaah hamare upar hi nirbhar karti hai isliye humne socha ki sarkar plastic par ban lagane mein safal hui hai ya kam hui hai toh yah apni jagah sarkar apne level par jo karna chahti ho vaah karegi lekin hum ko sochna chahiye ki plastic 20 hai 20 thi uska upyog ho pata hai aur baki kahaan kachre ke roop mein kabad ke roop mein aata hai kal ke latest news ke anusaar mathura mein plastic risayakal karke diesel banane ka ek project shuru hua hai aur sarkar ko plastic par ban lagane ke bajay plastic ko recycle karke aur usse diesel banane ka jo jaisa mathura mein laga hai waisa bharat ke charo taraf jaha tak ho sake vaah project ko amal mein lena chahiye taki use jo plastic ki chijon ka poore kabad ka risayakal ho sake aur uski hamein chod de aur hydrocarbon bhi use jo mile kaam aaye isi tarah se upyog ko rokne ke liye upyog ki upayogita karna zyada paya jata wahi sarkar ke liye safalta hogi dhanyavad jai hind

सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहां तक सफल हो पाएगी सरकार ने प्लास्टिक पर सिंगल न्यूज़ प

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N. K. SINGH 'Nitesh'

Educator, Life Coach, Writer and Expert in British English Language, Author of Book/Fiction Lucky Girl (Love vs Marriage)

8:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए चर्चा का विषय है इस सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में सफल हो पाई है यदि शहरों को देखें तो बहुत हद तक सरकार अपने इस कदम में कामयाब रही है और सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग एटी परसेंट मैं देख रहा हूं शहरों में जो बड़े सारे खास करके दिल्ली मुंबई जैसे शहर यहां लगभग लगभग बंद हो उसकी जगह पर दूसरी थैलियां आ गए हैं और किसी भी नए सिस्टम में थोड़ा सा वक्त लगता है यह जो कदम उठाया गया है या विश्व हित में हम इसे कहेंगे मानव हित में उठाया गया कदम कहेंगे क्योंकि पर्यावरण है शुद्ध सभी हम हैं सुरक्षित यदि पर्यावरण शुद्ध है तो हम भी असुरक्षित हैं अशुद्ध पर्यावरण हमारे लिए धीमा जहर है और हमें ऐसी गंभीर बीमारियां दे जाता है जिसका हम अंदाजा नहीं लगाते हैं और चुकी शुद्ध पर्यावरण का परिणाम रातोंरात नहीं दिखता है इसलिए हम उतना सचेत नहीं हो पाते इसके लिए जितना होना चाहिए लंबे समय तक के परिणाम देता है लेकिन भयावह परिणाम देता है जिस तरह से फेफड़े का कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं यह सब प्रदूषित पर्यावरण कहलाता है पर्यावरण की शुद्धता की दिशा में उठाया गया एक कदम और सरकार बहुत हद तक इस में सफल हो पाए सिस्टम में शामिल होने में लोगों की दिनचर्या में शामिल होने में कुछ वक्त लगेगा लोगों के कल्चर में जैसे ही ढल जाएगा वैसे ही वह छोटे उत्पादों को खरीदने के लिए अपने घरों से थैला लेकर के निकलने लगेंगे बाहर आग फैली मिल भी रहे हैं दूसरे ढंग के निकलने की संस्कृति भी आने लगी और जब यह हीरोज में ढल जाएगा जब हम सब्जी खरीदने जाएंगे खरीदने जाएंगे अपने आप बंद हो जाएगा पर मैं देख रहा हूं कि लोग इसे दोहे संजीदगी के तौर पर लेने लगे पढ़े-लिखे लोग तो लेने ही लगे हैं कुछ लोगों का जरूर हमें पैसा आ रहा है नेगेटिव कि यह भारत है भारत में ऐसा संभव नहीं है यह चलता ही रहेगा ऐसा कुछ नहीं देती हो जाएंगे जब उन्हें दिखेगा दिखना शुरू हो जाएगा तो लोग भी पॉजिटिव हो जाएंगे क्योंकि भी ताल वाले लोग हैं जो आगे की भीड़ को देख कर फैसला लेना तो मुझे लगता है कि सरकार उसने बहुत हद तक सफल हो पाई है जिस तरह से 2 अक्टूबर के दिन स्वच्छता अभियान चलाया गया उसने प्लास्टिक के कचरे से मुक्ति के लिए भी जगह-जगह बैनर पोस्टर और कार्यक्रम आयोजित किए गए उससे लोगों में जागरूकता तो पैदा हुई और यह तो समझ में आने लगा है लोगों को यह उठाया गया इससे हमारे लिए ना कि किसी सरकारी फायदे के लिए तो इसलिए लोग उस पर विचार कर रहे हैं इसमें कोई दो राय नहीं तो सरकार को सफलता मिली है इसमें पूरी सफलता मिलने में समय लगेगा और देश सफेद मिल ही जाएगा अभी खास करके दिल्ली जैसे शहरों में जो देखने में आ रहा है विसर्जन के दौरान भी जगह-जगह तालाब बनाए गए और यहां मूर्तियां विसर्जित की गई और जो कच्चे हैं उसे निकाल लिया गया पूरा जोर लगाया है सिंगल न्यूज़ प्लास्टिक को बंद करने का वह निश्चित ही सफल होना ही होना है दूसरी बात प्रकाश जावेडकर जी जो यह बता रहे थे अपने भाषण के दौरान हम अगले स्टेट में दूसरे तरह के प्लास्टिक को भी बैंक करें जब उन्हें लगेगा लिस्ट हंड्रेड परसेंट हमारा सत्याग्रह तो दूसरे प्लास्टिक अभी देखे लोगों ने अपने घरों में प्लास्टिक की बोतलों की जगह जब उन्हें फायदे समझ में आने लगे धातु से बने हुए हैं बोतल तो उनके घरों में अब प्लास्टिक के बोतल बहुत कम ही अब उनकी जगह पर टीम के पीतल के इस तरह के बर्तन आने लगे हैं कॉपर के पापड़ का प्रयोग तो धीरे-धीरे मैं देख रहा हूं बहुत ज्यादा बढ़ रहा है आने लगे हैं लोग रखने लगे और सरकार का एक और अच्छा कदम मैं देख रहा हूं कि जो मीटिंग हो रही है उसमें अब प्लास्टिक बॉटल्स का प्रयोग कम किया जा रहा है यह बहुत अच्छा है जब कोई ऊपर का लेबल कोई अच्छा कदम उठाता है तो नीचे के जनता उसको फॉलो करती है और वह जब दिखेगा तो जनता निश्चित रूप से फॉलो करें और विश्व में चर्चा है कि ऐसा नहीं है कि कोई जगह छूट गया है गांव के लोग छूट गए हैं गांव तक में यह चर्चा है कि प्लास्टिक बंद हो रहा है और प्लास्टिक के बंद होने से उन्हें क्या फायदे और नुकसान हैं इस पर विचार और मुझे लग रहा है इनमें प्लास्टिक बैन लगा है वह कदम साबित होगा सरकार बैन लगाने में बिल्कुल कामयाब हुई है सफल हुई है और इसको इस कदम में हंड्रेड परसेंट सफलता मिल जाएगी जिस तरह से उन्होंने बैन लगाया है कि भारी जुर्माना लग सकता है यह देखा गया यह स्टिक जहां बंद है उन कंपनियों पर भी नजर रखी है यदि प्रोडक्शन नहीं होगा तो मार्केट में भी वह नहीं पहुंचेगा तो इसी छोटे दुकानदार पर नजर रखने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर उस प्रोडक्शन फैक्टरी पर भी नजर रखनी होगी जहां से सिंगर लिए प्लास्टिक तैयार होकर के और इन हाथों में पहुंचते हैं तो यह जो सफलता 80 पर्सेंट है शहरी इलाकों में ऐसे बस में बात करूंगा हंड्रेड परसेंट पहुंच जाएगी और जब शहर में कोई चीज आती है अब देखते कि शहर में कोई नया ड्रेस चलता है तो गांव में कितना लगता है वहां के लोग फॉलो करते हो जाएगा आज तो शहरी आबादी को सफल हो जाए धन्यवाद

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देखिए चर्चा का विषय है इस सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में सफल हो पाई है यदि शहरों को देखे

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Govind Saraf

Entrepreneur

1:03
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सफलता की और हमने कदम रखा है प्लास्टिक को देश को प्लास्टिक मुक्त करने का एक निर्णय लिया है एक वचन है कोशिश है और भले ही कोशिश से कितनी भी छुट्टी क्यों ना हो उसे भरा करना हमारा अधिकार है और हमारा हक के आगे हम से ही शुरु होता है इस कोशिश को अगर हम आज बना नहीं करेंगे तो कल इतनी कितनी भी नेगेटिव इंपैक्ट है कितने पेपर लक्षण है जहां प्रकृति हमें देगी की शुरुआत है इस शुरुआत कदम में हाथ से हाथ में कब लड़ाई चले कास्टिक जैसी चीजों का इस्तेमाल ना करें कैसे जब पीने के लिए जूट के थैले जूट का बैग लेकर निकले तो क्या उसमें सामान दोबारा ना पाए ना कि हमें दुकानदार से सहायता की प्लास्टिक मांगना पर एक सुरक्षित भविष्य अकल की कामना अच्छी बात है लेकिन उसे बनाना उसे तय करना हमारे ही हाथ में

safalta ki aur humne kadam rakha hai plastic ko desh ko plastic mukt karne ka ek nirnay liya hai ek vachan hai koshish hai aur bhale hi koshish se kitni bhi chhutti kyon na ho use bhara karna hamara adhikaar hai aur hamara haq ke aage hum se hi shuru hota hai is koshish ko agar hum aaj bana nahi karenge toh kal itni kitni bhi Negative impact hai kitne paper lakshan hai jaha prakriti hamein degi ki shuruat hai is shuruat kadam mein hath se hath mein kab ladai chale caustic jaisi chijon ka istemal na kare kaise jab peene ke liye jute ke thaile jute ka bag lekar nikle toh kya usme saamaan dobara na paye na ki hamein dukaandar se sahayta ki plastic maangna par ek surakshit bhavishya akal ki kamna achi baat hai lekin use banana use tay karna hamare hi hath mein

सफलता की और हमने कदम रखा है प्लास्टिक को देश को प्लास्टिक मुक्त करने का एक निर्णय लिया है

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Jeet Dholakia

Anchor and Media Professional

2:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्लास्टिक पर बैन लगाने की जो बात है तो उसमें मैं बताना चाहता हूं कि आज सरकार ने तो चलो यह बात लोगों तक पहुंचा दी कि भैया प्लास्टिक हमें यूज नहीं करना चाहिए या तो फिर दोबारा इस्तेमाल हो सके इस तरह का प्लास्टिक का जो जहां कहीं भी इस्तेमाल हो रहा है तो सर का प्लास्टिक के ऊपर हमें बहुत ही ज्यादा उसका महत्व नहीं देना चाहिए और हमारे घरेलू उपयोग के लिए पिया में प्लास्टिक का इस्तेमाल धीरे-धीरे कम करना चाहिए और उसके बाद बंद कर देना चाहिए तो यहां पर जो है कि सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहां तक सफल हो पाई है तो मेरे ख्याल से सरकार का काम जो है वह एक जागरूकता फैलाना है लोगों में कृपया प्लास्टिक यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल कर रहे हो तो वह ना करें व्यापारियों से भी अपील करती रहती है कि आप प्लास्टिक का इस्तेमाल ना करें अपने ग्राहकों के लिए आज जो भी है तो प्लास्टिक उसमें आप भी आशिक बन कर देख कुछ चाहिए धर्म जागरूक हो जाएंगे तो मेरे ख्याल से सरकार ने जो प्लास्टिक पर बैन लगाया है उसमें सरकार को तो सफलता मिलेगी ही मिलेगी पर मुझे लगता है कि लोगों को भी बहुत ही अच्छी सफलता मिलेगी और अगर प्लास्टिक कब मार्केट में से चला ही जाता है उसका इस्तेमाल संपूर्णता बंद हो जाता है तो मेरे ख्याल से आने वाले कल के लिए भी अच्छा है हमारे लिए भी अच्छा है लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है और सरकार ने जो यह प्लास्टिक पर बैन लगाने का विचार लोगों में रखा है और एक का उसकी तरफ आगे बढ़ रही है तो उसमें हम लोगों के साथ देंगे देश की जनता के साथ देंगे तुम मेरे ख्याल से सरकार संपूर्णता उसमें सफल हो पाया पाएगी और अभी तक यह कह पाना मुश्किल है कि कितनी सफल हो पाए क्योंकि अभी जगह जगह पर फिर भी कहीं-कहीं पर प्लास्टिक की थैली अभियान मिलती है बिकती है तो उस तरह से मेरे ख्याल से धीरे-धीरे जैसे जागरूकता बढ़ेगी ऐसे ऐसे धीरे-धीरे करके प्लास्टिक का इस्तेमाल कम होने लगेगा और के कारण आज सरकार को थोड़ी मदद मिलेगी लोगों से और लोग भी थोड़े आगे आएंगे कुछ और काफ़ी सारी एनजीओ होगी वह भी आगे आएंगी इसके कारण प्लास्टिक पर बैन लगाना जो होगा वह बात का संपूर्ण तो सफल रहेगी और उसमें सरकार का भी फायदा होता और देश की जनता का भी उसमें फायदा होगा

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प्लास्टिक पर बैन लगाने की जो बात है तो उसमें मैं बताना चाहता हूं कि आज सरकार ने तो चलो यह

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

2:39
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सरकार का प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहां तक सफल हो पाई है देखिए अब एक अच्छी चीज है कि रिसर्च से पता चला है कि प्लास्टिक सबसे देर में एक ऐसी चीज है जो सबसे ज्यादा देर में डीकंपोज होती है और कहीं-कहीं तो होती भी नहीं तो इसके केमिकल प्रॉपर्टीज ऐसी होती है कि यह हमारे इंवॉल्वमेंट के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है तो लेकिन इसको अगर सरकार इस पर रोक लगाना चाहती है या इसमें ऐसा कुछ करना चाहती है कि लोग इसका कम से कम इस्तेमाल करें तो मेरा मानना यह है कि इसमें आम नागरिक से ज्यादा सरकार जो है ऐसे रूल से ऐसी पॉलिसी बना सकती है जिसके रहते यह जितनी भी बड़ी बड़ी इंडस्ट्रीज है जिसे स्मॉल साइज इंडस्ट्रीज कहेंगे जो प्लास्टिक में डील करती वह उन्हें एक प्लान दे चुके आप एकाएक किसी चीज को रोक देंगे तो हमें इस बात को भी सोचना चाहिए कि हमारा देश ऑलरेडी 119 मिक्स स्लोडाउन से गुजर रहा है और इसमें अगर हम किसी की मतलब बैठे-बैठे प्लास्टिक की सारी चीजें बहन कर देंगे या सिंगल प्लास्टिक यूज़ में बात करेंगे तो इसे बहुत से घर रोजगार पर असर होगा तो चेंज एकदम नहीं आ सकता थोड़ा बहुत सोचना यह जरूरी है कि कैसे इसमें चेंज लाया जाए इसका रिप्लेसमेंट क्या है यह आपको बड़े-बड़े केमिकल साइंस बता सकते हैं कि प्लास्टिक से ज्यादा दूसरी क्या चीज है जो इस्तेमाल में लाई जाए और कैसे धीरे-धीरे करके जो यह इंडस्ट्रीज बढ़ गई है प्लास्टिक की चीजें डिस्पोजेबल क्लासेस चमचे या फिर बर्तन बगैरा मिलने लगे हैं इनको धीरे-धीरे हम अपने जीवन से कम कैसे करें तो इसमें ज्यादातर आम नागरिक और सरकार दोनों का मेलजोल होकर यह चीज मुमकिन है लेकिन सरकार क्योंकि गवर्मेंट के पास ज्यादा पावर होता है पैसा होता है तो अपने एंड से आम नागरिक में यह अभियान असम क्रिएट कर सकते हैं कि क्या कैसे करें लेकिन सरकार अपने यह देखे कि जितने भी बिजनेसमैन है जो प्लास्टिक में डील करते हैं इसे सदनली बंद करने से लोगों की रोजगार और जीवन पर क्या असर होगा और फिर अगर इसे बंद ही करना है तो इसका दूसरा अल्टरनेटिव क्या है अगर हम इन दो देशों में सोचें तो बहुत हद तक सरकार इस में सफल हो पाएगी

sarkar ka plastic par ban lagane mein kahaan tak safal ho payi hai dekhiye ab ek achi cheez hai ki research se pata chala hai ki plastic sabse der mein ek aisi cheez hai jo sabse zyada der mein dikampoj hoti hai aur kahin kahin toh hoti bhi nahi toh iske chemical properties aisi hoti hai ki yah hamare invalwament ke liye bahut zyada haanikarak hai toh lekin isko agar sarkar is par rok lagana chahti hai ya isme aisa kuch karna chahti hai ki log iska kam se kam istemal kare toh mera manana yah hai ki isme aam nagarik se zyada sarkar jo hai aise rule se aisi policy bana sakti hai jiske rehte yah jitni bhi badi badi industries hai jise small size industries kahenge jo plastic mein deal karti vaah unhe ek plan de chuke aap ekaek kisi cheez ko rok denge toh hamein is baat ko bhi sochna chahiye ki hamara desh already 119 mix slowdown se gujar raha hai aur isme agar hum kisi ki matlab baithe baithe plastic ki saree cheezen behen kar denge ya singles plastic use mein baat karenge toh ise bahut se ghar rojgar par asar hoga toh change ekdam nahi aa sakta thoda bahut sochna yah zaroori hai ki kaise isme change laya jaaye iska replacement kya hai yah aapko bade bade chemical science bata sakte hain ki plastic se zyada dusri kya cheez hai jo istemal mein lai jaaye aur kaise dhire dhire karke jo yah industries badh gayi hai plastic ki cheezen disposable classes chamchen ya phir bartan bagaira milne lage hain inko dhire dhire hum apne jeevan se kam kaise kare toh isme jyadatar aam nagarik aur sarkar dono ka meljol hokar yah cheez mumkin hai lekin sarkar kyonki government ke paas zyada power hota hai paisa hota hai toh apne and se aam nagarik mein yah abhiyan assam create kar sakte hain ki kya kaise kare lekin sarkar apne yah dekhe ki jitne bhi bussinessmen hai jo plastic mein deal karte hain ise sadnali band karne se logo ki rojgar aur jeevan par kya asar hoga aur phir agar ise band hi karna hai toh iska doosra Alternative kya hai agar hum in do deshon mein sochen toh bahut had tak sarkar is mein safal ho payegi

सरकार का प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहां तक सफल हो पाई है देखिए अब एक अच्छी चीज है कि रिसर

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

1:57

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ऐसे क्या कर रहे हैं सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहां तक सफल हो पाई है तो आपको बताना चाहेंगे कि सरकार जो भी निर्णय ले रही है वह आम इंसानों के लिए आम आदमियों के लिए मेरी है कंपनियों के लिए आपका कोई रिश्ता क्षण नहीं है आप यह देखिए कि अगर सरकार कोबेन करनी ही है तो उसकी मैन्युफैक्चरिंग बंद करनी चाहिए मैन्युफैक्चरिंग पर अभी कोई भी क्राइटेरिया नहीं है मैन्युफैक्चरिंग हो रही है और चोरी छुपे बिक भी रही है लोग के लिए भी रहे हैं सब कुछ हो रहा है लेकिन ऑफिस एलिफेंट टाइम प्लास्टिक बैन कर दी गई है हां लेकिन उसकी जो बनाने वाली कंपनी है वह बंद नहीं करी गई है तो जब प्रोडक्शन नहीं रोकेंगे तब तक वह माल कहीं ना कहीं किसी ना किसी चैनल से चली गलिया चैनल से मार्केट में आता ही रहेगा तो यहां पर थोड़ी सी में विफलता मानूंगा सरकार के कि अपना पैसा बनाने के लिए रेवेन्यू जनरेट करने के लिए कंपनी से बंद नहीं कर रही है उपभोक्ताओं को परेशानी जरूर हो रही है या जो वेंडर से जो उसमें सब उनके छापेमारी हो रही है उनसे वसूली हो रही है यह सारी से जरूर हो रही है लेकिन अगर सरकार इसको लेकर सजग है वह सच है तो फिर उन सारे कंपनी उसको बंद भी कर दे ढक्कन बंद करवा दें ज्यादा अच्छा रहेगा और एक मैं मैसेज कभी कुछ दिन पहले पढ़ा था काफी अच्छा इंटरेस्टिंग मशीन लगा मेरे को जितने भी वन टाइम प्लास्टिक यूज़ करते हैं मैन्युफैक्चरिंग प्लांट वाले या कोई भी आपके फैंसी जी सेक्टर वाले आपके चिपकाते हैं आपके डाले आते हैं बहुत सारी चीजें आती हैं तो करो नाम भी नहीं लिया जा सकता है वह सब आपकी अगर ब्रांडेड हैं तो उसमें कोई सरकार को आपत्ति नहीं है भले वह वन टाइम यूज होती है लेकिन अगर वही कोई एक ठेले वाला कोई गरीब अगर उसमें सब्जी रख कर बेच रहा है फूफा कर बेच रहा है तो उसके ऊपर कार्यवाही होती है उससे प्रोफाइल लगाया जाता है तो इस तरह की चीजों को रोकना चाहिए कि अगर जो बंद है वह सब के लिए बंद है और जो चालू है तो वह सब के लिए ही चालू हो धन्यवाद

aise kya kar rahe hain sarkar plastic par ban lagane mein kahaan tak safal ho payi hai toh aapko bataana chahenge ki sarkar jo bhi nirnay le rahi hai vaah aam insano ke liye aam adamiyo ke liye meri hai companion ke liye aapka koi rishta kshan nahi hai aap yah dekhiye ki agar sarkar cobain karni hi hai toh uski manufacturing band karni chahiye manufacturing par abhi koi bhi criteria nahi hai manufacturing ho rahi hai aur chori chhupe bik bhi rahi hai log ke liye bhi rahe hain sab kuch ho raha hai lekin office elephant time plastic ban kar di gayi hai haan lekin uski jo banane wali company hai vaah band nahi kari gayi hai toh jab production nahi rokenge tab tak vaah maal kahin na kahin kisi na kisi channel se chali galiya channel se market mein aata hi rahega toh yahan par thodi si mein vifalta manunga sarkar ke ki apna paisa banane ke liye revenue generate karne ke liye company se band nahi kar rahi hai upbhoktayo ko pareshani zaroor ho rahi hai ya jo vendor se jo usme sab unke chhapemari ho rahi hai unse vasuli ho rahi hai yah saree se zaroor ho rahi hai lekin agar sarkar isko lekar sajag hai vaah sach hai toh phir un saare company usko band bhi kar de dhakkan band karva de zyada accha rahega aur ek main massage kabhi kuch din pehle padha tha kaafi accha interesting machine laga mere ko jitne bhi van time plastic use karte hain manufacturing plant waale ya koi bhi aapke fancy ji sector waale aapke chipkate hain aapke dale aate hain bahut saree cheezen aati hain toh karo naam bhi nahi liya ja sakta hai vaah sab aapki agar branded hain toh usme koi sarkar ko apatti nahi hai bhale vaah van time use hoti hai lekin agar wahi koi ek thele vala koi garib agar usme sabzi rakh kar bech raha hai fufa kar bech raha hai toh uske upar karyavahi hoti hai usse profile lagaya jata hai toh is tarah ki chijon ko rokna chahiye ki agar jo band hai vaah sab ke liye band hai aur jo chaalu hai toh vaah sab ke liye hi chaalu ho dhanyavad

ऐसे क्या कर रहे हैं सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहां तक सफल हो पाई है तो आपको बताना च

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखी सफलता को तो नहीं पता लेकिन प्लास्टिक बैन में सबसे बड़ा योगदान होता है जनता का जनता प्लास्टिक के बैग में सामान खरीदना बंद कर देगी पाक की बोतलों में पानी पीना बंद कर देगी प्लास्टिक के टिफिन बॉक्स में खाना बंद कर दें कि राष्ट्रीय की बोतल में शैंपू शेर से और ढीली एसेंशियल्स को यूज करना बंद कर देगी तो डेकोरेट दिन का रिप्लेसमेंट जो है वह लोगों को लाना पड़ेगा सरकार भी उसके रिप्लेसमेंट की बात कर रही है सरकार को बैन लगा चुकी है हमारा सरकार ने भी बहुत टफ नियम जो थे प्लास्टिक बैन के अभी लागू किए थे मुझे लगता है कि जनता का सहयोग अगर हो जाए तो सोने पर सुहागा हो जाएगा और प्लास्टिक जो है वह बहुत खराब चीज है पूरी की पूरी प्लास्टिक की बोतल को डीकंपोज होने में 600 साल लगते हैं मतलब हमारी शायद आठ-दस पीढ़ियां आ जाएंगी तब जाकर ए प्लास्टिक की बोतल भी कम हो जाएगी आप सोचिए पानी की आप एक बोतल खरीदते हैं तो उसे 600 साल तक इस धरती पर रहना होगा हम अगर अशोकनगर खरीदते हैं तो सोचिए क्यों इतने कहां रहेंगे अगर वह पानी में फेंक देंगे तो वन्य प्राणियों के लिए खतरनाक है जमीन में गाड़ देंगे तो जमीन की उपजाऊ क्षमता कम हो जाती है तो मुझे लगता है कि इस पर अच्छे से बैन लगाना चाहिए जनता को जागरुक जागरुक प्लास्टिक बैकअप छोड़कर कागज की बैक का यूज़ करें साउथ इंडिया में तो

dekhi safalta ko toh nahi pata lekin plastic ban mein sabse bada yogdan hota hai janta ka janta plastic ke bag mein saamaan kharidna band kar degi pak ki botalon mein paani peena band kar degi plastic ke tiffin box mein khana band kar de ki rashtriya ki bottle mein shampoo sher se aur dhili ess ko use karna band kar degi toh decorate din ka replacement jo hai vaah logo ko lana padega sarkar bhi uske replacement ki baat kar rahi hai sarkar ko ban laga chuki hai hamara sarkar ne bhi bahut tough niyam jo the plastic ban ke abhi laagu kiye the mujhe lagta hai ki janta ka sahyog agar ho jaaye toh sone par suhaga ho jaega aur plastic jo hai vaah bahut kharab cheez hai puri ki puri plastic ki bottle ko dikampoj hone mein 600 saal lagte hain matlab hamari shayad aath das peedhiyaan aa jayegi tab jaakar a plastic ki bottle bhi kam ho jayegi aap sochiye paani ki aap ek bottle kharidte hain toh use 600 saal tak is dharti par rehna hoga hum agar ashoknagar kharidte hain toh sochiye kyon itne kahaan rahenge agar vaah paani mein fenk denge toh vanya praniyo ke liye khataranaak hai jameen mein gad denge toh jameen ki upajau kshamta kam ho jaati hai toh mujhe lagta hai ki is par acche se ban lagana chahiye janta ko jagruk jagruk plastic backup chhodkar kagaz ki back ka use kare south india mein toh

देखी सफलता को तो नहीं पता लेकिन प्लास्टिक बैन में सबसे बड़ा योगदान होता है जनता का जनता प्

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हाय दोस्तों कैसे हो हाउ आर यू सरकार सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहां तक सफल हो गई है कि सरकार और कोर्ट ने तो आदेश दे दिया है बाकी तो आम जनता आप लोगों को हम लोगों को साथ मिलकर काम करना है क्योंकि प्लास्टिक पर बैन पचास परसेंट 7 परसेंट पहले बाबू में आ चुका है लेकिन आने वाले टाइम में हम लोग आप लोग सभी भाई मिलकर एक साथ कार्य करें तो वशी पॉलिथीन को वर्सेस अफ्रीका यूज करें हमारे लिए फायदे

hi doston kaise ho how R you sarkar sarkar plastic par ban lagane mein kahaan tak safal ho gayi hai ki sarkar aur court ne toh aadesh de diya hai baki toh aam janta aap logo ko hum logo ko saath milkar kaam karna hai kyonki plastic par ban pachaas percent 7 percent pehle babu mein aa chuka hai lekin aane waale time mein hum log aap log sabhi bhai milkar ek saath karya kare toh vashi polythene ko versus africa use kare hamare liye fayde

हाय दोस्तों कैसे हो हाउ आर यू सरकार सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहां तक सफल हो गई है

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Kesharram

Teacher

1:29
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहां तक सफल हो गई है दोस्तों सरकार ने प्लास्टिक पर बैन लगा करके हमारा जो वातावरण दूषित हो रहा था उन पर लगाम कसने के लिए ऐसा यह कारनामा मैं मानता हूं बहुत ही अच्छा किए हैं और इसमें लगभग क्या की पब्लिक से निवेदन करती देना सरकार की प्लास्टिक की उपयोगिता समझ में नहीं आ रही है वहां पर लगाओ आपको पता है कि जब कंपनी डिमांड करके बुलाती है तभी तो दिखेगा मेरे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद है धन्यवाद

sarkar plastic par ban lagane mein kahaan tak safal ho gayi hai doston sarkar ne plastic par ban laga karke hamara jo vatavaran dushit ho raha tha un par lagaam kasane ke liye aisa yah karnama main manata hoon bahut hi accha kiye hain aur isme lagbhag kya ki public se nivedan karti dena sarkar ki plastic ki upayogita samajh mein nahi aa rahi hai wahan par lagao aapko pata hai ki jab company demand karke bulati hai tabhi toh dikhega mere dwara di gayi jaankari aapko pasand hai dhanyavad

सरकार प्लास्टिक पर बैन लगाने में कहां तक सफल हो गई है दोस्तों सरकार ने प्लास्टिक पर बैन लग

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