भारत-चीन अगर साथ मिलकर काम करे तो भारत को कितना सहयोग मिलेगा?...


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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पटना प्रमोद पंचायत ज्यादा मिलकर साथ काम करें किंतु संभव नहीं है क्योंकि चाइना के सरदार है भारत की एंटी के लिए जाना पाकिस्तान पर हाथ रखे हुए हैं तुम भूल गए हो शायद यह चाइना है चुनरी के समय रात को इनका पीएम भारत के साथ भाई-भाई के नारे लग रहे थे और सुबह इन द मॉर्निंग मालूम पड़ा चैनल कर दिया है इसलिए हमेशा इतिहास से सबक लेना चाहिए और चाइना के साथ में युद्ध की बात सोचना भी गुनाह है क्योंकि गद्दार मित्र कभी किसी का फायदा नहीं होते आप ऐसा ही पाकिस्तान है ऐसा चाय बना है इसलिए चाइना से दूर के संबंध रखे जाएं चाइना के ज्यादा करीब जाना भी बहुत बड़ा अंबा समाजवादी दे दे किसी मित्र के साथ अभी तक नहीं किया जो पधारे इजराइल वफादार भारत के लिए उतना चाइना कभी नहीं हो सकता है

patna pramod panchayat zyada milkar saath kaam kare kintu sambhav nahi hai kyonki china ke sardar hai bharat ki anti ke liye jana pakistan par hath rakhe hue hain tum bhool gaye ho shayad yah china hai chunari ke samay raat ko inka pm bharat ke saath bhai bhai ke nare lag rahe the aur subah in the morning maloom pada channel kar diya hai isliye hamesha itihas se sabak lena chahiye aur china ke saath mein yudh ki baat sochna bhi gunah hai kyonki gaddar mitra kabhi kisi ka fayda nahi hote aap aisa hi pakistan hai aisa chai bana hai isliye china se dur ke sambandh rakhe jayen china ke zyada kareeb jana bhi bahut bada amba samajwadi de de kisi mitra ke saath abhi tak nahi kiya jo padhare israel vafaadar bharat ke liye utana china kabhi nahi ho sakta hai

पटना प्रमोद पंचायत ज्यादा मिलकर साथ काम करें किंतु संभव नहीं है क्योंकि चाइना के सरदार है

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Govind Saraf

Entrepreneur

1:32
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भर्ती नगर साथ मिलकर काम करते हैं तो भारत को कितना सहयोग मिलेगा यह तो निश्चित तौर पर मैं बात नहीं कर सकता हूं जो सीमा क्षेत्र में ऐसे सीमा पर चीन अपनी गंदी गंदी आना काम हरकतों द्वारा कोशिश करता है 12 पेटी के तरीके से भारत के सीमा को लाकर भारत के अंदर जब चले आते हैं तो यह चीनी जो लोग हैं अगर इस घिनौनी हरकत को बंद नहीं करेंगे तो भारत को भी सहयोग की हमसे नहीं लेगा आज भारत बहुत ही बड़ा बाजार है चीन के लिए पटाखों का हो चाहे वह बिजली के बल्ब का हो या फिर भले गैजेट कहो की सबसे बड़ी बातें चिड़िया हमेशा नाकाम हरकतों द्वारा ही साबित करता है कि चीन हमेशा भारत के विरुद्ध खड़ा होता है ना कि 7:00 के लिए बहुत ही बार कितनी बार हमारे अलाइज के साथ हमारे दुश्मन के साथ हाथ से हाथ मिलाए कंधे से कंधा मिलाकर चलता है हमारे घर पर एक स्तर को तो द्वारा कभी भी भारत चीन का सहयोग करना इलाका चाहे उसके लिए हमें पूर्ण ड्यूटी क्यों ना बढ़ानी पड़ जाए तो गुना एमपी गुना ही क्यों ना करना पड़ जाए और उसके बाद बात यह है कि आदरणीय श्री प्रधानमंत्री जी नरेंद्र मोदी जी ने इस तरह चीन के सामने वार्ता रखी है सीमा को कंटूर लाइन ऑफ कंट्रोल की वार्ता रखी मेरा मानना है चीन अपनी सा काम हरकतों से बाज आना चाहिए कर नहीं आता है तो भारत उसे पक्षी का नहीं क्या चाहिए वो भारत है बैठ कर सकता है बल्कि पलट के जवाब भी दे

bharti nagar saath milkar kaam karte hain toh bharat ko kitna sahyog milega yah toh nishchit taur par main baat nahi kar sakta hoon jo seema kshetra mein aise seema par china apni gandi gandi aana kaam harkaton dwara koshish karta hai 12 peti ke tarike se bharat ke seema ko lakar bharat ke andar jab chale aate hain toh yah chini jo log hain agar is ghinauni harkat ko band nahi karenge toh bharat ko bhi sahyog ki humse nahi lega aaj bharat bahut hi bada bazaar hai china ke liye patakhon ka ho chahen vaah bijli ke bulb ka ho ya phir bhale gadget kaho ki sabse badi batein chidiya hamesha nakam harkaton dwara hi saabit karta hai ki china hamesha bharat ke viruddh khada hota hai na ki 7 00 ke liye bahut hi baar kitni baar hamare allies ke saath hamare dushman ke saath hath se hath milae kandhe se kandha milakar chalta hai hamare ghar par ek sthar ko toh dwara kabhi bhi bharat china ka sahyog karna ilaka chahen uske liye hamein purn duty kyon na badhani pad jaaye toh guna mp guna hi kyon na karna pad jaaye aur uske baad baat yah hai ki adaraniya shri pradhanmantri ji narendra modi ji ne is tarah china ke saamne varta rakhi hai seema ko contour line of control ki varta rakhi mera manana hai china apni sa kaam harkaton se baaj aana chahiye kar nahi aata hai toh bharat use pakshi ka nahi kya chahiye vo bharat hai baith kar sakta hai balki palat ke jawab bhi de

भर्ती नगर साथ मिलकर काम करते हैं तो भारत को कितना सहयोग मिलेगा यह तो निश्चित तौर पर मैं बा

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

5:06

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत-चीन अगर साथ मिलकर काम करें तो भारत को कितना सहयोग मिलेगा देखिए इस को इस बात से समझा जा सकता है कि भारत की आबादी से ज्यादा चीन की याद आती है अगर यह दोनों बहुत कम आबादी वाले जो अधिक व्यक्ति से बड़ी हो सकती है लेकिन समस्या जो है वह विश्वास की कमी भारतीय लोग चीन के ऊपर इतना विश्वास नहीं कर सकते क्योंकि चीन की साम्राज्यवादी नीति जो है उनकी मानसिकता जो है वह हमें आगे बढ़ने से प्रकाशित करने से रोकती है हमारे राजनेताओं को लेकिन ऐसा होता तो अच्छा होता है ऐसा होगा तो अच्छा होगा यह सब हम करते हैं सोचते हैं लेकिन ऐसा होना मुमकिन है या नहीं उस पर चिराग नेता लोग जरूर विचार करते हैं और हरेक पॉसिबिलिटीज पर अपना मंतव्य रखते हैं लेकिन कोई भी क्षेत्र का सिद्धांत देखकर है कि बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है अगर साथ में रहकर चीन और भारत काम करते हैं और हरेक क्षेत्र में तो यह हमेशा भारत को रहेगा की चील बड़ी मछली है और उसकी कंपैरिजन में भारत थोड़ी छोटी और मैं जो हमें भय है भारत एक बार के रूप में कि उनकी मानसिकता उनकी जो सोच और उनका भूतकाल का इतिहास वह कब पलट जाते हैं कुछ पता नहीं पड़ता कम अपने ही स्टेटमेंट जो यू टर्न ले लेते हैं इनके नेता लोग उस चाहे आज के समय में जीत सी जिनपिंग हो वह कुछ कह नहीं सकता कोई इसलिए हमें होकर एक एक कदम आगे बढ़ना चाहिए जो हम लाभ ले सकते हैं आपके अच्छे संबंधों को डेवलप करके मुंह से हमें लाभ अवश्य लेना चाहिए लेकिन अपने भारत के जो ग्रह उद्योग हैं और इंडस्ट्री से वायरस की जो प्रोडक्ट है कारण कि उसको कुछ बढ़ावा मिलना चाहिए हम बहुत सी चीजें चीन में एक्सपोर्ट नहीं कर सकते लेकिन चीन से हम इंपोर्ट ज्यादा कर लेते हैं उसकी जैसे विदेशी ग्राम अभी बाहर जाती है और चीन की प्रोडक्ट भारत की तुलना में सस्ती होने की वजह से उसका उपयोग भारत में ज्यादा होता है देखा गया है कि भारत की जो इंडस्ट्री है उसमें जीविका बहुत ही असर हुआ है चीन कमाल आने चीन की जो लेबर है वह भारत के कंपैरिजन में सस्ती चाहे वह डायमंड इंडस्ट्री हो लेकिन यह भी जरूरी यह देखा गया है कि चीन की जो टेक्नोलॉजी है वह भारत की अपेक्षा अच्छी है भले ही वह टकला दी हो लेकिन टेक्नोलॉजी के मामले में चीन हमसे एक कदम नहीं लेकिन दो कदम भी आगे है लेकिन अगर हम अपने देश की सारी भक्तों की रक्षा करना चाहते हैं हम अपने देश के नागरिकों का एक भारतीय के रूप में अगर भला सोचते हैं अगर हमारे राजनेता तो अपने जनता का विशेष ख्याल रखकर चीन के लिए लिमिटेड एंट्री होनी चाहिए ऐसा मेरा मानना है बाकी तो विश्व समुदाय उसके समक्ष चीन और भारत के साथ में करते हैं और इसी तरह से संबंध डिवेलप होते रहते हैं एक दूसरे का सहयोग है जिस चित्र में कर सकते हैं उसमें कृत्य धन्यवाद

bharat china agar saath milkar kaam kare toh bharat ko kitna sahyog milega dekhiye is ko is baat se samjha ja sakta hai ki bharat ki aabadi se zyada china ki yaad aati hai agar yah dono bahut kam aabadi waale jo adhik vyakti se badi ho sakti hai lekin samasya jo hai vaah vishwas ki kami bharatiya log china ke upar itna vishwas nahi kar sakte kyonki china ki samrajyavadi niti jo hai unki mansikta jo hai vaah hamein aage badhne se prakashit karne se rokti hai hamare rajnetao ko lekin aisa hota toh accha hota hai aisa hoga toh accha hoga yah sab hum karte hain sochte hain lekin aisa hona mumkin hai ya nahi us par chirag neta log zaroor vichar karte hain aur harek pasibilitij par apna mantavya rakhte hain lekin koi bhi kshetra ka siddhant dekhkar hai ki badi machli choti machli ko nigal jaati hai agar saath mein rahkar china aur bharat kaam karte hain aur harek kshetra mein toh yah hamesha bharat ko rahega ki chil badi machli hai aur uski kampairijan mein bharat thodi choti aur main jo hamein bhay hai bharat ek baar ke roop mein ki unki mansikta unki jo soch aur unka bhootkaal ka itihas vaah kab palat jaate hain kuch pata nahi padta kam apne hi statement jo you turn le lete hain inke neta log us chahen aaj ke samay mein jeet si jinping ho vaah kuch keh nahi sakta koi isliye hamein hokar ek ek kadam aage badhana chahiye jo hum labh le sakte hain aapke acche sambandhon ko develop karke mooh se hamein labh avashya lena chahiye lekin apne bharat ke jo grah udyog hain aur industry se virus ki jo product hai karan ki usko kuch badhawa milna chahiye hum bahut si cheezen china mein export nahi kar sakte lekin china se hum import zyada kar lete hain uski jaise videshi gram abhi bahar jaati hai aur china ki product bharat ki tulna mein sasti hone ki wajah se uska upyog bharat mein zyada hota hai dekha gaya hai ki bharat ki jo industry hai usme jeevika bahut hi asar hua hai china kamaal aane china ki jo labour hai vaah bharat ke kampairijan mein sasti chahen vaah diamond industry ho lekin yah bhi zaroori yah dekha gaya hai ki china ki jo technology hai vaah bharat ki apeksha achi hai bhale hi vaah takala di ho lekin technology ke mamle mein china humse ek kadam nahi lekin do kadam bhi aage hai lekin agar hum apne desh ki saree bhakton ki raksha karna chahte hain hum apne desh ke nagriko ka ek bharatiya ke roop mein agar bhala sochte hain agar hamare raajneta toh apne janta ka vishesh khayal rakhakar china ke liye limited entry honi chahiye aisa mera manana hai baki toh vishwa samuday uske samaksh china aur bharat ke saath mein karte hain aur isi tarah se sambandh develop hote rehte hain ek dusre ka sahyog hai jis chitra mein kar sakte hain usme kritya dhanyavad

भारत-चीन अगर साथ मिलकर काम करें तो भारत को कितना सहयोग मिलेगा देखिए इस को इस बात से समझा ज

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M S Aditya Pandit

Entrepreneur | Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोनों देश आपस में कभी भी कार्य नहीं कर सकते कि दोनों ही दुनिया की महान शक्तियां दोनों के दर्शन से दोनों एक दूसरे से परस्पर ऑपोजिट्स दोनों के जितने भी साथ किसके साथ मिलकर करेंगे वैसे उम्मीद ना करें बल्कि खुद को इतना मजबूत करें कि पूरी दुनिया आपके कदमों में झुक सखिया ने हिंदुस्तान को बनाने कदम उठाएगा तो

dono desh aapas mein kabhi bhi karya nahi kar sakte ki dono hi duniya ki mahaan shaktiyan dono ke darshan se dono ek dusre se paraspar apojits dono ke jitne bhi saath kiske saath milkar karenge waise ummid na kare balki khud ko itna majboot kare ki puri duniya aapke kadmon mein jhuk sakhiya ne Hindustan ko banane kadam uthayega toh

दोनों देश आपस में कभी भी कार्य नहीं कर सकते कि दोनों ही दुनिया की महान शक्तियां दोनों के द

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:58
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंटरनेशनल डिप्लोमेसी में सबसे जरूरी बात होती हुई है उसकी कोई भी तो देश है जब एक दूसरे को सपोर्ट करते हैं तो डेफिनटली उन दोनों का विकास होता है कभी भी ऐसा नहीं होता कि एक को फायदा होता दुख ना हो तो अगर भारत और चीन साथ लेके काम कर रहे तो सहयोग देखने कि भारत को तो मिल गई तीन बहुत मिलेगा और सही बात तो यह कि चीन की अर्थव्यवस्था भारत के दिन से चल रही है क्योंकि चीन का सबसे ज्यादा जो माल एक्सपोर्ट होता है को हिंदुस्तान में होता है $60 प्रति वर्ष चीन हमसे कमा रहा है यानी कि भारत हर वर्ष $7000000000 ज्यादा का जो घटा है यह कर सकती जो हमारे वहां से उनको पैसे देता है और बहुत कम मालिक होता है यहां से चीन के लिए तो बहुत कुछ है आजकल आपके हाथ में टीवी है कैमरा है बहुत सारी चीजें यहां तक कि सेक्सी दवाइयां भी है वह भी डेवलप नहीं हो रही बच्चों की खेलने वाली छोटी-छोटी बोल पर आजकल जो आप देखकर आ रहे हैं उसमें एडिंगटन लिखा हुआ है हम लोगों को कोशिश करना चाहिए कि कोई हसीन है उनको हिंदुस्तान में बनाएं खरीदने की बात हिंदुस्तानी की करते हैं तो सब तेरा मोटा मैदान को महंगी चीजों में होता है उस पर इंपोर्ट ड्यूटी लगती है और कमेंट कमेंट करती है उनको प्राइवेट कंपनी को लेकर मुझे लगता है कि भारत को भी इस तरह के कार्य करना चाहिए भारत रत्न कर भी रही है दोनों देशों को फायदा होगा भारत को भी सहयोग मिलता रहेगा और जो अंतरराष्ट्रीय पॉलिसी है उसके साथ से भारत का विदेशों के साथ में संपन्न हुई भारत के लिए ऑल इन ऑल दोनों हाथों में लड्डू वाला बात है बहुत-बहुत धन्यवाद

international diplomacy mein sabse zaroori baat hoti hui hai uski koi bhi toh desh hai jab ek dusre ko support karte hai toh definatali un dono ka vikas hota hai kabhi bhi aisa nahi hota ki ek ko fayda hota dukh na ho toh agar bharat aur china saath leke kaam kar rahe toh sahyog dekhne ki bharat ko toh mil gayi teen bahut milega aur sahi baat toh yah ki china ki arthavyavastha bharat ke din se chal rahi hai kyonki china ka sabse zyada jo maal export hota hai ko Hindustan mein hota hai 60 prati varsh china humse kama raha hai yani ki bharat har varsh 7000000000 zyada ka jo ghata hai yah kar sakti jo hamare wahan se unko paise deta hai aur bahut kam malik hota hai yahan se china ke liye toh bahut kuch hai aajkal aapke hath mein TV hai camera hai bahut saree cheezen yahan tak ki sexy davaiyan bhi hai vaah bhi develop nahi ho rahi baccho ki khelne wali choti choti bol par aajkal jo aap dekhkar aa rahe hai usme edingatan likha hua hai hum logo ko koshish karna chahiye ki koi Haseen hai unko Hindustan mein banaye kharidne ki baat hindustani ki karte hai toh sab tera mota maidan ko mehengi chijon mein hota hai us par import duty lagti hai aur comment comment karti hai unko private company ko lekar mujhe lagta hai ki bharat ko bhi is tarah ke karya karna chahiye bharat ratna kar bhi rahi hai dono deshon ko fayda hoga bharat ko bhi sahyog milta rahega aur jo antararashtriya policy hai uske saath se bharat ka videshon ke saath mein sampann hui bharat ke liye all in all dono hathon mein laddu vala baat hai bahut bahut dhanyavad

इंटरनेशनल डिप्लोमेसी में सबसे जरूरी बात होती हुई है उसकी कोई भी तो देश है जब एक दूसरे को स

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारती नगर साथ मिलकर काम करें तो बहुत ही अच्छा मिलेगा और नुकसान लिखिए

bharati nagar saath milkar kaam kare toh bahut hi accha milega aur nuksan likhiye

भारती नगर साथ मिलकर काम करें तो बहुत ही अच्छा मिलेगा और नुकसान लिखिए

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