मोहन भागवत बोले- मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएँ RSS को बदनाम करने की साज़िश है, क्या आप इस से सहमत हैं?...


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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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जिले की सबसे पहले तो यह मोबलीचिंग वाला जो है शुभ है या जो प्रकरण है यह निंदनीय है ऐसा होना नहीं चाहिए ऐसा करने से यह कौन करता है यह आप और हम जैसे लोगी तो करते हैं भारत का नागरिक की तो करता है और किसके प्रति करते हैं दूसरे इंसान के प्रति देना चाहते को जाने बिना उस नदी जेबर पहुंचे हमें कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जो कि सही है किसी और को बोलने की वजह तो हमको देखना चाहिए कि हम क्या करते हैं सोचते हैं और अगर किसी को हम गुनाहगार साबित करते हैं या लगता है कि उसने अपराध किया है तो वही हमें कानून को हाथ में लेने की जरूरत नहीं है हमें खुद से कुछ ऐसे कुछ काम करने की जरूरत नहीं है हमें उसको सही अथॉरिटीज पुलिस के पास यार जो भी है पंचायत है जिनके पास भी ले जाना है उसके पास ले जाना चाहिए और उनको फैसला करना चाहिए ना कि हम खुद उसकी पिटाई पिटाई करते यह सही बात नहीं है पहली बात तो यह एकदम गलत बात है दूसरी बात यह कि आज जरा सोच कर देखिए आज से 10 साल पहले औरैया उसे पहले 10 साल फ्री 5 साल पहले क्या आपने कभी इसके बारे में सुना था मामले सिंह हो गया के बारे में मैंने तो नहीं सुना था क्या इससे पहले कभी भाई आपने न्यूज़पेपर में कहीं पर नुमावरे चीन के बारे में सुना था सोशल मीडिया पर सुना था लेकिन आजकल आपको बहुत दिख रहा है बहुत सुनने में आ रहा है क्यों हो रहा है यह भी तो नहीं है तो इसको बना देना उसको एक नाम देना उसको एक जामा पहना देना और ऐसा वैसा करना नहीं तो हमने भी तो लोगों को यह बता दिया अच्छा ही है ऐसा होता है इसका यह नाम है इसको यह नहीं होना चाहिए यह धर्म से शर्म के कारण होता है यहां पर लोग एक धर्म के लोग दूसरे धर्म को के इंसान को इस तरीके से हैंडल करते हैं वह सब सही नहीं है अब मोहन भागवत के बाद किया तो उन्होंने भी शायद यही का जोड़ दिया होगा मैंने पूरा सुनानी है लेकिन यह जरूर सुना था कि उन्होंने बोला कि मैं इससे पहले ऐसा कुछ होता नहीं था वगैरा-वगैरा अनिमेष आर एस एस से बदनाम करने वाली ऐसी कोई बात नहीं है आर एस एस कहां बिकती है वह तो नहीं आती है तो भी ऑपरेशन सरकार को या पार्टी को या एक धर्म को एक रिलीजन को थोड़ा सा नीचे दिखाने की कोशिश हो जाती है जब लगता है कि यहां पर माइनॉरिटी इसमें यह हैं और मामले की मिथुन का कहानी हो गया तो चलो हां भाई स्कूल है नेट में ले आओ सोशल मीडिया भी अपना पूरा अतुल दे देती है उसी सुपर ऐसा एग्जैक्ट ली है नहीं हमको जो दिखता है और तो हमें थोड़ा सोच-समझकर आगे अपनी राय बनानी चाहिए और हां ऐसे किसी भी घटना को हमें कभी भी प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए उसको हवा नहीं देनी चाहिए

jile ki sabse pehle toh yah mobliching vala jo hai shubha hai ya jo prakaran hai yah nindaniya hai aisa hona nahi chahiye aisa karne se yah kaun karta hai yah aap aur hum jaise logi toh karte hai bharat ka nagarik ki toh karta hai aur kiske prati karte hai dusre insaan ke prati dena chahte ko jaane bina us nadi jebar pahuche hamein koi bhi aisa kaam nahi karna chahiye jo ki sahi hai kisi aur ko bolne ki wajah toh hamko dekhna chahiye ki hum kya karte hai sochte hai aur agar kisi ko hum gunahgar saabit karte hai ya lagta hai ki usne apradh kiya hai toh wahi hamein kanoon ko hath mein lene ki zarurat nahi hai hamein khud se kuch aise kuch kaam karne ki zarurat nahi hai hamein usko sahi atharitij police ke paas yaar jo bhi hai panchayat hai jinke paas bhi le jana hai uske paas le jana chahiye aur unko faisla karna chahiye na ki hum khud uski pitai pitai karte yah sahi baat nahi hai pehli baat toh yah ekdam galat baat hai dusri baat yah ki aaj zara soch kar dekhiye aaj se 10 saal pehle auraiya use pehle 10 saal free 5 saal pehle kya aapne kabhi iske bare mein suna tha mamle Singh ho gaya ke bare mein maine toh nahi suna tha kya isse pehle kabhi bhai aapne Newspaper mein kahin par numavare china ke bare mein suna tha social media par suna tha lekin aajkal aapko bahut dikh raha hai bahut sunne mein aa raha hai kyon ho raha hai yah bhi toh nahi hai toh isko bana dena usko ek naam dena usko ek jama pehna dena aur aisa waisa karna nahi toh humne bhi toh logo ko yah bata diya accha hi hai aisa hota hai iska yah naam hai isko yah nahi hona chahiye yah dharm se sharm ke karan hota hai yahan par log ek dharm ke log dusre dharm ko ke insaan ko is tarike se handle karte hai vaah sab sahi nahi hai ab mohan bhagwat ke baad kiya toh unhone bhi shayad yahi ka jod diya hoga maine pura sunani hai lekin yah zaroor suna tha ki unhone bola ki main isse pehle aisa kuch hota nahi tha vagaira vagaira animesh R s s se badnaam karne wali aisi koi baat nahi hai R s s kahaan bikti hai vaah toh nahi aati hai toh bhi operation sarkar ko ya party ko ya ek dharm ko ek religion ko thoda sa niche dikhane ki koshish ho jaati hai jab lagta hai ki yahan par minority isme yah hai aur mamle ki mithun ka kahani ho gaya toh chalo haan bhai school hai net mein le aao social media bhi apna pura atul de deti hai usi super aisa exact li hai nahi hamko jo dikhta hai aur toh hamein thoda soch samajhkar aage apni rai banani chahiye aur haan aise kisi bhi ghatna ko hamein kabhi bhi protsahit nahi karna chahiye usko hawa nahi deni chahiye

जिले की सबसे पहले तो यह मोबलीचिंग वाला जो है शुभ है या जो प्रकरण है यह निंदनीय है ऐसा होना

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